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चंडीगढ़ की जीत के बाद गाँव अखाड़ा में किसानों का शक्ति प्रदर्शन

Jagraon, Punjab:ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੀ ਜਿੱਤ ਮਗਰੋਂ ਪਿੰਡ ਅਖਾੜਾ 'ਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਸ਼ਕਤੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਦਾ ਸਿਖਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਹ ਜਿੱਤ : ਦੇਹੜਕਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਲਾਏ ਕਿਸਾਨ ਮੋਰਚੇ ਦੀ ਸਫਲਤਾ ਮਗਰੋਂ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ (ਡਕੌਂਦਾ) ਵੱਲੋਂ ਪਿੰਡ ਅਖਾੜਾ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰੀ ਜੇਤੂ ਰੈਲੀ ਕਰਵਾਈ ਗਈ। ਰੈਲੀ ਦੌਰਾਨ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਸੰਯੁਕਤ ਕਿਸਾਨ ਮੋਰਚੇ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਏ ਸਮਝੌਤੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪੱਖਾਂ ਬਾਰੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਮੋਰਚੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਹੌਸਲਾ-ਅਫ਼ਜ਼ਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਦੇਹੜਕਾ ਅਤੇ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਬੱਸੂਵਾਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਮੋਰਚੇ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਨੂੰ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਦਾ ਅੰਤ ਨਹੀਂ ਮੰਨਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਖਿਆ ਕਿ ਇਹ ਜਿੱਤ ਸੰਘਰਸ਼ਸ਼ੀਲ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਾਂਝੀ ਤਾਕਤ, ਏਕਤਾ ਅਤੇ ਦ੍ਰਿਜ਼ ਿਰਾਦੇ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕ-ਮਸਲਿਆਂ ਅਤੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਜਥੇਬੰਦਕ ਸੰਘਰਸ਼ ਅੱਗੇ ਵੀ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਨਕਲਾਬੀ ਕੇਂਦਰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕੰਵਲਜੀਤ ਖੰਨਾ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਰੋਸ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਅਣਮਨੁੱਖੀ ਵਿਵਹਾਰ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਨਿਖੇਧੀ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਅਤੇ ਲੋਕ-ਵਿਰੋਧੀ ਕਰਾਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਰੱਖਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਜਬਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਾਜਬ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕਥਿਤ ਸਰਕਾਰੀ ਜਬਰ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਦਬਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਆਪਣੀ ਸਹਿਮਤੀ ਪ੍ਰਗਟਾਉਂਦਿਆਂ ਬਾਹਾਂ ਖੜ੍ਹੀਆਂ ਕਰਕੇ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੀ ਏਕਤਾ, ਆਪਸੀ ਸਾਂਝ ਅਤੇ ਜਥੇਬੰਦਕ ਤਾਕਤ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ।
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सीबीएसई स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म हरे रंग, भवन रंग ऑलिव-ग्रीन तय

Shimla, Himachal Pradesh:सीबीएसई स्कूलों के लिए ड्रेस कोड, यूनिफॉर्म और भवन रंग योजना तय विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां शिक्षा विभाग की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म तथा स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इन स्कूलों की महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा। शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर होगा तथा इसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं का प्रयोग किया जाएगा। डयूटी के दौरान शिक्षकों को अपना पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए जाएंगे।
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राजपुरा Nabha Power Limited Thermal Plant में कोयला स्टॉक छह दिन शेष, बिजली उत्पादन जारी

Rajpura, Uttar Pradesh:राजपुरा Nabha Power Limited Thermal Plant में छह दिन का कोला stock बाकी, अधिकारियों के अनुसार. राजपुरा, 10 सितम्बर 2026: Nabha Power Limited ThermAL Plant से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है; 700-700 मेगावॉट क्षमता वाले दो यूनिट हैं, जिनकी कुल क्षमता 1400 मेगावॉट बिजली पैदा करने की है. इस समय दोनों यूनिट चल रहे हैं और लगातार दिन-रात बिजली उत्पादन किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार प्लांट में इस समय लगभग छह दिन का कोला स्टॉक बाकी रह गया है. कोले की सप्लाई संबंधी सरकार के साथ बातचीत चल रही है. अधिकारियों ने बताया कि दोनों यूनिट इस समय लगातार चल रहे हैं और बिजली उत्पादन जारी है.
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हिमाचल कांग्रेस सरकार पर हर्ष महाजन का तीखा हमला; मंत्री सिर्फ संतरी

