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Mohammad AsimMohammad AsimFollow31 Dec 2024, 12:28 pm

Sitapur: संदना में ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने तोड़ी दीवार, घर में घुसी

Dahelara, Uttar Pradesh:

संदना थाना क्षेत्र में एक ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने दीवार तोड़कर एक घर में प्रवेश कर लिया। घटना शाम करीब 7 बजे हुई, जब ट्रैक्टर ट्रॉली गन्ना लादकर रामगढ़ जा रहा था। रास्ते में बरताल मोड़ के पास पवन बाजपेई के घर में ट्रैक्टर घुस गया, जिससे घर में मोटरसाइकिल समेत कई घरेलू सामान दब गए। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक नशे में था जिससे यह हादसा हुआ। डायल 112 की मदद से ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित ने संदना थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

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चोरीचौरा में दोस्त ही बना कातिल, एक के बाद दूसरे की मौत से उठे सवाल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने दोस्ती, भरोसे और दो किशोरों की मौत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चौरीचौरा थाना क्षेत्र में 14 साल के शिवा राजभर की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, शिवा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही 17 साल के दोस्त श्याम राजभर ने की थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई... शिवा की मौत के अगले ही दिन श्याम की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यानी एक किशोर की हत्या... और अगले ही दिन दूसरे किशोर की रहस्मयी तरीके से ट्रेन से कटकर मौत हो गई। दोनों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर ऐसा क्या हुआ था कि दोस्ती का रिश्ता इस भयावह मोड़ तक पहुंच गया? मामला चौरीचौरा थाना क्षेत्र के चौरी टोला भरटोलिया गांव का है। 23 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे 14 साल का शिवा राजभर अपने दोस्त 17 वर्षीय श्याम राजभर के साथ चकदेइया गांव स्थित जलकल परिसर पहुंचा। दोनों के परिसर में दाखिल होने की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। लेकिन करीब सवा घंटे बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरी कहानी को उलझा दिया। सीसीटीवी में श्याम अकेले परिसर से बाहर निकलता दिखाई दिया। इसके बाद वह घर पहुंचा और सो गया। अगला दिन यानी 24 सितंबर को श्याम की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इधर, जलकल परिसर के कमरे से 25 सितंबर को शिवा का शव बरामद हुआ। शव से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि शिवा की मौत सामान्य नहीं थी। रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। अब पुलिस के सामने सवाल था—शिवा के साथ आखिरी बार कौन था? यहीं से सीसीटीवी फुटेज ने जांच की दिशा बदल दी। फुटेज में शिवा के साथ परिसर में दाखिल होने वाला श्याम अकेला बाहर निकलता दिखाई दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई और श्याम की भूमिका सामने आने का दावा किया। लेकिन इस खुलासे के साथ ही एक और सवाल और गहरा गया। हत्या की वजह क्या थी? दोनों किशोर दोस्त थे। फिर ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती हत्या तक पहुंच गई? और हत्या के अगले ही दिन श्याम की भी मौत कैसे हुई? इन सवालों का जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। श्याम की मौत के बाद हत्या की वजह से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब भी अब जांच का हिस्सा बन गए हैं。 चौरीचौरा की इस घटना में पुलिस ने सीसीटीवी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 14 वर्षीय शिवा की हत्या की कड़ी उसके 17 वर्षीय दोस्त श्याम से जोड़ने का दावा किया है। लेकिन इस मामले का सबसे बड़ा रहस्य अब भी बरकरार है—आखिर दोनो दोस्तों के बीच ऐसा क्या हुआ था? एक की हत्या हुई और अगले ही दिन दूसरे की भी मौत हो गई। पुलिस अब परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उस वजह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है दो किशोर... दोनों की मौत... और पीछे छूट गए कई सवाल। पुलिस ने हत्या की कड़ी जोड़ने का दावा तो कर दिया है, लेकिन हत्या की वजह अब भी जांच के घेरे में है। क्योंकि इस कहानी में सबसे बड़ा सवाल यही है—दोस्ती में आखिर ऐसी कौन सी दरार आई कि मामला मौत तक पहुंच गया? चौरीचौरा पुलिस अब इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।
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झुंझुनूं कलेक्ट्रेट में पोर्च की छत से प्लास्टर गिरा, बड़ा हादसा टला

