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Om DwivediOm DwivediFollow26 Nov 2024, 11:07 am
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डांग: एक साल से फरार वांटेड आरोपी नासिक से गिरफ्तार; 1788 शराब की बोतलें जब्त

ડાંગ બ્રેકીંગ સાપુતારા પોલીસે છેલ્લાં એક વર્ષથી વોન્ટેડ આરોપીની મહારાષ્ટ્રના નાસિકમાંથી કરી ધરપકડ, ડાંગ લોકલ ક્રાઈમ બ્રાન્ચ અને સાપુતારા પોલીસની સંયુક્ત કામગીરીમાં વોન્ટેડ આરોપી ઝડપાયો, આરોપી શુભમ દિવાનજી પટેલ (ઉ.વ. 25), નાસિક (મહારાષ્ટ્ર) નો રહેવાસી હોવાનું સામે આવ્યું, સાપુતારા પોલીસ સ્ટેશનમાં નોંધાયેલા પ્રોહિબિશન ગુનામાં છેલ્લાં એક વર્ષથી ફરાર હતો, ટેક્નિકલ સર્વેલન્સ અને હ્યુમન ઇન્ટેલિજન્સના આધારે નાસિકમાંથી ઝડપી પાડવામાં આવ્યો, એક વર્ષ પહેલાં 2025 માં ટ્રક ની નંબર પ્લેટ બદલીને દારૂની હેરાફેરીના ગુનામાં આરોપી વોન્ટેડ હતો, પોલીસે ટ્રકમાંથી 1788 દારૂની બોટલો 4,87 અને કુલ 9.68 લાખથી વધુનો મુદ્દામાલ કબजे કર્યો હતો, સાપુતારા પોલીસા આગળની તપાસ હાથ ધરી છે.
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जामिया ज़ियाउल उलूम पुंछ ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए राहत अभियान शुरू किया

Chikri Ban, पुंछ जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जामिया ज़ियाउल उलूम पुंछ ने राहत अभियान चलाया। संस्था की ओर से सुरनकोट तहसील के दरा सांगला इलाके में बाढ़ और बादल फटने से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता वितरित की गई। जामिया ज़ियाउल उलूम पुंछ ने राहत अभियान चला कर सुरनकोट तहसील के दरा सांगला इलाके में बाढ़ और बादल फटने से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता वितरित की गई। मौलाना सैयद हबीब अहमद की सरपरस्ती में आयोजित इस राहत कार्यक्रम के दौरान प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री, रोज़मर्रा के उपयोग का आवश्यक सामान और अन्य राहत सामग्री दी गई। इसके साथ ही जामिया के राहत कोष से लगभग 50 से 60 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता भी ज़रूरतमंद परिवारों में वितरित की गई। गौरतलब है कि हाल ही में दरा सांगला क्षेत्र में बादल फटने और आई बाढ़ की त्रासदी में करीब पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक मकान पूरी तरह तबाह या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस आपदा के कारण कई परिवार बेघर हो गए और कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं。
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पंजाब के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय कर्मचारियों ने चार मुद्धों पर हड़ताल का ऐलान किया

Samrala, Punjab:ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਡੀ.ਸੀ. ਦਫ਼ਤਰ ਕਰਮਚਾਰੀ ਯੂਨੀਅਨ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਮਨਵਾਉਣ ਲਈ 5, 6 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਹੜਤਾਲ ਤੇ ਅਤੇ 7 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਇਕੱਠ ਕਰ ਰੋਸ਼ ਰੈਲੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ! ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਡੀ.ਸੀ. ਦਫਤਰਾਂ, ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ. ਦਫਤਰਾਂ ਅਤੇ ਤਹਿਸੀਲ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਵਲੋਂ ਕੰਮ ਕਾਰ ਬੰਦ ਕਰ ਅੱਜ ਤੋਂ ਹੜਤਾਲ ਤੇ ਹਨ. ਤਹਿਸੀਲ ਦਫਤਰ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਤਨਖਾਹ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮੁੱਦਿਆਂ, ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਸਕੀਮ ਦੀ ਬਹਾਲੀ, ਏ.ਸੀ.ਪੀ. (ACP) ਸਕੀਮ ਅਤੇ ਮਹਿੰਗਾਈ ਭੱਤੇ (DA) ਦੀਆਂ 18% ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਵਰਗੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਨਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.
