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AAsgharFollow30 Jan 2025, 09:51 am

Sultanpur: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आयोजित किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम

Sultanpur, Uttar Pradesh:

बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा और शहर अध्यक्ष शकील अंसारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे जिला कार्यालय में बापू के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद, कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कार्यालय से शहर के सुपरमार्केट और दीवानी चौराहे के पास स्थित जलकल में महात्मा गांधी की प्रतिमा तक गए, जहां उन्होंने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की।

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कबीरधाम में खप्पर यात्रा सुरक्षित, पुलिस ने फ्लैगमार्च से जारी चेतावनी

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा: शारदीय नवरात्रि पर्व एवं 19-20 अक्टूबर की दरम्यानी रात कवर्धा में निकलने वाली पारंपरिक देवी खप्पर यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए कबीरधाम पुलिस ने शहर में फ्लैगमार्च निकाला। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में निकाले गए इस फ्लैगमार्च के जरिए आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। साथ ही असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अलावा पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस अधिकारीयों और कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, गलियों और बाजार क्षेत्रों में भ्रमण किया। इस दौरान थाना सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। फ्लैगमार्च के दौरान प्रमुख एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति के जरिए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की तैयारियों को सुनिश्चित करना है। खप्पर यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नवरात्रि पर्व एवं देवी खप्पर यात्रा को आपसी भाईचारे, शांति और अनुशासन के साथ मनाएं। धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने, अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने पर्व के दौरान शांति बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैद रहने का संदेश दिया है।
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हेमंत सोरेन ने माता की अस्थियां रजरप्पा संगम पर विसर्जित कर दीं

Ranchi, Jharkhand:मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी माता स्व. रूपी सोरेन की अस्थियां रजरप्पा के दामोदर-भैरवी नदी संगम के जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट पर आज विसर्जित किया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक रीति-रिवाज, मान्यता व परंपराओं के तहत पूरी श्रद्धा के साथ अपनी पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन की अस्थियों को विधिवत रूप से विसर्जित किया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से गमगीन माहौल में अपनी पूजनीय माता की अस्थि कलश लेकर रजरप्पा के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मॉ छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा अवस्थित दामोदर-भैरवी के पवित्र संगम तट पर पहुंचे और जाड्ग बाहा तुपुनाई घाट पर अपने पूरे रीति-रिवाज, पारंपरिक संताली विधि-विधान का पालन करते हुए अस्थियां विसर्जित की। मुख्यमंत्री को परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में मांझी बाबा बिन्दे सोरेन, लुगू गोडैत, सुरेन्द्र टुडू, पारानीक बाबा महावीर मुर्मू, सोमाय टुडू, जीतलाल मुर्मू आदि ने पारंपरिक विधि-विधान संपन्न कराया। वस्त्र वितरित मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी विधि-विधान व अस्थि विसर्जन की परंपरा का निर्वहन करने के उपरांत ग्रामीणों के बीच वस्त्र का वितरण किया। पारंपरिक विधि-विधान निर्वहन के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के साथ उनके पारिवारिक सदस्य उपस्थित रहे। विदित हो कि मुख्यमंत्री की पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन का 18 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा में संस्कार भोज संपन्न हुआ था।
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औरैया हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल,कई पीढ़ियों से मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे रावण के पुतले कानिर्माण

