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सिंधिया घाट पर "स्वच्छता ही सेवा" का संदेश देकर पितरों को दी गई श्रद्धांजलि
Varanasi, Uttar Pradesh:पितृ पक्ष के अवसर पर नमामि गंगे ने गुरुवार को सिंधिया घाट पर स्वच्छता अभियान चलाकर अपने पूर्वजों को नमन किया। इस दिन श्राद्ध और तर्पण कर रहे नागरिकों द्वारा छोड़ी गई सामग्रियों को एकत्र कर कूड़ेदान तक पहुंचाया गया, जिससे गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि हम अपने पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ सकते हैं, जैसे वृक्षारोपण।
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Shahpur villagers protest by sowing rice on dilapidated road
Dindori, Madhya Pradesh:एंकर - डिंडोरी के शहपुरा में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षण करने के लिए सड़क पर अनोखा प्रदर्शन कर विरोध जताया है। ग्राम पंचायत धनगांव में सड़क की हालत से परेशान ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ही धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क चलने लायक नहीं है, तो क्यों न इसी सड़क पर खेती कर ली जाए। तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि सड़क किस तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। बारिश के बाद करीब तीन किलोमीटर का यह कच्चा रास्ता ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी बदहाल सड़क से धनगांव के ग्रामीणों को शहपुरा आने-जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सड़क की समस्या से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और पड़रिया कला से धनगांव जाने वाले रास्ते पर कीचड़ के बीच धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यहां सड़क नहीं, बल्कि खेत तैयार हो गया है। इसलिए उन्होंने विरोध स्वरूप सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक इस बदहाल रास्ते पर कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहनों से निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फोर व्हीलर और ऑटो जैसे वाहन भी धनगांव तक पहुंचने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई बार वाहन कीचड़ में फंसने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति में ग्रामीणों को शहपुरा तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि पड़रिया कला से धनगांव तक सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए या सड़क को आवागमन के योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या सिर्फ आवागमन की परेशानी नहीं है, बल्कि यह स्कूली बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। फिलहाल ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है। सड़क के बीच लगाया गया धान का रोपा जिम्मेदारों को कितना दिखाई देता है और कब तक इस सड़क की तस्वीर बदलेगी, यह देखने वाली बात होगी।0
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फर्रुखाबाद में दबंगों ने युवती के घर में घुसकर पीटा; CCTV में कैद
Noida, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में दबंगों ने घर में घुसकर युवती को पीटा, CCTV कैमरे में कैद. फर्रुखाबाद में दबंगों ने घर में घुसकर युवती को पीटा. दबंगों ने घर में घुसकर युवती से की मारपीट. तमंचे की बट और लातों से युवती को पीटा. दबंगों से बचकर घर से बाहर भागी युवती. पीछा कर दबंगों ने युवती को फिर पकड़ा. मारपीट की पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद. दबंगों की मारपीट में दो लोग घायल. दबंगों के खिलाफ थाने में दी तहरीर. कोतवाली फर्रुखाबाद के नाला मछरट्टा का मामला0
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कन्नौजा ग्राम में विवाद से मौत, पुलिस दर्ज मुकदमा और जांच शुरू
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कन्नौजा में रविवार शाम दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान करीब 55 वर्षीय देवेंद्र शर्मा की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त की शाम करीब चार बजे ग्राम कन्नौजा में दो पक्ष किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए थे। मारपीट में देवेंद्र शर्मा समेत कुछ अन्य लोग घायल हुए थे। इलाज के दौरान देवेंद्र शर्मा ने दम तोड़ दिया। एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि मामले में वादी की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।0
