229001
रायबरेली-गौवंशो से लदा कंटेनर 'ग्रामीणों ने पकड़ा'
Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली-गौवंशो से लदा कंटेनर ग्रामीणों ने पकड़ा खड़े कंटेनर में खून टपकने से लोगो को हुआ शक कंटेनर में भरकर जा रहे पशुओं को कस्बे वासियों ने पकड़ा चालक व क्लीनर मौके से हुए फरार लोगों को कंटेनर से खून और गोबर टपकता हुआ दिखा पुलिस के पहुंचने से पहले ही कंटेनर के ड्राइवर व क्लीनर मौके से फरार हुए फरार स्थानीय लोगो ने पुलिसकर्मियों को दी सूचना मौके पर पहुँची पुलिस ने कंटेनर को गौशाला में कराया खड़ा कन्टेनर कि की जा रही है जांच पड़ताल डलमऊ कोतवाली क्षेत्र का है पूरा मामला
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
नवादा में नगर परिषद के डंपिंग साइट से खतरनाक प्रदूषण, सांस रोक रहा धुआँ
Nawada, Bihar:नवादा में नगर परिषद की लापरवाही: जिंदा इंसानों को जहरीला धुआँ देकर मौत के मुंह में धकेल रही नगर परिषद हिसुआ-नवादा मार्ग पर कचरा डंपिंग साइट बनी जानलेवा खतरा बिहार के नवादा जिले में हिसुआ-नवादा मार्ग पर स्थित वाटर पार्क के पास नगर परिषद का कचरा डंपिंग पॉइंट आम लोगों के लिए मौत का कुंआ बन गया है। दिन हो या रात, यहां से लगातार उठता जहरीला धुआँ राहगीरों की सांसें रोक रहा है। गुजरते वक्त घुटन, आंखों में जलन और सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे के पहाड़ में बार-बार आग लगाई जा रही है, जिससे डाइऑक्सिन और अन्य विषैली गैसें निकल रही हैं। रात में अचानक धुआँ देखकर लोग डर जाते हैं, जबकि दिन में भी यही हाल है। नगर परिषद पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे जानबूझकर नवादा वासियों को बीमार बना रहे हैं? क्या जिंदा इंसानों को जहरीला धुआँ देकर मौत के मुंह में धकेलने का खेल चल रहा है? शहर में रोजाना कचरा निकलता है, लेकिन निस्तारण की कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं है। डंपिंग साइट पर न तो कचरा हो रहा है,न ही आग लगने पर तुरंत कार्रवाई। करोड़ों रुपये के सफाई बजट के बावजूद हालात बदतर होते जा रहे हैं। *स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर, प्रशासन पर उठे सवाल* स्थानीय निवासी और राहगीर बताते हैं कि धुआँ से सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। बच्चे, बुजुर्ग और सांस के मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। कई लोग वीडियो बनाकर जिला प्रशासन और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपील कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोग पूछ रहे हैं.डंपिंग पॉइंट की देखभाल कौन करता है? कचरे में आग लगाकर लोगों को परेशान करने का काम नगर परिषद क्यों कर रही है? विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धारणा न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि लंबे समय में कैंसर और श्वसन रोग का कारण भी बन सकता है। नवादा में प्लांट बनाने की बातें चल रही हैं, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति सुधरती नहीं दिख रही। *तुरंत कार्रवाई की मांग, स्थायी समाधान जरूरी* नवादा के लोगों की अपील है कि जिला प्रशासन, नगर परिषद तुरंत संज्ञान लें। डंपिंग साइट पर आग बुझाने, कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक बनाने और आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह जहरीला धुआँ जिंदगियों को निगल सकता है।नगर परिषद को जवाबदेह बनाना होगा। आम लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को अब खोखले दावों से ऊपर उठकर ठोस समाधान देना चाहिए。0
0
Report
शादी समारोह से लौटती महिला को ठोकर, मौत से गांव में हंगामा और जाम
Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर चौक वार्ड 9 निवासी स्वर्गीय बुद्धू पंडित की करीब 54 वर्षीय पत्नी पवित्री देवी की सुबह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर यातायात बाधित कर दिया। बताया जाता है कि पवित्री देवी घर के सामने एक छोटे बच्चे को लेकर खाने-पीने का सामान खरीदने दुकान गई थीं। दुकान से लौटने के दौरान वह सड़क किनारे खड़ी थीं, तभी दलसिंहसराय से सिंघिया घाट की ओर जा रही एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार ठोकर मार दी और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए दलसिंहसराय ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जिस वाहन ने ठोकर मारी, वह किसी शादी समारोह से लौट रहा था और उसमें दूल्हा-दुल्हन सवार थे। स्थानीय लोगों ने वाहन का पीछा भी किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।महिला की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका के चार पुत्र प्रमोद पंडित, अरविंद पंडित, अशोक पंडित एवं आलोक कुमार पंडित हैं। इनमें प्रमोद व अशोक पंडित लुधियाना में रहकर मजदूरी करते हैं। परिजनों ने बताया कि दोनों पुत्रों के आने तक पोस्टमार्टम के बाद शव सुरक्षित रखा गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।0
0
Report
चुनाव वाले दिन भी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं चालू रहेंगी, निर्देश जारी
Kolkata, West Bengal: ভোটের দিনে আর অলিখিত ছুটি নয়। চালু থাকবে সরকারি হাসপাতালে আউটডোর পরিষেবা। নির্দেশিকা জারি স্বাস্থ্য দপ্তরের। আর এই নিয়ে অসন্তোষ হাসপাতালের কর্মীদের মধ্যে। যানবাহন সচল না থাকলে আসবো কি করে ডিউটি করতে, ক্ষোভ প্রকাশ অনেকেরই। সে কারণে ঘটা করে নির্দেশিকা জারি হল আদৌ তা পালন হবে তো ? উঠছে প্রশ্ন!!!0
0
Report
Advertisement
बाराकपुर में उथल-पुथल: डाइमेंड हार्बर ब्लैक स्पॉट, बाहरी गेस्ट हाउस आरोप
Kolkata, West Bengal:Barakpur-e utsaah ko rokh na pa sake; vote peaceful hoga. Diamond Harbour mein sanghshim threat ke baare mein kehna hai ki PR. Mitaly bag par vishvaas nahi; 29 aur 4 tirath par asli dhamaaka. Trinamool par BJP ke bahar ke logon ko shehar ke guest houses mein rakhne ke aarop. Kunal Ghosh ne kaha ki bahar ke logon ki pakad hogi to treatment hoga. Kunal Ghosh ke football khelte waqt pair toota; Dilip Ghosh ke kapde pe mujhe nahi milta. Jang ke baad bhi chuchuray par Annpurna Bhandar ka form distribution par aarop; logon ko adhik mol par forms diye ja rahe.0
0
Report
छत्रपति संभाजीनगर में लगातार दूसरे दिन 43°C तापमान रिकॉर्ड
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगर शहरात सलग दुसऱ्या दिवशी, सोमवारी कमाल तापमान ४३ अंश सेल्सियस नोंदवले. विशेष म्हणजे, दुपारी ११.३० ते सायंकाळी ६ असे सलग साडेसहा तास तापमान ४० अंश सेल्सियसच्या वर नोंदवले गेले. त्याचबरोबर शहरात किमान तापमानाही २८.७ अंश असे उच्चांकी नोंदवण्यात आले. गेल्या तीन वर्षांतील हे सर्वाधिक किमान तापमान आहे. सोमवारी सकाळपासूनच उन्हाची तीव्रता जाणवू लागली होती. सकाळी ११:३० वाजेच्या सुमारास तापमानाने ४० अंशांचा टप्पा ओलांडला. विशेष म्हणजे, हे वाढलेले तापमान संध्याकाळी ६ वाजेपर्यंत, तब्बल साडेसहा तास कायम होते. यादरम्यान दुपारी कमाल तापमानाने ४३ अंश सेल्सियस ही उच्चांकी पातळी गाठली.0
0
Report
खेड राजगुरुनगर में गो-रक्षा अभियान ने भारी समर्थन पाया: 11,824 हस्ताक्षर
Khed, Maharashtra:देशभरात सध्या 'गो सन्मान आव्हान अभियानाची' लाट पाहायला मिळत आहे. याच धर्तीवर खेड राजगुरूनगरमध्ये या अभियानाला नागरिकांनी उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिलाय. गेल्या अनेक दिवसांपासून सुरू असलेल्या स्वाक्षरी मोहImet तब्बल ११,८२४ नागरिकांनी आपल्या सह्या नोंदवून गोवंश रक्षणासाठी पाठिंबा दर्शवला आहे. विशेष म्हणजे, टाळ-मृदंगाच्या गजरात आणि 'जय गोमाता'च्या घोषात हुतात्मा स्मारक ते तहसील कार्यालयापर्यंत भव्य पदयात्रा काढण्यात आली. यावेळी गोभक्तांनी एकत्र येत तहसीलदारांना निवेदन सादर केले आणि संपूर्ण देशात गोहत्या बंदीचा एकच कायदा लागू करावा, अशी आग्रही मागणी केली आहे.0
