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Santosh KumarSantosh KumarFollow3 Jan 2025, 11:24 am
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SC ने तमिलनाडु में हिंदी पढ़ाई के लिए केंद्र-राज्य सहयोग की मांग की

Noida, Uttar Pradesh:‘तमिलनाडु की धरती पर हिंदी नहीं पढ़ाई जाएगी’, ऐसी सोच बदलनी होगी, SC की तमिलनाडु सरकार को नसीहत हिंदी को लेकर तमिलनाडु सरकार की नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम सवाल उठाया है। नवोदय विद्यालयों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के स्कूलों में हिंदी पढ़ाने के मामले में अपनी सोच बदलने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि तमिलनाडु की धरती पर हिंदी नहीं पढ़ाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से केंद्र के साथ बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने को कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि तमिलनाडु को केंद्र से अपने संबंध खराब नहीं करने चाहिए और केंद्र को भी तमिलनाडु को अलग-थलग नहीं करना चाहिए। SC के सामने क्या था मामला सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु में नवोदय विद्यालयों की स्थापना से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। नवोदय विद्यालय केंद्र सरकार की मदद से चलने वाले आवासीय और सह-शिक्षा वाले स्कूल हैं। इन स्कूलों को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत नवोदय विद्यालय समिति चलाती है। तमिलनाडु सरकार लंबे समय से राज्य में नवोदय स्कूल खोलने का विरोध कर रही है। इस विरोध की एक बड़ी वजह भाषा नीति है।दरअसल, नवोदय विद्यालयों में तीन-भाषा नीति लागू होती है, जिसमें हिंदी भी शामिल है। वहीं तमिलनाडु में सरकार की दो-भाषा नीति है। इसी वजह से राज्य सरकार को नवोदय मॉडल पर आपत्ति है। मद्रास हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को हर जिले में नवोदय विद्यालय खोलने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट का मानना था कि नवोदय विद्यालय तमिलनाडु तमिल लर्निंग एक्ट का उल्लंघन नहीं करते। हाई कोर्ट ने यह भी माना था कि राज्य की ओर से ऐसे स्कूल खोलने से पूरी तरह इनकार करने से छात्रों के पास अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान चुनने के अवसर सीमित होते हैं। इस आदेश को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। राज्य सरकार का कहना था कि शिक्षा नीति बनाने का अधिकार उसके पास है और उसकी दो-भाषा नीति नवोदय विद्यालयों के मॉडल से मेल नहीं खाती। दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया था कि वह हर जिले में नवोदय विद्यालय खोलने के लिए जरूरी जमीन की पहचान छह सप्ताह के भीतर करे। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर इस पुराने आदेश को वापस लेने की मांग की। आज SC में क्या हुआ? सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कहा कि नवोदय विद्यालयों की व्यवस्था तमिलनाडु की राज्य नीति के खिलाफ है। उनका कहना था कि नवोदय मॉडल में तमिल की तुलना में हिंदी को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि देश में हर जगह एक जैसी भाषा या व्यवस्था लागू करना संविधान का उद्देश्य नहीं है। तमिलनाडु सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि कोर्ट किसी राज्य को ऐसी नीति लागू करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, जिसे अपनाना राज्य के लिए अनिवार्य नहीं है। जयदीप गुप्ता ने केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद, यानी मिलकर काम करने की भावना, को लेकर भी चिंता जताई ‘चेन्नई और दिल्ली को अलग-थलग नहीं समझना चाहिए’ हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अपने अधिकारों के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ सहयोग करके काम करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि नवोदय विद्यालय शुरू होने से तमिलनाडु की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को नुकसान नहीं होगा। इसके बजाय बच्चों को शिक्षा का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि चेन्नई के लोगों को दिल्ली से अलग नहीं होना चाहिए और दिल्ली को भी चेन्नई से अलग नहीं होना चाहिए ‘हम जमीन खरीदने के लिए नहीं कह रहे’ कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से अपने पहले के आदेश का पालन करने को कहा। कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील से कहा कि हम आपको जमीन खरीदने के लिए नहीं कह रहे हैं। हम सिर्फ स्कूल की स्थापना के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान करने के लिए कह रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह नहीं कह सकती कि वह केंद्र की किसी नीति को स्वीकार ही नहीं करेगी। आज शिक्षा का मामला है, कल कोई दूसरा मुद्दा हो सकता है। इस पूरे मामले में सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है बातचीत करने का मतलब सरेंडर करना नहीं सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को केंद्र के साथ बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की सलाह दी। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह धारणा नहीं होनी चाहिए कि अगर कोई राज्य केंद्र सरकार के साथ सहयोग करता है, तो इसका मतलब है कि वह केंद्र के सामने आत्मसमर्पण कर रहा है तमिलनाडु सरकार को 3 महीने का वक़्त दिया बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। इस दौरान राज्य सरकार को प्रत्येक जिले में नवोदय विद्यालय के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान करनी होगी। कोर्ट ने अपने पहले के आदेश को वापस लेने से इनकार कर दिया। केंद्र और तमिलनाडु सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी रहेगी।इस मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी。
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अजमेर दरगाह गद्दीनशीन का बयान: सभी त्योहार मिलकर मनाने चाहिए

