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VIKASH KUMARVIKASH KUMARFollow29 Apr 2025, 07:31 am

Sonbhadra - सिंगरौली में ट्रक से टकराने से दो युवकों की दर्दनाक मौत

Obra, Uttar Pradesh:

अनपरा थाना क्षेत्र के औडी मोड़ सिंगरौली मार्ग पर सोमवार शाम एक हृदयविदारक घटना घटी। ककरी कोल खदान से दिहाड़ी मजदूरी कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे दो युवकों की कोयला लदे एक खड़े ट्रक से टक्कर हो गई, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवकुमार (उम्र करीब 23 वर्ष) पुत्र चतुरी प्रसाद और नाहर सिंह (उम्र करीब 33 वर्ष) पुत्र दयाशंकर, दोनों निवासी ग्राम कुलडोमरी टोला खोडिया थाना अनपरा सोनभद्र के रूप में हुई है। शिवकुमार और नाहर सिंह मोटरसाइकिल संख्या यूपी 64 एवाई 5113 पर सवार होकर जैसे ही वे औडी-सिंगरौली मुख्य मार्ग पर सुभाष ममता मोटर्स के पास पहुंचे, उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कोयला लदे ट्रक संख्या जेएच 02 एटी 9536 से टकरा गई।

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खैरागढ़ में मुक्तांजलि वाहन के अभाव से शव पहुंचाने में परिजनों को कष्ट

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम भुरसूली निवासी 50 वर्षीय जेलेब गोड की छत से गिरने से मौत के बाद पोस्टमार्टम तो हो गया, लेकिन शव को घर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल से कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूर परिजनों को मृतक के शव को मालवाहक वाहन में रखकर गांव ले जाना पड़ा़। यह घटना केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर करती है। मुक्तांजलि सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक अंतिम यात्रा की सुविधा देना है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। चिंताजनक बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले झूरानदी में दो मासूम भाई-बहन के शव कबाड़ वाहन में ले जाए गए थे, वहीं मोगरा के एक बच्चे का शव परिजन बस में लेकर खैरागढ़ पहुंचे थे। लगातार घटनाओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। सवाल यह है कि आखिर मुक्तांजलि वाहन कहां था? यदि वाहन उपलब्ध नहीं था? तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या शोकाकुल परिवारों को अपमान और परेशानी झेलना ही व्यवस्था की नियति बन गई? है? बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल रही हैं। अब जरूरत जिम्मेदारी तय करने और ऐसी व्यवस्था बनाने की है ताकि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन की अंतिम यात्रा के लिए मालवाहक वाहन का सहारा न लेना पड़े।
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मधुबनी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पर हत्या के आरोप

Madhubani, Bihar:मधुबनी में विवाहिता की संदिग्ध मौत से इलाके में फैली सनसनी,परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।घटना मधेपुर थाना क्षेत्र के चन्द्रदीप गांव की है। मृतिका की पहचान 25 वर्षीय अंजु कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया अंजु की शादी चार वर्ष पूर्व शंकर महतो से हुई थी। अंजु की दो साल की एक मासूम बेटी भी है। पति दिल्ली में मजदूरी का काम करते हैं और घटना के समय गांव में मौजूद नहीं थे। मायके वालों ने मृतका के ससुर राम बहादुर महतो और सास सहित अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अंजु को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था पहले भी हत्या का प्रयास हुआ था । मौत की सूचना मिलते ही मायके वाले गांव पहुंचे और पुलिस को सूचना दिया। घटना की सूचना मिलते ही मधेपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। मायके वालों के आवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या आत्महत्या सहित अन्य बिंदुओं पर जांच में जुट गई है घटना के बाद से मृतिका के ससुराल वाले घर से फरार हैं।पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।बाइट मृतिका के भाई परिजन
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चित्रकूट ब्लैकआउट पर हंगामा: बिजली कटौती के खिलाफ हजारों लोग थाने पहुंचे