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गोरखपुर में घर के बाहर खेलती 2-वर्षीय बच्ची ट्रक से कुचली, ग्रामीणों ने सड़क जाम

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। Date: 05-08-2026 लोकेशन: गोरखपुर। SLUG: गोरखपुर में घर के बाहर खेल रही 2 साल की मासूम को ट्रक ने कुचला,शव रखकर ग्रामीणों ने कर दिया सड़क जाम。 एंकर: गोरखपुर में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां घर के दरवाजे पर खेल रही महज दो साल की मासूम बच्ची को एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर दो घंटे तक जाम लगा दिया। लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया और भारी वाहनों के आवागमन पर स्थायी रोक की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हुआ। गोरखपुर के बैलीपार थाना क्षेत्र के कसिहार-मलाव मार्ग स्थित मलाव गांव में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के सामने खेल रही दो वर्षीय मासूम सृष्टि को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई。 बताया जा रहा है कि मलाव गांव निवासी गौतम मौर्य की दो वर्षीय पुत्री सृष्टि शाम करीब छह बजे अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान मलाव चंदा घाट की ओर से बालू खाली कर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रक मासूम को कुचलते हुए निकल गया। हादसा इतना भीषण था कि बच्ची ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर कुछ दूरी पर ट्रक समेत उसे पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने चालक की पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया。 हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं, पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर कसिहार-मलाव मार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का आरोप था कि टोल टैक्स बचाने के लिए बड़ी संख्या में ट्रक और ट्राले इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उनका कहना था कि कई बार प्रशासन से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और स्थायी बैरियर लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई。 प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक मार्ग पर स्थायी बैरियर नहीं लगाया जाएगा, तब तक बच्ची का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना पर बेलीपार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद उपजिलाधिकारी बांसगांव मलखान सिंह और क्षेत्राधिकारी बांसगांव अनुज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए बैरियर लगाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराई जाएगी。 अधिकारियों के आश्वासन के बाद रात करीब नौ बजे जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया。 फिलहाल पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं。
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कलकत्ता हाई कोर्ट केंद्र से वंदे मातरम पर रुख स्पष्ट करने को कहेगा

Noida, Uttar Pradesh:ईसा मसीह को कृष्ण मानकर मां से सिर झुकाने को कहा: ASG हाई कोर्ट वंदे मातरम पर केंद्र का रुख जानना चाहता है क्या जाति, धर्म या रंग की परवाह किए बिना वंदे मातरम गाना ज़रूरी है? कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्र से हलफनामा मांगा है. सुनवाई 16 सितंबर को फिर होगी. राज्य के मदरसा डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि मदरसों में वंदे मातरम गाना ज़रूरी है. सोशल एक्टिविस्ट सौरभ दत्ता ने जनहित याचिका दायर की है. डिवीजन बेंच ने केंद्र को अपना रुख बताने का आदेश दिया है. कोर्ट ने नोटिफिकेशन पर अभी तक अंतरिम स्टे नहीं दिया है. पिटीशनर के वकील ने कहा, यह कैसे किया जा सकता है? केंद्र ने कहा, यह एप्लीकेशन मंजूरत नहीं है. केंद्र के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा, यह पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन है, पब्लिसिटी वाली लिटिगेशन नहीं. अगर कोई प्रभावित हुआ हो, तो उसकी शिकायत की जा सकती है. अगर कुछ ग्रुप के स्टूडेंट कहते हैं कि उन्हें गाने के लिए कहा गया है, तो क्या आसमान गिर जाएगा? अदालत ने कहा, अंतरिम आदेश देना संभव नहीं है. सेंट्रल एजी ने कहा, पब्लिसिटी वाली लिटिगेशन से देश की सेक्युलर सॉवरिनिटी पर असर पड़ेगा। केंद्र ने नोटिफिकेशन के जरिए सभी स्कूलों और मदरसों में वंदे मातरम गाने का आदेश दिया है, पर इसे गाने के लिए मजबूर करना चर्चा का विषय है. 16 सितंबर को आगे सुनवाई होगी.