0
Report
Advertisement
बख्तियारपुर के मानसरोवर पेट्रोल पंप पर नकाबपोश बदमाशों की गोलीबारी, दो घायल
Barh, Bihar:बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के मानसरोवर पेट्रोल पंप से तेल लेकर बाइक से घर लौट रहे दो युवकों को बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाश गोली मार कर फरार हो गए। घायल युवक प्रकाश कुमार वीरपुर और साइना कुमार माधोपुर के रहनेवाले हैं। दोनों को इलाज के लिए बख्तियारपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। एक युवक को कंधे में और दूसरे को पेट में गोली लगी है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखे भी बरामद किए हैं और मामले की छानबीन में जुटे हैं। घटना का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही है। बाइट प्रकाश कुमार घायल युवक बाइट स्थानीय0
0
Report
उज्जैन: चार चाकू के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार, जिला बदर उल्लंघन पर बड़ा एक्शन
Ujjain, Madhya Pradesh:तीन थाना क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई, 4 चाकू बरामद • आदेश का उल्लंघन कर घूम रहे बदमाश पर भी बड़ी कार्रवाई उज्जैन शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक ओर जहां अवैध हथियार रखने वाले आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं जिला बदर के आदेश का उल्लंघन कर क्षेत्र में घूम रहे एक आरोपी को भी पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत थाना चिमनगंज मंडी, माधवनगर और नीलगंगा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 4 आरोपियों को अवैध धारदार चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चिमनगंज मंडी पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए बापूनगर निवासी सचिन मालवीय और भेरू महाराज गली निवासी चेतन कुशवाह को चाकू के साथ पकड़ा। वहीं माधवनगर पुलिस ने घासमंडी क्षेत्र में लोगों में भय फैला रहे अमान खान को गिरफ्तार किया। इसके अलावा नीलगंगा पुलिस ने राजीवरत्न कॉलोनी से आनंदीलाल खत्री को खटकेदार चाकू के साथ दबोचा। इसी दौरान नीलगंगा थाना पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बदर आरोपी मयूर उर्फ मयूरेष व्यास को गिरफ्तार किया। आरोपी नीलगंगा चौराहे के पास घूमता हुआ मिला, जबकि उसे पहले ही जिला दंडाधिकारी द्वारा 6 माह के लिए उज्जैन सहित आसपास के जिलों से निष्कासित किया जा चुका था। पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा और मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियार की सूचना तुरंत पुलिस को दें।0
0
Report
बिहार में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने का अभियान, यातायात सुगम हुआ
Mumbai, Maharashtra:बिहार में सम्राट सरकार का बुलडोजर अतिक्रमण पर चलना शुरू हो गया। जिलाधिकारी भोजपुर तनय सुल्तानिया के निर्देश पर नगर पंचायत बिहिया, आरा अंचल धोबहा, धमार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान में नगर पंचायत, बिहिया के कार्यपालक पदाधिकारी, आरा नगर अंचल के पदाधिकारी के द्वारा किया गया, जिसमें संबंधित विभागों की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया, जिससे आवागमन सुगम बनाने में सहायता मिली। इस दौरान अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आम नागरिकों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे पुनः अतिक्रमण न करें, अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमणमुक्त बनाए रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी निरंतर चलते रहेंगे, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो।0
0
Report
Advertisement
उत्तराखंड में चीड जंगलों के पिरुल से ऊर्जा और रोजगार की नई पहल
