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ARAman RayFollow22 Sept 2024, 10:22 am
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टोंक में गृह राज्य मंत्री ने कुणाल गुर्जर मामले में न्याय का भरोसा दिया

Tonk, Rajasthan:टोंक पहुंचे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम, कुणाल गुर्जर आत्महत्या व धर्म परिवर्तन मामले में परिवार को दिया न्याय का भरोसा टोंक में कुणाल गुर्जर आत्महत्या, कथित धर्म परिवर्तन और खतना प्रकरण को लेकर शनिवार को राजस्थान सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम टोंक पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मीडिया से बातचीत में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है तथा दोषियों के खिलाफ जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार धर्मांतरण कानून को लेकर गंभीर है और इस मामले में न्यायसंगत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मृतक की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें कार्रवाई की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन आज गृह राज्य मंत्री के आने से न्याय की आस जगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल रिपोर्ट में खतना होने की पुष्टि होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने मंत्री से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की। परिजनों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए जान का खतरा होने की बात कही, जिस पर गृह राज्य मंत्री ने परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया。 बाइट 01 जवाहर सिंह बैडम गृह राज्य मंत्री बाइट 02 मृतक की मां बाइट 03 सुखवीर सिंह जौनपुरिया पूर्व सांसद
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देहरादून में IAS-PCS विभागों में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारी बदले पद

Noida, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग देहरादून पीसीएस गिरधारी सिंह रावत को अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी बनाया गया पीसीएस ईला गिरी को निदेशक दुग्ध विकास बनायागया पीसीएस सुंदरलाल सेमवाल को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन बनायागया पीसीएस फिंचाराम को अपर जिलाधिकारी पौड़ी बनायागया पीसीएस अनिल गर्ब्याल को md परिवहन निगम मनाया गया पीसीएस जितेंद्र कुमार को अपर जिलाधिकारी हरिद्वार बनायागया पीसीएस योगेश मेहरा को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार बनाया गया पीसीएस प्रमोद कुमार को डिप्टी कलेक्टर चंपावत बनाया गया सचिवालय सेवा के महावीर सिंह चौहान को अपर सचिव लोक निर्माण बनाया गया सचिवालय सेवा के सुनील सिंह को अपर सचिव गृह विभाग बनाया गया ब्रेकिंग देहरादून शासन ने IAS और पीसीएस अधिकारियों के विभागों में किया फेरबदल IAS बीवी आरसी पुरुषोत्तम को सचिव उच्च शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी IAS रंजीत कुमार सिन्हा से हटाया गया सचिव उच्च शिक्षा IAS विनय शंकर पांडे को गढ़वाल कमिश्नर से हटाया गया, सचिव स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन बनाया गया IAS सविन बंसल को जिलाधिकारी देहरादून से हटाया गया सचिव नियोजन बनाया गया IAS सोनिका को कमिश्नर टैक्स से हटाया गया IAS आनंद स्वरूप को गढ़वाल कमिश्नर बनाया गया IAS आशीष चौहान को जिलाधिकारी देहरादून बनाया गया IAS मनुज गोयल को डायरेक्ट एनएचएम से हटाया गया IAS संजय कुमार को निदेशक समाज कल्याण बनाया गया IAS अभिषेक रोहिल्ला को सीईओ PMGSY बनाया गया IAS सौरभ गहरवार को अपर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास बनाया गया IAS आलोक कुमार पांडे को नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून बनाया गया IAS नमामि बंसल को अपर सचिव विद्यालय शिक्षा विभाग बनाया गया IAS संदीप तिवारी को MD जीएमवीएन बनाया गया IAS दीप्ति सिंह को महानिदेशक विद्यालय शिक्षा से हटाया गया IAS प्रतीक जैन को कमिश्नर टैक्स बनाया गया IAS अपूर्वा पांडे को जिलाधिकारी बागेश्वर बनाया गया IAS आकांक्षा कोंडे को महानिदेशक विद्यालय शिक्षा बनाया गया IAS प्रवीण कुमार को अपर नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून से हटाया गया।
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इंदौर के अस्पताल में जुड़वा में एक बच्चे की मौत के बाद भी सुरक्षित जन्म

