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Santosh KumarSantosh KumarFollow24 Jan 2025, 12:49 pm
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J&K में Census 2027: डिजिटल, पेपरलेस सर्वे से विकास का नया दौर

Aram Pora, Ganderbal, Lieutenant Governor Manoj Sinha completed his self-enumeration marking the beginning of the House listing and Housing Census (HLO) operations in Jammu Kashmir. LG Sinha said that census 2027 assumes historic significance as it is India’s first fully digital and paperless Census integrating advanced digital technologies, mobile-based data collection systems and self-enumeration mechanisms. He said the exercise was aimed at ensuring greater efficiency, transparency, accuracy, and real-time monitoring of operations. The LG said that Census 2027 carries special significance for J&K in view of urban expansion, migration trends, expansion of municipal jurisdictions, and evolving developmental priorities. The Census would generate reliable and granular datasets essential for evidence-based governance, targeted welfare delivery and long-term planning. Self-enumeration period from 17 May 2026 to 31 May 2026 will collect information regarding several key aspects of the housing and conditions of buildings. Questions in this phase would cover aspects such as housing conditions, household assets, amenities and facilities, access to sanitation and drinking water, type of construction, communication and transport facilities, and availability of electricity and internet. The second phase which is the population enumeration would be conducted in February 2027 in normal areas while in snow-bound and non-synchronous areas of J&K would be conducted earlier in September 2027 as per notified timelines with separate operational arrangements and logistics planning. This phase would collect demographic and socio-economic information relating to population, age, gender, literacy, occupation, migration, marital status, disability, fertility, and other demographic indicators. Extensive preparatory activities have already been initiated across J&K in coordination with the Office of the Registrar General and Census Commissioner, India. More than 27,000 field functionaries, including enumerators and supervisors, are being deployed across J&K and their registration and digital integration are being undertaken through the Census Management and Monitoring System (CMMS). QR-coded appointment letters and identity cards are also being generated through the digital platform. A comprehensive multi-tier training framework has been put in place for effective capacity building of Census functionaries. National trainers have trained master trainers, who subsequently conducted training of field trainers across districts. Training programmes for enumerators and supervisors through trained field trainers are being organised in phased batches with focus on Census concepts and definitions, field protocols, use of mobile-based applications, digital data capture systems, household engagement techniques, facilitation of self-enumeration, and adherence to data confidentiality provisions. Special operational planning is also being undertaken for remote, hilly, and snow-bound areas of J&K to ensure timely completion of Census activities under challenging geographical and climatic conditions. Separate operational arrangements, logistics planning, and deployment strategies are being put in place for such areas. A robust multi-layered digital security architecture has been established to safeguard integrity and confidentiality of data at every stage of collection, transmission, storage, and processing. Key safeguards include end-to-end encryption, secure digital transmission protocols, protected data storage systems, role-based access controls, and certified data centres designated as critical information infrastructure. Self-enumeration represents one of the most important and citizen-centric innovations in Census 2027 and is expected to transform public participation in the Census process. Through this facility, households would be able to directly submit their Census information digitally through a secure online portal during the notified period.
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छिंदवाड़ा में दो बाइक भिड़ंत: तीन युवकों की मौत, एक घायल

Chhindwara, Madhya Pradesh:दो बाइक की भीषण भिड़ंत. तीन युवकों की मौत ,एक गंभीर रूप से घायल छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के हनोतिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई. इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की जान चली गई . टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. मृतकों की पहचान चंद्रभान यादव (20), चमन यादव (15) और सोनू उईके के रूप में हुई है. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और 108 एम्बुलेंस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉ. प्राची साहू ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया लेकिन उन्हें चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें नहीं बचाया जा सका . मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है.
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फिरोजाबाद के मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल, भाषण मोबाइल की रोशनी में पढ़ना पड़ा

