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Mohammad AsimMohammad AsimFollow31 Dec 2024, 12:28 pm

Sitapur: संदना में ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने तोड़ी दीवार, घर में घुसी

Dahelara, Uttar Pradesh:

संदना थाना क्षेत्र में एक ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने दीवार तोड़कर एक घर में प्रवेश कर लिया। घटना शाम करीब 7 बजे हुई, जब ट्रैक्टर ट्रॉली गन्ना लादकर रामगढ़ जा रहा था। रास्ते में बरताल मोड़ के पास पवन बाजपेई के घर में ट्रैक्टर घुस गया, जिससे घर में मोटरसाइकिल समेत कई घरेलू सामान दब गए। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक नशे में था जिससे यह हादसा हुआ। डायल 112 की मदद से ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित ने संदना थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

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बिहटा ड्राई पोर्ट से बिहार के उद्योग जगत को नई रफ्तार

Danapur, Bihar:पटना के बिहटा से बिहार के औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। बिहटा स्थित Princeton Inland Container Depot में पहली बार इंडोनेशिया से समुद्री रास्ते होकर 45 कंटेनरों में कच्चा माल पहुंचा है। इस उपलब्धि को बिहार सरकार की बड़ी सफलता और राज्य में उद्योगों के बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। माल पहुंचते ही ड्राई पोर्ट परिसर में पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर शुभ शुरुआत की गई। बिहार में उद्योग और व्यापार को नई उड़ान देने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के सहयोग से बिहटा में ड्राई पोर्ट की शुरुआत की गई थी। अब इसका असर जमीन पर दिखने लगा है। सोमवार की शाम इंडोनेशिया से समुद्री मार्ग के जरिए कोलकाता होते हुए 45 कंटेनरों में लोड प्रिंस पाइप फैक्ट्री का कच्चा माल बिहटा स्थित प्रिंसटन मगध इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचा। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी कच्चा माल सीधे बिहार के ड्राई पोर्ट तक पहुंचा है। इससे बिहार के कारोबारियों और उद्योग जगत में खुशी का माहौल है। व्यवसायियों का कहना है कि अब उन्हें कोलकाता से सड़क मार्ग के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों की बड़ी बचत होगी। ड्राई पोर्ट पहुंचने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना कर इस ऐतिहासिक शुरुआत का स्वागत किया। पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वहीं प्रिंसटन ड्राई पोर्ट के सेल्स मैनेजर इंचार्ज विपुल कुमार ने बताया कि इंडोनेशिया से आया यह कच्चा माल अब कस्टम क्लियरेंस के बाद सड़क मार्ग से बिहार में स्थित प्रिंस पाइप की विभिन्न फैक्ट्रियों तक भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले यही माल कोलकाता से ट्रकों के जरिए बिहार आता था, जिसमें ज्यादा समय और खर्च लगता था, लेकिन अब ड्राई पोर्ट के शुरू होने से उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कुछ महीनों में ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के कारण इंपोर्ट-एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ था, लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बिहटा ड्राई पोर्ट से बिहार का चावल दुबई भेजा जा रहा है और विदेशों से माल भी लगातार बिहार पहुंच रहा है। इस उपलब्धि को बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत माना जा रहा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि अगर इसी तरह अंतरराष्ट्रीय व्यापार का दायरा बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बिहटा बिहार का बड़ा लॉजिस्टिक और इंडस्ट्रियल हब बन सकता है।
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खैरागढ़ गैस घोटाला: ओटीपी दिखाकर सब्सिडी जारी, पर असल गैस घर तक नहीं पहुंची

