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Laharpur - मामूली विवाद में चले लाठी-डंडे, मारपीट में पति-पत्नी की पिटाई
Laharpur, Uttar Pradesh:लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के भदफ़र चौकी अंतर्गत ग्राम पासिन मंजरी में मामूली विवाद में मारपीट पति पत्नी की पिटाई, पुलिस को दी गई तहरीर। मामला ग्राम पासिन मंजरी का है गांव की रजाना पत्नी अनीस ने प्रार्थना पत्र देर आरोप लगाया है कि , मामूली विवाद के चलते गांव की महिलाओं सहित लगभग आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडे से जमकर मारा पीटा है,जिससे रजाना व उसके पति अनीस को गंभीर चोट आई है, आरोप यह भी की जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार कार्यवाही शुरू की।
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झाँसी जिला अस्पताल में मानसिक रोग ओपीडी बेहाल, डॉक्टर की अनुपस्थिति से मरीज परेशान
Jhansi, Uttar Pradesh:झाँसी जिला अस्पताल के मानसिक रोग ओपीडी विभाग के कक्ष संख्या 31 में चिकित्सक की अनुपलब्धता से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि मानसिक रोग विशेषज्ञ कई बार निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं रहती हैं, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ता है।मानसिक स्वास्थ्य जैसी गंभीर सेवाओं में इस प्रकार की लापरवाही मरीजों की परेशानी को और बढ़ा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था न होने के कारण ओपीडी में आने वाले लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।0
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खूँटी में बिरसा मुंडा का निर्वाण दिवस: उलगुलान के महानायक की याद
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - भगवान बिरसा मुंडा उलगुलान के महानायक थे जिन्होंने जंगल पर टेक्स लगाने का किया था विरोध। खूँटी के रूढ़िवादी संस्कृति की रक्षा और बिरसाईयत धर्म की शुरुआत करनेवाले वन अधिनियम के विरुद्ध आवाज बुलंद करनेवाले उलगुलान के महानायक बिरसा मुंडा का निर्वाण दिवस आज। खूंटी जिले के उलिहातु में जन्में और अपने मामा घर आयुबहातु में बचपना बिताया, जहाँ रहकर सलगा स्कूल में पढ़ाई किये। बिरसा मुण्डा के पिताजी इसाई पंथ स्वीकार करने के कारण उनकी पढ़ाई बुड़जू स्कूल में दाखिला हुआ, जहाँ से आगे की पढ़ाई के लिए चाईबासा के मिशन स्कूल में दाखिला हुआ। लेकिन उन्होंने वहाँ की स्थिति को देख विरोध करके वहाँ से भागे। फिर उन्होंने मिशनरीज के विरुद्ध आवाज बुलंद किया। बताया जाता है कि उन्होंने सरवादा चर्च में भी हमला कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सरदार गया मुण्डा को सेननायक बनकर जनजातीय लोगों को संगठित किया और लोगों को जगाने का काम किया। बिरसा मुंडा आयुबहातु में रहने के कारण उस क्षेत्र की रहन-सहन को जान चुके थे। वहीं गाय को सहयोगी जान भगवान मानने लगे। इस प्रकार उन्होंने बिरसाइत धर्म चलाया जिसमें वृक्ष की पूजा, वृश्चिक पारंपरिक संकल्प, शाकाहारी जीवन यापन, मांस मदिरा, चोरी झूठ ये सभी को दूर करना, खेत खलिहान की पूजा, मवेशी पूजा, जंगल की रक्षा आदि को बढ़ावा दिया। अंग्रेजों के द्वारा जंगल पर टेक्स लगाया गया था जिसका उन्होंने विरोध किया। अंग्रेजी हुकूमत के सहयोगी जनजातीय धर्म संस्कृति से दूर करनेवाले लोगों का भी विरोध किया। जिसके कारण अंग्रेजी हुकूमत उसे पकड़ने और गिरफ्तार करने का मुहिम चलाया। बिरसा मुंडा जनजातीय लोगों को उनके संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित करने में दिन-रात एक कर दिये थे। इससे अंग्रेज सरकार को शासन करने व अपने तंत्र का विस्तार करने में दिक्कत होने लगी। इसी बीच डोम्बारी बुरु में अपने धर्म संस्कृति की जानकारी देने के लिए सत्संग चल रहा था। वहीं अंग्रेज सैनिकों को आभास लगा कि बिरसा मुंडा वहाँ है। तभी उन्होंने डोम्बारी बुरु को घेरकर पकड़ने के लिए आगे बढ़े। उन सभी ने अंग्रेज सैनिकों से मुण्डा को बचाकर वहां से दूर कर दिया ताकि अंग्रेज उसे पकड़ न पाए और सभी जनजातीय महिला पुरूष मिलकर बिरसा मुंडा को वहाँ से बचाकर भागा दिया। जिससे सैनिकों ने गोलियाँ चलायी और 200 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुला दिया। जिसमें महिला पुरूष व बच्चे भी शामिल थे। अंग्रेजों के बर्बता पूर्ण नृशंस हत्याकांड 9 जनवरी 1899 को हुआ था, जिसके बाद बिरसा मुंडा को 3 फरवरी 1900 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किये गये बिरसा मुंडा को खूँटी हाजत लाया गया और रात को हाजत में रखकर सुबह में राँची जेल ले जाया गया, जहाँ 9 जून 1900 को उनकी मृत्यु हो गई। वन अधिनियम के विरुद्ध आवाज उठाकर उलगुलान शुरु करनेवाले बिरसा मुण्डा को पूरा देश नमन करता है।0