Satna, Madhya Pradesh:सतना। पहले 48 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अंधड़ और फिर न्यायिक मजिस्ट्रेट और दो पुलिसकर्मी की अड़ी के कारण धर्मनगरी चित्रकूट में लगातार दूसरी रात भी ब्लैक आउट रही। भीषण गर्मी और दमघोटू उमस के बीच पावर कट होने से चित्रकूट में त्राहि-त्राहि मच गई। बिजली के साथ जल संकट गहराने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, बड़ी संख्या में भीड़ रजौला स्थित विद्युत कंपनी के पावर हाउस पर पहुंच गई। जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। घरों में पीने का पानी नहीं है। इन्वर्ट भी बोल चुके हैं। घटना की खबर पर पुलिस के साथ नायब तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया भी मौके पर पहुंचे। देर रात तक चित्रकूट की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। मझगवां स्थित 33/11 केवी पावर स्टेशन से चित्रकूट के रजौला और प्रमोदवन बस स्टेशन कनेक्ट हैं। रजौला से 4 और प्रमोदवन में 2 फीडर हैं। पावर सप्लाई रजौला से बंद की गई, लिहाजा पूरा शहर एक बार फिर से घुप्प अंधेरे में चला गया। विद्युत कंपनी के ड्यूटी में तैनात कर्मचारी ने बताया कि गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात तकरीबन एक बजे चित्रकूट में तेज रफ्तार से आंधी तूफान में समूचे चित्रकूट की बिजली बंद हो गई। भारी मशक्कत के बाद शुक्रवार को शाम को 5 बज कर 45 मिनट पर आपूर्ति बहाल तो हुई गतिरोध तब आ गया जब मजिस्ट्रेट लोग विद्युत कंपनी के रजौला स्थित 33/11 केवी सब स्टेशन पहुंचे और ऑपरेटर पंकज सेन को डरा धमका कर पूरे शहर की लाइट बंद करा दी। ऑपरेटर का मोबाइल छुड़ा लिया और तीनों वहीं पर कुर्सी डाल कर बैठ गए। इनका कहना था कि जब तक उनके घर की लाइट नहीं सुधरेगी तब तक पूरा चित्रकूट ब्लैक आउट रहेगा। उधर, 18 घंटे बाद सिर्फ 15 मिनट बिजली मिलने से सैकड़ों की संख्या में नाराज लोग रजौला सब स्टेशन पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख तीनों रसूखदार तो मौका भांप कर निकल गए। लेकिन आक्रोशित भीड़ इस मांग पर अड़ गई कि जब तक पूरे शहर की बिजली बंद कराने वालों के खिलाफ पुलिस अपराध नहीं दर्ज करती है तब तक पावर की आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी। मौके पर पहुंचे जेई प्रवीण वर्मा और आपरेटर पंकज सेन को साथ लेकर सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता चित्रकूट थाने पहुंचे। रजौला सब स्टेशन के ऑपरेटर ने लिखित शिकायत की है। चित्रकूट पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
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एसीबी ने बिलासपुर में बाबू को 40 हजार रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा

Korba, Chhattisgarh:कोरबा जिले के तुमान में आयोजित सुशासन तिहार शिविर स्थल में अचानक एंट्री करप्शन ब्यूरो बिलासपुर की टीम पहुँची और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को रिश्वत में लिए गए 40 हजार नगदी सहित रंगे हाथों दबोच लिया। दबोचे गए बाबू ने प्रधान पाठक से पासबुक में जीपीएफ कटौती दर्ज करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। मामले में रिश्वतखोर बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। दरअसल जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम रोगदा स्थित प्राथमिक शाला में अमृत लाल बघेल प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ हैं। वे मई माह में ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने सेवानिवृत्त से पूर्व अपने तमाम दस्तावेजों को दुरूस्त कराने में जुटे हुए थे। वे रोगदा से पहले पोंड़ी उपरोड़ा विकासखंड में पदस्थ थे। इस दौरान उनके पासबुक में जीपीएफ की रकम से संबंधित कुछ जानकारी संधारित नही हुई थी। उन्होंने जीपीएफ की कटौती दर्ज करने पासबुक को पोंड़ी उपरोड़ा बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा के पास छोड़ा था। प्रधान पाठक अमृतलाल बघेल जानकारी लेने बाबू के पास पहुंचे। बाबू प्रदीप मिश्रा ने प्रधान पाठक से पासबुक में जीपीएफ की कटौती दर्ज करने 40 हजार की मांग की। जिसकी शिकायत प्रधान पाठक ने एंट्री करप्शन ब्यूरो के बिलासपुर स्थित कार्यालय में कर दी। एसीबी ने शिकायत की तस्दीक कराई तो शिकायत सही पाया गया। शिकायत की पुष्टि होते ही एसीबी के अफसर अजितेश सिंह ने बाबू को रंगे हाथ पकड़ने योजना तैयार कर ली। योजना के प्रधान पाठक ने बाबू से बातचीत की। उसने रिश्वत की रकम लेकर प्रधान पाठक को सुशासन तिहार के तहत तुमान में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में बुलाया। उसके बुलावे पर प्रधान पाठक 40 हजार लेकर मिडिल स्कूल प्रांगण पहुंचा। उसने बाबू को नगदी रकम सौंप दिए। बाबू ने जैसे ही रकम अपने जेब में रखे आसपास फैली एसीबी की टीम ने दबोच लिया。 टीम ने बाबू से रिश्वत में लिए गए रकम को बरामद कर लिया। इसके साथ ही टीम बाबू को पास ही स्थित एक भवन में ले गई, जहां बरामद रकम की जांच की गई, तो रिश्वत की पुष्टि हो गई। मामले में एसीबी ने रिश्वतखोर बाबू के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की है। एसीबी ने अपील की है कि किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तत्काल सूचना दें, ताकि भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके。
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उज्जैन के सिंहस्थ 2028 के लिए 1100 करोड़ के टेंपल बॉन्ड से मंदिर विकास

Ujjain, Madhya Pradesh:पहली बार 'टेंपल बॉन्ड' का प्रयोग: 11 मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे 1100 करोड़, सिंहस्थ 2028 से पहले बदलेगी तस्वीर संभागायुक्त आशीष सिंह बोले— करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए तैयार किया गया मास्टर प्लान, 200 करोड़ के टेंपल बॉन्ड होंगे जारी उज्जैन। सिंहस्थ 2028 महाकुंभ की तैयारियों के बीच उज्जैन संभाग के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर एक बड़ी और अनूठी योजना सामने आई है। देश में पहली बार मंदिरों के विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार के लिए "टेंपल बॉन्ड" जारी करने की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत 11 प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार एवं विकास कार्यों पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की गई। बैठक के बाद आशीष सिंह ने बताया कि सिंहस्थ 2028 महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में केवल महाकाल मंदिर ही नहीं, बल्कि शहर और संभाग के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचेगी। इसे ध्यान में रखते हुए विभिन्न मंदिरों के विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। आशीष सिंह ने बताया कि श्री कालभैरव मंदिर, श्री मंगलनाथ मंदिर, श्री सांदीपनी आश्रम, नवग्रह मंदिर, 84 महादेव मंदिर, श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर, मां भूखी माता मंदिर, मां गढ़कालिका मंदिर, श्री सिद्धवट मंदिर, मां बगलामुखी माता मंदिर सहित कुल 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए डीपीआर तैयार की गई है। इन मंदिरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, यात्री सुविधाएं, सौंदर्यीकरण और आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुल 1100 करोड़ रुपये की इस योजना में 200 करोड़ रुपये टेंपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाए जाएंगे। इसके अलावा 275 करोड़ रुपये अर्बन चैलेंज फंड और 625 करोड़ रुपये बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से प्राप्त किए जाएंगे। टेंपल बॉन्ड की अवधि 10 वर्ष की होगी। संभागायुक्त ने कहा कि इस मॉडल का सबसे बड़ा लाभ यह है कि विकास कार्यों के लिए किसी एक संस्था या सरकारी व्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। मंदिरों के विकास के लिए एक व्यवस्थित वित्तीय तंत्र तैयार होगा और दीर्घकालिक आधार पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि टेंपल बॉन्ड जारी करने से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं 15 जुलाई तक पूरी कर ली जाएं, ताकि 31 जुलाई तक इन्हें औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा सके। आशीष सिंह ने कहा कि यह केवल निर्माण कार्यों की योजना नहीं है, बल्कि सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह मॉडल सफल होता है तो देश के अन्य धार्मिक नगरों के लिए भी यह एक नई मिसाल बन सकता है。
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जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास दबा जिंदा बम, सेना के हवाले डिफ्यूज की तैयारी