Khairgarh, Uttar Pradesh:OTP लेकर खेल! उपभोक्ता खाली, रिकॉर्ड में गैस डिलीवर सरकार गरीबों के घर चूल्हा जलाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन खैरागढ़ जिले में उज्ज्वला योजना पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। यहां उपभोक्ताओं का आरोप है? कि गैस एजेंसी के कर्मचारी पहले ओटीपी लेते हैं, फिर रिकॉर्ड में सिलेंडर डिलीवर दिखा देते हैं। हैरानी की बात यह है? कि उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी का पैसा भी पहुंच जाता है, लेकिन गैस सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचता। अब सवाल उठ रहा है? कि आखिर बिना गैस दिए डिलीवरी कैसे पूरी हो रही है? और विभाग आंख मूंदकर बैठा क्यों है? पूरा मामला खैरागढ़ जिले के बाजार आतरिया क्षेत्र स्थित साल्हेकला इंडियन गैस एजेंसी का है। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एजेंसी कर्मचारी गैस वितरण से पहले मोबाइल पर आए ओटीपी की मांग करते हैं। जैसे ही उपभोक्ता ओटीपी बताते हैं, सिस्टम में सिलेंडर डिलीवर दिखा दिया जाता है। लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू होता है। उपभोक्ताओं के मुताबिक कई-कई दिन गुजर जाने के बाद भी सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचता। कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा किया कि दो-दो और तीन-तीन बार सब्सिडी का पैसा खाते में आ गया, लेकिन गैस का सिलेंडर कभी मिला ही नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि जब एजेंसी में शिकायत की जाती है तो हर बार नया बहाना मिलता है। कभी कहा जाता है “गाड़ी रास्ते में है”, कभी “कल पहुंच जाएगा”, तो कभी “लोडिंग नहीं हुई” कहकर उपभोक्ताओं को टाल दिया जाता है। गरीब परिवार घंटों एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि रिकॉर्ड में सबकुछ सही दिखाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल गैस वितरण प्रणाली और विभागीय निगरानी पर उठ रहा है। आखिर बिना उपभोक्ता को सिलेंडर दिए सब्सिडी कैसे जारी हो रही है? क्या विभाग केवल सिस्टम में “डिलीवर” दिखने भर से संतुष्ट हो जाता है? अगर उपभोक्ता के घर तक गैस पहुंची ही नहीं, तो फिर सब्सिडी किस आधार पर जारी की गई? सूत्रों की मानें तो उपभोक्ताओं के नाम पर रिफिल किए गए घरेलू सिलेंडरों को दूसरे स्थानों पर खपाया जा रहा है। आरोप है कि घरेलू गैस का उपयोग कमर्शियल कामों में कर अधिक मुनाफा कमाया जा रहा है। यही वजह है कि गरीब उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर इंतजार करते रह जाते हैं और रिकॉर्ड में गैस वितरण पूरा दिखा दिया जाता है। साल्हेकला एजेंसी सीमावर्ती क्षेत्र में होने के कारण यहां बेमेतरा और दुर्ग जिले के सैकड़ों उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 800 से 900 परिवार इस गड़बड़ी से प्रभावित हो सकते हैं। यदि ओटीपी एंट्री, डिलीवरी रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण की निष्पक्ष जांच हो जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। इस मामले में खैरागढ़ एसडीएम सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने जांच के निर्देश दिए जाने की बात कही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग केवल जांच का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा, या फिर गरीबों के हिस्से की गैस गायब करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी होगी। उज्ज्वला योजना गरीब महिलाओं को धुएं से राहत देने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अगर उपभोक्ता के घर गैस पहुंचे बिना ही सब्सिडी जारी हो रही है, तो यह सिर्फ एक एजेंसी की लापरवाही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। बाइट - प्रीति साहू उपभोक्ता बाइट - टेकराम वर्मा उपभोक्ता
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समस्तीपुर में 42°C तापमान के बीच स्कूलों का समय 11 बजे तक

