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Atul Kumar SrivastavaAtul Kumar SrivastavaFollow11 Mar 2025, 11:15 am

Unnao - रिश्वत लेते हुए दरोगा गिरफ्तार

Nawabganj, Amretha, Uttar Pradesh:

उन्नाव में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने मौरावां थाने के दरोगा राजेन्द्र सरोज को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. दरोगा ने एक सड़क दुर्घटना मामले में विवेचना के एवज में यह रिश्वत मांगी थी, शिकायतकर्ता का मामला मौरावां थाने में चल रहा था. दरोगा ने मामले को उनके पक्ष में निपटाने के लिए पैसों की मांग की. शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया. टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की. दरोगा मौरावां थाने के बाहर एक ढाबे पर लेन-देन करने पहुंचे, वहां पहले से मौजूद टीम ने उन्हें पैसे लेते ही दबोच लिया।

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यमुना खादर में जमीन माफियाओं का आतंक, गौशाला निर्माण रोकने का आरोप, साधु से मांगे 5 लाख रुपये..

Raj ChaudharyRaj ChaudharyFollow2m ago
Biara, Uttar Pradesh:धार्मिक नगरी की यमुना खादर भू माफियाओं और जमीनों के दलालों के लिए खरा सोना साबित हो रहा है।प्रशासन की तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर जहां एक और जमीनों के दलाल दिन रात मलाई काट रहे हैं वहीं जमीनों के खरीददार अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने पर मजबूर है। एक बार फिर यमुना की खादर से ऐसा ही मामला सामने आया है। जिसमें वैधानिक रजिस्ट्री करवाकर भी साधू गौशाला निर्माण के लिए जमीनों के दलालों की करतूत से त्रस्त होकर अफसरों के दरवाजे पर चक्कर काटने को मजबूर है। मूल रूप से समीपवर्ती रांधेरा गांव के रहने वाले साधू बालकृष्ण दास उर्फ ताराचंद ने यमुना की खादर में खसरा नंबर 50/1 में 200 वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी पूजा देवी के नाम पर उपनिबंधक कार्यालय में कराई थी। गुरुदीक्षा के बाद नाम परिवर्तित करने वाले बाबा बालकृष्ण दास का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद वह अपनी भूमि पर गौशाला के उद्देश्य से चाहरदीवारी का निर्माण करा रहे थे। तभी वहां पड़ोस में रहने वाली शिखा शर्मा अपने पति के साथ पहुंची। और निर्माण कार्य कराने से रोक दिया। बाबा बालकृष्ण दास के अनुसार शिखा शर्मा और उसके पति का कहना था कि यह सरकारी भूमि है। इस पर निर्माण कार्य कराने के लिए उन्हें जमीन की आधी कीमत यानि पांच लाख रुपए देने होंगे। अन्यथा की स्थिति में उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। साधू का आरोप है कि शिखा शर्मा और उसके पति द्वारा कई अन्य लोगों के साथ मिलकर बाकायदा एक गिरोह तैयार किया गया है। जो खादर में जमीन खरीदने वाले लोगों को भय दिखाकर अवैध वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य हैं। शिखा शर्मा और उसके पति द्वारा उनके गुरु महाराज के प्रति भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने जिले के आला अधिकारियों से इस प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही की मांग की है।
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CBN ने नीमच से 1 क्विंटल 15 किलो अफीम पकड़ ली; ड्रग सिंडिकेट ध्वस्त

Neemuch, Madhya Pradesh:मादक पदार्थों के काले कारोबार और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो यानी सीबीएन को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। सीबीएन नीमच की टीम ने एक बेहद पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास घेराबंदी की और एक हुंडई क्रेटा कार को रुकवाया। जब टीम ने NDPS Act के तहत इस गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो गाड़ी के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों के भीतर से कुल 109 पैकेट बरामद किए गए, जिनमें 1 क्विंटल 15 किलो से अधिक अवैध अफीम भरी हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस अफीम की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सीबीएन नीमच के अधिकारियों की एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई थी, जिसने करीब 2,000 किलोमीटर लंबे रूट पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी और अंततः 20 जून की सुबह संदिग्ध गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। शातिर तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने और अफीम की तेज गंध को छिपाने के लिए कार के भीतर भारी मात्रा में परफ्यूम का छिड़काव भी कर रखा था, लेकिन अधिकारियों के अनुभव के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई। मौके से कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और तस्करी में इस्तेमाल हो रही झारखंड नंबर की गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि अफीम की यह विशाल खेप गुवाहाटी से लाई जा रही थी और इसे जोधपुर में डिलीवर किया जाना था। फिलहाल सीबीएन की टीम इस अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के मुख्य सरगना और गुवाहाटी से जोधपुर तक फैली पूरी अवैध सप्लाई चेन को नेस्तनाबूद करने के लिए आगे की जांच में जुट गई है।
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समस्तीपुर के इनामी कुख्यात ललन सिंह एनकाउंटर में मरे; सात हत्या समेत केस दर्ज

