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ASAbhishek SinghFollow21 Nov 2024, 09:12 am

सीतापुर में शादी से पहले प्रेमी प्रेमिका के फांसी पर झूलते मिले शव,लड़की के जीजा पर हत्या का आरोप

Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली इलाके में शादी समारोह की तैयारियों के बीच एक घर के अंदर युवक और युवती के शव लटकते हुये मिले। घर में आज हल्दी का कार्यक्रम था इसी बीच दोनों के शव कमरे के अंदर साड़ी के फंदे से लटकते मिले। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य संकलन कर शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। बताया था कि दोनों ने सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था लेकिन शादी के तारीख रद्द होने के चलते मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया था।
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नवरात्र में महिलाओं ने राखी-बांधकर हेलमेट सुरक्षा संदेश दिया

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं — नवरात्र में स्त्री शक्ति की अनूठी पहल, डांडिया छोड़ सड़क सुरक्षा अभियान — पहले तिलक लगाया, फिर राखी बांधी, हेलमेट देकर लिया सुरक्षा संकल्प — पीरuosिंह सर्किल पर महिलाओं ने भाइयों को हेलमेट पहनने का संदेश दिया — लालित राठौड़ बोलीं— मां, बेटी, बहन बनकर परिवार को सड़क पर सुरक्षित देखना चाहते हैं — शहर कोतवाल श्रवण मील की मौजूदगी में 100 से अधिक हेलमेट वितरण का लक्ष्य — नौ दिवसीय नवरात्र अभियान में महिला सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और आत्मरक्षा पर जोर — रविता झाझड़िया, सुमन मील, डॉ. शशि मोरोलिया समेत अन्य सदस्य भी रही मौजूद नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ यदि किसी की जिंदगी बचाने का संकल्प भी लिया जाए, तो इससे बड़ी सामाजिक साधना क्या होगी। झुंझुनूं में स्त्री शक्ति महिला संस्थान ने इस बार नवरात्र को एक अनूठे अंदाज में मनाते हुए सड़क सुरक्षा को भावनात्मक रिश्तों से जोड़ दिया। यहां बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों को पहले तिलक लगाया गया। फिर राखी बांधकर भाई बनाया। हेलमेट भेंट किया और आखिर में सुरक्षित वाहन चलाने का संकल्प दिलाया गया। इस अनूठी पहल ने सड़क सुरक्षा के संदेश को भाई-बहन के रिश्ते और परिवार की चिंता से जोड़ दिया। दुर्गाष्टमी के अवसर पर झुंझुनूं शहर के पीरूसिंह सर्किल पर आयोजित हेलमेट वितरण कार्यक्रम में शहर कोतवाल श्रवण मील भी मौजूद रहे। संस्थान की महिलाओं ने बिना हेलमेट जा रहे वाहन चालकों को रोककर उन्हें समझाया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का सुरक्षा कवच है। महिलाओं ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे वादा लिया कि वे आगे से हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएंगे और सुरक्षित अपने परिवार के पास लौटेंगे। कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक हेलमेट बांटे गए। संस्थान की सदस्य ललित राठौड़ का संदेश इस पहल का सबसे खास पहलू रहा। उन्होंने कहा, “Being Mothers, Being Daughters, Being Sisters, हम अपनी Families को Road पर Safe देखना चाहते हैं।” यानी मां, बेटी और बहन होने के नाते उनकी सबसे बड़ी चिंता यही है कि परिवार का हर सदस्य सड़क पर सुरक्षित रहे और सकुशल घर लौटे। सदस्य रविता झाझड़िया ने बताया कि स्त्री शक्ति महिला संस्थान हर साल कुछ नया करने का प्रयास करता है। पहले नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाला रविरा कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा है, लेकिन इस बार संस्थान ने नवरात्र को सामाजिक जागरूकता के नौ दिवसीय अभियान के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके तहत महिला सुरक्षा, कन्या सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, आत्मरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। शहर कोतवाल श्रवण मील ने स्त्री शक्ति महिला संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गाष्टमी के अवसर पर महिलाओं ने अपने भाइयों की सुरक्षा की भावना से हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि अन्य सामाजिक संगठनों को भी समय-समय पर हेलमेट वितरण और सड़क सुरक्षा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। आपको बता दें कि स्त्री शक्ति महिला संस्थान ने इस बार नवरात्र में पारंपरिक डांडिया महोत्सव के स्थान पर नौ दिवसीय सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित किया। अभियान के दौरान राजकीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर नारी शक्ति का संदेश दिया गया। बालिकाओं को स्कूल बैग और लंच बॉक्स भेंट किए गए। इसके अलावा एक बालिका की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया गया और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया। अभियान का समापन कन्या प्रसाद और उपहार वितरण के कार्यक्रम के साथ प्रस्तावित है। संस्थान की इस पहल ने नवरात्र की शक्ति आराधना को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि देवी की पूजा के साथ परिवार की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और समाज में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। तिलक, राखी, हेलमेट और संकल्प के जरिए महिलाओं ने यही समझाने का प्रयास किया कि सड़क पर सुरक्षा का वादा केवल नियमों से नहीं, अपनों के प्रति जिम्मेदारी से भी निभाया जाता है। बाइट 01 : श्रवण मील, शहर कोतवाल, झुंझुनूं (पुलिस वर्दी में) बाइट 02 : ललित राठौड़, सदस्य, स्त्री शक्ति, झुंझुनूं (पिंक कलर के कपड़ों में, चश्मा लगाया हुआ है) बाइट 03 : रविता झाझड़िया, सदस्य, स्त्री शक्ति, झुंझुनूं (रेड कलर के कपड़े, बिना चश्में के) बाइट 04 : डॉ. शशि मोरोलिया, सदस्य, स्त्री शक्ति, झुंझुनूं (पिंक कलर के कपड़ों में, ब्लेक चश्मा)
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पानीपत से अमेरिका तक गैंग नेटवर्क: अनिल पंडित का बड़ा लिंक खुलासा

Noida, Uttar Pradesh:पानीपत से कनाडा, थाईलाैंड और दुबई होते हुए अमेरिका तक पहुंचा अनिल पंडित हरियाणा, दिल्ली और पुणे में फायरिंग व रंगदारी के मामलों में नाम सामने आया विदेशी हथियारों के साथ पकड़े गए शूटरों से जुड़े तार 1. अनिल पंडित: प्रोफाइल - नाम: अनिल पंडित - उम्र: 32 वर्ष - मूल निवासी: गांव रैर कलां (Rair Kalan), जिला पानीपत, हरियाणा - भारत से बाहर जाने का वर्ष: 2023 - विदेश यात्रा: निजी पासपोर्ट के जरिए पहली बार कनाडा गया - गैंग कनेक्शन: रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंचने और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने की जानकारी सामने आई है 2. विदेश में नेटवर्क, भारत में वारदातों का आरोप अनिल पंडित वर्ष 2023 में भारत से बाहर गया था.. शुरुआती तौर पर वह अपने निजी पासपोर्ट के जरिए कनाडा पहुंचा.. इसके बाद कनाडा, थाईलैंड और दुबई के रास्ते उसका संपर्क गैंगस्टर रणदीप मलिक से हुआ रणदीप मलिक के अमेरिका में होने की जानकारी है..आरोप है कि उसकी मदद से अनिल पंडित कैलिफोर्निया पहुंचा और वहां लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क से जुड़ गया जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, विदेश में बैठकर अनिल पंडित ने हाल के छह महीनों के दौरान भारत में कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिलाने के लिए अपने शूटरों का इस्तेमाल किया 3. पानीपत में रंगदारी के लिए फायरिंग भारत में पिछले छह महीनों के दौरान अनिल पंडित का नाम हरियाणा के पानीपत में रंगदारी से जुड़े मामलों में सामने आया - पानीपत में दो से तीन स्थानों पर रंगदारी मांगने के लिए वारदातों को अंजाम देने का आरोप - इन मामलों में कथित तौर पर अनिल पंडित के शूटर शामिल थे - हरियाणा पुलिस और STF ने कार्रवाई करते हुए संबंधित मामलों में शूटरों को गिरफ्तार किया इन घटनाओं ने हरियाणा में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और विदेश में बैठे कथित गैंग ऑपरेटिव्स के बीच संभावित संबंधों की जांच को अहम बना दिया 4. दिल्ली के पश्चिम विहार में गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग पानीपत के बाद अनिल पंडित का नाम दिल्ली में हुई फायरिंग की एक घटना से जुड़ा दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गायक गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग करवाने का आरोप अनिल पंडित पर है इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए अनिल पंडित से कथित तौर पर जुड़े चार शूटरों को पकड़ा था जांच के अहम बिंदु: - गिरफ्तार शूटर कथित तौर पर सिग्नल ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में थे - शूटरों के कब्जे से विदेशी हथियार बरामद होने की जानकारी है - जांच का प्रमुख पहलू विदेश में बैठे कथित हैंडलर और भारत में वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों के बीच संचार और समन्वय का है 5. पुणे में ज्वेलरी शोरूम पर फायरिंग गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग की घटना के करीब 15 दिन बाद पुणे में एक ज्वेलरी शोरूम पर फायरिंग की वारदात हुई इस घटना में भी अनिल पंडित का नाम सामने आने की जानकारी है..महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में अनिल पंडित और शुभम लोनकर से कथित तौर पर जुड़े शूटरों को पकड़ा था - पुणे में फायरिंग करने वाले तीनों शूटर राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले बताए गए - आरोप है कि ये शूटर वारदात को अंजाम देने के लिए पुणे पहुंचे थे - मामले में अनिल पंडित और शुभम लोनकर के नेटवर्क की भूमिका की जांच अहम रही 6. हरियाणा के भिवाड़ी में गायक दिलेर खरकिया की कार पर फायरिंग अनिल पंडित पर हरियाणा के भिवाड़ी में मशहूर गायक दिलेर खरकिया की कार पर भी फायरिंग करवाने का आरोप है इस घटना को भी उसके कथित आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है..वारदात के पीछे की वजह, धमकी या रंगदारी का कोण और कथित गैंग कनेक्शन जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं 7. सोनीपत में धमकी देने के लिए फायरिंग हरियाणा के सोनीपत में भी धमकी देने के मकसद से फायरिंग करवाने का आरोप अनिल पंडित पर है इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हरियाणा STF के साथ मिलकर कार्रवाई की थी.. कार्रवाई के दौरान शूटर रोहित दहिया के साथ कुंडली इलाके में मुठभेड़ हुई थी..उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह हाफ एनकाउंटर था इस कार्रवाई में कथित शूटर नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई अहम रही 8. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नाम 1. रणदीप मलिक — अमेरिका में मौजूद बताया जाता है 2. हैरी बॉक्सर 3. हरमन संधू 4. अनिल पंडित 5. टायसन बिश्नोई 6. शुभम लोनकर हरमनवीर सिंह उर्फ हरमन संधू का प्रोफाइल हरमनवीर सिंह उर्फ हरमन संधू का नाम रविंदर सिंह धांडा के ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है अमेरिकी एजेंसीयों ने उसकी भूमिका ड्रग्स की तस्करी और दूसरे देशों में ड्रग्स भेजने की साजिश में बताई है हरमनवीर सिंह का जन्म 26 सितंबर 1994 को हुआ था.. उसे हरि गौतम और हरमन संधू के नाम से भी जाना जाता है वो पंजाब का रहने वाला है 23 जून 2026 को अमेरिका की कैलिफोर्निया की स्टेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था ड्रग्स को दूसरे देशों में भेजने की साजिश और ड्रग्स बेचने के इरादे से अपने पास रखने के आरोप हैं 22 जुलाई 2026 को कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था जुलाई 2026 की शुरुआत में लॉस एंजिलिस में ऑपरेशन हार्ड बॉल का ऐलान किया गया था इस ऑपरेशन के तहत तीन कथित आपराधिक नेटवर्क को निशाने पर लिया गया लॉरेंस बिश्नोई गैंग जग्गू भगवानपुरिया गैंग रविंदर धांडा का ड्रग्स नेटवर्क
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दमोह के बफर जोन में एक साथ दो तेंदुए सड़क पार करते दिखे

Damoh, Madhya Pradesh:एक साथ दो तेंदुए दिखे सड़क पर..एंकर/ दमोह जिले में इन दिनों जंगली जानवरों की मौजूदगी से लोग रोमांचित है। एक तरफ जहां रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ और चीते दिख रहे है तो दूसरे छोर पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन इलाके में लोगों को टाइगर और तेंदुए अक्सर सड़को पर दिखाई दे रहे है। ऐसा ही एक नजारा कैमरे में कैद हुआ है जब रात के अंधेरे में एक साथ दो तेंदुए सड़क पार करते दिखे। ये दृश्य पन्ना टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले बफर जोन दमोह जिले के मडियादो की चोरिया घाटी के है जहाँ बीती रात कार सवार जंगली रास्ते से जा रहे थे कि अचानक उनकी नजर जंगल में तेंदुए पर पड़ी और उन्होंने अपने मोबाइल को निकाला और रिकार्ड करने लगे उन्हें एक ही तेंदुआ दिखा था लेकिन दो सेकेंड में ये तेंदुए दो गए और राहगीरों के लिए ये दृश्य यादगार बन गए।
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पाइल, लुधियाणा में दशहरे पर रावण पूजा: एक अनोखी परंपरा का इतिहास