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में गर्मी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। हालांकि शाम के समय हल्की हवा चलने से थोड़ी राहत जरूर मिली। पिछले 24 घंटे के दौरान समस्तीपुर सबसे गर्म दिन रहा, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सिंघिया, हसनपुर, दलसिंहसराय, खानपुर, शिवाजीनगर और मोहिउद्दीननगर में 41 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं कई प्रखंडों में पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। भीषण गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव करते हुए सुबह 11 बजे तक ही कक्षाएं चलाने का निर्देश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह 11 बजे के बाद बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। फिलहाल अगले एक-दो दिनों तक बारिश की संभावना भी नहीं है। गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम हो गई है और लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।
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नवलगढ़ में सूने मकान से चोरी, चोर नंगे पांव घुसे, सरिए छोड़ गए

Jhunjhunu, Rajasthan:नवलगढ़, झुंझुनूं नवलगढ़ के बाय गांव में सूने मकान में चोरी की वारदात नंगे पांव घर में घुसे चोर, तीन कमरों के तोड़े ताले वारदात के बाद ताले तोड़ने वाले सरिए मौके पर छोड़ गए 10-15 साल से सूरत में रह रहा है मकान मालिक का परिवार पुलिस ने पैरों के निशान और सरिए कब्जे में लेकर शुरू की जांच झुंJhुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र के बाय गांव में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। खास बात यह रही कि चोर नंगे पांव घर में घुसे और वारदात के बाद ताले तोड़ने में इस्तेमाल किए गए दो सरिए मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार बाय गांव निवासी कैलाश केडिया का परिवार पिछले करीब 10 से 15 वर्षों से सूरत में रह रहा है। गांव में स्थित उनकेPtrs पैतृक मकान की देखरेख गांव का ही एक परिवार करता है। पंचायत समिति सदस्य रिंकू पूनियां बाय ने बताया कि सोमवार शाम को महिला घर की देखभाल कर ताले लगाकर गई थी। मंगलवार सुबह जब परिवार के लोग दोबारा मकान संभालने पहुंचे तो घर के तीन कमरों के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाकर देखा तो सभी कमरों में सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियां और बक्से खंगाले गए थे। घटना की सूचना तुरंत कैलाश केडिया को दी गई। जिनके गांव पहुंचने के बाद ही चोरी गए सामान का सही आंकलन हो सकेगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर मकान की छत के रास्ते अंदर घुसे थे। इसके बाद उन्होंने सरियों की मदद से कमरों के ताले तोड़े और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मौके पर चोरों के पैरों के निशान भी मिले हैं। इन्हें देखकर आशंका जताई जा रही है कि चोर नंगे पांव ही घर में दाखिल हुए थे। ताकि आवाज न हो और पहचान के निशान कम छोड़ें। हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद चोर ताले तोड़ने में इस्तेमाल किए गए दो सरिए मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सरियों को कब्जे में लेने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सूचना मिलते ही नवलगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा चोरों के पैरों के निशानों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोगों ने रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है。
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ऑपरेशन त्रिनेत्र में कमल राणा के सहयोगी समेत पंजाब निवासी गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत थाना छोटीसादड़ी पुलिस ने कुख्यात तस्कर कमल राणा को डोडाचूरा तस्करी में सहयोग देने और पुलिस से बचाने के लिए शरण उपलब्ध कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविन्द्र कुमार उर्फ रविन्द्र सिंह उर्फ मोनु पंजाबी निवासी मलमजरा, थाना चब्बेवाल, जिला होशियारपुर पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कमल सिंह राणा उर्फ कमल राणा लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी सहित कई गंभीर अपराधों में वांछित रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से उसकी गिरफ्तारी या सूचना देने पर 70 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। कमल राणा पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार तस्करी, लूट, हत्या, अपहरण, धोखाधड़ी, चोरी, फिरौती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। जांच में सामने आया कि कुछ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कमल र Rana को आर्थिक और भौतिक सहयोग देने के साथ ही उसे पुलिस गिरफ्त से बचाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर आश्रय उपलब्ध करा रहे थे। इसके अलावा तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों के संरक्षण और देखभाल में भी इनकी भूमिका सामने आई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर थानास छोटीसादड़ी में NDPS Act की धारा के तहत मामला दर्ज कर कुल 23 आरोपियों को नामजद किया गया था। इसी प्रकरण में वांछित आरोपी रविन्द्र कुमार उर्फ मोनु पंजाबी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है तथा मामले में जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अवैध मादक पदार्थ तस्करी और सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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जयपुर के टी पॉइंट पर देर रात नकाबपोश बदमाशों का हमला, दुकानदार से मारपीट