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रायसेन के ओबेदुल्लागंज में नाबालिग अपहरण का बड़ा रहस्य: सीसीटीवी फुटेज से खुलेंगे मामले के राज

Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले के ओबेदुल्लागंज में नाबालिग बच्चे के कथित अपहरण से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चा अपने नाना रुझान सिंह के साथ स्कूल जा रहा था। नाना का आरोप है कि भोजपुर क्राइस्ट स्कूल के सामने मोटरसाइकिल सवार कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनकी स्कूटी रोक ली। आरोप है कि बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की, सोने की चेन छीन ली और बच्चे को अपने साथ लेकर फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवार का कहना है कि सुबह लगभग 8 बजे से बच्चा लापता है और अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारम्भिक जांच में कुछ बिंदुओं पर बच्चे के पिता की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बच्ची की मां मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने बेटे को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई है। परिवार ने fir नहीं होने पर रोड जाम करने का प्रयास किया। वही एक सीसीटीवी का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बच्चे के अपहरण की घटना साफ देखी जा रही है। वही सोशल मीडिया पर एक ताजा वीडियो भी दिखा है जिसमें अपहृत बच्चा अपने पिता के साथ दिख रहा है। अब पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्धों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
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पटना के बेऊर जेल में निलंबन: चार कक्षपाल ने बगैर तलाशी एंट्री कराई

Danapur, Bihar:पटना के बेऊर जेल मैं तैनात कर कक्षपाल को जेल प्रशासन के द्वारा निलंबित किया गया है इन चारों कक्षपाल पर आरोप यह लगे गए हैं कि पूर्व जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को बिना तलाशी और बिना इंक्वारी के जेल में प्रवेश कराया और साक्ष्य को मिटाने की कोशिश की 20 जून 2026 को जेल के अंदर पुलिस के द्वारा छापेमारी की गई थी उसे दौरान नीरज कुमार झा जेल सुपरिंटेंडेंट थे और पुलिस ने जेल के अंदर बहुत सी गड़बड़ियां पाई थी उसे मामले में नीरज कुमार झा को निलंबित किया गया था और इन पर विभागीय जांच चलाई जा रही थी उसी कड़ी में नीरज कुमार झा जेल के अंदर आते हैं तो चारों कक्षपाल बिना तलाशी के इन्हे जेल के अंदर प्रवेश कर देते हैं जिसके बाद इसकी जानकारी जेल अधिकारी को मिलती है और वह कक्षपाल को निलंबित करते हुए जेल सुपरिंटेंडेंट से भी सोकोच की जाती है आप यह लगाया गया है कि नीरज कुमार झा के साथ मिलकर उनकी साक्ष्य को मिटाने की यह कक्षपालों द्वारा कोशिश की जा रही थी फिलहाल इस मामले में चारों कक्षपाल को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है
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मुजफ्फरपुर में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की पिटाई वीडियो वायरल

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को लोगों ने पकड़ कर जमकर पिटाई कर दी और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गायघाट थाना क्षेत्र के मैंठी पंचायत के किसी गांव की बताई जा रही है. प्रेमी और प्रेमिका एक ही गांव के बताए जाते हैं और दो दिन पहले प्रेमी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था. पिटाई के दौरान युवक को दौड़ा कर मारी गई. इस मामले में थाने में अभी तक किसी पक्ष ने आवेदन नहीं दिया है. गायघाट पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है; यदि आवेदन दिया गया तो जांच कर कार्रवाई होगी.