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट के पास ग्राम गदेरी में जमीन में दबा जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी मिलिये खमरिया थाना पुलिस बम स्क्वायड टीम के साथ मौके पर पहुंची. जांच में पता चला यह भारी भरकम जिंदा बम है जिसकी मारक क्षमता करीब 50 मीटर तक बताई जा रही है. पुलिस ने बम को सेना अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है जिसे डिफ्यूज किया जाएगा. बताया जा रहा है की जमीन के अंदर मिला बम यूएक्सो है जहां पर यह बम मिला वह स्थान खमरिया फैक्ट्री से करीब 6 किलोमीटर दूर है. ग्राम गदेरी निवासी सुनील यादव के प्लाट पर भवन निर्माण कार्य चल रहा था; निर्माण के लिए पिलर की खुदाई की जा रही थी. इसी दौरान जमीन से करीब 3 से 4 फीट नीचे मजदूरों के संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. पहले इसे लोहे का कबाड़ समझा गया लेकिन करीब से देखने पर इसकी आकृति बम जैसी नजर आई. इसके बाद मजदूरों में दहशत फैल गई और काम तुरंत बंद कर दिया गया.
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भाजपा प्रत्याशी सौरभ सिकदार ने बिजली समस्या हल कर मंडल परिवार को राहत दी

Noida, Uttar Pradesh:टेक्नोलॉजी की दुनिया में बिजली के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आज़ादी के बाद से उत्तर दमदम विधानसभा के गौरीपुर इलाके का मंडल परिवार बिजली से वंचित रहा है。 पारिवारिक विवाद के चलते इस परिवार को बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था。 2026 के चुनाव प्रचार के दौरान इस परिवार ने भाजपा प्रत्याशी सौरभ सिकदार को अपनी शिकायत बताई। उन्होंने वादा किया था कि अगर वे चुने जाते हैं तो उनकी इस समस्या का समाधान करेंगे। जैसा कहा वैसा किया — चुनाव जीतने के बाद विधायक सौरभ सिकदार ने बिजली विभाग से बात कर समस्या का समाधान कर दिया。 शुक्रवार सुबह स्थानीय विधायक सौरभ सिकदार मंडल परिवार के घर पहुंचे और परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक पक्का मकान और अन्नपूर्णा भंडार की सुविधा से वे वंचित न रहें, इन बातों का वे ध्यान रखेंगे।
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जालौन में अवैध असलहा लेकर घूम रहे शातिर बदमाश से पुलिस की हुई मुठभेड़,

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Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में अवैध असलहा लेकर घूम रहे शातिर बदमाश से पुलिस की हुई मुठभेड़, चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया गैंगस्टर, जबाबी कार्रवाई के दौरान शातिर बदमाश शाहरुख के पैर में लगी गोली, घायल बदमाश को पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल उरई में कराया भर्ती, मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश शाहरुख पर चोरी, छिनैती और गैंगस्टर समेत दर्ज है 9 गंभीर मुकदमें, मुठभेड़ में गिरफ्तार शातिर बदमाश के गिरोह के अन्य सदस्यों की जांच पुलिस ने शुरू, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में करमेर रोड पर हुई मुठभेड़। बाइट:- डॉ. ईशान सोनी--ASP जालौन
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जालौन में तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर,

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Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, बेकाबू पिकअप चालक ने टक्कर मारकर बाइक सवारों को रौंदा, हादसे में बाइक सवार बड़े भाई की मौके पर हुई दर्दनाक मौत, छोटा भाई गंभीर रूप से हुआ घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती, डॉक्टरों ने घायल युवक की हालत नाजुक देख हायर सेंटर किया रेफर, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, टक्कर के बाद चालक पिकअप छोड़कर हुआ फरार, पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर शुरू की जांच पड़ताल, रामचरितमानस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे बाइक सवार दोनों सगे भाई, जालौन के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के माधौगढ़-ऊमरी रोड का हादसा।
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इंदौर के पानी पर कांग्रेस का आरोप: 98% नमूने खराब, सुरक्षा पर सवाल

