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Raebareilly- सड़क के किनारे युवक का शव मिलने से सनसनी
Raebareli, Uttar Pradesh:बछरावां थाना क्षेत्र के खैरानी गांव के पास सड़क के किनारे अज्ञात युवक का खून से लतपथ शव मिलने से सनसनी फेल गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना, सूचना पर पहुचीं पुलिस ने शव को लिया कब्जे में , प्रथम दृष्ट्या में अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत की आशंका जताई जा रही है।
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रोहतास के दावथ में बाइक दुर्घटना, जितेंद्र कुमार की मौत
Sasaram, Bihar:रोहतास जिला के दावथ से है। दावथ थाना क्षेत्र के अहीर चौरी गांव में एक बाइक दुर्घटना में एक 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वह क्वाथ बाजार से बाइक से लौट रहे थे, अहीर चौरी के पास एक कार ने उसे चकमा दे दिया, जिसके बाद जितेंद्र कुमार की बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई। गहरा चोट आने से जितेंद्र कुमार की मौत हो गई। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह राजस्थान में मजदूरी करता था। पिछले दिनों अपने गांव आया हुआ था और इसी बीच हादसे का शिकार हो गया। सूचना पर दावथ थाना की पुलिस ने जितेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल लाया है।0
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असनावर में 34-वर्षीय बजरंग भील ने देर रात फांसी लगाकर दी जान
Jhalawar, Rajasthan:असनावर (झालावाड़) में देर रात 34 वर्षीय बजरंग भील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है. असनावर पुलिस ने बताया कि राता देवी मार्ग निवासी बजरंग ने अपने घर के बाहर आंगन में एक एंगल से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या की. परिजनों के अनुसार घटना से पहले बजरंग गांव में ही एक शादी समारोह से खाना खाकर घर लौटा था. घर आते ही उसने अपनी पत्नी और बच्चों को घर के एक कमरे में बंद कर दिया और फिर फांसी लगा ली. पत्नी ने जब उसे एंगल से लटकते हुए देखा तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी. पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बजरंग को फंदे से उतारा और उपचार के लिए असनावर अस्पताल ले गए. वहां से उसे एसआरजी हॉस्पिटल रिफर कर दिया गया. एसआरजी हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बजरंग को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया और असनावर थाना पुलिस को सूचना दी. असनावर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया. आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।0
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लाठी में मृत बंदर का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार, अनूठी मिसाल
Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - लाठी बंदर को नम आंखों से लोगों ने दी विदाई, हिंदू रीति रिवाज से किया गया अंतिम संस्कार पेश की अनूठी मिसाल मनोरंजन से जुड़ा शब्दावली वाला नहीं, यह खबर है कि लाठी कस्बे के ग्रामीणों द्वारा एक मृत वानर (बंदर) का हिंदू रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया. दरअसल, सनातन धर्म में बंदर को बजरंगबली का रूप माना गया है और इसी के चलते रहवासियों ने अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हुए विधि विधान से बंदर का अंतिम संस्कार किया। यह मामला लाठी कस्बे का है जहां शुक्रवार को एक कार ने बंदर को अपनी चपेट में ले लिया था। घायल बंदर ने उपचार के अभाव में शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया। शनिवार सुबह बंदर की मौत होने की सूचना पर वन्य जीव संरक्षण ग्रुप के संचालक विक्रम दर्जी सहित उनकी टीम ने बंदर के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया. सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद दर्जी ने बताया कि मृत बंदर का बकायदा हिंदू धर्म के रीति रिवाज के साथ बंदर की अर्थी सजाकर शव यात्रा निकाली. उसके बाद बंदर की समाधि लगाने का फैसला किया। जिस पर बंदर को स्नान कराकर लाल कपड़ा डाला गया. लोगोंने गुलाब की फूल माला पहनाकर नम आंखों से शव यात्रा निकाल कर जगदम्बा माता मंदिर के पास समाधि के लिए ले जाया गया.यहा करीब 20 फिट का गट्ठा खोदकर शव को गढ़े के अंदर रखकर गुलाब का छिड़काव करने के साथ ही नमक डालकर समाधि दी। पेश की अनूठी मिसाल सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश देवड़ा ने लोगों से अपील भी की कि इस तरह से जानवरों के लिए सभी लोग आगे आए ताकि उनका विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जा सके. आपको बता दें पिछले कोरोना महामारी के समय में एक ओर जहां मनुष्य-मनुष्य को छूने से डरता था और अपने परिवार के सदस्य का अंतिम संस्कार तो दूर उन्हें छूने में परहेज करते देखा गया. वहीं ऐसे समय में वन्यजीव संरक्षण ग्रुप द्वारा एक बंदर का विधि विधान से अंतिम संस्कार कर एक अनूठी मिसाल पेश की गई है। सरकारी सिस्टम पर जताया आक्रोश वन्यजीव संरक्षण ग्रुप के संचालक विक्रम दर्जी ने बताया कि बंदर के घायल होने के बाद उपचार व रेस्क्यू करने को लेकर लाठी वन-विभाग, पंचायती विभाग, नगरपालिका पोकरण, नगर परिषद जैसलमेर से संपर्क किया तो सबने बहानेबाजी करते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद शुक्रवार देर रात बंदर ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष है और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।0
