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Faridkot - ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਦੌਰਾਨ ਨਜਾਇਜ਼ ਸ਼ਰਾਬ ਦਾ ਵੱਡਾ ਜ਼ਖ਼ੀਰਾ ਬਰਾਮਦ- 100 ਪੇਟੀਆਂ ਨਜਾਇਜ ਸ਼ਰਾਬ ਦੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਬਰਾਮਦ
Faridkot, Punjab:ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ, ਨਰੇਸ਼ ਸੇਠੀ ਨਸ਼ਿਆ ਖਿਲਾਫ ਚਲ ਰਹੀ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਹੋਰ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ ਹਾਸਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਜਿਸ ਦੋਰਾਣ 100 ਪੇਟੀਆਂ ਨਜਾਇਜ਼ ਸ਼ਰਾਬ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੇ ਜਾਣਾ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਪੁਲੀਸ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹੋਇਆਂ ਡੀਐਸਪੀ ਤਰਲੋਚਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕੀ ਚੌਕੀ ਇੰਚਾਰਜ ਗੋਲੇਵਾਲਾ ਨੂੰ ਇਤਲਾਹ ਮਿਲੀ ਸੀ ਕਿ ਪਿੰਡ ਅਰਾਈਆਂ ਵਾਲਾ ਵਾਸੀ ਸਾਜਨ ਸਿੰਘ ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਬਦਨਾਮ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਹੈ, ਨੇ ਆਪਣੇ ਸਾਥੀ ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬੇ-ਅਬਾਦ ਘਰ ’ਚ ਸ਼ਰਾਬ ਛੁਪਾ ਕੇ ਰੱਖੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਟੀਮ ਜਦ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪੁੱਜੀ, ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘਰ ਦੀ ਤਲਾਸ਼ੀ ਦੌਰਾਨ ਲਗਭਗ 100 ਪੇਟੀਆਂ ਸ਼ਰਾਬ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀਆਂ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ 65 ਪੇਟੀਆਂ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਅਤੇ 35 ਪੇਟੀਆਂ ਦੇਸੀ ਸ਼ਰਾਬ ਦੀਆਂ ਸਨ। ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਦੌਸ਼ੀ ਸਾਜਨ ਸਿੰਘ ਅਰਾਈਆ ਵਾਲਾ ਅਤੇ ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ ਅਰਾਈਆ ਵਾਲਾ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਥਾਣਾ ਸਦਰ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਮੁਕੱ0
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कोटकपूरा के बाजारों में अवैध कब्ज़ों के खिलाफ नगर परिषद की कार्रवाई, दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त
Kot Kapura, Punjab:ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਹਰ ਰੱਖਿਆ ਸਮਾਨ ਜ਼ਬਤ, ਜੁਰਮਾਨਾ ਲਗਾਉਣ ਸਬੰਧੀ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਵੱਲੋਂ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਹਰ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਸਮਾਨ ਹਟਵਾਇਆ ਅਤੇ ਕੁਝ ਸਮਾਨ ਨੂੰ ਜ਼ਬਤ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਦਾ ਮਕਸਦ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆਵਾਜਾਈ ਨੂੰ ਸੁਚਾਰੂ ਬਣਾਉਣਾ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨੂੰ ਘੱਟ ਕਰਨਾ ਸੀ。 ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਕਈ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਹਰ ਸਮਾਨ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਸੜਕਾਂ ਅਤੇ ਰਸਤੇ ਤੰਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਨਾਲ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਵਾਹਨ ਚਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਇਸੇ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆਵਾਜਾਈ ਵਿੱਚ ਵਿਘਨ ਨਾ ਪਾਉਣ ਅਤੇ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਹਰ ਸਮਾਨ ਨਾ ਰੱਖਣ ਸਬੰਧੀ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ੇ ਕਰਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਟਰੈਫਿਕ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਜੁਰਮਾਨਾ ਲਗਾਉਣ ਸਬੰਧੀ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਅਨੁਸਾਰ ਮਤਾ ਪਾਸ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਜੁਰਮਾਨੇ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾਲ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਬਜ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ’ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਅਤੇ ਆਵਾਜਾਈ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਸੰਬੰਧੀ ਅੰਦਰੂਨੀ ਰਿਪੋਰਟ0
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बरनाला में कर्मचारियों का 60% DA और पेंशन के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Barnala, Bathinda, Punjab:अपना हक लेने के लिए एक बार फिर पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर सांझा फ्रंट उत्तरा सड़कों पर बरनाला में आज पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और पंजाब कर्मचारी मंच की ओर से आम आदमी पार्टी के संगरूर से सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर की बरनाला स्थित कोठी के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। कर्मचारी संगठनों की ओर से सांसद की कोठी का सांकेतिक घेराव करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों की मांग है कि डीए को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाए, लंबित डीए का बकाया जारी किया जाए और लंबे समय से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। बरनाला में सांसद मीत हेयर की कोठी के बाहर सांकेतिक घेराव किया गया। राजीव कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर बैठक हो चुकी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगों पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। संगठनों की प्रमुख मांगों में 60 प्रतिशत डीए लागू करना, डीए के लंबित बकाये जारी करना और पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है। कर्मचारी नेताओं ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार की ओर से दिया गया 8 प्रतिशत डीए उन्हें मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कुल 60 प्रतिशत डीए लागू किया जाना चाहिए। दर्शन चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर बैठक हो चुकी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगों पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। इसके अलावा पेंशनरों के लिए 2.59 के गुणांक, कर्मचारियों के हितों के खिलाफ जारी किए गए पत्र वापस लेने और लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई गई। आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर और मानदेय पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को भी नियमित करने की मांग की जा रही है। गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आज का कार्यक्रम पूरी तरह से घेराव का था, लेकिन सरकार के साथ बातचीत के चलते इसे फिलहाल सांकेतिक घेराव कहा गया है। संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इंजीनियर केवल सिंह ने कहा कि 10 अक्टूबर को संगरूर में मुख्यमंत्री की कोठी के बाहर बड़ी रैली की जाएगी और इसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर शामिल होंगे। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है और बातचीत के जरिए आंदोलन को कैसे समाप्त किया जाएगा।0
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दिल्ली में पंचशील विहार की आवासीय इमारत में MCD तोड़फोड़ शुरू, पंजीकरण के बावजूद निवासियों का आरोप
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: पंचशील विहार स्थित आवासीय इमारत में MCD द्वारा तोड़फोड़ अभियान शुरू; निवासियों का आरोप है कि पंजीकरण और यूटिलिटी कनेक्शन के बावजूद कार्रवाई की गई।0
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भाजपा नेता रवनीत बिट्टू ने चरणजीत चन्नी को ठोककर जवाब दिया
Chandigarh, Chandigarh:ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਨੇਤਾ ਰਵਨੀਤ ਬਿੱਟੂ ਵਲੋਂ ਚਰਨਜੀਤ ਚੰਨੀ ਨੂੰ ਠੋਕਵਾਂ ਜਵਾਬ。0
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बस कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की यूनियन-ट्रांसपोर्ट सचिवालय बैठक के बाद हड़ताल खत्म
Chandigarh, Chandigarh:ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਪਣ ਬੱਸ ਕੰਟਰੈਕਟ ਵਰਕਰ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਯੂਨੀਅਨ ਦੀ ਸੈਕਟਰੀ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਹੋਈ ਖਤਮ ਮੀਟਿੰਗ ਦੇ ਦਰਮਿਆਨ ਦੋਨਾਂ ਧਿਰਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਬਣੀ ਸਹਿਮਤੀ ਸਹਿਮਤੀ ਤੋਂ ਬਾਅੱਦ ਯੂਨੀਅਨ ਨੇ ਬੱਸਾਂ ਦੇ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਮੁਲਤਵੀ 24 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਮੰਤਰੀ ਨਾਲ ਹੋਵੇਗੀ ਬੈਠਕ ਸੈਕਟਰੀ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਭਰੋਸਾ ਦਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਕਿ ਇਸ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਸਰਕਾਰੀ ਬੱਸਾਂ ਨਵੀਆਂ ਆ ਜਾਣਗੀਆਂ, ਆਊਟ ਸੋਰਸ ਤੋਂ ਕੰਟਰੈਕਟ ਤੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ: ਯੂਨੀਅਨ0
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श Shimla में आवारा कुत्तों के हमले में 20 महीने की बच्ची घायल, अस्पताल में भर्ती
Shimla, Himachal Pradesh:मासूम की चीखों से दहला शिमला, घर के बाहर से घसीटकर ले गए आवारा कुत्ते 20 महीने की बच्ची पर दो कुत्तों का हमला, शरीर पर लगे करीब 20 टांके हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के साथ लगते शांकली क्षेत्र में आवारा कुत्तों के आतंक का गंभीर मामला सामने आया है। यहां 20 महीने की मासूम बच्ची पर दो आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्ते बच्ची को घर के बाहर से करीब 20 से 30 मीटर तक घसीटकर ले गए और बुरी तरह नोच डाला। बच्ची की चीखें सुनकर उसकी मां और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उसे कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2 बजे यह घटना हुई। कुत्तों ने बच्ची के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। सिर, कान के पास, गर्दन, छाती, पेट, बाजू और गले समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर भी काटने और नोचने के निशान हैं। बच्ची को तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया, जहां उसके शरीर पर करीब 20 टांके लगाए गए। समय रहते बच्ची को कुत्तों से छुड़ा लिए जाने के कारण उसकी जान बच गई। बच्ची की मां ने बताया कि वह घर में कपड़े धो रही थीं। इसी दौरान अचानक बच्ची की चीखें सुनाई दीं। बाहर आकर देखा तो दो कुत्ते बच्ची को नोच रहे थे। उन्होंने और आसपास के लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और बच्ची को उठाकर अस्पताल पहुंचाया। बच्ची की मां ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और इलाके में मौजूद खतरनाक आवारा कुत्तों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर बच्ची को बचाने में थोड़ी और देर हो जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। बच्ची के परिजनों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वे देहरादून से शिमला पहुंचे। बच्ची की हालत देखकर पूरा परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे या व्यक्ति को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े। बाइट— बच्ची के परिजन — 1, 2, 3 शिमला में आवारा कुत्तों के हमलों और लोगों के घायल होने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। 20 महीने की बच्ची पर हुए इस हमले ने एक बार फिर शहर में आवारा और खतरनाक कुत्तों की समस्या को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि केवल स्टरलाइजेशन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि खतरनाक कुत्तों को लेकर प्रभावी कार्रवाई और निगरानी भी जरूरी है। शिमला के मेयर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि खतरनाक कुत्तों के लिए टूटीकंडी में डॉग हट्स बनाए गए हैं। ऐसे कुत्तों को वहां ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की स्टरलाइजेशन की प्रक्रिया भी जारी है। मेयर ने घटना को गंभीर मामला बताते हुए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। बाइट —- सुरेंद्र चौहान, मेयर, नगर निगम शिमला0
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सुंदरनगर डिपो बसों की शिफ्टिंग पर विधायक जंवाल ने सरकार के खिलाफ तीखा निशाना