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ओरछा में बीजेपी बैठक: रीती पाठक ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार के प्रयासों पर कहा
Morena, Madhya Pradesh:ओरछा: भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीधी विधायक रीती पाठक शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने जी मीडिया से खास बातचीत की। रीती पाठक ने कहा कि सरकार जिस तरह से नारी शक्ति वंदन और अभिनंदन के साथ महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है, वह अपने आप में अनूठा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।0
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दुग्घा में आकाशीय बिजली गिरने से 13 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजन शोकाकुल
Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर जिले के दुग्घा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से 13 वर्षीय बच्ची की असमय मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुग्घा गांव निवासी रामनरेश उरांव की 13 वर्षीय पुत्री सानिया कुमारी, जो आठवीं कक्षा की छात्रा थी, गांव के दक्षिण दिशा में स्थित एक कुएं पर नहाने गई हुई थी। नहाने के दौरान ही अचानक बारिश शुरू हो गई और बादलों की भीषण गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उस पर आ गिरी। वज्रपात की चपेट में आने से सानिया गंभीर रूप से झुलस गई। आनन-फानन में परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए अधौरा अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भभुआ स्थित सदर अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे के मुआवजे और अन्य कागजी कार्रवाई के लिए प्रशासन से गुहार लगाई जाएगी। इस घटना से दुग्घा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।0
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गांव असालतपुर जारई में गिरा गरीब का आशियाना, गृहस्वामिनी ने दी जानकारी
Chandausi, Uttar Pradesh:चंदौसी। संभल की तहसील चंदौसी क्षेत्र के गांव असालतपुर जारई में भारी बारिश के चलते वृद्ध महिला राजवती पत्नी स्वर्गीय लीलाधर का कच्चा मकान शनिवार दोपहर 3:00 बजे के करीब भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से अंदर रखा घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय महिला बाल-बाल बच गई। राजवती अपने मकान में अकेली रहती हैं और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताई जा रही हैं। महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सहायता और पक्का मकान दिलाने की मांग की है। लेखपाल अर्चित सक्सेना ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।0
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संभल में थाना कुढ फतेहगढ़ का एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने किया और औचक निरीक्षण
Kurh Fatehgarh, Uttar Pradesh:थाना कुढ़फतेहगढ़ का औचक निरीक्षण किया। एसपी के अचानक थाने पहुंचने पर पुलिस कर्मियों में हलचल मच गई। उन्होंने थाना परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना कार्यालय, परिसर तथा अन्य व्यवस्थाओं को देखा और संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थाना परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एसपी ने पुलिसकर्मियों को आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रखने पर जोर दिया।0
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रतनपुर के महामाया मंदिर विवाद में हिन्दू संगठनों की एंट्री से तनाव बढ़ा
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। रतनपुर मां महामाया मंदिर परिसर विवाद में हिन्दू संगठन की एन्ट्री।रतनपुर में बीते दिनों दो गुटों के बीच हुए था विवाद।मंदिर ट्रस्ट ने विवाद में शामिल लोगों को हटाने के लिए जारी किया है नोटिस नोटिस को लेकर प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद विवाद में शामिल लोगों को हटाने के लिए जारी नोटिस को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बहस के बाद मंदिर ट्रस्ट के सामने जमकर नारेबाजी हिन्दू संगठनों ने ज्ञापन सौंपकर उठाई मांग बाइट - दुर्गेश (हिंदूवादी संगठन) (भगवा कपड़े में) बाइट - अरुण शर्मा (मैनेजिंग ट्रस्टी, महामाया मंदिर ट्रस्ट) (लाइट पिंक कुर्ता में) बाइट - मधुलिका सिंह (एएसपी, बिलासपुर) (वर्दी में)0
