icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
262545
GGovindFollow24 Jul 2024, 09:44 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement

Noida, Uttar Pradesh:
0
0
Report
Advertisement

ओवरलोड कोयला ट्रक पलटा, अनूपपुर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना अंतर्गत बिजुरी मनेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग पर दलदल तिराहे के पास ओवरलोड कोयला से भरा हुआ ट्रक पलटा। ट्रक रामपुर से कोयला लेकर बिजुरी कपिलधारा कोल साइडिंग की तरफ आ रहा था, तभी अनियंत्रित होकर बीच मार्ग में पलट गया। हलाकि यह चालू मार्ग है और आबादी वाला क्षेत्र भी है, लेकिन ट्रक पलटने की घटना सुबह तड़के में हुई जिसकी वजह से किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। उस समय लोग अपने घरों में सो रहे थे। कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी भरकम वाहनों का आवागमन होता रहता है और हमेशा यह वाहन ओवरलोड होकर चलते हैं जिसकी वजह से अक्सर इस तरह की दुर्घटना होती रहती है जिससे कुछ लोग काल के ग्रास में जा चुके हैं; प्रशासन लगातार इसकी अनदेखी करता है। ओवरलोड वाहनों पर किसी प्रकार की कार्यवाही ना होना अपने आप में एक बड़ा प्रशासन के खिलाफ सवालिया निशान खड़ा करता है।
0
0
Report
Advertisement

मुरैना के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा जोखिम, निकासी रास्ते असुरक्षित

Morena, Madhya Pradesh:लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे ने देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के बाद जी मीडिया की टीम ने मुरैना के कोचिंग संस्थानों का रियलिटी टेस्ट किया। पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में एक ही एंट्री और एक ही एग्जिट है, जबकि कई इमारतों में एक साथ कई कोचिंग संचालित हो रहे हैं, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए, तो आखिर बच्चों की सुरक्षित निकासी कैसे होगी? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट लखनऊ हादसे के बाद जी मीडिया की टीम मुरैना के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानने निकली। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटरों का रियलिटी टेस्ट किया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ज्यादातर कोचिंग संस्थान बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखाई दीं। कई इमारतों में एक ही रास्ते से छात्रों की आवाजाही हो रही है। वहीं एक ही बिल्डिंग में कई कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर आग लगने, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य आपात स्थिति में भगदड़ मच जाए, तो बच्चों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता कहां मिलेगा? कई जगहों पर न तो इमरजेंसी एग्जिट दिखाई दिए और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम। लखनऊ हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शहर के कोचिंग संस्थान किसी आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं? और अगर नहीं, तो आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? पीटीसी करतार सिंह मुरैना में सैकड़ों छात्र हर दिन इन कोचिंग संस्थानों में अपना भविष्य संवारने पहुंचते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इन संस्थानों में उनकी सुरक्षा की भी उतनी ही चिंता की जा रही है? फिलहाल जरूरत इस बात की है कि किसी बड़े हादसे के इंतजार से पहले सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरती जाए।
0
0
Report
Advertisement

बैतूल के कोचिंग सेंटर में आग, 15 छात्रों की मौत, सुरक्षा नियम सवाल बने

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया,लेकिन सवाल ये है कि क्या इस हादसे और इससे पहले हुए हादसों से सबक लिया गया। जब जी मीडिया ने बैतूल के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानी तो जो सामने आया वो चौंकाने वाला और डराने वाला है। बैतूल में चल रहे कई कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। कई संस्थानों में 2018 में एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र आज भी दीवारों पर टंगे हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में बेकार साबित होंगे। इतना ही नहीं ज्यादातर कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों की दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहे हैं। जहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक संकरी सीढ़ी ही मौजूद है। कहीं फायर सेफ्टी सिस्टम है ही नहीं तो कहीं सैकड़ों छात्रों के बीच सिर्फ एक अग्निशमन यंत्र और वो भी एक्सपायर आपातकालीन निकासी का कोई इंतजाम नहीं यानि अगर हादसा हुआ तो बचने का रास्ता लगभग नामुमकिन,जी मीडिया की टीम जब बैतूल के दो बड़े कोचिंग संस्थानों में पहुंची,तो वहां साफ नजर आया कि सेफ्टी नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। न तो संस्थान संचालक गंभीर हैं और न ही नगर पालिका की तरफ से कोई सख्ती दिखाई दे रही है। बड़ा सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्या बैतूल में भी लखनऊ जैसी त्रासदी के बाद ही कार्रवाई होगी। कोचिंग संचालकों की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी कहीं बैतूल के छात्रों के लिए जानलेवा साबित न हो जाए। जरूरत है,समय रहते सख्त कदम उठाने की ताकि लखनऊ जैसी घटना बैतूल में दोहराई न जाए।
0
0
Report

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग, मंत्री अंसारी

Ballia, Uttar Pradesh:लखनऊ में कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत को लेकर यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और मृतकों के परिवार के साथ सरकार की शोक संवेदना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्थल और अस्पताल दोनों जगह गए. मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कदम उठाए गए. जांच टीम गठित कर दी गई है ताकि दोषी की जिम्मेदारी तय हो और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. प्रदेश के संस्थानों के मानक हर हाल में पूरे करने होंगे. संबंधित विभाग समीक्षा करे कि सब कुछ नियमों के मुताबिक हो. जनता के हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे वे उठाए जाएँगे. वन टू वन-अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी से खास बातचीत
0
0
Report

विशेष शिविर में 25 श्रमिकों का पंजीयन, योजनाओं की दी गई जानकारी

ASAmit SinghFollow5m ago
Deoria, Uttar Pradesh:श्रमिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा देवरिया सदर विकास खंड के भजुमाव गांव स्थित पंचायत सभागार में विशेष पंजीयन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जीरो पावर्टी परिवारों, मनरेगा जॉब कार्ड धारक श्रमिकों तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को जागरूक करते हुए उनका पंजीयन कराया गया। सहायक श्रमायुक्त स्कंद कुमार मिश्र के निर्देशन में आयोजित शिविर में श्रम विभाग के कर्मचारी सुधाकर पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने श्रमिकों को पंजीयन कराने के साथ ही समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर के दौरान कुल 25 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। सुधाकर पाण्डेय ने बताया कि श्रमिक पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड तथा नियोजन प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक अभिलेखों के साथ निकटतम जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा ऐसे जागरूकता एवं पंजीयन शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top