Haldwani, Uttarakhand:एंकर- उत्तराखंड में बिट्रिश शासनकाल के दौरान चीड के जंगलों को जो विस्तार दिया गया था उसका उददेश्य व्यापारिक था, अंग्रेज़ सरकार ने चीड वृक्षों का उपयोंग देश में रेलवे लाइनों कों बिछानें में तो किया ही इससे निकलने वाले लीसा का भी खूब दोहन किया, यही चीड वृक्ष आज उत्तराखंड के जंगलों से खेत खलिहानों तक फैल चुका है। जो परमपरागत मिश्रित वनों के साथ ही जैव विविधता के लिये भी खतरनाक साबित हो रहा है। इससे निकलना वाला लीसा और इसकी पत्तियाॅ अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण गर्मी के मौसम में जंगलों की आग को बढानें मे सहायक होती है, लेकिन अब पिरुल का उपयोग फ्यूल सोर्स के रूप में हो रहा है जिसके लिये पिरुल एकत्रिकरण महिला स्वयं सहायता समूह कर रही है, सरकार ने पिरुल एकत्रिकरण की धनराशि 3 रूपये प्रति किलो से बढाकर 10 रूपये प्रति किलो कर दिया है, पिरुल एकत्रिकरण का फायदा : 1: जंगलों में आग लगने की संभावना बेहद कम, क्योंकी पिरुल की पत्तियाॅ अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण गर्मी के मौसम में जंगलों की आग को बढानें मे सहायक 2: पिरुल अब फ्यूल सोर्स में इस्तेमाल 3: पिरुल एकत्रिकरण से आम जनता को रोजगार VO : नैनीताल जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अभी तक कुल 2357 क्विंटल पीरुल इकट्ठा कर लिया गया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पिरुल इकट्ठा करके जंगलों की आग़ रोकने में अपनी कारगर भूमिका निभा रही हैं, विकासखंड ओखलकांडा रामगढ़ धारी बेतालघाट भीमताल तथा कोटाबाग की 76 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा यह पिरुल एकत्रित किया गया है। इससे न सिर्फ जंगलों की आग पर नियंत्रण हो रहा है बल्कि महिलाओं की आजीविका भी सुदृढ़ हो रही है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वन विभाग तथा प्राइवेट संस्थानों को पिरुल उपलब्ध कराकर अपना आय सृजन कर रही हैं। बाइट : चंद्रा फर्त्याल, परियोजना अधिकारी, नैनीताल FVO : बहरहाल चीड़ परमपरागत मिश्रित वनों के साथ ही जैव विविधता के लिये भी खतरनाक साबित हो रहा है। इससे निकलना वाला लीसा और इसकी पत्तियाॅ अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण गर्मी के मौसम में जंगलों की आग को बढानें मे सहायक होती है, यही वजह है की अब उत्तराखंड के लोग चीड को अग्नि वृक्ष की संज्ञा देकर इसके पिरुल को एकत्रित कर फ्यूल सोर्स के रूप में उपयोग किए जाने के कार्य योजना बना रहे हैं, और महिलाएं जंगल से पिरुल एकत्रित कर अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं0
0
Report
माधव नगर थाना प्रभारी के प्रयास से 25 मिनट में बालिका फ्रीगंज में सकुशल बरामद
Ujjain, Madhya Pradesh:माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया की सूझबूझ से फ्रीगंज के वी-मार्ट से मिली बच्ची, परिजनों ने जताया आभार उज्जैन के फ्रीगंज बाजार में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खरीदारी के दौरान 3 वर्षीय बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई। देवासी नगरी निवासी वीरेंद्र सेन अपनी पत्नी के साथ बाजार आए थे, तभी अचानक बच्ची लापता हो गई। घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी。 सूचना मिलते ही उज्जैन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और बाजार क्षेत्र में लगातार सर्चिंग की गई। थाना प्रभारी पचोरिया की सक्रियता और टीम के समन्वित प्रयासों का नतीजा रहा कि महज 25 मिनट के भीतर बालिका को फ्रीगंज स्थित वी-मार्ट शोरूम से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और उज्जैन पुलिस, खासकर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया का आभार जताया। उज्जैन पुलिस की यह तत्परता एक बार फिर दर्शाती है कि शहर में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपात स्थिति में पुलिस हर वक्त मदद के लिए तैयार रहती है।0