Khanna, Punjab:ਦੁਸਹਿਰੇ ’ਤੇ ਰਾਵਣ ਦਾ ਦਹਿਨ ਨਹੀਂ, ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪੂਜਾ! ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਇਲ ’ਚ 9 ਪੁਸ਼ਤਾਂ ਤੋਂ ਨਿਭਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਅਨੋਖੀ ਪਰੰਪਰਾ ਐਂਕਰ ਇੰਟਰੋ: ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ’ਤੇ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦਾ ਦਹਿਨ ਕਰਕੇ ਬੁਰਾਈ ’ਤੇ ਅੱਛਾਈ ਦੀ ਜਿੱਤ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਾਇਲ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਅਜਿਹੀ ਪਰੰਪਰਾ ਹੈ, ਜੋ ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਖਰੀ ਪਛਾਣ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਸਾੜਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਂਦਾ, ਸਗੋਂ ਉਸ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਦੁਬੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਪਿਛਲੀਆਂ ਕਈ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਨੂੰ ਨਿਭਾਉਂਦੀਆਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਦਾਅਵਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਨੌਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ ਅੱਜ ਵੀ ਇਸ ਸੇਵਾ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਰਾਵਣ ਦੀ ਪੂਜਾ, ਸ਼ਰਾਬ ਦੀ ਭੇਟ ਅਤੇ ਖੂਨ ਦਾ ਟਿੱਕਾ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਰਸਮ ਇੱਥੇ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਬਣਦੀ ਹੈ। ਆਖ਼ਰ ਕੀ ਹੈ ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸ ਅਤੇ ਕਿਉਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਰਾਵਣ ਦੀ ਪੂਜਾ? ਦੇਖੋ ਇਹ ਖ਼ਾਸ ਰਿਪੋਰਟ。 ਇਹ ਤਸਵੀਰਾਂ ਹਨ ਲੁਧਿਆਣਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਾਇਲ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ, ਜਿੱਥੇ ਦੁਸਹਿਰੇ ਮੌਕੇ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਸਾੜਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਉਸ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦਹਿਨ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਸੇ ਸਮੇਂ ਪਾਇਲ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦੇ ਬੁੱਤ ਅੱਗੇ ਪੂਜਾ ਦੀਆਂ ਰਸਮਾਂ ਨਿਭਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ。 ਇੱਥੇ ਮੌਜੂਦ ਰਾਮ ਮੰਦਰ ਅਤੇ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੱਕਾ ਬੁੱਤ ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਦੀ ਖ਼ਾਸ ਪਛਾਣ ਹਨ। ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਭਗਵਾਨ ਰਾਮ ਦੀ ਪੂਜਾ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁਸਹਿਰੇ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਰਾਵਣ ਦੀ ਵੀ। ਇਸ ਅਨੋਖੀ ਪਰੰਪਰਾ ਨਾਲ ਦੁਬੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਕਈ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਜੁੜੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ। ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਹ ਰੀਤ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਚੱਲਦੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅੱਜ ਵੀ ਪੂਰੀ ਸ਼ਰਧਾ ਨਾਲ ਨਿਭਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ。 ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਲੱਗੀ ਸ਼ਿਲਾ_MUTAABK, ਇਸ ਦੀ ਉਸਾਰੀ 1835 ਵਿੱਚ ਹੋਈ ਸੀ। ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਰਾਵਣ ਦਾ ਬੁੱਤ ਵੀ ਇਸੇ ਸਮੇਂ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ。 ਬਾਈਟ: ਪੰਡਿਤ ਸਵਰ ਲਾਲ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਪਿੱਛੇ ਦੁਬੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਪੁਰਖੇ ਬੀਰਬਲ ਦਾਸ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਇੱਕ ਕਹਾਣੀ ਹੈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰ ਸੰਤਾਨ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਉਹ ਪਾਇਲ ਛੱਡ ਕੇ ਹਰਿਦੁਆਰ ਵੱਲ ਚੱਲ ਪਏ। ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਾਧੂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਰਾਮਲੀਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਅਤੇ ਦੁਸਹਿਰਾ ਮਨਾਉਣ ਦੀ ਸਲਾਹ ਦਿੱਤੀ。 ਪਰਿਵਾਰ ਅਨੁਸਾਰ, ਪਾਇਲ ਵਾਪਸ ਆ ਕੇ ਰਾਮਲੀਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰ ਸੰਤਾਨ ਹੋਈ ਅਤੇ ਅੱਗੇ ਚੱਲ ਕੇ ਚਾਰ ਪੁੱਤਰ ਪੈਦੇ ਹੋਏ। ਪਰਿਵਾਰ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਰਵਾਇਤ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਨਾਲ ਜੋੜਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਾਮਲੀਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਅਤੇ ਦੁਸਹਿਰੇ ਮੌਕੇ ਪੂਜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਪਰੰਪਰਾ ਲਗਾਤਾਰ ਚੱਲਦੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ。 ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਲੱਗੀ ਸ਼ਿਲা_MUTAABK, ਇਸ ਦੀ ਉਸਾਰੀ 1835 ਵਿੱਚ ਹੋਈ ਸੀ। ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਰਾਵਣ ਦਾ ਬੁੱਤ ਵੀ ਇਸੇ ਸਮੇਂ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ है। ਬਾਈਟ: ਪ Pandit svar lal ਹੁਣ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਰਸਮ ਦੀ, ਜੋ ਪਾਇਲ ਦੇ ਇਸ ਸਥਾਨ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਵੱਖਰਾ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਦੁसਹਿਰੇ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਸੂਰਜ ਡੁੱਬਣ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਰਾਵਣ ਦੀ পੂਜਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ۔ ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਰਾਵਣ ਦੇ ਬੁੱਤ ’ਤੇ ਸ਼ਰਾਬ ਭੇਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਖੂਨ ਦਾ ਟਿੱਕਾ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਰਵਾਇਤ ਵੀ ਨਿਭਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੱਸਣ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਸ ਰਸਮ ਵਿੱਚ ਬੱਕਰੇ ਦੇ ਕੰਨ ’ਤੇ ਕੱਟ ਲਗਾ ਕੇ ਖੂਨ ਚੜ੍ਹਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਾਵਣ ਦੇ ਬੁੱਤ ਦੇ ਸਿਰ ’ਤੇ ਅੱਗ ਜਗਾਉਣ ਦੀ ਰਸਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਸ਼ਗਨ ਵਜੋਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ。 ਇਸ ਰਵਾਈਤ ਬਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਰਾਵਣ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਉਸ ਦੇ ਇੱਕ ਪੱਖ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ। ਉਹ ਰਾਖਸ਼ੀ ਸੁਭਾਅ ਨਾਲ ਜੋੜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਨਾਲ ਹੀ ਵੇਦਾਂ ਦਾ ਵੱਡਾ ਗਿਆਤਾ ਵੀ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਕਾਰਨ ਇੱਥੇ ਰਾਵਣ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ。 ਪਾਇਲ ਦੀ ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਨਾਲ ਸਿਰਫ਼ ਦੁਬੇ ਪਰਿਵਾਰ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਸਥਾਨਕ ਲੋਕ ਅਤੇ ਰਾਮਲੀਲਾ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਕਲਾਕਾਰ ਵੀ ਭਾਵਨਾਤਮਕ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਪਿਛਲੇ ਕਰੀਬ 20 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਰਾਮਲੀਲਾ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦਾ ਕਿਰਦਾਰ ਨਿਭਾ ਰਹੇ ਰੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੱਸਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਹ ਬਚਪਨ ਤੋਂ ਹੀ ਇਸ ਮੰਦਰ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੁਤਾਬਕ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਵੀ ਇਸ ਸਥਾਨ ’ਤੇ ਰਾਵਣ ਦੀ ਪੂਜਾ ਹੁੰਦੀ ਦੇਖਦੇ ਆਏ ਹੋਏ ਹਨ。 ਇੱਥੇ ਹਰ ਸਾਲ ਰਾਮਲੀਲਾ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਬੱਚਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿਨ ਸਮੇਂ ਰਾਮਲੀਲਾ ਦਾ ਮੰਚਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਰਾਹੀਂ ਨਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਇਸ ਪਰੰਪਰਾ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਈਟ: ਰੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਰਾਮਲੀਲਾ ਕਲਾਕਾਰ ਇਸ ਸਥਾਨ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਚਰਚਿਤ ਕਹਾਣੀ ਵੀ ਸਥਾਨਕ ਲੋਕ ਸੁਣਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਯਸ਼ਪਾਲ ਅਤੇ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਅਨੁਸਾਰ, ਕਈ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਰਾਵਣ ਦੇ ਬੁੱਤ ਨੂੰ ਉਖਾੜ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੁੱਤ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਦੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਚਰਚਾਵਾਂ ਨਾਲ ਵੀ ਜੋੜਦੇ ਹਨ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਇਸ ਕਹਾਣੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਦਾਅਵਿਆਂ ਦੀ ਵੱਖਰੇ ਤੌਰ ’ਤੇ ਪੁਸ਼ਟੀ ਹੋਣੀ ਅਜੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ。 ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮਾਨਤਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਸਥਾਨ ’ਤੇ ਸੱਚੇ ਮਨ ਨਾਲ ਮੰਗੀ ਗਈ ਮਨੋਕਾਮਨਾ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇਹੀ ਕਾਰਨ ਹੈ ਕਿ ਦੁਸਹਿਰੇ ਮੌਕੇ ਇੱਥੇ ਦੂਰ-ਦੂਰ ਤੋਂ ਲੋਕ ਪਹੁੰਚਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੂਜਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ。 ਬਾਈਟ: ਯਸ਼ਪਾਲ / ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਸਥਾਨਕ ਨਿਵਾਸੀ ਪਾਇਲ ਦੀ ਇਹ ਪਰੰਪਰਾ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖਣ ਦਾ ਇੱਕ ਵੱਖਰਾ ਨਜ਼ਰੀਆ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦਹਿਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਇੱਥੇ ਉਸ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਧਾਰਮਿਕ ਵਿਸ਼ਵਾਸ, ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਮਾਨਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਪੀੜ੍ਹੀ ਦਰ ਪੀੜ੍ਹੀ ਚੱਲਦੀਆਂ ਰਵਾਇਤਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਇਹ ਸਥਾਨ ਅੱਜ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਦਿਲਚਸਪੀ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ。
