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LALIT MOHAN BHATTLALIT MOHAN BHATTFollow18 Jul 2024, 09:42 am
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चलाया जन जागरुकता अभियान, गंगा को साफ रखने के लिए दिलाई कसम

Manoj KumarManoj KumarFollow5m ago
Khuchama, Uttar Pradesh:जलीय जन्तुओ की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य ह़ै चहनिया (चंदौली) जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग एवं प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर के निर्देशन मे शुक्रवार क़ो बलुआ मे नमामि गंगे के तहत वन विभाग चहनिया द्वारा नदी में बढ़ रहे प्रदूषण की रोकथाम एवं जलीय जीवों के संरक्षण हेतु जन जागरूकता अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाली गयी ।इस दौरान वाल्मीकि इंटर कालेज बलुआ के छात्रों के द्वारा गंगा निर्मलीकरण प्रभात फेरी विद्यालय से बाजार होते हुए गंगा तट पर पहुंचकर पर गोष्ठी के रूप में आयोजित की गई। कार्यक्रम मे मुख्यवक्ता गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने कहा कि डाल्फ़िन व मनुष्य दोनों स्तनधारी हैं, जो हवा में सांस लेते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और गर्म खून वाले होते हैं लेकिन डाल्फ़िन पानी में रहती हैं, उनके पास ब्लोहोल होता है । वे सामाजिक और बुद्धिमान होती हैं। और इंसानों से अलग कई शारीरिक, संवेदी क्षमताएं रखती हैं, जबकि मनुष्य जमीन पर रहते हैं और जटिल भाषा ,संस्कृति विकसित कर चुके हैं। दोनों के बीच समानताएं (बुद्धि, भावनाएं) और अंतर (पर्यावास, शारीरिक संरचना) हैं । डॉल्फ़िन अपनी बुद्धिमत्ता और मददगार स्वभाव के कारण इंसानों के लिए खास मानी जाती हैं। वहीं संचालन कर रहे वन विभाग के क्षेत्राधिकारी सुभाष चन्द्र त्रिपाठी ने लोगों को गंगा स्वच्छ की शपथ भी दिलाया ।इस अवसर पर वन विभाग के दरोगा फिरोज गांधी, वनरक्षक जितेंद्र यादव,अभिषेक यादव विश्वनाथ, विजय लाल, तेजबली पांडेय राजेश साहनी,जुगनू पासवान, एवं मुहम्मद शकील आदि लोग उपस्थित रहे।
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डीआरएम की मॉक ड्रिल से आपदा प्रतिक्रिया परखी; डीडीयू जंक्शन पर प्रभावी अभ्यास

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली... - डीडीयू रेल मंडल में संयुक्त आपदा रेल राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन - रेल दुर्घटना के दौरान राहत और बचाव की तैयारियों को परखा गया - 11वीं एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लिया हिस्सा - घायलों को निकालने, तत्काल चिकित्सा सुविधा देने और बचाव उपकरणों की कार्यक्षमता की हुई जांच - आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का किया गया अभ्यास। - डीआरएम उदय सिंह मीना ने कहा— मॉक ड्रिल का उद्देश्य दुर्घटना के समय जान-माल के नुकसान को कम करना और लोगों की जान बचाने की तैयारी को परखना है - डीआरएम के मुताबिक, रेलवे समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित करता है, ताकि सभी टीमें आपदा की स्थिति में तेजी से कार्रवाई कर सकें। - डीडीयू जंक्शन के समीप यार्ड में किया गया मॉक ड्रिल.
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अंकिता भंडारी केस में हाईकोर्ट वकीलों ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग

Prayagraj, Uttar Pradesh:अंकिता भंडारी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों ने खोला मोर्चा, राज्यपाल नामित किए गए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर वकीलों ने खोला मोर्चा, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजकर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग, हाईकोर्ट के वकीलों ने कहा अंकिता भंडारी मामले की जांच को प्रभावित करने का किया जा रहा प्रयास। अंकिता भंडारी मौत मामले को लेकर प्रयागराज में हाईकोर्ट के वकीलों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा है। हाईकोर्ट के वकीलों का कहना है कि अंकिता भंडारी मौत मामले के आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में शामिल अधिवक्ता राजवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि अंकिता भंडारी के मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस दुष्यंत गौतम पर अंकिता भंडारी के शोषण का आरोप है, उसे राज्यपाल के रूप में नियुक्ति देकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट के वकीलों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में मांग की है कि दुष्यन्त गौतम की राज्यपाल की नियुक्ति को रद्द किया जाए और मामले की चल रही सीबीआई जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए, ताकि अंकिता भंडारी के आरोपियों को समय रहते सजा मिल सके।
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अमरदीप और रविता को फांसी: अमित हत्याकांड में बड़ा फैसला

