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SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow27 Sept 2024, 02:02 am

संभल में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन

Sambhal, Uttar Pradesh:

संभल में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय बहजोई पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि देशभर के करीब एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग कर रहे हैं। नई पेंशन योजना (NPS) के तहत उन्हें बेहद कम पेंशन मिल रही है, जिससे न तो उनका खुद का खर्च चल पा रहा है और न ही उनके परिवार का। इससे पूरे देश के कर्मचारी असंतुष्ट और चिंतित हैं।

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सरपंच चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रचार 24 घंटे में शुरू, ग्रामीण नाराज़

Jaipur, Rajasthan:चुनावी कार्यक्रम के तकनीकी और कानूनी पहलुओं ने उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की नींद उड़ा दी है, सरपंच के उम्मीदवारों को इस बार जनता के बीच चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार करने के लिए बहुत कम समय मिलेगा। आधिकारिक चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रचार के महज कुछ ही घंटों का समय मिल रहा है, जिसे लेकर गांवों में बहस छिड़ी हुई है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 3 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज चुनावों का शंखनाद कर दिया गया है। 14,403 ग्राम पंचायतों में आचार संहिता लागू हो चुकी है और चारों तरफ चुनावी बिसात बिछने लगी है। लेकिन इस बार का यह महामुकाबला ग्रामीण राजनीति के सबसे अहम पद- यानी 'सरपंच' के प्रत्याशी के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। दरअसल, आयोग द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के बारीक कानूनी पन्नों को पलटने पर एक ऐसी जमीनी हकीकत सामने आई है जिसने उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी है। तकनीकी नियमों के जाल के कारण सरपंच उम्मीदवारों को आधिकारिक चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद प्रचार के लिए 24 घंटे से भी कम यानी महज कुछ घंटों का समय मिल रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर चौपालों तक ऐतराज जताया गया है। एक तरफ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों को नामांकन के बाद प्रचार के लिए काफी वक्त मिल रहा है, दूसरी ओर भावी सरपंचों के लिए नामांकन दाखिल होने और जांच के बाद अधिकृत उम्मीदवार बनने तक का सफर चंद घंटों का है। चुनाव चिन्ह शाम होते होते मिलेंगे और मतदान अगले दिन सुबह से शुरू हो जायेगा। ऐसे में नेताओं के चेहरों पर उदासी पसर रही है। पिछले कुछ चुनावों में सरपंचों को भी ठीक ठाक वक्त मिल जाता था पर अब गांवों में बिना उम्मीदवारी के गाड़ियां दौड़ाने के सिवा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है। चुनाव चिन्ह क्या आवंटित होगा उसे कैसे मतदाताओं तक पहुँचायेंगे इसके लिए अभी से रणनीति बनना शुरू हो रही है। एक तरफ कम पढ़े लिखे ग्रामीण इस वक्त को नाकाफी मानते हैं तो दूसरी तरफ गांव की पंचायती के कई सक्रिय चेहरे मानते हैं कि हर घर में मोबाइल है इसलिए चुनाव चिन्ह के प्रचार में ज्यादा दिक्कतें नहीं आयेंगी। जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दबदबे का है, इसलिए गांवों के पंचायतों के चुनाव में इसका जमकर उपयोग देखने को मिलेगा।
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टोंक नगर परिषद के मेयर मयंक गोयल वार्ड 27 में जनसुनवाई कर समस्याएं सुनीं

Tonk, Rajasthan:एंकर - नगर परिषद सभापति मयंक गोयल शहर की समस्याओं को लेकर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सभापति लगातार शहर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान के निर्देश दे रहे हैं। आज सभापति मयंक गोयल ने वार्ड नंबर 27 में जनसुनवाई की। वार्ड पार्षद अकबर खान के साथ सभापति ने वार्डवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने साफ-सफाई, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सभापति के सामने रखीं। सभापति मयंक गोयल ने कहा कि आने वाले दिनों में शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा, वहीं वार्डों में सड़क संबंधी समस्याओं को भी दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर के सभी 60 वार्डों में जाकर आमजन की समस्याएं सुनने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही वार्ड नंबर 27 के लोगों ने नहर सहित सड़को की समस्या बताई है जिनका जल्द समाधान किया जाएगा। शहर के पार्कों का भी निरीक्षण किया गया है। पार्कों में भी और विकास होगा। बाइट -01- मयंक गोयल,सभापति, नगर परिषद टोंक बाइट -02- अकबर खान,पार्षद वार्ड नंबर 27
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ओबीसी समाज ने जातियों के लिए यूनिक कोड व मास्टर लिस्ट बनाने की मांग जारी रखी

Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh in Rajasthan on Wednesday OBC समाज के नागरिकों ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें आगामी जनगणना में जातियों की सही और वैज्ञानिक गणना सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में ओबीसी की स्पष्ट और अलग श्रेणी रखने, हर जाति के लिए विशिष्ट वैज्ञानिक कोड तय करने और राज्यवार मानकीकृत जाति मास्टर लिस्ट बनाने की मांग उठाई गई। पार्षद गुरदीप चहल ने कहा कि भारत में एक ही जाति को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जिससे आबादी के आंकड़े बंट सकते हैं। इसलिए प्रमाणित पर्यायवाची नामों को एक ही मानक कोड से जोड़ने की वैज्ञानिक व्यवस्था हो।
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शाजापुर में सेवा ज्योति यात्रा: मोदी के नेतृत्व का विकासगान

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजapur में बुधवार को भाजपा द्वारा “सेवा ज्योति यात्रा” का आयोजन किया गया। मां राजराजेश्वरी मंदिर परिसर में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, जिले के तीनों भाजपा विधायक, संगठन जिलाध्यक्ष और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है, मंत्री इंदर सिंह परमार और विधायकगण बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ सेवा ज्योति यात्रा में हाथों में मशाल लेकर निकले, यह यात्रा गांधी हाल तक पहुंचने के बाद वहां से अपनी-अपनी विधानसभा की ओर रवाना हो गई ! कार्यक्रम के दौरान सभा स्थल पर मौजूद लोग गर्मी से परेशान होते दिखे ,पूरे कार्यक्रम के दौरान लोग हाथों से हवा करते दिखे, कार्यक्रम स्थल पर कुछ कलर भी रखे थे जो नाकाफी थे और सभा के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आसपास पेड़ो के नीचे बैठकर गर्मी से राहत पाते दिखे !
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बस्तर बाढ़: राहत—पुनर्वास के लिए 9.39 करोड़ रुपये जारी

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में बाढ़ से हुए नुकसान के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है, आपदा से प्रभावित परिवारों को अब तक कुल 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है, अब तक हुए सर्वे के अनुसार जिले में 744 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए जबकि 159 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त पाए गए, जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय सहायता में सबसे बड़ा हिस्सा मकानों की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया गया है, जिसके तहत कुल 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपये वितरित किए गए हैं, इसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपये की सहायता शामिल है, इसके अतिरिक्त घरों में रखे बर्तन व अन्य घरेलू सामग्रियों के नुकसान के एवज में प्रभावितों को 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये का मुआवजा और पशुहानि के मामलों में 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि का त्वरित भुगतान किया गया है।
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CMO के आदेश पर सांवरिया मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त, भर्ती मरीज शिफ्ट

Nagpur, Maharashtra:झांसी नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित मेडिकल कॉलेज के सामने बने सांवरिया मल्टीस्पेशलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल का पंजीकरण सीएमओ के आदेश पर निरस्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल संचालक को उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का नवीन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में प्रमाण पत्र सीएमओ कार्यालय में जमा नहीं कराया गया। इसके बाद उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष अग्निहोत्री की ओर से हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रमाणपत्र उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति सामने आने के बाद कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त किया गया और हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को दूसरी अस्पताल में शिफ्ट दिया गया है, साथी सीएमओ की ओर से दिए गए आदेश पर सांवरिया मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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विकसित भारत संकल्प: धमतरी में विशाल पदयात्रा के साथ 2047 की दिशा तय