Firozabad, Uttar Pradesh:Date- 18.05.2026 मंत्री के कार्यक्रम में बिजली गुल ANC - यूपी के फिरोजाबाद में जसराना तहसील के पाढ़म गांव में रविवार को पर्यटन विकास और संस्कृति मंत्री विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे , कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने से मंत्री जयवीर सिंह को फजीहत का सामना करना पड़ा. बिजली गुल होने की दशा में उन्हें अपना भाषण मोबाइल की रोशनी में पढ़ना पड़ा. इसको लेकर यूपी की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि पर्यटन विभाग कमरे पर कुछ भी नहीं कह रहा है लेकिन जेनरेटर की तकनीकी खराबी का तर्क दे रहा है. Vo उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह जसराना तहसील के पाढ़म गांव में 8.72 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने पहुंचे थे. कार्यक्रम में उनका संबोधन शुरू होते ही अचानक बिजली चली गई. कैबिनेट मंत्री ने कुछ देर तक बिजली के आने का इंतजार किया, लेकिन कोई बात नहीं बनी. इसके बाद पर्यटन मंत्री ने मोबाइल की रोशनी में अपना भाषण पढ़ा और चले गए. इस संबंध में पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल श्रीवास्तव या विद्युत विभाग का कोई भी अधिकारी कमरे पर कुछ भी नहीं कह रहे हैं इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में उपस्थित जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष के उद्बोधन के वक्त ही बिजली गुल हो गई थी
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अरावली में भीषण आग बुझी, वन्यजीवन और पर्यावरण पर बड़ा खतरा

Mahendragarh, Haryana:हरियाणा के नांगल चौधरी क्षेत्र में स्थित अरावली पर्वतमाला में रविवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। सरेली और बिगोपुर गांव के पहाड़ी क्षेत्र में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद प्रशासन, वन विभाग और फायर ब्रिगेड की करीब आधा दर्जन से ऊपर टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं। पिछले seven घंटे से राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन देर शाम तक कई स्थानों पर आग सुलगती रही। मौके पर तीन जिलों नारनौल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और दादरी से पहुंची करीब फायर ब्रिगेड की नो गाड़ियां लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वन विभाग, पंचायती विभाग और पुलिस विभाग की टीमें भी मोर्चा संभाले हुए हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले पेड़-पौधे जलकर राख हो चुके हैं। घटना स्थल पर एसडीएम उदय सिंह स्वयं प्रशासनिक टीमों के साथ डटे हुए हैं। वन विभाग के अधिकारी रजनीश , फायर ब्रिगेड के सब फायर ऑफिसर राजकुमार , पंचायती विभाग के अधिकारी मानवेन्द्र , आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के सरपंच और भीमपाल ठेकेदार सहित कई समाजसेवी लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने भी पानी, मिट्टी और हरी टहनियों की मदद से आग रोकने की कोशिश की। सबसे चिंता की बात यह है कि इस भीषण आग में बड़ी संख्या में जंगली जीव-जंतुओं के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। अरावली क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, जहां नीलगाय, खरगोश, सियार, मोर, सांप और अनेक दुर्लभ पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। आग की चपेट में आने से वन्य जीवन को भारी नुकसान पहुंचा है। धुएं और तेज लपटों के कारण कई जीव जंगल से बाहर भागते दिखाई दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी, सूखी वनस्पति और मानव लापरवाही के कारण अरावली क्षेत्र में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यदि समय रहते स्थायी रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले समय में पर्यावरण और वन्य जीवन के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है। आग पर काबू पा लिया गया है।
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रामदेवरा में 45 डिग्री तापमान के बीच एयर-कूलिंग से भक्तों को मिली राहत

