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Devendra KumarDevendra KumarFollow11 Mar 2025, 02:01 pm

Unnao: बांगरमऊ में फाग जुलूस से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Bangarmau, Uttar Pradesh:

बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंजमुरादाबाद में होली पर निकलने वाले फाग जुलूस को लेकर प्रशासन सतर्क है। पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए किसी भी अराजकता को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सीओ अरविंद कुमार, अवनीश कुमार सिंह और कोतवाल से नगर की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ हरदोई-उन्नाव मार्ग, सदर बाजार रोड और ब्लॉक रोड पर पैदल मार्च किया गया जिससे लोगों को सुरक्षा का अहसास हो सके। इस दौरान दंगा निरोधी दस्ते ने सुरक्षा उपकरणों और डंडों के साथ कोतवाली का निरीक्षण भी किया।

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नोएडा-यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अहम बैठक, योजना तेज

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा । यमुना पुस्ते पर बनने वाले नए एक्सप्रेस वे को लेकर नोएडा प्राधिकरण में अहम बैठक हुई बैठक में नोएडा प्राधिकरण, सिचाई विभाग, NHAI की सलाहकार समिति के सदस्य शामिल हुए DND से सेक्टर 150 तक बनाये जाने वाले नए एक्सप्रेस वे को लेकर की गई मीटिंग अब एक्सप्रेस वे के एलाइमेंट के किए नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण मिलकर करेंगे DND से सेक्टर यमुना एक्सप्रेस को जोड़ने के लिए यमुना पुस्ते पर एक्सप्रेस वे बनाने की योजना में तेजी बैठक में नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन के अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए, दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल परियोजना में एक्सप्रेस वे के किनारे हाई स्पीड रेल स्टेशन प्रस्तावित है
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बीरभूम में सरकारी जमीन पर कोचिंग कैंप: ग्रामीणों का तीखा विरोध

ARAarti RaiJust now
Noida, Uttar Pradesh:बीरभूम में सरकारी जमीन पर कब्जा करके क्रिकेट कोचिंग कैंप चलाने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोधयह घटना दुबराजपुर ब्लॉक के हेतमपुर ग्राम पंचायत के कोल्ड स्टोर इलाके की है। ग्रामीणों का आरोप है - पहले हम इस मैदान में खेलते थे। गोकुरुल, बाबूबेड़ा और कोल्ड स्टोर इलाके के लड़के इस मैदान में खेला करते थे। लेकिन तृणमूल के शासन में हमें डराकर नारायण दे नाम के एक व्यक्ति ने इस जगह को घेर लिया। हम कहीं शिकायत करने जाते तो धमकी दी जाती थी। इसलिए डर के मारे कुछ नहीं बोल पाए। लेकिन अब सरकार बदल गई है, इसलिए हम मुंह खोल पा रहे हैं。 दूसरी ओर, अनिल किशोर दे क्रिकेट कोचिंग कैंप के मालिक नारायण दे ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह माना है कि यह कोचिंग कैंप सरकारी जमीन पर है। मौके पर दुबराजपुर थाने की पुलिस और केंद्रीय बल पहुंचे। उन्होंने आकर हालात काबू में किए। दुबराजपुर बीजेपी के 4 नंबर मंडल अध्यक्ष शंभूनाथ बनर्जी ने बताया कि लंबे समय से इस सरकारी जमीन पर कब्जा करके नारायण दे क्रिकेट कोचिंग कैंप चला रहे थे। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि दुबराजपुर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन पीयूष पांडे का हाथ उनके सिर पर था, इसलिए उन्होंने इस जगह पर कब्जा किया। यहां तक कि पूर्व चेयरमैन पीयूष पांडे ने खुद भी कई सरकारी जगहों पर कब्जा कर रखा है। सबका हिसाब होगा。 सवाल यह है कि किस तरह और किसकी शह पर सरकारी जमीन पर इस तरह एक कोचिंग कैंप बन गया और प्रशासन ने कुछ नहीं किया? या क्या सच में प्रशासन की तरफ से उन्हें यह कैंप चलाने के लिए लिखित में कुछ दिया गया है? अब देखना है कि घटना का रुख किस तरफ जाता है।
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सुरक्षा गाड़ियों के वितरण पर डीजीपी बनाम वित्त विभाग में तकरार

