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नेगी का बीजेपी पर हमला: कानून के तहत कार्रवाई, बदले की राजनीति नहीं

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला में बीजेपी के विरोध मार्च को लेकर हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी के बदले की भावना से कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कानून के मुताबिक काम कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की बदले की भावना से काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को सरकार की कार्रवाई गलत लगती है, तो उसे अदालत का रुख करना चाहिए। सरकार कानून सम्मत तरीके से कार्रवाई कर रही है और ऐसा कोई काम नहीं किया जा रहा जो गलत हो। राजस्व मंत्री ने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद बीजेपी में तिलमिलाहट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रही है। नेगी ने कहा कि अधिकारियों को अपना काम कानून के अनुसार करने दिया जाना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का बीजेपी द्वारा गलत इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और इसी वजह से जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो रही हैं, उनमें तिलमिलाहट नजर आ रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी गारंटियों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने केंद्र की Modi सरकार पर हिमाचल की कांग्रेस सरकार को सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया। जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर पिछले तीन साल से तथ्यहीन बयानबाजी करते रहे हैं और अब उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता।
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हिमाचल में जुबानी जंग तेज; नरेश चौहान ने सबूत मांगे

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार किया है। नरेश चौहान ने जयराम ठाकुर को व्यक्तिगत बयानबाजी से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि इस तरह के बयान उनके सियासी कद को शोभा नहीं देते। नरेश चौहान का आरोप है कि जयराम ठाकुर ने उनके साथ-साथ उनके बेटे को लेकर भी बयानबाजी की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत मामलों को राजनीति में घसीटना सही नहीं है। नरेश चौहान ने कहा कि जयराम ठाकुर ने जमीन से जुड़ी एक डील को उनके बेटे पर हुए जानलेवा हमले से जोड़कर बयान दिया है। इस पर उन्होंने जयराम ठाकुर से स्पष्ट रूप से सबूत पेश करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उसके पीछे तथ्य और प्रमाण भी होने चाहिए। बिना सबूत इस तरह के आरोप लगाना उचित राजनीति नहीं है। नरेश चौहान ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारों और नीतियों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यह सही तरह की राजनीति नहीं है। नरेश चौहान के इस पलटवार के बाद हिमाचल की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।
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विधायिका ने फाइनेंस बिल पास किया; पेड़ संरक्षण कानून और डिजिटल यूनिवर्सिटी योजना स्पष्ट

Noida, Uttar Pradesh:ਅੱਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਦੇ ਵੇਰਵੇ5% ਫੀਸ ਹੁਣ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਵਧਾ ਸਕਦੇ ਉਸ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਅੱਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਹੋਈ ਕੈਬਨਟ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਬਿਲ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਜੌ ਪਹਿਲਾ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਲੱਗੂ ਹੋਇਆ ਸੀ Outsource ਤੋਂ ਇਨ sourse ਵੱਲ ਕਰਮਚਾਰੀਆ ਨੂੰ ਸ਼ਿਫਟ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਬਿਲ ਅੱਜ ਕੈਬਟ ਨੇ ਮਨਜ਼ੂਰ ਕੀਤਾ ਕਿਉਕਿ ਇਹ finace ਦਾ ਬਿਲ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਾਨੂੰ ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰਰੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅੱਜ ਹੀ ਇਹ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ The punjab digital open university ਦਾ ਰਸਤਾ ਖੋਲਿਆ ਸੀ ਤੇ open university 1st the cloud univerity Hoshiarpur ਵਿਚ ਬਣਨ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ 2nd balraj singla education society MS digital university patiala 3rd physics wala digital university ਖੁੱਲਣ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ The punjab protection of tree bill ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਜੇਕਰ ਕੋਈ 1 ਦਰੱਖਤ ਕੱਟੇਗਾ ਤਾਂ 10 ਲਗੋਅਨੇ ਪੈਣਗੇ ਜੁਰਮਾਨਾ 1st 10,000 2nd 35,000 3Rd 50,000 ਹੁਣ ਕੋਈ ਵੀ ਦਰਖਤ ਕੱਟਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਰਮਿਸ਼ਨ ਲੈਣੀ ਹੋਏਗੀ ਠੇਕੇ ਬੇਸ਼ੱਕ ਨਿੱਜੀ ਹੋਵੇ ਬੇਸ਼ਕ ਸਰਕਾਰੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਹੋਵੇ ਜੌ ਲਗਾਤਾਰ 5 ਸਾਲ ਤੋ ਕੰਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਉਸਨੂੰ ਰੈਗੂਲਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ
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भाजपा विधायक सुधीर शर्मा का मुख्यमंत्री सुक्खू पर फिर हमला: बाल कटवाने पर DNA टेस्ट और संग्रहालय की चेतावनी

