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Gorakhpur
NTNeeraj TripathiFollow26 Aug 2024, 03:31 am
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मालपुरा में आंधड़-तूफान से परिवार मलबे में, 22 वर्षीय युवती की मौत

Tonk, Rajasthan:मालपुरा (टोंक) टोंक के मालपुरा से बड़ी दर्दनाक खबर है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की देर सायंकाल को आए तेज अंधड़ व तुफान से एक परिवार की खुशियां मलबे में दब गईं। तेज आंधी-तूफान के बीच छोटे भाई के मकान की तीसरी मंजिल की बाउंड्री वॉल भरभराकर नीचे गिरी और उसके नीचे खाना बना रहा पूरा परिवार चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत हो गई जबकि तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मालपुरा में प्रकृति के कहर की यह तस्वीर हर किसी की आंखें नम कर रही है। केकड़ी रोड़ स्थित बेसक्या बालाजी निवासी ओमप्रकाश नायक का परिवार घर के अंदर टीन शेड के नीचे बैठकर खाना बना रहा था। परिवार के लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि अगले ही पल मौत उनके सिर पर मंडराने वाली है। तभी तेज हवाओं के दबाव से ओमप्रकाश नायक के छोटे भाई के मकान की तीसरी मंजिल की छत पर बनी बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। भारी-भरकम दीवार सीधे टीन शेड पर गिरी और देखते ही देखते वहां मौजूद पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मदद की गुहार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। स्थानीय लोगों की मदद से 22 वर्षीय प्रियंका नायक, 40 वर्षीय संतोष नायक, 20 वर्षीय अविनाश नायक और 15 वर्षीय दीपिका नायक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल मालपुरा पहुंचाया गया। लेकिन जिंदगी और मौत की जंग में 22 वर्षीय प्रियंका नायक जिंदगी की जंग हार गई। अस्पताल में उपचार के दौरान प्रियंका की मौत हो गई। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गंभीर रूप से घायल संतोष नायक की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया है, जबकि अविनाश और दीपिका का उपचार मालपुरा अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतका प्रियंका के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।
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मेजर जनरल सुरेश भाम्भू को लेफ्टिनेंट जनरल पद के लिए मंज़ूरी मिली

