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Dilip Kumar SinghDilip Kumar SinghFollow22 Aug 2024, 05:49 pm
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पंचकूला में ब्रेन डेड पर दान की मिसाल: अंगों ने कई दिलों को नया जीवन दिया

Panchkula, Haryana:पंचकूला किसी के लिए जीवन का अंत, किसी और के लिए नई जिंदगी की शुरुआत बन सकता है। इसी मानवीय भावना और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल आज पंचकूला में देखने को मिली, जब कमांड अस्पताल, चंडीमंदिर कैंट में एक आर्मी कर्मी की पत्नी को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी। परिवार के इस साहसिक और मानवीय निर्णय को सफल बनाने के लिए पंचकूला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित समय में उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पंचकूला में विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार, कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाया जाना था, जिसके लिए चंडीमंदिर से पंचकूला के रास्ते रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं हृदय को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, ताकि फोर्टिस अस्पताल की हार्ट रिट्रीवल टीम द्वारा अंग को समय पर आगे ले जाया जा सके। जिसमें पंचकूला पुलिस द्वारा चंडीमंदिर से पुराना पंचकूला के रास्ते जीरकपुर बॉर्डर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अंगदान की प्रक्रिया में समय का विशेष महत्व होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ ट्रैफिक वरिंदर कुमार की अगुवाई में रुट पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया। पुलिस टीमों ने मार्ग पर विशेष निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को कहीं भी अनावश्यक रुकावट का सामना न करना पड़े और जीवनरक्षक अंग निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। चूंकि दोनों रूट अलग-अलग जिलों से होकर गुजरते हैं, इसलिए संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा में से एक है और ऐसे मामलों में एक-एक सेकंड की कीमत होती है। पुलिस का कर्तव्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय मानव जीवन की रक्षा के लिए हर संभव सहयोग देना भी है। ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जीवनरक्षक अंगों को समय पर पहुंचाना इसी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अंगदान करने वाले परिवार का निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। अंगदान करने वाले परिवार के इस सराहनीय निर्णय को सफल बनाने में पुलिस, अस्पताल प्रशासन, मेडिकल टीम और संबंधित जिलों की समन्वित भूमिका महत्वपूर्ण रही।
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संभल । चन्दौसी में HS की खुलेंआम दबंगई का वीडियो वायरल . पुलिस पर उठे सवाल ।

SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow14m ago
Maulagarh, Uttar Pradesh:संभल । चंदौसी कोतवाली इलाके में कानून से बेखौफ दबंग की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ..वायरल वीडियो में दबंग उस्तरा लहरा कर खुलेंआम इलाके में दिखाई दबंगई दिखाते हुए मोहल्ले के लोगों से जमकर गालीगलौच करता दिखाई दे रहा है । बायरल वीडियो हिस्ट्री शीटर बदमाश सोनू का बताया जा रहा है । मोहल्ले के एक परिवार ने दबंग के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग को लेकर थाने में तहरीर दी है .. हिस्ट्री शीटर बदमाश की खुलेआम दबंगई के वायरल वीडियो से पुलिस पर सवाल उठ रहे है । चंदौसी कोतवाली इलाके के कुरेशी यान मोहल्ले का बताया जा रहा है वायरल वीडियो .. पुलिस मामले की जांच में जुटी है ।
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धनबाद भू-धंसान: 12 वर्षीय विक्रम की मौत के बाद आक्रोश, मुआवजे की मांग तेज