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निर्जला उपवास खत्म, देवेंद्र महतो ने जल ग्रहण किया; भूख हड़ताल जारी

Ranchi, Jharkhand:4 दिनों से निर्जला उपवास में बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने अन्न किया ग्रहण सोनम वांगचुक की अपील के बाद देवेंद्र ने ग्रहण किया जल देवेंद्र ने जी न्यूज को कहा धन्यवाद कहा जी न्यूज के नेशनल कवरेज की वजह से उनके आंदोलन पर देश की पड़ी नजर देवेंद्र का बयान,जल ग्रहण किया है लेकिन जारी रहेगी भूख हड़ताल जब तक सरकार मांगे नहीं पूरी करेगी वह नहीं छोड़ेंगे धरना स्थल प्रोटेस्ट कर रहे अन्य छात्रों ने भी ज़ी न्यूज़ का दिया धन्यवाद कहां आपकी वजह से हमारी बातें देशभर में पहुंच रही हैं सरकार को जगाने में आप की भूमिका हैं अहम
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कर्णप्रयाग-नैनीसैण मार्ग तीन दिन बाद भी बंद, आज शाम तक खुलने की उम्मीद

Karnaprayag, Uttarakhand:सोमवार को चट्टान टूट जाने से ध्वस्त हुई कर्णप्रयाग नैनीसैण मोटरमार्ग आज तीसरे दिन अभी तक भी यातायात के लिए सुचारू नही हो पाया। लोकनिर्माण विभाग गौचर के अधिकारीयों द्वारा मार्ग को खोलने के लिए सड़क के दोनों ओर मशीनें लगाई गई है । बताया जा रहा है कि आज शाम तक हल्के वाहनों के लिए मार्ग खुल जायेगा । बीओ 1 / कर्णप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों को कर्णप्रयाग मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली कर्णप्रयाग नैनीसैण मोटरमार्ग तीन दिनों से बंद है । जिससे इस क्षेत्र के लोगो को कई किलोमीटर दूर से चक्कर काटकर कर्णप्रयाग पहुचना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी बीमार लोगो को अस्पताल तक पहचाने में हो रही है। स्थानीय लोगो के साथ साथ कर्णप्रयाग से जो कर्मचारी प्रतिदिन इस क्षेत्र के लिए आना जाना करते है उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । ग्रामीणो का कहना है कि कई किलोमीटर दूर सिमली से उन्हें चक्कर लगाकर कर्णप्रयाग बाजार पहुचना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द से जल्द इस मार्ग को खोला जाय। बाईट / खिलदेव रावत , अध्यक्ष कपीरी विकास संघर्ष समिति बाईट सुनील कुमार, अधिशासी अभियन्ता लोकनिर्माण विभाग गौचर
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राजस्थान बिजली कंपनियों में जूनियर असिस्टेंट भर्ती तीन चरण, JEN और अकाउंटेंट एक परीक्षा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान की पांचों बिजली कंपनियों में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य की डिस्कॉम्स में निकली भर्ती प्रक्रिया में जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-द्वितीय के पदों की चयन प्रक्रिया को अन्य पदों से अलग रखा गया है। राजस्थान सरकार और बिजली कंपनियों ने आवेदन की भारी संख्या को देखते हुए जूनियर असिस्टेंट भर्ती को पूरी तरह 3 चरणों में आयोजित करने का फैसला लिया है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और तेज हो सके। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-द्वितीय पदों के लिए अभ्यर्थियों को 3 स्टेज से गुजरना होगा पहला चरण- प्री परीक्षा (स्क्रीनिंग टेस्ट) यह ऑब्जेक्टिव टाइप स्क्रीनिंग परीक्षा होगी। बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना के कारण पहले सभी अभ्यर्थियों की छंटनी इसी परीक्षा से की जाएगी। दूसरा चरण- मुख्य परीक्षा (Main Exam) प्री परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक श्रेणी में रिक्त पदों के लगभग 10 