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सहारनपुर में वीडियो वायरल: पुलिस पर आरोप, मुकदमा दर्ज की पुष्टि
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में पुलिस पर आरोप लगाने वाला वीडियो वायरल, जांच में सामने आया मुकदमा दर्ज होने का तथ्य सहारनपुर के थाना फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम माजरी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच में सामने आया कि 22 अगस्त 2026 को वादी की तहरीर के आधार पर थाना फतेहपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दबिश के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने और अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।0
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नेपाल के हिमपारीय हादसे पर चीन को जिम्मेदार—Kailash Mansarovar यात्रा पर नई चेतावनी
Chinsurah, West Bengal:নেপালে বিপর্যয়ের জন্য চ Chine কে দায়ী করলেন,মৃত্যু মুখ থেকে ফিরলেও আবার যেতে চান কৈলাশ。 এবারই ছিলো শেষ সুযোগ কৈলাশ মানস সরোবরে যাওয়ার।নেপালে ভোটেকোশি নদীতে হিমবাহ বিস্ফোরনে জলোচ্ছাসে সব ভেসে যাওয়ায় তা আর হল না।অল্পের জন্য জীবন বেঁচেছে।তবে পরের বার সত্তর বছর বয়স হলেও হেলিকপ্টারে যাবেন কৈলাশ মানস সরোবরের জল তুলে মাথায় দেবেন。 কৈলাশে যিনি বসে আছেন তার জন্য নতুন জীবন পেয়েছেন মনে করেন উত্তরপাড়ার পর্যটক অঞ্জনা সান্যাল。 কলকাতার এক ভ্রমণ সংস্থার সঙ্গে গিয়েছিলেন নেপাল।মানস সরোবর কৈলাশ যাওয়ার সময় হরপা বানের মুখে পরেন। উত্তরপাড়ার ব্যনার্জী পাড়া স্টিটের বাসিন্দা অবসরপ্রাপ্ত স্কুল শিক্ষিকা অঞ্জনা সান্যাল(৬৯)。 সতেরো জনের দল তাদের ছিলো।গত ২৬ তারিখ কাঠমান্ডু থেকে বাসে করে চিনা ইমিগ্রেশন দপ্তরের দিকে রওনা দেন তারা।মাঝে রিফ্রেস হওয়ার জন্য বাস দাঁড়ায়।কেউ কেউ চা খান।দশ মিনিট পর বাস ছাড়ে।তবে বাস চালকের কাছে তখন খবর এসে গেছে নদীতে হরপা বান ডেকেছে। দ্রুত বাস ঘুরিয়ে আবার কাঠমান্ডুর দিকে ফিরে যান তারা।চোখের সামনে সাক্ষাৎ মৃত্যুকে দেখে চোখ দিয়ে জল পরতে থাকে অঞ্জনা সান্যালের。 তিনি বলেন,আমরা যখন বেরোলাম পরিষ্কার রौদ্রজ্জ্বল আকাশ।হঠাৎ করেই কিছুটা দূরে দেখি ধোঁয়ার কুন্ডলীর মত।নদীর জলরাশি মেঘের মতো নেমে আসছে।বুঝতে অসুবিধা হয়নি বড় বিপদ কিছু একটা হতে চলেছে।বাসের চালক তৎপর ছিলো।তড়িঘড়ি বাস ঘুরিয়ে কাঠমান্ডুর দিকে রওনা দেয়।আরেকটু এগিয়ে গেলেই আমরা আমাদের বাস রাস্তায় জ্যামে পরে যেত।তখন আর ঘুরিয়ে ফেরার কোন রাস্তা থাকতো না। নেপালের এই বিপর্যয়ের পিছনে চীনকে দায়ী করেন অঞ্জনা সান্যাল।তিনি বলেন,হিমবাহ যখন ভেঙে পড়ে তারপর থেকে প্রায় দেড় ঘন্টা সময় পেয়েছিল নেপাল।চীন যদি আগে থেকেই জানিয়ে দিত এই ঘটনা তাহলে এত মানুষের প্রাণ যেত না। এবারে কৈলাস মানুষ সরোবর যাওয়া হলো না আগামীবার ৭০ বছর হয়ে যাবে তাই ছাড়পত্র পাওয়া যাবে না।তবে হেলিকপ্টারে করে কৈলাসে এরিয়াল ভ্রমণ করা যায় আমার ছেলে বলেছে।মানস সরোবরেও যাওয়ার ইচ্ছা আছে。 উত্তরপাড়া প্রাক্তন শিক্ষিকার বেড়ানোর অভ্যাস দীর্ঘদিনের।কলকাতার তিনটি ভ্রমণ সংস্থা সঙ্গে তিনি দেশ বিদেশের বিভিন্ন জায়গায় ঘুরে বেড়ান। তবে এবারের নেপালের অভিজ্ঞতা ভয়াবহ। প্রাক্তন শিক্ষিকা বলেন, কৈলাশ যেতে না পারায় ভেবেছিলাম কি পাপ করলাম এত কাছে এসেও কৈলাশ দর্শন হলো না। আবার মৃত্যু মুখ থেকে প্রাণে বাঁচার পর ভাবলাম কিছু পূন্যের ফল। পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী জানিয়েছিলেন এই রাজ্যের যত পর্যটক নেপালে রয়েছেন তাদের ফেরার সমস্ত রকম ব্যবস্থা করা হবে।অঞ্জনা দেবী জানান,খুবই ভালো উদ্যোগ ছিল সরকারের।যদিও আমরা তার আগেই রক্তল থেকে ট্রেনে চেপে পড়ি।রবিবার ভোরে মিথিলা এক্সপ্রেসে হাওড়া এসে পৌঁছাই。0
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दानापुर में अक्षरा सिंह ने दलित बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाया; असली जिंदगी है