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पंजाब सरकार लहर आ गागा हादसे के मृतकों को 2 लाख मुआवज़ा देगी

Sangrur, Punjab:ਅੱਜ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਅਤੇ ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ ਵਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਜੋ ਜ਼ਖਮੀ ਹਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸੰਗਰੂਰ ਐਡਮਿਟ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਪਤਾ ਲੈਣ ਲਈ ਆਏ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗੱਲ ਲਹਿਰਾ ਗਾਗਾ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜੋ ਨਰੇਗਾ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨਾਲ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅੱਠ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਤੇ 11 ਜਖਮੀ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸੱਤ ਜਖਮੀ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਐਡਮਿਟ ਹਨ ਅਤੇ ਚਾਰ ਨੂੰ ਰਜਿੰਦਰਾ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੈਫਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਹਰਪਾਲ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਜਿਨਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ 2 ਲੱਖ ਰੁਪਆ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦੇਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜਿਹੜੇ ਜ਼ਖਮੀ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਇਲਾਜ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਕਰਵਾਵੇਗੀ ਤੇ ਜਿਹੜੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਫਸਰਾਂ ਨੇ ਕੁਤਾਹੀ ਵਰਤੀ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਏਗੀ ਜਰੂਰ ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਮਜ਼ਦੂਰ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਜਾਨ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਨਾ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਘਾਟਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਅਤੇ ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ ਵਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੀ ਵਾਈਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਟਰਾਂਸਪੋਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਲਹਿਰ ਆ ਗਾਗਾ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਗੁਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਅਤੇ ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ
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घुमारवीं बाजार में ट्रैक्टर गिरने से प्रवासी मजदूर की मौत

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिला के घुमारवीं बाजार में ट्रैक्टर से सड़क पर गिरने के कारण एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई. मृतक की पहचान 30 वर्षीय नंद किशोर निवासी गांव सिकंदरपुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. हादसे के बाद उसे नागरिक अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अर्जुन निवासी गांव निबाड़खास, जिला मुरादाबाद ने बताया कि वह अन्य मजदूरों के साथ ठेकेदार के पास लैंटर डालने का काम करता है. सभी मजदूर सोई (महरोल) में काम निपटाने के बाद ट्रैक्टर पर सवार होकर कंदरौर स्थित अपने क्वार्टर लौट रहे थे. वहीं ट्रैक्टर को बंटी कुमार निवासी गांव निबाड़खास, जिला मुरादाबाद चला रहा था. घुमारवीं बाजार में पंजाब नेशनल बैंक के सामने नंद किशोर ट्रैक्टर से सड़क पर गिर गया. गिरने से उसके सिर पर गंभीर चोट आई, हादसे के तुरंत बाद उसे नागरिक अस्पताल घुमारवीं ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. थाना घुमारवीं में ट्रैक्टर चालक बंटी कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान ने मामले की पुष्टि की है. मामले को लेकर घुमारवीं थाने में चालक के खिलाफ धारा 281 और 106 के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच की जा रही है.