Sundar Nagar, Himachal Pradesh:मंडी जिला में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों को लेकर सियासत गरमा गई है। सुंदरनगर डिपो से नई इलेक्ट्रिक बस और डीजल बसों को दूसरे डिपो में स्थानांतरित किए जाने तथा एक ही इलेक्ट्रिक बस का दो अलग-अलग स्थानों पर उद्घाटन किए जाने के मामले को लेकर सुंदरनगर के विधायक राकेश जंवाल ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा निशाना साधा है। विधायक ने बसों की शिफ्टिंग को सुंदरनगर की जनता के हितों की अनदेखी बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ें किए हैं। विधायक राकेश जंवाल ने कहा कि सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण बस रूट पहले से ही बंद पड़े हैं। इन रूटों को दोबारा शुरू करने और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के बजाय सुंदरनगर डिपो से बसों को दूसरे क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे सबसे अधिक परेशानी दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। जम्वाल ने दावा किया कि सुंदरनगर डिपो से पांच बसों को अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है। इनमें चंबा, धर्मपुर और सरकाघाट सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब सुंदरनगर में ही बसों की आवश्यकता है और कई रूट बसों के अभाव में प्रभावित हैं, तो डिपो से बसें बाहर भेजने का निर्णय समझ से परे है। एक ही ई-बस के दो उद्घाटन पर उठाए सवाल : विधायक ने विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बस को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंडी में हरी झंडी दिखाकर सुंदरनगर के लिए भेजी गई इलेक्ट्रिक बस को बाद में चंबा भेज दिया गया। वहां उपमुख्यमंत्री की ओर से उसी बस का दोबारा उद्घाटन किया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बस सुंदरनगर डिपो के लिए भेजी गई थी तो उसे चंबा क्यों भेजा गया और एक ही बस का दोबारा उद्घाटन क्यों किया गया क्यों किया गया। राकेश जंवाल ने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि एक तरफ सुंदरनगर के लोग परिवहन सुविधाओं की कमी से परेशान हैं, जबकि दूसरी तरफ नई बसों को दूसरे क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बंद पड़े रूटों को बहाल करने के बजाय उद्घाटन और प्रचार की राजनीति में अधिक ध्यान दे रही है। बंद रूट बहाल करने की मांग : सुंदरनगर डिपो से सुंदरनगर-पठानकोट और सुंदरनगर-डेरा ब्यास जैसे महत्वपूर्ण रूटों के बंद होने का मुद्दा भी विधायक ने उठाया। उनका कहना है कि इन रूटों के बंद होने से लंबे समय से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को निजी वाहनों या अन्य साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और खर्च दोनों में बढ़ोतरी हो रही है। विधायक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि सुंदरनगर के बंद पड़े सभी महत्वपूर्ण बस रूटों की समीक्षा कर उन्हें जल्द बहाल किया जाए। इसके साथ ही सुंदरनगर डिपो में पर्याप्त संख्या में नई और आधुनिक बसें उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर की जनता के साथ किसी भी तरह की अनदेखी और भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से बसों की शिफ्टिंग के निर्णय पर पुनर्विचार करने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार परिवहन व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। बाइट : राकेश जंवाल, विधायक0
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अमेरिका-यूके में सिख ड्राइवरों पर नस्लीय हमले, भारत ने तुरंत कार्रवाई की मांग की
Chandigarh, Chandigarh:ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਯੂਕੇ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਡਰਾਈਵਰਾਂ 'ਤੇ ਹੋਏ ਨਸਲੀ ਹਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਜੈਸ਼ੰਕਰ ਨੂੰ ਲਿਖਿਆ ਪੱਤਰ ਦੋਵਾਂ ਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਡਿਪਲੋਮੈਟਾਂ ਨੂੰ ਹਮਲਿਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ 'ਤੇ ਦਿੱਲੀ ਵੱਲੋਂ ਤਲਬ ਕਰਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਮੰਗ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 21 ਸਤੰਬਰ: ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਕਾਂਗਰਸ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਸਨਸਦ ਮੈਂਬਰ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਸੋਮਵਾਰ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ ਮੰਤਰੀ ਐੱਸ. ਜੈਸ਼ੰਕਰ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਯੂਨਾਈਟਿਡ ਕਿੰਗਡਮ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਡਰਾਈਵਰਾਂ 'ਤੇ ਹੋਏ ਨਸਲੀ ਹਮਲਿਆਂ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਉੱਥੋਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਅੱਗੇ ਉਠਾਉਣ। ਇਹਨਾਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਵਾਇਓਮਿੰਗ ਵਿੱਚ ਵਾਪਰੀ ਚਾਕੂ ਮਾਰਨ ਦੀ ਉਹ ਘਟਨਾ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਿੱਖ ਡਰਾਈਵਰ 'ਤੇ 17 ਵਾਰ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਜੈਸ਼ੰਕਰ ਨੂੰ ਲਿਖੇ ਪੱਤਰ ਵਿੱਚ ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੇ ਦੋਵਾਂ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਅੰਦਰ ਡਰ ਅਤੇ ਅਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਪੈदा ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ "ਡੂੰਘੀ ਸੱਟ ਅਤੇ ਪੀੜਾ" ਪਹੁੰਚਾਈ ਹੈ। 