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Vipin AwasthiVipin AwasthiFollow27 Dec 2024, 01:48 pm
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झालावाड़ के खंडिया पार्क में बदहाली के खिलाफ नागरिकों की मांग: साफ-सफाई और सुरक्षा

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ ZEE राजस्थान की हेल्पलाइन टीम लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों व कस्बों में बदहाली से जूझ रहे पार्कों का जायजा ले रही है. ZEE हेल्पलाइन टीम ने झालावाड़ के खंडिया पार्क का जायजा लिया, तो वहां हालात संतोषजनक नहीं मिले. पार्क में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे, जैसे बच्चों के लिए उपयोग किए जाने वाले स्लाइडर और झूले भी टूटे पड़े थे. पार्क के फव्वारे की जालियां टूटी थी और फव्वारा बेजान और मायूस सा दिखाई दिया. पार्क की सीढ़ियों पर जमा गंदगी यहां ताजी हवा पाने की सोच लेकर आने वालों के लिए अभिशाप सी दिखाई दे रही थी. पार्क की सीढ़ियाँ टूटी थी, जिन पर चढ़कर जब पार्क के उस किनारे पर पहुंचे, जहां से कभी तालाब का मनमोहक नजारा दिखाई देता था, लेकिन वहां भी हालत ठीक नहीं थे. पार्क किनारे की रेलिंग और बैठने के लिए लगी कुर्सियां टूटी पड़ी थी. वही सीढ़ियों के किनारे बने कमरे में भी पार्क का टूटा समान ही भरा हुआ था, जिन्हें कभी मरम्मत कर स्थापित करने का भी नगर परिषद द्वारा प्रयास नहीं किया गया. पार्क के तालाब किनारे वाले हिस्से पर कुछ लोग जरूर बेंच पर सोए नजर आए, लेकिन तालाब किनारे पर उगी जलकुंभी की बदबू यहाँ की ताजी हवा पर भारी पड़ रही थी. पार्क में बिखरी शराब की बोतले भी देर शाम को होने वाले असामाजिक तत्वों के जमावड़े की इशारा कर रही थी. पार्क के निरीक्षण के दौरान कहीं भी कोई चौकीदार नहीं नज़र आया. लेकिन कुछ पेंशनर्स और कर्मचारीगण वहां चहल कदमी करते नजर आए. जी मीडिया से बात करते हुए इन वॉकर्स का दर्द छलक उठा. पार्क में मौजूद वॉकर्स ने बताया कि झालावाड़ का खंडिया पार्क कभी अपनी खूबसूरती के लिए शहर का सबसे सुंदर व स्वच्छ स्थलों में शामिल था. लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के चलते यह पार्क अब बदहाली के आंसू रो रहा है. पार्क में डस्टबिन जरूर लगे हैं, लेकिन गंदगी उनके बाहर ज्यादा दिखाई दे रही है. ओपन जिम की कुछ मशीनरी सही है, वह भी इसलिए क्योंकि इन्हें कुछ महीनों पूर्व ही स्थापित किया गया था. लेकिन ताजी हवा की आस लिए यहां आने वाले शहर के नागरिकों और बुजुर्गों को तो यहां लगभग मायूसी का ही सामना करना पड़ता है. ऐसे में उनकी मांग है कि झालावाड़ के खंडिया पार्क की सही देखभाल हो ताकि आमजन इसका लाभ उठा सके. यहां एक चौकीदार को नियुक्त किया जाए जिससे शराबी व नशा करने वाले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा यहाँ न दिखाई दे. इसके साथ ही यहां लाइटिंग व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जाएं, जिससे देर शाम को घूमने आने वाली महिलाओं को सुरक्षा का अहसास हो. इसके साथ ही कई वर्षों से वह इस पार्क में घूमने आते हैं लेकिन पहले यह खूबसूरत पार्क रहा, इसकी सुंदरता खंडिया तालाब की वजह से भी रही. अब खंडिया तालाब के पार्क किनारे जलकुंभी व गंदगी आड़ी पड़ी है जिससे पार्क की ताजी हवा दूषित हो रही. पार्क के मेंटेनेंस के साथ ही पार्क के किनारे से सटे तालाब की सफाई करवाएं ताकि यहाँ आने वाले लोग पार्क की ताजी हवा के साथ तालाब का सुंदर नजारा देख सकें.
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उधम सिंह नगर में भाजपा पदयात्रा: धामी के नेतृत्व में 10 हजार कार्यकर्ता तैयार

