icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

शिमला पुलिस ने अनुशासनहीनता के तीन कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला पुलिस ने अनुशासनहीनता के अलग-अलग मामलों में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर (SI), एक कांस्टेबल और एक एचएचसी (हेड हवलदार) शामिल हैं। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, निलंबित SI पर पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन करते हुए सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी एक पोस्ट शेयर करने का आरोप है। पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने या उनका समर्थन करने वाले सार्वजनिक आचरण की अनुमति नहीं है। इसी आधार पर SI के खिलाफ कार्रवाई की गई है。 वहीं, एक कांस्टेबल और एक एचएचसी पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में होने और शराब का सेवन करने के आरोप लगे हैं। निलंबन के बाद दोनों की तैनाती पुलिस लाइन शिमला में कर दी गई है। बताया गया है कि दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कई बार आरोपियों को एक स्थान से दूसरे स्थान या अदालत में पेश करने के लिए ले जाने में लगती थी। इस दौरान उनके नशे की हालत में रहने की शिकायतें पहले भी मिलती रही थीं। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद शिमला पुलिस ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पुलिस का कहना है कि अनुशासित बल होने के कारण लापरवाही और आचरण नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
0
0
Report

SGPC holds all Gurubani live broadcast rights; legal action against GTC for unauthorized transmission

Amritsar, Punjab:ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਮੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਵਿੱਚ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਕਿ ਗੁਰੂਬਾਣੀ ਦੇ ਲਾਈਵ ਪ੍ਰਸਾਰਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਅਧਿਕਾਰ ਸਿਰਫ SGPC ਕੋਲ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸੈਟਲਾਈਟ ਚੈਨਲ ਜਾਂ ਹੋਰ ਮੀਡੀਆ ਸੰਸਥਾ ਨੂੰ SGPC ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਗੁਰਬਾਣੀ ਦੀ ਲਾਈਵ ਪ੍ਰਸਾਰਣ ਕਰਨਾ ਹੱਕ ਨਹੀਂ। ਧਾਮੀ ਨੇ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ ਕਿ SGPC ਨੇ ਜੀ ਨੈਕਸਟ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਸਮਝੌਤਾ ਖਤਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਅਤੇ ਗੁਰਬਾਣੀ ਪ੍ਰਸਾਰਣ ਦੇ سارੇ ਅਧਿਕਾਰ ਮੁੜ ਆਪਣੇ ਕੋਲ ਲੈ ਲਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ SGPC ਨੇ ਆਪਣਾ ਸੈਟੇਲਾਈਟ ਚੈਨਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਜਾਰੀ ਰੱਖੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਲਈ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਅਨੁਮਤੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਧਾਮੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇ ਕੋਈ ਸੰਸਥਾ ਬਿਨਾਂ ਇਜਾਜ਼ਤ ਗgurਬਾਣੀ ਪ੍ਰਸਾਰਣ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ SGPC ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰੇਗੀ। ਇੱਥੇ ਗੁਰਬਾਣੀ ਦੀ ਲਾਈਵ ਪ੍ਰਸਾਰਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵਿਵਾਦ ਫਿਰ ਤੀਬਰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਰਹਿਤ ਚੈਨਲਾਂ ਨਾਲ ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਦੇਖਣੀ ਬਾਕੀ ਹੈ।
0
0
Report
Advertisement

पंजाब में ओपन जेल योजना: कैदी फैक्ट्री और मॉल में काम करेंगे

Chandigarh, Chandigarh:Exclusive….. पंजाब में बनायी जाएंगी ओपन जेल अच्छे कंडक्ट वाले कैदियों को जेल से बाहर फैक्ट्रियों और मॉल में काम करने के लिए भेजा जाएगा शाम को वह जेल में वापस आएंगे -डॉक्टर रवजोत जेल मंत्री। पंजाब के जेल मंत्री डॉक्टर रवजोत सिंह ने कहा की सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर ओपन जेल बनायी जा रही है जिसको लेकर जेल डिपार्टमेंट के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले एक ओपन जेल है जो नाभा जेल के बीच में ही बनायी गई है लेकिन सुप्रीम कोर्ट का कंसेपट इससे अलग है।
0
0
Report
Advertisement