9 ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਮਰੀਕੀ ਹੋਮਲੈਂਡ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਉਸ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ "ਸਾਡੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹੋ, ਤੁਹਾਨੂੰ ਗੱਡੀ ਚਲਾਉਣੀ ਨਹੀਂ آਉਂਦੀ, ਮਿਸਟਰ ਸਿੰਘ" (Get off our roads, you don’t know how to drive, Mr. Singh) ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਇਸਨੂੰ "ਨਸਲੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਪੱਖਪਾਤੀ" ਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਅਤੇ ਦਸਤਾਰਧਾਰੀ ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਦੀ ਨਸਲੀ ਪਹਿਚਾਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਪੈਦਾ ਹੋਈਆਂ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੈਲੀਫੋਰਨੀਆ ਦੇ ਗਵਰਨਰ ਗੇਵਿਨ ਨਿਊਸਮ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਮੂਲ ਦੇ ਕਾਂਗਰਸਮੈਨ ਰਾਜਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾਮੂਰਤੀ ਸਮੇਤ ਕਈ ਅਮਰੀਕੀ ਸਿਆਸੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਇਸ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ 'ਤੇ ਇਤਰਾਜ਼ ਜਤਾਇਆ ਸੀ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਇਹ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਵਾਪਸ ਲੈ ਲਿਆ ਗਿਆ ਸੀ, ਪਰ ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਇਸ 'ਤੇ ਕੋਈ ਜਨਤਕ ਇਤਰਾਜ਼ ਦਰਜ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਵਾਇਓਮਿੰਗ ਵਿੱਚ 13 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਇੱਕ ਸਿੱਖ ਡਰਾਈਵਰ 'ਤੇ ਹੋਏ ਹਮਲੇ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੀੜਤ ਨੂੰ "ਬੇਰਹਿਮੀ ਨਾਲ ਕੁੱਟਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ 17 ਵਾਰ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ", ਜੋ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅਤੇ ਮੌਤ ਦੀ ਲੜਾਈ ਲੜ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇੰਗਲੈਂਡ ਵਿੱਚ 18 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਵਾਪਰੀ ਉਸ ਘਟਨਾ ਦਾ ਵੀ ਹਵਾਲਾ ਦਿੱਤਾ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਿੱਖ ਬੱਸ ਡਰਾਈਵਰ 'ਤੇ ਗੱਡੀ ਚਲਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਘਟਨਾ ਦੇ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵੀਡੀਓ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ。 ਕਾਂਗਰਸ ਆਗੂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਮਰੀਕੀ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਵਾਪਰੀਆਂ ਇਹ ਦੋਵੇਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ। ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਜੈਸ਼ੰਕਰ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਸਥਿਤ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਯੂਕੇ ਦੇ ਡਿਪਲੋਮੈਟਾਂ ਨੂੰ ਤਲਬ ਕਰਨ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਘਟਨਾਵਾਂ 'ਤੇ ਭਾਰਤ ਦਾ sak਼ਖ਼ਤ ਵਿਰੋਧ ਦਰਜ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਐਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਉਹਨਾਂ ਵਿਦੇਸ਼ ਮੰਤਰਾਲੇ ਨੂੰ ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਦੋਵਾਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਕੋਲ "ਉੱਚ ਪੱਧਰ" 'ਤੇ ਉਠਾਉਣ ਦੀ ਬੇਨਤੀ ਵੀ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਜੋ ਸਿੱਖ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਅਤੇ ਸਮੁੱਚੇ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਨਮਾਨ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕੇ।0
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अमृतसर में किसानों ने कृषि विभाग मुख्यालय घेराव, डीएपी-यूरिया किल्लत पर तेज विरोध
Amritsar, Punjab:अमृतसर में कृषि विभाग के मुख्य कार्यालय का किसानों ने किया घेराव, डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत को लेकर खोला मोर्चा किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का बड़ा आरोप: किसानों को ब्लैक में मिल रही खाद, पराली जलाने पर भारी जुर्माने का कड़ा विरोध प्रदूषण के नाम पर किसानों को निशाना बनाना बंद करे सरकार, उद्योगों पर सख्ती क्यों नहीं: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी कृषि कार्यालय पर किसानों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन, मांगपत्र सौंपने के बाद समाप्त होगा धरना: पुलिस अधिकारी रॉबिन हंस अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में किसानों ने कृषि विभाग (खेतीबाड़ी दफ्तर) के मुख्य कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने कार्यालय परिसर के भीतर बैठकर धरना दिया। इसमें किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब बातचीत का कोई न्योता नहीं आया और कोई अधिकारी बात करने के लिए तैयार नहीं हुआ, तो मजबूरन किसानों को चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर के दफ्तर का अंदर से घेराव करना पड़ा। सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि इस समय किसानों के सामने सबसे बड़ा संकट डीएपी और यूरिया खाद का है। केंद्र सरकार का दावा है कि पंजाब को जरूरत के मुताबिक पूरी खाद भेजी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो रही और उन्हें ब्लैक में खाद खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान पूरे पैसे देने को तैयार हैं, तो फिर खाद की किल्लत क्यों पैदा की जा रही है और यह खाद आखिर जा कहाँ रही है? सरकार को इस कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। इसके अलावा पंधेर ने पराली जलाने पर लगाए जा रहे भारी जुर्माने को लेकर भी केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने पर दो एकड़ तक के किसानों पर 5,000 रुपये, दो से पांच एकड़ वालों पर 10,000 रुपये और पांच एकड़ से ऊपर वालों पर 15,000 रुपये जुर्माना लगाने का फरमान जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी और किसान मजदूर मोर्चा इस निर्णय का पुरजोर विरोध करते हैं और बैठक कर आगामी रणनीति तय करेंगे। पंधेर ने वैज्ञानिकों और ग्रीन ट्रिब्यूनल का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब का धुआं दिल्ली तक नहीं पहुंचता, फिर भी केवल किसानों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि हवा और पानी को दूषित करने वाली बड़ी फैक्टरियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पराली प्रबंधन के लिए ठोस समाधान या उपयुक्त सब्सिडी नहीं दी जाती, तब तक किसान क्या करें?0
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हिमाचल के पांच नगरों में शहरी निकायों के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण शुरू