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RJD के विरोध के बाद बिहार में प्रखंड प्रमुखालयों पर धरना, सड़को पर आक्रोश
Patna, Bihar:राष्ट्रीय जनता दल 2025 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी की तरफ से बड़े आंदोलन बिहार में करने की तैयारी में है जिसके तहत आज 9 जून को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालय में RJD के वरिष्ठ नेता, सांसद , पुर्व सांसद, विधायक, पुर्व विधायक, सहित प्रदेश पदाधिकारी,जिला पदाधिकारी, प्रखंड पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं RJD के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा की बिहार के सभी प्रखंडों पर धरना दिया जा रहा है। सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, गिरती विधि व्यवस्था, जिस तरह से अराजक स्थिति है इसके खिलाफ हल्ला बोल होगा। सभी प्रखंडों पर धरना दिया जाएगा सरकार के खिलाफ, आंदोलन का आगाज हो चुका है। जनता जिस तरह से आक्रोशित है, जनता दुखी है, इसके खिलाफ सड़कों पर उतरना आवश्यक था। अब सड़क से लेकर सदन तक राष्ट्रीय जनता दल मुख्य विपक्षी दल है, इसलिए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल की तैयारी हो चुकी है। अब सरकार के जनविरोधी नीतियों को बर्दाश्त नही किया जायेगा जेडयू के प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा की आरजेडी को पूछने वाला बिहार में कोई नहीं है तो खबरों में कैसे बना रहा जा सके इसके लिए इसके नेता ऐसे कर रहे हैं या शुद्ध रूप से पाखंड है जिस पार्टी का 15 साल के शासनकाल मैं अराजकता था जिस जमाने में रोजी-रोटी के लिए भारी संख्या मैं लोग बिहार से भागते थे आज बिहार अगर पलायन का दश भोग रहा है तो उसमें सबसे बड़ा योगदान RJD के शासनकाल का है आरजेडी को अपने आईने में खुद झांकना चाहिए बाइट---- नवल शर्मा JDU प्रवक्ता कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा आरजेडी यहां बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी है उसको करना चाहिए रोड पर रहना चाहिए भारतीय जनता पार्टी से जो आम लोग परेशान हैं युवा परेशान है आरजेडी रोड पर आए और कांग्रेस पार्टी पहले से ही रोड पर है भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बाइट--- ऋषि मिश्रा कांग्रेस नेता पूर्व विधायक बीजेपी के पूर्व विधायक पवन जायसवाल ने कहा RJD के शासनकाल में 15 वर्ष तक गुंडाराज जंगल राज चलाने के लिए इनके पास समय था दो-दो बार डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव हो रहे हैं बिहार के तब इनको चिंता नहीं थी जब पद से हट गए जनता ने आकर दिया तब इनको इन चीजों की चिंता समझ में आ रही है जनता ने जब उनकी चिंता नहीं की है तो इनका बिहार की चिंता करने की जरूरत नहीं है बाइट---- पवन जायसवाल पूर्व विधायक बीजेपी0
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सागर में पेयजल संकट पर ग्रामीणों का मटके साथ प्रदर्शन, जिला पंचायत कार्यालय घेराव
Sagar, Madhya Pradesh:सागर की सड़कों से होते, हाथों में खाली मटके लेकर जिला पंचायत ऑफिस पहुंच गए लोग, कहा पीने का पानी दे दो. एंकर/ एमपी के सागर में भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण इलाके पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे हैं तो लोगों को प्यास बुझाने पानी का इंतजाम करने कई कई किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। सरकार की हर हर पानी देने की बात यहां बेमानी साबित हो रही है तो अब लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो रहे है। सागर की सड़कों पर सैकड़ों लोग हाथों में खाली