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नीट लीक-रद्दी से दुखी छात्रों की आत्महत्या, आप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा
Delhi, Delhi:नीट एग्जाम लिक और कैंसिल होने से परेशान छात्र की खुदकुशी मामले में परिवार से मिलने के लिए पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव झा. परिवार से की मुलाकात और इस मौत के लिए केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार.आम आदमी पार्टी का कहना लगातार पेपर लीक होने की खबरों से मायूस हो चुका है देश का युवा.आम आदमी पार्टी ने की मांग देश के शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द दे देना चाहिए इस्तीफा. देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने का खामियाजा अब देश के युवाओं को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। नीट परीक्षा लीक और उसके कैंसिल होने से परेशान एक और छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाने आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव झा उनके घर पहुंचे। दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं.आम आदमी पार्टी ने इस दर्दनाक मौत के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नाकामियों को जिम्मेदार ठहराया है। नेताओं का कहना है कि लगातार आ रही पेपर लीक की खबरों ने देश के होनहार युवाओं को पूरी तरह मायूस और हताश कर दिया है। युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब रहा है और सरकार सोई हुई है। AAP नेताओं ने सरकार की इस विफलता पर कड़ा आक्रोश जताते हुए मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है, उन्हें नैतिकता के आधार पर जल्द से जल्द इस्तीफा दे देना चाहिए. बाइट -- सौरव भारद्वाज , प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी दिल्ली बाइट -- संजीव झा , प्रवक्ता आम आदमी पार्टी0
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सिरोही में प्रतिमा खंडित: राजपुरोहित समाज ने तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की
Sirohi, Rajasthan:सिरोही के बाबा रामदेव चौराहे पर ब्रह्म समाज के शिक्षा सारथी परम पूज्य संत आत्मानंदजी एवं गुरु गोरक्षनाथ भगवानजी की प्रतिमा खंडित किए जाने का मामला सामने आने के बाद समाज में गहरा आक्रोश है। घटना को लेकर राजपुरोहित समाज के बंधुओं ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समाज बंधुओं ने कहा कि संतों की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना अत्यंत निंदनीय कृत्य है और इससे समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस संबंध में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रमुख अर्जुन राजपुरोहित से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने नई प्रतिमा स्थापित करवाने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रमुख अर्जुन राजपुरोहित ने जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई करने, नई प्रतिमा स्थापित करवाने और स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की。0
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वट सावित्री व्रत पर खैरागढ़ सहित प्रदेश में श्रद्धा और परंपरा का उत्साह
Khairgarh, Uttar Pradesh:आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे प्रदेश में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में खैरागढ़ जिला के ग्रामीण इलाकों से भी भक्ति और परंपरा से जुड़ी सुंदर तस्वीरें सामने आईं, जहां सुहागिन महिलाओं ने सुबह से निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। गांवों में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर बट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं। पूजा सामग्री, फल, फूल, रोली, अक्षत और धागे के साथ महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा की और अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ग्रामीण महिलाओं ने कथा श्रवण किया और माता सावित्री और सत्यवान की कथा को याद करते हुए अपने परिवार के मंगल की कामना की। खैरागढ़ जिले के कई गांवों में सुबह से मंदिरों और बट वृक्षों के आसपास धार्मिक माहौल देखने को मिला। पूजा के बाद महिलाओं ने दान-पुण्य कर व्रत का समापन किया। आस्था, परंपरा और परिवार के प्रति समर्पण का यह पर्व गांवों में खास उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।0
