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आसनसोल के नियामतपुर में अवैध पार्किंग को नगर निगम ने किया ध्वस्त

Aug 08, 2024 12:28:21
Asansol, West Bengal

आसनसोल नगर निगम के नियामतपुर से सटे जीटी रोड के किनारे एक पार्किंग स्थल के सामने के हिस्से सहित पार्किंग बोर्ड को तोड़ दिया गया । इस अवैध निर्माण को ढहाने के दौरान नियामतपुर चौकी की पुलिस मौजूद थी। वही आसनसोल नगर निगम के अधिकारियों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में नोकझोंक भी हुई | पार्किंग चलाने वाले लोगों का आरोप है कि आगम नोटिस दिए बगैर नगर निगम ने इसे ध्वस्त कर दिया |

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KHKHALID HUSSAIN
Jan 09, 2026 10:46:43
Chaka, :कश्मीर घाटी की हर मस्जिद में शुक्रवार को दिए गए खुतबे में नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के खिलाफ आवाज़ उठाई गई। इमामों और धार्मिक नेताओं ने लोगों को नशे की लत के खतरों के बारे में जागरूक किया। आज कश्मीर भर के इमामों ने अपने साप्ताहिक खुतबे का इस्तेमाल इलाके में बढ़ते ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के संकट के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए किया। यह सामूहिक कार्रवाई जम्मू और कश्मीर प्रशासन की एक बड़ी पहल के बाद हुई है, जिसमें धार्मिक नेताओं को हेरोइन और दूसरी ड्रग्स की लत से लड़ने में सबसे आगे रहने वाले वकील के तौर पर शामिल किया गया है। श्रीनगर जिले में 100 से ज़्यादा मस्जिद के इमामों और धार्मिक नेताओं को औपचारिक रूप से शुक्रवार के खुतबे का इस्तेमाल जागरूकता फैलाने, नशे की लत से जुड़े कलंक को खत्म करने और मेडिकल इलाज को बढ़ावा देने के लिए शामिल किया गया है। इमामों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्लाम और सभी प्रमुख धर्म नशीली चीज़ों के सेवन को सख्ती से रोक लगाते हैं। इमाम अल्ताफ हुसैन द्वारा मस्जिद में खुतबा। इमाम अल्ताफ ने आज एक स्थानीय मस्जिद में इस्लामी और कुरान के हवाले देकर लोगों को ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और इस्लाम में इसकी मनाही के बारे में बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें इस्लाम का पालन करना है तो उन्हें ड्रग्स के गलत इस्तेमाल, ड्रग्स के व्यापार के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए और अगर कोई नशे का आदी है तो उसे इस बुराई से बाहर निकालने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि इस्लाम किसी भी तरह के नशे की इजाज़त नहीं देता। नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (IMHANS), जो नशे की लत को एक नैतिक कमी के बजाय एक इलाज योग्य बीमारी के रूप में देख रहा है ताकि शुरुआती हस्तक्षेप को प्रोत्साहित किया जा सके, ने कश्मीर अधिकारियों की मदद से लगभग 100 इमामों और इस्लामी विद्वानों को शामिल किया है, और उन्हें कश्मीर में नार्को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शामिल किया है, यह जमीनी स्तर पर लामबंदी एक व्यापक तीन-स्तरीय रणनीति का हिस्सा है जो जागरूकता, पीड़ितों की पहचान और नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से पेशेवर पुनर्वास पर केंद्रित है। जम्मू और कश्मीर प्रशासन के अनुसार, आस्था-आधारित आउटरीच समाज के बड़े वर्गों को जोड़ने और जमीनी स्तर पर ठोस प्रभाव सुनिश्चित करने में लगातार प्रभावी साबित हुई है। उन्हें यकीन है कि शुक्रवार के उपदेशों के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि सभी धर्मों में नशीली दवाओं का सेवन सख्ती से प्रतिबंधित है और लोगों को पता होना चाहिए कि नशा एक बीमारी होने के साथ-साथ एक पाप भी है। बाइट अंशुल गर्ग, संभागीय आयुक्त, कश्मीर। "हमारा इरादा यह दिखाना था कि इसमें आस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है, और धार्मिक विद्वानों की भी एक बड़ी भूमिका है, क्योंकि समाज के कई पहलू ऐसे हैं जहां लोग धार्मिक विद्वानों से सुनने पर चीजों पर अधिक आसानी से भरोसा करते हैं, जैसे शुक्रवार के उपदेशों में वे सामाजिक मुद्दों पर बात करते हैं, इसलिए यदि वे नशीली दवाओं की लत पर भी बात करते हैं तो यह भी महत्वपूर्ण है, हमें