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B K PandeyB K PandeyFollow11 Dec 2024, 04:04 pm
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सीकरी में दो दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र का किया घेराव

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। क्षेत्र के ग्राम सीकरी में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शुक्रवार देर रात पंडित अमरीश शर्मा के नेतृत्व में पंजाबी कॉलोनी स्थित विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थापित 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर मौजूदा बिजली लोड को संभालने में सक्षम नहीं है। अधिक भार के कारण बार-बार ट्रिपिंग और फॉल्ट होने से आपूर्ति बाधित रहती है। ग्रामीणों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव में 65 केवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बिजली न मिलने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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संदिग्ध मौत के मामले में कब्र से निकाला गया महिला का शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। बरेली के बहेड़ी कस्बे के मोहल्ला बाजार में एक 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शनिवार को कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला बाजार निवासी मोहम्मद ताहिर की पत्नी तस्सुम की 12 जुलाई को मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। मृतका का मायका उत्तराखंड के हल्द्वानी में है। मायके पक्ष का आरोप है कि उन्हें न तो मौत की सूचना दी गई और न ही अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिला। मृतका के भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसे जहर देकर मारने के बाद जल्दबाजी में शव को दफना दिया गया। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए। शनिवार को नायब तहसीलदार की निगरानी में पुलिस ने कब्र की खुदाई कर शव बाहर निकलवाया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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आशाराम के ओपन जेल और पैरोल पर अगली सुनवाई 03 अगस्त को

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में सजायाफ्ता बंदी आशाराम उर्फ अशुमल की ओर से पिछले 13 सालों से जेल में रहने के बावजूद ओपन जेल में नही भेज जाने एवं पैरोल को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष दायर याचिकाओं में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से ओपन जेल को लेकर जवाब पेश कर दिया गया। खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि आखिर किन कारणों से इतने लंबे समय से जेल में बंद और वृद्धावस्था में पहुंच चुके बंदी को ओपन जेल भेजने पर विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं कालूराम भाटी, भरत सैन और यशपाल सिंह राजपुरोहित ने कोर्ट में दलील दी कि आशाराम की आयु 87 वर्ष है और वह करीब 13 वर्षों से जेल में बंद है। ऐसे में ओपन जेल के लिए उसके मामले पर नियमानुसार विचार किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.एल. भाटी के लिए अधिवक्ता दीपक चांडक ने जवाब पेश करते हुए कहा कि ओपन जेल के नियमों में आसाराम नही आते है। ओपन जेल के 60 वर्ष की आयु तक ही भेजा जाता है। दूसरा उनको अपराध यौन उत्पीडन का है तीसरा वे राजस्थान के बाहर से है। इस पर कोर्ट ने आसाराम के अधिवक्ताओं को सरकार के जवाब पर अपना रिज़ॉन्डर पेश करने के निर्देश देते हुए मामले को 03 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है। इसके साथ ही आसाराम की ओर से पैरोल के लिए भी याचिका पेश की गई है। जिस पर सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बंशी लाल भाटी व उनके सहयोगी ने नोटिस स्वीकार किया। याचिका में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोनों मामलों की सुनवाई 03 अगस्त 2026 के लिए सूचीबद्ध कर दी।
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हनुमानगढ़ में डिप्टी पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने फ्लैग मार्च कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया

Hanumangarh, Rajasthan:कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने निकाला फ्लैग मार्च, शहर की यातायात एवं कानून-व्यवस्था का लिया जायजा, व्यापारियों व आमजन से किया संवाद, व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात शनिवार सायंकाल जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर शहर की यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधों کا जायजा लिया। फ्लैग मार्च का शुभारंभ भगत सिंह चौक से हुआ, जो राजीव चौक, बस स्टेंड के सामने से होते हुए सम्राट होटल तक पहुंचा। फ्लैग मार्च के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने शहर के प्रमुख बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा व्यापारियों एवं आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फ्लैग मार्च के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों द्वारा पुष्पवर्षा कर जिला पुलिस अधीक्षक का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
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राजस्थान से बच्चों को बाहर ले जाकर धर्मान्तरण कराने वाले गिरोह का खुलासा