Shimla, Himachal Pradesh: भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के चंबा दौरे को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि चंबा में मुख्यमंत्री ने जो बाल कटवाए, उन्हें संग्रहालय में रखा जाना चाहिए और उन पर DNA स्टडी होनी चाहिए। सुधीर शर्मा ने सरकार पर प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर रही है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता हिमाचल सरकार की कार्यप्रणाली से परेशान है। उनका आरोप है कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए राज्य सरकार भाजपा के विधायकों और नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है। सुधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर रही है। उनके मुताबिक, भाजपा के प्रतिनिधियों के खिलाफ बनाए गए कथित झूठे मुकदमों के एनेक्सचर भी इस चार्जशीट में शामिल किए जा रहे हैं। सरकार जिस तरह प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है, वह उसके लिए उचित नहीं होगा। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चंबा दौरे को लेकर भी सुधीर शर्मा ने उन पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दौर के लिए ऐसे स्थान चुनते हैं, जहां सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। सुधीर शर्मा ने कहा कि चंबा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के बाल कटवाने की तस्वीर भी सामने आई है। इसे लेकर उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कटे हुए बालों को प्रदेश के संग्रहालय यानी म्यूजियम में रखा जाना चाहिए और उन पर DNA स्टडी भी होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि चंबा अपनी पारंपरिक चप्पलों के लिए भी प्रसिद्ध है। सुधीर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चंबा में झंड करवा लेते, जिससे बाल कटवाने का खर्च भी बच जाता।
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ABVP ने पंजाब विधानसभा घेराव का ऐलान किया, पेपर लीक पर त्यागपत्र मांग

Chandigarh, Chandigarh:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से पंजाब में हो रहे हैं पेपर लीक को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के त्याग पत्र को लेकर पंजाब विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया गया था जिसके तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता चंडीगढ़ के सेक्टर 25 से AVBP के राष्ट्रीय महामंत्री डाक्टर वरिंदर सिंह सोलंकी की अगुवाई मे पंजाब विधानसभा की ओर मार्च किया गया पुलिस की ओर से रास्ते में रोक लिया गया बैरिकेडिंग की गई थी पानी की बौछारें डाली गई जिसके बाद स्टूडेंट्स सड़क पर ही धरने पर बैठ गए जबकि दूसरी ओर पंजाब विधानसभा का आश्वासन भी उस समय का ख़त्म हो गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के यूनिवर्सिटी के नेता गौरव वीर सोहल ने कहा कि वह तब तक आंदोलन करते रहेंगे जब तक हरजोत सिंह बैंस त्यागपत्र है नहीं दे देते हैं
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सुक्खू के सलाहकार ने बीजेपी पर गुटबाज़ी का इल्जाम, विरोध प्रदर्शन राजनीति मजबूरी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल बीजेपी के विरोध मार्च को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने निशाना साधा है। उन्होंने बीजेपी के प्रदर्शन को सियासी मजबूरी करार देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर गुटबाजी हावी है और इसी वजह से बीजेपी इस तरह के विरोध प्रदर्शन कर रही है। नरेश चौहान ने बीजेपी की ओर से लगाए जा रहे फोन टैपिंग और बदले की भावना से कार्रवाई के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस तरह के आरोप लगाने के बजाय अपने राजनीतिक कामकाज और कार्यप्रणाली पर जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बीजेपी पर केंद्र में बच्चों के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। नरेश चौहान ने कहा कि बीजेपी को पहले अपनी कार्यप्रणाली पर जवाब देना चाहिए और यह बताना चाहिए कि वह किस तरह की राजनीति कर रही है। नरेश चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के नेता लोकसभा में नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपने भीतर चल रही गुटबाज़ी और राजनीतिक गतिविधियों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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हाईकोर्ट: साझा गृह में रहने का अधिकार घरेलू संबंध से तय, संपत्ति स्वामित्व से नहीं

Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि सास और बहू किसी घर में घरेलू संबंध (Domestic Relationship) के तहत साथ रह चुके हैं, तो केवल इस आधार पर सास को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता कि मकान बहू के नाम है। अदालत ने स्पष्ट किया कि साझा गृह (Shared Household) की परिभाषा संपत्ति के स्वामित्व से नहीं, बल्कि घरेलू संबंध और साथ रहने के तथ्य से तय होती है। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की एकल पीठ ने मंडी निवासी सुरभि बेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालतों के आदेशों को बरकार रखा और बहू की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि सास को साझा गृह में रहने का अधिकार प्राप्त है और उसे जबरन वहां से नहीं निकाला जा सकता। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के आवास संबंधी अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के सतीश चन्द्र अहूजा बनाम स्नेहा अहूजा और प्रभा त्यागी बनाम कमलेश देवी मामलों के फैसलों का भी हवाला दिया। अदालत ने कहा कि साझा गृह वह है, जहां पक्षकार किसी भी समय घरेलू संबंध के तहत साथ रह चुके हों, चाहे उस मकान का स्वामित्व किसी एक पक्ष के नाम ही क्यों न हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सास, बहू, पत्नी, मां, बेटी या संयुक्त परिवार की अन्य महिला सदस्यों को साझा गृह में निवास का अधिकार है। यदि किसी महिला को कानूनन प्रक्रिया अपनाए बिना ऐसे घर से निकाला जाता है, तो यह उसके अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बहू किरायेदार रखकर भी सास को साझा गृह से बेदखल नहीं कर सकती। अदालत ने निचली अदालत के संयुक्त कब्जा बहाल करने के आदेश को सही ठहराते हुए उसे बरकरार रखा। याचिका में बहू ने दलील दी थी कि विवादित मकान उसकी स्वयं की कमाई से खरीदी गई जमीन पर बना है, इसलिए उसे साझा गृह नहीं माना जा सकता। उसका यह भी कहना था कि सास को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत उसके खिलाफ याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है और निचली अदालतों ने कानून की गलत व्याख्या करते हुए सास को राहत दी है। वहीं सास ने अपनी याचिका में कहा था कि बेटे के साथ विवाह के बाद सभी एक ही घर में रहते थे, लेकिन बाद में बहू ने घर में किरायेदार रखकर 7 नवंबर 2025 को उन्हें जबरन बेदखल कर दिया। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण और साझा गृह में पुनः संयुक्त कब्जा बहाल करने की मांग की थी। निचली अदालतों ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है。
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हाईकोर्ट ने वन मित्र भर्ती मामले में नीतू कुमारी को नियुक्ति देने के आदेश दिए