Dhamtari, Chhattisgarh:स्लग - विकसित भारत का संकल्प, भाजपा ने निकाली विशाल पदयात्रा\n\nवर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को लेकर देशभर में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के तहत धमतरी में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया...... कार्यक्रम में कुरूद विधायक अजय चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से सभा से जुड़े.... इस दौरान विकसित भारत के विजन को जन-जन तक पहुंचाने और इसमें आम नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया गया..... वही सभा को संबोधित करते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है..... इसी सोच और विजन को लेकर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं..... उन्होंने कहा विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए देश के हर नागरिक की भागीदारी और जिम्मेदारी जरूरी है..... अजय चंद्राकर ने कहा देश की तरक्की में समाज के हर वर्ग की भूमिका अहम है और जब सरकार के साथ आम जनता भी इस संकल्प से जुड़ेगी, तभी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा..... वहीं सभा समाप्त होने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुरानी कृषि उपज मंडी से गांधी मैदान तक विशाल पदयात्रा निकाली..... हाथों में पार्टी के झंडे लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए और नारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए..... पदयात्रा के दौरान पूरे रास्ते सियासी जोश दिखाई दिया..... भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी के जरिए पार्टी ने जहां विकसित भारत के संदेश को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की, वहीं एकजुटता और अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन भी किया।\n\nबाइट - अजय चंद्राकर, विधायक कुरूद
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अभिमन्यु ने कहा मोदी के 25 वर्ष इतिहासस्वर्णिम, 2029 बाट मैदान में आ जाओ

Hansi, Haryana:हांसी पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने हांसी पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को ऐतिहासिक बताया और कहा कि आज दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को उसी तरह याद करेंगी, जिस तरह देश के इतिहास में सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त और विक्रमादित्य के शासनकाल को याद किया जाता है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि एक सामान्य गरीब परिवार में जन्म लेकर लोकतंत्र की सीढ़ियां चढ़ते हुए नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखा और लगातार देश की सेवा की। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात मॉडल की चर्चा दुनिया में हुई और प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले。 विधायक जस्सी पेटवाड़ द्वारा पिकनिक और रील को लेकर किए गए बयानों पर कैप्टन अभिमन्यु ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जस्सी पेटवाड़ अभी छोटे बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह 2029 के चुनाव की तैयारी की बात कर रहे हैं तो 2029 का इंतजार क्यों कर रहे हैं, अभी मैदान में आ जाएं। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा, जस्सी पेटवाड़ विधायक भाई, जल्दी मैदान में आ जाओ। 2029 की वाट क्यों देख रहे हो? अभी आ जाओ मैदान में। लोग भी वाट देख रहे हैं। फिर पता चल जाएगा किसकी बनेगी। जनता बनाएगी。 उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बाबू और बेटे को भी ले आओ और गुरु को भी मैदान में ले आओ। उन्होंने कहा कि 2029 का इंतजार करने के बजाय अभी जनता के बीच आकर अपनी ताकत दिखाएं। जस्सी पेटवाड़ ने अपने बयान में कहा था कि रील नहीं बनाता, रेल बनाता हूं। का जिक्र करते हुए भी कैप्टन अभिमन्यु ने कटाक्ष किया और कहा कि जल्दी मैदान में आ जाओ。 नारनौंद क्षेत्र को लेकर कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जनता हर चीज को अच्छी तरह समझती और देखती है। उन्होंने दावा किया कि लोगों में इस बात की पीड़ा है कि क्षेत्र के विकास का पहिया रुक गया है। उन्होंने कहा कि नारनौंद के लोग महसूस कर रहे हैं कि क्षेत्र को विकास में जो आगे बढ़ना था, वह कहीं पीछे छूट गया। उनके अनुसार लोगों को लग रहा है कि उनके सपनों और अरमानों को नुकसान पहुंचा है और नारनौंद विकास के मामले में हरियाणा में मजबूत स्थान बनाने की दिशा में पिछड़ रहा है। अभय चौटाला और कांग्रेस द्वारा भाजपा तथा मुख्यमंत्री को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कैप्टन अभिमन्यु ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 10 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहा, वह आज एक जिले या क्षेत्र को अपना गढ़ बताने तक सीमित क्यों रह गया। उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा को अपना परिवार मानना चाहिए था। कैप्टन अभिमन्यु ने आरोप लगाया कि विपक्ष आज अपने राजनीतिक परिवारों की विरासत बचाने के संघर्ष में लगा हुआ है। उन्होंने डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज डिजिटल क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में खड़ा है। गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में सुधार के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की गईं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का काम हुआ है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दो पीढ़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है। उनके 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को लेकर देशभर में ‘सेवा संकल्प ज्योति यात्रा’ निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता, बुजुर्ग और माताएं प्रधानमंत्री को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया है और देश की जनता चाहती है कि नरेंद्र मोदी इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हरियाणा के नौजवान, किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, शोषित, वंचित और पिछड़े वर्ग की चिंता नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति का उद्देश्य केवल बाबू और बेटे का राज तथा दादा-पोते का चक्कर चलाना है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जनता सब जानती है कि उसका भला कौन कर सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली और व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनता उन्हें दिल से प्यार करती है। वहीं प्रदेश में चल रही डीएपी खाद की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि अपनी जिला उपायुक्त से बात हुई है और DC ने विश्वास दिलाया है कि डीएपी की किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
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सीकर भागवत कथा के दौरान 8 महिलाएं चेन स्नेचिंग गिरोह गिरफ्तार

