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भोजपुर में भीषण सड़क हादसे में भांजी की शादी से लौट रहे मामा समेत दो की मौत

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। कोईलवर थाना क्षेत्र के आरा–पटना हाईवे के समीप बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया है जिसमें अनियंत्रित पिकअप वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के कटेसर गांव निवासी नंदा महतो के 35 वर्षीय पुत्र अमित कुमार तथा बृजनंदन सिंह के 30 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार के रूप में हुई है। दोनों आपस में मित्र थे और शादी समारोह से लौट रहे थे। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन समेत फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन बताया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई है। फरार पिकअप वाहन की पहचान कर उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सुजीत कुमार पेशे से सीएसपी संचालक थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुजीत कुमार अपने मित्र अमित के साथ अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुली गांव गए थे। आज सुबह दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कोईलवर अंडरपास के ऊपर तेज रफ्तार व अनियंत्रित पिकअप ने उन्हें रौंद दिया और चालक वाहन लेकर फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। आनन-फानन में दोनों को कोइलवर पीएचसी लाया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर स्वजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार वाहन की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है।
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पोकरण में 10 साल पुराने हमले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - पोकरण ‘10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में 5 दोषियों को आजीवन कारावास, एडीजे कोर्ट पोकरण का बड़ा फैसला पोकरण, जैसलमेर पोकरण में करीब एक दशक पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, पोकरण ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1,11,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले के अनुसार, 21 जुलाई 2016 को प्रार्थी भंवर सिंह पुत्र भीम सिंह निवासी डेलासर ने पुलिस थाना लाठी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 जुलाई 2016 की शाम करीब 6 बजे उनके पिता भीम सिंह खेत से ट्रैक्टर लेकर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में जमीनी विवाद की रंजिश को लेकर आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और ट्रैक्टर पर चढ़कर लाठी, कुल्हाड़ी और सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में भीम सिंह के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई और आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया। गंभीर हालत में उन्हें जोधपुर रेफर किया गया था। पुलिस थाना लाठी ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजों के माध्यम से आरोप साबित किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों भोम सिंह, बांक सिंह, सांग सिंह, लूण सिंह और मनोहर सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। मामले में एक आरोपी कंवराज सिंह की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। राज्य पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजनक संमदर सिंह राठौड़ ने की। यह फैसला क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मामलों में न्याय मिलने के रूप में देखा जा रहा है。
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रामगंजमंडी में पुतला दहन के साथ कांग्रेस ने पायलट टिप्पणी का विरोध किया

Kota, Rajasthan:रामगंजमंडी, कोटा रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन, पायलट पर टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेश प्रभारी का पुतला दहन किया रामगंजमंडी में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट पर की गई कथित निजी टिप्पणी के विरोध में रामगंजमंडी थाना चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अग्रवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया और बयान को अपमानजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। इसके साथ रामगंजमंडी विधानसभा संगठन प्रभारी एडवोकेट मुकेश धाकड़ ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना उनकी घटती राजनीतिक स्तर का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट जैसे जनप्रिय नेता पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना निंदनीय है और कांग्रेस कार्यकर्ता इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। धाकड़ ने आगे कहा कि भाजपा को मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी बंद नहीं हुई तो आज तो पुतला दहन किया है, आगे मुंह काला किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे。 बाइट मुकेश धाकड़, रामगंजमंडी विधानसभा संगठन प्रभारी
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सिरसा के जाट धर्मशाला में हथियार तस्करी घटना: यूपी के चार आरोपियों की गिरफ्तारी