Jaipur, Rajasthan:मेजर जनरल सुरेश भाम्भू को लेफ्टिनेंट जनरल के पद के लिए मंज़ूरी मिली श्री गंगानगर, 29 मई 2025 श्री गंगानगर ज़िले के कुलडि़यावाली ढाणी (चक 21 ML) गाँव के मेजर जनरल सुरेश भाम्भू , युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल पुत्र चौधरी रामदयाल भाम्भू को लेफ्टिनेंट जनरल के प्रतिष्ठित पद के लिए मंज़ूरी मिली है। उन्होंने अपनी ज़िंदगी के तीन दशक से ज़्यादा देश की सेवा में लगाए हैं और उनकी लगन और रणनीतिक समझ से वे इस प्रतिष्ठित मुकाम पर पहुँचे हैं। मेजर जनरल सुरेश भाम्भू 1992 में भारतीय सेना में सेकंड लेफ्टिनेंट के तौर पर शामिल हुए और तब से उन्होंने उत्तम लीडरशिप और ऑपरेशनल महारत दिखाई है। अपने 34 साल के मिलिट्री करियर में, उन्होंने हिमालय की बर्फीली ऊँचाइयों से लेकर नॉर्थईस्ट के घने जंगलों तक, विभिन्न इलाकों और ऑपरेशनल माहौल में अलग-अलग पदों पर काम किया है। मुश्किल हालात में अपने सैनिकों को लीड करने और प्रेरित करने की उनकी काबिलियत ने उन्हें आर्म्ड फ़ोर्सेज़ के लिए एक बहुत अमुलय अधिकारी बना दिया है। अभी, मेजर जनरल भाम्भू नई दिल्ली में कार्यरत हैं। इससे पहले वे असम राइफल्स में इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर काम कर चुके हैं। असम राइफल्स भारत की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स में से एक है। इन्होंने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में अपने डिसिप्लिन और देशभक्ति वाले करियर की नींव रखी। यह उन खास इंस्टीट्यूशन में से एक है जो आर्म्ड फोर्सेज के लिए युवा दिमागों को तैयार करता है। उनकी एकेडमिक और मिलिट्री ट्रेनिंग ने उनमें हिम्मत, पक्का इरादा और लगन के गुण डाले, जिन्हें उन्होंने अपनी प्रोफेशनल लाइफ में आगे बढ़ाया। उन्हें नॉर्थ ईस्ट में युद्ध सेवा मेडल के साथ-साथ उनकी बहादुरी और शानदार सर्विस के लिए सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ से भी दो बार कमेंडेशन कार्ड मिला है, मेजर जनरल सुरेश भाम्भू एक ऐसे परिवार से हैं जिनका मिलिट्री बैकग्राउंड बहुत मज़बूत रहा है। उनके दादा, हरि सिंह भाम्भू , ब्रिटिश आर्मी में थे जिन्होंने देश सेवा के लिए एक मिसाल कायम की। उनके बड़े भाई, इंद्राज अपने पुश्तैनी गांव में रहते हैं, इनके एक छोटी बहन है। निजी तौर पर, मेजर जनरल भाम्भू की शादी इंदिरा भाम्भू से हुई है, वे उनकी मिलिट्री यात्रा में उनका साथ देती रही हैं। इनके दो बेटियां हैं, वो डॉक्टर हैं। मेजर जनरल सुरेश भाम्भू की यह कामयाबी सिर्फ एक निजी कामयाबी नहीं है, बल्कि राजस्थान और पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। श्री गंगानगर के एक छोटे से गांव से इंडियन आर्मी के उचतम लीडरशिप तक का उनका सफर, मातृभूमि की सेवा करने की लगन और कभी न खत्म होने वाले जज़्बे की कहानी है।
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सरयू राय का बड़ा दावा: खराब इमेज वाले उम्मीदवार से बीजेपी को फायदा?

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज बीजेपी के प्रस्तावित होने वाले कैंडिडेट पर सरयू राय का बड़ा बयान हम हैं एनडीए के साथ लेकिन कैंडिडेट पर निर्भर करेगा हमारा समर्थन....सरयू राय खराब छवि वाले कैंडिडेट से परहेज है चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग और अंतरात्मा की आवाज का आता है मुद्दा बीजेपी के कैंडिडेट देने पर दिया बयान कहा चुनाव तो चुनाव है,जीत की उम्मीद के साथ लड़ना चाहिए 3-4 वोटों के हेरफेर से बदल सकता है निर्णय अगर गठबंधन के विधायकों ने बदला मन तो बीजेपी को हो सकता है फायदा मुझे ऐसी सूचना है कि कई ऐसे लोग जिनका रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है वह लोग भी टिकट के लिए कोशिश कर रहे हैं माफिया लोग आ जाएंगे तो हमारे लिए परेशानी होगी भारतीय जनता पार्टी चाहे तो अपने कार्यकर्ता को खड़ा कर सकती है या फिर कोई साफ छवि के व्यवसायी को खड़ा करे अपनी विशेषता के अनुरूप भी वोटर ला सकता है बाइट...सरयू राय,विधायक
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मोहनाद में प्रतिबंधित मांस विवाद के बाद शांति समिति ने स्थिति सामान्य बनाने पर सहमति जताई

