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Nitesh GangwarNitesh GangwarFollow17 Jan 2025, 04:18 pm

शाहजहांपुरः पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 5 बदमाशों को किया गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

Tilhar, Uttar Pradesh:

शाहजहांपुर पुलिस और बदमाशों के बीच में मुठभेड़ हुई जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने मुठभेड़ में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 11 जनवरी 2025 को सेंट्रल गवर्नमेंट की पावर ग्रिड से तांबे और लोहे का 10 लाख रुपए कीमत का सामान चोरी हुआ था। चोरों ने ग्रिड की की दीवार में सेंध लगाकर बड़ी घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही थी। आज रौजा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के उदियापुर नहर के पास कुछ बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है।

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रथयात्रा महोत्सव में जिलाधिकारी ने रंगनाथ और जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किए

Jaipur, Rajasthan:बूंदी, 16 जुलाई। रथ यात्रा महोत्सव के अवसर पर जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने रावला चौक स्थित श्री रंगनाथ मंदिर एवं नाहर का चौहटा स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान से बूंदी के समग्र विकास, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान श्री रंगनाथ सेवा समिति ने उनका स्वागत व सम्मान किया। बाद में उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जिला कलक्टर ने रथ यात्रा की जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
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मोहसिन राज़ा बोले: जर्जिस मौलवी हिंदू आस्था का अपमान, विपक्ष पर संरक्षण का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री श्री मोहसिन रजा, मौलवी (जर्जिस) के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जर्जिस जैसे ढोंगी मौलवी आए दिन अनर्गल बातें करते हैं और हिंदू देवी-देवताओं व हिंदू आस्था का अपमान करते हैं *विपक्ष पर संरक्षण देने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्वों को विपक्ष की पार्टियों द्वारा पाला गया है और विपक्ष का हमेशा से यही चरित्र रहा है कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कराओ ताकि उनकी राजनीतिक रोटियां सिकती रहें* आतंकी संगठनों से संबंधों की जांच की मांग उन्होंने मांग की है कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि क्या ऐसे लोगों के तार किसी आतंकी संगठन से तो नहीं जुड़े हैं संरक्षण देने वाले राजनीतिक दलों को बेनकाब करने की अपील रजा ने जांच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा है कि देश की कौन सी पार्टियां इन्हें संरक्षण दे रही हैं, जिसके दम पर ये इस तरह के अनर्गल बयान देने का दुस्साहस करते हैं जेल भेजने और सख्त कार्रवाई की मांग उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से मांग की है कि ऐसे व्यक्ति को तुरंत जेल में डाला जाए और मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाए
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राम मंदिर चढ़ावे मामले पर राजनीति गरम, मरकम ने भाजपा पर निशाना साधा

Jagdalpur, Chhattisgarh:राम मंदिर में चढ़ावा मामले में सियासी पारा हाई होता जा रहा है, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस मामले में जगदलपुर राजीव भवन में पत्रवार्ता को संबोधित किया, उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा, साथ ही मंदिर प्रबंधन एवं चढ़ावा चोरी में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की, इस दौरान मोहन मरकाम ने जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में के खजाने के ऑडिट की मांग भी उठाई उन्होंने कहा हर वर्ष ऑडिट रिपोर्ट और चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास कायम रहे।
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9वीं में तीसरी भाषा से तनाव बढ़ेगा, जस्टिस नागरत्ना की सलाह