मटके लेकर पानी दो के नारे लगाते दिखाई दिए और फिर ये तमाम लोग जिला पंचायत के ऑफिस पहुंचे जहां उन्होंने दफ्तर का घेराव किया और मटके फोड़ कर अपना विरोध जाहिर किया। दरअसल ये लोग जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के वाशिंदे है जो पेयजल संकट से जूझ रहे है , क्षेत्र के आठ जनपद सदस्यों और 25 सरपंचों के साथ एकजुट होकर इन प्रदर्शनकारियों ने पानी की मांग की। इन लोगों के मुताबिक 80 ग्राम पंचायतों के 200 से ज्यादा गांवों में लोग बूंद बूंद पानी के लिए परेशान है और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे है जिससे आम गरीब आदमी परेशान है। इन लोगों में चेतावनी दी है कि अभी सिर्फ मटके लेकर आए है यदि समस्या समाधान नहीं हुआ तो अब उग्र आंदोलन होगा। बाइट/ चंद्रशेखर घोरता ( जनपद सदस्य सागर)0
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ब्रजेश पाठक ने INDIA गठबंधन को नकारे हुए लोगों का समूह कहा
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "वह(INDIA गठबंधन) नकारे हुए लोगों का समूह है."0
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बिजासन गांव में नल जल योजना फेल, करोड़ों खर्च के बाद पानी नहीं पहुंचा
Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी- नल है पर जल नहीं. करोड़ों खर्च करने के बाद भी सूखा है नल. 2100 की जनसंख्या वाला गांव आज भी पानी को मोहताज है. सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना के तहत तीन वर्ष पहले गांव के हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का दावा किया गया था. करोड़ों रुपये की लागत से पानी की टंकी बनी, पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर कनेक्शन दे दिए गए, लेकिन नल आज भी सूखे और गांव निर्भर है ट्यूबवेल और हैडपंप पर. जिला मुख्यालय से महज 17 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बिजासन नर्मदा के किनारे स्थित इस गांव में करोड़ों रुपए खर्च किए गये लेकिन आज भी क्षेत्र के लोगों को घरों के नल कनेक्शन से पानी नहीं मिला. ग्रामीणों ने प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अवगत कराया, पर 3 साल बीत जाने के बाद भी पाइपलाइन अधूरी है. ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण पंचायत की ट्यूबवेल कई बार खराब हो जाती है और हैडपंप भी. महिलाओं ने कहा कि नल जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा, समय पर पानी नहीं मिलता. मजबूरन खेत में लगी ट्यूबवेल से 400 रुपए महीने पर पानी ले रहे हैं; कुछ परिवार 400 रुपए प्रति माह पर पानी पीने के लिए खेतवाड़ी से लेते हैं, एक घंटा या आधा घंटा मिलता है, लाइट जाने पर दो-तीन दिन पानी के लिए तरसना पड़ता है. यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है; जिले के कई गांवों और नगरों में आज भी नल जल योजना अधूरी पड़ी है. शिकायतें किससे लगाईं जाएं, जिम्मेदार कौन है, यह समझ नहीं आ रहा है.0
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केंद्र में NDA सरकार के 12 साल पूरे, भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी
Delhi, Delhi:केंद्र में NDA की सरकार के 12 साल पूरे हो रहे हैं जिनको मनाने के लिए भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी लगाई गई है प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे साथ में भाजपा नेता अरुण सिंह तरुण चग और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा आदि भी मौजूद रहे भाजपा 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के मना रही है0
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उमंग सिंघार ने बीजेपी पर विधायक को पैसा ऑफर करने का बड़ा आरोप लगाया
Bhopal, Madhya Pradesh:नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बीजेपी पर बड़ा आरोप हमारे विधायक को झोला भर भर कर पैसे का ऑफर दिया जा रहा है,मुझे इस बात की जानकारी हमारे विधायकों ने दी है ऐसे ऑफर हमारे कुछ विधायकों को दिया गया है कितने विधायकों को ऑफर दिया गया है इस बात की जानकारी में सजा नहीं कर सकता तूफान सामने खड़ा है One 2 one नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार0