Shimla, Himachal Pradesh:हimachal Pradesh High Court ने वन मित्र भर्ती से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि महिला अभ्यर्थी की पात्रता का आकलन आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया के दौरान विवाह के बाद बदली परिस्थितियों को पात्रता का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने मंडी के द्रंग बीट में वन मित्र भर्ती में सबसे अधिक मेरिट रखने वाली याचिकाकर्ता नीतू कुमारी को नियुक्ति से वंचित करना कानून के विपरीत करार दिया है। हाईकोर्ट ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि नीतू कुमारी को तत्काल नियुक्ति दी जाए। उनकी नियुक्ति की प्रभावी तिथि 15 मार्च 2025 मानी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें वेतन, वरिष्ठता और अन्य सभी परिणामी लाभ भी देने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, अदालत ने पहले से नियुक्त अभ्यर्थी की सेवा को प्रभावित नहीं करने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन इस बात की पुष्टि के लिए होता है कि आवेदन के समय जमा किए गए प्रमाणपत्र सही थे या नहीं। अगर विभाग भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में एक साल से अधिक समय लगाता है तो उसका खामियाजा अभ्यर्थी को नहीं भुगतना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी अविवाहित महिला को चयन प्रक्रिया पूरी होने तक शादी न करने के लिए बाध्य करता हो। ऐसे में विवाह के बाद बीपीएल या ग्राम पंचायत से जुड़ी स्थिति बदलने के आधार पर अभ्यर्थी के अंक काटना और उसे नियुक्ति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। न्यायालय ने अपने पूर्व के फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि अभ्यर्थी की पात्रता का निर्धारण भर्ती विज्ञापन में तय कट-ऑफ तिथि के आधार पर ही किया जाना चाहिए। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता नीतू कुमारी ने याचिका में बताया था कि उन्होंने 30 दिसंबर 2023 की अंतिम तिथि से पहले वन मित्र पद के लिए आवेदन किया था। आवेदन के समय वह बीपीएल परिवार से संबंधित थीं और संबंधित ग्राम पंचायत की निवासी भी थीं। चयन प्रक्रिया के दौरान नीतू कुमारी ने शारीरिक दक्षता परीक्षा पास की और दस्तावेज सत्यापन के लिए द्रंग बीट में प्रथम स्थान पर बुलाया गया। हालांकि, मार्च 2024 में विवाह के बाद विभाग ने उनके बीपीएल अंक यह कहते हुए हटा दिए कि उनके ससुराल का परिवार बीपीएल श्रेणी में नहीं है। साथ ही, विवाह के बाद वह संबंधित ग्राम पंचायत की निवासी भी नहीं रहीं। इसी आधार पर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया। नीतू कुमारी ने विभाग की कार्रवाई को मनमाना बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने भर्ती परिणाम, नियुक्ति आदेश और विभाग के अस्वीकृति पत्र को रद्द करने के साथ खुद को नियुक्त करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद नीतू कुमारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को उनकी नियुक्ति और सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
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अमृतसर सीमा पर नशा तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई, 10 किलोग्राम हैरोइन पकड़ी, दो गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:Amritsar Breaking ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਿਹਾਤੀ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ, 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਸਮੇਤ ਦੋ ਤਸਕਰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ, 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਘਰਿੰਡਾ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਕਰੋੜਾਂ ਦੀ ਹੈਰੋਇਨ ਜ਼ਬਤ, ਦੋ ਮੁਲਜ਼ਮ ਕਾਬੂ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਵੱਡਾ ਐਕਸ਼ਨ, ਸਪਲਾਈ ਚੇਨ ਤੋੜਨ ਦੀ ਜਾਂਚ ਜਾਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਰਹੱਦ 'ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ 'ਤੇ ਵੱਡੀ ਸੱਟ, NDPS ਐਕਟ ਤਹਿਤ ਕੇਸ ਦਰਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਿਹਾਤੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਵਿਰੁੱਧ ਮੁਹਿੰਮ ਦੌਰਾਨ ਵੱਡੀ ਸਫ਼ਲਤਾ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਕਰਕੇ ਦੋ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾਲ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਚੱਲ ਰਹੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਦੈ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਥਾਣਾ ਘਰਿੰਡਾ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ NDPS ਐਕਟ ਤਹਿਤ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਅੱਗੇ ਅਤੇ ਪਿੱਛੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਲਿੰਕਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਗਿਰੋਹ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਕੇ ਪੂਰੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਤੋੜਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ-ਮੁਕਤ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ。
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