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग – लोकतंत्र बचाओ यात्रा स्थान–उधम सिंह नगर ऐंकर– लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ अभियान के पहले चरण में तीन नवंबर को रुद्रपुर में भाजपा पदयात्रा निकालेगी।इस पदयात्रा की अगुवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। इस पदयात्रा को लेकर भाजपा द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। वॉइस 1– भाजपा की यह पदयात्रा रुद्रपुर के गांधी पार्क से शुरू होगी।जो मुख्य बाजार,अग्रवाल धर्मशाला,काशीपुर बाइपास से होते हुए वापिस गांधी पार्क पहुंचेगी जहाँ एक सभा होगी जिसको लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है। मेयर विकास शर्मा ने बताया कि इस पदयात्रा में उधम सिंह नगर और काशीपुर जनपद के दस हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे。
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INDIA गठबंधन की मेगा रैली: महाभियोग की मांग पर कांग्रेस के आरोप

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की मेगा रैली पर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा कहती हैं, "जो काम संसद में होना चाहिए था—यानी महाभियोग—वह यहाँ हुआ। हमें इसे यहाँ, राजाजी मार्ग पर स्थित हमारे अध्यक्ष के आवास पर आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि हमें कहीं और इसकी अनुमति नहीं मिली। सत्ताधारी दल और मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमारे लोकतंत्र को इतने बड़े खतरे में कैसे डाल दिया है?... यहाँ तक कि दो चुनाव आयुक्तों ने भी इस बात का जिक्र किया है कि किस तरह हेरफेर की जाती है; यह साफ तौर पर देखा जा सकता है, और हमें इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठानी चाहिए—हमें इस लड़ाई को ज़मीनी स्तर तक ले जाना होगा।"
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मेवात में साइबर ठगी का नेटवर्क: 35 गांवों तक फैला जाल, 135 गिरफ्तार

Bagheri Kalan, Rajasthan:मेवात बेल्ट के मेवात क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। खैरथल तिजारा जिले के जेरोली थाना क्षेत्र में इन ठगियों के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार सिर्फ पिछले पांच महीनों में 135 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन नेटवर्क से जुड़े कई आरोपी अभी भी पकड़ में नहीं आए हैं। जी मीडिया की टीम ने मेवात क्षेत्र में जाकर पाया कि जेरोली थाने के अंतर्गत करीब 35 गांव हैं, जहां कई मामलों में संलिप्त लोग सामने आए हैं। इस अवैध धंधे में उम्र 14 से 45 साल के लोग शामिल हैं। नेटवर्क में फर्जी सिम, फर्जी बैंक खाते, और सोशल मीडिया के जरिए शिकार तलाशने जैसे हिस्से हैं। थानाधिकारी हरुमान सिंह यादव के अनुसार साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके देश के दूसरे राज्यों के लोगों तक पहुंचते हैं; फेसबुक पर विज्ञापन चलाकर सस्ते दामों के लालच से लोगों को फंसाते हैं। झूठी वस्तुओं को सही बताकर, नकली व्यापार, पुराने सिक्कों की खरीद-फरोख्त, या पुरानी गाड़ियाँ बेचने जैसा विज्ञापन देकर लोग संपर्क करते हैं, फिर विश्वास जीतकर पैसा ऐंठ लेते हैं और बाद में नंबर बदल देते हैं।
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वाराणसी: देश का पहला अर्बन रोपवे काशी रोपवे प्रोजेक्ट बनकर तैयार, ट्रायल अंतिम चरण में