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। मुख्य परीक्षा का स्तर थोड़ा उच्च होगा और इसमें सिलेबस से जुड़े विषयों की गहन जांच होगी। तीसरा चरण-टाइपिंग टेस्ट मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को कंप्यूटर पर टाइपिंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। टाइपिंग में निर्धारित गति और एक्यूरेसी लाना जरूरी है। इसी के बाद फाइनल मेरिट बनाकर चयन किया जाएगा। JEN और जूनियर अकाउंटेंट की परीक्षा एक ही चरण में वहीं कनिष्ठ अभियंता (JEN) और कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant) के पदों के लिए प्रक्रिया आसान रखी गई है। इन दोनों पदों के अभ्यर्थियों को केवल एक ही लिखित परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा के अंकों के आधार पर सीधे मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इन पदों के लिए कोई प्री या टाइपिंग टेस्ट नहीं होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य-- बिजली कंपनियों के अनुसार, हर भर्ती में लाखों आवेदन आते हैं। ऐसे में चयन प्रक्रिया को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से जूनियर असिस्टेंट जैसी क्लेरिकल पोस्ट के लिए 3-स्टेज सिस्टम लागू किया गया है। इसका मुख्य मकसद है 1. बड़ी संख्या में आवेदनों का प्रभावी प्रबंधन 2. सिर्फ योग्य अभ्यर्थियों को अगले चरण तक पहुंचाना 3. पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना अभ्यर्थियों के लिए जरूरी टिप्स जूनियर असिस्टेंट की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब प्री, मेंस और टाइपिंग तीनों पर बराबर फोकस करना होगा। खासकर टाइपिंग की स्पीड अभी से बढ़ाना शुरू कर दें। वहीं JEN और जूनियर अकाउंटेंट के अभ्यर्थी एक ही परीक्षा पर पूरा फोकस कर सकते हैं। आधिकारिक नोटिफिकेशन और परीक्षा तिथि जल्द ही बिजली कंपनियों की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें।
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कुशीनगर ड्रग वेयर हाउस में बड़ी लापरवाही: एक्सपायर्ड नहीं होने पर दवाओं की मिसयूज का पर्दाफाश

Kushinagar, Uttar Pradesh:कुशीनगर के जनपदीय ड्रग वेयर हाउस में तैनात कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जनपद के सी एच सी एवं पी एच सी सेंटरों में वितरित होने वाली दवाओं के बिना एक्सपायर हुए ही उन्हें डिस्पोजल गोदाम में डाल देने का मामला सामने आया है। कैमरे पर ड्रग हाउस का कर्मचारी ही यह स्वीकार कर रहा है कि लगभग 10 गत्ते के पैकेट में रखी दवाइयां अभी एक्सपायर नहीं हुई है। इनकी एक्सपायरी डेट अगले महीने की है। बिना एक्सपायर हुई दवाइयों का इस तरह मिसयूज होना कहीं न कहीं सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचा रहा है वही यह गरीबों और जरूरतमंदों तक दवा ना पहुंचने का बड़ा प्रमाण साबित हो रहा है। दरअसल कुशीनगर के जनपदीय ड्रग हाउस का निर्माण 9 करोड़ 45 लाख की लागत से बिहार राज्य की सीमा के निकट सेवरही कस्बे में हुआ है। यह स्थान कुशीनगर जिला मुख्यालय से लगभग 45 की दूरी पर स्थित है जिसके कारण किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर यहां नहीं पड़ती है जिसका फायदा यहां तैनात कर्मचारी उठाते हैं। ड्रग वेयर हाउस में तैनात सबसे जिम्मेदार फार्मासिस्ट का चार्ज दो जगह का होने से वह कभी कभी यहां आते हैं उनकी गैर मौजूदगी में ड्रग हाउस का सारा कार्य संविदा पर तैनात अन्य कर्मचारी ही देखते हैं। कुशीनगर में इससे पूर्व किराए के मकान में जनपदीय ड्रग हाउस स्थित था, जहां दो साल पूर्व वहां तैनात फार्मासिस्ट