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ज़ोजिला टनल की प्रतीकात्मक खुदाई पूरी, खुलने में ढाई साल लगेंगे
Noida, Uttar Pradesh:केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ ज़ोजिला टनल पहुंचे, ताकि वहां चट्टान की आखिरी दीवार की प्रतीकात्मक खुदाई की जा सके। यह टनल एशियाई महाद्वीप में सबसे लंबी दो-तरफ़ा सड़क टनल है, जिसकी लंबाई 13.15 किलोमीटर है। जम्मू-कश्मीर: ज़ोजिला प्रोजेक्ट के लिए ICT AIAPL की ओर से अथॉरिटी इंजीनियर यूसुफ़ ने कहा, "मैं ईरान से हूं। मुझे इस बात पर गर्व है। मुझे खुशी है कि प्रोजेक्ट का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है; बाकी 20% को पूरी तरह से पूरा होने में शायद 2 साल और लग सकते हैं। फिर भी, टनल के लिए यह 'ब्रेकथ्रू' (सुरंग के दोनों सिरों का आपस में जुड़ना) एक बड़ी घटना है और हमें खुशी है कि मौजूदा सिस्टम के तहत हम इस प्रोजेक्ट को अच्छे से पूरा कर पाए हैं। टनल को पूरी तरह से खुलने में लगभग ढाई साल और लगेंगे। हालांकि, किसी बहुत ज़रूरी इमरजेंसी में, खासकर अगर सेना को इसका इस्तेमाल करना पड़े, तो कुछ समय के लिए टनल का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन आम हालात में अभी इसका इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है..."0
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कीर्ति आज़ाद ने बगावत पर सवाल उठाए, इस्तीफे और नैतिकता की मांग
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली | पार्टी में बगावत पर TMC सांसद कीर्ति आज़ाद कहते हैं, "हमारे 29 नेता 'मां, माटी और मानुष' के नाम पर जीतकर सांसद बने। मैं इन गद्दारों से पूछना चाहता हूं - चुनाव के बाद ही अपनी परेशानियां क्यों बताईं, पहले क्यों नहीं? सुखेंदु शेखर रॉय में कम से कम इस्तीफ़ा देने की राजनीतिक नैतिकता तो थी। अगर आपमें भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफ़ा दें और BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें।"0
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मुजफ्फरपुर में नकाबपोश बाइक सवारों ने फाइनेंस कर्मी को गोली मारी
Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में देर रात अपने घर लौट रहे फाइनेंस कर्मी को बाइक सवार अपराध कर्मियों ने गोली मारकर घायल कर दिया. जिसे इलाज के लिए गंभीर स्थिति में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. घटना मुसहरी थाना क्षेत्र के बैकटपुर है. घायल की पहचान मुजफ्फरपुर के मोहम्मदपुर निवासी राजीव रंजन के रूप में हुई है. दरअसल पूरा मामला सोमवार की देर रात एक KTM बाइक पर सवार तीन अपराधी पहले मुरौल ओपी थाना क्षेत्र में लूट की बारदात को अंजाम दिया और दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोली चलाई. जब पहले घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुसहरी थाना क्षेत्र में अपराधी पहुंचे तो वहां भी एक व्यक्ति से लूट की वारदात को अंजाम दे दिया और वहां भी दहशत फैलाने के लिए गोली चला दी, लेकिन अपराधी दो बारदात को अंजाम देने के बाद भी नहीं माने तभी बाइक सवार अपराधियों के सामने मुरौल ओपी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी राजीव रंजन मुजफ्फरपुर के तरफ से अपने घर मुरौल ओपी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर को जा रहा था, तभी तांडव मचा रहे अपराधियों की नजर राजीव रंजन पर पड़ गई फिर क्या था अपराधियों ने राजीव रंजन पर गोली चला दी,जो गोली राजीव रंजन को लग गई. जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया, हालाँकि जख्मी राजीव रंजन को तत्काल इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से बाइक सवार तीन नकाबपोश अपराधियों के द्वारा रात में मुजफ्फरपुर पूसा मुख्य मार्ग पर एक के बाद एक तीन घटनाओं को अंजाम देकर तांडव मचाया गया. वहीं इस घटना की सूचना जैसे ही एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को मिली तो उन्होंने कई थानों की पुलिस के साथ एसडीपीओ ईस्ट टू मनोज कुमार सिंह को भेज कर तत्काल अपराधियों के भागने की दिशा वाले पूरे इलाके को सील कर करवाया और अब घटना के महज कुछ ही घंटों के अंदर उस KTM बाइक जिस पर चढ़ कर तीन नकाबपोश अपराधियों ने तांडव मचाया था और तांडव मचाने वाले दो अपराधी को पुलिस ने पकड़ लिया है. जिससे पुलिस सघन पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. जबकि अभी भी पुलिस एक अपराधी के गिरफ्तारी को लेकर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. बाइट - सुजीत कुमार, घायल का भाई बाइट - कमलेश कुमार, ग्रामीण *इनपुट - मणितोष कुमार*0
