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Raj Kumar YadavRaj Kumar YadavFollow28 Jan 2025, 05:29 pm
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57 करोड़ के प्लांट से कीड़े युक्त पानी, अंता में पेयजल संकट कायम

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:खबर : अंता (बारां) 57 करोड़ के प्लांट से आ रहा मटमैला कीड़े युक्त पानी, आए दिन प्लांट खा रहा हिचकोले, प्लांट बना आमजन के लिए मुसीबत. बारां जिले के अंता में 57 करोड़ की लागत से शुद्ध पेयजल को लेकर लगाया गया प्लांट आमजन के लिए मुसीबत बना हुआ है। शुद्ध पेयजल के नाम पर आए दिन आमजन को कीड़ो युक्त मटमैला पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अफसोस अधिकारियों द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बताओ कि 42 गांवों सहित कस्बे में पेयजल सप्लाई करने वाला नागदा बलदेवपुरा प्लांट लंबे समय से हिचकोले खा रहा है—कभी कर्मचारियों द्वारा वेतन नहीं मिलने के कारण प्लांट को ठप्प कर दिया जाता है तो कभी क्लोरिन खत्म हो जाने से आमजन को मटमेला पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर 2017 में शुरू हुई नागदा बलदेवपुरा पेयजल योजना से प्रतिदिन 70 लाख लीटर पीने के पानी की जलापूर्ति की जाती है जिसमें से अंता कस्बे को प्रतिदिन 29 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है, परन्तु कई दिनों से यह पेयजल योजना आमजन के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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डायल-112 ने 55 किमी 40 मिनट में युवक को अस्पताल पहुँचाकर जान बचाई

Panna, Madhya Pradesh:जहर खाया फिर होश आया कि जिंदा रहना है सल्फास खाने के बाद युवक ने डायल-112 से मांगी मदद। लोकेशन के आधार पर खोजकर पुलिस ने 40 मिनट में लगभग 55 किलोमीटर से युवक को समय पर पहुँचाया अस्पताल。 पन्ना जिले के थाना सिमरिया अंतर्गत हरदुआ चौकी पुलिस एवं डायल-112 टीम ने समय रहते गंभीर अवस्था में पड़े युवक को अस्पताल पहुँचाया, जिससे उसकी जान बच गई । दरअसल डायल-112 कंट्रोल रूम, भोपाल से सूचना प्राप्त हुई कि हरदुआ चौकी क्षेत्र में एक युवक ने (जहरीला पदार्थ) सल्फास खा लिया है। और सलफास खाने के बाद उसकी मरने की इच्छा खत्म हो गई और उसने तुरंत स्वयं डायल-112 पर कॉल कर सहायता मांगी थी, किंतु उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह स्पष्ट रूप से अपनी बात भी नहीं बता पा रहा था。 सूचना मिलते ही हरदुआ चौकी पुलिस एवं डायल-112 टीम ने कॉल की लोकेशन के आधार पर खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम पड़रिया मोड़ के समीप पहुँची, जहाँ एक युवक सागौन के पेड़ के नीचे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके पास मोटरसाइकिल खड़ी थी तथा घटनास्थल पर सल्फास की गोलियाँ भी बिखरी हुई थीं। युवक के मुँह से झाग निकल रहा था और उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी。 स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 के पायलट देवेंद्र कुशवाह एवं सैनिक विनोद द्विवेदी ने युवक को वाहन में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई के लिए रवाना हुये। टीम ने लगभग 55 किलोमीटर की दूरी मात्र 40 मिनट में तय कर युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारम्भ किया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया。 उपचार के उपरांत युवक की पहचान भूपेंद्र बर्मन, पिता कृपाल बर्मन, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम बौधा, थाना सिमरिया, जिला पन्ना के रूप में हुई। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत में सुधार है और वह अब खतरे से बाहर है।
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NH-709 हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉला भिड़ंत, दो घायल—ट्रॉला चालक फरार