0
Report
कैमूर जंगल में 44 कृत्रिम वॉटर होल से प्यास बुझाने की अनूठी पहल
Khajuria Khurd, Bihar:मुकुल जायसवाल स्लग - वन्यजीवों के लिए कैमूर वन विभाग की अनूठी पहल भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए जंगल के भीतर बनाए गए 44 वॉटर होल, टैंकरों से नियमित रूप से हो रही रिफिलिंग。 वियो - भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी की किल्लत न हो, इसके लिए कैमूर वन विभाग ने कमर कस ली है। कैमूर के डीएफओ संजीव रंजन ने अपने कार्यालय में जानकारी देते हुए बताया कि जंगल के विभिन्न क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे वन क्षेत्र, विशेषकर अधौरा पूर्वी, अधौरा पश्चिमी और पहाड़ी इलाकों में लगभग 44 कृत्रिम वॉटर होल यानी जल स्रोत बनाए गए हैं। इन वॉटर होल्स में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर सात से आठ दिनों में टैंकरों के माध्यम से नियमित रिफिलिंग की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जंगल के भीतर रहने वाले जानवरों को पानी के लिए भटकना न पड़े और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके। डीएफओ ने बताया कि इस पहाड़ी और वन क्षेत्र में तेंदुआ, भालू, सियार, हिरण और सांभर जैसी महत्वपूर्ण वन्यजीव प्रजातियाँ निवास करती हैं। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसके साथ ही, उन्होंने पशुपालकों से एक विशेष अपील भी की है। संजीव रंजन ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में ग्रामीण अपने पालतू जानवरों को जंगल में खुला न छोड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा की गई पानी की व्यवस्था मुख्य रूप से जंगली जानवरों के लिए है। पशुपालक अपने जानवरों को घरों के भीतर रखें और वहीं उनके चारे-पानी का प्रबंध करें, ताकि जंगली जानवरों और पालतू पशुओं के बीच किसी भी संभावित टकराव को टाला जा सके। बाइट - संजीव रंजन - डीएफओ, कैमूर0
0
Report
Advertisement
नेरो पंचायत में डीसी आदित्य रंजन ने जल संरक्षण और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के नेरो पंचायत में डीसी आदित्य रंजन ने जल संरक्षण और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी0
0
Report
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में सुरक्षा सेंध, तीन पर्यटक बिना अनुमति कोर क्षेत्र में प्रवेश
Umaria, Madhya Pradesh:उमरिया के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा को लेकर बड़ी सेंधमारी सामने आई है। सोमवार की शाम इनोवा कार MP 04 BC में सवार तीन पर्यटक टाइगर रिजर्व के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ताला गेट से बिना अनुमति के बीट गॉर्ड की मौजूदगी में प्रवेश कर गए, जबकि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पर्यटक ज़िपसी (zipsy) के अलावा कोई अन्य वाहन की अनुमति नहीं है। इनोवा वाहन जैसे ही पार्क के कोर क्षेत्र में भ्रमण करने लगा वैसे ही वहां पहले से मौजूद पर्यटक जिपसी वाले हैरान हो गए और प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद इनोवा वाहन को बाहर निकला गया। पार्क प्रबंधन ने ताला गेट के प्रभारी वन रक्षक को निलंबित कर दिया है और घटना की जाँच की जा रही है。0
0
Report
दीप्ति रावत का कांग्रेस पर तीखा हमला: नारी शक्ति और आरक्षण पर उबाल