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जोशीमठ में पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों में देरी पर धरना, 48 घंटे का अल्टीमेटम
Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:जोशीमठ में पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों में देरी को लेकर एक बार फिर लोगों का गुस्सा सामने आया है। ‘जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति’ ने सरकार पर 11 सूत्रीय सहमति को तीन साल बाद भी लागू न करने का आरोप लगाते हुए आज से 48 घंटे का धरना शुरू कर दिया है। बीओ- समिति का कहना है कि जोशीमठ के स्थिरीकरण के लिए स्वीकृत बजट के बावजूद कार्यों में अनियमितताएं हैं और प्रभावितों को न तो उचित मुआवजा मिल रहा है और न ही संतोषजनक पुनर्वास। साथ ही, तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना की समीक्षा और सुरक्षा कार्यों में भी लापरवाही बरती जा रही है। प्रभावितों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरने में अतुल सती सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।0
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गंगा घाट पर मिला 200 साल पुराना शिवलिंग, मल्लाहों ने निकाला
Varanasi, Uttar Pradesh:नमो घाट के उस पार रात में गंगा नदी में मछली पकड़ने के दौरान भारी वस्तु अटकने पर मल्लाहों ने लगाई डुबकी बाहर निकाला तो हर-हर महादेव के नारों से गूंजा घाट. करीब 2 क्विंटल वजनी इस शिवलिंग को नदी की तलहटी से बाहर निकालने में डेढ़ दर्जन मछुआरों को लगा 1 घंटे से ज्यादा का समय. चमकदार काले पत्थर नेपाल व आसपास के क्षेत्रों में पाए जाने वाले पत्थर से बना है शिवलिंग. इसके निचले हिस्से में अरघा और चार तरफ सांप की नक्काशी उकेरी हुई है. 200 साल पुराना होने का काशी के स्थानीय लोगों ने किया दावा. जानकारों के मुताबिक यह शैली मौर्यकालीन हो सकती है, जो करीब 200 वर्ष पुरानी है. कुछ स्रोतों के अनुसार, इसकी प्राचीनता 9वीं या 1000 ईस्वी पुरानी भी बताई जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि अतीत में किसी प्राकृतिक आपदा या बाढ़ के कारण गंगा पार वाला कोई प्राचीन मंदिर ढह गया होगा, जिससे यह शिवलिंग नदी में समा गया. वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व का सटीक पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को आधिकारिक सूचना दे दी गई है. सूजाबाद स्थित मां गंगा मंदिर के सदस्य व चंदौली में परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने इसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया. शिवलिंग को फिलहाल मंदिर परिसर में चबूतरे पर स्थापित कर दिया गया है, जहां श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं. जब हम सूजाबाद घटनास्थल पर पहुंचे तो कुछ मछुआरों से मुलाकात हुई. मछुआरों ने बताया कि इतना वजनी शिवलिंग को 20 लोगों ने रस्सियों के सहारे खींच कर ऊपर घाट पर पहुंचाया. वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने इस पूरी कहानी को झूठा बताया और पैसे के लिए षड्यंत्र रचने की बात कही. स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि शिवलिंग को लाकर पेंट कर दिया गया और अब यहाँ धंधा शुरू किया जाएगा. यह सब बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हुआ और हमने उनसे पूछा कि इससे पहले भी कोई शिवलिंग यहां पर मिला था तो उन्होंने बताया कि हां पहले चांदी की कुछ मूर्तियां भी मिल चुकी हैं लेकिन इतना बड़ा शिवलिंग पहली बार देखने को मिला.0
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भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर झारखंड में श्रद्धांजलि रैली और इतिहास की यादें