Noida, Uttar Pradesh:मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है - धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान के बाद अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन पीर सैय्यद फखर काज़मी चिश्ती की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। चिश्ती ने कहा है कि "सभी को अपने अपने त्योहार मनाना का अधिकार है। इसमें चाहे ईद ,बकरीद हो या होली दीपावली अब मिलकर मनाते है। देश में सब प्यार मोहब्बत से रहे और नफ़रत की सियासत ना हो। धीरेन्द्र शास्त्री ने जो कहा है वो सही है। ये उनका धार्मिक पर्व है वहां मुसलमान को नहीं जाना चाहिए। अगर किसी ने निमंत्रण दिया है तो उसे देख नाकि उसमें हिस्सा ले। अगर किसी को शोक है गरबा में जाने का तो वो अपने ही स्तर पर करले,वहां जाने की क्या आवश्यकता है। वहां मूर्ति पूजा होती है और इस्लाम में मूर्ति पूजा नहीं की जाती, इसलिए वहां जाने से हर मुसलमान को बचना चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री ने जो गरबा में मुस्लिम की एंट्री को लेकर कहा है ' मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?' सही कहा है। बाइट, पीर सैय्यद फखर काज़मी चिश्ती, गद्दीनशीन,दरगाह शरीफ ,अजमेर
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कटनी में युवक अपहरण-प्रताड़ना: सिगरेट से दागने का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

Katni, Madhya Pradesh:कटनी में युवक का अपहरण-प्रताड़ना के बाद मारपीट और सिगरेट से जलाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अजय उर्फ अन्नू माली ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक को बंधक बनाया और अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय माली और साहिल खान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। एडिशनल एसपी कमल मौर्य ने बताया कि 12 सितंबर को पंकज मेहरा को अजय माली बातचीत के बहाने घर ले जाकर मारपीट की गई। वहां से भागने के बाद आरोपियों ने रेलवे स्टेशन से उसका पीछा कर दोबारा ऑटो में बैठाया और एनकेजे बजरिया स्थित मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। आरोप है कि युवक के हाथ और पीठ को सिगरेट से दागा गया। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एडिशनल एसपी ने यह भी बताया कि आरोपी अजय माली और पीड़ित युवक एक साथ प्रॉपर्टी काम करते थे इसी चलते इनका पूर्व से विवाद चल रहा था。
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धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद अजमेर दरगाह ने कहा: ईद-होली-दीपावली सभी मिलकर मनाएं

Noida, Uttar Pradesh:मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है - धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान के बाद अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन पीर सैय्यद फखर काज़मी चिश्ती की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। चिश्ती ने कहा है कि "सभी को अपने अपने त्योहार मनाना का अधिकार है। इसमें चाहे ईद ,बकरीद हो या होली दीपावली सब मिलकर मनाते है। देश में सब प्यार मोहब्बत से रहे और नफ़रत की सियासत ना हो। धीरेन्द्र शास्त्री ने जो कहा है वो सही है। ये उनका धार्मिक पर्व है वहां मुसलमान को नहीं जाना चाहिए। अगर किसी ने निमंत्रण दिया है तो उसे देख नाकि उसमें हिस्सा ले। अगर किसी को शोक है गरबा में जाने का तो वो अपने ही स्तर पर करले,वहां जाने की क्या आवश्यकता है। वहां मूर्ति पूजा होती है और इस्लाम में मूर्ति पूजा नहीं की जाती, इसलिए वहां जाने से हर मुसलमान को बचना चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री ने जो गरबा में मुस्लिम की एंट्री को लेकर कहा है ' मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?' सही कहा है। बाइट, पीर सैय्यद फखर काज़मी चिश्ती, गद्दीनशीन,दरगाह शरीफ ,अजमेर
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झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने 7.21 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार किया

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ स्मैक सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में जानकारी देते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा माफियाओं के खिलाफ झालावाड़ पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत कोतवाली पुलिस को जिला स्पेशल टीम के माध्यम से नशा बिक्री को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली सीआई मुकेश मीणा के नेतृत्व में गठित टीम भवानीमंडी रोड स्थित रेलवे स्टेशन तिराहा पर पहुंची। जहां खड़े एक संदिग्ध की तलाशी ली गई, तो उसके पास से 7.21 ग्राम मादक पदार्थ स्मैक बरामद हुई। जिसे 경찰 ने जप्त कर आरोपी किशन उर्फ कृष्ण गोपाल निवासी गांवगैर झालावाड़ को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा मादक पदार्थ खरीद फरोख्त के बारे में आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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पन्ना के चिता आंदोलन में रमिया आदिवासी को असली मुआवजा अभी बाकी

