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Devendra KumarDevendra KumarFollow1 Feb 2025, 03:43 pm
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर बिहार सरकार ने तिरंगा फहराकर परेड का शुभारम्भ किया

Gaya, Bihar:80 वाँ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फहराया गया तिरंगा, कृषि मंत्री सह प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फहराया तिरंगा। गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित हरिहर सुब्रह्मण्यम स्टेडियम में 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राष्ट्रीय ध्वज को पूरे सम्मान के साथ फहराया। इसके बाद उन्होंने परेड की सलामी ली। समारोह में डीएम, एसएसपी, मगध प्रमंडल आयुक्त, मगध रेंज के आईजी समेत जिले के कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रगान के साथ पूरा स्टेडियम देशभक्ति के रंग में रंग गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष से 20 वर्ष पूर्व ये एक भारत के युवाओं के लिए, माँ भारती के संतानों के लिए, एक नया अवसर है।विकसित भारत विकसित बिहार बनाने का,चत्रित निर्माण का, एक बड़ी तैयारी है, समाज के अंदर सकारात्मक ऊर्जाओ का संचार हो, विकारों से मुक्त बिहार बने, विकसित और समृद्ध बिहार बने, गौरवशाली बिहार फिर से हर बिहारियों को गौरवान्वित करें, ये संकल्प आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर बिहारियों को, हर माँ भारती के संतानों को लेना है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत बनाने का एक मजबूत निभ रखनी है। बाइट:- विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री बिहार सरकार
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धूपगुड़ी में 12 किमी मैराथन, 400 धावकों ने भाग लिया

