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VKVijay Kumar AwasthiFollow14 Apr 2025, 05:16 pm

Sitapur - अम्बेडकर जयन्ती पर निकली गयी भव्य शोभायात्रा

Biswan, Uttar Pradesh:

 सीतापुर,भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा भीमराव अंबेडकर की 134 वी जयंती के अवसर पर भीमराव अंबेडकर सेवा समिति झज्जर के तत्वाधान में बौध बिहार में अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक शोभायात्रा नगर में निकाली गई जो मंसाराम चुंगी जहांगीराबाद बस स्टॉप बड़े चौराहे पर होते हुए राजकीय बस स्टॉप पर अंबेडकर मूर्ति पर समाप्त हुई ।शोभायात्रा में सजीव झांकी भी प्रस्तुत की गई। शोभा यात्रा में ढोल नगाड़े बजाते लोग नाचते गाते चल रहे थे ।राजकीय बस स्टॉप पर लगी अंबेडकर मूर्ति पर शोभायात्रा का समापन हुआ ।उसके बाद शिक्षकों द्वारा एक भंडारे का आयोजन किया गया ।जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया ।इस अवसर पर राम अवतार देशराज चौधरी अयोध्या प्रसाद चौधरी शिव प्रकाश विक्रम आदि उप्पस्थित रहे।

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शामली में कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला का भाजपा पर तीखा हमला, बोले— अमित शाह ज्योतिषी की दुकान खो

Amit TararAmit TararFollow2m ago
Shamli, Uttar Pradesh:रिपोर्ट:- अमित तरार शामली, उत्तर प्रदेश।अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने शामली पहुंचकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह को ज्योतिषी की दुकान खोल लेनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस सांसद ने चीन की कथित घुसपैठ, नीट पेपर लीक और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। ## चीन की घुसपैठ और नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा गुरजीत सिंह औजला ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया कि चीन की गतिविधियों और भारतीय सीमाओं से जुड़े मामलों पर सरकार क्या कदम उठा रही है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने इस मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की और प्रभावित छात्रों की परेशानियों को लेकर चिंता जताई। ## मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी साधा निशाना कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनके इस बयान से चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है। ## एक नवंबर को दिल्ली में होगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ सभा औजला ने घोषणा की कि आगामी **एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत विशाल सभा** आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। ## पंजाब में नशाखोरी और अपराध पर जताई चिंता कांग्रेस सांसद ने पंजाब में नशाखोरी और अपराध की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ये समस्याएं गंभीर स्तर पर पहुंच गई हैं। साथ ही भाजपा पर देश के वीर सेनानियों के इतिहास से डरने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गुरजीत सिंह औजला के इन बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब देखना होगा कि भाजपा और संबंधित पक्ष उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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आमिर शौकीन को एक दिन की न्यायिक हिरासत, कल कोर्ट में पेशी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन के वकील विनीत जैन ने बताया, "आमिर को आज कोर्ट में पेश किया गया है। सदर बाजार पुलिस ने पेश किया है... पुलिस ने 6 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी लेकिन जज ने उसे 1 दिन की न्यायिक हिरासत दी है और कल फिर उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा... एक वीडियो वायरल हो रही है, उसे लेकर ये पेशी हुई थी। सदर बाजार थाने में FIR दर्ज की गई है... सिर्फ इसी मामले में FIR दर्ज की गई है। अन्य किसी मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 192, 196, 352 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमें जानकारी मिली है कि SC-ST एक्ट के तहत भी आरोप लगाए गए हैं..."
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अलवर जिला प्रमुख की कुर्सी पर भाजपा-कांग्रेस का रोड़ा, जिला प्रमुख की कुर्सी कौन जीतेगा?