Ranchi, Jharkhand:सुरक्षा वापस करने के पीछे कारण है शुरुआत में मेरे पास तीन गाड़ियां थी हम उग्रवाद क्षेत्र से आते हैं, अगर एक गाड़ी में 6 जवान रहेंगे और कभी मोर्चा संभालने की जरूरत आई तो पता चला हमारे जवानों पर ही प्रहार हो गया सुरक्षा को लेकर पुलिस ने जो मापदंड तैयार किया है वह पुराना मापदंड है आज की तारीख में उन्हें बदलाव करने की जरूरत है व्यवहारिक है कि एक गाड़ी में चार जवान बैठे और यह उनकी सुरक्षा के लिए है, वित्त मंत्री की सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं है आज की तारीख में हमारे पास 16 गार्ड है और तीन गाड़ियों में उन्हें ठोस कर बैठना सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं शुरू में चार गाड़ियां थी लेकिन पुलिस ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डीएसपी ने पत्र लिखा था एक गाड़ी वापस करने के लिए जिस के बाद मैने डीजीपी को एक पत्र लिखा कि हमें चार गाड़ियों की आवश्यकता है लेकिन कोई जवाब नहीं आया इसी बीच वित्त विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह ने हमारे प्राइवेट सेक्रेटरी को एक गाड़ी वापस लौटने को लेकर पत्र लिखा गया एलॉटमेंट ऑर्डर है उसमें वित्त मंत्री के नाम से है, जिसका स्वामित्व पुलिस डिपार्टमेंट का है ना कि फाइनेंस डिपार्टमेंट का पुलिस महानिदेशक के साथ हो रहे पत्राचार में कोई जवाब नहीं आता है वित्त विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी को पत्र लिखने का कोई औचित्व नहीं था जिन चीजों से जॉइंट सेक्रेटरी का कोई लेना देना नहीं है उसे पर वह ओवरएक्ट कर रहे हैं....वित्त मंत्री टीज करने की दृष्टिकोण से या फिर शर्मिंदा करने की नीयत से यह पत्र जॉइंट सेक्रेटरी की तरफ से लिखा गया डीजीपी अखबार को क्लेरिफिकेशन देते हैं लेकिन मंत्री को जवाब देने का अचित होने ही समझते आखिर इसमें क्या इगो था डीजीपी का, हमें जवाब मिलता तो हम गाड़ी वापस कर देते हैं हमें अगर सुरक्षा मिली है तो हमने नहीं मांगा है बल्कि नियम के तहत मुझे मिला है अगर गाड़ियों की संख्या घटानी है जवानों को भी काम कर दिया जाए डीजीपी को इगो में यह लगता है कि वह राज्य के मंत्री को पत्र क्यों लिखा तो इसका कोई जवाब नहीं इस पूरे प्रकरण में सरकार कहीं भी इंवॉल्व नहीं है ना ही मुख्यमंत्री कोई भी मंत्री सरकार है और वह सक्षम है ऐसे अधिकारियों को सिखाने में, मेरा लिखा हुआ पत्र जो वायरल हुआ किसने किया यह जांच का विषय है क्योंकि मेरे कार्यालय से यह निम्न स्तर का काम नहीं होगा, मुझे लगेगा कि मीडिया के सामने आना चाहिए तो मैं दृढ़ता के साथ सामने आऊंगा पेपर लीक नहीं करूंगा विपक्ष इसी उम्मीद में रहता है की कहां मौका मिले और वह अटैक करें उनका मंसूबाह कभी सफल नहीं होगा डीजीपी को लेकर मेरे मन में जो जिज्ञासा है वह उन्हें दूर करना होगा, मैंने अखबार में देखा कि उन्होंने जवाब दिया है यही चीज वह पत्र के माध्यम से मुझे जवाब दे सकती थी, यह तय है कि उनके नजर में मंत्री का कोई स्थान नहीं डीजीपी हेडक्वार्टर में बैठी रहती हैं उन्हें सुरक्षा का कुछ पता नहीं होगा क्योंकि झारखंड अलग-अलग ज्योग्राफी में बना है यहां पर क्रिमिनल और नक्सलियों का अलग इतिहास है हर क्षेत्र में सुरक्षा का दृष्टिकोण अलग होना चाहिए। जो नक्सल प्रभावित इलाकों के जन्म प्रतिनिधि हैं उनके सुरक्षा कापैमाना अलग होना चाहिए क्या डीजीपी कभी बूढ़ा पहाड़ सारंडा के जंगल गई हैं अपने जवानों को देखने के लिए। मुख्यमंत्री उस संगीन क्षेत्र में पहुंच गए लेकिन डीजीपी नहीं पहुंची । उग्रवाद नियंत्रित क्षेत्र की जरूरत है। सुरक्षा की बात करने के लिए डीजीपी के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है,क्योंकि पुलिस वैन से निकाल कर किसी को मारा जाता हो, उसे पर समीक्षा होनी चाहिए मुझे कोई सुरक्षा की जरूरत नहीं है मैं जब मंत्री नहीं था तब भी सुदृढ़ क्षेत्र में जाता था इतनी छोटी बात को मुख्यमंत्री से शेयर करने की जरूरत नहीं, एक मंत्री छोटी बातों को लेकर मुख्यमंत्री के पास जाए ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए और ना ही आने दिया जाएगा अगर किसी अधिकारी की सोच गलत है तो हम काफी हैं उस सोच को सीधा करने के लिए,ह्म इतने लाचार नहीं हैं। एक तरफ पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि हमने कोई पत्र नहीं लिखा तो जॉइंट सेक्रेटरी कि बिनाह पर पत्र लिख रहे हैं, अपने अधिकार का नकारात्मक प्रयोग करते हुए मंत्री को पत्र लिख देते हैं। जॉइंट सेक्रेटरी कि भारी चूक है।
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ECI के एसआईआर 2026 अभियान के तहत डोर-टू-डोर सत्यापन से मतदाता सूची अपडेट

