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Mohammad AsimMohammad AsimFollow31 Dec 2024, 12:28 pm

Sitapur: संदना में ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने तोड़ी दीवार, घर में घुसी

Dahelara, Uttar Pradesh:

संदना थाना क्षेत्र में एक ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने दीवार तोड़कर एक घर में प्रवेश कर लिया। घटना शाम करीब 7 बजे हुई, जब ट्रैक्टर ट्रॉली गन्ना लादकर रामगढ़ जा रहा था। रास्ते में बरताल मोड़ के पास पवन बाजपेई के घर में ट्रैक्टर घुस गया, जिससे घर में मोटरसाइकिल समेत कई घरेलू सामान दब गए। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक नशे में था जिससे यह हादसा हुआ। डायल 112 की मदद से ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित ने संदना थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

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सवायजपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राज प्रकाश हुए निर्वाचित महामंत्री बने देवेश बाजपेई

Deepak DixitDeepak DixitFollow14m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:हरदोई की सवायजपुर तहसील में अधिवक्ता संघ के चुनाव में वुधवार चार बजे तक चली मतगणना के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी आलोक मिश्रा ने वरिष्ठ अधिवक्ता राज प्रकाश सिंह को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित किया। राज प्रकाश को 32 देवेंद्र सिंह को 22 राकेश मिश्रा को 16 मत मिले राज प्रकाश ने 10 मतों से देवेंद्र सिंह को हराया ।वहीं महामंत्री के पद पर सीधे मुकाबले में देवेश वाजपेई को 42 हेमराज वर्मा को 28 मत मिले उन्होंने 14 मतों से जीत हासिल की। चुनाव अधिकारी रामसागर दिवाकर जयप्रकाश शुक्ला उमेश द्विवेदी ने संयुक्त रूप से बताया चुनाव में 70 अधिवक्ताओं ने भाग लिया अध्यक्ष महामंत्री के अलावा अन्य पदों पर एक नामांकन होने के कारण इन पदों पर निर्बोध चयन हो गया इसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के रामसेवक राजपूत, कोषाध्यक्ष उमेश यादव, पुस्तकालय अध्यक्ष शिवराम सिंह ,संयुक्त मंत्री महावीर सिंह, कार्यकारिणी सदस्य के लिए शशांक वाजपेई व अखिलेश सिंह निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गये। नवनिर्वाचित अध्यक्ष राज प्रकाश सिंह ने बताया कि उन्हें हमेशा तहसील में वकील साथियों का सहयोग मिला है इस बार उन्हें जो प्रेम व समर्थन में मिला है, वह उसके ऋणी हैं। वह बार और बेंच में तालमेल बनाकर जरूरतमंदों को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। वकीलों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारी का माल्यार्पण कर स्वागत कर उन्हें बधाई दी। इस दौरान जितेंद्र मिश्रा लाल जी, उदयराज सिंह, आनंद मिश्रा, दिनेश अस्थाना, संजय पांडेय, कुलदीप यादव, पवन यादव, रासबिहारी, पुष्पेंद्र राज मौजूद रहे।
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Muzaffarpur में आंगनबाड़ी केंद्र में 4 साल की बच्ची के साथ पड़ोसी की हरकत, गिरफ्त

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर के मनियारी थाना क्षेत्र से एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आंगनबाडी केंद्र मे पढ़ने गई एक 4 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोस के ही 25 साल के युवक ने गन्दी हड़कत की, घटना तब हुई जब मासूम बच्ची पड़ोस के आंगनबाड़ी केंद्र मे पढ़ने गई, वहां आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका नही पहुंच सकी थी, लेकिन कई बच्चे पहुंच चुके थे, इसी दौरान पड़ोस का युवक मो हमीद आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा और 4 साल की मासूम को गोद मे उठाकर गन्दी हड़कत करने लगा, जिन्हे पड़ोस के कुछ लोग ने देख लिया, जिसके बाद युवक को पकड़ कर रखा गया और पुलिस को सूचना दी है. फिर आरोपी यूवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया. पीड़िता मासूम की माँ ने बताया कि बच्ची को आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा कर आई थी, लेकिन वहां सेविका उस वक्त वहां पर नही थी और इसी बीच आरोपी युवक आकर गलत हड़कत करने लगा, जिसकी वजह से बच्ची रोने लगी, उस वक्त केंद्र मे ज्यादा बच्चे नहीं थे, तीन -चार बच्चे ही थे और आंगनबाड़ी सेविका नहीं थी. बच्ची को रोते देख आसपास के लोग आ गये, वहीं बच्ची ने भी अपनी माँ को पूरी बात बताई. घटना के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट मे पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया गया है. घटना के बारे में SDPO -2, पश्चिमी अनिमेशचंद्र ज्ञानी ने बताया कि एक बच्ची के साथ गलत हड़कत किया गया है और बच्ची के साथ गलत हड़कत करने वाले आरोपी हमीद को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
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जहानाबाद में फरार आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती, जेसीबी से ध्वस्त हुए ठिकाने