Indore, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश के ज्वलंत एवं समसामयिक विषयों पर इंदौर में महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया तथा प्रदेश एवं इंदौर शहर से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की उक्त पत्रकार वार्ता में उनके साथ मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे मौजूद रहे मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया भागीरथपुरा में 36 लोगों की जो मौत हुई उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने अपना दायित्व निभाया और मुद्दे को जितनी ताकत के साथ विपक्ष की भूमिका से उठाया और राहुल गांधी ने यहां पर आकर परिवारों से मुलाकात की और आर्थिक सहायता भी कांग्रेस द्वारा की गई और अंत में अंतिम क्रिया कर्म के लिए कांग्रेस पार्टी परिवार वालों के साथ थी कांग्रेस ने एक रिपोर्ट तैयार की है जैसे पता चल सके कि जो भागीरथपुरा में हुआ वैसा पानी इंदौर में कहीं सारी जनता यही पानी पीने को मजबूर तो नहीं है सभी माध्यमों के पानी की जांच की गई कांग्रेस ने जगह-जगह जाकर पानी की टेस्टिंग की और लाइव लेब चलाया लगातार 2 महीने तक यह गाड़ियां चलती रही जहां टेस्टिंग की गई, दिल्ली के माइक्रोबायोलॉजिकल लैब में भी टेस्टिंग के लिए सैंपल भेजा गया इंदौर में सप्लाई हो रहे पानी को लेकर कांग्रेस ने बड़ा “वॉटर बम” फोड़ दिया है. कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में पेश रिपोर्ट में दावा किया गया कि शहरभर से लिए गए पानी के 240 सैंपलों में से करीब 90 प्रतिशत नमूने फेल पाए गए हैं. रिपोर्ट में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया और जहरीले तत्व मिलने की बात कही गई है, जिससे गंभीर बीमारियों और मौत तक का खतरा बताया गया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर को “देश का सबसे स्वच्छ नहीं, सबसे संक्रमित शहर” बताते हुए बीजेपी सरकार, महापौर और नगर निगम पर तीखा हमला बोला. पटवारी ने कहा कि “ट्रिपल इंजन सरकार नहीं, ट्रिपल अराजकता चल रही है.” वहीं कांग्रेस ने रिपोर्ट गलत होने पर केस दर्ज करने की खुली चुनौती भी दे दी है. प्रभारी मंत्री यहां के मुख्यमंत्री है और जिस जिले को प्रभारी मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री मिला हो उसके विकास और सुविधा और सुरक्षा और बढ़ोतरी होनी चाहिए प्रभारी मंत्री के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री भी इंदौर से है नगरीय विकास का जिम्मेदारी उनके पास है जिस शहर में प्रभारी मंत्री और नागरिक विकास मंत्री इंदौर का हो वह 36 लोगों की मौत गंदे पानी से हो उसमें 98% पानी पानी शहर का प्रदुषित है यानी बिना वॉटर प्यूरीफायर के इंदौर की जनता के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है MIC और महापौर भी बीजेपी से आते हैं देश का सबसे स्वच्छ शहर जहां शुद्ध पानी नहीं मिल सकता तो इंदौर की ट्रिपल इंजन सरकार की ट्रिपल अराजकता के खिलाफ हम सभी को खड़ा होना चाहिए इस इंदौर शहर की जनता को खड़ा होना चाहिए इंदौर के प्रशासन से सवाल है कि वह क्या कर रहे हैं स्थानीय लोगों की मौजूदगी में सैंपल टेस्टिंग की गई है जिसे प्रमाणित लाभ से किया गया है जो भारतीय सरकार से प्रमाणित है जिसमें 98% पानी इंदौर का खराब मिला है देश का सबसे स्वच्छ शहर का सबसे सुंदर में शहर नहीं बन गया है भ्रष्टाचार का आलम क्या है संक्रमण के साथ-साथ भ्रष्टाचार कैंसर बनकर हर घर में पहुंच चुका है पूरे साल में एक व्यक्ति को पानी पिलाने के लिए साथ-साथ ₹8000 का खर्चा आता है उसमें भी अगर संक्रमित पानी इन लोगों के हिस्से में आए तो क्या हम आप भी ना लगे इसे सुधार किया जाए क्योंकि इंदौर शहर सबका शहर है सुदामा नगर जहां महापौर रहते हैं वहां पर भी यह टेस्टिंग की गई, इसी के साथ सरकारी अस्पताल का भी टेस्टिंग किया क्या जिस तरीके की स्थिति है उसे मेरा मुख्यमंत्री से सवाल है कि क्या आप जनता जो पानी पी रही है वह पानी बस्तियों में जाकर मुख्यमंत्री वो पानी पी सकते हैं . क्या स्वास्थ्य विभाग से कोई रिपोर्ट मांगी गई क्या पूरे शहर के आपात जांच के लिए सैंपलिंग की गई. यह सोच प्रभारी मंत्री की क्यों नहीं बनी सैंपल टेस्टिंग हमने तीन अलग-अलग जगह पर किए गए थे पहले जहां पर बस्ती में लोग रहते हैं दूसरा जहां मध्यम वर्ग के लोग रहते हैं तीसरा जहां ऊँचे तबके के लोग रहते हैं उज्जैन इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी पर उठाए सवाल इंदौर जो प्रदेश को 33% इकोनामी देता है उसका नाम पीछे क्यों हमारी मांगे कि पूरे इंदौर शहर का स्वतंत्र जल ऑडिट फिर से हो जिसमें साफ हो कि इन बातों में कितनी सच्चाई है,हर वार्ड में पानी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो, जहां पानी दूषित मिले वहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की प्राथमिकता सरकार की हो, पुरानी पाइपलाइन और सीवरेज नेटवर्क का ऑडिट हो. बाइट- जीतू पटवारी, प्रदेश अध्यक्ष काँग्रेस
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RCA एडहॉक कमेटी ने SMS स्टेडियम में सालभर क्रिकेट आयोजन के लिए नया प्रस्ताव भेजा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने प्रदेश में क्रिकेट गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और खिलाड़ियों के हित में संचालित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। RCA ने सवाई मानसिंह (SMS) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सालभर ज्यादा क्रिकेट मुकाबले आयोजित कराने के लिए राजस्थान राज्य खेल परिषद को नया प्रस्ताव सौंपा है।RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने खेल परिषद सचिव राजकेश मीणा से मुलाकात कर SMS स्टेडियम और RCA अकादमी मैदान में क्रिकेट गतिविधियों के संचालन एवं रखरखाव को लेकर चर्चा की। प्रस्ताव के तहत RCA ने स्टेडियम उपयोग के बदले खेल परिषद को प्रति माह 4 लाख रुपये, यानी सालाना 48 लाख रुपये देने की पेशकश की है। दरअसल वर्तमान ग्राउंड फीस व्यवस्था पूरी तरह व्यावहारिक नहीं है। अभी BCCI टूर्नामेंट के मुकाबलों के लिए खेल परिषद को प्रति मैच 1 लाख रुपये किराया दिया जाता है, जबकि घरेलू और अन्य प्रतियोगितियों के लिए RCA को प्रति मैच 50 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ता है। अधिक शुल्क के कारण अधिकांश मुकाबले अन्य मैदानों पर शिफ्ट करने पड़ते हैं, जिससे प्रदेश के युवा क्रिकेटरों को जयपुर के अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान पर खेलने का अवसर नहीं मिल पाता।RCA ने प्रस्ताव में स्टेडियम और RCA अकादमी मैदान के रखरखाव की जिम्मेदारी लेने की भी पेशकश की है। संघ की ओर से ग्राउंड स्टाफ, क्यूरेटर और आधुनिक ग्राउंड मशीनरी उपलब्ध कराने की बात कही गई है, ताकि मैदान की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनी रहे।
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थाना प्रभारी की शॉर्टकट चूक: नदी में फंसी गाड़ी, पुलों की कमी पर सवाल