Danapur, Bihar:हेडलाइन: दानापुर में अक्षरा सिंह ने दलित बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाया, बोलीं—असली जिंदगी तो आप लोग जी रहे हैं एंकर: खबर दानापुर से है, जहां भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह ने अपना जन्मदिन एक खास अंदाज में मनाया। अक्षरा सिंह दानापुर स्थित नारी गुंजन संस्था पहुंचीं, जहां उन्होंने दलित और जरूरतमंद बच्चियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। इस दौरान संस्था की संस्थापक पद्मश्री सुधा वर्गीज भी मौजूद रहीं। अक्षरा सिंह ने बच्चियों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि पढ़ने में किस-किस का मन लगता है, जिस पर सभी बच्चियों ने हाथ उठाकर उत्साह के साथ अपनी बात रखी। बच्चियों की खुशी और सादगी को देखकर अक्षरा सिंह भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस तरह की जिंदगी जीने वाले लोगों को पहले नहीं देखा है। उन्होंने बच्चियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि असली जीवन तो ये बच्चे जी रहे हैं और ये हम लोगों से ज्यादा बेहतर हैं। अक्षरा सिंह ने कहा कि आज की दुनिया में लोग भागदौड़ और कई तरह की चिंताओं में उलझे हुए हैं, लेकिन यहां के बच्चों के पास खुशी है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बच्चियों से कहा कि आप लोग खुश हैं, इसलिए आपके पास खुशियां भी भरपूर हैं। इस खास मौके पर अक्षरा सिंह ने बच्चियों के लिए गीत भी गाया और उनके साथ संगीत का आनंद लिया। बच्चियों ने भी अक्षरा सिंह को गीत सुनाकर अपना प्यार जताया। अपने जन्मदिन को बच्चों के बीच मनाने को लेकर अक्षरा सिंह ने कहा कि वह बेहद खुश हैं कि उन्हें ईश्वर ने ऐसा अवसर दिया। उन्होंने बताया कि वह मुंबई से खास तौर पर यहां आई हैं और बच्चों से वीडियो कॉल पर मिलने का वादा किया था। जन्मदिन के इस खास अवसर पर बच्चों के बीच पहुंचना उनके लिए सबसे खूबसूरत अनुभव रहा। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार वहीं नेपाल में आई त्रासदी को लेकर अक्षरा सिंह ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की शक्ति मिले और दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार अक्षरा सिंह ने Gen Z से जुड़े सवाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की बातों और उनकी भावनाओं को समझते हुए जागरूक होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो आज की युवा पीढ़ी अपनी आवाज के जरिए सरकार को जागरूक करना जानती है। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार कुल मिलाकर दानापुर में भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह का जन्मदिन सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि बच्चों के साथ प्यार, अपनापन और खुशियां बांटने का एक भावुक और यादगार अवसर बन गया।0
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सिमडेगा में नाबालिग के प्रताड़ना मामले में आरोपी गिरफ्तार
Simdega, Jharkhand:सिमडेगा: कुरडेग पुलिस ने नाबालिग लड़की को कथित मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय पुरेन्द्र यादव, निवासी जशपुर (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 24 मार्च को नाबालिग के पिता की शिकायत पर कुरडेग थाना में मामला दर्ज किया गया था। जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा पाया गया। आरोपी लंबे समय से फरार था। हाईकोर्ट के ‘नो कोएर्सिव’ आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की और 29 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 30 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।0
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सदर अस्पताल में सांप काटे मरीज के लिए झाड़फूँक; डॉक्टर बोले स्थिति स्थिर