Sirsa, Haryana:एंकर रीड सिरसा की जाट धर्मशाला में आधी रात को हथियारबंद लोगों के घुसने की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में सामने आए खुलासे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सिरसा में हथियारों की बड़ी डील करने आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कॉल गर्ल को ‘हथियार तस्करी’ में सहयोग का ऑफर दिया था। यूपी से आए थे आरोपी, जेल भेजे गए पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। घटना के बाद वे सिरसा से वापस यूपी लौट गए थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, चारों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी की तस्वीरें जारी नहीं की गई हैं। पुलिस ने धर्मशाला में सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में ले ली है धम्रशाला प्रबंधन ने बढ़ाई सख्ती अब हर युवक और युवती की गहन जांच के बाद ही कमरा दिया जा रहा है। चारों आरोपी दो दिन तक धर्मशाला में ठहरे थे और अचानक वहां से चले गए। पुलिस ने धर्मशाला से सीसीटीवी की डीवीआर जब्त कर ली है ताकि पूरी गतिविधि की जांच की जा सके। महिला दलाल पहले ही गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक महिला दलाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि धर्मशाला में ठहरे युवकों ने बिजनौर की रहने वाली एक कॉल गर्ल को बुलाया था। महिला दलाल ही उसे धर्मशाला तक लेकर आई थी। कॉल गर्ल जब युवकों के पास पहुंची तो उन्होंने उसे देह व्यापार के बजाय हथियार सप्लाई में मदद करने का प्रस्ताव दिया। दीवार फांदकर भागी कॉल गर्ल, पुलिस को दी सूचना आरोपियों के प्रस्ताव से घबराई कॉल गर्ल रातों-रात धर्मशाला की दीवार फांदकर भाग निकली और सीधे पुलिस के पास पहुंची। उसने पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने धर्मशाला में छापा मारा, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। जाट धर्मशाला के मैनेजर ओम शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हथियार बंद कुछ युवक धर्मशाला में आए थे और किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस भी धर्मशाला आई और सीसीटीवी फूटेज और डिवीआर आपने कब्जे में ले गई है। सभी मेहमानों को आईडी प्रूफ के आधार पर ही कमरा दिया जाता है। जिन युवकों ने उस रात कमरा लिया था, उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी और एंट्री रजिस्टर में दर्ज है। उन्होंने कहा कि महिला के आने की जानकारी उन्हें नहीं थी और यह बात पुलिस जांच में सामने आई। पुलिस की जांच जारी पुलिस ने धर्मशाला से जब्त सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के नेटवर्क और हथियारों की डील से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल अवैध हथियार तस्करी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से भी जुड़ा हो सकता है।
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देवघर का विद्युत शवदाह गृह खस्ताहाल, करोड़ों की लापरवाही उजागर

Deoghar, Jharkhand:देवघर बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर जहां एक ओर आस्था का केंद्र है, वहीं दूसरी ओर यहां की चिता भूमि भी अपनी अलग पहचान रखती है। लेकिन अब यही शमशान घाट लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह आज शोभा की वस्तु बनकर रह गया है आधुनिक सुविधा के तहत शवों के अंतिम संस्कार के लिए इस विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था, ताकि लोगों को सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था मिल सके। निर्माण कार्य जूडको के माध्यम से कराया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता और रखरखाव के अभाव ने इस योजना पर पानी फेर दिया। वर्तमान स्थिति यह है कि भवन बंद पड़ा मशीनें या तो खराब पड़ी हैं या कभी चालू ही नहीं हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह शवदाह गृह चालू होता तो लकड़ी की खपत कम होती और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी सरल होती। वहीं, जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं। नतीजा यह है कि करोड़ों की सरकारी राशि से बना यह प्रोजेक्ट आज बेकार पड़ा है और लोग पारंपरिक तरीके से ही अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं।अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और कब तक यह भवन यूं ही खंडहर बनकर खड़ा रहेगा।
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जालौन के मैनूपुर में जमीन विवाद के चलते परिवार पर हमला और कब्जा