धार्मिक विद्वानों से प्रतिक्रिया मिली और उन्होंने भी कहा कि यह धर्म में कैसे प्रतिबंधित है और वे इस अभियान में हमारे साथ सक्रिय रूप से भाग लेंगे। सबसे पहले, हमने श्रीनगर से शुरुआत की है और श्रीनगर के सभी इमामों से संपर्क किया है और अब हम इस समस्या की जड़ तक पहुंचने के लिए जिला स्तर पर जाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इमामों के साथ हेल्पलाइन नंबर भी शेयर किया है ताकि वे भी इसे आगे सर्कुलेट करें। ये उपदेश एक गंभीर स्थिति पर बात करते हैं, जहां आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 13 लाख लोग ड्रग्स के नशे से प्रभावित हैं, यह संख्या 2022 से दोगुनी हो गई है। सिविल सोसाइटी और सरकार का मुख्य लक्ष्य समुदाय की सोच को बदलना है कि नशा सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि एक पाप है। बाइट पीर मुहम्मद हुसैन, इमाम। "इस्लाम इस तरह की हरकतों को साफ तौर पर खारिज करता है, और हम प्रशासन के प्रयासों में उनका पूरा समर्थन करते हैं। हम इस मुद्दे पर बात करने के लिए शुक्रवार की नमाज़ के मंच का इस्तेमाल करते हैं और इसे खत्म करने के लिए कदम उठाने के लिए प्रशासन की तारीफ करते हैं। कुरान में साफ तौर पर कहा गया है कि ड्रग्स और शराब सहित नशे के सभी रूप मना हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह संदेश न सिर्फ शुक्रवार की नमाज़ के दौरान बल्कि हर नमाज़ के दौरान दिया जाए, ताकि लोग इस मुद्दे की गंभीरता को सच में समझ सकें” जम्मू कश्मीर में 13 लाख लोग, जिनमें ज़्यादातर 18-30 साल की उम्र के हैं, ड्रग्स के आदी हैं। यह आंकड़ा पिछले तीन सालों में लगभग दोगुना हो गया है, जो 2022 में लगभग 60 हज़ार था। हेरोइन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला नशा बनकर उभरा है, जिसमें इस्तेमाल करने वालों में लगभग 95 प्रतिशत लोग इसके आदी हैं। जम्मू और कश्मीर पुलिस, जो नार्को टेररिज्म को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है, उसने सैकड़ों गिरफ्तारियां की हैं और ड्रग डीलरों से जुड़ी सैकड़ों संपत्तियों को ज़ब्त किया है। 2025 में, पुलिस ने कई कुख्यात ड्रग तस्करों के खिलाफ नार्कोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक सब्सटेनस में अवैध तस्करी की रोकथाम (PIT-NDPS) एक्ट लगाया। एक बड़ी कार्रवाई के तहत, NDPS एक्ट के तहत लगभग 1,000 मामले दर्ज किए गए, जिससे लगभग 1,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया। NDPS मामलों में ₹70 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति ज़ब्त की गई है। ऐसी 120 से ज़्यादा संपत्तियों की पहचान की गई, जिनमें से 40 को पहले ही स्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया गया है। सुरक्षा बलों ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान कश्मीर क्षेत्र में ड्रग तस्करी का मुख्य स्रोत बना हुआ है। यह बदलाव सक्रिय आतंकवाद में कमी और स्थानीय भर्ती में पूरी तरह से रोक के बाद साफ हुआ। इन झटकों से निराश होकर, सीमा पार के आतंकी हैंडलर घाटी के युवाओं के बीच नशीले पदार्थों को धकेलने लगे। इस ड्रग व्यापार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल नार्को-टेररिज्म को फाइनेंस करने के लिए किया जाता है, और नशे की लत युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए हेरफेर और शोषण के प्रति ज़्यादा संवेदनशील बनाती है。
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PTPawan Tiwari
Jan 09, 2026 10:45:09
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) में 11 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के मामले में बलरामपुर पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। प्रकरण का खुलासा 26 नवंबर 2025 को हुआ था, जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने जांच के बाद थाना कोतवाली नगर में तहरीर दी थी। जांच में सामने आया था कि मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत जिला समन्वयक (डीसी एमडीएम) फिरोज अहमद खान और उनके सहयोगियों ने योजनाबद्ध तरीके से कई लोगों के साथ मिलकर सरकारी अभिलेखों में कूटरचना की और ग्यारह करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का