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर का एक लाख 25 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। वही मुठभेड़ के दौरान इसका एक साथी फरार हो गया। कुख्यात अपराधी की पहचान मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंद गोलवा निवासी शिव शंकर सिंह के पुत्र के रूप में हुई है। ललन सिंह उर्फ ललन के खिलाफ बिहार और उत्तर प्रदेश में सात हत्या समेत डकैती, बैंक और एटीएम कैश वैन लूटने जैसे मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार ललन सिंह पर कल सात हत्या के मुकदमे दर्ज थे; इनमें दो सब इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर, एक सिक्योरिटी गार्ड और एक बाइक लूट के दौरान युवक की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चार साल पहले 2022 में ललन सिंह के दो सगे भाई रजनीश सिंह और मनीष सिंह का यूपी के वाराणसी में एनकाउंटर हुआ था। 2016 में ललन सिंह ने अपने भाइयों के साथ मिलकर पटना के बाढ़ में पंजाब नेशनल बैंक से 60 लाख रुपये लूट लिए थे, जिसके बाद 2017 में तीनों को 45 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया था। पांच साल जेल में रहने के बाद 2022 में कोर्ट में पेशी के दौरान हाजत में बनी शौचालय की खिड़की तोड़कर तीनों भाई फरार हो गए थे। आनंद गोलवा गांव निवासी शिव शंकर सिंह के पांच बेटों में लल्लन सिंह, राजनीति सिंह, मनीष सिंह और बबुआ सिंह का नाम आपराधिक मामलों में दर्ज था; बबुआ सिंह हाजीपुर जेल में बंद है। ग्रामीणों के अनुसार रजनीश, मनीष और ललन सिंह ग्रेजुएट हैं; वह पटना के बाढ़ कोचिंग चलते थे और वहीं से तीनों ने बैंक लूट की योजना बनाई थी। पांच भाइयों में चार की शादी नहीं हुई है; सिर्फ ललन सिंह की शादी हुई और उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके में रहती है। उनके दो बेटे हैं। बड़ा भाई घर से अलग होकर एक निजी कंपनी में नौकरी करता है लेकिन वह कभी नहीं आता; वह अपने संबंध खत्म कर चुका है। फिलहाल घर में बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं।
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हुड्डा: हरियाणा में कानून-व्यवस्था चरमराई, फायरिंग से चिंताजनक स्थिति

Rohtak, Haryana:रोहतक पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रेसवार्ता महम विधायक बलराम सिंह दांगी के दफ्तर पर फायरिंग मामले में बोले हुड्डा, प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई पेपर लीक मामले में सैनी सरकार को घेरा हरियाणा की रैंकिंग में 14वे स्थान पर हरियाणा सबसे असुरक्षित प्रदेश पुलिस रैंकिंग में 8वें से 14वे नम्बर पर हैपीनेस इंडेक्स में हरियाणा 16वें नम्बर पर करप्शन ने 6 नम्बर पर हरियाणा हरियाणा पर साढ़े 5 लाख करोड़ पर कर्ज़ा कांग्रेस की मांग व्हाइट पेपर इश्यू जारी करे सरकार हरियाणा सरकार विफल सरकार, सेंटर से अपना हिस्सा लेने में भी विफल सरकार हरियाणा सबसे ज्यादा जीएसटी और टोल देता है 2 टोलो पर 45 km hai औसत- क्राइम अगेंस्ट विमेन हाईएस्ट न डेवलपमेंट, न कानून व्यवस्था, न संस्थान - Interim रिलीफ नहीं दिया , dpark case में, हरियाणा govt नॉन प्रीफ्रोमिंग है
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ग्रेटर नोएडा में 50 लाख के डिब्बा-पैक मोबाइल बरामद, तीन गिरफ्तारी