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर में एक टी पॉइंट पर देर रात हमला और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पूरा मामला प्रतापनगर क्षेत्र के भैरोसर्किल के पास का है जहाँ आज तड़के करीब 4:46 बजे कुछ नकाबपोश अज्ञात बदमाशों द्वारा हाथों में डंडे -सरिये लिए तोड़फोड़ और हमला किए जाने का मामला सामने आया है।जानकारी के मुताबिक 5 से 6 नकाबपोश लोग दो गाड़ियों में मौके पर पहुंचे, जिनमें से एक काली स्कॉर्पियो बताई जा रही है। सभी हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे तथा उनके हाथों में डंडे और सरिया थी। घटना के वक़्त दुकान संचालक अपनी थड़ी पर चाय बना रहे थे।CCTV कैमरों में कैद हुई तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि बदमाशों ने आते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी आरोप है कि दुकान के अंदर घुसकर दुकान संचालक के साथ मारपीट की गई।हालांकि जानकारी में सामने आया है कि कुछ दिन पहले चाय के पैसों के विवाद क़ो लेकर एक युवक चाय संचालक क़ो धमकी भी देकर गया था।
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सीधी में जीवित दिव्यांग बाबूलाल के रिकॉर्ड में मृत घोषित, पेंशन-राशन बंद; जांच शुरू

Sidhi, Madhya Pradesh:एंकर : सीधी जिले से सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक जीवित आदिवासी दिव्यांग व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। हालत यह रही कि पीड़ित पिछले एक साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता रहा। इस दौरान उसकी पेंशन और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बंद हो गईं। मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब जांच के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। देखिए यह विशेष रिपोर्ट। वीओ-1 : सीधी जिले के एक गांव में रहने वाले दिव्यांग आदिवासी बाबूलाल के लिए बीता एक साल किसी संघर्ष से कम नहीं रहा। सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के बाद उनका नाम पेंशन और राशन सूची से हटा दिया गया। जिन सरकारी योजनाओं के सहारे उनका जीवन चल रहा था, वही सुविधाएं अचानक बंद हो गईं। वीओ-2 : बाबूलाल लगातार अधिकारियों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भी लोगों के सामने मदद मांगनी पड़ी। आखिरकार पीड़ित दिव्यांग ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयान की, जिसके बाद मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचा। ब Bite1 बाबूलाल कोल के भाई परिजन ब Bite 2 छठी लाल कोल भाई वीओ-3 : मामला सामने आते ही जिला कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल जांच टीम गठित की गई। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जनपद पंचायत से जुड़े संबंधित अधिकारियों और गांव के रोजगार सहायक पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर दो आईडी कैसे बनीं और एक जीवित व्यक्ति का नाम रिकॉर्ड से कैसे विलोपित कर दिया गया। ब Bite3 — शैलेन्द्र सिंह सोलंकी : “मामला संज्ञान में आते ही जांच कराई गई है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही पीड़ित का नाम दोबारा जोड़ने और पेंशन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।” वीओ-4 : इधर मामले को लेकर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ब Bite 4— प्रदेश उपाध्यक्ष शिवसेना विवेक पांडे : “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उसकी पूरी जिंदगी प्रभावित हो गई। प्रशासन को तत्काल सभी सुविधाएं बहाल कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” वीओ-5 : यह मामला केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड और प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद खामियों की बड़ी तस्वीर पेश करता है। फिलहाल प्रशासन ने बाबूलाल की पेंशन दोबारा शुरू कराने और रिकॉर्ड सुधारने की प्रक्रिया तेज कर दी है, लेकिन अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पीड़ित को पूरी तरह न्याय कब तक मिल पाता है।
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