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर में मंगलवार को हुए भीषण भू-धंसान की घटना के बाद लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। भू-धंसान में कई घर जमींदोज हो गए थे, जबकि हादसे में 12 वर्षीय किशोर विक्रम की मौत हो गई थी और पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने करीब 14 घंटे तक सड़क जाम कर विरोध जताया था। पोस्टमार्टम के बाद मृतक किशोर के शव लेकर परिवार और स्थानीय नेता BCCL एरिया-5 के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। करीब 12 घंटे से शव के साथ धरना जारी है। परिजनों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास कराया जाए। सिजुआ 10 नंबर में मंगलवार को हुए भू-धंसान ने एक परिवार का 12 वर्षीय चिराग छीन लिया। हादसे के बाद से ही स्थानीय लोगों में BCCL प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है। पोस्टमार्टम के बाद विक्रम का शव जैसे ही परिजन लेकर BCCL एरिया-5 कार्यालय पहुंचे, वहां मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजे और पुनर्वास को लेकर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। मृतक के पिता भीम बहादुर उर्फ गुड्डू ने कहा कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने प्रबंधन से उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही घटना को लेकर BCCL एरिया-5 प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
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कोटा के वार्ड 98 प्रचार में भाजपा-कांग्रेस समर्थकों का भिड़ंत, महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप

Kota, Rajasthan:कोटा में नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान वार्ड 98 में भाजपा और कांग्रेस समर्थक आमने-सामने हो गए। मामला बुधवार दोपहर का है। भाजपा प्रत्याशी अनुसुइया गोस्वामी के अनुसार उनकी डीजे लगी प्रचार गाड़ी उसी रास्ते से गुजर रही थी जहाँ कांग्रेस प्रत्याशी आयुष पारेता की रैली निकल रही थी। आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा वाहन को वापस घुमाने और डीजे बंद करने को कहा। ड्राइवर और कार्यकर्ताओं ने आवाज धीमी कर निकलने का प्रयास किया तो कांग्रेस समर्थक भड़क गए और महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट व अभद्रता की। इसे लेकर भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस उम्मीदवार आयुष पारेता, उनके चाचा विनोद पारेता समेत अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं कांग्रेस पक्ष ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। कांग्रेस नेता विनोद पारेता का कहना है कि मौके पर मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई, भाजपा प्रत्याशी ने अनपढ़ लोगों को गुमराह कर रिपोर्ट पर अंगूठा लगवाया है, शिकायतकर्ताओं ने रिपोर्ट वापस लेने के लिए थाने में आवेदन भी दिया है। इधर शिकायत देने वाली महिला लक्ष्मी के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान डीजे की आवाज कम करने को लेकर बहस हुई थी जो धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के बाद रात को कांग्रेस कार्यकर्ता दादाबाड़ी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
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पानी की टंकी गिरने से मजदूरों का रेस्क्यू जारी; एक शव बरामद

Ranchi, Jharkhand:रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आई मुश्किलों के बीच पानी की टंकी गिरने की घटना में राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। मजदूरों के मलबे में दबे होने की सूचना के बाद रांची जिला प्रशासन के साथ NDRF की टीम ने मोर्चा संभाला और घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। पानी की भारी टंकी के गिरने और मलबे के बीच फंसे मजदूरों तक पहुंचना टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। लंबे और बेहद कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे मजदूर के शव को भी बाहर निकाल लिया गया। हादसे में एक मजदूर की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि घटना ने मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन के सामने राहत-बचाव की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी。
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कोटा में कोचिंग छात्रा से छेड़छाड़: कार में बैठाने की कोशिश, परिजनों ने घेरा

Kota, Rajasthan:कोटा में कोचिंग छात्रा का पीछा कर छेड़छाड़ कार में बैठाने की कोशिश, कॉलोनीवासियों ने घेरा तो कार चढ़ाने का प्रयास किया कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में कोचिंग छात्रा से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। स्वराज अपना घर, मानपुरा इलाके में रहने वाली छात्रा का आरोप है कि पिछले तीन-चार दिनों से एक युवक सफेद क्रेटा और काली थार से उसका पीछा कर रहा था। छात्रा की मां ने बताया की युवक ने रास्ते में बेटी का हाथ पकड़कर उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश की। छात्रा हाथ छुड़ाकर वहां से भागी और घर पहुंचकर पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने बोरखेड़ा थाने में शिकायत दी। परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने पर कॉलोनी के लोगों ने संदिग्ध कार को घेरने का प्रयास किया, लेकिन चालक लोगों पर कार चढ़ाने की कोशिश करते हुए मौके से फरार हो गया। हालांकि घटना में किसी के चोट लगने की जानकारी नहीं है। परिजनों के मुताबिक छात्रा रोजाना निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने जाती है। छात्रा का पीछा किए जाने की घटनाएं रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई हैं। परिजनों ने पुलिस को कार के नंबर और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए हैं। बोरखेड़ा थाना अधिकारी अजीत बागड़ोलिया ने बताया कि परिजनों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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जमुई के झाझा रेलवे थाना में जीआरपी बनाम होमगार्ड मामला: धरना खत्म