SBP ग्रुप ने लोंगावालिया के साथ दीर्घकालिक भागीदारी से परियोजनाओं में तेजी

Chandigarh, Chandigarh:ਨਿਰਧਾਰਤ ਸਮੇਂ 'ਤੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਡਿਲੀਵਰੀ ਅਤੇ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਪ੍ਰਤੀ ਆਪਣੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਕਦਮ ਚੁੱਕਦਿਆਂ, ਐਸਬੀਪੀ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਟ੍ਰਾਈਸਿਟੀ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਰਿਹਾਯਸ਼ੀ, ਕਮਰਸ਼ੀਅਲ ਅਤੇ ਪਲਾਟਡ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਨਿਰਮਾਣ ਖੇਤਰ ਦੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਕੰਪਨੀ ਲੌਂਗੋਵਾਲੀਆ ਗਰੁੱਪ ਨਾਲ ਇੱਕ ਰਣਨੀਤਕ ਅਤੇ ਲੰਬੀ ਮਿਆਦ ਦੀ ਭਾਈਵਾਲੀ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਜੇਡਬਲਿਊ ਮੈਰੀਅਟ ਵਿੱਚ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ, ਅਮਨ ਸਿੰਗਲਾ, ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਤੇ ਮੈਨੇਜਿੰਗ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਐਸਬੀਪੀ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਹਿਯੋਗ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਮੀਲ ਪੱਥਰ ਹੈ। ਇਸ ਨਾਲ ਕਈ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ, ਬਿਹਤਰ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਯੋਜਨਾਬੰਦੀ, ਸਰੋਤਾਂ ਦੀ ਬਿਹਤਰ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਨਿਰਮਾਣ ਦੀ ਉੱਚ ਗੁਣਵੱਤਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ। ਅਮਨ ਸਿੰਗਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ "ਹਰ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰ-ਚੜ੍ਹਾਅ ਆਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂਦਰ ਕੋਈ ਮਜ਼ਬੂਤ ਭਰੋਸੇ ਵਾਲੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਲਗਾਤਾਰ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ। ਐਸਬੀਪੀ ਵਿੱਚ ਸਾਡਾ ਧਿਆਨ ਹਮੇਸ਼ਾ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੇ ਮੂਡ ਦੀ ਬਜਾਏ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ 'ਤੇ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਲੌਂਗੋਵਾਲੀਆ ਨਾਲ ਇਹ ਭਾਈਵਾਲੀ ਉੱਚ ਗੁਣਵੱਤਾ ਨਾਲ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਪੂਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਸਾਡੀ ਸਮਰੱਥਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੀ ਹੈ।" ਸੰਦੀਪ ਲੌਂਗੋਵਾਲੀਆ, ਐਮਡੀ, ਲੌਂਗੋਵਾਲੀਆ ਕਨਸਟ੍ਰਕਸ਼ਨ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਐਸਬੀਪੀ ਨਾਲ ਇਹ ਰਣਨੀਤਕ ਸਹਿਯੋਗ ਇੱਕ ਆਮ ਠੇਕੇਦਾਰ-ਕਲਾਈੰਟ ਰਿਸ਼ਤੇ ਤੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਵੱਧ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਐਸਬੀਪੀ ਦੇ ਵਧ ਰਹੇ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਪੋਰਟਫੋਲੀਓ ਨੂੰ ਸਹਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਇੱਕ ਲੰਬੀ ਮਿਆਦ ਦੀ 'ਐਗਜ਼ੀਕਿਊਸ਼ਨ ਪਾਰਟਨਰਸ਼ਿਪ' ਵਜੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਲੌਂਗੋਵਾਲੀਆ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, "ਸਾਨੂੰ ਐਸਬੀਪੀ ਗਰੁੱਪ ਨਾਲ ਅਜਿਹੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਭਾਈਵਾਲੀ ਕਰਕੇ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਸਫ਼ਲ ਰੀਅਲ ਅਸਟੇਟ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਲਈ ਕੰਮ ਨੂੰ ਕੁਸ਼ਲਤਾ ਨਾਲ ਪੂਰਾ ਕਰਨਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਬਣ ਗਿਆ ਹੈ।"
0
0
Report