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को पोर्च की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। प्लास्टर के मलबे के साथ तेज आवाज हुई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।जानकारी के अनुसार, इसी पोर्च में जिला कलेक्टर की सरकारी गाड़ी खड़ी रहती है। हालांकि, घटना के समय गाड़ी वहां मौजूद नहीं थी। पोर्च के पास ही जिला जज का कोर्ट भी है, जिसके चलते इस रास्ते से अधिकारियों, कर्मचारियों, वकीलों और आम फरियादियों की लगातार आवाजाही रहती है।हादसे के बाद पोर्च की छत में बड़ा खाली हिस्सा दिखाई देने लगा और नीचे मलबा बिखर गया। गनीमत रही कि प्लास्टर गिरने के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
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सिमडेगा में झूठी अपहरण शिकायत के पीछे प्रेमिका हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा: ठेठईटांगर थाना क्षेत्र में युवती के अपहरण की झूठी शिकायत का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में 21 वर्षीय अनित एक्का को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 24 सितंबर को अपनी प्रेमिका झरना टोप्पो की हत्या कर शव को बोरे में भरकर शंख नदी के किनारे दफना दिया था। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने युवती के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव और अन्य साक्ष्य बरामद करने की कार्रवाई की। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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नो-पार्किंग चालान से व्यापारी का हंगामा: मंत्री के काफिले ने रोका

Khajuria Khurd, Bihar:मोहनियां बाजार क्षेत्र में नो-पार्किंग में खड़ी बाइक का चालान काटे जाने पर एक स्थानीय व्यवसायी ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार, दुकान के बाहर बाइक खड़ी करने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काट दिए जाने से आक्रोशित दुकानदार सड़क पर उतर आया। इस दौरान वहां से गुजर रहे पथ निर्माण मंत्री के काफिले को भी व्यवसायी ने कुछ देर के लिए रोक दिया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। पीड़ित दुकानदार बिट्टू कुमार पटेल ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से यहां कंप्यूटर दुकान व CS P का संचालन कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि नगर पंचायत और ट्रैफिक पुलिस द्वारा क्षेत्र में पार्किंग की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण दुकानदारों को मजबूरी में वाहन बाहर खड़ा करना पड़ता है। अचानक चालान कट जाने से व्यवसायी काफी आक्रोशित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और व्यवसायी को समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्य मार्ग पर नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने से यातायात बाधित होता है, इसीलिए चालान की कार्रवाई की गई थी। काफी मशक्कत के बाद सड़क पर आवागमन सुचारू कराया जा सका।
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बैतूल में गणेश विसर्जन पर डीजे के तेज शोर के खिलाफ कोतवाली-गंज थाना प्रशासन ने शुरू किया बड़ा एक्शन