Ashwani bajpaiAshwani bajpaiFollow6m ago
Auraiya, Uttar Pradesh:यूपी के औरैया जनपद में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी नुमाइश मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला में इस बार करीब 50 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक रावण दहन के लिए पुतला मुस्लिम कारीगरों द्वारा बनाया जा रहा है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश करता है। वीओ - जालौन जिले से आए मुस्लिम कारीगर कई पीढ़ियों से रावण के पुतले बनाने का काम करते आ रहे हैं। इस बार भी कारीगर पूरी मेहनत और लगन के साथ पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पुतले को बनाने में मुख्य रूप से बांस की लकड़ी, कागज और बोरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे तैयार करने में करीब 80 से 90 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक खर्च आने का अनुमान है। पुतले के निर्माण कार्य में तीन से चार कारीगर लगे हुए हैं। दशहरे के दिन दोपहर 12 बजे तक पुतला तैयार कर लिए जाने की उम्मीद है। जालौन जिले के निवासी कारीगर अफसर ने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी रावण के पुतले बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि औरैया में उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान मिला है। किसी भी तरह का भेदभाव महसूस नहीं हुआ। कमेटी के सदस्यों और स्थानीय लोगों का व्यवहार हमेशा अच्छा रहा है। उन्होंने बताया कि दशहरे के सीजन में रावण के पुतले और मोहर्रम के दौरान ताजिए बनाने का काम किया जाता है। इसके अलावा आसपास के अन्य स्थानों पर भी पुतले तैयार किए जा रहे हैं। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष छुन्ना मिश्रा ने बताया कि वह कई वर्षों से पुरानी नुमाइश मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम देखते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जालौन जिले से आने वाले मुस्लिम कारीगर लंबे समय से यहां रावण का पुतला बनाते हैं। यही कारीगर ताजिए बनाने का काम भी करते हैं। उरई और जालौन से आने वाले कारीगर अपने पिता और बाबा के समय से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कारीगरों की कारीगरी बेहद शानदार है और इनके द्वारा तैयार किया जाने वाला रावण का पुतला औरैया के ऐतिहासिक रावण दहन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि औरैया में गंगा-जमुनी तहजीब आज भी कायम है। यहां सभी धर्मों के लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं। कारीगरों को भी पूरा सम्मान और सहयोग दिया जाता है। दशहरे के दिन रावण दहन से पहले पुतले को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। औरैया के पुरानी नुमाइश मैदान में तैयार हो रहा 50 फीट ऊंचा रावण का पुतला केवल दशहरा उत्सव का आकर्षण नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही साझा संस्कृति, आपसी विश्वास और हिंदू-मुस्लिम एकता का भी प्रतीक है।
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टोंक पंचायत चुनाव: कांग्रेस ने जीत के लिए जारी की रणनीति, जिताऊ उम्मीदवारों पर जोर