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जुड़वा बच्चों में से एक बच्चे की पांच माह पूर्व गर्भ में मौत हो चुकी थी, इसके बाद डॉक्टर ने जटिल प्रसव कराकर दूसरे बच्चे को स्वस्थ हालत में जन्म दिया। परिजन मान रहे हैं ऊपर वाले का चमत्कार. पीसी सिटी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर राजवीर ने कहा कि इस तरह का प्रसव उनकी मेडिकल लाइफ में पहली बार देखने को मिला. वास्तव में शनिवार को इंदौर के शासकीय अस्पताल में एक अकोला महाराष्ट्र में ब्याही 37 वर्षीय बेटी को प्रसव पीड़ा के चलते पैरिजनों द्वारा अस्पताल लाया गया था, जहां सोनोग्राफी करने के बाद डॉक्टर भी हैरान रह गए. गर्भ में जुड़वा बच्चे थे, लेकिन पांचवें महीने में एक बच्चे की मौत हो चुकी थी। स्थिति जटिल थी क्योंकि दोनों शिशु एक ही थैली में थे। इस स्थिति में दूसरा बच्चा भी संक्रमित हो सकता था, पर डॉक्टरों द्वारा जटिल शल्य प्रक्रिया से गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया और लगभग 3.75 किलोग्राम वजन के शिशु का जन्म हुआ। प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और निगरानी में हैं.
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अלवर के जनता कॉलोनी में आकाशीय बिजली गिरने से दो घर भारी नुकसान

Alwar, Rajasthan:अलवर में आकाशीय बिजली का कहर: जनता कॉलोनी के दो घरों में भारी नुकसान, लाखों का नुकसान अलवर के बेलाका स्थित जनता कॉलोनी में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से इलाके में अफरा-तफरी مच गई। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटना से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि कॉलोनी के चार से पांच घर आकाशीय बिजली की चपेट में आए, जिनमें से दो मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन दोनों घरों में बिजली गिरने से वायरिंग पूरी तरह जल गई और घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कूलर, पंखे, एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, इनवर्टर और बिजली बोर्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार दोनों मकानों को मिलाकर करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वहीं, नुकसान के आकलन के लिए स्थानीय पटवारी को भी सूचित किया गया है। फिलहाल प्रभावित घरों में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। मकान मालिक सुजान सिंह नरूका ने बिजली विभाग को घटना की जानकारी दे दी है और जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
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राजस्थान कोर्ट ने 27 सप्ताह की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में 27 सप्ताह 4 दिन की गर्भवती नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी रेप पीड़िता, विशेषकर नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि गरिमा, शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार हैं। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता सपना वैष्णव ने पक्ष रखा। याचिका में बताया गया कि सामाजिक भय और देरी के कारण गर्भावस्था का पता काफी देर से चला। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पीड़िता को 27 सप्ताह से अधिक गर्भवती और गंभीर एनीमिया से पीड़ित बताया गया, हालांकि विशेषज्ञ निगरानी में गर्भपात संभव माना गया। कोर्ट ने एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही आईसीयू सुविधा, काउंसलिंग, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, पोषण सहायता और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर उपलब्ध कराने को कहा। अदालत ने उपचार, जांच, दवाइयों और अन्य चिकित्सा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर, जोधपुर को पूरे मामले की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार के यात्रा व ठहरने की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराने को कहा गया। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सपना वैष्णव ने पॉक्सों मामलों में प्रेग्नेंसी टेस्ट और मेडिकल हस्तक्षेप में देरी का मुद्दा उठाते हुए समयबद्ध एसओपी लागू करने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने एसओपी निर्माण और आवश्यक दिशानिर्देशों के मुद्दे पर आगे सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है.
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राजस्थान हाईकोर्ट: सरकारी अस्पताल के अनुभव को बोनस माना जाएगा, भुगतान से बाध्य नहीं