Shimla, Himachal Pradesh:भगुआ के राज्यसभा सांसद हHarsh महाजन ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार में मंत्रियों को केवल ‘संतरी’ बनाकर रखा गया है। महाजन ने दावा किया कि सरकार के कामकाज से मंत्री ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के कई विधायक भी नाराज हैं। हHarsh महाजन ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश का बेड़ागर्क कर दिया है और हिमाचल को पीछे धकेला जा रहा है। उनके मुताबिक प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार जनता को राहत देने के बजाय ऐसे फैसले ले रही है, जिससे आम लोगों, कर्मचारियों, व्यापारियों और युवाओं में असंतोष है। सांसद ने कांग्रेस सरकार को ‘एफआईआर की सरकार’ बताते हुए आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज कराने में ज्यादा रुचि दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय सरकार को जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। महाजन ने कहा कि पंचायत चुनाव में प्रदेश की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है। 12 में से 11 जिला परिषद भाजपा की बनी हैं। उन्होंने कहा कि शिमला जिला में बड़ी संख्या में एडवाइजर हैं और मंत्री-विधायक भी कांग्रेस के हैं, इसके बावजूद भाजपा समर्थित जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं。
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बरनाला में मिलावटखोरी के खिलाफ पिंड दी सथ कार्यक्रम में लोगों की आवाज

Barnala, Bathinda, Punjab:पिंड दी सथ कार्यक्रम के तहत, बरनाला में त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी के खिलाफ लोगों ने उठाई आवाज़, त्योहारी सीजन शुरू होते ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। बारनाला में पिंड दी सथ कार्यक्रम के तहत शहरवासियों, ग्रामीणों और महिलाओं से जब इस मुद्दे पर सीधी बातचीत की गई, तो लोगों ने मिलावटखोरी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। लोगों का कहना है कि आज दूध, दही, पनीर, मिठाइयों से लेकर फल और अन्य खाद्य पदार्थों तक में मिलावट की शिकायतें सामने आ रही हैं, लोगों का आरोप है कि कुछ मिलावटखोर अपनी कमाई बढ़ाने के लिए मिलावटखोरी के कारोबार को धड़ल्ले से चला रहे हैं, जिससे आम जनता की सेहत पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बना हुआ है, त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है, वहीं, फूड सेफ्टी विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी की जाती है और दूध, पनीर समेत अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाते हैं तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जाती है। हालांकि, लोगों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई के बावजूद कई बार मिलावटखोर कार्रवाई से बच निकलते हैं और दोबारा अपने कारोबार में लग जाते हैं, महिलाओं की राय: घरेलू महिलाओं का कहना है कि वे अपने परिवार और बच्चों की सेहत के लिए दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन बाजार में कथित तौर पर मिलावटी, सिंथेटिक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक खाद्य पदार्थ मिलने की वजह से वे चिंतित हैं। महिलाओं का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से परिवार के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। लोग मांग करते हैं: फूड सेफ्टी विभाग और पंजाब सरकार से कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके कारोबार पर प्रभावी नकेल डालकर लोगों को मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक खाद्य पदार्थों से राहत मिले। त्योहारी सीजन में बाजारों में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच बरनाला के लोगों की आवाज़ साफ है कि मिलावटखोरी पर केवल छापेमारी नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई भी होनी चाहिए जिससे मिलावटखोरों में कानून का डर पैदा हो और आम जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें, बरनाला के विभिन्न क्षेत्रों के शहरवासियों, ग्रामीणों और महिलाओं के साथ पिंड दी सथ के तहत सीधी बातचीत।
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