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KapilJournalistKapilJournalistFollow25 Dec 2024, 06:10 am

Ambedkar Nagar: श्रीनिवास रामानुजन जन्मदिवस पर जय बजरंग कॉलेज में गणित मेला और रंगोली प्रतियोगिता

Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh:

अंबेडकरनगर में महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस पर जय बजरंग इंटरमीडिएट कॉलेज में गणित मेला, रंगोली प्रतियोगिता और बाल मेले का आयोजन हुआ। छात्रों ने गणित के विविध सूत्रों और रंगोली में अपनी रचनात्मकता दिखाकर सभी का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि जिला आयकर अधिकारी चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा ने छात्रों द्वारा तैयार मॉडलों और रंगोलियों का अवलोकन किया। निर्णायक मंडल ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अंकों के आधार पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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जहरीली शराब से मौत: जीतू पटवारी ने सरकार पर FIR और इस्तीफे की मांग की

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल जहरीली शराब से जान गवाने वाले मृतकों के परिजनों से मिलने बमूरा पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी। जीतू पटवारी ने लगाए गंभीर आरोप। इंदौर में पहले पानी में जहर, फिर कप सिरप में जहर अब शराब में जहर देकर मर दिया। सागर एसपी पहले दूसरे जिले में थे वहां पर भी शराब पीने से लोगों की मौत हुई और अब यहां आबकारी मंत्री का इस्तीफा ہونا चाहिए था। FIR पर मामला दर्ज होना चाहिए। जिस शराब की कंपनी से लोगों की मौत हुई है वह भाजपा पूर्व विधायक की कंपनी है। सोच सोच कर FIR की जा रही है। 50 लोगों की मौत हो गई, मौत के आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। One 2 one कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी
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किसानों ने अघोषित बिजली कटौती समेत समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की

Didwana, Rajasthan:मौलासर में बिजली समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के AEN राकेश बंजारा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने अघोषित बिजली कटौती सहित विभिन्न समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। किसान सभा ने अघोषित बिजली कटौती बंद कर नियमित आपूर्ति, डिमांड राशि जमा कराने के बावजूद लंबित कनेक्शन जारी करने, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने तथा जर्जर बिजली खंभों और ढीले तारों की मरम्मत की मांग रखी। वहीं लोड कम करने के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत देने की मांग की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान किसान सभा उपाध्यक्ष भागीरथ यादव, सचिव रामचंद्र रणवा, संयुक्त सचिव जगदीश गोदारा, मागूराम निवाद, नटवर लाल, भंवर लाल बलारा, गणेश सांभरिया सहित कई किसान व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बरेली में भारी बारिश: Residency Garden में घर जलमग्न, लोग पलायन के लिए मजबूर

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में बीती रात से हो रही लगातार बारिश से कई क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। घरों में चार-चार फीट पानी भरने से लोग पलायन पर मजबूर हैं। बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र की रेजिडेंसी गार्डन में देर रात से जलभराव शुरू हो गया और सुबह होते-होते घरों में तीन से चार फीट पानी एकत्र हो गया था। जलभराव के चलते क्षेत्र के लोग वहां से पलायन पर मजबूर हैं। आपको बता दें कि रेजिडेंसी गार्डन में लगभग 180 मकान हैं जिनमें पानी तीन से चार फीट भरा हुआ है। निगम की टीम लगातार कॉलोनी से पानी निकालने का काम कर रही है, लेकिन उनका यह प्रयास पर्याप्त नहीं महसूस हो रहा है। ट्रैक्टर-ट्राली से निगम की टीम कॉलोनी में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षा स्थान पर ले जा रही है। जी मीडिया भी ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वहां का हाल जाना। घरों में पानी भरा हुआ था, लोग छतों पर खड़े होकर मदद की अपील कर रहे थे। क्षेत्र में पानी निकालने के लिए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाए गए थे जो घरों में फंसे लोगों को निकाल कर बाहर ला रहे थे। स्थिति को देखकर स्थानीय लोग नाराजगी जहीर कर रहे थे कि एक छोटी बारिश से ही उनकी कालोनी जलमग्न हो जाती है और तेज बारिश के कारण उनके घरों का सारा सामान पानी में डूब गया, जिससे पलायन मजबूर हो गया। सैकड़ों परिवार अपने घरों के ताला लगाकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं क्योंकि मौसम विभाग ने बारिश के लगातार जारी रहने की चेतावनी दी है।
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बाढ़ से बिहार में राहत-तैयारी पर मंत्री शैलेंद्र का बयान: गेट खोलने से स्थिति बदली