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - रामदेवरा बाबा रामदेव समाधि समिति की तरफ से भक्तों को गर्मी से राहत लाने के लिए की गई विशेष व्यवस्था 45 डिग्री तापमान में भी एयर कंडीशन जैसी मिल रही सुविधा रामदेवरा आने वाले भक्तों को समाधि स्थल परिसर और उसके आसपास नहीं होगा गर्मी का एहसास रामदेवरा,जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान में इन दिनों तापमान 45 से 48 डिग्री के करीब होने से जनजीवन अस्त व्यस्त है।वहीं ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दूज के अवसर पर लाखों की संख्या में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बाबा रामदेव समाधि समिति की तरफ से विशेष कारगर कदम उठाए गए हैं.। समाधि स्थल परिसर व उसके बाहर एयर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है जिसके कारण छोटे-छोटे फवारे से पानी की हल्की-हल्की बूंदे चारों तरफ निकलने से आसपास का संपूर्ण वातावरण एयर कंडीशन जैसा एहसास उपलब्ध करवा रहा है।ऐसे में 45 से 48 डिग्री तापमान में लंबी दूरी से आने वाले भक्त समाधि स्थल के पास पहुंचते ही गर्मी से राहत प्राप्त कर रहे हैं. दूज के अवसर पर देश के अलग-अलग स्थान से तीन से चार लाख लोग बाबा के समाधि के दर्शन करने के लिए रामदेवरा पहुंचेंगे ऐसे में समाधि समिति की तरफ से भक्तों को इतनी भीषण गर्मी में परेशानी नहीं हो इसके लिए एक कूलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।जो पिछले तीन दिनों से लगातार संचालित हो रहा है जब तक गर्मी रहेगी यह एयर कूलिंग सिस्टम प्रतिदिन चलता रहेगा। ऐसे में बाबा रामदेव समाधि समिति की तरफ से की गई इस विशेष व्यवस्था को श्रद्धालु भक्त काफी सराहना कर रहे हैं। इस विशेष व्यवस्था के कारण लोगों को समाधि स्थल परिसर के आसपास एयर कंडीशन जैसी सुविधा मिल रही है वही गर्मी का नामोनिशान नहीं देखने को मिल रहा है।समाधि स्थल मुख्य प्रवेश द्वार से करनी प्रवेश द्वार के आगे तक करीब आधा किलोमीटर परिधि में यह सुविधा स्थापित की गई है सुबह 8 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक यह सुविधा भक्तों के लिए उपलब्ध है। इन दिनों 20 से 30 हजार भक्तगण बाबा की समाधि के दर्शन करने के लिए रामदेवरा पहुंच रहे हैं जिन्हें इस सुविधा का काफी लाभ मिल रहा है। दूज के अवसर पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए समाधि समिति की तरफ से भक्तों के लिए सभी को सुगमतापूर्वक दर्शन हो इसके लिए कारगर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
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गड़ीसर सरोवर नया स्वरूप: 40 लाख की लागत से संवर्धन शुरू

Jaisalmer, Rajasthan:गड़ीसर सरोवर को मिलेगा नया स्वरूप, 40 लाख की लागत से शुरू हुआ संरक्षण कार्य जैसलमेर विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली स्वर्णनगरी जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान गड़ीसर सरोवर को एक बार फिर नए रूप में संवारा जाएगा। लंबे समय से उपेक्षा के कारण यहां बनी छतरियों के पत्थर क्षतिगस्त हो रहे थे, जिसे देखते हुए नगर परिषद ने इनके संरक्षण और मरम्मत को लेकर 40 लाख रुपये की लागत से कार्य शुरू कर दिया है। नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि आगामी अक्टूबर-नवंबर माह यानी पर्यटन सीजन से पहले ही मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके। इस योजना के तहत केवल छतरियों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि घाट क्षेत्र को भी आकर्षक और मजबूत बनाया जाएगा। जहां पर्यटक खड़े होकर फोटोग्राफी करते हैं, उन चबूतरों को दुरुस्त किया जा रहा है और किनारों को मजबूत किया जाएगा। साथ ही रेलिंग को नया रूप देने के साथ अधिक सुरक्षित بنایا जाएगा। खास बात यह है कि पूरा मरम्मत कार्य पारंपरिक शैली में किया जा रहा है। स्थानीय कारीगरों की मदद से पीले पत्थरों पर उसी तरह की बारीक नक्कासी की हो रही है, जैसा पहले देखने को मिलती थी। पत्थरों को जोड़ने के लिए आधुनिक और टिकाऊ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि संरचनाएं लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें। गड़ीसर सरोवर का निर्माण जैसलमेर के संस्थापक महारावल जैसल देव ने करवाया था, जबकि 1367 ईस्वी के आसपास महारावल गड़सी सिंह ने इसका पुनर्निर्माण और विस्तार कराया। इसके बाद ही इसका नाम गड़सीसर यानी गड़ीसर पड़ा। सरोवर का प्रसिद्ध प्रवेश द्वार ‘टीलों की पोल’ यहां की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को दर्शाता है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद गड़ीसर सरोवर पहले से अधिक खूबसूरत, सुरक्षित और पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थल के रूप में नजर आएगा। बाइट- लजपाल सिंह सोढ़ा, आयुक्त नगर परिषद जैसलमेर
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पाकुड़ के अमड़ापाड़ा में जमीन विवाद से हत्या