Alwar, Rajasthan:अलवर जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? दो दशक से कांग्रेस का दबदबा, भाजपा के सामने बोर्ड बनाने की चुनौती अलवर: जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर भाजपा-क congress में सियासी संग्राम, दो दशक के कांग्रेस के दबदबे को चुनौती देगी भाजपा अलवर में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही अब जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला परिषद पर पिछले करीब 20 वर्षों से कांग्रेस का दबदबा रहा है। ऐसे में इस बार भाजपा के सामने कांग्रेस के इस सियासी वर्चस्व को तोड़ने की चुनौती है। वहीं, कांग्रेस अपनी पुरानी पकड़ बरकरार रखने के लिए मैदान में है。 22 अक्टूबर को पहले चरण में अलवर जिले की छह पंचायत समितियों के अंतर्गत 19 जिला परिषद सदस्यों और 112 पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हुआ। जिला परिषद की शेष 20 सीटों के लिए दूसरे चरण में मतदान होना है। चुनाव परिणाम आने के बाद जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए होने वाली जोड़-तोड़ और राजनीतिक रणनीति पर सबकी नजरें रहेंगी。 अलवर की सियासत में जिला प्रमुख की कुर्सी का खास महत्व अलवर जिला प्रमुख का पद केवल ग्रामीण प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जिले की राजनीति में प्रभाव और राजनीतिक भविष्य से भी जोड़कर देखा जाता है। इसकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2005 में जिला प्रमुख बने टीकाराम जूली ने यहीं से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। आज वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं。 इसके बाद वर्ष 2010 में साफिया जुबेर खान जिला प्रमुख बनीं। बाद में उन्होंने रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में भी प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2015 में कांग्रेस की रेखा राजू यादव जिला प्रमुख बनीं। उस समय भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद पार्टी अपना बोर्ड बनाने में सफल नहीं हो सकी थी। उस चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेताओं डॉ. जसवंत यादव और डॉ. रोहिताश शर्मा के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चा रही। माना जाता है कि अंदरूनी मतभेद और क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा बहुमत के बावजूद जिला प्रमुख की कुर्सी हासिल नहीं कर पाई। 2021 में कांग्रेस की वापसी, फिर भाजपा में शामिल हुए बलबीर छिल्लर वर्ष 2021 में एक बार फिर कांग्रेस ने जिला परिषद में बाजी मारी और बलबीर छिल्लर जिला प्रमुख बने। हालांकि, प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले छिल्लर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में इस बार जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर होने वाले मुकाबले में राजनीतिक समीकरण और भी दिलचस्प हो गए हैं。 सीटों का गणित बदला, मुकाबला हुआ दिलचस्प नए जिलों खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के गठन के बाद अलवर जिला परिषद में जिला परिषद सदस्यों की संख्या 49 से घटकर 39 रह गई है। बदले हुए भौगोलिक और राजनीतिक समीकरणों के बीच अब भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर जिला प्रमुख की कुर्सी पर है। भाजपा इस बार अपना जिला प्रमुख बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने और संगठन की पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस के सामने पिछले करीब दो दशकों से चले आ रहे अपने दबदबे को कायम रखने की चुनौती है। टीकाराम जूली का दावा—गांव की सरकार में कांग्रेस को मिलेगी अपार सफलता इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया है कि पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस को अपार सफलता मिलने वाली है। उनके इस बयान के बाद चुनावी मुकाबले को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सवाल यही है कि क्या भाजपा इस बार अलवर जिला परिषद में अपना बोर्ड बनाकर कांग्रेस के लंबे राजनीतिक वर्चस्व को समाप्त कर पाएगी, या कांग्रेस एक बार फिर जिला प्रमुख की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी? इसका जवाब चुनाव परिणाम और उसके बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों से सामने आएगा। फिलहाल, अलवर की जिला प्रमुख की कुर्सी पर दोनों ही दलों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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महिला से छेड़छाड़ करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow14m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:मझिला थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने पीड़िता के नन्दोई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 02 अक्टूबर को पीड़िता द्वारा थाना मझिला पर तहरीर दी गयी कि 29 सितंबर की शाम उसका नन्दोई नदीम पुत्र वसीम निवासी गुगरापुर थाना गुरसहायगंज जनपद कन्नौज और देवर अरशद उसके मायके आये और रात में रुकने के बहाने उसके कमरे में घुसकर छेड़छाड़ की। पुलिस ने तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। थाना प्रभारी वीर बहादुर सिंह ने बताया छेड़छाड़ के मामले में नामजद नदीम पुत्र वसीम निवासी जनपद कन्नौज को गिरफ्तार किया गया है।
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केजरीवाल पर घोटाले के आरोप, किताबों के मुद्दे पर प्रवीण शंकर कपूर का तंज