गबन किया। इस पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 297/2025 धारा 409, 467, 468, 471, 120बी व 201 के तहत दर्ज किया गया। शुक्रवार को कोतवाली नगर पुलिस टीम शेष आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो आरोपी बिजलीपुर बाईपास के पास मौजूद हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर नूरुल हसन खान पुत्र करम हुसैन खान निवासी त्रिकोलिया थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर और गुलाम गौसुल बरा पुत्र अब्दुल रशीद निवासी ग्राम गुलरिहा थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम राज उजागर किए हैं। उन्होंने बताया कि वे डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान के साथ मिलकर बेसिक शिक्षा विभाग के आईवीआरएस पोर्टल से विद्यालयों में नामांकित छात्रों की संख्या प्राप्त करते थे। इसके बाद शासन द्वारा निर्धारित कन्वर्जन कास्ट के आधार पर एक्सल शीट तैयार की जाती थी, जिसे बीएसए कार्यालय के माध्यम से वित्त एवं लेखा अधिकारी द्वारा परीक्षण के बाद जिलाधिकारी के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता था। आरोप है कि जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद मूल एक्सल शीट को पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड न कर उसमें हेरफेर की जाती थी। कुछ चयनित विद्यालयों की धनराशि बढ़ा दी जाती थी, जबकि अन्य विद्यालयों की राशि उतनी ही कम कर दी जाती थी, ताकि कुल स्वीकृत धनराशी में कोई अंतर न दिखे। जिन विद्यालयों की राशि बढ़ाई जाती थी, वहां के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष मिलकर वह धन निकालकर आपस में बांट लेते थे। गौरतलब है कि इस घोटाले में पूर्व में फिरोज अहमद खान समेत सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब दो और गिरफ्तारियों के साथ कुल नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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MSMAYUR SHUKLA
Jan 09, 2026 10:44:45
Lucknow, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की 100 दिनों की प्लानिंग तय 12 जनवरी प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर होगा ऐलान SIR और मनरेगा को लेकर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस विधानसभा चुनाव से 1 साल पहले उम्मीदवार को दी जाएगी जिम्मेदारी सीएम योगी आदित्यनाथ को जातीय फैक्टर पर घेरेगी कांग्रेस लखनऊ में कांग्रेस पदाधिकारियों बड़ी बैठक परिस्थितियों के अनुसार चलेगा गठबंधन लखनऊ में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की बड़ी बैठक हुई जिसमें 2027 विधानसभा चुनाव के साथ ही आगामी 100 दिनों के कांग्रेस पार्टी के एजेंडे तय किए गए। कांग्रेस पार्टी sir और मनरेगा को लेकर प्रदेश भर में बड़ा अभियान चलाएगी इसी के साथ यूपी सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ को जातीय फैक्टर पर घेरने का काम करेगी और ब्राह्मण पॉलिटिक्स को धार देगी। विधानसभा चुनाव से 1 साल पहले जिन उम्मीदवारों को चुनाव लड़ना है उन्हें पहले ही सूचित करके ग्राउंड स्तर पर मजबूती से काम कराया जाएगा। कांग्रेस पार्टी अब पूरी तरह अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। 12 जनवरी को प्रियंका गांधी के जन्मदिन के अवसर पर इन तमाम योजनाओं की घोषणा की जाएगी। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने बताया कि आगामी चुनाव और संगठन की मजबूती के लिए आज बड़ी बैठक की गई जिसमें तमाम अहम और बड़े फैसले लिए गए हैं गठबंधन की स्थिति पर उन्होंने कहा कि जैसी परिस्थितियां होंगी उसके अनुसार गठबंधन चलेगा। उन्होंने कहा कि आगामी 100 दिनों का एजेंडा तय हो गया है उसके अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं के जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय राष्ट्रीय महासचिव यूपी प्रभारी अविनाश पांडे नेता विधानसभा आराधना मिश्रा मोना राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर तौकीर आलम प्रदीप नरवाल राज्यसभा उपनेता प्रमोद तिवारी पीएल पुनिया सहित पार्टी के सांसद विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। टीटी - अविनाश पांडे राष्ट्रीय महासचिव यूपी प्रभारी
