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Vipin AwasthiVipin AwasthiFollow27 Dec 2024, 01:48 pm
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औरैया में दशहरा: 60 फीट रावण दहन से बजी जय श्री राम की गूंज

Auraiya, Uttar Pradesh: auraiya में विजयादशमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया।औरैया नगर के नुमाइश मैदान में 60 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया.इस दौरान पुतला दहन से पहले राम-रावण का जमकर युद्ध भी हुआ।यह तस्वीरें औरैया के नुमाइश मैदान की हैं, जहां हर साल की तरह इस साल भी रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। मैदान में 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला लगाया गया था। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन से पहले मैदान पर भगवान राम और रावण की सेना के बीच जमकर युद्ध का मंचन किया गया।रामलीला के कलाकारों ने जब युद्ध का दृश्य दिखाया तो पूरा मैदान जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। जैसे ही भगवान राम ने अग्नि बाण चलाया... वैसे ही 60 फीट का रावण धू-धू कर जल उठा,रावण को जलता देख लोगों ने जमकर आतिशबाजी की, बुराई पर अच्छाई की जीत के इस प्रतीक को देखने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, मैदान में भारी पुलिस बल तैनात रहा...फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद रहीं... ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके... कुल मिलाकर औरैया में दशहरा का त्योहार शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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कोंच रामलीला का इतिहास: 174 साल में रावण-मेघनाथ के 45 फीट पुतलों के साथ जीवंत दशहरा जश्न

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में विजयदशमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। यहाँ कोंच नगर में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ का सजीव युद्ध देखने को मिल रहा है। यहाँ 45 फीट ऊंचे रावण-मेघनाथ के पुतलों के साथ राम-लक्ष्मण और हनुमान सजीव युद्ध करते हैं। यह युद्ध रामानंद सागर की रामायण की तरह देखने को मिलता है। कोंच नगर की 174 साल पुरानी ऐतिहासिक मैदानी रामलीला में लोग भारी भीड़ देखते हैं। धनु तालाब के मैदान पर आयोजित राम-रावण और मेघनाथ-लक्ष्मण के युद्ध का सजीव मंचन किया गया, जिसमें 45 फीट ऊंचे पुतलों को मैदान में दौड़ाया जाता है। पीछे मान्यता है कि बुराई कितनी भी हावी हो जाए, मगर अच्छाई उसे दौड़ा-दौड़ा कर खत्म कर देती है। देश में रावण और मेघनाथ के पुतलों को एक बटन दबाकर जलाया जाता है, लेकिन कोंच नगर में ऐसा नहीं होता। यहाँ 174 वर्षों से चली आ रही परंपरा को कोंच के लोग जीवित रखे हुए हैं। राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध परम्परागत तरीके से होता है और इस युद्ध को सजीव चित्रण किया जाता है। जिसे देखने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से लोग आते हैं। यहाँ रावण और मेघनाद के 45 फीट ऊंचे पुतलों को बड़े-बड़े पहियों वाले रथ में बांधा जाता है और इन पुतलों को पूरे मैदान में दौड़ाया जाता है। यह युद्ध मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और उनके अनुज भ्राता लक्ष्मण द्वारा किया जाता है। इस युद्ध में मेघनाथ और रावण के पुतले कई बार नीचे गिरते हैं, जिन्हें लोग पुनः खड़ा कर मैदान में दौड़ाते हैं। यह वही दृश्य है जैसा रामानंद सागर की रामायण में दिखाया गया है। इस युद्ध में लक्ष्मण को शक्ति लगती है और हनुमान जी संजीवनी बूटी लाते हैं, जिससे लक्ष्मण उठ जाते हैं। जब राम और रावण का युद्ध होता है तो पुतों को रस्सियों की सहायता से मैदान में दौड़ाया जाता है। परम्परा के दौरान पुतले कई बार जमीन पर गिरते हैं, जिन्हें लोग फिर से उठाकर मैदान में दौड़ाते हैं। रावण-मेघनाथ के पुतलों को रथों में रखकर दौड़ाने के पीछे तर्क है कि बुराई चाहे कितनी भी भागे, उसका अंत निश्चित है। इस तरह का रावण-वध 174 वर्षों से चला आ रहा है। इस राम-रावण युद्ध को देखने के लिए माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन और डीएम-एसपी सहित कई राजनैतिक हस्तियाँ मौजूद रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा युद्ध उन्होंने कहीं नहीं देखा। यह देशभर में अनोखा राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध है। कोंच की रामलीला का नाम गिनीज बुक में दर्ज है; यह मैदानी रामलीला कर्मकांडी है। राम-लक्ष्मण-भरत-शत्रुघ्न और सीता के किरदार छोटे-छोटे बालक निभाते हैं, जिन्हें भगवान ही माना जाता है। सभी युद्ध सजीव होते हैं और बाहरी कलाकार नहीं बुलाए जाते। लंका अशोक वाटिका में सीता और अयोध्या का दृश्य भी दिखता है, जहां भरत और शत्रुघ्न दिखाई देते हैं। रावण-मेघनाध के 45 फीट ऊंचे पुतलों को मुस्लिम कारीगर वहीद मकरानी और मुकीम अहमद के द्वारा तैयार किया गया है, और इन्हें रामलीला समिति के कार्यकर्ता दौड़ाते हैं।
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जौनपुर में जय श्रीराम के जयघोष के साथ रावण दहन का उत्साह