Tonk, Rajasthan:टोंक में पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस की अहम बैठक, जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को मिलेगा टिकट पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, टोंक में नेताओं ने बनाई चुनावी रणनीति राजस्थान में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज होने के साथ ही कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय टोंक में कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आगामी पंचायत चुनाव की रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और संगठन को मजबूत बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सांसद हरीशचंद्र मीना, विधायक प्रशांत शर्मा, पंचायत चुनाव प्रभारी बृजेंद्र ओला, पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा और सह प्रभारी सुमित गर्ग सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक तैयारियों और योग्य उम्मीदवारों के चयन पर जोर दिया। जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को मिलेगा टिकट पंचायत चुनाव प्रभारी बृजेंद्र ओला ने कहा कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी जीत के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण में उम्मीदवार की योग्यता, जनाधार और चुनाव जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारने पर जोर देगी。 CR और DR पदों के लिए भी लिए जाएंगे आवेदन बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से CR और DR पदों के प्रत्याशी के आवेदन लेने की प्रक्रिया भी की जाएगी। पार्टी स्तर पर आवेदन और उम्मीदवारों के चयन को लेकर आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी。 कुल मिलाकर, पंचायत चुनाव से पहले टोंक में कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा के साथ ही पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट कर दीं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन और चुनावी मैदान में अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है。
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नवरात्रि में जोधपुर के प्रागट्य संतोषी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर में इण ठांवै प्रगट हुई मां संतोषी, नवरातरा में उमड़ै श्रद्धालु; पदचिह्नां रा दरसण खातर लागै कतारां लाल सागर रै प्रागट्य संतोषी माता मंदिर में राजस्थान समेत दिल्ली, हरियाणा अर पंजाब सूं आवै भक्त, मनौती पूरी होवण री मान्यता सूं जुड़ी है गहरी आस्था जोधपुर। नवरातरा रा नौ दिनां में मां दुर्गा रै नौ रूपां री पूजा-अर्चना खातर मंदिरां में श्रद्धालुआं री भीड़ उमड़ री है। जोधपुर में भी अलग-अलग देवी मंदिरां में खास पूजा-पाठ अर धार्मिक अनुष्ठान होवेला। इण बीच शहर रै लाल सागर इलाकै में कृषि मंडी रै पाछै स्थित प्रागट्य संतोषी माता मंदिर श्रद्धालुआं री आस्था रो प्रमुख केंद्र बणेलो है। मान्यता है कि इण ठांवै मां संतोषी खुद प्रगट हुई हती। इण कारण नवरातरा रै दौरान मंदिर में भक्तां री लंबी कतारां लागै अर दूर-दराज सूं श्रद्धालु माता रै दरसण करबा आवै। पदचिह्नां अर शेर रै पंजां रा दरसण प्राचीन मान्यतावां सूं जुड़ेलै इण मंदिर में मां संतोषी रै प्रति भक्तां री अटूट आस्था देखण नै मिलै। मंदिर में माता रै पदचिह्न अर शेर रै पंजां रा निशान होवण री बात भी श्रद्धालुआं री आस्था सूं जुड़ी है। भक्त इण निशानां नै माता री महिमा रो प्रतीक मानै अर दरसण कर सुख-समृद्धि री कामना करै। प्रागट्य संतोषी माता मंदिर में केवल जोधपुर ही कोनी, बल्कि राजस्थान रै अलग-अलग जिल्यां समेत दिल्ली, हरियाणा अर पंजाब सूं भी श्रद्धालु आवै। नवरातरा रै मौका पर मंदिर में खास पूजा-अर्चना होवै। इण दौरान सवेरे सूं ही दर्शनार्थियां रो आवणो शुरू हो जावै अर दिनभर भक्तां री आवाजाही बणी रहै। मंदिर में दरसण करबा आवैला कई श्रद्धालुआं रो कहणो है कि वे दूर-दराज सूं माता रै दरसण करबा आवै। भक्तां री मान्यता है कि माता रै दरबार में मांगी गई मनौती पूरी होवण पर वे हर साल मंदिर में धोक देवण आवै। श्रद्धालु माता रै प्रति आपणी आस्था जतावै अर परिवार री खुशहाली री कामना करै। बारह महीना खुल्ला रहै माता रो दरबार नवरातरा में खास पूजा-पाठ, श्रद्धालुआं री लंबी कतारां अर दूर-दराज सूं आवैला भक्त इण मंदिर री धार्मिक महत्ता नै दर्शावै। जोधपुर रै इण आस्था स्थल पर मां संतोषी रै दरसण करबा खातर हर साल बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचै।
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जोधपुर के संतोषी माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान दूर-दराज से भक्तों की भीड़