Kullu, Himachal Pradesh:शहरी निकायों को मजबूत बनाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित जिला कुल्लू की पांच शहरी निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधी व अधिकारी ले रहे भाग एंकर-शहरी विकास विभाग के सौजन्य से ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट द्वारा स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। दो दिवसीय इस कार्यशाला में कुल्लू सहित मनाली, भुंतर, बंजार व आनी नगर निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधी व अधिकारी भाग ले रहे है। कार्यशाला में आधुनिक शहरी शासन, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट की प्रतिनिधि केतना और सत्यम ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि इससे पहले बिलासपुर और धर्मशाला में भी इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को शहरी विकास से जुड़ी नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि शहरों का सुनियोजित विकास हो सके। उन्होंने बताया कि दो दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता प्रबंधन, कचरा निपटान और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कार्यशाला का समापन होगा। संस्थान की एक्सपेट ट्रेनर डॉ. चेतना अतुल मटकर ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके दायित्वों और शहरी निकायों के प्रभावी संचालन की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि अमृत मिशन के तहत फंडिंग और विभिन्न सुधारों के माध्यम से संसाधन जुटाने, स्वच्छ भारत मिशन तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों के तहत जिम्मेदारियों के बारे में प्रतिनिधियों को जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रॉपर्टी टैक्स, यूजर चार्ज, जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जा रही है। प्रतिनिधियों से स्थानीय स्तर की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के विकल्पों पर चर्चा की जा रही है तथा उन्हें अपने शहरी निकाय के लिए एक्शन प्लान तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। डॉ. चेतना ने बताया कि मनाली में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सामने आ रही जमीन, तकनीक और पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ने वाले कचरे जैसी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जमीन की उपलब्धता, अतिरिक्त तकनीक या प्लांट की व्यवस्था और पर्यटन सीजन में बढ़ने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए नियमों के तहत विभिन्न विकल्प मौजूद हैं। होटल और रेस्टोरेंट जैसे बल्क वेस्ट जनरेटर की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वहीं, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के सत्यम यादव ने बताया कि संस्थान को हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण के लिए आदेश मिले हैं। मनाली में यह तीसरा प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इससे पहले बिलासपुर और धर्मशाला में प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है, जबकि आगामी दिनों में सात से आठ अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि बड़ी संख्या में पार्षद पहली बार निर्वाचित होकर आए हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ भारत मिशन, अमृत 2.0 और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 की बुनियादी जानकारी देने के साथ-साथ उनके दायित्वों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है。 स्टोरी बाई संदीप सिंह मनाली0
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आलमवाला नहर के पास बड़े सड़क हादसे में 4 घायल, अस्पताल रिफर
Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਮਲੋਟ-ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ ਮੁੱਖ ਮਾਰਗ 'ਤੇ ਆਲਮਵਾਲਾ ਨਹਿਰ ਨੇੜੇ ਵਾਪਰਿਆ ਭਿਆਨਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ, ਆਹਮੋ-ਸਾਹਮਣੇ ਟੱਕਰ ਵਿੱਚ 4 ਲੋਕ ਜ਼ਖ਼ਮੀ. ਜਖਮੀਆਂ ਨੂੰ ਮਲੋਟ ਤੋਂ ਵੱਡੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਲਈ ਕਿਤਾ ਰੈਫਰ. ਮਲੋਟ-ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ ਹਾਈਵੇ 'ਤੇ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਆਲਮਵਾਲਾ ਦੀ ਨਹਿਰ ਉੱਪਰ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰਿਆ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ, ਇਹ ਟੱਕਰ ਆਈ-20 (i20) ਅਤੇ ਇਨੋਵਾ ਗੱਡੀਆਂ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਈ ਹੈ. ਆਈ-20 ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਅਰਨੀਵਾਲਾ ਦਾ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਸਵਾਰ ਸੀ, ਜਦਕਿ ਦੂਜੀ ਇਨੋਵਾ ਗੱਡੀ ਮਲੋਟ ਵੱਲੋਂ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ ਮਲੋਟ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਪਰਿਵਾਰ ਸਨ. ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੱਸਣ ਮੁਤਾਬਕ ਇਹ ਦੋਵੇਂ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀ ਆਹਮੋ-ਸਾਹਮਣੇ ਦੀ ਟੱਕਰ ਸੀ. ਹਾਦਸੇ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦਿਆਂ ਹੀ ਐਸ.ਐਸ.ਐਫ (SSF) ਦੀ ਟੀਮ ਮਹਿਜ਼ ਇੱਕ-ਦੋ ਮਿੰਟਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਹੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਗਈ. ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ 4 ਵਿਅਕਤੀ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋਏ ਹਨ. ਪੁਲਿਸ ਟੀਮ ਨੇ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਜ਼ਖ਼ਮੀਆਂ ਨੂੰ ਸਟਰੈਚਰ 'ਤੇ ਪਾ ਕੇ ਐਸ.ਐਸ.ਐਫ ਦੀ ਗੱਡੀ ਰਾਹੀਂ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਜਖਮੀਆਂ ਦੀ ਹਾਲਾਤ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੇ ਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਲਈ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਫਿਲਹਾਲ-hਾਦਸੇ ਦੇ ਅਸਲ ਕਾਰਨਾਂ ਦਾ ਅਜੇ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਲੱਗ ਸਕਿਆ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਤਾਬਕ, ਜ਼ਖ਼ਮੀਆਂ ਨੂੰ ਸੱਟਾਂ ਕਾਫ਼ੀ ਲੱਗੀਆਂ ਹਨ0
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श्री किरतपुर साहिब में ट्रक ऑपरेटरों के दो गुटों के बीच तनाव, पुलिस तैनात