Jaunpur, Uttar Pradesh:जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा जौनपुर, जगह-जगह हुआ रावण दहन; उमड़ा जनसैलाब जौनपुर। जिले भर में विजयदशमी का पर्व परंपरागत रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदानों और प्रमुख चौराहों पर हजारों की संख्या में लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, युवक-युवतियां रावण दहन के रोमांचक दृश्यों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। नगर क्षेत्र में रामनगर भड़सरा बड़े हनुमान मंदिर पर सबसे पहले रावण दहन का आयोजन किया गया। इसके बाद राजा साहब के पोखरे पर गोसाई रामलीला, पंडितजी रामलीला और राजा जौनपुर की ओर से एक साथ तीन रावण के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच जैसे ही पुतलों में आग लगी, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और लोगों ने इस दृश्य का आनंद लिया। वहीं, जेसीज चौराहे पर हुसेनाबाद रामलीला समिति की ओर से रावण दहन का आयोजन किया गया। इससे पहले हुसेनाबाद रामलीला मैदान से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की झांकी युद्ध के दृश्य के साथ जेसीज चौराहे तक पहुंची। राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘जय लंकेश’ के नारों से वातावरण गूंजता रहा। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी और पटाखों की आवाज दूर तक सुनाई देती रही। उधर, शाहगंज में 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर करीब 185 वर्ष पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया गया। यहां भी आयोजन को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने भगवान श्रीराम की विजय के प्रतीक इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी क्रम में वाजिदपुर तिराहे और رامनगर भड़सरा गांव स्थित बड़े हनुमान मंदिर परिसर में भी राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद रावण के पुतले का दहन हुआ। इन स्थानों पर भी दर्शकों की भारी भीड़ जमा रही और पूरा माहौल धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया। जिले के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विजयदशमी का पर्व सामाजिक सहभागिता और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। रावण दहन के साथ लोगों ने बुराइयों का त्याग कर सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश लिया.
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छाता चीनी मिल पर पुतला दहन: किसान-पुलिस में घमासान, चालू कराने की मांग तेज