Ranchi, Jharkhand:RNC BIRSA के नाम से भी फीड( विजुअल्स) गई है भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के मौके पर राजधानी रांची के कोकर स्थित समाधि स्थल पर आज राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधायक कल्पना सोरेन ने पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा आज भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि है यह हमारे राज्य की विशेषता है कि आजादी के लिए हमारे लोगों ने जो संघर्ष किया है सारे देशवासी उन्हें याद करते हैं निश्चित रूप से भगवान बिरसा मुंडा को देश भर में और देश के बाहर भी याद करते हैं वह अपने आप में स्मृति है इनका इतिहास पढ़ने से समझ में आता है इनका संघर्ष कैसा रहा था इस राज्य का कितना महत्व है इसे ही पता चलता है। वही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा भगवान बिरसा मुंडा का आज पुण्यतिथि है लगभग सवा सौ साल लंबा इतिहास है। पूरे देश में आदिवासी समुदाय अन्य धर्म के बीच प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और आज उनको याद किया जा रहा है निश्चित रूप से इतने लंबे वर्षों तक किसी को सम्मान देना उनको याद रखना उसे व्यक्ति में जरूर कुछ ऐसे गुण रहे हैं ऐसे उन्होंने इतिहास रचा है जिनको लोग सदियों से याद करते आ रहे हैं आज उनकी पुण्यतिथि है हर साल की भांति इस बार भी हम लोग यहां उनका सरदार सुमन अर्पित करने आए हैं उनके इस समाधि स्तर पर से झुकाने आए हैं और आगे भी आएंगे झारखंड की स्पीड भूमि के एक ऐसे योद्धा जो कभी नहीं भुलाये जाएंगे0
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झुंझुनूं के टमकोर में जल निकासी की मांग पर लोगों ने जाम लगाया
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं 18 महीने से जलभराव से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा टमकोर गांव के मुख्य सड़क पर लगाया जाम प्रशासन को चेतावनी— आज एक रास्ता बंद किया, कल पूरे गांव के रास्ते कर देंगे बंद 15 गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर पत्थर डालकर रोका आवागमन रास्ता रोकने के बाद लोगों को हुई परेशानी ग्रामीणों में भारी आक्रोश, बोले— अब कोरे आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए бар-बार शिकायतों, अधिकारियों के आश्वासनों और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान झुंझुनूं जिले के टमकोर के ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने टमकोर बस स्टैंड स्थित मुख्य सड़क पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कल तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो गांव के सभी रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 18 महीनों से सड़क किनारे का नाला जाम पड़ा हुआ है, जिसके कारण गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा रहता है। इससे आमजन का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिस सड़क को ग्रामीणों ने बंद किया है, वह जाबासर होते हुए मलसीसर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। करीब 15 गांवों के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। सड़क बंद होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार उपेक्षा से नाराज होकर अब ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना है। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर गंदा पानी भरा रहने से पिछले डेढ़ साल से उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गर्मी में बदबू और बरसात में बढ़ते जलभराव ने हालात और भी खराब कर दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि झुंझुनूं से आने वाली बसें भी गांव के बस स्टैंड तक नहीं पहुंच पा रही हैं, यात्रियों को काफी दूर पैदल चलकर बसों तक पहुंचना पड़ता है। प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीणों को मजबूर होकर सड़क जाम करनी पड़ी। यदि अब भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे सहायक विकास अधिकारी विमल जांगिड़ ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखना चाहते हैं।0
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