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के टुंडी थाना अंतर्गत मोहनाद गांव में बीते शुक्रवार को प्रतिबंधित मांस को लेकर तनाव अब पूरी तरह शांत हो गया है। जिला प्रशासन,पुलिस ने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों की के साथ मोहनाद स्कूल परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जिसमें आपसी भाईचारा बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को न दोहराने पर सर्वसम्मति बनी है। दरअसल, शुक्रवार को मोहनाद गांव में प्रतिबंधित मांस को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम लोकेश बारंगे और ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने प्रतिबंधित सामान को जब्त कर आरोपीयों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन इसी बीच ग्रामीण आरोपियों का चेहरा दिखाने की मांग को लेकर अड़ गए और स्थिति बिगड़ गई। उपद्रवियों द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव के बाद पुलिस को आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा था। जिसके बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।इस सुलगते तनाव को पूरी तरह समाप्त करने के लिए मोहनाद स्कूल में बाघमार सीडीपीओ अजीत कुमार बिमल अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल, प्रखंड विकास पदाधिकारी विशाल कुमार पाण्डेय, थाना प्रभारी उमा शंकर की मौजूदगी में अहम बैठक हुई। बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव के भीतर प्रतिबंधित पशु से जुड़े किसी भी कृत्य पर पूरी तरह रोक लगाने पर सहमति जताई। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से गांव से बाहर भेजे गए आरोपी परिवार को दोबारा सुरक्षित गांव लाने और उनमें मुख्यधारा में शामिल करने पर भी बड़ा फैसला हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे। शांति समिति की इस सफल बैठक के बाद अब मोहनाद गांव सहित पूरे बरवाटांड पंचायत में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। ग्रामीणों के सकारात्मक रुख और प्रशासन की मुस्तैदी से एक बड़ा विवाद टल गया है।
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झारखंड नेता प्रतिपक्ष ने कहा हिंसा से समस्या नहीं सुलझती, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

Ranchi, Jharkhand:पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने प्रतिक्रिया दी है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ हमला या दुर्व्यवहार होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को रोके और कानून-व्यवस्था बनाए रखे। मरांडी ने कहा कि अगर लोगों को किसी शासनकाल में तकलीफ हुई है, तो उसका जवाब हिंसा या प्रतिशोध से नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की हिंसा का रास्ता अपनाया जाएगा, तो फिर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में कोई अंतर नहीं रह जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार इस घटना में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका नहीं है, बल्कि संभव है कि कुछ ऐसे लोगों का गुस्सा सामने आया हो जो पहले किसी कारणवश परेशान या पीड़ित रहे हों। हालांकि मरांडी ने स्पष्ट किया कि सरकार का दायित्व है कि किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई या हिंसा को रोके और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे。
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सागर में सरकारी राहत सामग्री चुराने के आरोप: 4 गिरफ्तार, 2 लापता

Jalabaria, West Bengal:সরকারি ত্রাণ সামগ্রী উদ্ধারের ঘটনায় সাগরে গ্রেপ্তার ৪, পলাতক ২ সুন্দরবন দপ্তরের সরকারি ত্রাণ সামগ্রী উদ্ধারের ঘটনায় চাঞ্চল্য ছড়াল সাগর ব্লকে। সুন্দরবন দপ্তরের করা অভিযোগের ভিত্তিতে তদন্তে নেমে সাগর থানার পুলিশ মোট চারজনকে গ্রেপ্তার করেছে। ধৃতদের মধ্যে রয়েছেন সাগর পঞ্চায়েত সমিতির তৃণমূল সদস্য বুদ্ধদেব গাওনিয়া। এছাড়া গ্রেপ্তার করা হয়েছে তৃণমূল কর্মী বিপ্লব মণ্ডল, সত্যজিৎ ঢালী ও ভূপতি মাইতিকে। পুলিশ সূত্রে খবর, সরকারি ত্রাণ সামগ্রী চুরির ঘটনায় দুটি পৃথক মামলা দায়ের করা হয়েছে। এই ঘটনার সঙ্গে আরও দুইজন জড়িত রয়েছে বলে জানা গিয়েছে, যারা বর্তমানে পলাতক। তাদের খোঁজে তল্লাশি চালাচ্ছে সাগর থানার পুলিশ। গতকাল রাতে গোপন সূত্রে খবর পেয়ে পুলিশ অভিযুক্তদের গ্রেপ্তার করে। আজ সকালে সাগর থানা থেকে ধৃতদের স্বাস্থ্য পরীক্ষার জন্য নিয়ে যাওয়া হয়। স্বাস্থ্য পরীক্ষা শেষে তাদের কাকদ্বীপ মহকুমা আদালতে পেশ করা হবে। পুলিশ ধৃতদের নিজেদের হেফাজতে নেওয়ার জন্য আদালতে ৫ দিনের আবেদন জানাবে বলে জানা গিয়েছে।
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गोवर्धन अधिक मास मेले में रोडवेज दावे हवा, डग्गेमारों के भरोसे श्रद्धालु; बसों की छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर

Mathura, Uttar Pradesh:गोवर्धन: अधिक मास मेले में परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की दावों की पोल पूरी तरह खुल चुकी है. मेले की शुरुआत से पहले श्रद्धालुओं को सुलभ और सुरक्षित यात्रा का भरोसा देने वाले मुस्तैद अधिकारियों के सारे वादे जमीनी धरातल पर फैल साबित हो रहे हैं. आलम यह है कि सरकारी बसों के अभाव में देश-विदेश से आ रहे लाखों श्रद्धालु डग्गेमार (अवैध) वाहनों के सहारे गोवर्धन पहुंचने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान पर हर वक्त खतरा मंडरा रहा है. 1000 बसों का दावा निकला कागजी, चाय-बिस्कुट और फोटो पॉलिटिक्स में उलझा प्रशासन. मेले शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और रोडवेज विभाग ने बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बयानों के जरिए दावा किया था कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1000 विशेष बसों का संचालन किया जाएगा. लेकिन हकीकत यह है कि यह योजना केवल कागजी बैठकों तक ही सीमित रह गई. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों को ताक पर रखकर केवल फोटो पॉलिटिक्स कर रहे हैं. लंबी-लंबी बैठकों में चाय, बिस्कुट और नाश्ते के दौर के बाद अधिकारी अपनी फोटो खिंचाकर जनता को गुमराह करने में जुटे हैं, जबकि ग्राउंड रिपोर्ट की किसी को कोई चिंता नहीं है. छतों पर बैठने को मजबूर भक्त, अधिकारियों की शह पर डग्गेमारों का खेल. परिवहन व्यवस्था चरमराने के कारण गोवर्धन आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर बसों और डग्गेमार वाहनों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ रहा है. परिक्रमा मार्ग और मुख्य मार्गों पर ओवरलोड गाड़ियां फर्राटे भर रही हैं, लेकिन न तो प्रशासन को इसकी परवाह है और न ही रोडवेज विभाग को. चौंकाने वाली बात यह है कि इस अव्यवस्था के बीच डग्गेमार वाहन चालक चांदी काट रहे हैं. परिवहन विभाग के अधिकारियों की कथित शह पर यह पूरा खेल धड़ल्ले से चल रहा है. ये अवैध वाहन न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि हर दिन सरकार को लाखों रुपये के राजस्व (Tax) का चूना भी लगा रहे हैं. कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा. श्रद्धालुओं का कहना है कि जब सूबे के मुखिया ब्रज के विकास और धार्मिक आयोजनों को लेकर इतने गंभीर हैं, तब स्थानीय स्तर पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी इस कदर संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं? यदि समय रहते परिवहन विभाग ने डग्गेमार वाहनों पर नकेल नहीं कसी और रोडवेज बसों की संख्या नहीं बढ़ाई, तो छतों पर लटककर यात्रा कर रहे भक्तों के साथ कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो सकता है।
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भivानी में डिप्टी स्पीकर बोले महंगाई क्राइसिस, नीट पेपर लीक पर सरकार का दोष नहीं