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम मैनूपुर में जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के कई लोगों पर घर में घुसकर हथियार से हमला और मारपीट किए जाने की घटना सामने आई है. पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र जिलाधिकारी जालौन को सौंपा है. छोटे पुत्र अदल के अनुसार 26 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे वह अपने बच्चों के साथ घर पर था. गांव के वीरेन्द्र, शिवकुमार, किशन, सुर्दशनी, रोशनी, संगीता, अंशू समेत कुछ लोग लाठी, डंडा, कुल्हाड़ी आदि हथियार लेकर उनके घर में घुस आए. हमले में छोटे, उसकी पत्नी कमलेश, पुत्र रामभरोसे और बेटियां कंचन व राधा गंभीर रूप से घायल हुईं; रामभरोसे के सिर पर डंडे से वार किया गया, छोटे के सिर पर सरिया और लाठी से हमला किया गया. महिलाओं को भी चोटें आईं. हमलावरों ने धमकी दी कि गांव में नहीं रहने देंगे और जान से मार देंगे. पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल के बाद मौके पर पहुंची और परिवार को बाहर निकाला गया, घायलों को काल्पी और जिला अस्पताल रेफर किया गया. पूरी वजह जमीन के 2 बीघा हिस्से को लेकर बनी जड़ है; पिछले लगभग 10 वर्षों से आरोपी पक्ष जबरन कब्जा कर खेती कर रहा है. पीड़ित ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है. स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है.
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2046 तक टाला मानहानि केस, कोर्ट ने आदेश बदला; अब सुनवाई 15 जुलाई

Noida, Uttar Pradesh:'अहं की लड़ाई' बताकर बॉम्बे HC ने पहले 2046 तक टाला केस, फिर आदेश बदला—अब 15 जुलाई को सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें मानहानि के केस को 2046 तक टाल दिया गया था। 28 अप्रैल को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने इस केस को शिकायतकर्ता के अहं की लड़ाई बताते हुए नाराजगी जताई थी और इसे 20 साल के लिए टाल दिया था। कोर्ट की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि दूसरे पक्ष की ओर से माफी की पेशकश के बावजूद 90 साल की शिकायतकर्ता लंबे समय से चल रहे इस मानहानि केस को खत्म करने के लिए तैयार नहीं थीं। अब सुनवाई 15 जुलाई को 29 अप्रैल को शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट के सामने मामला दोबारा रखते हुए आदेश में संशोधन की मांग की। इस पर कोर्ट ने अपना आदेश बदल दिया और अगली सुनवाई की तारीख 15 जुलाई तय कर दी। कोर्ट के सामने मामला क्या था करीब 90 साल की महिला और उनकी बेटी ने दक्षिण मुंबई की एक हाउसिंग सोसायटी के मैनेजमेंट के कुछ लोगों के खिलाफ लगभग 20 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया था। यह मामला करीब एक दशक से चल रहा था। 20 अप्रैल को हाई कोर्ट ने सुझाव दिया था कि यह केस खत्म किया जा सकता है, अगर दूसरा पक्ष बिना शर्त माफी मांग ले। 90 साल की महिला ने ठुकराई माफी की पेशकश 28 अप्रैल की सुनवाई में मैनेजमेंट कमेटी के लोग माफी मांगने के लिए तैयार थे, लेकिन शिकायतकर्ता महिला केस खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुईं और उन्होंने माफी की पेशकश ठुकर दी। जज ने आदेश में क्या कहा था 28 अप्रैल को जस्टिस जितेंद्र जैन ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह मामला उन मामलों में से है, जहां पक्षकारों के जीवन के अंतिम चरण में उनका आपसी अहंकार अदालत की प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है। इसके कारण कोर्ट उन मामलों की सुनवाई नहीं कर पा रहा है, जो वास्तव में ज्यादा जरूरी हैं। जज ने कहा था कि हाई कोर्ट पहले भी कह चुका है कि यह विवाद बिना शर्त माफी से खत्म हो सकता है, लेकिन करीब 90 साल की शिकायतकर्ता केस आगे बढ़ाने पर अड़ी हुई हैं। पुराने आदेश में कोर्ट का सख्त अंदाज़ जज ने 28 अप्रैल के अपने आदेश में यह भी लिखा कि वे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, सिवाय इसके कि यह मामला अगले 20 साल तक नहीं सुना जाना चाहिए। इसे साल 2046 में लिस्ट किया जाए। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल इस आधार पर कि पक्षकार वरिष्ठ या अति वरिष्ठ नागरिक हैं, इस मामले को कोई प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
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