Betul, Madhya Pradesh:एंकर -गणेश विसर्जन जुलूस में तेज आवाज में डीजे बजाना डीजे संचालकों को भारी पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पुलिस की हिदायत के बावजूद निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर बैतूल पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। कोतवाली और गंज थाना पुलिस ने कुल 10 डीजे संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब पुलिस डीजे जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई की तैयारी में है। बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में 8 डीजे संचालक,जबकि गंज थाना क्षेत्र में 2 डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक,विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि सीमा में साउंड बजाने की हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले सामने आए। पुलिस ने इन मामलों में कोलाहल अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की है। तेज आवाज के कारण मरीजों,बुजुर्गों और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने जुलूस के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि मामलों की आगे जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर डीजे जब्त करने के साथ गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है। यानी गणेश विसर्जन में आस्था के साथ नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब बैतूल पुलिस का शिकंजा कसता नजर आ रहा है.
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राजस्थान पुलिस ने गुमनाम प्रोफाइल से बाल यौन शोषण सामग्री रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान इनमें सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री अपलोड करने के खिलाफ साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ा एक्शन लिया है। टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड के गुप्त ग्रुप हों या सोशल मीडिया के फर्जी प्रोफाइल, पुलिस की साइबर टीम डिजिटल ट्रेल के जरिए ऐसे लोगों तक पहुंच रही है। साइबर क्राइम पुलिस ने राजस्थान में 7,800 से ज्यादा URL और प्रोफाइल, 15,326 मोबाइल नंबर और 100 डिवाइस चिन्हित कर ब्लॉक करवाए गए हैं। NCMEC की टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर कई जिलों में FIR दर्ज की गई है। इंटरनेट पर गुमनाम रहकर अपराध करने वालों के लिए बड़ा अलर्ट। राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम ब्रांच ने बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री यानी CSEAM के प्रसार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर बनाए गए गुप्त और पेड ग्रुप पुलिस की निगरानी में हैं। आरोपी फर्जी नाम और गुमनाम पहचान के जरिए इन ग्रुप्स में जुड़ते हैं और आपत्तिजनक सामग्री का आदान-प्रदान करते हैं। एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह ने बताया कि प्रदेश में ऐसे मामलों में अब तक कई प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। साइबर अपराधी बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के लिए टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर गुप्त या पेड ग्रुप और चैनल बनाते हैं। इनमें सदस्य फर्जी अथवा गुमनाम पहचान के साथ जुड़ते हैं और आपस में आपत्तिजनक सामग्री का आदान-प्रदान करते हैं। कई मामलों में सामग्री सीधे निजी संदेश के जरिए भेजी जाती है, जबकि गूगल ड्राइव या अन्य क्लाउड स्टोरेज पर सामग्री अपलोड कर लिंक साझा किया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी आरोपी कोडेड शब्दों और हैशटैग का इस्तेमाल करते हैं। कई बार इंस्टाग्राम या फेसबुक जैसे सामान्य प्लेटफॉर्म से संपर्क शुरू करने के बाद बातचीत को कम निगरानी वाले प्लेटफॉर्म पर ले जाया जाता है। इन माध्यमों से जुड़कर ऐसी सामग्री भेजना अथवा प्राप्त करना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एडीजी वीके सिंह ने बताया कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट और व्हाट्सऐप से जुड़े लगभग 7,800 URL-प्रोफाइल, 15,326 मोबाइल नंबर तथा 100 डिवाइस चिन्हित कर ब्लॉक करवाए गए हैं। तकनीकी विश्लेषण और एनसीएमईसी की रिपोर्ट्स के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर, अकाउंट और डिजिटल ट्रेल की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सूचना देकर आपत्तिजनक लिंक और मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाए गए। NCMEC रिपोर्ट के आधार पर बार-बार ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। चूरू, नागौर, अलवर, खैरथल-तिजारा, सीकर, हनुमानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के थानों में ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज हुए हैं। राजस्थान पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर ऐसे ग्रुप और नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही है। राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर बाल यौन शोषण सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना अथवा साझा करना सुरक्षित नहीं है। पुलिस तकनीकी माध्यमों से ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है और डिजिटल ट्रेल के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट उपयोग पर ध्यान देने तथा उन्हें असुरक्षित ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध लिंक, समूह, चैनल अथवा ऐसी सामग्री की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
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नाबालिग से छेड़छाड़: नंदन यादव को न्यायिक हिरासत, सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद

Jamui, Bihar:जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को सोमवार देर शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के भीतर न्यायालय में पेश किया गया। अस्पताल से कोर्ट तक पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। न्यायालय में पेशी के बाद कोर्ट ने नंदन यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दरअसल, पिछले दिनों इसी मामले के दूसरे मुख्य आरोपी हरे राम यादव को कोर्ट में पेशी के बाद वापस ले जाने के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना सामने आई थी। लिहाजा सोमवार को नंदन यादव की पेशी को लेकर अस्पताल से लेकर न्यायालय परिसर तक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बताया गया कि मामले में घटना के पहले ही दिन पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें दो नाबालिग और एक बालिग शामिल था। इसके बाद दूसरे दिन हरे राम यादव और नंदन यादव को गिरफ्तार किया गया। हरे राम यादव के घायल होने के बाद उसका इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा था। वहीं, मामले में सौरभ कुमार चंद्रवंशी और छोटू कुमार चंद्रवंशी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोमवार को नंदन यादव को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूरे मामले को लेकर जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब इस मामले में कोई आरोपी फरार नहीं है। बाइट : विश्वजीत दयाल, एसपी जमुई
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गौरीबाजार: अंडरपास में भरा पानी, पांच फीट पानी में फंसी बाइक और कार; ग्रामीणों की आशंका हुई सच

ASAmit SinghFollow6m ago
Deoria, Uttar Pradesh:गौरीबाजार NER रेल क्रॉसिंग 141-A पर निर्माणाधीन अंडरपास को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आशंका अब सच होती दिखाई दे रही है। निर्माण शुरू होने के समय से ही ग्रामीण इस अंडरपास का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कई बार प्रदर्शन कर अधिकारियों को पत्र देकर आशंका जताई थी कि बारिश के मौसम में अंडरपास में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाएगी और यहां से आवागमन मुश्किल होगा। ग्रामीणों का दावा था कि साल के करीब आठ महीने यहां पानी जमा रहने की स्थिति बन सकती है। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया और निर्माण कार्य जारी रहा। अब अंडरपास निर्माण पूरा होने के करीब है और लोगों ने नीचे से आवागमन शुरू ही किया था कि बारिश ने इसकी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद अंडरपास में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। बाहर से पानी कम दिखाई देने के कारण वाहन चालक इसे पार करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अंदर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। सोमवार को एक बाइक सवार युवक ने अंडरपास से निकलने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई में बाइक फंस गई। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह युवक को बाहर निकाला गया। वहीं देर शाम एक कार सवार ने भी अंडरपास से निकलने का प्रयास किया। कार पानी में उतरते ही फंस गई और देखते ही देखते पानी कार के भीतर तक पहुंचने लगा। स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थिति को भांप लिया और ट्रैक्टर की मदद से रस्सी बांधकर कार को किसी तरह बाहर निकाला। गनीमत रही कि समय रहते स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।बताया गया कि कार में बैतालपुर क्षेत्र के बरपार निवासी अभय मणि त्रिपाठी समेत चार लोग सवार थे। सभी कर्माजीपुर गांव से किसी कार्य के बाद गोरखपुर की ओर जा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास के निर्माण के समय ही उन्होंने जलभराव की आशंका जताई थी। उनका सवाल है कि जब क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जलनिकासी की समस्या पहले से सामने थी तो निर्माण से पहले इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। ग्रामीणों ने अंडरपास के निर्माण में तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परियोजना में डंपिंग लेवल, ग्रेडिएंट, वाइब्रेशन, ग्राउटिंग, लंबाई-चौड़ाई, ऊंचाई, टर्निंग रेडियस, सेफ्टी लाइटिंग तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा जैसे मानकों की उचित निगरानी नहीं की जा रही है। निर्माण कार्य वाराणसी मंडल के रेलवे इंजीनियरों की देखरेख में होने के बावजूद शुरुआती बारिश में ही अंडरपास में भारी जलभराव होने से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले बरसात के दिनों में यह अंडरपास राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से मौके का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता, जलनिकासी व्यवस्था और एप्रोच रोड की स्थिति की जांच कराने तथा समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
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30 साल बाद जमीन विवाद हल: मुंगेर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाकर दखल दिया