Jhunjhunu, Rajasthan:पिलानी-लोहारू मार्ग पर सड़क हादसा. अनाज से भरे ट्रॉले ने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मारी. ईंटों से भरे ट्रैक्टर को टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर ट्रॉले के आगे फंस गया और दोनों वाहन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. ट्रॉला दुर्घटना के बाद पलट गया, जिससे सड़क पर चने की बोरियां और अनाज बिखर गया. कुछ समय के लिए राजमार्ग पर जाम की स्थिति बनी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रॉला चालक मौके से फरार हो गया. हादसे में ट्रैक्टर पर दो युवक सवार थे जो घायल हुए. ग्रामीणों व राहगीरों ने मदद कर घायलों को पिलानी अस्पताल पहुँचाया. प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर मंड्रेला क्षेत्र का बताया गया है, चालक लोहारू का निवासी बताया गया है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. आवाज़ तेज होने के कारण आसपास के गांवों तक सुनाई दी. पुलिस मौके पर पहुँचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू किया. स्थानीय लोगों के अनुसार संभव वजह टायर फटना भी हो सकती है, पर რადგან कारण अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. दोनों घायलों का उपचार जारी है और फरार ट्रॉला चालक की तलाश हो रही है.
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हरिद्वार में 100 साल की दादी के साथ कांवड़ यात्रा, पोतों ने किया सम्मान

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज़/हरिद्वार हरिद्वार में कांवड़ के साथ दिखा संस्कारों का अनोखा दृश्य, 100 साल की दादी को कांवड़ में बैठाकर ले गए दो पोते। सावन में गंगाजल लेने पहुंचे शिवभक्तों के बीच दादी के प्रति पोतों का प्रेम बना आकर्षण का केंद्र, कंधों पर कांवड़ और उसमें विराजमान दादी। दोनों पोतों ने दादी को अपने साथ कांवड़ यात्रा पर ले जाने का लिया संकल्प, बोले—दादी को कंधे पर उठाना हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि प्यार और सम्मान है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए दोनों पोते, रास्ते में लोगों ने भी इस अनोखी कांवड़ को देखकर की सराहना। 100 साल की दादी को कांवड़ में साथ लेकर निकले पोतों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने।
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रायसेन के संदीपनी स्कूल में बसों की कमी से छात्र-छात्राएं सप्ताह में सिर्फ तीन दिन पढ़ाई

Raisen, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उदयपुरा संदीपनि विद्यालय में स्कूल बसों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इस साल लगभग 2800 बच्चों का दाखिला हुआ, जिनमें से करीब 1700 ने स्कूल बस की सुविधा मांगी। लेकिन विद्यालय के पास महज 16 बसें हैं, जबकि एक बस में 55-60 बच्चे बैठते हैं, यानी इन 16 बसों से करीब 1000 ही बच्चों का सफर संभव है। बाकी 700 बच्चों के लिए स्कूल ने एक नया निर्देश जारी किया—the बसों के अभाव के कारण अब छात्र और छात्राएं बारी-बारी से एक दिन छोड़कर स्कूल आएंगे। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि कोई छात्र निजी साधन से रोज आना चाहे, तो वह आ सकता है, पर सरकारी भरोसे के बच्चों के लिए एक अकादमिक मॉडल लागू किया गया है—जो पाठ सोमवार को लड़कों को पढ़ाया जाएगा, वही पाठ मंगलवार को लड़कियों के लिए दोहराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने शासन से अतिरिक्त बसों की मांग की है ताकि जब बसें आएँगी तो सभी बच्चे रोज बुलाए जा सकें। सवाल है कि इतने बड़े स्कूल की एडमिशन संख्या के बावजूद परिवहन व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई, क्या तीन दिन की हफ्ते पढ़ाई निजी स्कूलों के बच्चों से प्रतिस्पर्धा कर पाएगी, और यह फरमान सिर्फ बसों की कमी की कहानी नहीं, बल्कि प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता सच है:
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अबूझमाड़ के ओरछा में बाढ़ के बाद ग्रामीण सुरक्षित अपने घर लौटे