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खबर : RSETI भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान,के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों मोबाइल

Ravindra AhirwarRavindra AhirwarFollow14m ago
Tikamgarh, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से एक खबर सामने आई है, जहां भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(,RSETI )टीकमगढ़ द्वारा संचालित मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स प्रशिक्षणार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने बालाजी मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर एवं अन्य दुकानों पर पहुंचकर ट्रेनिंग विजिट मोबाइल फोन की मरम्मत से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं एवं,विभिन्न उपकरणों के उपयोग और रिपेयरिंग के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का उद्देश्य युवाओं "के तकनीकी कौशल को विकसित करना और उन्हें भविष्य में स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों ने प्रसिद्ध बगाज माता मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन भी किए। टीकमगढ़ में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, RSETI द्वारा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के साथ - साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर पर मोबाइल फोन की मरम्मत से संबंधित विभिन्न कार्यों को  समझा। उन्होंने मरम्मत के दौरान उपयोग किए जाने वाले उपकरणों, में कार्य करने के तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह शैक्षणिक भ्रमण RSETI टीकमगढ़ के फैकल्टी - दुर्गेश कालरा एवं श्री विवेक विश्वकर्मा तथा गेस्ट फैकल्टी  जितेंद्र कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया है........!👆 ताकि  वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
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डोडा में सर्दियों की तैयारी पूरी, भदरवाह से पर्यटन आकर्षण बढ़ेगा

Doda, With weather conditions changing and winter approaching, the Doda district administration has put in place comprehensive arrangements to tackle possible challenges across the district Doda, focusing on essential services, including healthcare, road connectivity, electricity and water supply. Deputy Commissioner Doda, Krishna Lal Sharma, said adequate arrangements have been made to deal with snowfall and harsh winter conditions. Advance ration dumping has been completed in remote areas, while essential supplies for the November-to-March period have been arranged. He said sufficient stocks of LPG, kerosene and petrol are available, while the concerned departments have maintained adequate resources for snow clearance, electricity restoration and the availability of essential medicines to ensure uninterrupted public services during the winter months. Highlighting Bhaderwah’s growing popularity as a winter tourism destination, the Deputy Commissioner appealed to tourists to visit the picturesque valley and experience its scenic beauty, snow-covered landscapes and winter charm. He specifically highlighted Guldanda and Jai Valley as popular tourist destinations that attract a significant number of visitors following snowfall. The higher reaches of the region have already received the season’s first snowfall, adding to the winter appeal of the area. The administration’s preparedness, coupled with Bhaderwah’s natural beauty, is expected to support both public convenience and tourism activities during the winter season.
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छिंदवाड़ा के मंदिरों में नवरात्रि का जबरदस्त उल्लास, भक्तों की भीड़ जुटी

Chhindwara, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा में नवरात्रि की धूम सुबह से ही लग रहा है मंदिरों में भक्तों का तांता. छोटी बाजार की बड़ी माता माई मंदिर का अलग महत्व. छिंदवाड़ा में नवरात्रि की धूम हर मंदिर और पंडालों में देखने मिल रही है. आज नवरাত্রि का नौवां दिन है और आज मां के 9 स्वरूप में से एक सिद्धिरात्री की पूजा अर्चना की जाती है; मां को सिद्धियों की देवी भी कहा जाता है. छिंदवाड़ा के छोटी बाजार में बड़ी माता माई के मंदिर में भी सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्त पहुंच रहे हैं और माता का आशीर्वाद ले रहे है. भक्त अपने हाथों में जल का पात्र, फूल और पूजा की थाली लिए मां के दर्शन और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए मां के सामने अपनी अर्जी लगा रहे हैं. आज सभी पंडालों और मंदिरों में महाआरती की जाएगी और उसके बाद हवन किया जाएगा जिसमें भक्त पूर्ण आहुति भी देंगे और उसके बाद कन्याओं को भोजन भी करवाया जाएगा.