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गुलाम मोहुद्दीन मीर ने जम्मू-कश्मीर में शराब दुकानों पर रोक का समर्थन किया
Aram Pora, Ganderbal, Pulwama, May 16: Ghulam Mohudin Mir expressed support for a ban on liquor shops in Jammu and Kashmir while criticising the PDP over the issue. Speaking to reporters, Mir said the PDP only talks about banning liquor shops, alleging that it was during the PDP-led government that the maximum number of liquor licences were issued in Jammu and Kashmir. He said that he also supports a ban on liquor shops in the Union Territory and stressed that the issue should not be politicised.0
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बंदिपोरा डिप्टी कमिश्नर ने नंद किशोर मंदिर में सामुदायिक सौहार्द का संदेश दिया
DC Bandipora Visits Nand Kishore Temple, Praises Communal Harmony Deputy Commissioner Bandipora Indu Kanwal Chib, on Saturday visited the historic Nand Kishore Temple in Sumbal and participated in the annual Sumbli Mawas celebrations, joining hundreds of displaced Kashmiri Pandits who returned to the Valley for the three-day religious festival. The Deputy Commissioner took part in special prayers and interacted with devotees who had arrived from different parts of the country to mark the birth anniversary of Nand Kishore. Officials said the visit was aimed at reviewing arrangements and facilitating devotees attending the annual gathering. Hundreds of Kashmiri Pandit families, many displaced during the militancy years, visited the temple to offer prayers and reconnect with their ancestral homeland. The festival witnessed emotional reunions as families met old neighbours and revisited native villages after decades. “We are happy to return to our motherland after so many years. Our Muslim neighbours protected and cared for this temple in our absence and we will always remain thankful to them,” said Sunil Kaul, a devotee attending the festival. The Deputy Commissioner appreciated the participation of local residents in the celebrations and said the involvement of the Muslim community reflected Kashmir’s shared traditions and communal harmony. “It is heartening to see the local community actively taking part in the event and welcoming the visiting families. Such gatherings strengthen bonds between communities and preserve our collective heritage,” the Deputy Commissioner said. Senior civil and police officials also accompanied the district administration team during the visit. The annual Sumbli Mawas festival is considered one of the significant religious gatherings for the displaced Kashmiri Pandit community in north Kashmir and draws devotees back to Sumbal every year for prayers, community interaction and remembrance of shared traditions.0
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Militancy से विस्थापित कश्मीरी पंडित सुम्बल मंदिर में फिर से घर लौटे
Displaced by Militancy, Reunited by Faith at Sumbal Temple, Hundreds of Kashmiri Pandit Families return home Hundreds of displaced Kashmiri Pandits on Saturday visited the historic Nand Kishore Temple in Sumbal to participate in the annual three-day Sumbli Mawas festival, marking an emotional return to their homeland after nearly 37 years of displacement caused by militancy in Kashmir. The festival, celebrated every year on the birth anniversary of Nand Kishore, witnessed devotees arriving from different parts of India to offer prayers, reconnect with their ancestral roots and meet old friends and neighbours. Many displaced families return to the Valley during the annual celebrations, turning the temple premises into a scene of reunion, nostalgia and spiritual devotion. “We are happy to return to our motherland after so many years. Our Muslim neighbours protected and cared for this temple in our absence and we will always remain thankful to them,” said Sunil Kaul, a visiting devotee, while meeting local residents near the shrine. Local residents in Sumbal joined the celebrations and assisted in organising community meals and religious rituals. “Pandits are part of our family. Without them these celebrations feel incomplete. We wait for this festival every year because it reconnects us with our old neighbours and shared traditions,” said Jhanger, a local resident who helped organise arrangements for the gathering. Community members said the festival has become a symbol of hope, reconciliation and Kashmir’s centuries-old communal harmony, with many visitors emotionally revisiting their ancestral homes and childhood memories during the three-day event. Pertinent to mention, thousands of Kashmiri Pandit families left the valley after several people were killed by the militants.0