पति की गला दबाकर हत्या कर शव के पास सांप छोड़ने वाले अमरदीप और रवीता को फांसी की सजा मेरठ। मेरठ की ADJ कोर्ट ने चर्चित अमित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अभियुक्त अमरदीप और उसकी प्रेमिका रवीता को फांसी की सजा सुनाई है। फैसले के बाद सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ने मीडिया को जानकारी दी। अधिवक्ता ने बताया - माननीय न्यायालय ने अमरदीप और रवीता दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्मृति और सावित्री देवी का उदाहरण दिया। जिस तरह सावित्री देवी ने अपने पति के मरने के बाद यमराज से उसके प्राण वापस लाए थे, जहां पत्नी अपने पति की लंबी उम्र की पूजा करती है, इस महिला ने उस पूरे रिश्ते को कलंकित किया है। इसने खुद अपने हाथों से अपने पति की जान ले ली। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि ये मुकदमा विरल से विरलतम की श्रेणी में आता है। अभियुक्ता ने सारे रिश्तों को कलंकित किया है। फैसले में मनुस्मृति का भी उदाहरण दिया गया। क्या कहा वकील ने - ये देश भर में एक बड़ा संदेश जाएगा। इससे अपराध रुकेगा, अपराध की पुनरावृत्ति रुकेगी। क्या था मामला - अमित की पत्नी रवीता के अमरदीप से अवैध संबंध थे। दोनों ने मिलकर 12/13 अप्रैल की रात अमित की गला दबाकर हत्या कर दी थी और हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए शव के पास घोड़ा पछाड़ सांप लाकर छोड़ दिया था। कोर्ट में सपेरे, कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम सबूत बने थे।
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चंदौली के युवक की पिकअप लूट के विरोध पर गोली मारकर हत्या

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली... - बिहार के समस्तीपुर में पिकअप लूट का विरोध करने पर चंदौली के युवक की गोली मारकर हत्या - मृतक की पहचान खगवल गांव निवासी 26 वर्षीय अवनीश कुमार मौर्य के रूप में हुई - अवनीश पिकअप पर मिर्च लादकर बिहार जा रहा था, तभी बदमाशों ने वाहन लूटने की कोशिश की - विरोध करने पर बदमाशों ने उसे गोली मार दी, घटना की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहराम - भाई सुनील कुमार के मुताबिक, रात 10:44 बजे अवनीश से फोन पर बात हुई थी। उसने देर रात पहुंचने की बात कही थी - सुबह करीब 4:30 बजे फोन करने पर अवनीश ने कॉल रिसीव नहीं किया। बाद में समस्तीपुर पुलिस की ओर से घटना की सूचना मिली - अवनीश सभी भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से खगवल गांव में शोक की लहर - बिहार पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की पहचान में जुटी है - सदर कोतवाली क्षेत्र के खगवल गांव का मामला.
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सिवनी के भैरोगंज में शराब दुकान विरोध पर महिलाओं का सड़क प्रदर्शन

Seoni, Madhya Pradesh:शराब दुकान खोलने को लेकर सड़क पर उतरी महिलाएं पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद भी धरने पर बैठी महिलाएं सिवनी शहर के भैरोगंज इलाके के रहवासी क्षेत्र में खोली जा रही सरकारी शराब दुकान को लेकर क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। महिलाओं ने हाथों में तख्ती लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। महिलाओं द्वारा खुले रूप में शराब दुकान खोले जाने का विरोध और सड़क पर प्रदर्शन के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें सड़क से हटाया। इस बीच महिलाओं का कहना है कि इस क्षेत्र में कोचिंग, कॉलेज भी है। बच्चियाँ यहां से कोचिंग और कॉलेज आती जाती है शराब दुकान खुलने से असामाजिक गतिविधियां बढ़ जाएगी ओर क्षेत्रीय लोगों को खतरा बढ़ जाएगा इसलिए वे शराब दुकान खुलने का विरोध कर रहे हैं।
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कोंडागांव के रसोइयों का मानदेय बकाया, जून 2026 से समय पर भुगतान की मांग