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DVDinesh Vishwakarma
Jan 09, 2026 10:44:33
Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर -जहाँ कभी सरकारी स्कूल उम्मीद की पहली सीढ़ी हुआ करते थे, आज वही स्कूल बच्चों के भविष्य से बाहर होते जा रहे हैं.... आंकड़े चौंकाने वाले हैं....पिछले सालों के मुकाबले साढ़े तीन लाख कम नामांकन और पांच हजार से ज़्यादा सरकारी स्कूल बंद होने की कगार पर... सवाल ये नहीं कि बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं, सवाल ये है कि क्या सिस्टम उन्हें खुद बाहर धकेल रहा है क्योंकि अगर आज स्कूल बंद हुए, तो कल सपने, रोज़गार और पूरा भविष्य बंद हो जाएगा... जी हाँ मध्य प्रदेश में आंकड़ों में नरसिंहपुर जिला भी अछूता नहीं रहा है जी मीडिया की टीम नरसिंहपुर जिले के जनपद पंचायत चावरपाठा के स्कूल देखने निकली तो ऐसे स्कूल मिले देखने को मिले जिसमें किसी स्कूल में 3 बच्चों तो किसी स्कूल में 4 बच्चों को 1 लाख 25 हजार की मासिक सैलरी पाने वाले टीचर पढ़ा रहे हैं पहला स्कूल- शासकीय प्राथमिक शाला खेरूआ जिसमे 3 बच्चों को दो टीचर पढ़ा रहे हैं दूसरा स्कूल- शासकीय प्राथमिक शाला विचुआ जिसमे 4 बच्चों को दो टीचर पढ़ा रहे हैं तीसरा स्कूल- शासकीय प्राथमिक शाला ऊमरपानी जिसमे 4 बच्चों को दो टीचर पढ़ा रहे हैं नरसिंहपुर जिले में ऐसे सैकड़ो स्कूल होंगे जो 1 लाख 25 हजार की दो टीचर को सैलरी देकर स्कूल संचालित कराए जा रहे हैं बही जब स्कूली टीचर से बात की तो उनका कहना में हमारे ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के पालक प्राइवेट स्कूलों की और रुख कर रहे हैं और सरकारी स्कूलों में नामांकन दर्ज नहीं करा रहे हैं इसलिए बच्चों की संख्या कम है बही ग्रामीणों का कहना शायद प्राइवेट स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है इसलिये पालक प्राइवेट स्कूलों की और जा रहे है बहे जब शिक्षा अधिकारी से बात की तो उनका कहना है कि जहां स्कूल में बच्चों की संख्या कम दर्ज है उन स्कूलों के प्रस्ताव भोपाल भेजे जा चुके हैं और अति शीघ्र स्कूल बंद हो जाएंगे बरहाल सोचने वाली बात यह है अगर स्कूल बंद हो जाएंगे तो कहीं ना कहीं बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जायेगा बाइट- उषा पटेल ( सहायक अध्यापक खेरूआ स्कूल) बाइट- श्रीराम पटेल ( टीचर विचुआ) बाइट- टीचर (ऊमरपानी) bाइट- पंचम सिंह मरावी (विकासखंड शिक्षा अधिकारी चावरपाठा) बाइट- योगेंद्र पटेल (ग्रामीण) वन टू वन ग्रामीण PTC स्कूल 1 स्कूल 2 स्कूल 3
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Jan 09, 2026 10:42:22
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खाती खाना में एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान नगला सिंघी निवासी 50 वर्षीय बछियो पुत्र शेर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, बछियो 2 दिन पहले सुबह अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। वह गाटर पत्थर की दुकान पर मजदूरी का काम करता था। पुलिस को जब अज्ञात शव मिला, तो उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के परिवार के लोग उसे ढूंढते हुए खाती खाना पहुंचे। उन्हें जब शव मिलने की जानकारी हुई, तो वे पोस्टमार्टम गृह पहुंचे और आज शव की पहचान की। मृतक के भाई ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि सर्दी के कारण हार्ट अटैक से उनके भाई की मौत हो सकती है। मृतक अविवाहित था। हालांकि, मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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ASAshok Singh Shekhawat
Jan 09, 2026 10:42:22