New Delhi, Delhi:सौरभ भारद्वाज की किताब वाले घोटाले पर भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का बयान- प्रवीण शंकर कपूर बोले- अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम जिसके सौरभ भारद्वाज आजकल सबसे बड़े प्रवक्ता बन गए हैं इन्होंने 11 साल दिल्ली में घोटाले की सरकार चलाई इसलिए अब जब सरकार चल रही है तो इन्हें हर चीज में घोटाला लग रहा है जिन किताबों को यह महंगी किताब कह रहे हैं वह किताबें समय पर आ तो रही हैं उनके शासन काल में स्कूल में किताब के दर्शन दुर्लभ थे पूरा सेशन बीत जाता था और यह किताब ला नहीं पाते थे और रही बात घटिया पन्ने की या अच्छे पन्ने की तो शायद सौरभ भारद्वाज कोई एक्सपर्ट है जो कागज की क्वालिटी भी जज कर देते हैं हमें तो यह मालूम था जब सौरभ भारद्वाज मंत्री थे तो उनके मंत्रालय में रोज नए घोटाले होते थे हमें यह नहीं मालूम था कि उन्होंने उसे दौरान यह एक्सपर्टीज भी ढूंढ ली की कागज किस क्वालिटी का है और 40% - 40% ही साइकिल में 40% किताब में थोड़ा बदल देते और 50% तो कह देते पंजाब में बिखरती हुई सरकार इक्विलाइजर करने के लिए दिल्ली में सरकार पर आरोप लगा रही है यह लगातार एक सिलसिला है पंजाब के चुनाव तक यह इसी तरह बोलते रहेंगे
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शिक्षक स्नातक एमएलसी का मतदान संपन्न हुआ

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow16m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:शिक्षक स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर आज सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस मौके पर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करवाने का पूरा प्रयास किया। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दी। तहसील मुख्यालय पर मतदान केंद्र बनाया गया था जहां पर शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एसडीएम अविनाश कुमार चुनाव की निगरानी करते रहे। डीएम राहुल पांडे, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने भी टोडरपुर शाहाबाद के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्वक को संपन्न हुआ।
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गांव की सत्ता बैलेट पेपर से चुने जाएंगे, ईवीएम के बाद पहली चुनाव प्रक्रिया