Jalpaiguri, West Bengal:হর ঘর তিরঙ্গা,, ধুপগুড়িতেও নানান অনুষ্ঠান。 উত্তর প্রদেশ, মধ্যপ্রদেশ সহ পশ্চিমবঙ্গের বিভিন্ন জেলা থেকে প্রায় 400 প্রতিযোগী ধুপগুড়িতে আজ এই ম্যারাথন দৌড়ে অংশগ্রহণ করেন। ৮০ তম ভারতবর্ষের স্বাধীনতা দিবস উপলক্ষে প্রতিবছরের ন্যায় উত্তরবঙ্গের জলপাইগুড়ি জেলার ধুপগুড়ি ঐতিহ্যবাহী ক্লাব এস টি এস ক্লাবের ১২ কিলোমিটার ম্যারাথন দৌড় প্রতিযোগিতা。 এই ম্যারাথন দৌড় প্রতিযোগিতায় প্রতিযোগী এবং প্রতিযোগিনীদের উৎসাহ ছিল চোখে পড়ার মত। সাত সকালেই এদিন ধুপগুড়িবাসী এই সুন্দর ম্যারাথন দৌড় অনুষ্ঠানকে সাফল্যমন্ডিত করে তোলেন。
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झुंझुनूं के वीरों को मिला 206 वीरता सम्मान, देशभक्ति की शौर्यगाथा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं की शौर्यगाथा, वीरों की धरती को सलाम शहीदों की शहादत और वीरांगनाओं के साहस की कहानी, झुंझुनूं की पहचान तिरंगे की आन के लिए झुंझुनूं के वीरों ने दिया सर्वोच्च बलिदान झुंझुनूं के वीरों को मिले 206 वीरता सम्मान, शौर्य की गवाही देते हैं पदक परमवीर चक्र से पुलिस वीरता पदक तक, झुंझुनूं के वीरों का गौरव एंकर— 15 अगस्त... देश की आजादी का वो दिन, जब तिरंगा हर भारतीय के सीने में गर्व भर देता है। लेकिन झुंझुनूं की वीर प्रसूताओं के लिए तिरंगा सिर्फ आन-बान-शान नहीं, बल्कि उनके कलेजे के टुकड़ों की आखिरी पहचान भी है। यह वो धरती है, जहां मां अपने बेटे को बचपन से ही देश सेवा का संस्कार देती है... जहां लोरियों में देशभक्ति और रगों में शौर्य घोला जाता है। और जब यही बेटा तिरंगे में लिपटकर अंतिम सफर पर निकलता है, तो आंखों में आंसू होते हुए भी वीरांगना कांपती नहीं... पति को अंतिम विदाई देते हुए भी उसके होंठों से निकलता है—'हिन्द की जय'। देखिए... झुंझुनूं की वीरता, शहादत और वीरांगनाओं के जज्बे की ये खास रिपोर्ट... वीओ 01 : आजादी की लड़ाई लंबी थी, लेकिन इस आजादी को कायम रखने में झुंझुनूं के वीरों का योगदान भी उतना ही गौरवशाली रहा है। 15 अगस्त को जब पूरा देश तिरंगे की शान में रंगा होगा, तब झुंझुनूं की धरती अपने उन वीर सपूतों को याद करेगी, जिन्होंने देश की आजादी और उसकी रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।झुंझुनूं और पूरी शेखावाटी की पहचान सिर्फ अपनी हवेलियों और संस्कृति से नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सैन्य परंपरा, शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण से भी है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर आजादी के बाद के हर बड़े युद्ध और सैन्य अभियान में इस क्षेत्र के वीरों ने अपनी बहादुरी की अमिट छाप छोड़ी।1947-48 में पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले से लेकर 1962, 1965 और 1971 के युद्ध, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में चले आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा कारगिल युद्ध तक, जब-जब देश की सीमाओं पर चुनौती आई, झुंझुनूं के सैनिकों ने आगे बढ़कर दुश्मन का मुकाबला किया और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।यही वजह है कि झुंझुनूं को महज सैनिकों की धरती कहना पर्याप्त नहीं... यह शौर्य, अनुशासन, कर्तव्य और बलिदान की धरती है। यहां की सैन्य परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही है। आज भी शेखावाटी का युवा सेना की वर्दी को सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि मां भारती की सेवा और तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा का गौरव मानता है। बाइट 01: ब्रिगेडियर भरत सिंह, सेवानिवृत्त (रेड एंड ग्रीन कलर की कैप) वीओ 02 : 15 अगस्त... जब पूरा देश तिरंगे की आन, बान और शान को नमन करता है, तब झुंझुनूं की धरती अपने उन वीर सपूतों को याद करती है, जिन्होंने इसी तिरंगे की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।झुंझुनूं की शौर्यगाथा सिर्फ सैनिकों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके साहस और वीरता के सम्मान में मिले वीरता पदकों से भी लिखी गई है। झुंझुनूं के वीर जवानों और अधिकारियों को विभिन्न सैन्य और पुलिस वीरता एवं सेवा सम्मानों के रूप में कुल 206 सम्मान मिलने का उल्लेख किया जाता है। झुंझुनूं के वीर जांबाजों को मिले सम्मान 1 परमवीर चक्र 23 वीर चक्र 6 कीर्ति चक्र 17 शौर्य चक्र 123 सेना मेडल 1 वायु सेना मेडल 4 नौसेना मेडल 1 परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) 4 विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) 15 मेंशन-इन-डिस्पैच 18 पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री 1 प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री ये सम्मान सिर्फ पदक नहीं, बल्कि उन रणबांकुरों की बहादुरी, त्याग और अदמ्य साहस की पहचान हैं। हर सम्मान के पीछे संघर्ष, कर्तव्य और मातृभूमि के प्रति समर्पण की एक कहानी है। बाइट 02: सतपाल कटेवा, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल (येलो और ग्रीन कलर की कैप) वीओ 03 : शहादत का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता... लेकिन झुंझुनूं की वीरांगनाओं ने अपने आंसुओं से ज्यादा अपने साहस को आगे रखा। जब तिरंगे में लिपटा पति आखिरी सफर पर निकला, तो आंखों में आंसू थे, दिल में दर्द था... लेकिन सीने में गर्व था कि उनका सुहाग देश की रक्षा के लिए कुर्बान हुआ।शहीद कुलदीप राव और शहीद सुरेंद्र मोगा की वीरांगनाओं ने अंतिम विदाई के उस भावुक पल में अपने पति की तस्वीर सीने से लगाई और 'आई लव यू' कहकर विदा किया। यह सिर्फ एक पत्नी की अपने पति से आखिरी बात नहीं थी... बल्कि उस प्रेम, त्याग और देशभक्ति की तस्वीर थी, जिसमें निजी दर्द से ऊपर मां भारती का सम्मान था।शहीद कुलदीप राव की वीरांगना यश्विनी ने पति की शहादत के बाद खुद को संभाला और देश सेवा का रास्ता चुना। आज वे लेफ्टिनेंट यश्विनी बनकर उसी वर्दी को पहन रही हैं, जिसमें उनके पति ने देश सेवा का सपना जिया था।एक ओर पति की तस्वीर सीने से लगाकर अंतिम विदाई... और दूसरी ओर उसी शहादत से प्रेरणा लेकर वर्दी पहनने का संकल्प। यही झुंझुनूं की वीरांगनाओं के अदम्य साहस की पहचान है।15 अगस्त पर जब पूरा देश तिरंगे को सलाम करेगा, तब इन वीरांगनाओं की कहानी याद दिलाएगी कि देशभक्ति सिर्फ सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों के सीने में नहीं होती... बल्कि उन परिवारों के दिल में भी होती है, जो अपने वीर को खोकर भी देश को सबसे ऊपर रखते हैं। बाइट 03 : शहीद कुलदीप राव और शहीद सुरेंद्र मोगा की वीरांगनाओं के अंतिम विदाई के वीडियो विजुअल लॉग शीट विजुअल 01: झुंझुनूं के शहीदों के विजुअल विजुअल 02: शहीद कुलदीप राव और शहीद सुरेंद्र मोगा की वीरांगनाओं के अंतिम विदाई के विजुअल — बाइट 03 के लिए विजुअल 03: झुंझुनूं शहीद स्मारक विजुअल 04 : लेफ्टिनेंट यश्विनी के सेना की वर्दी में विजुअल
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डीडवाना के मकराना में ओवरब्रिज बेरिकेडिंग से केम्पर हादसा, दो की मौत