Mathura, Uttar Pradesh:छाता चीनी मिल पर सुलगता आक्रोश: पुतला दहन को लेकर पुलिस और किसानों के बीच हुई तीखी नोकझोंक (मथुरा), छाता शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन अब और अधिक तल्ख होता जा रहा है। मिल परिसर में पिछले 69 दिनों से भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसानों ने ‘कालनेमि’ रावण का प्रतीकात्मक पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुतला दहन को लेकर मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन और किसानों के बीच जमकर खींचतान और तीखी नोकझोंक हुई। पूर्व निर्धारित घोषणा के तहत भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसान छाता चीनी मिल पर पुतला दहन करने के लिए एकजुट हुए थे। जैसे ही किसानों ने पुतले में आग लगाई, वहां मुस्तैद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जलते हुए पुतले को छीनने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई खींचतान में पुतले का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पुलिस के हाथ लग गया, जिसे वे छुड़ाकर ले जाने में सफल रहे। हालांकि, इसके बावजूद किसानों ने बाकी बचे 50 प्रतिशत हिस्से के साथ अपना विरोध जोरदार तरीके से दर्ज कराते हुए पुतला फूंक दिया। घटना के बाद किसानों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। किसानों ने कहा कि किसान भाइयों ने अपना फर्ज निभाया है और प्रशासन ने अपनी ड्यूटी पूरी की है। किसान नेताओं का सीधा आरोप है कि प्रशासन हमेशा उनकी जायज आवाज को दबाने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और जब तक चीनी मिल के संचालन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। घटना के बाद से क्षेत्र में चीनी मिल से जुड़े मुद्दों को लेकर सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एडीएम अमरेश सिंह, एसडीएम अखिलेश सिंह, तहसीलदार नितिन, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, सीओ छाता भूषण वर्मा और सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे। आंदोलनकारियों के तेवर और प्रशासन की सख्ती को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और अधिकारी लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
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डभरा में आरक्षक दिलीप साहू की लाश तलाब से बरामद, जांच जारी

Sakti, सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र खम्हार खैया तलाब में आरक्षक दिलीप साहू की लाश मिली है, आरक्षक छत्तीसगढ़ आर्म फोर्स दंतेवाड़ा में तैनात था, मोहल्ला वासियो ने शव के देखने के बाद दी पुलिस को सुचना दिया मौके पर डभरा पुलिस टीम पहुंच कर बारीकी से जांच की है, फॉरेंसिक टीम से भी जांच कराया गया है, इसके पूर्व ससुराल पक्ष द्वारा डभरा थाना में गुमसुदगी की जानकारी दी गई थी, लाश तीन दिन पुरानी है, जिसका बाहरी चमड़ी खराब हो चुका है, तलाब मे शव मिलने से नगर मे फैली सनसनी, डभरा पुलिस शव को तलाब से बाहर निकालने का कर पोस्टमार्टम करके परिजनों को सौंपा गया है, फिलहाल डभरा पुलिस आरक्षक के मौत के हर बारिक पहलुओं की जांच मे जुटी है.
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ओंकारेश्वर बंद: एक महीने में विस्थापन रोक, संसद करेगा हल

Khandwa, Madhya Pradesh:ओंकारेश्वर बंद... जिला प्रशासन झुका । एक महीने तक फिलहाल कोई एक्शन नहीं होगा, संसद की मध्यस्थता में हल निकाला जाएगा। ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट्स से प्रभावित हो रहे स्थानीय लोगों की ओर से किए गए दो दिनों ओंकारेश्वर बंद के बाद जिला प्रशासन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। अब अगले एक महीने तक ओमकारेश्वर और ममलेश्वर प्रोजेक्ट के तहत किसी भी तरह का विस्थापन नहीं होगा। संसद के नेतृत्व में स्थानीय रवासियों के साथ प्रत्येक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसके लिखित निर्णय सभी लोगों को बताए जाएंगे और एक सर्वमान्य हल निकाला जाएगा। खंडवा सांसद के नेतृत्व में समिति बनेगी और नागरिकों के साथ हर मुद्दे पर मिनट 2 मिनट चर्चा होगी जिसकी पूरी कार्यवाही ओंकारेश्वर प्रभावितों को लिखित में दी जाएगी। नागरिकों की हर मांग का समुचित और विश्वसनीय हल निकाला जाएगा। सिंहस्थ 2028 को लेकर ओंकारेश्वर का विस्तार किया जा रहा है। जिसमें ओमकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर के आसपास उन भवन, मकान और दुकानों को अधिग्रहीत किया जाना है जो प्रोजेक्ट के निर्माण में बाधा बन रहे हैं। ओंकारेश्वर नगरी क्षेत्र में रोजगार धंधा करने वालों को 5 किलोमीटर दूर दुकिया गांव में विस्थापित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने यहां लगभग सात एकड़ क्षेत्र में प्लान बनाया है। जिसको लेकर लोगों में विरोध है। इन लोगों का कहना है कि उनका धंधा रोजगार और आजीविका ओंकारेश्वर से चलती है अतः उनका पुनर्वास ऐसा किया जाए जिससे उनकी रोजी-रोटी पर प्रभाव नहीं पड़े।
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विकास नगर स्टेडियम में विजयादशमी पर रामलीला व रावणदहन का शानदार उत्साह