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अलवर सेंट्रल जेल में सुरक्षा चूक: विचाराधीन कैदी के पास मिला मोबाइल, गिरफ्तार

Alwar, Rajasthan:अलवर सेंट्रल जेल में फिर मिली सुरक्षा में सेंध, मोबाइल इस्तेमाल के मामले में विचाराधीन बंदी गिरफ्तार\n\nअलवर।\n\n सेंट्रल जेल अलवर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक और जेल के भीतर मोबाइल के अवैध इस्तेमाल को लेकर चर्चा में है। कोतवाली थाना पुलिस ने जेल में प्रतिबंधित मोबाइल रखने और उसका उपयोग करने के मामले में विचाराधीन बंदी योगेंद्र उर्फ पट्टा को शनिवार को प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस अब बंदी से पूछताछ कर जेल के भीतर मोबाइल और सिम पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।\n\nकोतवाली थाना प्रभारी दिनेश मीणा के अनुसार, 24 सितंबर को सेंट्रल जेल प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ततारपुर थाना क्षेत्र के टेहड़का निवासी विचाराधीन बंदी योगेंद्र उर्फ पट्टा के पास से एक मोबाइल फोन और सिम बरामद हुई थी। इस दौरान आरोपी ने जेल प्रहरियों के साथ धक्का-मुक्की करने के साथ मारपीट का प्रयास भी किया था।\n\nपुलिस जांच में सामने आया कि बंदी जेल के भीतर से अपने परिचितों से फोन पर बातचीत करता था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बंदी तक मोबाइल फोन और सिम कार्ड कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।\n\nगौरतलब है कि पिछले दो महीने में जेल के भीतर मोबाइल के इस्तेमाल से जुड़े मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मोबाइल की आपूर्ति, उसके इस्तेमाल और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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किशनगंज के बिशनपुर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

Kishanganj, Bihar:किशनगंज के बिसनपुर गांव भाईचारे की पहचान।इस गांव में दिखी गंगा जमुनी तहजीब। एक तरफ मस्जिद दूसरी तरफ माता का दरबार और दोनों के बीच सद्भाव का संसार। यह वो गांव है,जहां मस्जिद में राम और मंदिर में रहीम बसते है। एक तरफ मस्जिद दूसरी तरफ मंदिर। यहां आरती भी इबादत भी। यहां आस्था की कोई दीवार नहीं,जहां इवादत और आराधना साथ साथ चलती है। एक तरफ माता की आराधना दूसरी तरफ नमाज आस्था के रास्ते भले अलग हो,लेकिन संदेश एक ही है।भाईचारे और सद्भाव का। मंदिर मस्जिद संघ सद्भाव के रंग। भारत की असली पहचान सिर्फ मंदिर या मस्जिद नहीं, बल्कि दोनों के बीच का भाईचारा है। आज आपको ले चलते है,बिहार के मुस्लिम बहुल जिला किशनगंज। सद्भाव के इस अनोखे गांव में,जहां एक तरफ प्राचीन दुर्गा मंदिर तो ठीक बगल में मस्जिद। जहां आरती की गूंज मस्जिद तक पहुंचती है और कुरान की ध्वनि मंदिर में सुनाई देती है।देखिए इस खास रिपोर्ट में। यह है किशनगंज जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत बिशनपुर गांव। यह गांव पूरी दुनिया मे गंगा जमुनी तहजीब का बेमिसाल उदाहरण पेश कर रही हैं। गांव में एक तरफ माता का दरबार,तो ठीक दूसरी तरफ अल्लाह का घर यानी मस्जिद। दोनों के बीच कोई दीवार नहीं, है, सिर्फ है तो सद्भाव का पुल। यहां की खास जब माता की मंदिर में आरती होती है तो उसकी गूंज मस्जिद तक पहुंचती है। और जब मस्जिद में कुरान पढ़ी जाती है तो मंदिर में भी उसकी आवाज सुनाई पड़ती है। यही है इस गांव की गंगा-जमुनी तहजीब की सबसे खूबसूरत तस्वीर। बिसनपुर गांव का यह ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं, बल्कि करीब 57 साल पुरानी आस्था और सहयोग की कहानी है। साल 1969 में सीमित संसाधनों के बीच फूस के घर से शुरू हुई थी मां दुर्गा की पूजा। स्थानीय लोगों की मेहनत और समर्पण से आज यहां भव्य मंदिर खड़ा है। श्रद्धालु बताते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। दुर्गाम पूजा के दौरान तो बिशनपुर की खासियत और भी चमक उठती है। हिंदू समाज श्रद्धा से इस मंदिर में दुर्गा पूजा का आयोजन करता है, तो दूसरे समुदाय के लोग भी इस उत्सव का सम्मान करते हैं। सुख-दुख में साथ, त्योहारों में एक-दूसरे का साथ, यही बिशनपुर की पहचान है। आस्था के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन संदेश एक ही है,भाईचारे और सद्भाव का। बिशनपुर गांव की यह परंपरा केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए भी एक व्यावहारिक संदेश है. मंदिर और मस्जिद की निकटता तथा धार्मिक आयोजनों में आपसी सम्मान बच्चों और युवाओं को सह-अस्तित्व काImportance समझाते हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक दुर्गा पूजा में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों की भागीदारी बनी रहती है। पीढ़ियों से चली आ रही यह साझा संस्कृति जिले में भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करती है।
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