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ग्राम रथ अभियान से विलुप्त कठपुतली कला फिर जीवंत, वागड़ी बोली में योजनाओं की जानकारी
Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर हेडलाइन- ग्राम रथ अभियान में नवाचार: लुप्त होती कठपुतली कला हुई जीवंत, स्थानीय वागड़ी बोली में दी जा रही योजनाओं की जानकारी एंकर इंट्रो- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के 'गांव के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा वंचितों को लाभान्वित करने' के संकल्प को ग्राम रथ अभियान में नवाचार करते हुए डूंगरपुर जिला प्रशासन ने एक अनोखे और पारंपरिक अंदाज में धरातल पर उतारा है। इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में लुप्त होती पारंपरिक कठपुतली कला के माध्यम से स्थानीय वागड़ी बोली में सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अनूठे प्रयास से जहां एक ओर सरकारी योजनाएं सीधे ग्रामीणों के दिलों तक पहुंच रही हैं, वहीं दूसरी ओर दम तोड़ती कठपुतली कला को भी नया जीवन मिला है। बॉडी- राज्य सरकार के निर्देश पर 'गांव के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए ग्राम रथ अभियान चलाया जा रहा है | डूंगरपुर जिले के गांव-गांव में पहुंच रहा यह 'ग्राम रथ अभियान' इन दिनों ग्रामीणों के लिए भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिला प्रशासन, ग्रामीण पंचायती राज विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में चलाए जा रहे 'ग्रामीण रथ अभियान' में एक बेहतरीन नवाचार किया गया है। जिसके तहत कला जत्था के कलाकारों द्वारा कठपुतलियों के माध्यम से बेहद मनोरंजक और ज्ञानवर्धक तरीके से योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अमूमन मनोरंजन के साधनों का अभाव रहता है, वहां यह रथ खुशियां और जागरूकता दोनों साथ लेकर आ रहा है। रथ पर लगी आधुनिक एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-विजुअल) रूप में योजनाओं की जानकारी तो दी ही जा रही है, लेकिन असली समां कठपुतली का खेल बांध रहा है। जिला प्रशासन सूचना और जनसंपर्क विभाग डूंगरपुर के द्वारा जनप्रतिनिधियों की मांग पर नवाचार करते हुए डूंगरपुर योजनाओं की वागड़ी में जानकारी की वीडियो तैयार करवा कर तथा विभिन्न योजनाओं में जिले में लाभान्वित हुए लोगों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी को भी रथ के माध्यम से दिखाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की पहुंच बन सकें। वागड़ी बोली में 'पति-पत्नी की नोंक-झोंक' बनी आकर्षण ग्राम रथ अभियान में कठपुतली शो के दौरान स्थानीय वागड़ी बोली में तैयार किए गए संवाद ग्रामीणों को गहराई से जोड़ रहे हैं। खेल में दिखाए जाने वाले प्रसंग जैसे:पति-पत्नी की खट्टी-मीठी नोंक-झोंक, शिक्षित ग्रामीण द्वारा दूसरों को समझाना, पढ़ने वाले बच्चों द्वारा माता-पिता को प्रेरित करना कि गांव में 'रथ' आया है, इसे देखने जरूर चलें क्योंकि इससे हमें बड़ा लाभ होने वाला है। ये सभी दृश्य न केवल ग्रामीणों का मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि उन्हें शिक्षा और जागरूकता का महत्व भी समझा रहे हैं। कृषि योजनाओं पर विशेष फोकस, जुड़ाव महसूस कर रहे ग्रामीण स्थानीय बोली 'वागड़ी' में संवाद होने के कारण आम ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम से खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं। विशेषकर कृषि विभाग की कल्याणकारी योजनाओं को इतनी सरलता से समझाया जा रहा है कि किसान इसे आसानी से आत्मसात कर रहे हैं। बाईट-1 भंवर दास वैष्णव प्रभारी बहुमुखी सांस्कृतिक दल बाईट-2 देशल दान कलेक्टर डूंगरपुर ग्राम रथ अभियान को सफल बनाने के लिए डूंगरपुर जिला प्रशासन का यह नवाचार न केवल सूचनाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है, बल्कि विलुप्त हो रही लोक कला को संजोने और ग्राम रथ अभियान के मूल उद्देश्य को सफल बनाने में पूरी तरह सार्थक सिद्ध हो रहा है। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर0
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राजस्थान में सेक्स सॉर्टेड सीमन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी तेज