Sikar, Rajasthan:सीकर छात्रावास जमीन आवंटन निरस्तीकरण के फैसले के विरोध में सीकर में सैनी-पारीक-सोनी व सेन समाज सहित सर्व समाज के लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय पारीक, सैनी, सोनी व सेन समाज को रियायती दरों पर किया गया छात्रावास जमीनों का आवंटन हाल ही में वर्तमान भजनलाल सरकार के समय निरस्त होने के विरोध में आज सीकर शहर में चारों समाजों की ओर से सरकार के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला। सैनी, पारीक, सेन व सोनी समाज सहित सर्व समाज के लोगों ने वर्तमान सरकार के छात्रावास भूमि आवंटन निरस्तीकरण के फैसले के विरोध में सीकर शहर में सड़कों पर उतरकर शहर के तापड़िया बगीची से जिला कलेक्ट्रेट तक सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्श के बाद मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) भावना शर्मा को छात्रावास की जमीन के भूमि आवंटन निरस्त करने फैसले को वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही चारों समाजों के वरिष्ठ लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार समय रहते विभिन्न समाजों को दी जाने वाली छात्रावास की भूमि के निरस्त करने के फैसले को वापस नहीं लेती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और आगामी निकाय चुनाव में भी भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इन समाज के मौजीज लोगों ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने उन्हें छात्रावासों के लिए जमीन आवंटन का फैसला लिया था और अब वर्तमान सरकार ने चारों समाज के छात्रावास जमीन आवंटन को निरस्त कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के आदेश के बाद लीज राशि भी जमा कर दी थी इसके बाद भी जमीन आवंटन पत्र देने के लिए चक्कर लगा रहे थे लेकिन सरकार ने आवंटन पत्र नहीं दिया। अब जमीन आवंटन निरस्त होने से सबसे ज्यादा युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है क्योंकि सीकर एजुकेशन सिटी के रूप में जाना जाता है और यहां बड़ी संख्या में प्रदेश सहित देश के कोने-कोने से विभिन्न समाजों के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। विभिन्न समाजों के छात्रावास का निर्माण होने से विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलता लेकिन अब सरकार के फैसले ने बच्चों के छात्रावास में रहने के सपने को चकनाचूर कर दिया है। इसलिए सरकार छात्रावास जमीन आवंटन के निरस्त करने के फैसले को वापस ले और इन सभी समाजों को छात्रावास के लिए जमीन का आवंटन करें। अगर सरकार समय रहते छात्रावास के लिए जमीन आवंटित नहीं करती है तो आगामी निकाय चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में सैनी समाज, पारीक समाज, सोनी समाज और सेन समाज सहित सर्व समाज के लोग मौजूद रहे। 1.बाइट - ओमप्रकाश सोनी (ब्ल्यू कोट पहने) सोनी समाज पदाधिकारी。 2.बाइट - सतीश सेन (स्वेटर पहने) सेन समाज पदाधिकारी。 3.बाइट - राजेश सैनी (हाफ ब्लैक जैकेट पहने) सैनी समाज पदाधिकारी।
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Jan 09, 2026 10:41:03
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JGJugal Gandhi
Jan 09, 2026 10:40:20
Alwar, Rajasthan:कठूमर/अलवर जांगरू गांव में बीएसएफ जवान गोविंद बैरवा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब कठूमर के जांगरू गांव निवासी बीएसएफ 155 बटालियन के जवान गोविंद बैरवा का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान गोविंद बैरवा का बुधवार शाम ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से फिरोजपुर (पंजाब) में निधन हो गया था。 गुरुवार को बीएसएफ इंस्पेक्टर रामनिवास यादव जवानों के साथ बीएसएफ वाहन से गोविंद बैरवा का पार्थिव शरीर फिरोजपुर से जांगरू गांव लेकर पहुंचे। शुक्रवार को गांव में करीब एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान युवाओं और ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाए। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्थिव देह के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। पत्नी सपना देवी, माता परवो देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान जवान के पुत्र नमन ने मुखाग्नि दी। बीएसएफ जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सलामी दी। इस अवसर पर थानाधिकारी रामजीलाल मीना, ग्राम पंचायत प्रशासक रेखा देवी बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं बीएसएफ इंस्पेक्टर रामनिवास यादव ने जवान की पत्नी को एक लाख रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की。
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