Varanasi, Uttar Pradesh:देश का पहला अर्बन रोपवे काशी रोपवे प्रोजेक्ट बनकर तैयार - जल्द PM मोदी करेंगे लोकार्पण मयंक कश्यप/ वाराणसी। देश के पहले अर्बन रोपवे प्रोजेक्ट - काशी रोपवे का निर्माण कार्य पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। वर्तमान में रोपवे का ट्रायल अपने अंतिम चरण में चल रहा है। जानकारी के अनुसार जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक परियोजना को देश को समर्पित करेंगे। काशी रोपवे बनने के बाद वाराणसी में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटकों व श्रद्धालुओं को कैंट से गोदौलिया तक का सफर मिनटों में तय करने की सुविधा मिलेगी। यह रोपवे न सिर्फ काशी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि विश्व पटल पर काशी के विकास का नया प्रतीक भी बनेगा।
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तेंदुए के हमले से ग्रामीण घायल, कवर्धा में दहशत फैल गई

Kawardha, Chhattisgarh:तेंदुआ के हमले से एक ग्रामीण घायल, अस्पताल में इलाज जारी। कवर्धा: घटना कबीरधाम जिले के लोहारा वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुटकिपारा गांव के पास जंगल का है, जहां लकड़ी काटने गए ग्रामीण पर वन्य प्राणी तेंदुआ ने सामने से हमला कर दिया, तेंदुआ के हमले से ग्रामीण के हाथ और कंधे पर चोट आई है, इससे बुरी तरह ज़ख़्मी हो गया है, घायल का इलाज लोहारा उपस्वास्थ्य केंद्र में जारी है, फिलहाल ग्रामीण की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार घायल का नाम टेकराम धुव्र निवासी कुटकिपारा है, ग्रामीण हमेशा के तरहां शनिवार साम घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी लाने पास के जंगल गया हुआ था, और लकड़ी इकठ्ठा करने के दौरान एक तेंदुआ सामने आ गया, पहले उसने भागने का प्रयास किया लेकिन तेंदुआ उसपर हमला कर दिया बचाव में उसने हाथों में रखें टांगिया से तेंदुआ पर वार किया जिससे तेंदुआ डर कर वहां से भाग निकला, जिससे ग्रामीण की जान तो बच गई लेकिन उसके कंधे और हाथों पर वन्य प्राणी के नाखून से नोचने के गहरे निशान पड़ गए, आनन-फानन में ग्रामीण अपने घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती बताई जिसके बाद उसे लोहारा उपस्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज जारी है। आपको बता दें की कवर्धा शहर के अंदर तेंदुआ का विडियो आने के बाद शहर में दहशत का माहौल बना हुआ है, और लगातार अलग-अलग जगहों से तेंदुआ को देखे जाने की सूचना आ रही है हालांकि वन विभाग द्वारा सभी जगहों के खबरों की पुष्टि नहीं की है, एक दो जगहों में ही देखे जाने की पुष्टि है, जिसके चलते वन विभाग की टीम लगातार शहर में तेंदुआ की तलाश कर रही है और रात में पिंजरा लगाया कर ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
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रतलाम के झाली तालाब डूबे सोनू बैरागी: रेस्क्यू पर उठे गहरे सवाल

Ratlam, Madhya Pradesh:झाली तालाब रेस्क्यू पर सवाल रतलाम के झाली तालाब में डूबे युवक सोनू बैरागी का शव आखिरकार देर रात पानी से बाहर निकाला गया। रात 2 बजकर 50 मिनट पर शव पानी की सतह पर दिखाई दिया, जिसके बाद SDRF टीम ने शव को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज भेजा。 सोनू रायसेन का रहने वाला था और रतलाम मेले में झूले पर कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था। 29 अक्टूबर की रात उसके तालाब में डूबने की सूचना मिली थी, जिसके बाद लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया。 लेकिन अब इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हैं। आखिर आधी रात सोनू मेले में अपना झूला छोड़कर तालाब तक क्यों पहुंचा? आखिरी वक्त उसके साथ कौन लोग थे? तालाब पार करने की शर्त की चर्चा में कितनी सच्चाई है? क्या सोनू खुद तालाब में गया या उसके साथ कोई घटना हुई? पुलिस जांच में जुटी है。 वहीं सबसे बड़ा सवाल रेस्क्यू पर है—इतने लंबे ऑपरेशन के बावजूद सफलता क्यों नहीं मिली? क्या SDRF में बेहतर गोताखोर और अंडरवॉटर कैमरों की व्यवस्था होगी? सवाल सिस्टम से है。 रतलाम
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दिल्ली में प्रदूषण रोकथाम के लिए नए नियम: BS-6 से कम वाहनों पर रोक, पीयूसी जरूरी