Jaipur, Rajasthan:जयपुर, राजस्थान में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान (आईवीएफ) के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। राज्य में सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान पर जोर है। 6 लाख से अधिक डोज की सप्लाई की गई है और 85% मादा बछड़ों के पैदा होने की संभावना है। पशु चिकित्सा संस्थाओं को सेक्स सॉर्टेड सीमन के प्रयोग के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर के बस्सी से 6.29 लाख सीमन डोज जारी किए गए; अब तक 2.31 लाख डोज उपयोग में लाए जा चुके हैं; इन डोज़ से लगभग 31 हजार कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं; अगस्त तक 5 लाख कृत्रिम गर्भाधान होंगे। राज्य के सभी जिलों में सीमन डिपो स्थापित किए जा रहे हैं। मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि हर संस्थान रोज कम से कम एक गर्भाधान करे, अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।0
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सोपोर में JeI से जुड़े कथित संदिग्धों पर UAPA के तहत 15 जगहों पर तलाशी
Chaka, सोपोर पुलिस ने 15 से ज़्यादा जगहों पर तलाशी ली, जिसमें उन लोगों और उनके साथियों को निशाना बनाया गया, जिनका कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) से संबंध है। संबंधित UAPA मामला आतंक/अलगाववादी तंत्र और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार हो रही कार्रवाई के तहत, सोपोर पुलिस ने आज पुलिस ज़िला सोपोर में कई जगहों पर तलाशी ली। यह तलाशी प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) के खिलाफ़ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने आगे बताया, "यह तलाशी सोपोर पुलिस स्टेशन में यूएपीए अधिनियम की धारा 10 और 13 के तहत दर्ज FIR संख्या 42/2025 के सिलसिले में की गई थी।" सोपोर के पुलिस प्रमुख इफ्तिखार तालिब ने कहा, "सोपोर के जामिया क़दीम, नसीम बाग, क्रांकशिवन, तारज़ू, अमरगढ़, वारपोरा, बोमाई, बोइटिंगू और अन्य इलाकों सहित 15 से ज़्यादा जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए गए।" "यह तलाशी यूएपीए की विशेष अदालत से उचित तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद की गई थी, और इसे कार्यपालक मजिस्ट्रेटों तथा स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उचित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया गया।" उन्होंने आगे कहा: तलाशी के दौरान, ज़ब्त किए गए सामान में "आपत्तिजनक सामग्री" शामिल है—जैसे कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा साहित्य, दस्तावेज़ और डिजिटल उपकरण—जिन्हें आगे की जांच और परीक्षण के लिए ज़ब्त कर हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा。 जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनकी पहचान प्रतिबंधित सामाजिक-धार्मिक समूह 'जमात-ए-इस्लामी' (JeI) के सक्रिय सदस्यों, कैडरों और स्थानीय सहयोगियों के रूप में हुई है। उन्हें उत्तरी कश्मीर में सक्रिय "अलगाववादी तत्वों" और "आतंक-अलगाववादी नेटवर्क के सहयोगियों" के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। इन व्यक्तियों के खिलाफ कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने, गैर-कानूनी समूहों को फंडिंग या लॉजिस्टिक्स (साजो-सामान) मुहैया कराने, और ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने में कथित संलिप्तता को लेकर जांच चल रही है, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा पैदा होता है。 आज जिन व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनके विशिष्ट नामों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस या स्थानीय अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है। आतंकवाद-विरोधी और सुरक्षा अभियानों के दौरान अपनाए जाने वाले मानक प्रोटोकॉल के अनुसार, संदिग्धों की पहचान तब तक गोपनीय रखी जाती है, जब तक जांचकर्ता ज़ब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, साहित्य और दस्तावेजों का विश्लेषण पूरा नहीं कर लेते। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।0
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नहरबंदी से मछलियाँ मरीं, बदबू और पानी चोरी के आरोप से इलाके में हाहाकार
Sri Ganganagar, Rajasthan:नहरबंदी के बाद आमजन को जहाँ एक ओर पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है वही दूसरी ओर इसका खामियाजा नहर में रहने वाले जीव-जंतुओं को भी उठाना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला रावला मंडी में रावला हेड का सामने आया है। नहरबंदी के बाद रावला हेड पर पानी की कमी के कारण सैकड़ो की संख्या में मछलियों के साथ-साथ अन्य पानी में रहने वाले जीव जंतुओं की मौत हो गई है। नहर में मछलियां मर जाने के कारण आसपास बदबू फैल गई है जिससे वहां रहने वाले ग्रामीण काफी परेशान है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नहरबंदी के बाद नहर में तीन से चार फीट पानी होता है मगर पानी के टैंकरों से पानी चोरी किया जाता है जिस कारण से नहर से पानी कम हो गया। जिस कारण से मछलियों के साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं की मौत हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की टैंकरों से पानी चोरी करने के मामलों पर रोक लगाई जाए। अब नहर में सड़ रही मछलियों से उठ रही दुर्गंध ने पूरे इलाके का वातावरण दूषित कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदबू के कारण बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर हेड के पास शनिदेव का मंदिर भी है। शनि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रावला हेड के पास रहने वाले जसवीर सिंह ने बताया कि पिछले करीब 45 दिनों की नहर बंदी के दौरान हर वर्ष हेड पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा रहता था, जिससे मछलियां और अन्य जीव-जंतु जीवित रह पाते थे। लेकिन इस बार टैंकर संचालकों द्वारा लगातार पानी उठाने के कारण हेड पर एक फीट पानी भी नहीं छोड़ा गया। भीषण गर्मी और कम पानी के चलते पानी का तापमान बढ़ गया और ऑक्सीजन की कमी से लाखों मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ईंट भट्ठा संचालक और ग्राम पंचायत प्रशासन के द्वारा पानी के टैंकरों से पानी चोरी किया जाता है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से हेड पर पर्याप्त पानी छोड़े जाने नहर क्षेत्र से टैंकरों द्वारा अनियंत्रित पानी उठाने पर सख्त पाबंदी लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। रावला मंडी के प्रशासक दिनेश सोनी ने बताया कि नहर की सफाई का कार्य शुरू करवा दिया गया है। नहर में पानी आने से पहले नहर को पूरी तरह से साफ करने का प्रयास किया जा रहा है।0
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बिरला स्कूल्स के सीबीएसई रिजल्ट: 100 में 100 अंक, एआई शिक्षा पर जोर
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं बीईटी की स्कूल्स का सीबीएसई रिजल्ट फिर रहा शानदार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हासिल किए 100 में 100 अंक शानदार रिजल्ट पर बीईटी निदेशक एसएस नायर की प्रेस वार्ता नायर बोले— हर बार हमारी स्कूल खुद के बनाए रिकॉर्ड तोड़ रही उप निदेशक अजय अग्रवाल ने भी कहा बिरला स्कूल्स की स्कूलिंग में कोचिंग की जरूरत नहीं — अजय अग्रवाल नए सत्र से एआई एजुकेशन पर रहेगा विशेष फोकस नामचीन कंपनियों के साथ इंटरनेशनल लेवल की एआई स्टडी की तैयारी शुरू झुंझुनूं जिले के पिलानी स्थित बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित स्कूलों का सीबीएसई परीक्षा परिणाम इस बार भी शानदार रहा। ट्रस्ट से जुड़ी स्कूलों ने गत वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर स्कूल और अभिभावकों का नाम रोशन किया। परीक्षा परिणाम को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के निदेशक मेजर जनरल एसएस नायर, उप निदेशक प्रशासन एवं विधि अजय अग्रवाल तथा उप निदेशक वित्त डॉ. घनश्याम सिंह गौड़ मौजूद रहे। इस दौरान पिलानी की चारों स्कूलों के प्राचार्य भी उपस्थित रहे। निदेशक एसएस नायर ने कहा कि बिरला पब्लिक स्कूल पिलानी, बिरला स्कूल पिलानी, बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी, बिरला शिशु विहार पिलानी, बिरला पब्लिक स्कूल किशनगढ़ अजमेर तथा बिरला पब्लिक स्कूल श्रीगंगानगर के परिणाम हर साल नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिरला स्कूल्स केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के ओवरऑल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस किया जाता है। यही कारण है कि विद्यार्थी अकादमिक के साथ अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उप निदेशक प्रशासन एवं विधि अजय अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों और अभिभावकों का रुझान कोचिंग संस्थानों की ओर अधिक रहता है। लेकिन बिरला स्कूल्स की स्कूलिंग और टीचिंग का स्तर इतना मजबूत है कि विद्यार्थाओं को अतिरिक्त कोचिंग की ज्यादा जरूरत महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा कि बिरला स्कूल्स के विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित शिक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पिछले छह महीनों में ट्रस्ट ने एआई एजुकेशन को लेकर कई बड़ी और नामचीन कंपनियों व विशेषज्ञ स्टाफ के साथ समझौते किए हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र में इसका प्रभाव स्कूलों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को समय के साथ आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी। अजय अग्रवाल ने बताया कि प्रवासी उद्योगपति एवं शिक्षाप्रेमी सुदर्शन कुमार बिरला तथा सिद्धार्थ बिरला के निर्देशन में बिरला स्कूल्स लगातार अपनी गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।0
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एवरेस्ट पर हिमस्खलन ने पर्वतारोहियों को निगल लिया
Noida, Uttar Pradesh:एवरेस्ट पर हिमस्खलन ने पर्वतारोहियों को निगल लिया0
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