Udaipur, Rajasthan:शिक्षा के नाम पर बच्चों को राजस्थान से बाहर ले जाकर धर्मान्तरण कर रहा गिरोह, सांसद रावत ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को लिखा पत्र, एसआईटी गठित करने व एनआईए,सीबीआई-आईबी जांच की मांग की गोवा में पकडे गए उदयपुर जिले के 7 बच्चे, तमिलनाडू ले जाए जा रहे थे बच्चें रेस्क्यू कर उदयपुर लाया गया, बाल कल्याण समिति ने किए इंतजाम कुछ बच्चे पहले से ही तमिलनाडू पहुंचा दिए गए, गिरोह षड़यंत्र पूर्वक कर रहा काम N/A निःशुल्क शिक्षा के बहाने आदिवासी बच्चों को राजस्थान के बाहर लेजा कर धर्मान्तरण करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धर्मान्तरण करवाने वाले गिरोह के सदस्य बच्चों को पहले अहमदाबाद और गोआ लेकर पहुंचा। झा से उन्हें तमिलनाडु लेजाया जा रहा था। इस दौरान रेलवे पुलिस ने उन्हें छुड़वा दिया। गिरोह के चंगुल से छुड़वाए बच्चो में 2 लड़कियां है। सभी की उम्र 7 से 12 साल के बीच की है। गोआ बाल कल्याण समिति की सूचना पर उदयपुर पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम गोआ पहुंची। टीम सभी बच्चों को लेकर आज उदयपुर पहुंची है。 इस सनसनीखेज खुलासे ले बाद उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो आईबी से पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीटीआई जैसे मंच व कानुवाड़ा थाना रिषभदेव के प्रकरण में चर्चित आनलाईन पैसों के विस्तृत लेनदेन को देखते हुए इसी अनुरूप गहन जांच की मांग की है। सांसद डॉ रावत ने कहा कि उदयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियां का सुनियोजित इकोसिस्टम, आदिवासी और गरीब जरुरतमंद लोगों का कथित मदद और प्रलोभन देकर सुनियोजित अवैध धर्मान्तरण की रचना चला रही है। ऐसे 15 से ज्यादा मामले मुख्यतः कानुवाड़ा-उदयपुर, बिछीवाड़ा- डूंगरपुर और कलिंजरा-बांसवाडा में सामने आ चुके हैं। ईसाई मिशनरियों के खिलाफ लोग जागरुक हुए हैं तो इन्होंने अपना मिशन का तरीका बदल दिया है। अब ये लोगों को राजस्थान से बाहर ले जाकर धर्मान्तरण की सुनियोजित रचना चला रहे हैं। ऐसा ही बच्चों के साथ कर रहे हैं। सांसद डॉ रावत ने बताया कि गोवा की बाल कल्याण समिति ने उदयपुर में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष यशोदा पणियां को सूचना दी जिस पर उन्होंने यहां से फोन पर पूरी जानकारी लेकर बच्चों को वापस लाने टीम भेजी। उदयपुर से पुलिस जाब्ते के साथ टीम गोवा गई जो शनिवार को उदयपुर पहुंची है। यशोदा पणियां से बच्चों से भी चर्चा की। पता चला कि ये बच्चे झाडोल तहसील के विभिन्न गांवों के है और 7 से 12 साल तक के हैं। ये झाडोल में भी चर्च में जाते थे, ऐसा बच्चों ने बताया। बताया गया कि जहां इन गरीब बच्चों को पढ़ाई के नाम पर ले जाया जा रहा है, वहां पहले से ही उदयपुर के कुछ बच्चे हैं जिनमें से 15 की संख्या तो सामने आ चुकी है। इससे क्षेत्र में आक्रोश फैलने की संभावना बताई है। संसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर आने के बाद इन बच्चों, परिजनों व ग्रामीणों से भी जानकारी ली जानी चाहिए। इनके परिजनों को भी बुलवाया जा रहा है और बाल कल्याण समिति व पुलिस द्वारा संपूर्ण व गहन पडताल के बाद बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। सांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार हेतु सरकार की जीरामजी जैसी सभी योजनाओं के संचालन के बावजूद खासकर आदिवासी इलाकों में ईसाई मिशनरियां व उनका इकोसिस्टम, आम लोगों को विविध लालच देकर और भ्रमित करके धर्मान्तरण के काम में संलग्न होने की सूचना है। स्थानीय स्तर पर हो हल्ला नहीं हो इसलिए ये अब राजस्थान से बाहर अपने अड्डे बना रहे हैं। बच्चों को शिक्षा देने के बहाने वहां लेकर धीमा परंतु पूरी तरह संस्कृति से पृथक कर अल्पसंख्यक बनाने का काम किया जाएगा। विश्व हिन्दू परिषद की टीम भी पहुंची: शिक्षा के नाम पर बच्चों को राजस्थान से बाहर ले जाने की सूचना पर विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री सुंदरजी कटारिया ने भी संपूर्ण जानकारी ली और परिषद के कार्यकर्ता करण राजपुरोहित व अन्य बाल कल्याण समिति भी पहुंचे जहां उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को दी。
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