Narayanpur, Jharkhand:एंकर - नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र स्थित ओरछा मुख्यालय में लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण साप्ताहिक बाजार में पहुंचे अंदरूनी गांवों के ग्रामीण फंस गए। बुधवार को बाजार में अपनी जरूरत का सामान खरीदने और कृषि उपज बेचने आए ग्रामीण तेज बारिश और उफनते नदी-नालों के चलते वापस अपने गांव नहीं लौट सके। मजबूरन उन्हें ओरछा मुख्यालय में ही रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा। तीन दिनों बाद बारिश थमने और नदीपारा नाले का जलस्तर घटने पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की। नदी के दोनों किनारों के बीच मजबूत रस्सी बांधी गई, जिसके सहारे एक-एक कर ग्रामीणों को सावधानीपूर्वक नाला पार कराया गया। इस दौरान पुलिस जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहे और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। इस राहत कार्य के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, ओरछा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा प्रशासनिक अमला लगातार मौके पर मौजूद रहा। सभी ने मिलकर ग्रामीणों को सुरक्षित उनके गांवों की ओर रवाना कराया। जनपद अध्यक्ष नरेश कोर्राम ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में आए दूरस्थ गांवों के ग्रामीण बुधवार से ही भारी बारिश और बाढ़ के कारण ओरछा मुख्यालय में फंसे हुए थे। शुक्रवार को जलस्तर कम होने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से नदीपारा नाले पर रस्सी बांधकर सुरक्षित मार्ग तैयार किया गया, जिससे ग्रामीण बिना किसी जोखिम के अपने घरों तक पहुंच सके। प्रशासन की इस त्वरित पहल और स्थानीय लोगों के सहयोग से एक संभावित हादले को टालते हुए अबूझमाड़ के ग्रामीणों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने में सफलता मिली।
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नीमच में खेल मैदान बचाने को सड़क पर प्रदर्शन, स्कूल बनाम मैदान का सवाल

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच। नीमच शहर के ऐतिहासिक खेल मैदान के अस्तित्व को बचाने के लिए मैदान बचाओ समिति के बैनर तले खिलाड़ियों और नागरिकों ने भारत माता चौराहा (फोर जीरो) पर अनोखा प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने बीच सड़क पर ही क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खेल मैदानों को इस तरह खत्म किया गया, तो आने वाले समय में बच्चों को खेलकूद के लिए मजबूरन सड़कों पर ही उतरना पड़ेगा। समिति ने स्पष्ट किया कि वे प्रस्तावित संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन स्कूल भवन का निर्माण शहर के मुख्य खेल मैदान के बजाय किसी अन्य वैकल्पिक भूमि पर किया जाना चाहिए। समिति सदस्यों के अनुसार, शहर के बीचों बीच स्थित क्रमांक 2 हाई सेकंडरी स्कूल मैदान वर्षों से क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स का प्रमुख केंद्र रहा है। यदि यहाँ निर्माण होता है, तो शहर के हजारों खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। समिति ने जनता और प्रशासन से अपील की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को देखते हुए खेल मैदान को सुरक्षित रखा जाए。
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मनाली में देर रात जिम्नी खाई में गिरी: दो युवकों की मौत, तीन घायल

Kullu, Himachal Pradesh:मनाली में देर रात मौत का तांडव: 20 फीट गहरी खाई में गिरी जिम्नी, दो युवकों की मौत, तीन घायल هي हिमाचल प्रदेश के पर्यटन नगरी मनाली से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। ओल्ड मनाली के क्लब हाउस के पास देर रात एक जिम्नी अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी मनालसु नाले की खाई में जा गिरी। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई,जो मंडी और कुल्लू के निवासी है, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवाए गए हैं। आखिर यह हादसा कैसे हुआ, पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
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टिहरी में मानसून से सड़क बंद, दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को ईडीडी सुविधा

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी जिले में मानसून के चलते रोड बंद होने और दूरस्थ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को ई डी डी के जरिए मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं,सी एम ओ डॉ रामप्रकाश का कहना है कि ई डी डी यानी अनुमानित प्रसव तिथि के जरिए सभी एम वाई सी को निर्देश दिए गए है कि वो दूरस्थ क्षेत्रों और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में जहां पर रोड बंद हो सकती है वहां गर्भवती महिलाओं को कॉल कर रहे है और डिलीवरी डेट को देखते हुए उन्हें पहले ही नजदीकी अस्पताल जहां पर डिलीवरी की सुविधाएं है वहां एडमिट कर लिया जाएगा जिससे रोड बंद होने या किसी अन्य तरह की प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से उन्हें डिलीवरी के समय कोई दिक्कत न हो।
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