Munger, Bihar:30 साल पुराने जमीन विवाद का प्रशासन ने कराया निपटारा ,कमिश्नर के आदेश पर दखल-दहानी, पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया; जेसीबी से तोड़ी गई विवादित दीवार जमालपुर प्रखंड के आदर्श ग्राम पंचायत इटहरी में करीब 30 वर्षों से चार धूर जमीन को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को प्रशासनिक कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में विवादित जमीन से अतिक्रमण हटाकर दखल-दहानी की कार्रवाई पूरी कराई गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। जमालपुर सीओ प्रीति कुमारी के नेतृत्व में प्रशासन की टीम विवादित स्थल पर पहुंची। यहां प्रमोद सिंह और परमानंद सिंह के बीच जमीन पर दावे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष अपनी-अपनी जमीन होने का दावा कर रहे थे। विवाद कई बार तनावपूर्ण स्थिति तक पहुंच चुका था। इसके बाद मामला वरीय अधिकारियों के समक्ष पहुंचा।सीओ ने बताया कि मामले में कागजात की जांच के बाद मुंगेर कमिश्नर के आदेश के आलोक में डीसीएलआर के दखल-दहानी संबंधी आदेश पर कार्रवाई की गई। विपक्षी पक्ष की ओर से कमिश्नर के यहां अपील भी की गई थी। जांच के बाद अपील खारिज कर दी गई और पूर्व में पारित आदेश को संपुष्ट करते हुए अंचलाधिकारी को दखल-दहानी कराने का निर्देश दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने स्थल पर पहुंचकर कार्रवाई पूरी की।विवादित जमीन के एक हिस्से पर विपक्षी पक्ष की ओर से दीवार और घर का निर्माण किया गया था। प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से दीवार को तोड़कर अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद संबंधित पक्ष को जमीन पर दखल-दहानी कराई गई। कार्रवाई के दौरान नया रामनगर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। दखल-दहानी की कार्रवाई के बाद प्रमोद सिंह के परिजनों ने प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए परिवार ने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्हें न्यायालय और प्रशासन पर भरोसा था। करीब तीन दशक की लड़ाई के बाद अब अपनी जमीन मिलने से परिवार को राहत मिली है。 वहीं, परमानंद सिंह के परिजनों ने दावा किया कि जमीन से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जमीन खाली कराए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। कार्रवाई के दौरान गांव के बुद्धिजीवियों और सामाजिक लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
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टिहरी: इशिता सजवाण ने विपक्ष पर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर पलटवार किया

New Tehri, Uttarakhand:विशेष गहन पुनरीक्षण यानी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है, टिहरी में जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है... भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान इशिता सजवाण ने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वाले फार्म संख्या छह को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट की। कहा कि फार्म संख्या छह में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान इसके साथ घोषणा-पत्र की व्यवस्था की गई है.... इशिता सजवाण ने राहुल गांधी और विपक्ष से कहा कि चुनाव प्रक्रिया या मतदाता सूची को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर सामने रखा जाए, राजनैतिक दलों को पूरी जानकारी के बाद ही संस्थाओं पर टिप्पणी करनी चाहिए।
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ADG कानपुर के ललितपुर दौरे में पुलिस विभाग का वार्षिक निरीक्षण और दिशा निर्देश

Lalitpur, Uttar Pradesh:ADG कानपुर जॉन अनुपम कुलश्रेष्ठ आज ललितपुर जिले के दौरे पर रही , जहां उन्होंने जिले के पुलिस विभाग का वार्षिक निरीक्षण किया । इस दौरान उनके साथ IG झांसी मंडल आकाश कुलहरी भी मौजूद रहे , ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ ने ललितपुर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त शाखाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिये । जिसके बाद उन्होंने पुलिस लाईन पहुंचकर पेंशनरों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को सुना और वार्तालाप की , गिर जिले के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक कर उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिये। वहीं उन्होंने पत्रकारों के साथ वार्तालाप करते हुये अपने निरीक्षण आदि की जानकारी साझा की ।
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