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने लैब टेक्नीशियन भर्ती-2023 से जुड़े एक अहम मामले में राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पताल में कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को केवल इस आधार पर अनुभव बोनस अंक से वंचित नहीं किया जा सकता कि उनका मानदेय किसी एनजीओ या अन्य संस्था द्वारा दिया गया था। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए अप्रार्थीगणों को राहत दी। राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दोनों अभ्यर्थियों को अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने का निर्देश दिया गया था। सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि भर्ती नियमों के तहत बोनस अंक केवल उन्‍हीं अभ्यर्थیوں को दिए जा सकते हैं, जिनका भुगतान सीधे सरकारी विभाग या संस्थान से हुआ हो। सरकार ने दावा किया कि संबंधित अभ्यर्थियों को भुगतान किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन नामक एनजीओ के माध्यम से किया गया था, इसलिए वे पात्र नहीं हैं। वहीं अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता राजत अरोड़ा ने तर्क दिया गया कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में सेवाएं दीं और उनके अनुभव प्रमाण पत्र सरकारी अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए हैं। ऐसे में उनके अनुभव को मान्यता मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने राजस्थान मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 के नियम-19 का हवाला देते हुए कहा कि बोनस अंक का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में प्राप्त व्यावहारिक अनुभव को महत्व देना है। कोर्ट ने माना कि यदि अभ्यर्थियों ने वास्तविक रूप से सरकारी अस्पताल में कार्य किया है, तो भुगतान का स्रोत निर्णायक आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज कर दी。
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राजस्थान FIR दायर करने वाले को अंतिम रिपोर्ट मुफ्त देने निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज कराने वाले सूचना दाता या परिवादी को जांच पूरी होने के बाद पुलिस की अंतिम रिपोर्ट अथवा चालान की प्रति निःशुल्क उपलब्ध कराना कानूनन आवश्यक है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद की याचिका पर निर्देश दिए है। याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद ने स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर दलील दी कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(2)(ii) के तहत जांच एजेंसियों का दायित्व है कि वे जांच पूरी होने पर अंतिम रिपोर्ट की प्रति परिवादी को भी उपलब्ध कराएं। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष बताया गया कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल पहले ही 9 अप्रैल 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी कर चुके हैं। यह संचार सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले भगवंत सिंह बनाम कमिश्नर ऑफ पुलिस के अनुपालन में जारी किया गया था। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कराने वाला व्यक्ति जांच के परिणाम में प्रत्यक्ष रूप से रुचि रखता है। इसलिए पुलिस द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की गई रिपोर्ट और जांच में हुई कार्रवाई की जानकारी उसे देना आवश्यक है। कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में जारी निर्देश पर्याप्त हैं, इसलिए अलग से नए आदेश की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना पूरी गंभीरता और भावना के साथ की जाए। इसके साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
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राजस्थान हाईकोर्ट: 2024 संशोधित सेवा नियमों से हजारों वरिष्ठ शिक्षक प्रमोशन के रास्ते साफ

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने शिक्षा विभाग में पदोन्नति नियमों को लेकर दायर 28 याचिकाओं को एक साथ खारिज करते हुए राज्य सरकार के संशोधित सेवा नियमों को वैध ठहराया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने राजस्थान शैक्षिक (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2024 को सही मानते हुए कहा कि सरकार को प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार वर्गीकरण और पदोन्नति नीति तय करने का अधिकार है। अदालत के इस फैसले से वाणिज्य, संगीत, कृषि और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के करीब 10 हजार सीनियर टीचर (जनरल) के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। मामला 7 फरवरी 2024 को जारी अधिसूचना से जुड़ा था। याचिकाकर्ता वे विषय विशेषज्ञ सीनियर टीचर थे, जिन्होंने नियुक्ति के बाद किसी अन्य विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। उनका कहना था कि संशोधित नियमों के तहत लेक्चरर पद के लिए 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटा केवल सीनियर टीचर (जनरल) के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जिससे उनके प्रमोशन के अवसर खत्म हो गए। उन्होंने नियमों में निर्धारित 3 अगस्त 2021 की कट-ऑफ तिथि को भी मनमाना बताया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि पदोन्नति के लिए विचार किया जाना कर्मचारियों का अधिकार है और सरकार नियमों में बदलाव कर इस अधिकार को सीमित नहीं कर सकती। साथ ही विषय विशेषज्ञ और जनरल सीनियर टीचर के बीच किया गया वर्गीकरण भी अनुचित बताया गया। वहीं राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 2021 के नियम लागू होने के बाद सीनियर टीचर (जनरल) के पदोन्नति अवसर लगभग समाप्त हो गए थे। ऐसे में हजारों कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह संशोधन आवश्यक था। सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के लिए लेक्चरर (अन्य विषय), हेडमास्टर और अतिरिक्त ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी जैसे पदों पर पदोन्नति के विकल्प अब भी उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सज्जनसिंह राठौड ने पक्ष रखा। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्गीकरण करना सरकार का नीतिगत निर्णय है और इसे मनमाना नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त डिग्री प्राप्त कर लेने मात्र से किसी कर्मचारी को स्वतः पदोन्नति का अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने 3 अगस्त 2021 की कट-ऑफ डेट को भी तार्किक और वैध माना।
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हाथरस में ईद पर शांति-सौहार्द को लेकर कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक, DM-SP ने की अपील