Jehanabad, Bihar:खबर जहानावद से है, जहाँ बिहार में सम्राट मॉडल का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। जहानाबाद के चर्चित शिवम कुमार और उनके चाचा मुन्ना कुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस ने अब तक की सबसे सख्त और बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर फरार आरोपियों के घर पर न सिर्फ कुर्की-जब्ती की गई, बल्कि जेसीबी मशीन मंगाकर आरोपियों के ठिकाने को ध्वस्त भी कर दिया गया है। वही इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला भेलावर थाना क्षेत्र के निसरपुरा गांव का है। जहाँ बीते दिनों हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद से इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल था। मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसपी अपराजित लोहान के निर्देश पर पुलिस टीम भारी दलबल के साथ निसरपुरा गांव पहुंची। पहले पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत फरार चल रहे आरोपियों के घरों पर इश्तेहार तामील कराया। गांव में डुगडुगी बजवाई गई और लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर आरोपियों को तत्काल आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साफ कह दिया था कि अगर शाम तक सरेंडर नहीं किया, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। पुलिस की इस चेतावनी का जब फरार आरोपियों पर कोई असर नहीं हुआ और बुधवार की शाम तक किसी ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो पुलिस दोबारा गांव में दाखिल हुई। लेकिन इस बार पुलिस अकेले नहीं थी, बल्कि साथ में जेसीबी मशीन भी मौजूद थी। कोर्ट के आदेश के आलोक में पुलिस ने फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करना शुरू कर दिया। घरों से सामान जब्त किए गए और देखते ही देखते आरोपियों के निर्माण पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इस संबंध में एसपी ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। 14 आरोपियों में से दो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दो आरोपी नाबालिग हैं। शेष फरार 8 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने साफ शब्दों के कहा कि कानून से भागने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न, पदाधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र व पहचान-पत्र

AsadJunedAsadJunedFollow1h ago
Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर। जनपद सीतापुर में एक रेस्टोरेंट में ऑल इंडिया पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति (पंजीकृत) की अति आवश्यक समीक्षा बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों और पत्रकारों ने भाग लिया। जानकारी के अनुसार, सीतापुर-लखनऊ हाईवे स्थित जनता रेस्टोरेंट में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष बिनोद वर्मा ने की। बैठक में सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, हरदोई और लखनऊ सहित कई जिलों के पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समीक्षा बैठक में संगठन के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई। अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़कर सभी जनपदों में जिला कमेटियों का शीघ्र गठन करने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। साथ ही सभी जिलों में जल्द बैठक आयोजित कर संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र एवं पहचान-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। इसके अलावा सर्वसम्मति से अगली बैठक लखीमपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस अवसर पर प्रताप तिवारी, राशिद खान, आशिफ खान, विकास मिश्र, पूजा त्रिपाठी, साधना शर्मा, राजेश शर्मा, अंदेश कुमार, अनुज कुमार यादव, संजय भारती, अजमुद्दीन सिद्दीकी, दानिश कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।लखनऊ मंडल मीडीया प्रभारी असद जुनैद
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भारत में सरोगेसी पर सख्त कानून: कमर्शियल बैन, सिर्फ निःस्वार्थ सरोगेसी मान्य