Madanpur, Bihar:मधेपुरा सदर अस्पताल परिसर में रविवार को सांप काटने की मरीज का झाड़फूंक कराने का मामला सामने आया। महिला को शनिवार रात सांप काटने के बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान ही परिजनों ने उसे रेड जोन से बाहर निकालकर ओपीडी स्थित दवा काउंटर के पास झाड़फूंक शुरू करा दी। इस दौरान अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ भी जुट गई। जानकारी के अनुसार घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर निवासी देव नारायण दास की पत्नी मंजू देवी (35) शनिवार रात घर में सोई हुई थीं। इसी दौरान उनके दाहिने हाथ में सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें घैलाढ़ पीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार वहां चिकित्सकों ने बताया कि सांप काटने के मरीज के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके बाद महिला को मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। परिजन महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शनिवार रात से ही उसका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज के दौरान महिला की स्थिति में सुधार भी हुआ। हालांकि, रविवार को परिजनों ने अस्पताल के रेड जोन से मरीज को बाहर निकाल लिया और ओपीडी के दवा काउंटर के पास झाड़फूंक शुरू करा दी। गांव से आए महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने महिला पर झाड़फूंक की। महिला के चाचा गजेंद्र दास ने बताया कि मंजू देवी को सोने के दौरान सांप ने दाहिने हाथ में काट लिया था। सदर अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ। इसके बाद गांव के ही महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने झाड़फूंक की। हालांकि, झाड़फूंक कराने के बाद भी महिला की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। इधर, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि मंजू देवी की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उसे 28 वायल CSB (एंटी स्नेक वेनम) दिया गया है। अभी मरीज खतरे से बाहर है। बाइट : गजेंद्र दास,चाचा मुकेश कुमार,चिकित्सक0
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सिवान के बाजार में बदमाशों ने हवाई फायरिंग की, बाजार में दहशत फैल गई
Siwan, Bihar:सिवान में बेखौफ अपराधियों ने बाजार में हवाई फायरिंग की है। फायरिंग की घटना से बाजार में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल हो गया।फायरिंग की घटना को अंजाम देकर अपराधी मौके से फरार हो गए।वहीं फायरिंग की घटना से बाजार में दहशत का माहौल हो गया।घटना दरौंदा थाना क्षेत्र के दपनी बाजार की है।बताया जा रहा है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अपराधियों ने बाजार में सरेआम हवाई फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा तफरी का माहौल हो गया। अपराधियों ने इलाके में अपनी दहशत फैलाने के मकसद से दो राउंड हवाई फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े ही आराम से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह दलबल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से छानबीन शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से खोखा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।0
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सहारनपुर की खुशी ने NLU दिल्ली से लॉ में पांच गोल्ड मेडल जीते
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में खुशी ने लॉ में जीते 5 गोल्ड मेडल DID के टॉप-20 तक पहुंचीं थी, NLU दिल्ली से कानून की पढ़ाई, बोलीं- डांस मेरी आत्मा, पब्लिक सर्विस मेरा लक्ष्य प्रतिभा को अगर अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन का साथ मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं रहता। सहारनपुर की खुशी नेब ने इस बात को अपनी उपलब्धियों से साबित किया है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से BA.LLB (Hons.) की पढ़ाई पूरी करने वाली खुशी ने पांच गोल्ड मेडल हासिल कर परिवार और शहर का गौरव बढ़ाया है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। खुशी को कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में दो, कॉर्पोरेट लॉ में दो और पब्लिक लॉ में एक गोल्ड मेडल मिला। सम्मान समारोह में सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय सहित कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। पांच साल की कानून की पढ़ाई के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन करना खुशी की मेहनत और लगन का परिणाम है। खास बात ये है कि खुशी की पहचान केवल एक मेधावी कानून छात्रा