Giridih, Jharkhand:भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण - एसआईआर 2026 अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने 31-गांडेय विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांवों का भ्रमण कर डोर-टू-डोर अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीसी ने ग्रामीणों के बीच खटिया पर बैठकर आत्मीय संवाद स्थापित किया. उन्होंने गणना प्रपत्र के वितरण एवं संग्रहण, मतदाताओं से प्रपत्र भरवाने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और ऑनलाइन डिजिटाइजेशन का गहन अवलोकन किया. इस दौरान बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एईआरओ और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ईआरओ से अभियान की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली. डीसी श्री यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए एसआईआर 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसलिए अभियान के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, शुद्धता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और सभी प्रपत्रों का ऑनलाइन डिजिटाइजेशन मानकों के अनुरूप शीघ्र किया जाए. उन्होंने बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि प्रत्येक घर तक पहुंच बनाते हुए सभी पात्र मतदाताओं का गणना प्रपत्र अनिवार्य रूप से भरवाएं. किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए. आवश्यक दस्तावेजों का सही सत्यापन कर समय पर पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए. एईआरओ, ईआरओ एवं अन्य पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर अभियान की निगरानी करने और दैनिक प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. डीसी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अभियान में सहयोग करें और समय पर गणना प्रपत्र भरकर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची शुद्ध और अद्यतन बन सके. डीसी ने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं, प्रत्येक पात्र मतदाता जुड़े - यही एसआईआर 2026 अभियान का उद्देश्य है.
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बेतिया में कार-बाइक हादसे से युवक की मौत, घायल का इलाज जारी

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई है और एक घायल हो गया है. कार और बाइक की आमने सामने की टक्कर में यह बड़ा हादसा हुआ. घटना मैनाटाड बेतिया मुख्यमार्ग भंगहा के समीप की है. बताया जा रहा है कार एक सरकारी महिला चिकित्सक की है. बाइक और कार की टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया है. वही घायल युवक का इलाज चल रहा है. पुलिस बाइक और कार को जप्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. मृतक का नाम साजन कुमार बताया जा रहा है जो रामपुरवा गांव का रहने वाला था
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दमोह: व्यापारी के घर घुसे 6 नकाबपोश, महिलाओं से नगद-जेवर लूट

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में सनसनीखेज वारदात, व्यापारी के घर में घुसकर बंदूक के नोक पर लूट और चोरी. दमोह जिले की नरसिंहगढ़ पुलिस चौकी के तहत सूखी पिपरिया में रहने वाले गल्ला व्यापारी विजय जैन और उनका परिवार रात के वक्त सो रहा था करीब डेढ़ बजे 6 नकाबपोश हथियार बंद बदमाश उनके घर के अंदर घुसे और उन्होंने परिवार को बंधक बनाया और फिर बंदूक अड़ाकर घर की महिलाओं से सारा नगद और जेवर मांगे. परिजनों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए महिलाओं ने सारा जेवर और नगद इन बदमाशों को लाकर दे दिया. पीड़िता के मुताबिक छह बदमाशों के पास बंदूक, चाकू और दूसरे हथियार थे जिनकी दम पर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया. इस मामले में पुलिस का कहना है कि चोरी बड़ी है और इसे लेकर टीम बनाई गई है जल्दी ही मामले का खुलासा होगा.
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पटना में लालू यादव की सुरक्षा बहाल को लेकर राजद-सरकार में घमासान