Panna, Madhya Pradesh:रमिया आदिवासी की मौत के बाद प्रशासन का खंडन पत्र जारी सही मुआवजा देने के बजाय आरोपों के खंडन में जुटा प्रशासन आज छठवें दिन भी चिता आंदोलन जारी रमिया आदिवासी के नाती ने बताया 75 लाख नहीं मिले अभी मौके से शामिल है सर बुंदेलखंड के पन्ना जिले में केन बेतवा लिंक परियोजना महिलाएं बांध परियोजना और रुन्झ बांध परियोजना से प्रभावित और विस्थापित ग्रामीण एवं आदिवासी मिलकर चिता आंदोलन कर रहे हैं । पन्ना जिले के कुंवरपुर गांव में यह चिता आंदोलन लगातार जारी है । जिसके आंदोलन के पांचवें दिन रमिया आदिवासी उम्र लगभग 80 वर्ष की मृत्यु हो गई थी और चिता आंदोलन के कुछ दूरी पर रमिया आदिवासी का अंतिम संस्कार किया गया। चिता आंदोलन में शामिल सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर रम्य आदिवासी को श्रद्धांजलि अर्पित की। जैसे ही रमिया आदिवासी की मृत्यु की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से और विभिन्न मीडिया माध्यमों से फैली तो जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया , और आनन फानन में इस खबर का खंडन करते हुए एक पत्र जारी कर दिया गया , जिसमें यह दावा किया गया की महिला की मृत्यु आंदोलन में शामिल होने से नहीं हुई और उसका मुआवजा भी दिया जा चुका है। आज आंदोलन के 6 वे दिन रमिया आदिवासी के नाती दासी आदिवासी ने अपना वीडियो जारी करके मुआवजा वितरण की असलियत को बताया है। उसका कहना है कि बीते 8 सालों में उनके 18 सदस्यों के परिवार में 48 लाख रुपया मिला लेकिन अभी 75 लाख मिलना शेष है । रमिया आदिवासी का बड़ा बेटा बीमारी के कारण मर गया । बेटियों की शादी की और पैसा खर्चा हुआ लेकिन शेष 75 लाख न मिल पाने के कारण आज तक कहीं भी मकान नहीं बना पाए है । इसलिए यह कह देना झूठ है कि रमिया आदिवासी के परिवार को संपूर्ण मुआवजा राशि मिल गई है वाइस ओवर --- वही चिता आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने भी यह बात कही है कि रमिया आदिवासी की मौत बीमारी से नहीं सिस्टम में फैली बीमारी के कारण हुई है । रमिया आदिवासी के 18 सदस्य परिवार को मुआवजे की पूरी राशि नहीं मिली है। बीते 8 सालों में मात्र 48 लख रुपए मिले हैं। मझगाएं बांध परियोजना शुरू हुए 12 साल के लगभग समय बीत चुका है। लेकिन इतने लंबे समय की बात भी मुआवजा का संपूर्ण वितरण न हो पाना सरकारी तंत्र की खामी है जब तक सभी विस्थापितों को न्याय नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा। मझगाये बांध परियोजना से विस्थापित और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। यह बात बिल्कुल सच है अभी भी बहुत से ग्रामीण और आदिवासी परिवार ऐसे हैं जो अपने पैकेज की राशि के लिए और अपने मकान और जमीन के उचित मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं । जिस उम्र में लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे ऐसी उम्र में लोग पानी में डूब कर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं ।
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RSS दफ्तर बम केस: ED की लोहरदगा में आरोपी के घर पर छापेमारी

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- रांची स्थित RSS कार्यालय में हुए बम धमाके के मामले को लेकर लोहरदगा में एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की गतिविधि देखने को मिली। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम कथित तौर पर मामले के एक आरोपी अमन अंसारी के घर पहुंची और करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, ED की टीम ने अमन अंसारी के घर पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ या जांच टीम किन दस्तावेजों अथवा अन्य सामग्रियों की तलाश कर रही थी, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कहा जा रहा है कि इससे पहले भी RSS कार्यालय बम धमाका मामले की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम लोहरदगा पहुंचकर आरोपियों के घरों की तलाशी ले चुकी है। ऐसे में ED की ताजा कार्रवाई के बाद मामले की जांच को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान या प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। इसलिए छापेमारी के कारण, बरामदगी अथवा कार्रवाई के अगले चरण को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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जमुई में मोदी जन्मदिन पर डॉ. नीरज साह नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, 200 जरूरतमंद लाभान्वित

