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Mohammad AsimMohammad AsimFollow17 Dec 2024, 01:28 pm
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अलवर के टहला के खोह-दरीबा गांव में बंदरों का आतंक: 50 बंदर पकड़े

Alwar, Rajasthan:टहला के खोह-दरीबा गांव में बंदरों का आतंक, ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा; 50 बंदर पकड़े अलवर जिले के टहला क्षेत्र के खोह-दरीबा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान ग्रामीणों ने अब खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। लंबे समय से बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत स्तर पर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कराया। अभियान के तहत शुक्रवार को करीब 50 बंदरों को पकड़कर गांव से दूर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया। ग्रामीणों का कहना है कि बाकी बंदरों को पकड़ने का अभियान भी जारी रहेगा। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया था कि वे बेखौफ होकर घरों में घुस जाते थे और खाद्य सामग्री के साथ-साथ घरेलू सामान भी उठाकर ले जाते थे। कई बार बंदरों के बच्चों पर हमला करने और काटने की घटनाएं सामने आने की बात भी ग्रामीणों ने कही। बंदरों के झुंड के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी, वहीं अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डरने लगे थे। बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बंदर पकड़ने वाले दल को ठेका दिया। इसके बाद दल ने गांव में पिंजरे लगाए और जाल की मदद से बंदरों को पकड़ना शुरू किया। पकड़े गए बंदरों को पिंजरों में सुरक्षित रखा गया और बाद में उन्हें गांव से दूर दूसरे स्थानों पर ले जाकर छोड़ दिया गया। एक ही दिन में करीब 50 बंदरों के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन से गुहार के बाद ग्रामीणों ने उठाया कदम ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद ग्रामीणों ने आपसी स्तर पर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कराने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी बड़ी संख्या में बंदर मौजूद हैं, जिन्हें पकड़ने का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
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कापरेन में पंकज मीणा हत्या: पांच आरोपी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:कापरेन में पंकज मीणा हत्याकांड का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार बूंदी के कापरेन में पंकज मीणा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कापरेन बायपास पर मामूली कहासुनी के बाद चाकूबाजी की वारदात हुई थी, जिसमें पंकज मीणा गंभीर घायल हो गया था। उपचार के दौरान कोटा में उसकी मौत हो गई थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने तकनीकी आधार और आसूचना तंत्र की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी अवनीश कुमार शर्मा के निर्देशन और एएसपी संजय सिंह चंपावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। कापरेन थानाधिकारी राजाराम जाट की भी अहम भूमिका रही।
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समस्तीपुर: दरवा गांव में बेटे ने पिता की हत्या की साजिश रची, गिरफ्तार

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में पुलिस के खुलासा ने सबको चौंकाया।फिल्म देखकर बेटा ने रची पिता की हत्या की साजिश, मोबाइल बंद कर सूरत में छोड़ा सुराग ।समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में बीते दो महीने पूर्व 26 जुलाई की रात दरवाजे पर सो रहे किसान रघुवीर सहनी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर लिया है ।पुलिस के मुताबिक रघुवीर की हत्या उसके ही बेटे शिव शंकर सहनी ने की थी। पुलिस ने आरोपी को सूरत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पूछताछ में पुलिस के अनुसार, शिव शंकर ने हत्या की योजना एक पुरानी अजय देवगन की फिल्म से प्रेरित होकर बनाई थी। फिल्म में पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन को दूसरी जगह भेजने का तरीका दिखाया गया था। इसी तर्ज पर आरोपी ने अपना मोबाइल सूरत से निकलने से पहले बंद कर दिया, ताकि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन सूरत में मिले। लेकिन हत्या के बाद पत्नी से फोन पर बात करना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इसी कॉल के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट पर शक हुआ और जांच आगे बढ़ी।पुलिस के अनुसार, शिव शंकर सूरत से ट्रेन के जरिए पटना पहुंचा। वहां से हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन गया। रात करीब 8 बजे पटोरी उतरने के बाद वह टोटो से जोरपुरा चौक पहुंचा। इसके बाद करीब 4 किलोमीटर खेत के रास्ते पैदल चलकर अपने घर पहुंचा।रात करीब 12 बजे घर के सामने का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद वह पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ। पुलिस के मुताबिक, घर की एक कोठरी में उसे कुल्हाड़ी मिली। वह कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर पहुंचा, जहां उसके पिता सो रहे थे।आरोप है कि शिव शंकर ने सो रहे रघुवीर सहनी के सिर पर कुल्हाड़ी से चार वार किए। हत्या के बाद उसने कुल्हाड़ी वहीं फेंक दी और उसी रास्ते से वापस निकल गया।इसके बाद वह लगुनिया स्टेशन पहुंचा और वहां से पटोरी होते हुए पटना गया। सुबह पटना पहुंचने के बाद वह पुणे-पटना एक्सप्रेस से वापस सूरत चला गया।शिव शंकर ने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। उसका मकसद पुलिस को उसकी लोकेशन से गुमराह करना था।हत्या के बाद भी मोबाइल बंद रहा। लेकिन सूरत लौटते समय उसने मोबाइल चालू किया और पत्नी से बातचीत की। इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला।पुलिस ने जब कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच की तो 26 जुलाई की रात पत्नी से बातचीत का रिकॉर्ड मिला। इस दौरान मोबाइल की लोकेशन पटोरी में मिली थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। करीब 36 घंटे बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसकी लोकेशन सूरत मिली।रघुवीर सहनी की हत्या के बाद शिव शंकर लगातार कई दिनों तक परिवार से दूर रहा। पिता की मौत के बावजूद उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर गांव और परिवार में चर्चा शुरू हो गई ।शिव शंकर की मां ने भी उस पर हत्या का शक जताया था। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे शक शिव शंकर पर गहराता गया।इसके बाद पुलिस की एक टीम सूरत पहुंची और शिव शंकर को गिरफ्तार कर समस्तीपुर ले आई।पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि पूछताछ में शिव शंकर ने घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार की और वारदात से जुड़ी जानकारी दी ।आरोपी ने बताया कि उसका अपने पिता और पत्नी से अक्सर विवाद होता था। इसी विवाद से परेशान होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वह कुछ जमीन बेचना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा था।दरवा गांव में 26 जुलाई की रात रघुवीर सहनी घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। कुल्हाड़ी घर में ही रखी थी।कुल्हाड़ी घर की होने और वारदात के तरीके को देखते हुए पुलिस को शुरुआत से ही शक था कि हत्या में किसी नजदीकी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। जांच आगे बढ़ने पर बेटे शिव शंकर का नाम सामने आया। आरोपी के बयान, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की ।बात : बीके मेधावी, डीएसपी पटोरी
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