द्वारा लाखों रुपए की दवाइयां रात में जमीन में गड़वाया जा रहा था। जिसकी जानकारी मीडिया में सामने आने के बाद विभागीय जांच भी हुई लेकिन समय बीतने के बाद आरोपी फार्मासिस्ट का तबादला करने के साथ सभी जांच ठंडे बस्ते में चली गयी। कुशीनगर जनपद के अंतिम छोर पर ड्रग वेयर हाउस के निर्माण से निगरानी समय से नहीं हो पाती वही कुशीनगर के अन्य सी एच सी, पी एच सी सेंटरों पर दवा लेने जाने वालों को समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कुशीनगर के दूर दराज के अस्पतालों से इसकी दूरी 100 किलोमीटर से ज्यादा होने से पूरा दिन इसी कार्य में निकल जाता है जिसका खामियाजा अस्पताल पहुंची गरीब जनता को उठाना पड़ता है। वेयर हाउस में चारों तरफ लंबे घास-फूस उगने से सांप और कीड़े मकोड़े का खतरा हैं, जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने से जलजमाव हो जाता है बरसात के दिनों में, जबकि पहली बरसात में यह भवन चुना गया था, जिसका रिपेयर करते का वीडियो वायरल हुआ था। बिजली की समस्या ऐसी है कि वेयर हाउस खुद चोरी से बिजली कनेक्शन चला रहा है, वेयर हाउस में अभी तक जेनेटर की व्यवस्था नहीं हैं, फेयर सेफ्टी के नाम पर एक्सपायर हो चुके फायर शिफ्ट सिलेंडर रखे हुए हैं, अगर आग लग जाए तो फायर सिस्टम ही फेल हैं, पीने वाले टंकी में जब से बिल्डिंग बनी तब से सफाई नहीं हुई है।
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दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026: कैबिनेट में मसौदे पर विचार—कारोबार आसान

New Delhi, Delhi:दिल्ली में कारोबार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम, 'दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ के मसौदे पर कैबिनेट में विचार, दिल्ली सरकार राज्य में उद्योग को आसान बनाने के लिए दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026 पर विचार कर रही है. कारोबारियों को लाइसेंस-इंस्पेक्शन और सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देने का प्रस्ताव रखा गया है मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में ‘दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ के मसौदे पर विचार किया गया। प्रस्तावित कानून का मकसद दिल्ली में कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है। सरकार का लक्ष्य कारोबारियों और निवेशकों का समय सरकारी दफ्तरों के चक्कर में नहीं, बल्कि कारोबार बढ़ाने और रोजगार पैदा करने में लगे। प्रस्तावित बिल Compliance Reduction and Deregulation Initiative Phase-II के तहत तैयार किया गया है। यह जन विश्वास विधेयक, 2023 की भावना के अनुरूप बताया गया है। उपराज्यपाल और दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय (MHA) भेजा जाएगा। *एक पोर्टल पर मिलेगी अधिकांश मंजूरियां* कारोबार से जुड़ी अलग-अलग मंजूरियां, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और NOC के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए एक ही ऑनलाइन पोर्टल पर अधिकांश व्यावसायिक सेवाएं उपलब्ध होंगी। भवन निर्माण स्वीकृति, फैक्टरी लाइसेंस, फायर क्लीयरेंस, पानी-सीवर और बिजली कनेक्शन, RERA रजिस्ट्रेशन और सहकारी समितियों के पंजीकरण जैसी सेवाएं पोर्टल से मिलेंगी। *समय पर फैसला नहीं तो 'डीम्ड अप्रूवल'* तय समय सीमा में सक्षम प्राधिकारी ने आवेदन पर फैसला नहीं लिया तो स्वीकृति/रजिस्ट्रेशन/NOC स्वतः मंजूर माना जाएगा। आवेदक इसे सीधे ऑनलाइन पोर्टल से डाउनलोड कर सकेगा। इससे फाइलों के लंबित रहने और मंजूरियों में देरी को खत्म करने का