Betul, Madhya Pradesh:भारत में सरोगेसी की जानकारी और नियमों के बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं है और इसकी मान्यता समाज में देखने को नहीं मिलती है।सरोगेसी यानी जब कोई महिला किसी दूसरे दंपत्ति के लिए बच्चे को जन्म देती है। लेकिन भारत में अब इस पर सख्त कानून लागू हैं। कमर्शियल सरोगेसी पूरी तरह बैन है। यानी पैसे लेकर सरोगेसी करना गैरकानूनी है। सिर्फ निःस्वार्थ सरोगेसी की ही अनुमति है। केवल शादीशुदा भारतीय दंपत्ति,जिनकी शादी को कम से कम 5 साल हो चुके हों और उनके कोई बच्चा न हो। सरोगेट मां के लिए नियम 25 से 35 साल की उम्र,शादीशुदा और पहले से एक बच्चा होना जरूरी। सिर्फ रजिस्टर्ड क्लिनिक में ही सरोगेसी कराई जा सकती है और जेंडर चयन पूरी तरह बैन है।कानून का उल्लंघन करने पर जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सरोगेसी भारत में कानूनी है,लेकिन सख्त नियमों के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके。
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सूरजपुर में अवैध नशीले कारोबार से HIV संक्रमण भयावह, पुलिस सख्त कार्रवाई

Surajpur, Chhattisgarh:सूरजपुर जिला इन दिनों सफेद मौत यानी अवैध नशीले कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है. बीते कुछ वर्षों में नशे के इस काले कारोबार में बड़ी तादात में युवा इस दलदल में फंस गए हैं. यह नशा न केवल अपराध के ग्राफ को बढ़ा रहा है, बल्कि असुरक्षित इंजेक्शन के इस्तेमाल से जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में भयावह इजाफा देखने को मिला है. सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि इस लत ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है. वहीं जिले में होने वाली अधिकांश चोरी की वारदातों के पीछे भी इसी नशे के आदी आरोपी ही गिरफ्त में आ रहे हैं. आखिर क्यों सूरजपुर जिला नशेड़ियों काsoft टार्गेट बना हुआ है और क्यों अंतरराज्यीय ड्रग माफियाओं के लिए यहाँ की सरहदें इतनी अनुकूल हैं? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट. सूरजपुर में युवा वर्ग घातक केमिकल इंजेक्शन, प्रतिबंधित नशीली टैबलेट और गांजे की गिरफ्त में हैं. इस जानलेवा शौक की वजह से अब तक कई युवा अपनी जान गवा चुके हैं. हालांकि, पुलिस विभाग लगातार इन नशा माफियाओं के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई कर रहा है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. हाल ही में सूरजपुर पुलिस ने एक यात्री बस से करोड़ों रुपये का गांजा भी जप्त किया था, बावजूद इसके यह अवैध कारोबार जिले में धड़ल्ले से फल-फूल रहा है. आंकड़े बताते हैं कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है, लगातार हो रही कार्रवाई से नशा तस्करों पर शिकंजा कस रहा है, वहीं युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के प्रयास भी जारी हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. घण्टे: आंकड़े: वर्ष 2021-2026 कुल प्रकरण: 242 पुरुष आरोपी: 338 महिला आरोपी: 22 गांजा: 1,372 किलो 494 ग्राम गांजा पौधे: 84 नशे के पदार्थ: 885.78 किलोग्राम अफीम: 149 ग्राम नशीला सिरप: 4,286 नग कैप्सूल: 8,824 नग टैबलेट: 44,664 नग इंजेक्शन: 16,832 नग कुल अनुमानित कीमत: लगभग 25.55 करोड़ रुपये. पकड़े गए तस्करों में कई आरोपी पड़ोसी राज्यों के निवासी हैं, जो सूरजपुर को ट्रांज़िट हब की तरह इस्तेमाल कर रहे थे. नशा माफिया के लिए सूरजपुर की भौगोलिक स्थिति सबसे बड़ी ढाल है, क्योंकि इस जिले की सीमाएं मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से लगी हुई हैं. इसी का फायदा उठाकर माफिया जंगल के रास्तों से आसानी से जिले में घुस जाते हैं. नशे का यह जाल अब सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और समाज के लिए भी नासूर बनता जा रहा है. जानकारों की मानें तो हाल के वर्षों में जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में जो इजाफा हुआ है, उसका सबसे बड़ा कारण यह अवैध नशे का कारोबार ही है. डॉक्टरों के मुताबिक नशे के आदी लोग एक ही असुरक्षित इंजेक्शन को आपस में साझा करते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है. पिछले तीन सालों के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में अब तक लगभग 150 एचआईवी मरीज डिटेक्ट किए गए हैं; 2023-24 में 31 मरीज, 2024-25 में 44 मरीज और 2025-26 में 66 मरीज HIV पॉजिटिव पाए गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि एचआईवी मरीजों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है, हालांकि जानकारों का अंदेशा यह है कि वास्तविक संख्या दर्ज आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा हो सकती है. असल चुनौती यह है कि सामाजिक बहिष्कार और लोक-लाज के डर से अधिकांश लोग जांच के लिए अस्पताल की दहलीज तक नहीं पहुंचते हैं. स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग कैंप और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है, पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. यह अवैध कारोबार निश्चित रूप से जिले की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक टाइम बम की तरह है, नशे की इस चेन को तोड़ना और एचआईवी के संक्रमण को रोकना, अब पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है.
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छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क: युवाओं पर बढ़ती रोकथाम की चुनौती