न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन तेज किया

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 11 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन लगातार जारी है और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस होने तक संघ पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हुई बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाने का फैसला लिया गया था, लेकिन समिति के गठन में देरी हुई। वहीं, बैठक में कई शिक्षक संगठनों ने भी न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम का खुलकर विरोध किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि 25 जुलाई को प्राथमिक शिक्षकों की पदयात्रा शिमला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक हुई थी। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने का फैसला लिया गया था। समिति को संघ की मांगों पर विस्तार से विचार कर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी थी। रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि संयुक्त समिति के गठन में देरी की गई। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हुई बैठक में ऐसे कई संगठनों को भी बुलाया गया, जिनका न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम से सीधा संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे पर होने वाली बातचीत में उनकी भूमिका सबसे अहम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को उम्मीद थी कि अन्य शिक्षक संगठन न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम का समर्थन करेंगे, लेकिन बैठक में तस्वीर इसके उलट सामने आई। टीजीटी, सीएंडवी, साइंस मास्टर, टीजीटी आर्ट्स, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ समेत कई संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया और इसे ‘न्यू जुगाड़ तंत्र’ करार दिया। रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के बजाय प्रतिनियुक्तियों के जरिए व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा और भविष्य में माध्यमिक शिक्षा पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में सचिवालय और निदेशालय से जुड़े कुछ अधिकारियों और प्रिंसिपलों को आगे कर व्यवस्था के समर्थन में माहौल बनाने का प्रयास किया गया। रमेश शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश के अधिकांश फील्ड प्रिंसिपल न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के पक्ष में नहीं हैं। रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर ही निर्भर रहने के बजाय जमीनी हकीकत को समझा जाए। साथ ही आशंका जताई कि विभाग सरकार को मैनिपुलेटेड रिपोर्ट देकर गुमराह कर सकता है। रमेश शर्मा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी रहेगा। 5 सितंबर तक सरकार ने न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस लेने का फैसला नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक और निर्णायक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार आश्वासन मिले थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस फैसला चाहिए।
0
0
Report
Advertisement

श shimla के सरकारी स्कूल में मिड डे मील: ज़ी मीडिया ने वास्तविकता चेक किया

Shimla, Himachal Pradesh:मिड डे मील पर ज़ी मीडिया का रियलिटी चेक सरकारी स्कूल में बच्चों की थाली की पड़ताल खाने की गुणवत्ता जाँच की गई; कोई कमी नहीं मिली बच्चों को मिल रहा अच्छी गुणवत्ता वाला खाना सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। ऐसे में ज़ी मीडिया ने शिमला के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील योजना का रियलिटी चेक किया। आखिर बच्चों की थाली में क्या परोसा जा रहा है? खाना कैसा है और इसकी गुणवत्ता कैसी है? इन तमाम सवालों को लेकर ज़ी मीडिया ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। शिमला के सरकारी स्कूल में ज़ी मीडिया ने मिड डे मील की व्यवस्था का जायजा लिया। बच्चों को परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता की पड़ताल की गई और यह देखा गया कि उन्हें किस तरह का खाना दिया जा रहा है। रियलिटी चेक के दौरान बच्चों को दिया जा रहा खाना अच्छी गुणवत्ता वाला पाया गया। पड़ताल में खाने को लेकर कोई कमी सामने नहीं आई। स्कूल में बच्चों को मिड डे मील के तहत अच्छा खाना मिल रहा है। यानी मिड डे मील को लेकर किए गए इस रियलिटी चेक में फिलहाल व्यवस्था संतोषजनक नजर आई और बच्चों की थाली में परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं मिली।
0
0
Report

राजेंद्र राणा ने सुखविंदर सुक्खू पर पांच बड़े आरोप, सिंडिकेट का दावा

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला में भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। राणा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने हिमाचल को कर्ज, झूठे वादों और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति की ओर धकेल दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में जनता के हित में सरकार नहीं, बल्कि एक सिंडिकेट काम कर रहा है। राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पांच अलग-अलग “खिताब” दिए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नाम उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री, अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा कर्ज लेने, मित्रों की सरकार, सबसे ज्यादा झूठ बोलने और राजनीतिक विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने के खिताब दर्ज हो गए हैं। राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार नहीं, बल्कि एक सिंडिकेट चल रहा है, जो वर्षों से सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। राणा के मुताबिक, छोटे से प्रदेश में बड़ी संख्या में ओएसडी, मीडिया सलाहकार और समन्वयक नियुक्त किए गए हैं, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कर्ज के मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 1971 से 2022 तक अलग-अलग सरकारों ने कुल 68 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया। वहीं, वर्तमान सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में ही करीब 44 हजार 600 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। राणा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार हर साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। राणा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सड़कों और आपदा राहत के लिए बड़ी राशि मिली है, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने एचआरटीसी सेवाओं, ओपीएस और महिलाओं को 1500 रुपये देने के चुनावी वादे का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लाभ देने वाली सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की दिशा में काम कर रही है। पंचायत चुनावों के परिणामों का जिक्र करते हुए राणा ने कहा कि जनता सरकार के कामकाज का जवाब दे रही है और आने वाले चुनावों में इसका असर और ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगा।
0
0
Report

