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Om DwivediOm DwivediFollow30 Dec 2024, 01:52 pm
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अमरनाथ यात्रा के लिए नई पहचान ऐप और AI फेशियल रिकग्निशन से सुरक्षा चाक-चौबंद

Chaka, इस साल आधुनिक तकनीक से श्री अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा पक्की की गई है। पवित्र गुफा तक जाने वाले दोनों रास्तों पर सेवादारों की पहचान के लिए हाल ही में लॉन्च किया गया पहचान ऐप इस्तेमाल किया जाएगा। इस ऐप के अलावा, दोनों रास्तों पर AI आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम कैमरे और मल्टी-डायमेंशनल सर्विलांस कैमरे भी लगाए गए हैं। इस साल की पवित्र अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। सुरक्षा उपायों में एक डिजिटल मोबाइल ऐप के माध्यम से पहचान-वार वेरिफिकेशन और QR कोड सिस्टम शामिल है ताकि सेवा देने वाले सही व्यक्ति हों और उनका पुलिस वेरिफिकेशन पूरा हो सके। यह कदम यात्रियों का भरोसा पुनः जीतने के लिए उठाया गया है ताकि यात्रा सुरक्षित और बिना किसी घटना के पूरी हो सके। इसके अलावा, RFID-आधारित निगरानी और AI-आधारित सुरक्षा तंत्र तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। यात्रा 3 जुलाई, 2026 को शुरू होगी और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ साथ कई विशेष इकाइयों को भी स्थानों पर रखा गया है। चौबीसों घंटे निगरानी के लिए मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर 400 से अधिक सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। मुख्य सुरक्षा तंत्र में सेवादार, दुकानदार, गाइड, टट्टू वाले और पालकी वाले शामिल हैं, जिनकी गहन पृष्ठभूमि जाँच के बाद QR कोड जारी किए गए हैं और बेस कैंप व मार्ग पर उनकी अनुमति दी गई है। तीर्थयात्रा के क्षेत्रीय गाइडों ने कहा है कि सुरक्षा कड़ी है लेकिन सुविधाजनक यात्रा संभव है। उपराज्यपाल की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई जिसमें तैनाती, संचार, चिकित्सा व्यवस्था, परिवहन और ठहरने की सुविधाओं की जाँच की गई और सभी एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए गए। बेस कैंप बालटाल, पहलगाम और श्रीनगर ट्रांजिट कैंप को सैनिटाइज़ कर दिया गया है और गुफा मंदिर तक पहुँचने वाले मार्गों पर भी सफाई/सैनिटाइजेशन का काम तेज़ किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 12 जून को नई दिल्ली में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे ताकि अंतर-एजेंसी कॉर्डिनेशन और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके।
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बारिश ने लू से बेहाल बठिंडा के लोगों को दी राहत, किसान भी खुश

Bathinda, Punjab:ਲਗਾਤਾਰ ਪੈ ਰਹੀ ਅੱਤ ਦੀ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਠਿੰਡਾ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਰਾਹਤ ਬਾਰਿਸ਼ ਹੋਈ ਸ਼ੁਰੂ ਪਿਛਲੇ ਕੁਝ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਅੱਤ ਦੀ ਗਰਮੀ ਪੈ ਰਹੀ ਸੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਨਸਾਨੀ ਜਨਜੀਵਨ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਸ਼ੂ ਪੰਛੀ ਵੀ ਇਸ ਗਰਮੀ ਨਾਲ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਸਨ ਅੱਜ ਬਾਰਿਸ਼ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਹਤ ਦਿੱਤੀ ਉਥੇ ਹੀ ਵਾਤਾਵਰਨ ਪਸੂ ਪੰਛੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੀ ਲਗਾਤਾਰ ਤੇਜ ਬਾਰਿਸ਼ ਨੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਮੌਸਮ ਨੂੰ ਸੁਹਾਨਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਜਿੱਥੇ ਬਾਰਿਸ਼ ਪਈ ਉੱਥੇ ਹੀ ਹਲਕੇ ਗੜੇ ਵੀ ਪਏ। ਇਸ ਬਾਰਿਸ਼ ਨਾਲ ਖੇਤਾਂ ਚ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਅਤੇ ਗਰੀਬਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇ ਕਿਉਂਕਿ ਪਿਛਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਕੇਸ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਲੂ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੇ ਸਨ。 ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਦੀ ਗੱਲ ਕਹੀ ਕਿ ਬਹੁਤ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਅੱਤ ਦੀ ਗਰਮੀ ਪੈ ਰਹੀ ਸੀ ਅੱਜ ਦੀ ਬਾਰਿਸ਼ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਹਤ ਦਿੱਤੀ ਉੱਥੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਪੰਛੀਆਂ ਅਤੇ ਖੇਤਾਂ ਚ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲਵਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਪਾਣੀ ਦੀ ਦਿੱਕਤ ਸੀ ਹੁਣ ਬਾਰਿਸ਼ ਨਾਲ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ。
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बाराबंकी पुलिस की इंसानियत बनी मिसाल: 24 घंटे से भटक रहे 11 वर्षीय मासूम को परिजनों से मिलाया l

