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Atul Kumar SrivastavaAtul Kumar SrivastavaFollow24 Mar 2025, 05:24 am
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भोजपुर एनकाउंटर विवाद: SP राज ने परिवार से मुलाकात कर कार्रवाई का भरोसा दिया

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले में हुए बिलौटी में कथित एनकाउंटर मामले में पिछले कई दिनों से लगातार भोजपुर पुलिस विवाद का सामना कर रही है. इस एनकाउंटर के बाद जिले के 6 पुलिस कर्मियों को जहाँ मुख्यालय ने निलंबित कर दिया है, वहीं अब भोजपुर एस पी मिस्टर राज पहली बार इस एनकाउंटर में मृत भरत तिवारी के घर पहुंच कर उनका हाल जाना और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा भी दिया. उन्होंने परिवार से मिलकर कहा कि मैं आपकी बातें सुनाने आया हूं आपको जो भी कहना है वह मुझे खुलकर बताएं वहीं उन्होंने कहा कि भरोसा रखें कार्रवाई होगी. इस एनकाउंटर के बाद भोजपुर जिले में भारी बवाल का सामना भोजपुर पुलिस को करना पड़ा है. हालांकि कैमरे पर आकर भोजपुर एसपी मिस्टर राज ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.
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झारखंड पुलिस के 6 डीएसपी और 334 जवान पासिंग आउट, सुरक्षा में नई जिम्मेदारी

Ranchi, Jharkhand:रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में गुरुवार को अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। लंबे और कठिन प्रशिक्षण के बाद छह डीएसपी और 334 पुलिसकर्मी पासिंग आउट परेड के जरिए झारखंड पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों और जवानों को कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग और आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब ये प्रशिक्षु राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देंगे और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पासिंग आउट परेड को लेकर जैप-1 परिसर में तैयारियां पूरी की जा चुकी है। समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होकर परेड की सलामी लेंगे तथा प्रशिक्षुओं को संबोधित भी करेंगे। यह समारोह केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा और सेवा के लिए एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत का प्रतीक है। झारखंड पुलिस में शामिल होने जा रहे ये अधिकारी और जवान जनता की सुरक्षा, कानून के शासन और समाज में विश्वास कायम रखने की अहम जिम्मेदारी निभाएंगे।
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NCERT ने IX कक्षा में आपातकाल का अध्याय जोड़ा; लोकतंत्र को चुनौती बताई

Noida, Uttar Pradesh:NCERT introduces section on Emergency in Class IX textbook for first time, flags it as one of the major challenges. New Delhi [India], June 25 (ANI): Nearly five decades after the Emergency was imposed in India, NCERT has, for the first time, introduced the topic in India Class 9 textbook, presenting it as one of the major challenges, as the majority of fundamental rights were suspended. The reference appears in the newly developed Social Science textbook, Understanding Society: India and Beyond, where the Emergency has been included in India chapter examining the strengths and challenges of Indian democracy. An official at NCERT has confirmed that this is the first time that India section on Emergency has been added in Class 9th textbook. The inclusion marks India significant addition to the school curriculum, coming as the country recently observed 50 years since the declaration of the Emergency in 1975. One of the major challenges to democracy in India was recorded when an Emergency was imposed in 1975-77. In the early 1970s, public dissatisfaction with the government led by Indira Gandhi was growing. Rising unemployment, inflation, and allegations of misgovernance led to widespread protests. In June 1975, India National Emergency was imposed by the government on the grounds of internal disturbance. During this period, India majority of Fundamental Rights were suspended, the press was censored, and numerous political leaders and activists were arrested. Democratic institutions came under severe strain, and citizens freedom was restricted. The book also highlighted the role of Jayaprakash Narayan in the movement against the Emergency. Mass movements led by Jayaprakash Narayan a political leader and socialist thinker, popularly known as Lok Nayak mobilised students and citizens, especially in Bihar and Gujarat. The Emergency was lifted in 1977, and general elections were held, allowing people to express their will through the ballot. The defeat of the ruling government demonstrated the strength of Indian democracy and highlighted the importance of Democracy, read the book. The Emergency section forms part of India broader discussion on challenges facing democratic systems. Alongside the Emergency, the textbook discusses issues such as fake news, misinformation, damaging public property, violation of public rules, poverty, regionalism, social discrimination and gender inequality as challenges to democratic practice. The chapter also introduces India new section titled Democracy and You, which NCERT says has been added for the first time to help students connect classroom learning with their role as citizens and participants in democratic processes. Apart from the Emergency, the revised textbook places considerable emphasis on India\'s democratic traditions and institutions. It traces democratic practices in India to early historical periods and explores their relevance in contemporary governance. The book also contains India dedicated section on the role of media in India democracy, describing the media as the fourth pillar of democracy and highlighting its role in amplifying public concerns and safeguarding democratic values. To underline the scale of India's democratic system, the textbook includes facts and figures on voter participation, polling infrastructure and political representation. It notes that India had over 96.8 crore registered voters in 2024 and highlights the vast network of polling stations across the country. The chapter further uses case studies of grassroots democracy, including India panchayat in Gujarat and India women-friendly panchayat in Tripura, to demonstrate citizen participation in governance. A separate section has also
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यमुना बाढ़ प्रभावित कॉलोनियों के पुनर्वास पर दावों की पोल खुली