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव में mid-day meal बनाने वाले रसोइयों की आर्थिक परेशानी अब बढ़ती जा रही है। जून 2026 से मानदेय भुगतान में देरी का आरोप लगाते हुए कोंडागांव स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोइया कल्याण संघ ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बकाया भुगतान, हर महीने समय पर मानदेय और कलेक्टर दर पर भुगतान की मांग उठाई है। स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइये खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। संघ के ज्ञापन के मुताबिक, कोंडागांव जिले के दो ब्लाक के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत रसोइयों का मानदेय भुगतान लंबित है। संघ ने मांग की है कि जून 2026 से बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए, हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय दिया जाए और रसोइयों को कलेक्टर दर के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अब सवाल यह है कि बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी निभाने वाले इन रसोइयों को अपने मेहनताने के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा? क्या शिक्षा विभाग इनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई करेगा? फिलहाल रसोइया संघ ने अपनी मांगें विभाग के सामने रख दी हैं।
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शहडोल के सिंहपुर में माता काली दरबार: अष्टभुजाधारी प्रतिमा के साथ गणेश की मौजूदगी

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल के सिंहपुर में मां काली का अद्भुत दरबार, अष्टभुजाधारी स्वरूप के साथ विराजमान हैं भगवान गणेश मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सिंहपुर में मां काली का एक ऐसा मंदिर है, जो अपनी धार्मिक आस्था और विशिष्ट प्रतिमा के लिए जाना जाता है। यहां मां काली अष्टभुजाधारी स्वरूप में विराजमान हैं और उनके साथ भगवान गणेश भी मौजूद हैं। मंदिर से जुड़ी प्राचीन मान्यताएं और पचमठा मंदिर की ऐतिहासिक विरासत इस स्थान को खास बनाती हैं। आखिर क्या है इस मंदिर की विशेषता और क्या है इसकी ऐतिहासिक गाथा? सिंहपुर के धार्मिक पहचान के साथ यहां स्थित प्राचीन पचमठा मंदिर भी इस क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय जनश्रुतियों में पचमठा मंदिर को पांडवों के अज्ञातवास से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, मंदिर के निर्माण काल को लेकर ऐतिहासिक विवरण अलग हैं। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, इसकी वर्तमान संरचना को गोंड शासनकाल से जोड़ा जाता है। मां काली मंदिर की प्राचीनता, विशिष्ट प्रतिमा और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं सिंहपुर को एक अलग पहचान देती हैं। हालांकि, मंदिर की स्थापना कब हुई और मां काली की प्रतिमा का इतिहास क्या है, इसे लेकर प्रमाणित ऐतिहासिक जानकारी का विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान बनी हुई है। सिंहपुर का मां काली मंदिर शहडोल जिले की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। मां काली के अष्टभुजाधारी स्वरूप और भगवान गणेश की उपस्थिति इस मंदिर को विशिष्ट बनाती है。
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गोरखपुर के साइबर थाने का नया भवन, डिजिटल अपराधों पर तेज़ कार्रवाई से उम्मीदें

Gorakhpur, Uttar Pradesh:डिजिटल ठगों पर शिकंजा कसने और साइबर अपराधों से निपटने के लिए गोरखपुर पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। चरगांवा में करीब 4 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से बने साइबर थाने के नए दो मंजिला भवन में कामकाज शुरू हो गया है। एडीजी जोन राम कुमार ने विधिवत उद्घाटन कर भवन का निरीक्षण किया। अब तक पुलिस लाइन के पास स्थित अस्थायी भवन से संचालित साइबर थाना आधुनिक सुविधाओं से लैस नए परिसर में पहुंच गया है। ऑनलाइन ठगी, बैंक खातों से धोखाधड़ी और दूसरे डिजिटल अपराधों की जांच करने वाली पुलिस टीम को अब बेहतर कार्यस्थल मिलेगा। नए भवन में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई, जांच और विवेचना के लिए पहले की अपेक्षा बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराया गया है। अब तक साइबर थाना पुलिस लाइन के पास स्थित अस्थायी भवन से संचालित हो रहा था। सीमित जगह और संसाधनों के बीच पुलिसकर्मियों को साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों की जांच और विवेचना करनी पड़ती थी। नए भवन में स्थानांतरण के बाद पुलिसकर्मियों को कामकाज के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी। इससे ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों की शिकायतें सुनने, मामलों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने और विवेचना की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। नए साइबर थाने को आधुनिक कार्यस्थल के रूप में विकसित किया गया है। दो मंजिला भवन में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाया गया है। इसके अलावा स्थानीय नेटवर्क और सड़क प्रकाश की सुविधा भी उपलब्ध है। साइबर अपराधों की जांच में डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी का विशेष महत्व होता है। ऐसे में बेहतर कार्यस्थल और जरूरी आधारभूत सुविधाएं पुलिसकर्मियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। गोरखपुर साइबर थाने में चार निरीक्षक, सात उपनिरीक्षक और 14 आरक्षी तैनात हैं। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। यह थाना ऑनलाइन ठगी, बैंक खातों से धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करता है। साइबर अपराध के मामलों में पीड़ित की शिकायत दर्ज करने के साथ डिजिटल साक्ष्य जुटाना, संदिग्ध लेनदेन की जांच करना और आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के सामने अहम चुनौती होती है। नए भवन में कामकाज शुरू होने से इन प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें डीआईजी रेंज, एसएसपी, एसपी उत्तरी, एसपी सिटी, एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद सिंह, एएसपी/सीओ कैंट आदि शामिल थे। कुल मिलाकर, गोरखपुर में साइबर थाने का नया भवन पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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कोलकाता में ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ताओं पर हमला: कार्रवाई की मांग

