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Raj Kumar YadavRaj Kumar YadavFollow26 Nov 2024, 12:43 pm

गौतमपुर निवासी युवक की बारात में हुई हत्या मामले में सपा प्रमुख ने भेजी एक लाख की सहायता

Lambhua, Uttar Pradesh:

दोस्त के साथ बरात गए युवक की बीती छः अक्टूबर को हुई निर्मम हत्या मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। सोमवार को एक लाख का चेक लेकर पूर्व विधायक संतोष पांडेय व जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव युवक के घर पहुँचे और उन्हें सहायता चेक सौंपा। प्रकरण में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत करवाया था। इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उ

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रीवा में सरकारी भूमि पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में सरकारी जमीन पर प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। जेल रोड स्थित अनाथालय की करीब 4 एकड़ बेशकीमती शासकीय भूमि पर संचालित दो निजी मैरिज गार्डनों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि तहसील न्यायालय के बेदखली आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जबकि संचालक ने कार्रवाई को जल्दबाजी बताते हुए समय नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत जेल रोड पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। करीब ₹150 करोड़ मूल्य की बताई जा रही लगभग 4 एकड़ शासकीय भूमि पर बुलडोजर चलाकर दो निजी मैरिज गार्डनों के निर्माण को जमींदोज़ कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि यह भूमि अनाथालय की शासकीय भूमि है, जिस पर पूर्व में नगर निगम की अनुमति से दो निजी मैरिज गार्डन संचालित किए जा रहे थे। हालांकि बाद में उनकी अनुमति समाप्त कर दी गई थी। तहसील न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। एसडीएम के अनुसार पिछले पांच माह से इस मामले में प्रक्रिया चल रही थी और संबंधित पक्ष को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी। वहीं मैरिज गार्डन संचालक ज्ञानचंद्र निगम ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अनाथालय से जमीन किराए पर ली थी और वर्ष 2030 तक लीज होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें केवल एक दिन पहले नोटिस दिया गया और अपना पक्ष रखने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश और नियमानुसार की गई है, जबकि संचालक इसे अनुचित बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं।
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देहरादून में पुल धसने से एप्रोच रोड बंद, 5 घंटे में मरम्मत

Dehradun, Uttarakhand:एंकर राजधानी देहरादून में प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के पास का पुल एप्रोच रोड धसने के कारण फिलहाल बंद हो चुका है। पुल को दुरस्त करने का काम चल रहा है। ज़ी मीडिया से खास बात करते हुए पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने बताया कि पुल का स्ट्रक्चर पूरी तरीके से मजबूत है उसे कोई हानि नहीं हुई है लेकिन पुल का एप्रोच रोड एक जगह से धंस गया है जिसकी मरम्मत का काम लगातार जारी है । अगले 5 घंटे में मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा इसके बाद शुरुआत में छोटी गाड़ियों के लिए ट्रैफिक सुचारु किया जाएगा टिक टैक दयानंद चीफ इंजीनियर PWD देहरादून
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संभल हिंसा: अदालत में नियमित सुनवाई शुरू, आरोपियों के खिलाफ फैसला जल्द

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। संभल हिंसा के आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम, मोहम्मद वारिस के खिलाफ जिला कोर्ट में चल रहे हिंसा के केस के मामले में बड़ी खबर। संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस के खिलाफ मामले की जिला कोर्ट में अब होगी नियमित सुनवाई। दंगे के आरोपियों के खिलाफ चल रहे मामलों में जल्द फैसले के लिए जिला कोर्ट ने अहम फैसला लिया है। संभल हिंसा के मामले के सभी गवाह कोर्ट में बयान दर्ज करा चुके हैं, सिर्फ विवेचकों के बयान दर्ज होने बाकी। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क और विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली भी संभल हिंसा के आरोपी। संभल हिंसा के मामले में कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ शासन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित का बड़ा दावा। जिला कोर्ट में संभল हिंसा के मामले की पत्रावलियों पर सुनवाई पूर्ण होने के बाद सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क और मस्जिद के सदर जफर अली के खिलाफ हाईकोर्ट में मामले की पुरजोर पैरवी करेंगे।
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देहरादून में भारी बारिश से हाई अलर्ट, नदियों के किनारों पर खतरा