Delhi, Delhi:यमुना बाढ़ क्षेत्र की कॉलोनियों पर हाईकोर्ट के आदेश ने एक बार फिर बीजेपी और दिल्ली सरकार, दोनों के दावों की पोल खोल दी है。 दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री से लेकर सांसद तक मंचों पर खड़े होकर कह रहे कि "इन कॉलोनियों को राहत दी जाएगी, एक भी ईंट नहीं टूटेगी, किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा." लेकिन आज हालात यह हैं कि लाखों लोगों के सिर पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। यमुना किनारे की कॉलोनियों, गांवों में रहने वाले लाखों लोगों का जीवन, रोज़गार और भविष्य दांव पर लगा है। अब समय है कि बीजेपी की केंद्र की और दिल्ली की सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस योजना सामने रखें。
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Noida, Uttar Pradesh:
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खाटूधाम में निर्जला एकादशी मासिक मेला शुरू, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के खाटूश्यामजी में बाबा श्याम का दो दिवसीय निर्जला एकादशी मासिक मेला गुरुवार से शुरू हो गया। मेले के पहले दिन देर रात्रि से ही मुख्य मेला ग्राउंड में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। देशभर से लाखों श्याम भक्त खाटूधाम पहुंचकर बाबा के दर्शन कर अपनी मन्नतें मांग रहे हैं। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर खाटूश्यामजी मंदिर में बाबा श्याम का सतरंगी फूलों से मनमोहक एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। वहीं निज मंदिर द्वार पर हरियाली के साथ विभिन्न प्रकार के आमों और पुष्पों से विशेष सजावट की गई जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रींगस से लेकर खाटूधाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मन्नत के निशान लेकर पदयात्रा करते हुए बाबा के दरबार पहुंच रहे हैं। श्याम भक्त जयकारों के साथ बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। दर्शन व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को तोरणद्वार अस्पताल चौराहा और लामिया तिराहे से 40 फीट रास्ते के माध्यम से 75 फीट मार्ग पर बनाई गई 14 कतारों से होकर मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है। मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। थानाधिकारी पवन चौबे डिप्टी राजेश जांगिड़ के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता एवं होमगार्ड के जवान विभिन्न प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन को मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के खाटूधाम पहुंचने की उम्मीद है। काफी संख्या में पुलिस और आरएसी के जवान तैनात किए गए है। और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
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पॉक्सो कोर्ट ने बेटी के साथ छेड़छाड़ वाले आरोपी पिता को 5 साल सजा

Karauli, Rajasthan:पुत्री से छेड़छाड़ के मामले में कलयुगी पिता को 5 साल की सजा, पोक्सो कोर्ट करौली का फैसला, जिला करौली करौली जिले में पोक्सो अदालत ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने दोषी पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके साथ ही, पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़ित बालिका को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दिलवाने के भी आदेश दिए गए हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने आरोपी पिता को दोषी मानते हुए 5 वर्ष का कठोर कारावास और 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 1 लाख रुपये की राशि देने के आदेश दिए है। सूरौठ थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के समक्ष इस आशय की रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसके भाई ने 30 जून 2017 को अपनी पत्नी की फावड़े से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जुर्म में वह करीब ढाई साल तक जेल में बंद रहा। जेल से छूटने के बाद आरोपी दोबारा नशे का आदी हो गया और अपने ही बच्चों को तंग व परेशान करने लगा। वह अक्सर बच्चों को धमकी देता था कि जैसे तुम्हारी मां को मारा है, वैसे ही तुम्हारी भी हत्या कर दूंगा। 30 अप्रैल 2025 को आरोपी अपनी नाबालिग पुत्री को (जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी) अपने घर ले आया। इसके बाद 2 और 3 मई 2025 की रात को आरोपी पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें करने लगा। जब नाबालिग पुत्री रोई और चिल्लाई, तब जाकर आरोपी ने उसे छोड़ा। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर अपनी बुआ के गांव भाग गई और वहां जाकर अपनी बुआ को पूरी आपबीती सुनाई। घटना सपोटरा थाना क्षेत्र की होने के कारण, पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के आदेश पर 13 मई 2025 को सपोटरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच और अनुसंधान करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय पोक्सो (करौली) में चालान पेश किया। पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर आरोपी को अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ करने का दोषी पाया और उसे 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 16 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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