Patna, Bihar:बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने सरकार की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया है, मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयास से बंगाल में 97 गेट खोले जाने के बाद बिहार में बाढ़ की भयावहता को काफी हद तक कम करने में मदद मिली,उन्होंने कहा कि अगर समय रहते गेट नहीं खोले जाते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। मंत्री के मुताबिक, भागलपुर में गंगा के करीब 90 डिग्री के मोड़ के कारण रेलवे बांध पर बड़ा खतरा पैदा हो गया था,सरकार और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जियो बैग, मेगा जियो बैग और ड्रेजिंग समेत कई तकनीकों का इस्तेमाल किया इन प्रयासों के जरिए बांध को सुरक्षित रखने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने की कोशिश की गई। बाढ़ के बीच सरकार के कामकाज को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर भी इंजीनियर शैलेंद्र ने पलटवार किया उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव इन फैक्ट नेता नहीं हैं, बल्कि उनके पिता लालू यादव नेता हैं और तेजस्वी को नेतृत्व विरासत में मिला है। पथ निर्माण मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा कर रहे हैं,अधिकारियों के साथ हर जिले की स्थिति की जानकारी ली गई है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अधिकारियों को काम करने की पूरी छूट दी गई है,सरकार का फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों को कम से कम परेशानी हो और जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों, इस पर है। मंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ का कोई ऐसा स्थायी समाधान नहीं है जिससे भविष्य में पूरी तरह बाढ़ को रोका जा सके,हालांकि, नदी में जमा गाद को हटाकर पानी के प्रवाह को व्यवस्थित करने की दिशा में सरकार योजना बना रही है,गंगा, गंडक और सोन नदियों से गाद हटाने के साथ-साथ उससे निकलने वाली सामग्री के इस्तेमाल से दोनों तरफ फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव भी सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। इंजीनियर शैलेंद्र के मुताबिक, योजना का उद्देश्य नदी के बीच पर्याप्त करंट बनाए रखना और पानी के प्रवाह को व्यवस्थित करना है, ताकि भविष्य में बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके। सरकार बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ सड़क और नदी से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी। वहीं, बाढ़ के कारण बिहार में कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर भी मंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही जलस्तर कम होगा और पानी निकल जाएगा, सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि पानी निकलने के 10 दिनों के अंदर बिहार की टूटी और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा।
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गंगा के कटाव से अररा में बड़े नुकसान, 50 से अधिक घर खाली कराए गए

Patna, Bihar:गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब बिहार के कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है... आरा भी इससे अछूता नहीं है। अर्रा के बरहरा विधानसभा क्षेत्र के पीपारपाती गांव में गंगा का भीषण कटाव शुरू हो गया है। कटाव इतना तेज है कि देखते ही देखते नदी लगातार अपना दायरा बढ़ा रही है और रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। अब तक एक दर्जन से अधिक घर गंगा में समा चुके हैं, जबकि कटाव की रफ्तार को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से 50 से ज्यादा घरों को खाली करा दिया गया है। इससे पहले आरा का जवनिया गांव भीषण कटाव की मार झेल चुका है और अब पीपारपाती गांव में गंगा का कहर देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है... लोगों को अपना घर और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 2013 की त्रासदी के बाद एक बार फिर गंगा उफान पर है और लगातार हो रहे कटाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कटाव को रोकने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की है.
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पटना की सुल्तान पैलेस: जर्जर भवन में सड़क हादसों के मुआवजा मामलों की सुनवाई