Jaspur, Uttarakhand: भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने किया कांग्रेस पर हमला काशीपुर में आज जिला प्रशिक्षण वर्ग की कार्य योजना बैठक में शिरकत करने पहुंची भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने विपक्ष की दोहरी राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों और नियत पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि विपक्षी दलों का असली चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। उन्होंने अत्यंत कड़े शब्दों में इस बात की निंदा की कि जो दल सार्वजनिक मंचों से महिला हितैषी होने का ढोंग करते हैं, उन्होंने ही असलियत में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने वाले कानून की राह में रोड़े अटकाए हैं। दीप्ति रावत के अनुसार, कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है, जो केवल चुनावों के वक्त आधी आबादी को लुभाने के लिए खोखले वादे करती है लेकिन जब धरातल पर अधिकार देने की बारी आती है, तो उनके कदम डगमगाने लगते हैं। बीओ : आपको बता दे कि भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति के उत्थान के लिए मोदी जी और पूरी सरकार ने जो संकल्प लिया था, उसे इस अधिनियम के माध्यम से सिद्ध किया गया है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि विपक्षी दल महिलाओं के संसद पहुंचने के सपने को खंडित करने की साजिश रचते रहे हैं। दीप्ति रावत ने तर्क दिया कि पंचायत स्तर से चुनकर आने वाली जमीनी महिलाओं के पास यह एक स्वर्णिम अवसर था कि वे देश की सबसे बड़ी पंचायत का हिस्सा बनें, लेकिन कांग्रेस जैसी परिवारवादी और वंशवाद पर आधारित पार्टियों ने हमेशा यही चाहा है कि शक्ति का केंद्र केवल उनके अपने परिवार की महिलाओं तक ही सीमित रहे। उनका सीधा आरोप था कि ये ‘डायनेस्टी पार्टियां’ नहीं चाहती कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाली महिला कभी हाउस में बैठकर नीति निर्धारण या महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों में अपनी सक्रिय हिस्सेदारी सुनिश्चित कर सके। विपक्ष पर तीखे वार जारी रखते हुए भाजपा महामंत्री ने वर्ष 2023 के घटनाक्रमों की याद दिलाई और कहा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम सदन पटल पर लाया गया था, तब इन्हीं विपक्षी दलों ने अपनी साख बचाने के लिए ऊपरी तौर पर इसका समर्थन किया था। उन्होंने इसे ‘हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और’ वाली कहावत से जोड़ते हुए समझाया कि बिल पारित होने के समय यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित था कि जनगणना और परिसीमन के बाद ही आरक्षण को विधिवत रूप से लागू किया जाएगा। रावत ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस को इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति थी, तो उन्होंने उसी वक्त अपना विरोध दर्ज क्यों नहीं कराया। आज जब सरकार वास्तव में परिसीमन की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने और संशोधनों के माध्यम से इसे धरातल पर क्रियान्वित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो कांग्रेस के नेता अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। राजनीतिक विमर्श को आगे बढ़ाते हुए दीप्ति रावत ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया और उन्हें सलाह दी कि उत्तराखंड की विधानसभा में सीटों के आरक्षण की बात करने से पहले वे अपने नेता राहुल गांधी और गांधी परिवार से विमर्श करके आएं। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि क्या उनके शीर्ष नेतृत्व ने इस मुद्दे पर जो विरोध दर्ज किया था, उसे स्थानीय नेता भूल गए हैं? अंकिता बेटी के संवेदनशील मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को राजनीतिक रंग देना गलत है। सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है, आरोपी जेल में हैं और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली है। मुख्यमंत्री ने परिजनों की मांग पर हर संभव कदम उठाए हैं। दीप्ति रावत ने अंत में यह विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा की विकासवादी राजनीति और मोदी द्वारा महिलाओं को दिए गए संवैधानिक सम्मान के कारण आज देश की मातृशक्ति खुद को सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस कर रही है।0
0
Report
Advertisement