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Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में आगामी ईद पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से हाथरस कोतवाली परिसर में पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने की। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों तथा दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने ईद पर्व को आपसी भाईचारे, प्रेम और शांति के साथ मनाने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार समाज में एकता और सौहार्द का संदेश देते हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनपद में कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे और सभी लोग सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकें। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद की नमाज निर्धारित ईदगाहों एवं मस्जिदों में ही अदा करें तथा सार्वजनिक सड़कों पर नमाज न पढ़ें, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित न हो और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं और त्योहार के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा पुलिस लगातार निगरानी करेगी। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट से बचने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं एवं गणमान्य लोगों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि सभी लोग मिलजुल कर ईद का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीस कमेटी की बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने भाईचारे और शांति बनाए रखने का संकल्प
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भोगीशैल परिक्रमा यात्रा 25–31 मई 2026: श्रद्धा और सनातन चेतना का महापर्व

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। सनातन संस्कृति, श्रद्धा और अध्यात्म का प्रतीक मानी जाने वाली पौराणिक “भोगीशैल परिक्रमा यात्रा” इस वर्ष 25 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित होगी। हिन्दू सेवा मण्डल, जोधपुर द्वारा गत सौ वर्षों से आयोजित यह यात्रा पुरुषोत्तम मास में निकाली जाती है, जिसे सनातन परंपरा में विशेष पुण्यदायी माना गया है। परिक्रमा यात्रा आयोजन समिति के संयोजक नरेश जाजड़ा ने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, तप और सनातन चेतना का महापर्व है। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति और अनुशासन के साथ पदयात्रा कर धार्मिक स्थलों की परिक्रमा करेंगे। समिति के सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने बताया कि अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण “पुरुषोत्तम मास” कहलाता है और इस दौरान जप, तप व साधना का विशेष महत्व रहता है। इस वर्ष सैनाचार्य अचलानंदगिरी महाराज के सानिध्य में महारानी हेमलता राजे साहिबा भी सामान्य श्रद्धालु के रूप में यात्रा में शामिल होंगी। अंतिम दिन उम्मेद भवन में राजपरिवार यात्रियों का स्वागत करेगा।
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दिल्ली में प्रोफेसर के घर हत्या, लूटपाट की आशंका

New Delhi, Delhi:नार्थ दिल्ली में एक महिला प्रोफेसर का उसी के घर अंदर संदिग्ध हालात में मिला शव,सूत्रों के मुताबिक महिला के चेहरे और गले में चोट के मिले कई निशान。 मृतका की पहचान शांति उम्र लगभग 55 साल के रूप में हुई जो दिल्ली में पिछले कई सालो से रह रहीं थी, और मूल रूप से चेंनई की रहने वाली बताई जा रहीं हैँ。 पड़ोसियों ने घर के अंदर से बदबू आने के बाद तुरंत दी पुलिस को सूचना, अपने घर में तक़रीबन 12 साल से अकेली रह रहीं थी मृतक महिला。 पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक महिला प्रोफेसर के पहने हुए आभूषण भी गायब, प्रोफर के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से भी छेड़छाड़。 मृतिका के शरीर पर चोट के निशान, शरीर से गायब आभूषण और कैमरों से हुई छेड़छाड़ आदि किसी अन्य वारदात की तरफ कर रहीं हैँ इशारा。 ऐसी परिस्थितिओ को देखते हुए लूटपाट और हत्या की आशंका! कोई सोची समझी साजिश या कोई हादसा पुलिस जांच का विषय。 फिलहाल स्थानीय थाना पुलिस की टीम कर रही है इस मामले की जांच, घर के अंदर महिला से लूट के बाद हत्या से जुडा हो सकता है यह मामला。
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फर्रुखाबाद में बोलेरो की टक्कर: ई-रिक्शा में दो महिलाओं की मौत, चार घायल

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद के कायमगंज तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर सड़कों पर देखने को मिला है। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के अलादादपुर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार बोलेरो कार ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा में सवार दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बोलेरो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा घुसी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां तीन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल लोहिया रेफर कर दिया गया। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। आरोप है कि कोतवाली प्रभारी विनोद शुक्ला ने डॉक्टर की जांच के बिना ही दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया और सीधे शवों को मोर्चरी भिजवा दिया। यानि खाकी ने यहां कानून के साथ-साथ डॉक्टर की भूमिका भी खुद निभा दी, जो अब सवालों के घेरे में है。
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