Vidisha, Madhya Pradesh:कोलकाता में ग्राहक पंचायत कार्यकर्ताओं पर हमले पर कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की विदिशा इकाई ने प्रधानमंत्री को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। 27 सितंबर को कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में संगठन का परिचय वर्ग कार्यक्रम आयोजित था। आरोप है कि SRFTI के कुछ छात्र बाहरी वामपंथी विचारधारा के लोगों के साथ सभागार में आए और राष्ट्र विरोधी नारे लगाए। मंच पर स्वामी विवेकानंद और भारत माता के बैनर फाड़कर पैरों से रौंदे और कार्यकर्ताओं से मारपीट की, जिसमें 4 भर्ती हुए और 12 घायल हुए। इकाई ने घटना की जांच समिति गठित कर दोषी छात्रों को निलंबित कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रांतीय प्रचारक प्रदीप जी ने कहा कि कम्युनिस्ट की जमीन सिक्योरिटी जा रही है संघ और उससे जुड़े संगठन ऑन के बढ़ते असर को रोकने के लिए वह प्रकार के राष्ट्र विरोधी गतिविधि कर रही है प्रधानमंत्री के माध्यम से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई
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मध्य प्रदेश में मजदूर संघ का आंदोलन स्थगित, 79 मांगे पर विभागीय बैठकों शुरू

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद भारतीय मजदूर संघ का 26 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखी 79 मांगे उत्तर प्रदेश के तर्ज पर मध्य प्रदेश में आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के लिए मंडल या निगम बनाने पर सहमति सरकार ने एक महीने में मांगों को हल करने का दिया आश्वासन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभाग द्वारा होगी बैठक 27 अक्टूबर से विभाग वार बैठक शुरू होगी जो 17 नवंबर तक चलेगी 27 अक्टूबर को स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा 2 नवंबर को स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास 3 नवंबर को पंचायत तथा नगरीय विकास एवं आवास 10 नवंबर को कृषि और मछुआ कल्याण; 13 नवंबर को श्रम 16 नवंबर को पीडब्ल्यूडी, पीएचई और ऊर्जा 17 नवंबर को परिवहन और राजस्व विभाग के साथ बैठकें होंगी संभाग वार बैठक कर मांगों पर हल निकालने की कोशिश की जाएगी 2 महीने के लिए आंदोलन किया गया स्थगित
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बाराबंकी-हाईवे पर अजगर रेस्क्यू: युवकों ने जंगल में सुरक्षित छोड़ा

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- हाईवे पर घूम रहे अजगर को युवकों ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर शहाबपुर के पास स्थित ओवरब्रिज पर घूम रहे अजगर को अभिषेक मिश्र और मोहित जायसवाल ने अपने दोस्तों की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही के बीच अजगर की जान पर खतरा मंडरा रहा था। वहीं, उसके कारण सड़क हादसे की आशंका भी बनी हुई थी। युवकों की इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा。 जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज पर अजगर दिखाई देने पर युवकों ने वन विभाग को सूचना देकर मदद मांगी। काफी देर तक टीम के मौके पर नहीं पहुंचने पर अभिषेक और मोहित ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अजगर को पकड़ लिया। इसके बाद उसे बोरी में सुरक्षित रखकर आबादी और हाईवे से दूर जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान मौके पर सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे. बताया जाता है कि अभिषेक और मोहित पहले भी कई सांपों को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। इस बार भी उन्होंने अजगर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ ही लोगों को संभावित खतरे से बचाने की पहल की। हालांकि, अजगर जैसे वन्यजीवों को पकड़ना जोखिम भरा होता है। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित वन विभाग की टीम से ही रेस्क्यू कराना सुरक्षित है, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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