Giridih, Jharkhand:एभीबी : कानून-व्यवस्था संभालने वाले ही जब शॉर्टकट के चक्कर में फंस जाएं तो सवाल उठना लाजमी है. गावां थाना प्रभारी जयप्रकाश कुमार का सरकारी वाहन चेरवा गांव जाते समय बीच नदी में फंस गया. काफी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया. गनीमत रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी जयप्रकाश कुमार पुलिस बल के साथ किसी मामले की जांच के लिए चेरवा गांव जा रहे थे. मुख्य सड़क से दूरी ज्यादा होने के कारण उन्होंने शॉर्टकट रास्ता अपनाया. इसी दौरान रास्ते में पड़ने वाली नदी को पार करने के क्रम में उनका वाहन बीच धार में फंस गया. नदी में पानी और कीचड़ ज्यादा होने के कारण ड्राइवर गाड़ी निकाल नहीं सका. वाहन फंसने की सूचना पर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. करीब एक घंटे तक वाहन नदी में फंसा रहा. बाद में गांव से जेसीबी मंगवाकर थाना प्रभारी के वाहन को खींचकर बाहर निकाला गया. इस दौरान नदी के दोनों किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि सेरुआ में नदी पार करने के लिए दो पक्के पुल मौजूद हैं. बावजूद इसके थाना प्रभारी ने जोखिम भरा शॉर्टकट रास्ता क्यों चुना, यह समझ से परे है. एक ग्रामीण ने तंज कसते हुए कहा, पुल छोड़कर नदी में गाड़ी उतारेंगे तो फंसेगी ही. कानून के रखवाले ही नियम तोड़ेंगे तो जनता क्या करेगी. घटना के बाद से पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग कह रहे हैं कि जब पुलिस की गाड़ी ही शॉर्टकट के चक्कर में फंस जाए तो आम जनता का क्या होगा.
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ताला गाँव के पानी संकट पर ग्रामीणों ने जयपुर-प्रतापगढ़ हाईवे किया जाम