Sikar, Rajasthan:सीकर में भागवत कथा के बीच चेन स्नेचिंग गिरोह की 8 महिलाएं गिरफ्तार, पहले भी दे चुकी है वारदात को अंजाम, अन्य खुलासे की भी संभावना अलवर से आई थीं आरोपी महिलाएं, भीड़ में बैठकर वारदात की फिराक में थीं, CCTV फुटेज से चेहरों का मिलान जारी सीकर शहर के नेहरू पार्क रोड स्थित गोविंदम गार्डन में चल रही इन्द्रेश उपाध्याय की भागवत कथा के दौरान चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में बैठी 8 महिलाओं को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी महिलाएं अलवर की रहने वाली हैं और कथा में महिलाओं की भीड़ के बीच बैठी हुई थीं। पुलिस को शक होने पर इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद गिरफ्तार किया गया। शहर कोतवाली थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि गोविंदम गार्डन में 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के दौरान चेन स्नेचिंग की कुछ घटनाएं सामने आई थीं। इस संबंध में कोतवाली थाने में दो मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने कथा परिसर के अंदर और बाहर सिविल ड्रेस में जवान तैनात किए थे। पुलिस ने अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र की 60 फीट रोड निवासी मोनू (30) पत्नी आकाश, भारती (27) पत्नी रवि, कविता (35) पत्नी भूपसिह, रजनी (40) पत्नी श्याम, सीमा (50) पत्नी, सोनिया (23) पत्नी अनिल कुमार, पूजा (26) पत्नी अशोक और बिना (60) पत्नी जनडेन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी महिलाएं पूर्व में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रह चुकी हैं। यह महिलाएं रैलियों, सभाओं और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में महिलाओं को निशाना बनाती हैं। गिरोह में 2-3 महिलाएं पहले टारگेट की पहचान करती हैं। इसके बाद 4-5 महिलाएं उसे घेरकर महज कुछ सेकेंड में सोने की चेन या अन्य जेवर काटकर फरार हो जाती हैं। पुलिस अब भागवत कथा के दौरान हुई चेन स्नेचिंग की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगाल रही है और गिरफ्तार महिलाओं के चेहरों का फुटेज से मिलान किया जा रहा है। पुलिस को इनसे अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है。
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करहल में जातीय समीकरण क्या बदलेगा?