Bhiwani, Haryana:भिवानी पहुंचे विधानसभा डिप्टी स्पीकर, कृष्ण लाल मिड्ढा ने महंगाई को बताया क्राइसिस, बोले- नीट पेपर लीक में सरकार का फाल्ट नहीं हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिड्ढा भिवानी पहुंचे. उन्होंने कहा कि भिवानी वालों का अलग प्रेम व मोहब्बत मिलती रहती है। इसके साथ ही महिला आरक्षण बिल को लेकर उन्होंने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के जरिए कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों का चेहरा सामने आने का काम किया। जिस मां के गृभ से हमने जन्म लिया है, उन्हीं को लेकर हम मातृ शक्ति को महत्व देना चाहते थे। लेकिन कांग्रेस ने अपना चेहरा दिखाया और बिल गिराने का काम किया। अगर हम अपनी मां, बहन व बेटी का सम्मान नहीं कर सकते तो हमारे दिल में कोई जगह नहीं है। कांग्रेस को ऐसा ढकोसला नहीं करना चाहिए कि वह महिलाओं के प्रति सजग है। महिलाओं को महत्व केवल भाजपा दे रही है। इसका जवाब चुनाव में मिला। आज किसी को मारने के लिए बंदूक, गोली या तोब की जरूरत नहीं, मशीन के सामने का बटन दबाना है और आदमी मर जाएगा। इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। महंगाई को बताया क्राइसिस महंगाई बढ़ने, पेट्रोल-डीजल व गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी पर कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि क्राइसिस केवल हिंदुस्तान में नहीं है। पूरे वर्ल্ড में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो लेट एडवाइजरी जारी कि लेकिन बहुत से देश पहले ही एडवाइजररी जारी कर चुके हैं। एक तरफ जहां भारत के प्रधानमंत्री लोगों से आह्वान कर रहे हैं कि सोना मत खरीदें, जबकि हमारे साथ आज़ाद हुए देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि आप खाद्य सामग्री मत खरीदे। युद्ध के चलते तेल को लेकर क्राइसिस है। समय-समय पर देश के प्रधानमंत्री ने बात कहने का काम किया। वह चाहे इंदिरा गांधी हो। उन्होंने भी कहा था कि सोने पर रोक लगाएं। अगर देश पर कोई विपदा आई तो हर प्रधानमंत्री ने एडवाइजरी जारी की, आज हमारे देश के पीएम ने जो बात कही है उसे सभी को मानना चाहिए। नीट पेपर लीक पर बोले- सरकार का फाल्ट नहीं पंजाब में हाल ही में हुए निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन को लेकर कहा कि कृष्ण लाल मिड्ढा वहां उनकी वहां सरकार है। मजा तब है कि जब सरकार ना हो तो बनाकर देखिए। पश्चिम बंगाल में देखें। आने वाले समय में भाजपा सरकार बनाएगी। नीट पेपर लीक को लेकर विपक्षियों द्वारा घेरने पर कहा कि उनके समय में भी पेपर लीक हुए। इसमें कोई सरकार का फाल्ट नहीं हैं। इसको बनाने व करने वाले तो आप और हम ही हैं। हम इंसान हुए ही हैं। मानते हैं कि पेपर लीक हुआ है, लेकिन दोबारा नहीं होगा।
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चमोली में बद्रीनाथ-हेमकुंड साहिब यात्रा के कारण ट्रैफिक जाम, पुलिस ने मार्ग व्यवस्थापन किया

Noida, Uttar Pradesh:चमोली, उत्तराखंड: चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। चमोली SP सुरजीत सिंह पवार ने बताया, "चमोली जनपद में दो महत्वपूर्ण धाम बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब स्थापित हैं जिनकी यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा का दूसरा चरण जिसमें हेमकुंड साहिब की यात्रा भी शुरू हुई थी साथ ही स्कूलों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने के बाद से चमोली जनपद में काफी दबाव आया है। लगभग 30 से 35 हजार लोग प्रतिदिन बद्रीनाथ धाम के लिए और 5 से 10 हजार लोग हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए वर्तमान में जा रहे हैं। इसके कारण जो हमारे मौजूदा हाईवे हैं उन पर काफी दबाव बढ़ा है। जोशीमठ से मारवाड़ी विष्णु प्रयाग का जो क्षेत्र से उसमें करीब 10 किलोमीटर के पैच में सड़क काफी खराब स्थिति में है...अधिक ट्रैफिक बढ़ाव के कारण वहां पर वाहनों के क्लस्टर जलने, स्टीयरिंग लॉक होने और उनके सस्पेंशन टूटने की घटनाएं सामने आईं जिस कारण ट्रैफिक बाधित हुआ। रात को हमारे जवानों को उन वाहनों को हटाना पड़ा... वाहनों की कतार बनाने का प्रयास किया जाता है जिससे जाम न लगे। ये कतारें कई बार दिखने में बहुत लंबी लग रही हैं लेकिन 1 घंटे के अंतराल पर हम इस कतार को छोड़ रहे हैं..."
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बुलंदशहर कोर्ट परिसर में नोटों की बारिश, बंदर ने बैग छीना-फेंका