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है ।पुलिस ने 50 लाख रुपए के नए डिब्बा पैक मोबाइल फोन बरामद किए है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी police तलाश कर रही है। बाइट - रवि शंकर निम डीसीपी ग्रेटर नोएडा दरअसल नॉलेज पार्क थाना पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के द्वारा मोबाइल फोन चोरी किए गए हैं और उन चोरी के मोबाइल फोन को वह लोग ठिकाने लगाने जा रहे हैं ।दिल्ली में उन मोबाइल फोन को यह लोग बचने के लिए जा रहे हैं ।इसी सूचना पर पुलिस ने थाना क्षेत्र के सेक्टर 153 के पास से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने उसे गाड़ी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया और पुलिस के द्वारा उस गाड़ी से 100 मोबाइल फोन IQOO कंपनी के बरामद किए गए, यह सभी मोबाइल फोन डब्बा पैक थे और ब्रांडेड थे । पूछताछ में पता लगा कि इन लोगों को यह चोरी के मोबाइल फोन एक व्यक्ति द्वारा बेचे गए थे, जिनको यह लोग दिल्ली लेकर जा रहे थे और वहीं पर इनको बेचना था, अभी वह आरोपी फरार चल रहा है ,जिसके द्वारा इन मोबाइल फोन को इन्हें दिया गया था ।फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने मौके से दिल्ली निवासी आनंद उर्फ़ रुद्रेश, एटा निवासी पंकज उर्फ़ धीरेंद्र और हाथरस निवासी मोहित को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जानकारी जुटा रही है。
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जहानाबाद में तेज रफ्तार हाइवा से युवक की मौत, चालक फरार

Jehanabad, Bihar:खबर जहानाबाद से है जहां तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां अनियंत्रित हाइवे ने एक युवक को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना काको थाना क्षेत्र के काजिसराय-महमदपुर मोड़ के समीप की है। मृतक युवक की पहचान पराधी गांव निवासी प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। परिजनों ने बताया कि प्रिंस अपने घर से दवाइयां खरीदने के लिए काजिसराय बाजार की ओर निकला था। वह जैसे ही महमदपुर मोड़ के पास पहुँचा, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रिंस सड़क किनारे बने एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। दिल दहला देने वाली इस दुर्घटना के बाद हाइवा चालक वाहन सहित मौके से भागने में सफल रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही युवक की साँसें थम चुकी थीं। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। इधर, सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने अस्पताल पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार हाइवा एवं उसके चालक की तलाश के लिए छानबीन की जा रही है।
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नूंह के लाभार्थियों को प्रमुख योजनाओं से मिली आर्थिक राहत, सरकार के प्रयासों की प्रशंसा

Nuh, Haryana:हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। नूंह जिले के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलने पर सरकार का आभार जताया। लाभार्थियों का कहना है कि इन योजनाओं से उन्हें आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उनके दैनिक जीवन की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। आइए सुनते हैं नूंह जिले के लाभार्थियों की जुबानी, इन योजनाओं से उन्हें क्या लाभ मिला। लाभार्थियों ने कहा कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है और इससे समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक संबल मिल रहा है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसी जनहितकारी योजनाएं जारी रखने की मांग की।
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दतिया में अज्ञात युवती का शव: हत्या की आशंका, पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Datia, Madhya Pradesh:दतिया। जिले के थाना गोराघाट क्षेत्र में एनएच-44 झांसी-ग्वालियर मार्ग स्थित उपराय पुलिया के नीचे एक अज्ञात युवती का अधजला एवं क्षत-विक्षत शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को लेकर जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों ने पुलिया के नीचे महिला का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना गोराघाट पुलिस एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो युवती का शव बिना कपड़ों के क्षत-विक्षत एवं आंशिक रूप से जला हुआ पाया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात आरोपियों ने युवती की हत्या करने के बाद उसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाने का प्रयास किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है तथा युवती की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी रमेश शाक्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। बाइट -रमेश शाक्य थाना प्रभारी दतिया
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पंजाब में NSQF वोकेशनल शिक्षकों का प्रदर्शन: वेतन वृद्धि और निजी भर्ती रोकने की मांग

Sangrur, Punjab:ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਕੋਠੀ ਅੱਗੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦਾ ਰੋਸ਼ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਤਨਖਾਹਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ NSQF ਵੋਕੇਸ਼ਨਲ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਨੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਭਰਤੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦਾ ਕੀਤਾ ਵਿਰੋਧ NSQF ਵੋਕੇਸ਼ਨਲ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ (ਪੰਜਾਬ) ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਇੱਕ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਵੋਕੇਸ਼ਨਲ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਅਤੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਲਈ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ। ਫਰੰਟ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ NSQF ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਬਣਦੇ ਕਾਡਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬਣਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਨਖਾਹ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾਣ। ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਸੇਵਾ ਨਿਭਾ ਰਹੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਨਾ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ। ਵੋਕੇਸ਼ਨਲ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦ ਪੂਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਨਿੱਜੀਕਰਨ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਜੇਕਰ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਅਣਡਿੱਠਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。
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मैनपुरी-करहल दावत खाकर लौटा जितेंद्र यादव,पेड़ पर लटका शव,सुबह ग्रामीणों ने दी सूचना ।