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में तेजी से फैलता नशे का कारोबार अब सिर्फ पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।गांजा सिंथेटिक ड्रग्स ,नशीली गोलियां,कोरेक्स और इंजेक्शन जैसे नशे अब शहरों से लेकर गांवों तक पहुंच चुके हैं।सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसकी गिरफ्त में बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं।आखिर कहां से आ रहा है यह नशा? कौन हैं इसके कारोबारी? किन रास्तों से छत्तीसगढ़ तक पहुंच रहा है जहर? और सरकार-पुलिस इसे रोकने के लिए क्या कर रही है?देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है।बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़ ,महासमुंद सरगुजा जैसे जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नशे से जुड़े मामलों में तेजी आई है।गांजा तस्करी से लेकर मेडिकल नशे और सिंथेटिक ड्रग्स तक का कारोबारी? अब संगठित नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा है।पुलिस की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गांजा ओडिशा के रास्ते पहुंच रहा है। ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरी और आसपास के इलाकों से बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी कर छत्तीसगढ़ लाया जाता है।इसके अलावा पंजाब, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और आंध्रप्रदेश से भी नशे का नेटवर्क जुड़ता जा रहा है।कुछ मामलों में अंतरराज्यीय गिरोहों के तार भी सामने आए हैं।सबसे ज्यादा युवा गांजा, नशीली टैबलेट, सिरप, इंजेक्शन और सिंथेटिक ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं।स्कूल-कॉलेज के छात्र भी धीरे-धीरे इस दलदल में फंसते जा रहे हैं।सोशल मीडिया और गलत संगत भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।युवाओं में तनाव, बेरोजगारी, गलत मित्र मंडली और जल्दी रोमांच पाने की चाह उन्हें नशे की ओर धकेल रही है।पिछले कुछ वर्षों में बिलासपुर पुलिस ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया।करोड़ों रुपए का गांजा, नशीली इंजेक्शन, ड्रग्स ,नशीली गोली जब्त हुआ बड़े तस्कर गिरफ्तार हुए। उनकी संपत्ति की भी जप्ती बना ली गई।लेकिन इसके बावजूद नशे का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया।बिलासपुर SSP/DIG रजनेश सिंह का कहना है कि नशे के खिलाफ अब पुलिस सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान पर भी जोर दे रही है।नशे के कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। नशा पर लगाम लगाने के लिए आव सवारे कल अपना अभियान भी चलाया जा रहा है।इस अभियान के जरिए युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।काउंसलिंग, जागरूकता कार्यक्रम और परिवारों की मदद से युवाओं को नई जिंदगी देने का प्रयास किया जा रहा है।नशा अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नही।बल्कि समाज और आने वाले भविष्य से जुड़ा बड़ा खतरा बन चुका है।जरूरत है पुलिस, प्रशासन, परिवार और समाज के सामूहिक प्रयास की ताकि युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।अगर सही मार्गदर्शन मिले तो युवा नशे से दूर रह सकते हैं।
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जयपुर के RCA परिसर में शराब परोसने के प्रकरण पर कठोर कार्रवाई की मांग