Jaipur, Rajasthan:पानी की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने लगाया जाम. जयपुर—प्रतापगढ़ स्टेट हाईवे पर ताला गाँव से गुजर रहे मार्ग पर ग्रामीणों ने जाम लगाया. भीषण गर्मी में जलदाय विभाग और ग्राम पंचायत के द्वारा पानी की सफ्लाई नहीं हो रही. ताला गाँव में रसूकदारों के मनमर्जी से पानी के टैंकर सफ्लाई हो रहे हैं. पानी की समस्यां को कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन सुनवाई नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज मजबूर होकर खाली बर्तनों के साथ हाईवे पर बैठे. सूचना मिलने पर ताला चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर समझाइश दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीण तब तक हाईवे खाली नहीं करेंगे जब तक पानी की सफ्लाई शुरू नहीं होती. ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांग की. करीब एक घंटे से स्टेट हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही.
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ग्वालियर का 77 करोड़ का आईएसबीटी स्टैंड: उद्घाटन के बाद शुरू क्यों नहीं?

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में करोड़ों की लागत से बना अत्याधुनिक आईएसबीटी बस स्टैंड अब सवालों के घेरे में है। करीब 77 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह बस स्टैंड पिछले 10 महीने से शोपीस बनकर खड़ा है। आम लोगों के टैक्स के पैसे से बना यह प्रोजेक्ट अब तक यात्रियों के किसी काम नहीं आ सका है। हैरानी की बात यह है कि इस बस स्टैंड का उद्घाटन खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कर चुके हैं, लेकिन उद्घाटन के बाद भी बस स्टैंड की शुरुआत नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि बस स्टैंड के संचालन को लेकर बस ऑपरेटर और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसी वजह से करोड़ों की यह परियोजना अब तक बंद पड़ी हुई है और यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। जब इस पूरे मामले को लेकर ग्वालियर कलेक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बस ऑपरेटरों की ओर से कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। जल्द ही बैठक कर इन समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी, ताकि आईएसबीटी बस स्टैंड को शुरू कराया जा सके। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर आम लोगों की सुविधा के लिए बना यह करोड़ों का बस स्टैंड कब तक सिर्फ शोपीस बना रहेगा और कब यात्रियों के लिए इसके दरवाजे खुलेंगे?
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