Didwana, Rajasthan:बड़ी ख़बर डीडवाना के मकराना से है जहाँ मंगलाना आरओबी पर बेरिकेडिंग से केम्पर वाहन टकराने के मामले में दर्दनाक हादसा सामने आया है। पिकअप में सवार करीब आधा दर्जन लोग हादसे की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया है। मृतकों के शव मकराना के उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। गौरतलब है कि मांगलाना आरओबी क्षतिग्रस्त होने की वजह से भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए अपर बेरीकेडिंग लगाई गई है। केम्पर वाहन बेरीकेडिंग के निचे से गुजरने के दौरान केम्पर में खड़े तीन लोग इसकी चपेट में आ गए।
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर जोश और राष्ट्रध्वज की शान

Fatehgarh Sahib, Punjab:ਦੇਸ਼ ਦੇ 80ਵੇਂ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦਿਵਸ ਦੇ ਮੌਕੇ ਉੱਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰੀ ਸਮਾਗਮ ਅੱਜ ਖੇਡ ਸਟੇਡੀਅਮ ਮਾਧੋਪੁਰ ਵਿਖੇ ਪੂਰੇ ਜੋਸ਼ੋ ਖਰੋਸ਼ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਦਿਆਂ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਨ ਤੇ ਸ਼ਾਨ ਕੌਮੀ ਝੰਡਾ ਲਹਿਰਾਉਣ ਦੀ ਰਸਮ ਅਦਾ ਕੀਤੀ। ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿਖੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਝੰਡਾ ਲਹਿਰਾਉਣ ਉਪਰੰਤ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵੱਲੋ ਪਰੇਡ ਦਾ ਨਿਰੀਖਣ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਆਸਮਾਨ ਵਿੱਚ ਗੁਬਾਰੇ ਛੱਡ ਕੇ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦਿਵਸ ਸਮਾਰੋਹ ਦੀ ਮੁਬਾਰਕਬਾਦ ਦਿੱਤੀ। ਪਰੇਡ ਕਮਾਂਡਰ ਖੁਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਮਾਰਚ ਪਾਸਟ ਤਹਿਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਟੁਕੜੀਆਂ ਤੋਂ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਨੇ ਸਲਾਮੀ ਲਈ। ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਸੰਗਰਾਮੀਆਂ ਅਤੇ ਉਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ’ਤੇ ਬਲਾਕ ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਹੀ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕਰਨ ਦੀ ਰਸਮ ਅਦਾ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ’ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਸ ਦਾ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਨੇ ਖੂਬ ਆਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਸਕੂਲੀ ਵਿਦਿਆਰਥਣਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੇਸ਼ ਰਵਾਇਤੀ ਲੋਕ ਨਾਚ ਗਿੱਧਾ ਤੇ ਭੰਗੜਾ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਗੱਤਕਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਬਣੇ ਰਹੇ। ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਲੋੜਵੰਦਾਂ ਨੂੰ ਸਿਲਾਈ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਤੇ ਦਿਵਿਆਂਗ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਟਰਾਈ ਸਾਈਕਲ ਤੇ ਵ੍ਹੀਲ ਚੇਅਰ ਵੰਡੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਦੀ ਤਰਫ਼ੋ ਵੱਖ ਵੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿਚ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਦਰਜ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰੀ ਐਵਾਰਡ ਨਾਲ sਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
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बारां के खेत में करंट से तीन आदिवासी बालिकाओं की दर्दनाक मौत