लुधियाणा के गुरु नानक भवन में कांग्रेस आयोजन के दौरान नेताओं के समर्थकों में नारेबाजी

Noida, Uttar Pradesh:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਭਵਨ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸ ਵੱਲੋਂ ਸਮਾਗਮ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭੁਪੇਸ਼ ਬਘੇਲ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਅਤੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਪਹੁੰਚੇ ਜਿੱਥੇ ਕਿ ਸਮਾਗਮ ਦੇ ਸੁਰੂ ਹੋਣ ਤੇ ਜਦ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸਟੇਜ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਭੂਸ਼ਨ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਨਾਅਰੇਬਾਜੀ ਹੋਣ ਲੱਗੀ ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਤੋਂ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੇ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਦੇ ਹਕ ਵਿੱਚ ਨਾਅਰੇਬਾਜੀ ਕੀਤੀ ਰਾਜੇ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਆਰ ਐੱਸ ਐੱਸ ਦੇ ਵਰਕਰ ਹਾਲ ਵਿੱਚੋ ਵਾਪਸ ਜਾਓ ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਚੰਨੀ ਅਤੇ ਆਸ਼ੂ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੇ ਬੁਪੇਸ ਬਘੇਲ ਵਾਪਸ ਜਾਓ ਦੇ ਨਾਅਰੇ ਵੀ ਲਗਾਏ ਭਾਰਤ ਭੂਸ਼ਨ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਗੱਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਗਲ ਰੱਖਣਾ ਆਏ ਹਨ।ਪਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਗਲਤ ਇਸ਼ਾਰੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਆਰਐਸਐਸ ਦਾ ਆਖਿਆ ਗਿਆ ਇਸ ਕਰਕੇ ਹਾਲ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਬਹਾਰ ਜਾ ਰਹੇ ਹਾਂ
0
0
Report
Advertisement

AAP Chandigarh ने बेनियमियों के विरोध में राजभवन तक रोष मार्च निकाला

Noida, Uttar Pradesh:ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਤੋਂ ਰਾਜਪਾਲ ਭਵਨ ਤੱਕ ਰੋਸ ਮਾਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਐਲਾਨ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਆਰੋਪ ₹227 ਕਰੋੜ ਦੇ ਟੇਬਲ ਏਜੰਡੇ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਬੇਨਿਯਮੀਆਂ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਚੰਸੀਗੜ੍ਹ ਵੱਲੋਂ ਨਗਰ ਨਿਗਮ, ਸੈਕਟਰ-17 ਤੋਂ ਰਾਜਪਾਲ ਭਵਨ ਤੱਕ ਰੋਸ ਮਾਰਚ ਅੱਜ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਤੇ ਕੌਂਸਲਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਕਿ ਮੇਅਰ ਵੱਲੋਂ ਬਿਨਾਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਂਸਲਰਾਂ ਨੂੰ ਏਜੰਡਾ ਦਿਖਾਏ ਜਾ ਏਜੰਡਾ ਪੜਾਏ ਬਿਨਾਂ ਹੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਸ ਕਰਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਈ ਬੇਨੀਮੀਆ ਹਨ। ਜਿਸ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਇਹ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸ ਮੌਕੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਬੈਰੀਗੇਡ ਲਗਾ ਕੇ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੇ ਬਾਹਰ ਹੀ ਵੱਡਾ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਹੀ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਰਕਰ ਅਤੇ ਕੌਂਸਲਰ ਉਸ ਜਗ੍ਹਾ ਪਹੁੰਚਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਬੈਰੀਗੇਟਸ ਨੂੰ ਹਿਲਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਉੱਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀਆ ਬੁਛਾਰਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਇਹ ਜਦੋ ਜਹਦ ਕਰੀਬ 10 ਮਿਨਟ ਚੱਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰਾਜਪਾਲ ਗੁਲਾਬ ਚੰਦ ਕਟਾਰੀਆ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਦੇ ਲਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਇੱਕ ਡੈਲੀਗੇਸ਼ਨ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛੇ ਮੈਂਬਰ ਇਸ ਡੈਲੀਗੇਸ਼ਨ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣ ਕੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਆ ਰਹੀਆਂ ਦਿੱਕਤ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀਆਂ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਮੇਹਰ ਖਿਲਾਫ ਆਪਣਾ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਦੇਣ ਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਗਵਰਨਰ ਅਤੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਕੋਲ پਹੁੰਚਦੇ ਹਨ ......
0
0
Report