Anandpur Sahib, Punjab:श्री किरतपुर साहिब में ट्रक ऑपरेटरों की एक शहर-स्तरीय सहकारी सोसाइटी के दो धड़ों के बीच आज आमने-सामने आ जाने से स्थिति तनावपूर्ण बन गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने दोनों धड़ों द्वारा बनवाए गए कार्यकारी प्रधानों को मान्यता देने से इनकार कर दिया। ए.आर.ओ. ने स्पष्ट किया कि जब तक सोसाइटी के चुनाव नहीं होते, तब तक कोई भी व्यक्ति प्रधान नहीं बन सकता और सोसाइटी का काम सरकारी अधिकारियों की देखरेख में चलेगा। इसके लिए ट्रक ऑपरेटरों की एक कमेटी बनी है। एक धड़े ने बलवीर सिंह शाहपुर को कार्यकारी प्रधान नियुक्त किया; कई लोगों पर जान लेने की योजना के आरोप लगाए गए, और रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक कुछ गाड़ियों से उनकी रेकिंग की जा रही बताई गई। पुलिस ने एक गाड़ी में से पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जो जांच के दायरे में है। दूसरी धड़े ने बाबा बलदेव सिंह को कार्यकारी प्रधान घोषित किया है, और दोनों पक्षों पर सोसाइटी के कामकाज में दखलअंदाजी और दफ्तर पर कब्ज़े के आरोप लगाए गए हैं। डी.एस.पी. जसंधीप सिंह मान ने कहा कि पुलिस ने दोनों धड़ों के बीच तनाव शांत कर दिया है और ट्रक ऑपरेटरों की मांगों पर भी कार्रवाई की गई है। अब सोसाइटी के कामकाज में किसी भी तरह की दखलअंदाजी नहीं होने दी जाएगी और किसी बाहरी व्यक्ति को दफ्तर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बलबीर सिंह के कथित हमले की योजना की जांच भी जारी है और इसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।0
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हिमाचल के पेंशनरों को अक्टूबर में एरियर; सरकार ने लाभ की योजना की पुष्टि
Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल के पेंशनरों को अक्टूबर में मिलेगा एरियर, CM बोले- पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-III पेंशनरों को उनके पेंशन एरियर का 30 प्रतिशत और क्लास-I व क्लास-II पेंशनरों को 15 प्रतिशत एरियर इस वर्ष अक्तूबर में दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज यहां हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों और कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत है और इनके समाधान के लिए गंभीरता से हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ जारी करती रही है। आने वाले समय में महंगाई भत्ते की एक और किस्त जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों का एरियर सरकार पहले ही जारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनरों ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और हिमाचल की प्रगति में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के पुरानी पेंशन योजना बहाल की, ताकि कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 76,000 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गई थी। इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनरों की करीब 10,000 करोड़ रुपये की देनदारियां भी थीं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिलता रहा है, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने 77 वर्षों से मिल रहे इस अधिकार को बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि आरडीजी केवल प्रदेश सरकार का अधिकार नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की जनता का अधिकार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर एक लाख रुपये की वार्षिक आय में से 40,000 रुपये काट लिए जाएं तो क्या स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज इसी स्थिति का सामना कर रहा है और प्रदेश को हर साल 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 54,000 करोड़ रुपये आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी मुआवजे के रूप में प्राप्त किए थे। अगर पिछली सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा होता तो प्रदेश का कर्ज करीब 30,000 करोड़ रुपये कम किया जा सकता था और कर्मचारियों से जुड़ी देनदारियां भी चुकाई जा सकती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से भवनों का निर्माण करवाया था, जिनमें से कई भवन अभी खाली पड़े हैं। वहीं, वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में 17,000 करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में प्राप्त हुए हैं और सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे हर निर्णय का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।0
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SGPC प्रधान धामी पर चावला केस के सवाल, 24 सितंबर जत्था जवाब मांगे जाएंगे
Jalandhar, Punjab:Jalandhar News -एसजीपीसी सदस्य अमरजीत चावला पर केस दर्ज करवाने वाली महिला को विदेश से बुलाने की वजह स्पष्ट करें धामी - एसजीपीसी सदस्य अमरजीत चावला मामले में कार्रवाई और प्रक्रिया को लेकर सिख संगठनों ने मांगा जवाब -24 सितंबर को धामी के पैतृक घर पहुंचेगा सिख संगठनों का जत्था, गुरबाणी जाप के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान जालंधर प्रेस क्लब में सिख संगठनों के गठबंधन की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की भूमिका पर सवाल उठाए गए। नेताओं ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ महिला की शिकायत पर 21 अगस्त को दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई थी। इस दौरान गठबंधन के नेता सुखदेव सिंह फगवाड़ा ने कहा कि महिला केPolice को दिए कथित बयान और मीडिया में सामने आए उसके वीडियो के आधार पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को लंबे समय तक सराय में ठहरने की व्यवस्था, वाहन, ड्राइवर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने पूछा कि यदि महिला को इतने लंबे समय तक SGPC से जुड़ी सुविधाएं मिलती रहीं तो इसके पीछे क्या कारण था और इस दौरान कथित घटनाएं हुईं तो प्रशासनिक स्तर पर इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है। सुखदेव सिंह फगवाड़ा ने कहा कि महिला के कथित बयान के अनुसार उसने अपने साथ हुए कथित अत्याचार की जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और SGPC प्रधान तक पहुंचाने की कोशिश की थी। ऐसे में धामी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें इस मामले की जानकारी कब मिली और शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में जल्दबाजी दिखाई गई और निर्धारित प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए。 