Baran, Rajasthan:बारां - खेत पर करंट लगने से तीन सगी आदिवासी बहनों की दर्दनाक मौत बारां जिले के सदर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। खेत पर करंट लगने से तीन मासूम सगी आदिवासी बालिकाओं की मौत हो गई। मृतकों में 7 साल की सलोनी, 3 साल की अवंतिका और 1 साल की संध्या शामिल, परिजन किसान के खेत पर करते थे मजदूरी, शव जिला अस्पताल लाया गया जहां पोस्टमार्टम कराया जा रहा है मृतक बालिकाओं के परिजन फतेहपुर गांव में एक किसान के खेत पर मजदूरी का कार्य करते हैं। मजदूरी के दौरान ही खेत पर लगे बिजली के तारों में करंट आने से यह हादसा हुआ। उपखण्ड अधिकारी रामावतार मीणा का कहना है की तीन बच्चीं की कऱट से हुई जितनी मदद होगी वो सरकार से दिलाई जायेगी
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जैसलमेर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 69 प्रतिभाओं को सम्मान

Jaisalmer, Rajasthan:80वें स्वतंत्रता दिवस पर जैसलमेर में शान से लहराया तिरंगा, 69 प्रतिभाओं का सम्मान जैसलमेर जैसलमेर जिले भर में 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह सोनार दुर्ग की तलहटी स्थित शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में आयोजित हुआ। समारोह की मुख्य अतिथि जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया तथा खुली जिप्सी में मार्चपास्ट की सलामी ली। परेड का नेतृत्व रिजर्व पुलिस निरीक्षक प्रेमाराम ने किया। मार्चपास्ट में पुलिस, बॉर्डर होमगार्ड, अर्बन होमगार्ड, एनसीसी के पुरुष एवं महिला विंग, स्काउट्स और गाइड्स की टुकड़ियों ने भाग लिया। टुकड़ियों ने मुख्य मंच के समक्ष अनुशासित एवं गरिमामय मार्च करते हुए सलामी दी। समारोह में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम, उपखंड अधिकारी वीरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, पद्मश्री तगाराम भील सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम ने राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया। वहीं देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच नगर के राजकीय एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक व्यायाम का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की अनुशासित एवं तालबद्ध प्रस्तुति ने स्टेडियम में देशभक्ति, स्वास्थ्य और अनुशासन का जोश भर दिया। 69 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान जिला स्तरीय समारोह के दौरान जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, विधायक छोटूसिंह भाटी एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 69 व्यक्तियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में पत्रकार, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण, कला-संस्कृति, स्वयंसेवी संगठन एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे। समारोह के दौरान शहीद पूनमसिंह स्टेडियम देशभक्ति के जज्बे से सराबोर नजर आया और भारत माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
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बाबा रामदेव ने शिक्षा-भर्ती में पारदर्शिता की मांग, अनिश्चितता पर चेतावनी

Haridwar, Uttarakhand:स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पत्रकारों से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि देश के कई स्कूल-कॉलेज आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और इंटरव्यू के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर योग्य युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था नहीं मिलेगी तो उनमें असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। बाबा रामदेव ने सरकारों से शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में जल्द से जल्द पारदर्शिता और सुधार लाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह देशहित में एक बार फिर अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे。
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