Jamui, Bihar:जमुई जिले का झाझा रेल थाना में जीआरपी जवानों और महिला होमगार्ड के बीच मंगलवार को हुई मारपीट का विवाद दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को होमगार्ड एसोसिएशन जमुई के पदाधिकारी और कई सदस्य रेल थाना पहुंचे। उन्होंने चार महिला होमगार्ड पर FIR दर्ज करने का विरोध किया और इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए थाना के बाहर धरना दिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार, जिला सचिव सुरेंद्र यादव और पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंह ने थानाध्यक्ष मधुसूदन पासवान से मुलाकात की। उन्होंने महिला होमगार्ड का पक्ष भी दर्ज करने की मांग की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जीआरपी जवानों ने महिला होमगार्ड के साथ मारपीट की और पिस्टल तानने जैसी हरकत की। उनका कहना था कि अगर ड्यूटी में कोई गलती हुई थी, तो इसकी शिकायत बड़े अधिकारियों से करनी चाहिए थी। एसोसिएशन नेताओं ने बताया कि जीआरपी जवान के आवेदन पर चार महिला होमगार्ड के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। लेकिन, महिला होमगार्ड की तरफ से दिए जा रहे आवेदन को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसी बात को लेकर थाना परिसर में एसोसिएशन सदस्यों और जीआरपी कर्मियों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद एसोसिएशन ने थाना के बाहर धरना शुरू कर दिया। अध्यक्ष पिंटू कुमार ने कहा कि महिला होमगार्ड को न्याय मिलने तक संगठन इस मामले को जिला स्तर पर उठाता रहेगा।
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100 रुपये चंदे के अभाव में दलित परिवार का हुक्का-पानी बंद, पंचायत बहिष्कार

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आजादी के 77 साल बाद भी सामाजिक बहिष्कार जैसी कुप्रथा खत्म नहीं हुई है। छपार थाना क्षेत्र के गांव खुड्डा खानपुर में सिर्फ 100 रुपये का मासिक चंदा न दे पाने पर एक गरीब दलित परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। वही अगर किसी ने उस परिवार की मदद की या साथ दिया तो उस पर 500 रूपये जुर्माना लगाने की घोषणा कर दी। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी दफ्तर पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका पैतृक गांव खुड्डा खानपुर है। गांव में एक रविदास मंदिर है, जहां हर महीने प्रत्येक व्यक्ति से 100 रुपये चंदे के रूप में लिए जाते हैं। उनके बेटे को ब्लड कैंसर है, जिसका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है। इलाज में भारी खर्च होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। इसी कारण वह मंदिर में चंदा नहीं दे पाया। आरोप है कि चंदा न देने पर गांव के ही कुछ लोगों ने रविदास मंदिर में पंचायत बुलाई। पंचायत में फरमान सुनाया गया कि चंदा न देने वाले इस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है और गांव में उसका हुक्का-पानी बंद किया जाता है। फरमान के बाद परिवार का किसी से भी बात करना, दुकान से सामान लेना और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना बंद हो गया है। पिछले एक माह से पीड़ित परिवार घुट-घुट कर जी रहा है और पुलिस थाने मे भी न्याय के लिए गया लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की और उसको वहाँ से भी टरका दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। इस अमानवीय फैसले से परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है। परिवार ने कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। वहीं जब इस मामले पर गांव के कुछ लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि चंदा न देने के कारण ही पंचायत में बहिष्कार का निर्णय लिया गया था।
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