Noida, Uttar Pradesh:Dehradun (Uttarakhand): High Alert Amid Heavy Rainfall, River Areas Monitored नदियों में पानी का स्तर और बहाव बढ़ने के कारण, अधिकारियों ने लोगों को पुलों, नदी के किनारों और खासकर सोंग नदी के पास केशवपुरी बस्ती जैसे इलाकों में न रहने की चेतावनी जारी की है। डूबने और ज़मीन के कटाव का खतरा ज़्यादा है। चंद्रभागा और गंगा घाटों के पास रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं, क्योंकि भारी बारिश और श्रीनगर से पानी छोड़े जाने के कारण हालात और खराब हो गए हैं। ध्यान रखें कि बच्चे तेज़ी से बहते पानी से दूर रहें और अस्थायी दुकान चलाने वाले अपनी दुकानें सुरक्षित जगहों पर ले जाएं।
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10वीं डिलीवरी के लिए अस्पताल से इनकार, स्वास्थ्य विभाग सुरक्षित प्रसव के प्रयास में

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नौ बच्चों की माँ अपनी 10वीं डिलीवरी के लिए चिकित्सकों की सलाह मानने को तैयार नहीं है. गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के बावजूद गर्भवती महिला ने सिजेरियन ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल से वापस घर लौट आई. अब स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम महिला और उसके परिजनों को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए लगातार समझाइश दे रही है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोटकासिम ब्लॉक के मुनपुर ठाकरान, खानपुर निवासी नारायण की पत्नी सरोज की यह 10वीं गर्भावस्था है. पहले से नौ बच्चे हैं. उसकी नियमित मॉनिटरिंग स्वास्थ्य सखी और एएनएम द्वारा की जा रही थी. 21 जुलाई को महिला को उप स्वास्थ्य केंद्र खानपुर लाया गया, जहां चिकित्सक श्रीपाल गुर्जर ने प्राथमिक जांच के बाद उसे CHC पूर में डॉ. मधु यादव को दिखाया. जांच के दौरान महिला का रक्तचाप 170 से 190 के बीच पाया गया, जिसे चिकित्सकों ने अत्यंत गंभीर और हाई रिस्क स्थिति माना. महिला को 108 एम्बुलेंस से अलवर के जनाना hospital रेफर किया गया, वहां विशेषज्ञों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया, लेकिन महिला जयपुर जाने के बजाय घर लौट आई. डॉक्टरों ने कहा कि महिला और शिशु की सुरक्षा के लिए अस्पताल में प्रसव जरूरी है; टीम लगातार प्रयास कर रही है कि महिला समय रहते अस्पताल के संपर्क में आकर भर्ती हो जाए.
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एंटी पेपरलीक कानून पर सियासत तेज, राठौड़ बोले राहुल गांधी से लोकप्रियता समझते हैं

Jaipur, Rajasthan:देश में प्रस्तावित एंटी पेपरलीक कानून को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक तरफ केंद्र सरकार इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सरकार की मंशा और उसके रिकॉर्ड पर सवाल उठा रहा है। राजस्थान में भी इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। पेपरलीक को लेकर हुए युवाओं के आंदोलन के बाद केंद्र सरकार लोकसभा में एंटी पेपरलीक कानून लाने की तैयारी में है...इस कानून को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है। राजस्थान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। राठौड़ ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद देश को सख्त कानून की उम्मीद है, लेकिन जब कानून लाने की बात आई तो कांग्रेस ने संसद में व्यवधान खड़ा करने की कोशिश की। राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें लगने लगा है कि संसद में शोर-शराबा करने से लोकप्रियता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध के बजाय संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेकर कानून पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए थी। राठौड़ का दावा है कि प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक ट्रायल, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने जैसे कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। कांग्रेस राज में पेपरलीक की सबसे बड़ी भूमिका सीकर की रही है। इसमें कोचिंग सेंटरों की रही जिनका संरक्षण गोविंद सिंह डोटासरा करते आए हैं। अब डोटासरा बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। कांग्रेस अपने इस मकसद में कभी कामयाब नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन प्रदेश की जनता और युवा सब कुछ देख रहे हैं। पेपरलीक का मुद्दा लंबे समय से राजस्थान की राजनीति के केंद्र में रहा है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष लगातार सरकारों को घेरता रहा है। अब जब केंद्र सरकार नया कानून लाने की तैयारी में है, तो इसे लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। युवाओं की सबसे बड़ी मांग हमेशा से यही रही है कि भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी हों और पेपरलीक माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो। अब नजर लोकसभा में पेश होने वाले एंटी पेपरलीक कानून पर है। कानून कितना प्रभावी होगा, इसका फैसला उसके लागू होने के बाद होगा...
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