Jamui, Bihar:जमुई:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में झाझा प्रखंड के घोरिकवा गांव में समाजसेवी सह हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार साह की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में करीब 200 जरूरतमंद बुजुर्ग महिला-पुरुषों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यकतानुसार उन्हें निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनके जन्मदिवस को लेकर भाजपा और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सेवा, जनकल्याण और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए डॉ. नीरज साह ने भी इस अवसर को जरूरतमंदों के बीच स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के रूप में मनाया。 डॉ. नीरज साह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोगों को भी जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनका प्रयास है कि गरीबी, दूरी या आर्थिक परेशानी किसी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंदों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना इसी दिशा में उनका छोटा सा प्रयास है。 दरअसल, गांव और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले कई बुजुर्ग आर्थिक परेशानी या अस्पताल की दूरी के कारण समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। लिहाजा, घोरिकवा गांव में आयोजित शिविर में लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में डॉ. नीरज साह ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद प्रत्येक व्यक्ति को रक्तचाप समेत आवश्यक स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से करानी चाहिए। क्योंकि समय पर जांच होने से कई बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर ही की जा सकती है। विश्वकर्मा पूजा पर हर साल करते हैं सेवा डॉ. नीरज साह ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा के दिन जमुई के महिसौड़ी स्थित उनके क्लीनिक में साफ-सफाई का कार्य होता है, जिससे नियमित चिकित्सा सेवा प्रभावित रहती है। हालांकि, वे इस दिन को सेवा के अवसर के रूप में देखते हैं और प्रत्येक वर्ष किसी जरूरतमंद इलाके में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते हैं। इस बार घोरिकवा गांव का चयन किया गया, जहां मुस्लिम समुदाय के जरूरतमंद लोगों के बीच सेवा करने का अवसर मिला। 25 वर्षों से जरूरतमंदों की सेवा डॉ. नीरज साह पिछले करीब 25 वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। कुछ दिन पहले खैरा प्रखंड के जतहर गांव में आवागमन की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के सहयोग से उन्होंने बांस-बल्ले का पुल तैयार कराने में मदद की थी। इसके अलावा गर्मी में पेयजल की व्यवस्था, ठंड में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण सहित अन्य सामाजिक कार्यों में भी उनकी भागीदारी रही है। फिलहाल, घोरिकवा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के जरिए डॉ. नीरज साह ने जरूरतमंदों तक चिकित्सा सेवा पहुंचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 25 वर्षों से जरूरतमंदों की सेवा उनके जीवन का हिस्सा रही है और आगे भी इसी भावना के साथ लोगों के बीच काम करते रहेंगे. बाइट : डॉ. नीरज कुमार साह, समाजसेवी सह हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ बाइट : स्वास्थ्य जांच कराने पहुंचे जरूरतमंद मरीज
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गोपालपुर के अष्टभुजी गणेश मंदिर में प्रतिमा का अनोखा अनंत चतुर्दशी उत्सव

Khairgarh, Uttar Pradesh:राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग पर बसे गोपालपुर में भगवान गणेश का एक ऐसा मंदिर है, जहां गणेशोत्सव की परंपरा बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है। यहां आठ भुजाओं वाली प्राचीन पाषाण प्रतिमा विराजमान है, जिसे ग्रामीण स्वयंभू स्वरूप मानते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमा का विसर्जन नहीं, बल्कि दो बाल्टी पानी से स्नान कराया जाता है। स्थानीय जानकार भागवतशरण सिंह के मुताबिक वर्ष 2006 में मंदिर निर्माण के दौरान प्रतिमा को नीम के पेड़ के नीचे से मंदिर के भीतर ले जाने की कोशिश की गई। करीब 25 युवकों ने मिलकर प्रतिमा उठाई, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद स्वप्न में मिले संकेत की स्थानीय मान्यता के अनुसार प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया। स्थापना को लेकर भी अलग मान्यता स्थानीय परंपरा में अष्टभुजी गणेश की स्थापना वर्ष 1884 में नागवंशी शासक उमराव सिंह के काल में होने की बात कही جاتی है। मंदिर की सेवा-पूजा को स्थानीय राजवंशीय परंपरा से भी जोड़ा जाता है。 यहां गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक 11 दिन उत्सव होता है, लेकिन मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक कभी ऐसी प्रतिमा स्थापित करने के बाद हुई एक घटना को आस्था से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद पाषाण स्वरूप की पूजा की परंपरा और मजबूत हुई। प्रतिमा को सिंगारपुर ले जाने की कोशिश से जुड़ी एक लोकमान्यता भी है। हालांकि इन प्रसंगों के ऐतिहासिक प्रमाण अलग विषय हैं, लेकिन गोपालपुर में अष्टभुजी गणेश आज भी आस्था और लोकपरंपरा का अनोखा केंद्र हैं। बाइट - भागवतशरण सिंह, स्थानीय जानकार, खैरागढ़
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