प्रयास होगा। *कम जोखिम वाले उद्योगों को ‘Self Certification’* कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था प्रस्तावित। अग्नि सुरक्षा, भवन योजना, प्रदूषण संबंधी अनुमति और लो-टेंशन बिजली कनेक्शन जैसी निर्धारित प्रक्रियाएं स्वयं घोषणा के आधार पर पूरी की जा सकेंगी। छोटे और कम जोखिम वाले कारोबार बिना अनावश्यक देरी के शुरू हो सकेंगे। *एक ही जानकारी बार-बार देने से राहत* जिन कारोबारियों का पहले से GST, FSSAI, MSME Act या Labour Codes के तहत पंजीकरण है, उन्हें कुछ मामलों में अलग से ट्रेड लाइसेंस, हेल्थ ट्रेड लाइसेंस, ईटिंग हाउस लाइसेंस या Shops & Establishments रजिस्ट्रेशन लेने की जरूरत नहीं होगी। सरकार के किसी विभाग के पास पहले से उपलब्ध दस्तावेज या जानकारी दोबारा मांगने पर रोक का प्रस्ताव भी रखा गया। *नए पंजीकरण के बाद 3 साल तक ‘No Routine Inspection’* नए पंजीकरण के बाद सामान्य परिस्थितियों में तीन साल तक नियमित निरीक्षण नहीं किया जाएगा।केवल गंभीर प्रकृति की शिकायत मिलने पर निरीक्षण किया जा सकेगा। इससे कारोबारियों को अनावश्यक निरीक्षण से राहत और Trust-Based Governance को बढ़ावा देने का प्रयास। *‘Negative List’ से कारोबारियों को ज्यादा आजादी* प्रस्तावित कानून में Negative List की व्यवस्था होगी।यानी जिन गतिविधियों पर सरकार ने स्पष्ट रूप से प्रतिबंध नहीं लगाया है, उन्हें करने की अनुमति होगी।इससे कारोबारियों के लिए नियामकीय व्यवस्था अधिक स्पष्ट और पूर्वानुमेय बनाने का लक्ष्य। उद्योगों के विस्तार के नियम होंगे आसान* अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों के विस्तार के लिए FAR, Ground Coverage, Setback और Building Height से जुड़े कई प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव। साझा अग्नि सुरक्षा अवसंरचना की जिम्मेदारी व्यक्तिगत इकाइयों की बजाय DSIIDC को देने का प्रस्ताव।इससे उद्योगों के विस्तार की लागत कम करने का प्रयास। ‘Risk-Based Regulation’ पर जोर* किसी उद्यम पर लगाए जाने वाले नियम और शर्तें उसके वास्तविक जोखिम के अनुपात में होंगी।सभी कारोबार पर एक जैसे अनावश्यक अनुपालन थोपने की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव। सभी लाइसेंस और NOC के लिए आवश्यकता पड़ने पर एक समान वैधता अवधि तय की जा सकेगी, जिससे बार-बार अलग-अलग समय पर नवीनीकरण कराने की जरूरत कम होगी। DSIIDC बनेगी नोडल एजेंसी* पूरे सिंगल विंडो सिस्टम की जिम्मेदारी दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) को देने का प्रस्ताव। आवेदन से लेकर अंतिम मंजूरी तक पूरी प्रक्रिया के लिए DSIIDC एकमात्र जवाबदेह नोडल एजेंसी होगी। सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां इसके जरिए समन्वय करेंगी। पेशेवरों के पैनल का विस्तार* सत्यापन और प्रमाणन जैसी सेवाओं के लिए अधिकृत पैनल में शामिल पेशेवरों के साथ-साथ अन्य राज्यों में पैनल पर शामिल पेशेवरों की सेवाएं लेने का प्रस्ताव। इससे मंजूरियों और प्रमाणन में लगने वाला समय कम करने का लक्ष्य。 सरकार और उद्यमों के बीच संबंधों को नियंत्रण और संदेह की पुरानी व्यवस्था से निकालकर भरोसे, सहयोग और सुविधा पर आधारित व्यवस्था में बदलना लक्ष्य है। साथ ही वास्तविक नियम उल्लंघनों के खिलाफ कड़े निवारक प्रावधान जारी रहेंगे। प्रस्तावित कानून से कारोबार की लागत, समय और अनिश्चितता कम करने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर होगा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा.
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