Mainpuri, Uttar Pradesh:एंकर - मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट... यूपी की उन चर्चित सीटों में शामिल है, जहां चुनाव सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि जातीय समीकरण, सियासी विरासत और स्थानीय प्रभाव का भी खेल माना जाता है। करहल को समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। सैफई परिवार का इस सीट का पुराना रिश्ता रहा है। मुलायम सिंह यादव करहल के जैन इंटर कॉलेज में शिक्षक रहे और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की भी शुरुआत हुई। टीटी - रामफल बाल्मीकि, प्रधान सैफई (मुलायम सिंह के करीबी) बीओ 1- 2022 में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने करहल से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की। बाद में उनके लोकसभा जाने के बाद हुए उपचुनाव में सपा ने तेज प्रताप यादव को मैदान में उतारा और उन्होंने भी इस सीट पर सपा का कब्जा बरकरार रखा। पीटीसी - करहल के जैन इंटर कॉलेज से बीओ 2 - करहल की सियासत को समझने के लिए सिर्फ सपा की जीत देखना काफी नहीं है। यहां का जातीय गणित भी बेहद महत्वपूर्ण है। जातीय समीकरण - करहल विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 3 लाख 71 हजार है, जिसमें करीब 1 लाख 25 हजार यादव मतदाता हैं तो वहीं करीब 35 हजार शाक्य, 30 हजार बघेल, 30 हजार क्षत्रिय, करीब 22 हजार अनुसूचित जाति, 18 हजार मुस्लिम, 16 हजार ब्राह्मण और करीब 15-15 हजार लोधी तथा वैश्य मतदाता बताए गए थे। यानी करहल के चुनावी मैदान में यादव मतदाता सबसे बड़ा सामाजिक आधार हैं, लेकिन शाक्य, बघेल, क्षत्रिय, दलित, ब्राह्मण, मुस्लिम, लोधी और वैश्य समेत दूसरे सामाजिक समूह भी किसी भी चुनाव में नतीजे की दिशा बदलने की ताकत रखते हैं। भाजपा ने भी करहल विधानसभा को लेकर विधानसभा उपचुनाव में यादव प्रत्याशी पर अपना बड़ा दांव लगाया और सैफई परिवार के रिश्तेदार अनुजेश प्रताप यादव को अपना प्रत्याशी बनाया और भाजपा ने करहल विधानसभा में दमखम से चुनावी लड़ा, हालांकि भाजपा प्रत्याशी अनुजेश प्रताप लगभग 14700 वोटों से हार गए। भाजपा ने यादव प्रत्याशी पर दांव खेलकर जीत के अंतर को कम करने का काम किया। टीटी - कुंवर अनुजेश प्रताप यादव सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सगे बहनोई हैं लेकिन पारिवारिक रिश्ते टूटे हुए हैं। अनुजेश प्रताप यादव की मां मृदुला यादव 2 बार विधायक भी रहीं हैं। करहल में सियासी लड़ाई सिर्फ सपा बनाम भाजपा की नहीं, बल्कि अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने की भी होती है। करहल विधानसभा लंबे समय से सपा का गढ़ जरूर रहा लेकिन सीट हमेशा एकतरफा नहीं रहीं है। 2002 में भाजपा ने करहल विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी और बाबू सोवरन सिंह यादव विधायक बने थे। बीओ 4 - करहल विधानसभा के लोगों से भी जी मीडिया ने बात की तो दोनों दलों का मिलाजूला प्रभाव देखने को मिला.. बीओ 5- जी मीडिया की टीम ने सपा जिलाध्यक्ष पूर्व मंत्री आलोक शाक्य से बात की तो उन्होंने 2027 में बदलाव की बात कही। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव गरीब, मजबूर, किसान, शोषित, बंचित की लड़ाई लड़ते रहे और अब हमारे नेता अखिलेश यादव इस लड़ाई को आगे बड़ा रहे हैं। करहल की राजनीति में विरासत, जातीय समीकरण, विकास, कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रभाव—इन सभी की अपनी भूमिका है। अब देखना होगा कि 2027 में करहल की जनता किसके साथ खड़ी होती है... सपा के पुराने किले के साथ या बदलाव की नई सियासी पटकथा के साथ?
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