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की सत्ता का पहला इम्तिहान ईवीएम से हुआ... अब बैलेट पेपर से गांव का मुखिया चुना जाएगा। गुरुवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डालने वाले ग्रामीण कल सरपंच और वार्ड पंच चुनेंगे। आज नामांकन के भी अलग-अलग रंग दिखे... कहीं घूंघट में महिलाएं पर्चा भरने पहुंचीं, तो कहीं सिंबल मिलते ही प्रत्याशी वोट मांगने निकल पड़े। महज 6 घंटे में नामांकन से चुनाव चिह्न तक की प्रक्रिया पूरी हुई। अब प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए चंद घंटे हैं... तो मतदान दलों के सामने रातभर मतपत्र तैयार करने की चुनौती। यानी गांवों में एक तरफ वोट की जंग... तो दूसरी तरफ चुनावी तैयारियों की अग्निपरीक्षा। VO-1-गांव की सरकार चुनने का वक्त आ गया है। कल मतदाता वैलेट पेपर से गांव का मुखिया चुनेगा। गुरुवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम کا बटन दबाने वाले ग्रामीण मतदाता शनिवार को सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए बैलेट पेपर पर मुहर लगाएंगे। आज गांवों में चुनावी माहौल के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कहीं घूंघट की ओट में महिलाएं नामांकन दाखिल करने पहुंचीं, तो कहीं नामांकन के बाद प्रत्याशी और समर्थकों की हलचल तेज हो गई। दोपहर दो बजे चुनाव चिह्न आवंटित होते ही प्रत्याशी अपने-अपने सिंबल लेकर मतदाताओं के बीच पहुंचने लगे। किसी ने घर-घर जाकर संपर्क शुरू किया तो किसी ने समर्थकों के साथ चुनाव चिह्न की पहचान करानी शुरू कर दी। पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों की 104 पंचायत समितियों के अंतर्गत 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपं च और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया हुई। जयपुर जिले की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 2,234 वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। अब कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना शुरू होगी। इसके बाद गांव के नए मुखिया और वार्ड पंचों की तस्वीर साफ होगी। नामांकन के दौरान महिला आरक्षित सीटों पर अलग ही नजारा देखने को मिला। कई महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और घूंघट में नामांकन दाखिल करने पहुंचीं। कोई सरपंच पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी तो किसी ने वार्ड पंच पद के लिए दावेदारी पेश की। ग्रामीण परिवेश की पारंपरिक झलक के बीच महिलाएं स्थानीय लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी करती नजर आईं। नामांकन केंद्रों पर प्रत्याशी के साथ उनके परिजन और समर्थक भी मौजूद रहे। चुनाव चिह्न मिलते ही गांवों में प्रचार की गतिविधियां तेज हो गईं। प्रत्याशी के पास मतदाताओं तक अपना चुनाव चिह्न पहुंचाने के लिए बेहद कम समय है। ऐसे में प्रत्याशी और समर्थक घर-घर संपर्क कर चुनाव चिह्न की जानकारी देने में जुट गए। VO-2-गांवों में प्रत्याशियों के सामने जहां मतदाताओं तक पहुंचने की चुनौती है, वहीं मतदान दलों के सामने मतपत्र तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। मतदान दलों को प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिह्न के निर्धारित क्रम के अनुसार मतपत्र तैयार करने होंगे। जहां हस्तलिखित प्रविष्टियों की व्यवस्था है, वहां पेन से नाम और चुनाव चिह्न का क्रम दर्ज करने में विशेष सावधानी बरतनी होगी। नाम की स्पेलिंग या चुनाव चिह्न के क्रम में छोटी सी गलती भी चुनावी विवाद का कारण बन सकती है। मतदान दलों को मतपत्रों की दोबारा जांच करने, मतपेटियां तैयार करने और सुबह मतदान शुरू होने से पहले बूथ की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। यानी गांवों में प्रत्याशी मतदाताओं को अपना चुनाव चिह्न समझाने में जुटे रहेंगे, जबकि मतदान दल चुनाव कराने की तैयारियों में व्यस्त रहेंगे। इस बार गांव के मतदाताओं के लिए चुनावी प्रक्रिया भी अलग है। गुरुवार को मतदाताओं ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए ईवीएम से मतदान किया। अब शनिवार को सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल करेंगे। यानी महज दो दिन के अंतराल में ग्रामीण मतदाता दो अलग-अलग मतदान प्रणालियों से अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए शनिवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू होगा, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना शुरू होगी। मतगणना पूरी होने के साथ ही परिणाम घोषित किए जाएंगे। ऐसे में शाम से देर रात तक गांवों में चुनाव परिणाम सामने आने की संभावना है। इसके अगले दिन रविवार, 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। बहरहाल,गांव की सत्ता का फैसला अब ईवीएम के बटन से नहीं, बैलेट पेपर की मुहर से होगा। इधर प्रत्याशी अपना चुनाव चिह्न लेकर मतदाताओं के दरवाजे खटखटा रहे हैं, उधर मतदान दल रातभर मतपत्र तैयार करने में जुटे हैं। यानी प्रत्याशियों के लिए वोट जुटाने की चुनौती है, तो मतदान दलों के लिए बिना गलती चुनाव कराने की परीक्षा। शनिवार को मतपेटियों से निकलेगा गांव का जनादेश और तय होगा कि अगले पांच साल गांव की कमान किसके हाथ होगी।
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रेहान के नाम को लेकर मदन राठौड़ ने गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना

Jaipur, Rajasthan:रेहान के नाम पर मदन राठौड़ का गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना, बोले- पापा कहां गए? नाम कहां से कहां लगा रहे हो प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान。 राठौड़ ने कहा - मुझे कहना नहीं चाहिए फिर आप कहोगे कि विवादित बयान हो गया。 रेहान का नाम आप ढूंढोगे तो उनका नाम रेहान राजीव गांधी लिया जा रहा है कहां से कहां नाम लगा रहे हो क्योंकि उसी परिवार से राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं。 ऐसा क्यों, पापा कहां गए? नाम कहां से कहां लगा रहे हो? इसको विवादित कहो या कुछ और。 हमारे यहां परंपरा है, मां-बाप के नाम की。 जयपुर- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान के बाद अब मदन राठौड़ ने गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान के नाम का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर हमला बोला। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में गांधी सरनेम को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है。 ## पीएम के ‘फेल प्रोडक्ट’ वाले बयान पर भी बोले मदन राठौड़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पीएम की ओर से कांग्रेस पार्टी के ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने वाले बयान पर कहा कि पीएम ने जो बात कही, वो अनुभव के आधार पर कही। बार-बार प्रयास करने के बाद भी विपक्ष अपने नेता को लॉन्च करने में सफल नहीं हो पा रहा है। मदन राठौड़ ने कहा कि उनको राजनीतिक शिक्षा की आवश्यकता है。 ## रेहान के नाम पर गांधी-वाड्रा परिवार पर साधा निशाना प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान को लेकर मदन राठौड़ ने कहा, “मुझे कहना नहीं चाहिए, फिर आप कहोगे कि विवादित बयान हो गया। रेहान का नाम आप ढूंढोगे तो उनका नाम रेहान राजीव गांधी लिया जा रहा है। कहां से कहां नाम लगा रहे हो, क्योंकि उसी परिवार से राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं।” राठौड़ ने पत्रकारों से कहा, “ऐसा क्यों, पापा कहां गए? नाम कहां से कहां लगा रहे हो? इसको विवादित कहो या कुछ और। हमारे यहां परंपरा है, मां का नाम होता है, पापा का नाम होता है, दादा का होता है。” इसके बाद उन्होंने कहा कि वह इस विषय में ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे。 मदन राठौड़ के इस बयान के बाद गांधी सरनेम को लेकर प्रदेश में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है。
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राजस्थान बीजेपी प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी और दिवाली मनाने की तैयारी तेज