Patna, Bihar:यह पटना में एक ऐसी इमारत है जो खुद तो बेहद जर्जर स्थिति में है लेकिन यहां सड़क दुर्घटना से जुड़े मुआवजे के दावों की सुनवाई होती है। इसका नाम है सुल्तान पैलेस, यह 104 साल पुरानी है जो बाहर से तो जर्जर है लेकिन अंदर कमरों में काम होता है। पहले यहां राज्य पथ परिवहन निगम का ऑफिस था इसीलिए इसको परिवहन भवन कहा जाता है। यहां काम करने आने वाले लोग मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि जो बिल्डिंग खुद ही हादसे का शिकार लगती है, उसी में सड़क हादसों से जुड़े मुआवजा मामलों की सुनवाई होती है। यह बिहार में ही संभव है। सुल्तान पैलेस का 1922 में जस्टिस सुलतान अहमद ने कराया था। आज इस बिल्डिंग के ऊंचे गुंबद, नक्काशीदार खिड़कियां, झरोखे जर्जर है और इनमें पेड़ उग आए हैं। यह काम करने आने वाले लोग कहते है डर तो लगता है लेकिन सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए।
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जम्मू-कश्मीर के MBBS इंटर्न भूख हड़ताल: लिखित आदेश नहीं मिला तो विरोध जारी

Chaka, बातचीत नाकाम होने पर हड़ताल कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने भूख हड़ताल शुरू की; ज़ुबानी भरोसे पर यकीन नहीं, लिखित आश्वासन चाहिए जम्मू-कश्मीर में MBBS बैच 2021 के इंटर्न डॉक्टर, जो पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं, उन्होंने आज से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह फ़ैसला तब लिया गया जब प्रशासन के साथ बातचीत के बाद भी इंटर्नशिप स्टाइपेंड (भत्ते) में बढ़ोतरी का कोई लिखित और औपचारिक आदेश नहीं मिला। जिन अस्पतालों में पिछले आठ दिनों से हड़ताल चल रही है, वहां से दो-दो, तीन-तीन डॉक्टरों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बार-बार बातचीत और ज़ुबानी भरोसे के बावजूद उनकी जायज़ मांगों को पूरा करने वाला कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। उनका रुख़ साफ़ है: "अगर लिखित आदेश नहीं मिला, तो विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।" भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगों को पूरी तरह से मानने वाला औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाता और इस प्रक्रिया में तेज़ी नहीं लाई जाती। अगर विरोध प्रदर्शन जारी रहा, तो अस्पतालों के कामकाज पर असर और बढ़ेगा। जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में MBBS और BDS इंटर्न ने 31 अगस्त 2026 को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। उनकी मुख्य मांग मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है, जो अभी लगभग ₹12,300 (लगभग ₹400 रोज़ाना) है। यह राशि पिछले सात सालों से नहीं बदली है (पिछली बार 2019 में बदली गई थी)। इंटर्न का तर्क है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनके लंबे काम के घंटों, नाइट ड्यूटी, इमरजेंसी ज़िम्मेदारियों, ग्रामीण इलाकों में पोस्टिंग और अस्पतालों में देखभाल की पहली पंक्ति के तौर पर निभाए जाने वाले क्लिनिकल काम के बोझ के हिसाब से बहुत कम है। वे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और कर्नाटक जैसे राज्यों में ₹25,000 से ₹44,000 से ज़्यादा स्टाइपेंड का ज़िक्र करते हैं, साथ ही सरकार की बनाई कमेटी की सिफ़ारिशों का भी हवाला देते हैं, जिसमें स्टाइपेंड में अच्छी-खासी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने सार्वजनिक रूप से इस मांग को सही माना है और कहा है कि मामला वित्त विभाग के पास प्रक्रिया में है। हालांकि, एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक हड़ताल के बाद भी कोई औपचारिक, लिखित और भविष्य में लागू होने वाला आदेश न मिलने के कारण, SKIMS JVC बेमिना समेत सभी इंटर्न ने भूख हड़ताल शुरू करके अपना विरोध और तेज़ कर दिया है।
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