New Delhi, Delhi:दिल्ली की जहरीली हवा पर लगाम लगाने के लिए आज से सख्त नियम लागू हो गए हैं। बीएस-6 से नीचे के बाहरी वाहनों की दिल्ली में एंट्री बंद है, तो वहीं बिना पीयूसी पेट्रोल-डीजल मिलना भी मुश्किल हो गया है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हवा में बढ़ते प्रदूषण के बीच अब सड़कों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में नए सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। सबसे बड़ा असर उन वाहन चालकों पर पड़ रहा है, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी नहीं है। राजधानी के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों के जरिए वाहनों की निगरानी की जा रही है। बिना वैध पीयूसी वाले वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से इनकार किया जा सकता है। यानी अब दिल्ली की सड़कों पर वाहन चलाने से पहले सिर्फ गाड़ी के कागजात ही नहीं, बल्कि पीयूसी प्रमाणपत्र भी दुरुस्त रखना जरूरी हो गया है। पेट्रोल पंपों पर पीयूसी को लेकर सख्ती का असर सबसे ज्यादा उन वाहन चालकों पर दिखाई दे रहा है, जिनके वाहन बीएस-6 से पुराने मानकों वाले हैं। कई वाहन चालक ईंधन भरवाने पहुंचे, लेकिन वैध पीयूसी नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक का चालान भी हो सकता है। वहीं दिल्ली के बाहर से आने वाले वाहनों पर भी बड़ा शिकंजा कसा गया है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक है। यानी बीएस-3 और बीएस-4 जैसे पुराने मानकों वाले बाहरी वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को अनुमति दी गई है। नियम तोड़कर दिल्ली में प्रवेश करने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारी वाहन चालकों और रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए ये नियम बड़ी चुनौती बन गए हैं। अब सवाल ये है कि इन सख्त पाबंदियों से दिल्ली की जहरीली हवा पर कितना असर पड़ेगा? क्या पुराने वाहनों पर शिकंजा और नो पीयूसी, नो फ्यूल का फॉर्मूला राजधानी को प्रदूषण से राहत दिला पाएगा... या फिर आम वाहन चालकों की मुश्किलें ही बढ़ेंगी?
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केदारताल ट्रैक पर फंसे 8 लोग: आज हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की उम्मीद

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:केदारताल ट्रैक पर 07 ट्रैकर्स और 01 पोर्टर अभी भी फंसे हुए हैं। जिला प्रशासन आज हेलीकॉप्टर के जरिये फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू करेगा। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि कुल 12 लोग फंसे थे जिनमें से 4 पोर्टरों का कल सकुशल रेस्क्यू किया गया है। आज हेलीकॉप्टर के माध्यम से 08 लोगों का रेस्क्यू किया जाएगा। बताये चले कि प्रशासन द्वारा कल चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान केदारताल की कच्ची ढांग में फंसे 3 पोर्टर और 1 कुक सहित कुल 4 लोगों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया था। उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। केदारताल ट्रैक पर अभी भी 7 ट्रैकर्स और 01 पोर्टर सहित कुल 08 लोग फंसे हुए हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक मयंक गर्ग ने बताया कि इन लोगों से 29 अक्टूबर से संपर्क कटा हुआ है और कोई बातचीत नहीं हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन सभी 8 लोगों से जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीम का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। केदारताल ट्रैक पर गए सभी ट्रैकर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। बता दें कि 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 07 ट्रैकर और 06 सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 लोगों का दल केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था; एक कुक पहले ही वापस आ गया था। वहीं बताया जा रहा है कि केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी हुई है जिससे रेस्क्यू करने में दिक्कतें हो रही हैं।
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