Jaipur, Rajasthan:बीजेपी प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में मनेगी दिवाली? जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों के बीच बीजेपी प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी और दिवाली मनाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बाड़ेबंदी को लेकर कहा कि पार्टी में प्रशिक्षण की परंपरा है। ऐसा नहीं है कि आज ही कुछ करने वाले हैं। जरूरत पड़ने पर सभी साथ बैठकर संकल्प पत्र और विकास को लेकर चर्चा करेंगे। दिवाली के त्योहार के समय प्रशिक्षण के सवाल पर मदन राठौड़ ने कहा कि त्योहार भी मनाएंगे और बाकी कार्यक्रम भी करेंगे। ये सब साथ में ही चल रहा है। जहां जैसी जरूरत होगी, वहां वैसा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश कार्यालय में दिवाली मनाएंगे, जबकि उनका परिवार उनके घर पर दिवाली मनाएगा। पंचायत चुनावों में जीत के लिए बीजेपी ने झोंकी ताकत निकाय चुनावों के बाद अब बीजेपी की नजर पंचायत चुनावों पर है। पार्टी पंचायत चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। बीजेपी के प्रभारी और सह प्रभारी लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर के नेता भी पंचायत चुनावों में जीत का दावा कर रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में भजनलाल सरकार ने इतने काम किए हैं कि जनता ने निकाय चुनावों में बीजेपी को वोट दिए हैं और पंचायत चुनावों में भी बीजेपी को वोट मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में विधानसभा चुनावों में इस बार सरकार नहीं बदलेगी। राजस्थान की जनता ने परिवर्तन की जगह पुनरावर्तन तय कर लिया है। निकाय चुनावों के बाद पंचायत चुनावों को बीजेपी के लिए अहम माना जा रहा है। पार्टी जहां संगठन की ताकत और सरकार के कामकाज के आधार पर जीत की उम्मीद कर रही है, वहीं अलग-अलग जिलों में नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि पंचायत चुनावों में बीजेपी की रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।
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पंचायत चुनाव: नेतापुत्रों को टिकट पर बीजेपी का तर्क—मेहनत पर आधारित

Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनावों में नेता पुत्रों को टिकट देना परिवारवाद नहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता बोले- मेहनत और योगदान के आधार पर मिलता है टिकट जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों के बीच नेताओं के परिजनों को टिकट देने का मुद्दा चर्चा में है। कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाने वाली बीजेपी में भी नेता पुत्रों को टिकट दिए जाने को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। इस मामले पर बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि दूसरी पीढ़ी के किसी काबिल व्यक्ति को टिकट देना परिवारवाद नहीं है। अगर मेहनत और योगदान के आधार पर टिकट दी जाती है, तो वह परिवारवाद नहीं है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी नेताओं के परिजनों को टिकट देने के सवाल पर कहा कि पार्टी में जन अपेक्षा के अनुसार टिकट दिया जाता है। जिसका नाम सर्वे में आया और जिसने जनता का दिल जीता है, उसे उम्मीदवार बनाया गया है। UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा और राजेंद्र राठौड़ के परिवार के लोगों को टिकट देने के सवाल पर मदन राठौड़ ने कहा कि टिकट देने का आधार जन अपेक्षा है। राजेंद्र राठौड़ को लेकर उन्होंने कहा कि वह जनसेवक हैं और उन्होंने लंबे समय तक सेवा की है। पंचायत चुनावों में बीजेपी जहां संगठन की ताकत और सरकार के कामकाज के आधार पर जीत का दावा कर रही है, वहीं नेता पुत्रों को टिकट देने के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रख रही है। अब इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
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