Jaipur, Rajasthan:जयपुर स्थित राजस्थान क्रिकेट अकादमी (RCA) ग्राउंड परिसर में चल रहे एक निजी टूर्नामेंट के दौरान शराब और बीयर परोसे जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एड-हॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित यादव ने राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) के सचिव को एक शिकायत करते हुए पत्र लिखा है और तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिषद ने आयोजनकर्ता पर भारी जुर्माना लगाते हुए वसूली की कार्रवाई शुरु कर दी है। आरसीए एड-हॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने पत्र में बताया कि राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने 9 जून से 11 जून तक केपीएल सीजन के आयोजन के लिए यह मैदान एक निजी पार्टी को दिया गया है। इस आयोजन के दौरान 10 जून को यह देखा गया कि आयोजकों द्वारा ग्राउंड परिसर में खुलेआम शराब और बीयर परोसी जा रही थी। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम परिसर के भीतर इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं और यह खेल बुनियादी ढांचे के उपयोग के तय मानकों और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है।शिकायत पत्र में मैदान की साख और खेल भावना का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस मैदान का रख-रखाव आरसीए द्वारा किया जाता है। खेल परिसर में ऐसी अनैतिक गतिविधियां होने से खेल परिषद और आरसीए, दोनों की छवि और प्रतिष्ठा पर बेहद विपरीत असर पड़ता है। इस मामले में आरसीए एड-हॉक कमेटी ने खेल परिषद के सचिव से इस विषय में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और भविष्य में खेल आयोजनों के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं。
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उदयपुर कानूाड़ा: रावत ने कांग्रेस पर आदिवासी विरोधी आरोप लगाए, जांच की मांग

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के कानूवाड़ा मामले पर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है। पूर्व कांग्रेस सांसद रघुवीर मीणा के बयान पर उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने तीखा पलटवार किया है। मन्नालाल रावत ने कांग्रेस के इस रुख को आदिवासी विरोधी बताते हुए सीधा सवाल किया कि क्या यह कांग्रेस का कोई फेविकोल वाला गठजोड़ है, जिसे अब समाज अच्छी तरह समझना चाहता है? सांसद रावत ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ से आए बाहरी लोग यहाँ आकर संदिग्ध गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की तारीफ करते हुए माँग की है कि इस पूरे मामले के पीछे चल रहे फाइनेंशियल नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच होनी चाहिए。 बाईट- मन्नालाल रावत, सांसद, उदयपुर
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नवविवाहिता की हत्या: सल्फास खिलाने का आरोप, पति-सास-ससुर गिरफ्तार

Ujjain, Madhya Pradesh:नवविवाहिता की मौत ने खोली प्रताड़ना की परतें, पति ने जबरन सल्फास खिलाकर की हत्या; सास-ससुर भी गिरफ्तार मरणासन्न बयान में महिला ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, इलाज के दौरान हुई मौत भाटपचलाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पति, सास और ससुर को दो घंटे में दबोचा उज्जैन। भाटपचलाना थाना क्षेत्र के ग्राम बरथून में नवविव्वाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने पति, सास और ससुर को गिरफ्तार किया है। मृतका ने इलाज के दौरान दिए अपने मरणासन्न बयान में पति पर मारपीट कर जबरन सल्फास की गोली खिलाने का आरोप लगाया था। जांच में सामने आए साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार ग्राम बरथून निवासी प्रिया को 2 जून को जहरीला पदार्थ सेवन करने की स्थिति में नागदा के जनसेवा अस्पताल लाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे उज्जैन के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। उपचार के दौरान कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा उसके मरणासन्न कथन दर्ज किए गए। इसमें प्रिया ने बताया कि उसके पति बालकदास बैरागी ने उसके साथ मारपीट की और जबरन सल्फास की गोली खिला दी। इलाज के दौरान 5 जून को प्रिया की मौत हो गई। इसके बाद भाटपचलाना थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष के लोगों के बयान लिए गए। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही प्रिया को उसका पति बालकदास, सास राजूबाई और ससुर प्रहलाददास घरेलू बातों को लेकर प्रताड़ित करते थे। उसके साथ आए दिन विवाद और मारपीट की जाती थी। पुलिस ने जांच में मिले साक्ष्यों, मरणासन्न बयान और परिजनों के कथनों के आधार पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया। मामला महिला की हत्या से जुड़ा होने के कारण एसडीओपी खाचरौद के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी की कार्रवाई महज दो घंटे के भीतर पूरी कर ली गई। गिरफ्तार आरोपियों में बालकदास पिता प्रहलाददास बैरागी (28), प्रहलाददास पिता जानकीदास (54) और राजूबाई पति प्रहलाददास (50), सभी निवासी ग्राम बरथून शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी बालकदास के खिलाफ पूर्व में भी पत्नी के साथ मारपीट का मामला दर्ज हो चुका है।
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