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना राजद का बड़ा बयान रावड़ी देवी लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा नहीं हुई है वापस। लालू प्रसाद यादव रावड़ी देवी के सुरक्षा और आवास को लेकर पटना में खूब राजनीति गहमा— गहमी देखने को मिल रहा है। एक तरफ बीते दिन लालू परिवार ने 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कर दिया तो दूसरे तरफ से लगातार चर्चाएं हो रही है सरकार ने लालू परिवार के आगे घुटने टेक दिए हैं, रावड़ी, लालू की सुरक्षा में कटौती की गई थी वह सुरक्षा फिर से बहाल कर दी गई है। लेकिन राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा हम लोग के पास कोई ऐसा पत्र नहीं मिला है जिससे सुरक्षा वापस की बात हो या सुरक्षा बढ़ाने की बात हो। वही आवास खाली करने को लेकर कहा कि जो लोग हम पर आरोप लगाते थे हमारे नेता पर आरोप लगाते थे वह अब जाकर 10 सर्कुलर रोड आवास में खुदाई करवा कर देख ले कहां है तहखाना। जो लोग इस तरह का आरोप लगाते थे उन्हें बीच चौराहे पर माफी मांगनी चाहिए। बाइट — शक्ति सिंह यादव, मुख्य प्रवक्ता राजद
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बरसात में सड़क नहीं बनी, ग्रामीणों को शव दफनाने के लिए कीचड़ पार करना पड़ा

Sakti, एक तरफ जहाँ सरकारें ‘डिजिटल इंडिया’ और हर गाँव को पक्की सड़कों से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर सक्ति जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते ग्रामीणों को एक शव को दफनाने के लिए कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है, घटना जिला मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सोंठी की है यहाँ निवासी 60 वर्षीय कमलाबाई महंत का बीमारी के चलते निधन हो गया, सुबह जब परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जा रहे थे, तो उन्हें मुख्य सड़क की बदहाली का सामना करना पड़ा हालिया बारिश के कारण कच्ची सड़क गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुकी थी। स्थिति इतनी भयावह थी कि वहां से वाहन या एम्बुलेंस का गुजरना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल था मजबूरन, ग्रामीणों को अपने कंधों पर शव उठाकर घुटनों तक भरे कीचड़ और मलबे से होकर एक किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। इतना ही नहीं, अंत्येष्टि स्थल तक पहुँचने के लिए उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी सालों से सड़क का इंतजार, कागजों में अटकी योजनाएं ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से रेलवे फाटक से बोराई नदी तक 1 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा इस सड़क को मनरेगा के तहत बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है बावजूद इसके, न तो मनरेगा से और न ही किसी अन्य योजना से सड़क को अब तक स्वीकृति मिल पाई है आजादी के इतने वर्षों बाद भी बरसात के समय ग्रामीणों को अपनों को इस अपमानजनक स्थिति में अंतिम विदाई देनी पड़ रही है ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे उन्हें हर बार नर्क जैसे हालात से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और सड़क निर्माण की मांग की है ताकि भविष्य में उन्हें इस तरह की अमानवीय परिस्थितियों का सामना न करना पड़े
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हरियाणा की जनकल्याण योजनाओं से गरीबों को बड़ी राहत, MSP तक लाभ

Palwal, Haryana:हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदेश के लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई मुफ्त यात्रा योजना उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से अब जरूरतमंद परिवार बिना किराए के हरियाणा में यात्रा कर पा रहे हैं। आयुष्मान योजना को लेकर भी लोगों ने सरकार का आभार जताया। उनका कहना है कि इस योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिली है। गरीब परिवारों को 100 गज के प्लॉट देने की योजना की भी लोगों ने सराहना की। उनका कहना है कि पहले कई सरकारें आईं और बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन पहली बार गरीबों को वास्तव में प्लॉट देने का काम किया गया है। देसी गाय खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर लोगों ने कहा कि यह सरकार की सराहनीय पहल है। इससे गौपालन को बढ़ावा मिल रहा है और पशुपालकों को 25 से 30 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है, जिससे वे गायों का बेहतर पालन-पोषण कर सकते हैं। 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना को लेकर लोगों ने कहा कि यह लगातार गिरते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत किसानों को धान की जगह कम पानी वाली फसलें उगाने के लिए प्रेरित किया जाता है और ऐसा करने पर सरकार की ओर से 8 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 24 फसलों की खरीद को लेकर भी लोगों ने हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
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रायपुर में सोलर पैनल लगाते समय बड़ा हादसा, दो मजदूरों की मौत

Begun, Rajasthan:राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सोलर पैनल लगाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्रोफेसर कॉलोनी इलाके में काम कर रहे तीन मजदूरों में से दो मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों के नाम प्रमोद और आशीष चंद्राकर बताए जा रहे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। बताया जा रहा है कि तीनों मजदूर एक मकान की छत पर सोलर पैनल लगा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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