NNitinFollow5m ago
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले में पुलिस का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला है। मसौली थाना पुलिस ने घर से भटककर बाराबंकी पहुंच गए एक 11 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित खोजकर उसके परिजनों से मिलाया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने बच्चे और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपनी जेब से नए कपड़े, चप्पलें खरीदकर दीं और घर लौटने के लिए किराए की भी व्यवस्था की। पुलिस की इस सराहनीय पहल की क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात थाना मसौली क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा गांव मोड़ पर पिकेट ड्यूटी के दौरान आरक्षी प्रदीप यादव, शिवकुमार, विजय सिंह और आकाश दूरवार को एक 11 वर्षीय बच्चा अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। बच्चा काफी घबराया हुआ था और अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और थाना मसौली ले आए। वहां उसे भोजन कराया गया तथा प्यार से बातचीत कर उसकी जानकारी जुटाई गई। पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम रंगू गौस्वामी पुत्र सुंदरलाल निवासी प्रभात का पुरवा, डेली सरैया, देमोही (अयोध्या जनपद) बताया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह घर से नहाने के लिए निकला था, लेकिन रास्ता भटक गया और किसी बस में बैठकर बाराबंकी क्षेत्र में पहुंच गया। इसके बाद मसौली पुलिस ने तत्काल बच्चे के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क स्थापित किया और उन्हें बच्चे के सुरक्षित मिलने की सूचना दी। गुरुवार दोपहर बच्चे की मां विमला देवी और भाई सचिन गोस्वामी थाना मसौली पहुंचे। करीब 24 घंटे बाद अपने परिवार को सामने देखकर बच्चा भावुक हो गया। वहीं मां और भाई भी बच्चे को सुरक्षित पाकर राहत महसूस करने लगे। थाने में मौजूद लोगों ने इस भावुक पल को देखा तो उनकी आंखें भी नम हो गईं। जब पुलिसकर्मियों को पता चला कि बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे के लिए अपनी जेब से नए कपड़े और चप्पलें खरीदकर दीं। इसके अलावा बच्चे के बाल भी कटवाए गए। पुलिसकर्मियों ने परिवार को भोजन कराया और घर वापस लौटने के लिए आवश्यक किराए की व्यवस्था भी स्वयं की। मसौली पुलिस की इस संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का ऐसा मानवीय चेहरा समाज में विश्वास बढ़ाने का काम करता है। आमतौर पर पुलिस की सख्ती की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इस घटना ने साबित किया है कि खाकी वर्दी के पीछे संवेदनशील दिल भी धड़कता है। पीड़ित परिवार ने मसौली पुलिस के सभी जवानों का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया और कहा कि पुलिस की मदद के बिना उनके बच्चे का मिलना संभव नहीं था।
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डीआरएम अनिरुद्ध कुमार की निगरानी में सफल रहा परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन

Praveen BhargavPraveen BhargavFollow14m ago
Jhansi, Jhansi Rly. Settl, Uttar Pradesh:झांसी। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए झांसी रेल मंडल ने व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं करते हुए 12 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया। तीन दिनों तक चले इस विशेष अभियान के तहत करीब 15 हजार अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में 8, 9 और 10 जून को आयोजित परीक्षा के दौरान झांसी से कानपुर के लिए छह, ललितपुर से कानपुर वाया झांसी के लिए तीन तथा बांदा से प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिली। परीक्षा अवधि के दौरान वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। उन्होंने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और विशेष ट्रेनों के संचालन का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभ्यर्थियों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने टिकट काउंटरों, प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश-निकास द्वारों पर अतिरिक्त इंतजाम किए। मंडल स्तर पर स्थापित वार रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रमुख स्टेशनों की सतत निगरानी की गई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसरों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय भी लिए। रेलवे प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर दो अतिरिक्त अनारक्षित परीक्षा स्पेशल रैक भी तैयार रखे। साथ ही स्टेशन परिसरों में स्वच्छता, सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान की गई व्यवस्थाओं से हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली और परीक्षा संचालन में भी सहयोग प्राप्त हुआ।
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डीआरएम अनिरुद्ध कुमार की निगरानी में सफल रहा परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन

Praveen BhargavPraveen BhargavFollow14m ago
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए झांसी रेल मंडल ने व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं करते हुए 12 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया। तीन दिनों तक चले इस विशेष अभियान के तहत करीब 15 हजार अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में 8, 9 और 10 जून को आयोजित परीक्षा के दौरान झांसी से कानपुर के लिए छह, ललितपुर से कानपुर वाया झांसी के लिए तीन तथा बांदा से प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिली। परीक्षा अवधि के दौरान वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। उन्होंने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और विशेष ट्रेनों के संचालन का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभ्यर्थियों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने टिकट काउंटरों, प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश-निकास द्वारों पर अतिरिक्त इंतजाम किए। मंडल स्तर पर स्थापित वार रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रमुख स्टेशनों की सतत निगरानी की गई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसरों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय भी लिए। रेलवे प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर दो अतिरिक्त अनारक्षित परीक्षा स्पेशल रैक भी तैयार रखे। साथ ही स्टेशन परिसरों में स्वच्छता, सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान की गई व्यवस्थाओं से हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली और परीक्षा संचालन में भी सहयोग प्राप्त हुआ।
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गोरखपुर के स्पा सेंटर में देह व्यापार रैकेट पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के स्पा सेंटर में देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के तारामंडल स्थित बुद्ध नगर में संचालित स्पा सेंटर पर पुलिस ने kháchम बनकर छापा मारा और मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पांच युवतियों को भी वहां से मुक्त कराया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है। जब इसका संचालक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया अब फरार हुए संचालक की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गुप्त सूचना की पुष्टि के बाद स्पा सेंटर के भीतर भेजे गए एक पुलिसकर्मी ने छापामारी की। छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से विक्की वर्मा, मंदीप सिंह और रिंकी लता को गिरफ्तार कर लिया। पांच युवतियों को भी मुक्त कराया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि युवतियों को अच्छी कमाई और रोजगार का झांसा देकर स्पा सेंटर में बुलाया गया था, जहां उनसे देह व्यापार कराया जा रहा था। मुक्त कराई गई युवतियां दिल्ली, मिर्जापुर, गाजीपुर और गोरखपुर की रहने वाली बताई जा रही हैं। पुलिस ने सभी युवतियों को संरक्षण में लेकर उनके परिजनों से संपर्क शुरू कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के भीतर कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने में जुटी हैं। स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे इस कथित सेक्स रैकेट के खुलासे ने शहर में सनसनी फैला दी है और पुलिस इस नेटवर्क के पूरे तंत्र को खंगालने में जुटी है।
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कोटा के चंद्रेसल मठ हत्याकांड: संपत्ति के लालच से उभरी साजिश

Kota, Rajasthan:कोटा: संपत्ति का लालच और प्रतिशोध चंद्रेसल मठ हत्याकांड का खुलासा चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद की नृशंस हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों की अकूत संपत्ति पर कब्जे के लिए रची गई एक सुनियोजित और खूनी साजिश का जीवंत उदाहरण है। 1100 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मठ के पास मौजूद लगभग 750 बीघा बेशकीमती जमीन और बैंक खातों में जमा 4.33 करोड़ रुपये ही इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह बने। पुलिस खुलासे के अनुसार, यह पूरी वारदात ट्रस्ट और सत्ता के नियंत्रण की जंग थी। एडवोकेट संतोष कुमार राय, जो खुद को पुरानी कार्यकारिणी का कथित अध्यक्ष बता रहा था, मठ के करोड़ों के आर्थिक संसाधनों पर एकाधिकार चाहता था। जब महंत देवानंद ने नई कार्यकारिणी का गठन कर उसे कानूनी जामा पहनाने की कवायद शुरू की, तो संतोष राय ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए महज एक लाख रुपये की सुपारी दे डाली। इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसकी क्रिमिनल प्लानिंग है। मुख्य साजिशकर्ता ने खुद को कानून की गिरफ्त से बचाने के लिए एलिबाई (अपराध के वक्त कहीं और होना) तैयार किया और वारदात से ठीक पहले जयपुर के अस्पताल में भर्ती हो गया। बिना सीसीटीवी और एकांत क्षेत्र होने के बावजूद, कोटा पुलिस की साइबर सेल और डीएसटी ने जिस तरह तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई, वह काबिले-तारीफ है। हालांकि, मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जो पुलिस के लिए अगली बड़ी चुनौती है बाइट कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम
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सोलन की नौवीं क्लास की एरेन मिस टीन हिमाचल बनीं, जिले का मान बढ़ा