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर- कचहरी में नोटों की बारिश, रुपये लूटने वालों की मची होड़। अधिवक्ता आमिर के चैंबर पर बैनामा कराने पहुंचा था एक व्यक्ति。 बैनामे के लिए स्टांप खरीदने जा रहे अधिवक्ता के सहकर्मी रविंद्र लोधी के पास बैग में थे करीब 2 लाख रुपये。 रास्ते में एक बंदर रुपयों से भरा बैग छीनकर नीम के पेड़ पर चढ़ गया。 बंदर ने बैग से 500-500 रुपये के नोट निकालकर नीचे फेंकने शुरू कर दिए。 नोट गिरते ही लोगों में रुपये बटोरने की होड़ मच गई。 घटना के बाद करीब 2 लाख रुपये में से लगभग 40 हजार रुपये गायब मिले。 बुलंदशहर कचहरी परिसर की घटना चर्चा का विषय बनी।
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जसपुर में मामूली विवाद के कारण दो पक्ष भिड़े; वीडियो वायरल

Jaspur, Uttarakhand:जसपुर में बीते रोज मामूली बात को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े वीडियो वायरल. जसपुर में जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर कोतवाली क्षेत्र के बीएसबी इंटर कालेज के पास काशीपुर रोड पर उस वक्त अफरा तफरी का माहौल हो गया जब मामूली बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई जो देखते देखते जंग का मैदान बन गई. दोनों पक्षों में जमकर लातघूंसे और बेल्ट चली. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि इस घटना में महिलाएं भी पीछे नहीं रही. बताया जा रहा है कि दोनो पक्ष काशीपुर रोड पर जा रहे थे; किसी बात को लेकर दोनो पक्षों में कहासुनी हो गई और नोक-झोंक मारपीट तक पहुंच गई. एक पक्ष की तरफ से महिलाएं भी पीछे नहीं रही. दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई; हंगामा काफी देर तक चलता रहा. राहगीरों ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया. मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वही वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
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बड़की बोआ अंडरपास में जलजमाव से ग्रामीणों का आक्रोश, रेलवे अधिकारी-प्रशासन पर दबंगई का इल्जाम

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में हुई हल्की बारिश ने रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के बड़की बोआ रेलवे अंडरपास में जलजमाव की समस्या एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो गया है। लेकिन इस बार जलजमाव से ज्यादा चर्चा रेलवे अधिकारियों के उस रवैये की हो रही है, जिस पर ग्रामीणों और पत्रकारों ने दबंगई का आरोप लगाया है। थोड़ी सी बारिश के बाद ही बड़की बोआ रेलवे अंडरपास तालाब में तब्दील हो गया। सड़क पर कई फीट पानी जमा होने से बाइक और अन्य छोटे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो जा रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी परेशानी हो रही है, जबकि बच्चे जान जोखिम में डालकर इसी पानी में तैरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर कुछ दिन पहले भी ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया था और डीआरएम का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया था। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी से नाराज ग्रामीण एक बार फिर बड़ी संख्या में अंडरपास पर जुटे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे जलजमाव की समस्या का समाधान मांग रहे थे और वैकल्पिक तौर पर रेल क्रॉसिंग खोलने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों का रवैया पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण था। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पत्रकार जब ग्रामीणों की समस्याओं और प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे, तब रेलवे अधिकारियों ने उनसे भी कैमरा बंद करने को कहा और कवरेज के लिए लाइसेंस तक मांगने लगे। अधिकारियों के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में और अधिक आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान करने के बजाय अधिकारी अपनी दबंगई दिखाने में लगे रहे। फिलहाल ग्रामीण किसी सक्षम और उच्च रेलवे अधिकारी के मौके पर पहुंचने तथा समस्या के स्थायी समाधान का लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने के मूड में नहीं हैं। बड़की बोआ अंडरपास में जलजमाव और अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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उलीडीह हत्या: झाड़ियों में मिला युवक का शव, धारदार हथियार से वार की आशंका