उन्होंने कहा कि घटना से SGPC और सिख संस्थाओं की प्रतिष्ठा से जुड़े गंभीर सवाल पैदा हुए हैं। उन्होंने SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही और उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ा है。 उन्होंने ऐलान किया कि 24 सितंबर 2026, गुरुवार को 51 सदस्यों का सिख जत्था SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के होशियारपुर स्थित पैतृक घर जाएगा। वहां उनसे मामले को लेकर पांच सवाल पूछे जाएंगे और प्रशासनिक स्तर पर कथित चूक की जिम्मेदारी तय करने की मांग की जाएगी। नेताओं ने कहा कि जत्था शांतिपूर्ण तरीके से गुरबाणी का जाप करेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद SGPC के अन्य पदाधिकारियों और तख्त साहिबान के जत्थेदारों के घर जाकर भी जवाब मांगा जाएगा। प्रेस मीट में नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और उनका उद्देश्य पूरे मामले में जवाबदेही तय करवाना है।0
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ग्यानि हरप्रीت सिंह ने SGPC प्रशासन पर सवाल उठाए; VIP सुविधाओं की जांच
Chandigarh, Chandigarh:ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਦੇ ਤਿੱਖੇ ਸਵਾਲ, SGPC ਪ੍ਰਬੰਧ 'ਤੇ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਸਰਾਂ ਵਿੱਚ VIP ਸਹੂਲਤਾਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਕਥਿਤ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਤੱਕ, SIT ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ, ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਦੇ ਅਸਤੀਫ਼ਿਆਂ 'ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਅਹਿਮ ਬਿਆਨ SGPC ਪ੍ਰਬੰਧ, ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀਆਂ ਸਰਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾ ਦੀ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਅਤੇ FIR ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ SGPC ਦੀ ਸੀਨੀਅਰ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਗੰਭੀਰ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਚਰਚਾ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂਆਂ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੀ ਸਾਖ਼ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ 'ਤੇ ਵੀ ਵਿਚਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਮੁੱਖ ਸਵਾਲ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚਾਵਲਾ ਨਹੀਂ, ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ 'ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਰਾ ਧਿਆਨ ਸਿਰਫ਼ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚਾਵਲਾ 'ਤੇ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ। SGPC ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਅਤੇ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਮੁਖੀਆਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਤakh਼ਤ ਸ੍ਰੀ ਕੇਸਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਰਾਂ ਵਿੱਚ VIP ਕਮਰੇ ਅਤੇ ਸਹੂਲਤਾਂ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ VIP ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣ, ਗੱਡੀਆਂ, ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਸੇਵਾਦਾਰ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਸਬੰਧੀ SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਤੋਂ ਸਪਸ਼ਟੀਕਰਨ ਮੰਗਿਆ。 ਮਹਿਲਾ ਦੇ ਆਉਣ ਦਾ ਮਕਸਦ ਅਤੇ ਧਰਮ ਪ੍ਰਚਾਰ ਸਹਾਇਤਾ ਦੀ ਜਾਂਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਕਿਸ ਮਕਸਦ ਲਈ ਆਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਧਰਮ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦੇ ਨਾਮ 'ਤੇ ਕਥਿਤ ਇੱਕ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਿਉਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਬਾਰੇ ਸਪਸ਼ਟ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਨਤਕ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ。 SGPC ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵ ਅਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਦਾ SGPC ਦੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀਆਂ ਬਦਲੀਆਂ ਤੇ ਮੁਅੱਤਲ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਬਹਾਲੀ ਲਈ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਦੀ ਸੀ。 SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਅਤੇ ਸਹੂਲਤਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਤਾਂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਕਿਸ ਦੀ ਬਣਦੀ ਹੈ。 ਕਥਿਤ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਅਤੇ ਕਿਰਦਾਰੁਸ਼ੀ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੀਆਂ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਇਹ ਗੱਲਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈਆਂ ਹਨ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਰਦਾਰਕੁਸ਼ੀ ਕਰਨ ਲਈ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਦਾਅਵੇ ਦੀ ਸੱਚਾਈ ਜਾਂਚ ਰਾਹੀਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਦੋ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਲਗਾਏ ਦੋਸ਼ਾਂ 'ਤੇ ਸਪਸ਼ਟੀਕਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਦੋ ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਪੰਜ ਪਿਆਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਕੇ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਨਿਭਾਈ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਬਦਲਾਖੋਰੀ ਨਾਲ ਜੋੜੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਲੋੜੀਂਦੀ ਹੈ。 ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ SIT ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਜਾਂਚ ਟੀਮ (SIT) ਬਣਾਉਣ, ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਤਹਿ ਤੱਕ ਜਾਣ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਦੋਸ਼ ਸਾਬਤ ਹੋਣ ਤਾਂ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। FIR ਦਰਜ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ FIR ਦਰਜ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕਾਰਵਾਈ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਹੋਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ FIR ਵਿੱਚ ਨਾਮਜ਼ਦ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ। ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੀ ਸਾਖ਼ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੀਆਂ ਨੀਂਹਾਂ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀਆਂ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ। ਇਸ ਲਈ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਅਤੇ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਜੀਰੂਰੀ ਹੈ। ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਦੇ ਅਸਤੀਫ਼ੇ ਦੀ ਮੰਗ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਮੁਖੀਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਤੋਂ ਅਸਤੀਫ਼ਿਆਂ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। ਮਾਮਲਾ ਕੀ ਹੈ? ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ, ਤਖ਼ਤ ਸ੍ਰੀ ਕੇਸਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਰਾਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਮਿਲੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਦੋਸ਼ਾਂ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਤਰਕ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਦੇਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਸਗੋਂ SGPC ਅਤੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਵੀ ਤੈਅ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ。 ਸਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਅਤੇ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਕਈ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੱਕ ਤਖ਼ਤ ਸ੍ਰੀ ਕੇਸਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਰਾਂ ਵਿੱਚ VIP ਕਮਰਾ, ਗੱਡੀਆਂ, ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਸੇਵਾਦਾਰ ਵਰਗੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮਿਲੀਆਂ。 ਉਨ੍ਹਾਂ SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਤੋਂ ਸਪਸ਼ਟੀਕਰਨ ਮੰਗਿਆ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਕਿਸ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਆਈ ਸੀ, ਉਸ ਨੂੰ ਇਹ ਸਹੂਲਤਾਂ ਕਿਸ ਅਧਿਕਾਰ ਅਧੀਨ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਅਤੇ ਕੀ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਅਧਿਕਾਰਤ ਰਿਕਾਰਡ ਮੌਜੂਦ ਹੈ। SGPC ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਦਾ SGPC ਦੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਉਹ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਬਦਲੀ ਅਤੇ ਮੁਅੱਤਲ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਬਹਾਲੀ ਲਈ ਸੀਨੀਅਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਦੀ ਸੀ。 SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ SGPC ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਅਤੇ ਸਹੂਲਤਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਤਾਂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਕਿਸ ਦੀ ਬਣਦੀ ਹੈ。 ਕਥਿਤ ਕਿਰਦਾਰਕੁਸ਼ੀ ਦੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੀਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਿਰਦਾਰਕੁਸ਼ੀ ਲਈ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਸੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਨੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਝੂਠੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਕਿਸੇ ਮਹਿਲਾ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖ਼ੁਦ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਕਥਿਤ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਬਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਰਾਹੀਂ ਤੱਥ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ。 ਦੋ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਵਿਵਾਦ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਦੋ ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਪੰਜ ਪਿਆਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਕੇ ਨਿਭਾਈ ਆਪਣੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪੰਥਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦੀ ਤਰਜਮਾਨੀ ਕਰਦਿਆਂ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਨਿਭਾਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਹੋ ਰਹੇ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਨੂੰ ਉਸ ਫ਼ੈਸਲੇ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਦੇਖਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾਅਵੇ ਦੀ ਸੱਚਾਈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਤੱਥਾਂ ਲਈ ਸੰਬੰਧਿਤ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਅਤੇ ਪੱਖ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ。 ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ SIT ਦੀ ਮੰਗ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਜਾਂਚ ਟੀਮ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਤਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਕਿਹੜੇ ਲੋਕ ਇਸ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ ਅਤੇ ਕਿਸ ਦੀ ਕੀ ਭੂਮਿਕਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ FIR ਦਰਜ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਹੋਈ ਕਥਿਤ ਦੇਰੀ 'ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ。 ਅਸਤੀਫ਼ਿਆਂ ਦੀ ਮੰਗ ਅਤੇ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਬਿਆਨ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਗਿਆਨੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ SGPC ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਦੇ ਅਸਤੀਫ਼ਿਆਂ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ।0
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