Solan, Himachal Pradesh:सोलन : नौवीं की छात्रा एरेन बनीं ‘मिस टीन हिमाचल’, सोलन का नाम किया रोशन एमआरए डीएवी पब्लिक स्कूल, सोलन की नौवीं कक्षा की छात्रा एरेन ने ‘मिस टीन हिमाचल’ का खिताब जीतकर जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। हमीरपुर में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता में एरेन ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की。 इस प्रतियोगिता का आयोजन ब्लॉसम इवेंट्स, मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन और मिस हिमाचल ऑर्गनाइजेशन द्वारा किया गया था। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, लेकिन एरेन ने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व और आत्मविश्वास के बल पर निर्णायकों का दिल जीतते हुए विजेता का ताज अपने नाम किया。 मूल रूप से जुब्बल तहसील के बहाल गांव की रहने वाली एरेन ने बताया कि मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें परिवार का पूरा समर्थन नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। अपने मजबूत इरादों और निरंतर प्रयासों के बल पर उन्होंने न केवल अपने सपने को साकार किया, बल्कि अपने माता-पिता का विश्वास भी जीता。 एरेन ने कहा कि उनका सपना था कि वह एक दिन अपने घर यह क्राउन लेकर आएं और आज वह सपना पूरा हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों को दिया。 ‘मिस टीन हिमाचल’ का खिताब जीतने के बाद एरेन ने भविष्य में भी मॉडलिंग और फैशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है। उनकी यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। BYTE - एरिन
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हिमाचल ITI प्रशिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग के लिए सरकार पर दबाव बढ़ाया

Solan, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में कार्यरत आईएमसी और एसडब्ल्यूएफ प्रशिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर तीखा रोष व्यक्त किया है। सोलन में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा, जिससे सैकड़ों परिवार असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। कांग्रेस नहीं; संगठन के अध्यक्ष प्रतीक सिलोपाल ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 246 प्रशिक्षक वर्ष 2016 से विभिन्न आईटीआई संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से पहले नियुक्त 945 प्रशिक्षकों को नियमित किया जा चुका है, जबकि समान प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर नियुक्त हुए शेष प्रशिक्षकों को आज तक उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। उन्होंने सरकार से इस भेदभाव को समाप्त करने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रशिक्षकों ने अपनी आर्थिक और सामाजिक परेशानियां भी साझा कीं। उनका कहना था कि लंबे समय तक कार्य करने के बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कई प्रशिक्षकों ने स्वयं को “दिहाड़ीदार” जैसी स्थिति में बताया और कहा कि भविष्य को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारों और मंत्रियों से कई बार मुलाकात करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि वर्षों से मांग उठाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के प्रशिक्षक आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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जयपुर डिस्कॉम ने बिजली चोरी के खिलाफ 87 मामलों का खुलासा; कुल जुर्माने 12.13 लाख

Noida, Uttar Pradesh:जिलेभर में बिजली चोरी के खिलाफ जयपुर डिस्कॉम ने बड़ा अभियान चलाते हुए 87 मामलों का खुलासा किया है। डिस्कॉम की सीएमडी आरती डोंगरा के मार्गदर्शन एवं अधीक्षण अभियंता सीपी गुप्ता की देखरेख में हुई इस कार्रवाई के दौरान 135 परिसरों की सघन जांच की गई। जांच में 87 उपभोक्ता एवं गैर-उपभोक्ता बिजली चोरी करते पाए गए, जिनके खिलाफ वीसीआर भरते हुए कुल 12 लाख 13 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। अधिकारी आर.के. बैरवा के नेतृत्व में 9 टीमों ने बून्दी शहर, दबलाना, हिण्डोली, बून्दी ग्रामीण और तालेड़ा क्षेत्रों में कार्रवाई को अंजाम दिया। डिस्कॉम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में जुर्माना राशि जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ विद्युत चोरी निरोधक थाने में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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