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र में रविवार सुबह एक युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आदिवासी क्लब के समीप झाड़ियों में युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. बाद में पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. मृतक की पहचान शकोंसाई रोड नंबर-2 निवासी 24 वर्षीय विकास सिंह के रूप में हुई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर धारदार हथियार से कई वार किए जाने के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. परिजनों के अनुसार विकास सिंह शनिवार देर रात अपने भांजे से मिलने उलीडीह गया था. मुलाकात के बाद वह घर लौटने के लिए निकला, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा. परिवार के लोगों ने उससे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. रविवार सुबह उलीडीह क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने परिजनों को फोन कर झाड़ियों में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना दी. जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पहुंचे, जहां शव की पहचान विकास सिंह के रूप में की गई. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. मृतक के भाई ने क्षेत्र में सक्रिय नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों पर हत्या का संदेह जताया है. उनका कहना है कि इलाके में आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और संभव है कि विकास किसी आपराधिक वारदात का शिकार हुआ हो. हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है. डीएसपी डीएन आज़ाद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद घटना के कारणों तथा आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी. उन्होंने कहा कि खोजी कुत्तों का सहारा लिया जा रहा है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके. डीएसपी ने बताया कि मृतक का कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड सामने नहीं आया है. उसका भाई हत्या के एक मामले में जेल से छूटा है. उन्होंने आशंका जताई है कि मृतक की हत्या कहीं और करके शव यहां लाकर फेंका गया है. फिलहाल सभी एंगल से जांच चल रही है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
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मीरपुर छोली में दबंगों के हौसले बुलंद, सरकारी पोखर को पाटकर अवैध कब्जे का प्रयास, प्रशासन मौन

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow16m ago
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा ।महावन तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों और जलाशयों पर अवैध कब्जे का खेल धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला मीरपुर छोली से सामने आया है, जहाँ कुछ रसूखदार और दबंग व्यक्तियों द्वारा एक सरकारी पोखर (तालाब) पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और सामने आए एक वीडियो के अनुसार, मुख्य सड़क के किनारे स्थित इस सरकारी पोखर को भारी वाहनों (डंपर और ट्रकों) के जरिए मिट्टी डालकर पाटा जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बड़ा डंपर दिन-दिहाड़े पोखर के किनारे मिट्टी पलट रहा है। सड़क किनारे पहले से ही मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जो इस बात का गवाह हैं कि यह अवैध काम पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है। सरकारी संपत्तियों और जल स्रोतों को इस तरह नष्ट किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पोखर के पट जाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचेगा, बल्कि आने वाले समय में जलभराव और मवेशियों के लिए पानी की समस्या भी खड़ी हो जाएगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य मार्ग पर सरेआम हो रहे इस अवैध कार्य पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दबंगों द्वारा बिना किसी डर के इस तरह सरकारी जमीन पर कब्जा करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और भू-माफिया विरोधी टास्क फोर्स से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की माँग है कि: इस अवैध कब्जे को तुरंत रुकवाया जाए। पोखर में डाली गई मिट्टी को हटाकर उसे पुराने स्वरूप में लाया जाए। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले दबंगों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) दर्ज की जाए। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इन रसूखदारों पर क्या एक्शन लिया जाता है।
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