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ जिले के अमड़ापाडा थाना क्षेत्र के डुमरचिर पंचायत अंतर्गत निपानिया डुंगरिटोला में जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आपसी विवाद में भतीजे ने चाचा का कुल्हाड़ियों से मारकर हत्या कर दिया है। बताया गया कि आपसी विवाद में गांव के चौकीदार बड़ा दुखिया पहाड़िया की हत्या कर दी गयी, जबकि उनका पुत्र बड़ा कालू पहाड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार जमीन को लेकर चौकीदार दुखिया पहाड़िया का अपने पड़ोसी दुखिया पहाड़िया और कालू पहाड़िया से विवाद हुआ था; वह मामला शांत हो गया था। लेकिन मृतक अपने पुत्र के साथ आरोपियों के घर पहुंच गया; इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गयी। बताया गया कि इसी दौरान आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया; हमले में चौकीदार दुखिया पहाड़िया की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि उनका पुत्र बड़ा कालू पहाड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल के सिर में गंभीर चोट आयी है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गयी। इधर, घटना के बाद आरोपी कालू पहाड़िया खुद अमड़ापाडा थाना पहुंच गया, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं दूसरा आरोपी दुखिया पहाड़िया फरार बताया जा रहा है। घायल बड़ा कालू पहाड़िया को पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमड़ापाड़ा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दुमका रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। साथ ही एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि अमड़ापाड़ा के निपनिया गांव में 53 वर्षीय बड़ा दुखिया पहाड़िया की हत्या की सूचना मिली थी; एसडीपीओ महेशपुर के नेतृत्व में एसआइटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी 22 वर्षीय कालू पहाड़िया को गिरफ्तार कर लिया है; पूछताछ में उसने हत्या करने की बात स्वीकार की है।
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तृणमूल सांसद सयोनी घोष का सर कलम करने वाले को,एक करोड़ के ईनाम का ऐलान-भाजपा चेयरमैन।

SSSaurabh SharmaFollow8m ago
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर - भाजपा चेयरमैन के बिगड़े बोल - तृणमूल सांसद का सर काटने वाले को 1 करोड़ का ईनाम देने का किया ऐलान, तृणमूल कांग्रेस सांसद सयोनी घोष की पोस्ट की चिंगारी अब उत्तर प्रदेश में भी सुलगती नजर आ रही है ,विवाद अब बुलंदशहर के सिकंदराबाद तक पहुंच गया है। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन में ,सिकंदराबाद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ प्रदीप दीक्षित के विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। पालिका चेयरमैन ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद का सर काटने पर 1 करोड़ रुपए के ईनाम की घोषणा की है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि सयोनी घोष ने सोशल मीडिया पर भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर सिकंदराबाद में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान मंच से संबोधित करते हुए पालिका अध्यक्ष प्रदीप दीक्षित ने साफ तौर पर कहा कि “जो भी व्यक्ति सयोनी घोष का सिर काटकर लाएगा, उसे मेरी तरफ से एक करोड़ रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।” उनके इस बयान का वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा चेयरमैन के इस बयान से, विपक्षी दलों को हमलावर होने का मौका मिल गया है कांग्रेस जिलाध्यक्ष एड. जियाउर्रहमान बोले, भाजपा चेयरमैन का बयान दर्शा रहा है कि भाजपा महिला सशक्तिकरण को लेकर कितनी गंभीर है। भाजपा नेता महिलाओं को लेकर जिस प्रकार बयान दे रहे हैं, उससे इनकी मानसिकता पता चलती है। हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी मामले की जानकारी नही है। तहरीर मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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हत्या के प्रयास का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, पिस्टल तानने वाले दबंग पुलिस हिरासत में

SSSaurabh SharmaFollow9m ago
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर की शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव तैयबपुर में दबंग ने जमीनी विवाद में तानी लाइसेंसी पिस्टल,वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल पीड़ित ने शिकारपुर कोतवाली में दी नामजद तहरीर दबंग ने जमीनी विवाद में गांव के ही व्यक्तियों के ऊपर तान दी पिस्टल और लाठी डंडों से किया हमला दबंग जनता में शस्त्र लाइसेंस का करता है भय व्याप्त। शिकारपुर कोतवाली पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच में जुटी पुलिस ने पिस्टल तानने वाले को लिया हिरासत में पीड़ित ने भागकर बामुश्किल बचाई अपनी जान। शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के तैयबपुर गांव का मामला
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