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव के विकास नगर स्टेडियम में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया गया।  खास बात यह रही कि यहां छोटे-छोटे बाल कलाकारों ने रामलीला का मंचन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। 36 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे भी जीवित रखने का संकल्प मंदिर समिति और जनप्रतिनिधियों ने दोहराया। नन्हे कलाकारों की रामलीला विकास नगर स्टेडियम में विजयादशमी की शाम आस्था, परंपरा और उत्साह के नाम रही। भगवान श्रीराम के आदर्शों को मंच पर जीवंत करते नन्हे बाल कलाकारों ने रामलीला का शानदार मंचन किया। बच्चों की प्रस्तुति देखकर मैदान में मौजूद दर्शक भाव-विभोर नजर आए। मंदिर समिति का कहना है कि रामलीला की यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत है। बदलते दौर में लुप्त होती जा रही रामलीला को जीवित रखना और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना ही समिति का मुख्य उद्देश्य है। बाइट – मंदिर समिति के सदस्य रामलीला की परंपरा, आयोजन का उद्देश्य और इसे आगे भी जारी रखने की बात। बाइट – लता उसेंडी, विधायक   बाइट – मोहन मरकाम,   आतिशबाजी के बीच रावण दहन रामलीला के मंचन के बाद वह घड़ी आई, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार था। रावण दहन के साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी ने आयोजन के उत्साह को और बढ़ा दिया। असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देते इस आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस जवानों की तैनाती भी की गई थी。
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करनाल में दशहरा धूमधाम से, स्पीकर हरविंदर कल्याण ने लोगों को बधाई दी

Karnal, Haryana:करनाल में विजयदशमी दशहरे का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया सेक्टर 4 स्थित दशहरा ग्राउंड में रावण कुंभकरण और मेघनाथ के एक साथ जेले पुतले करनाल में विजयदशमी का त्योहार दशहरा बड़े धूमधाम से मनाया गया जिसमें हरियाणा विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने पहुंचकर लोगों को दशहरे की त्यौहार की बधाई दी, करनाल सेक्टर चार स्थित दशहरा ग्राउंड में पहुंचकर स्पीकर ने ने वहां पर पहुंचे हुए लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया और उनके साथ दशहरे का पर्व मनाया वहीं स्पीकर ने कहा कि यह अन्याय पर न्याय की जीत है और हमेशा ही न्याय की जीत होती है यह त्यौहार त्यौहार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं
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रोहनिया एसीपी अवधेश विश्वकर्मा ने रावण दहन की सुरक्षा व्यवस्था परखी, जवानों को किया ब्रीफ

Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी। DLW में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए रोहनिया सर्कल के ACP अवधेश विश्वकर्मा ने मोर्चा संभाल लिया है। आज एसीपी अवधेश विश्वकर्मा द्वारा DLW परिसर में रावण दहन स्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में लगी ड्यूटियों को चेक किया गया और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया गया। एसीपी ने जवानों को निर्देशित किया कि त्योहार के दौरान भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखा जाए। किसी भी अराजक तत्व पर कड़ी नजर रखी जाए और श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार किया जाए। स्थानीय लोगों ने एसीपी रोहनिया की सक्रियता और जमीनी निरीक्षण की सराहना की। त्योहारों के दौरान लगातार फील्ड में रहकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की उनकी कार्यशैली चर्चा में है।
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