Noida, Uttar Pradesh:9वीं में तीसरी भाषा से छात्रों पर बढ़ेगा तनाव', SC की जस्टिस नागरत्ना ने जताई चिंता, सरकार को दी यह सलाह CBSE के पाठ्यक्रम में कक्षा 9 से तीसरी भाषा अनिवार्य किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की जज , जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने सवाल उठाया है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि कक्षा 9 से तीसरी भाषा पढ़ाना सही नहीं है, क्योंकि इस समय छात्रों पर बोर्ड परीक्षा की तैयारी का पहले से ही काफी दबाव होता है। जस्टिस नागरत्ना ने सरकार से आग्रह किया है कि वो कक्षा 9 से नई भाषा की शुरू न करें। बेहतर होगा कि इसकी पढ़ाई कक्षा 6 से शुरू की जाए。 *कोर्ट के सामने मामला क्या था* जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। राज्य सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय खोलने की व्यवस्था करने को कहा था। राज्य सरकार लंबे समय से नवोदय विद्यालयों का विरोध करती रही है। क्योंकि इन स्कूलों में तीन-भाषा नीति लागू होती है *तमिननाडु की दलील, कोर्ट के सवाल* सुनवाई में दौरान तमिलनाडु की ओर से वकील ने कहा कि राज्य की आपत्ति तीन-भाषा नीति को लेकर है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इस नीति में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि तीसरी भाषा सिर्फ हिंदी ही होगी। इसके तहत राज्य की भाषा, अंग्रेजी और कोई भी तीसरी भाषा पढ़ाई जा सकती है। जज ने सवाल किया कि अगर तीसरी भाषा हिंदी की बजाय संस्कृत हो, तब भी क्या राज्य सरकार को आपत्ति है इस पर तमिलनाडु सरकार के वकील ने जवाब दिया कि इनमे तीसरी भाषा कक्षा 9 से ही अनिवार्य होती है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह ठीक नहीं है। नौवीं कक्षा में छात्रों पर पहले से ही बोर्ड परीक्षा का तनाव रहता है। इसे 9 वीं के बजाए 6वीं कक्षा से शुरू करना चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने अपने स्कूल के दिनों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके समय में भी तीसरी भाषा मिडिल स्कूल (6वीं–8वीं) से ही शुरू हो जाती थी। जितनी जल्दी भाषा सीखना शुरू हो, उतना अच्छा है。 *तीन भाषा नीति का मामला अलग से पेंडिंग* यहाँ यह बात गौर करने लायक है कि जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने यह टिप्पणी की , उसमें सीधे तौर पर तीन भाषा नीति पर फैसला नहीं होना था। CBSE की तीन भाषा नीति को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट की ही एक दूसरी बेंच के सामने पहले से ही पेंडिंग है। चीफ़ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच इस नीति पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर चुकी है। बेंच ने तब सरकार और CBSE नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अगले हफ्ते इस नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अलग से सुनवाई होनी है *'सिर्फ केंद्र की योजना होने के चलते विरोध ठीक नहीं'* जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु सरकार को भी नसीहत भी कहा कि सिर्फ इसलिए केंद्र सरकार की योजनाओं का विरोध नहीं करना चाहिए कि वे केंद्र की योजनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की अपनी शिक्षा व्यवस्था हो सकती है, लेकिन केंद्र सरकार के स्कूलों को रोकना ठीक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नवोदय स्कूल को लेकर केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच अभी भी बातचीत चल रही है। अगर बातचीत सफल नहीं होती, तभी कोर्ट मामले के कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगा। कोर्ट ने तमिलनाडु की नई टीवीके सरकार को 6 हफ्ते में इस बारे में कोर्ट में अपना रुख साफ करने को कहा है। अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी。
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होशंगाबाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी का 'गुमशुदगी' पोस्टर वायरल, मूंग खरीदी पर विवाद

Raisen, Madhya Pradesh:मूंग खरीदी को लेकर होशंगावाद संसदीय क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी का 'गुमशुदगी' पोस्टर वायरल हो रहा है... मूंग खरीदी और किसानों की समस्याओं के बीच सोशल मीडिया पर पूर्व किसान नेता एवं भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी को लेकर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में सांसद की तस्वीर लगाकर उन्हें गुमशुदा बताया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि मूंग खरीदी के मुद्दे पर सांसद लापता हैं और उन्हें ढूंढने वाले को उचित इनाम दिए जाने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से शेयर की जा रही है और किसानों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर किसानों की नाराजगी के बीच वायरल हुई इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल है
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CCTV से बदली कहानी: आरोपियों को बरी, जांच अधिकारी पर FIR के आदेश

Morena, Madhya Pradesh:क्या एक झूठे आरोप से किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है? ग्वालियर में सामने आए एक मामले ने POCSO जैसे सख्त कानून के कथित दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है, बल्कि पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, अदालत ने CCTV फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को बरी करते हुए तत्कालीन पुलिस जांच अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. इस फैसले ने कानून के सही इस्तेमाल और निष्पक्ष जांच की जरूरत को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है. दरअसल मामला जून 2023 का है, जहाँ थाटीपुर थाने में एक 13 साल की मासूम ने शिकायत कर आरोप लगाया था कि 10 जून 2023 को उसके चाचा ने घर में अकेला पाकर गलत काम करने का प्रयास किया, साथ ही चाचा के दोस्त संकेत साहू पर जबरन संबंध बनाने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाये थे. पुलिस ने 15 अगस्त 2023 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन कोर्ट सुनवाई के दौरान असली वजह सामने आई, जहां यह मामला पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ पाया, इस दौरान पुलिस ने चार्जशीट भी पेश कर दी. सुनवाई के दौरान अदालत में पेश CCTV फुटेज ने पूरी कहानी बदल दी. फुटेज के मुताबिक जिस समय घटना होना बताई गई, उस दौरान नाबालिग घर से बाहर ही नहीं निकली, जबकि आरोपी चाचा भी अपने कमरे से बाहर नहीं आए. अदालत ने माना कि अभियोजन की कहानी उपलब्ध सबूतों से मेल नहीं खाती. विशेष POCSO अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ नहीं, बल्कि सबूतों के अभाव में बरी करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी बलराम मांझी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह भी माना कि दोनों भाइयों के बीच पहले से मकान और पैसे का विवाद चल रहा था और आरोपी पहले ही पुलिस अधिकारियों को लिखित में फंसाने की आशंका जता चुका था. बहरहाल यह मामला केवल एक परिवार के विवाद तक सीमित नहीं है. यह सवाल भी खड़ा करता है कि यदि जांच निष्पक्ष और प्रॉपर जांच नहीं होगी तो सख्त कानूनों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है.
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