के रूप में नहीं है। बचपन से ही उन्हें कथक नृत्य का शौक रहा और उन्होंने इसे अपनी पढ़ाई के साथ जारी रखा। वो डांस इंडिया डांस (DID) के टॉप-20 तक पहुंचीं। इसके अलावा India's Got Talent और Dance Plus जैसे रियलिटी शो में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खुशी ने बातचीत में बताया कि बचपन में उनका ज्यादा समय डांस सीखने और अभ्यास करने में बीतता था। करीब 10-11 साल की उम्र में पढ़ाई की ओर उनका रुझान बढ़ा। छठी-सातवीं कक्षा से उन्होंने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करना शुरू किया और नौवीं-दसवीं तथा 11वीं-12वीं में भी टॉप किया। परिवार की ओर से शुरू से ही उन्हें सार्वजनिक सेवा और न्यायपालिका के क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी सोच के साथ उन्होंने कानून को करियर के रूप में चुना। CLAT और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में सफलता के बाद उन्हें NLU दिल्ली में प्रवेश मिला। NLU दिल्ली में पढ़ाई के दौरान खुशी ने अकादमिक अध्ययन के साथ प्रतियोगिताओं और इंटर्नशिप में भी हिस्सा लिया। उनका कहना है कि कानून की पढ़ाई ने उन्हें विषयों को गहराई से समझने और तर्क के साथ अपनी बात रखने की क्षमता दी। खुशी के मुताबिक, पांचों गोल्ड मेडल अचानक मिली उपलब्धि नहीं हैं। इनके पीछे पांच साल की लगातार मेहनत, नियमित अध्ययन और खुद को बेहतर करने की कोशिश रही है। वह मानती हैं कि किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतरता सबसे जरूरी है। खुशी को कथक का संस्कार अपनी बुआ रंजना नेब से मिला। रंजना नेब अंतरराष्ट्रीय स्तर की कथक नृत्यांगना और वैष्णवी नृत्यालय की संचालिका हैं। खुशी ने बचपन से कथक सीखा और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखा। डांस के प्रति उनका जुनून उन्हें रियलिटी शो तक ले गया। DID में टॉप-20 तक पहुंचना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। इसके अलावा India's Got Talent और Dance Plus में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। खुशी कहती हैं कि डांस मेरी आत्मा है और पब्लिक सर्विस मेरा लक्ष्य। उनके लिए नृत्य केवल मंच पर प्रस्तुति देने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और खुद को संतुलित रखने का जरिया भी है। खुशी के बताया कि उनके परिवार ने कभी पढ़ाई और डांस में से किसी एक को चुनने का दबाव नहीं बनाया। उन्हें हमेशा यह सिखाया गया कि जिस क्षेत्र में रहें, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। इसी सोच ने उन्हें दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाने में मदद की। डांस के लिए जब वह मुंबई गईं तो पिता और बुआ उनके साथ रहे। दिल्ली में पढ़ाई, प्रतियोगिताओं और इंटर्नशिप के दौरान भी परिवार का पूरा सहयोग मिला। खुशी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी, बुआ, नाना-नानी और शिक्षकों को देती हैं। वह बताती हैं कि उनकी दादी नीरा नेब उनके लिए टिफिन तैयार करती थीं। नाना-नानी दूर रहकर भी उन्हें लगातार आशीर्वाद और प्रोत्साहन देते रहे। खुशी का मानना है कि बच्चों के विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनकी रुचियों को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आज कई अभिभावक बच्चों पर पढ़ाई का इतना दबाव डाल देते हैं कि इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उनके अनुभव में डांस ने पढ़ाई के तनाव को कम किया। साथ ही इससे अनुशासन, मेहनत और लगातार सीखने की आदत विकसित हुई। उनका मानना है कि कला, खेल या किसी अन्य रचनात्मक गतिविधि से जुड़े रहकर बच्चे पढ़ाई में भी बेहतर संतुलन बना सकते हैं भविष्य को लेकर खुशी ने बताया कि वो फिलहाल कानून की प्रैक्टिस करना चाहती हैं और कोर्ट के माध्यम से लोगों की मदद करना चाहती हैं। इसके बाद अगले एक-दो साल में न्यायपालिका और पब्लिक सर्विस की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी करेंगी। उनका उद्देश्य कानून की शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव का इस्तेमाल समाज की सेवा के लिए करना है। इसके साथ ही वह कथक को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए रखना चाहती हैं।0
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