Jodhpur, Rajasthan:लाल सागर स्थित प्रागट्य संतोषी माता मंदिर में राजस्थान सहित दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से पहुंचते हैं भक्त, मन्नत पूरी होने की मान्यता से जुड़ी है गहरी आस्था जोधपुर। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जोधपुर में भी विभिन्न देवी मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इसी बीच शहर के लाल सागर क्षेत्र में कृषि मंडी के पीछे स्थित प्रागट्य संतोषी माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि इस स्थान पर मां संतोषी स्वयं प्रकट हुई थीं। यही वजह है कि नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं और दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राचीन मान्यताओं से जुड़े इस मंदिर में मां के प्रति भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिलती है। मंदिर में पदचिह्नों और शेर के पंजों के निशान होने की बात भी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है। भक्त इन निशानों को माता की महिमा का प्रतीक मानते हैं और दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं。 दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु प्रागट्य संतोषी माता मंदिर में केवल जोधपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस दौरान सुबह से ही दर्शनार्थियों का पहुंचना शुरू हो जाता है और दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रहती है। मंदिर पहुंचे कई श्रद्धालुओं का कहना है कि वे दूर-दराज से माता के दर्शन करने आते हैं। उनकी मान्यता है कि माता के दरबार में मांगी गई मन्नत पूरी होने पर वे हर साल यहां आकर धोक लगाते हैं। श्रद्धालु अपने अनुभव साझा करते हुए मां संतोषी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। बारह महीने खुले रहते हैं माता के द्वार नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन यहां सालभर भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बारहों महीने खुले रहने वाले इस मंदिर में लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और माता से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। नवरात्र में विशेष पूजन, श्रद्धालुओं की लंबी कतारें और दूर-दराज से आने वाले भक्त मंदिर की धार्मिक महत्ता को दर्शाते हैं। जोधपुर के इस प्राचीन आस्था स्थल पर मां संतोषी के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं。
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जालौन में हाईटेंशन लाइन ने श्रद्धालु को झुलसा, बिजली विभाग पर सवाल

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में बिजली विभाग की लापरवाही से श्रद्धालु के साथ बड़ा हादसा, ज्वारे लेकर शारदा ماتا मंदिर वैरागढ़ जा रहा ट्रैक्टर ट्रॉली पर खड़ा युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया, 11 हजार वोल्ट की हाइट टेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसा युवक, गंभीर रूप से झुलसे से युवक विशाल अहिरवार को निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती, गांव में काफी नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुआ हादसा, गांव में काफी नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन की ग्रामीण बिजली विभाग से पहले कई बार कर चुके है शिकायत, जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के पनियारा गांव का मामला。
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झुंझुनूं के चिड़ावा में प्लास्टिक मुक्त अभियान: महिलाओं ने कपड़े के थैले अपनाने का लिया संकल्प

Jhunjhunu, Rajasthan:खबरां गांव री... के लिए गांव—चिड़ावा, जिला—झुंझुनूं - लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट ने महिलाओं को कपड़े के थैले देकर दिलाई शपथ - जिला प्रभारी राधेश्याम सुखाड़िया ने बताया— चिड़ावा में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत - हिन्दी सुंदरकांड ग्रुप की महिलाओं ने संभाली पर्यावरण संरक्षण अभियान की कमान - बाजार में पॉलीथिन छोड़ कपड़े के थैले अपनाने का नागरिकों से आह्वान - ट्रस्ट ने पोस्टर विमोचन कर घर-परिवार से बदलाव शुरू करने का संदेश दिया - महिलाओं ने हर खरीदारी में कपड़े का थैला इस्तेमाल करने का संकल्प लिया
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हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर में पिता-पुत्री के शव, मंजू की तलाश जारी

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में हरियाणा के ऐलनाबाद से पिछले तीन दिनों से लापता एक परिवार के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। सोमवार दोपहर में इंदिरा गांधी नहर में पिता भरत सहारण और उनकी पुत्री लता के शव बरामद होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वहीं,भरत की पत्नी मंजू का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस और गोताखोरों की टीम नहर में उसकी तलाश करने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, भरत सहारण अपनी पत्नी मंजू और पुत्री लता के साथ तीन दिन पहले हरियाणा के ऐलनाबाद से लापता हुए थे। इसके बाद से ही परिजन और पुलिस उनकी तलाश कर रहे थे। अब इंदिरा गांधी नहर में पिता-पुत्री के शव मिले है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि तीनों बाइक सहित नहर में गिर गए होंगे। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलने पर तलवाड़ा पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नहर से दोनों शवों को बाहर निकलवाया। तलवाड़ा झील थाना पुलिस के एएसआई अजीत सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की ओर से भरत सहारण और उनकी पुत्री लता की मौत के कारणों का पता लगाने के साथ मंजू की तलाश की जा रही है। यह हादसा है या आत्महत्या, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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सीएम ने राखीगढ़ी महोत्सव से विरासत को विश्व मंच पर पहुंचाने का संकल्प जताया