Ajay KumarAjay KumarFollow15m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल थाना क्षेत्र के गांव नगला सूरजपुर में एक 35 वर्षीय युवक ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। करहल में युवक ने पेड़ पर फंदा लगाकर की आत्महत्या,घरेलू कलह को बताई जा रही वजह,जानकारी के अनुसार जितेंद्र यादव निवासी नगला सूरजपुर बीती शाम दावत खाकर घर लौटा था। सुबह गांव के लोगों ने देखा तो परिवार को सूचना दी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक का एक पुत्र है और पत्नी कई सालों से मायके में रह रही थी। पत्नी के न आने को लेकर घर में कलह चल रही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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राजस्थान में फसल बीमा क्लेम 21 दिनों में: किसानों के लिए बड़ी पहल

Jaipur, Rajasthan:किसानों की फसलों में हुए नुकसान के सालों से लंबित बीमा क्लेम दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लंबित बीमा क्लेम का भुगतान करवाने के लिए मिशन मोड पर कार्य शुरू किया है। कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने एक तरफ जहां विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को क्लेम के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं बीमा कंपनियों को 3 सप्ताह की डेडलाइन दी है। कृषि आयुक्त ने बीमा कंपनियों को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा है कि राज्य के किसानों के हित में सभी लंबित फसल बीमा क्लेम का भुगतान अधिकतम तीन सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कंपनियों को पाबंद किया है कि वे जिला स्तर पर अपने कार्मिकों की नियुक्ति करें, ताकि पात्र किसानों की पहचान कर उनके आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा सकें। यदि क्लेम भुगतान में देरी हुई, तो कंपनियों को ब्याज सहित भुगतान करना होगा। इसके लिए बीमा कम्पनियों को अपने स्तर पर एक विशेष "लंबित बीमा क्लेम भुगतान सेल" गठन करने का आदेश दिया है। बीमा कम्पनियों को प्रकोष्ठ के उत्तरदायी अधिकारियों के नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की सूची कृषि आयुक्तालय को देनी होगी। क्या कार्य करेगी बीमा कम्पनियों की सेल ? - पिछले वर्षों के सभी लंबित क्लेम का जिलावार और मौसम सत्रवार रिकॉर्ड बनेगा - लाभार्थियों की संख्या और पॉलिसी की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा - क्लेम अटकने के कारणों की पहचान कर कृषि विभाग को रिपोर्ट सौंपनी होगी - भुगतान की दैनिक प्रगति रिपोर्ट कृषि विभाग को भेजने की होगी जिम्मेदारी - इस पूरे कार्य का भौतिक सत्यापन कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा - इसके लिए कृषि विभाग ने भी मॉनिटरिंग के लिए 2 सदस्यीय कमेटी गठित की - कमेटी में कृषि अधिकारी सरोज यादव, सहायक प्रोग्रामर मुकेश माचीवाल शामिल कमेटी लेगी टाइम बाउंड एक्शन प्लान कृषि विभाग की कमेटी सीधे बीमा कंपनियों से टाइम बाउंड एक्शन प्लान लेगी। यह लंबित बीमा क्लेम के भुगतान की रोजाना की प्रगति पर नजर रखेगी। साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि हर हाल में 3 सप्ताह के भीतर बीमा क्लेम के लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। बीमा कम्पनियों की सुस्ती और ढुलमुल रवैये को देखते हुए कृषि विभाग ने इस कमेटी का गठन किया है। फील्ड अफसरों को 'फील्ड' में उतरने के आदेश - कृषि विभाग ने फील्ड अधिकारियों को दी जिम्मेदारी - कृषि पर्यवेक्षक क्लेम के पात्र किसानों के चिन्हीकरण में मदद करेंगे - बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों को किसानों की पहचान, दस्तावेज में सहयोग करेंगे - लंबित बीमा क्लेम के पात्र किसानों की सूचना कृषि पर्यवेक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में दें - स्थानीय स्तर पर मीडिया, सोशल मीडिया से किसानों को जानकारी दें - जिन किसानों के पुराने बैंक खातों में समस्या है, उनसे नए खाते की डिटेल लें - वैकल्पिक बैंक खाते का विवरण लेकर तुरंत कंपनियों को ई-मेल किया जाए क्या वाकई में होगा 21 दिन में निस्तारण? राज्य सरकार के इस कड़े रुख से साफ है कि वह किसानों के मुद्दों पर कोई ढील नहीं देना चाहती। अब देखना यह होगा कि सरकार के इस 21 दिनों के अल्टीमेटम के बाद बीमा कंपनियां कितनी तेजी से किसानों के खातों में क्लेम की राशि ट्रांसफर करती हैं। और क्या वाकई सालों से लंबित बीमा क्लेम की राशि का भुगतान अगले 21 दिनों में हो सकेगा ?
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