Sensitive Content
This video contains sensitive content which some people may find offensive or disturbing
Sitapur: संदना में ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने तोड़ी दीवार, घर में घुसी
Dahelara, Uttar Pradesh:संदना थाना क्षेत्र में एक ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने दीवार तोड़कर एक घर में प्रवेश कर लिया। घटना शाम करीब 7 बजे हुई, जब ट्रैक्टर ट्रॉली गन्ना लादकर रामगढ़ जा रहा था। रास्ते में बरताल मोड़ के पास पवन बाजपेई के घर में ट्रैक्टर घुस गया, जिससे घर में मोटरसाइकिल समेत कई घरेलू सामान दब गए। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक नशे में था जिससे यह हादसा हुआ। डायल 112 की मदद से ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित ने संदना थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
कन्नौज में 70-75 हजार रुपये का सामान चोरी, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ मामला
Tajpur-Naukast, Uttar Pradesh:पंकज श्रीवास्तव/कन्नौज: कन्नौज शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला मुकरी टोला नई बस्ती मे देर रात चोरो ने एक इत्र कारखाने मे चोरी की घटना को अंजाम दिया। यहाँ इत्र कारखाने की दीवाल से चढ़कर लगभग 70 से 75 हजार रुपये मूल्य का इत्र बनाने वाले उपकरण सर्फोस चुरा ले गये। चोरी की यह वारदात सीसीटीवी मे कैद हो गयी। वही घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की छानबीन मे जुट गयी है। मोहम्मद तौसिफ ने जानकारी देते हुए कि बताया इलाके में लगातार हो रही चोरियों से स्थानीय निवासियों में चिंता और दहशत का माहौल है। पीड़ित मोहम्मद तौसिफ के इत्र कारखाने के दीवाल से चढ़कर लगभग 70 से 75 हजार रुपये मूल्य का इत्र बनाने वाले उपकरण सर्फोस चुरा ले गए सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर दी है। कन्नौज के नई बस्ती (वाला पीर) क्षेत्र में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे लगातार आम जनता को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला नई बस्ती, मुकरी टोला का है, जहां स्थानीय निवासी मोहम्मद तौसिफ के इत्र कारखानेको चोरों ने अपना शिकार बनाया। पीड़ित मोहम्मद तौसिफ ने बताया कि जब वे सुबह अपने इत्र कारखाने पहुंचे और मुख्य गेट का ताला खोला, तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। कारखाने के अंदर रखे डेट सरपोश, पतीले सरपोज समेत कई तांबे के कीमती बर्तन गायब थे। चोर लगभग 70 से 75 हजार रुपये का कीमती सामान चुराकर ले गए हैं। *पुलिस की छानबीन जारी* घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ साक्ष्य जुटाने में जुटी है ताकि चोरों का जल्द से जल्द सुराग लगाया जा सके। इलाके के लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी चोरियों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए और जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कारण का माहौल बन सके।
बेतवा नदी का उद्गम कहां है? जानिए बुंदेलखंड की इस जीवनरेखा की अनसुनी कहानी
Pali Pahari, Jhansi, Uttar Pradesh:प्रवीण भार्गव/झांसी: बुंदेलखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली बेतवा नदी का महत्व केवल जल, सिंचाई और जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध प्राचीन धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं से भी जुड़ा हुआ है। इस नदी का प्राचीन नाम वेत्रवती है। विशेष बात यह है कि पद्म पुराण में बेतवा नदी के प्राकट्य को लेकर एक अद्भुत कथा का वर्णन मिलता है, जिसके अनुसार वृत्रासुर द्वारा खुदवाए गए महागंभीर नामक गहरे कुएं से दिव्य वेत्रवती नदी प्रकट हुई थी। पद्म पुराण में मिलता है नदी के प्राकट्य का वर्णन पद्म पुराण के उत्तरखंड में वेत्रवती नदी के माहात्म्य का वर्णन करते हुए भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि वेत्रवती नदी का महत्व अत्यंत विशेष है। पुराण में उल्लेख मिलता है कि प्राचीन काल में वृत्रासुर ने एक अत्यंत गहरा कुआं खुदवाया था, जिसका नाम महागंभीर था। उसी कुएं से दिव्य वेत्रवती नदी का प्राकट्य हुआ। पुराण में इस नदी को बड़े-बड़े पापों का नाश करने वाली और गंगा के समान पवित्र बताया गया है। इसमें स्नान करने और दर्शन करने से पुण्य प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता का भी वर्णन किया गया है। इस कथा के कारण बेतवा नदी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। वृत्रासुर से जुड़ी है महागंभीर कुएं की कथा पौराणिक मान्यताओं में वृत्रासुर का नाम एक शक्तिशाली असुर के रूप में आता है। बेतवा नदी से जुड़ी कथा में उसके द्वारा महागंभीर नामक कुएं का निर्माण कराए जाने का उल्लेख है। इसी कुएं से वेत्रवती के प्रकट होने की मान्यता है। यह कथा नदी को केवल प्राकृतिक जलधारा नहीं, बल्कि दिव्य स्वरूप प्रदान करती है। पद्म पुराण के उत्तरखंड के अध्याय 137 में भी वेत्रवती को वृत्र द्वारा निर्मित जलस्रोत से निकली नदी बताया गया है। इस प्रकार पुराण के अलग-अलग प्रसंगों में इस नदी की उत्पत्ति और महिमा का वर्णन मिलता है। प्राचीन नाम वेत्रवती, साहित्य में भी विशेष पहचान बेतवा नदी को प्राचीन काल में वेत्रवती के नाम से जाना जाता था। इसका उल्लेख प्राचीन भारतीय साहित्य और धार्मिक परंपराओं में मिलता है। महाकवि कालिदास के प्रसिद्ध काव्य मेघदूत में भी वेत्रवती नदी और विदिशा का उल्लेख मिलता है। इससे पता चलता है कि प्राचीन समय में यह नदी भौगोलिक दृष्टि के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा थी। मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक बहती है बेतवा भौगोलिक दृष्टि से बेतवा नदी का उद्गम मध्य प्रदेश में भोपाल के निकट झिरी गांव के आसपास माना जाता है। यह विंध्य पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर मध्य प्रदेश के विदिशा सहित अनेक क्षेत्रों से गुजरती हुई उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में प्रवेश करती है। ओरछा और झांसी क्षेत्र के लिए भी यह नदी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लगभग 590 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद यह उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के निकट यमुना नदी में मिल जाती है। ओरछा की ऐतिहासिक विरासत की साक्षी बेतवा नदी का मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक नगरी ओरछा से विशेष संबंध है। नदी के किनारे स्थित प्राचीन मंदिर, बुंदेला राजाओं की छतरियां और ऐतिहासिक महल आज भी इस क्षेत्र की गौरवशाली विरासत को दर्शाते हैं।