Hansi, Haryana:हाँसी राखीगढ़ी महोत्सव: सीएम नायब सैनी ने किया शुभारंभ, गांव को 51 लाख रुपये देने की घोषणा राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ, सीएम नायब सैनी बोले- अपनी विरासत को जानें, अपनी माटी पर गर्व करें 188 करोड़ रुपये की लागत से राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में होगा काम, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास जारी हांसी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को नारनौंद क्षेत्र के गांव राखीगढ़ी में सात दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राखीगढ़ी की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने, इसके संरक्षण, अनुसंधान और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी केवल पुरातात्विक अवशेषों का स्थल नहीं है, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण प्रमाण है। उन्होंने गांव को 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास का महत्व केवल अतीत को जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना भी है। राखीगढ़ी की सुनियोजित बस्तियां हमें अपने गांवों और शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राखीगढ़ी आएं तो केवल तस्वीरें लेकर न लौटें, बल्कि यहां के इतिहास और पुरातात्विक वस्तुओं के बारे में सवाल पूछें, चर्चा करें और जानने का प्रयास करें। सवाल पूछने वाला युवा ही खोजकर्ता बनता है और खोज से नया ज्ञान पैदा होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी के महत्व को देखते हुए हरियाणा सरकार इसके संरक्षण, विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। यहां संग्रहालय एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर के निर्माण का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अगले चरण में 188 करोड़ रुपये की लागत से इसे विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो। इसके साथ ही सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के बीच बेहतर संपर्क, पर्यटन सुविधाएं और समन्वित विकास को बढ़ावा मिल सकेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सीएम नायब ने कहा कि पुरातत्वविदों के अनुसार राखीगढ़ी लगभग 550 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका आकार मोहनजोदड़ो से भी बड़ा बताया जाता है। यह सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थलों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन नगरीय सभ्यता को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस विरासत का संरक्षण करना और इससे मिलने वाले ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र 'विकास भी, विरासत भी' का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी जरूरी है। देश को विश्वस्तरीय विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान पर भी गर्व होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को स्थानीय इतिहास और विरासत से परिचित कराएं। विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों और संग्रहालयों का भ्रमण करवाया जाए तथा विद्यालयों में राखीगढ़ी पर प्रश्नोत्तरी, परिचर्चा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में युवा राखीगढ़ी के प्रामाणिक इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को इस विरासत का केवल दर्शक नहीं, बल्कि इसके प्रभावशाली दूत बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान राखीगढ़ी से प्राप्त साक्ष्यों, नवीन खोजों और भविष्य में शोध की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। इससे नए शोध, संस्थागत सहयोग और ज्ञान के व्यापक प्रसार को बढ़ावा मिलेगा तथा राखीगढ़ी की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। उन्होंने हरियाणा के अन्य ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि नूंह के पुराने तहसील भवन, लोहारू के किले और तावड़ू के मकबरा परिसर को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त पंचकूला के सेक्टर-5 में अत्याधुनिक पुरातাত्विक संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने के लिए कला एवं संस्कृति नीति तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों तक पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं, ताकि हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक धरोहर का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना, शोध को प्रोत्साहित करना, पर्यटन का विस्तार करना और हरियाणा की पहचान को दुनिया तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी का गौरव केवल हरियाणा का गौरव नहीं, बल्कि पूरे भारत की सभ्यतागत विरासत का गौरव है। उन्होंने लोगों से अपनी धरोहर को संजोने, सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने और अपनी मिट्टी से प्रेरणा लेकर समृद्ध एवं सशक्त हरियाणा के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि गांव की ओर से उन्हें मांगपत्र भी सौंपा गया है। उन्होंने मांगपत्र में शामिल कार्यों को करवाने का आश्वासन देते हुए गांव के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस राशि में से वाल्मीकि धर्मशाला के निर्माण के लिए भी पैसा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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