ड्रेजिंग से बदलेगी व्यास नदी की तस्वीर? हिमाचल में बड़ा प्रयोग

Kullu, Himachal Pradesh:"व्यास की ड्रेजिंग: बाढ़ का इलाज !!! हिमाचल की नदियों पर सबसे बड़ा प्रयोग .................................................... नदी प्रबंधन का नया फॉर्मूला हिमाचल का बड़ा प्रयोग हिमाचल का नया मॉडल क्या बदलेगी नदियों की तस्वीर? ड्रेजिंग से नई शुरुआत बदलेगा नदी प्रबंधन? ऑपरेशन व्यास: नदी की खुदाई या भविष्य की लड़ाई? ब्यास की नई धारा ड्रेजिंग का सच क्या बदलेगी व्यास की तकदीर? हर मानसून... वही तबाही बादल फटते हैं बोल्डर आते हैं नदी बदलती है रास्ता फिर आती है बाढ़ क्यों ज़रूरी हुई ड्रेजिंग? सरकार का दावा अतिरिक्त मलबा हटेगा नदी का बहाव सुधरेगा बाढ़ का खतरा घटेगा सरकार का मास्टर प्लान पहले चरण में कुल्लू जीया संगम एयरपोर्ट क्षेत्र यहीं से शुरुआत। 80 हजार मीट्रिक टन मलबा बाहर मई से जुलाई तक 70–80 हजार मीट्रिक टन सामग्री निकाली गई क्या कहती है भारत सरकार की अनुमति? केवल तय क्षेत्र सीमित ड्रेजिंग वैज्ञानिक निगरानी बड़े बोल्डर सुरक्षित ड्रेजिंग नहीं... डिजास्टर मैनेजमेंट? सरकार कह रही है "यह केवल माइनिंग नहीं" बल्कि बाढ़ रोकने की तैयारी。 चार बड़े दावे बाढ़ कम होगी राजस्व मिलेगा रोजगार मिलेगा पर्यावरण संरक्षण होगा राजस्व जाएगा कहाँ? सरकार का दावा ड्रेजिंग से मिलने वाला पैसा वाटरशेड पर्यावरण अफॉरेस्टेशन पर खर्च होगा。 क्या पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? सबसे बड़ा सवाल क्या हिमालयी नदी इतना हस्तक्षेप सह पाएगी? वैज्ञानिक ड्रेजिंग या नया खनन? एक तरफ़ सरकार दूसरी तरफ़ विशेषज्ञ बीच में सबसे बड़ा सवाल。 70 नई साइट्स तैयार सरकार की योजना व्यास के बाद दूसरी नदियाँ भी। कौन करेगा निगरानी? DLC Forest Department Forest Corporation Mining Department District Administration ज़मीन की हकीकत क्या लोगों को राहत मिलेगी? या नई परेशानी शुरू होगी? सबसे बड़ा सवाल क्या ड्रेजिंग...हिमाचल को बाढ़ से बचाएगी? या प्रकृति से छेड़छाड़ भविष्य का संकट बनेगी? नदी की खुदाई... या भविष्य की लड़ाई? ड्रेजिंग का सच... दस्तावेज़ों के साथ。 बाढ़ का इलाज... या पर्यावरण पर वार? क्या बदल जाएगी व्यास की धारा? हिमाचल की सबसे बड़ी नदी... सबसे बड़ा फैसला。 विकास बनाम पर्यावरण... कौन जीतेगा?
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top