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Abhishek Kumar PandeyAbhishek Kumar PandeyFollow24 Nov 2024, 08:45 am
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आगरा में प्रेमिका ने प्रेमी की हत्या, हथौड़े से गला काटकर शव कुचला गया

Agra, Uttar Pradesh:आगरा से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। थाना मलपुरा के इटौरा इलाके में एक प्रेमिका ने अपने ही प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि होटल ताजपथ के एक कमरे में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच पहले शराब पी गई, जिसके बाद किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि प्रेमिका ने कथित तौर पर प्रेमी पर हथौड़े से हमला कर दिया। साथ ही गला काटने और सिर कुचलने जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव के पास ही बैठी प्रेमिका को हिरासत में ले लिया।यह पूरा मामला थाना मलपुरा क्षेत्र का बताया जा रहा है।पुलिस हत्या के कारणों की गहन जांच में जुटी है।
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मीरगंज में पिता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, बेटे ने ही गला दबाकर की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार

ADARSH DIWAKARADARSH DIWAKARFollow1m ago
Pipramilak, Uttar Pradesh:बरेली के थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम खमरिया आजमपुर में हुई हत्या की गुत्थी को आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। करीब छह माह पुराने इस मामले में पुलिस ने मृतक के ही बेटे को गिरफ्तार कर घटना का चौंकाने वाला खुलासा किया है। पारिवारिक विवाद और जमीन के झगड़े में बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 अक्टूबर 2025 को वादिनी की तहरीर के आधार पर थाना मीरगंज में वीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार जांच में जुटी रही।
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ABVP का कॉलेज परिसर में प्रदर्शन, अव्यवस्थाओं पर प्रशासन से जवाब मांग

Kota, Rajasthan:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया गया। कॉलेज में अव्यवस्था फैलने का आरोप लगाया गया, अंदर जबरदस्ती दाखिल होने के दौरान हंगामा हुआ, पुलिस और छात्रों के बीच धक्का मुक्की हुई, पुलिस ने छात्रों को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद स्टूडेंट्स ने गेट खोलकर अंदर दाखिल हो गए। पुलिस ने भी प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश की, छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्ञापन फाड़ने का आरोप लगाया। छात्रों ने प्रिंसिपल चेंबर का ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। छात्र कह रहे हैं कि कॉलेज परिसर में कई अव्यवस्थाएं फैली हैं, कई बार ज्ञापन दिया गया लेकिन प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा।
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*बलरामपुर पचपेड़वा: मन्नत मैरिज हॉल में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन व अंबेडकर सम्मान संगोष्ठी संपन्न*

MADAN LAL JAISWALMADAN LAL JAISWALFollow1m ago
Pachperwa Ruaral, Uttar Pradesh:पचपेड़वा के मन्नत मैरिज हॉल में बुधवार को नारी शक्ति वंदन विधानसभा सम्मेलन एवं डॉ. अंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी का आयोजन हुआ। *नारी शक्ति वंदन सम्मेलन* में मुख्य अतिथि राहुल राज रस्तोगी, जिला महामंत्री बिंदु विश्वकर्मा व पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने कहा कि नारी शक्ति ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। वक्ताओं ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, कन्या सुमंगला योजना से महिलाएं सशक्त हो रही हैं। पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। *डॉ. अंबेडकर सम्मान संगोष्ठी* में मुख्य अतिथि उदय प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष श्रावस्ती एवं विधायक शैलू सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान देकर सबको समानता का अधिकार दिया। शिक्षा, संगठन, संघर्ष का उनका मंत्र आज भी प्रेरणा देता है। युवाओं से बाबा साहब के आदर्श अपनाने की अपील की गई। दोनों कार्यक्रमों में भाजपा मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिला पदाधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे। अंत में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर संविधान और नारी शक्ति के सम्मान का संकल्प लिया गया।
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सिकंद्राराऊ-पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों ने किया क्षतिग्रस्त

Mohammad RajaMohammad RajaFollow2m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:​सिकंदराराऊ - उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता स्वर्गीय कल्याण सिंह की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का एक मामला सामने आया है। घटना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गाँव नगला मंशाद की है, जहाँ बीती रात अज्ञात अराजक तत्वों ने इस कायराना हरकत को अंजाम दिया। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण प्रतिदिन की तरह प्रतिमा स्थल के पास पहुंचे, तो वहाँ का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।​प्रतिमा के पास टूटी हुई ईंटें बिखरी पड़ी थीं।​प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया था।जैसे ही यह खबर गाँव में फैली, देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गएlऔर पुलिस को सूचना दीl ​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज और सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँच गई— कोतवाली प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया ​मामले को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। इस घृणित कार्य को अंजाम देने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ​ग्रामीणों की भावनाओं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। पुलिस की देखरेख में प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। पुलिस ने उपद्रवियों की तलाश तेज कर दी है।
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राजस्थान में महिला आरक्षण से राजनीतिक हलचल तेज, क्या बदलेगी तस्वीर?

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में भी नारी शक्ति की गूंज, कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, सवाल - क्या सचमुच आएगा बदलाव ? नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पारित हो चुका है... और अब इसकी गूंज राजस्थान की राजनीति में भी सुनाई देने लगी है। पंचायत से लेकर लोकसभा तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाले इस कानून को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। सवाल ये है कि क्या इस कानून से राजस्थान की राजनीति में सचमुच बड़ा बदलाव आएगा... या फिर ये सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह जाएगा ? राजस्थान की राजनीति में भी अब महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अब तक महिलाओं को पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण मिलता रहा है... लेकिन अब विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी। राजस्थान में फिलहाल लोकसभा की 25 सीटें हैं... जिनमें 8 से 9 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। वहीं 200 सदस्यीय विधानसभा में करीब 66 सीटों पर महिलाओं को मौका मिल सकता है। हालांकि... यह व्यवस्था जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होने की बात कही जा रही है। राजस्थान में सीटों और आरक्षण की स्थिति लोकसभा सीटें – 25 संभावित महिला आरक्षण – 8 से 9 सीटें विधानसभा सीटें – 200 संभावित महिला आरक्षण – 66 सीटें ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद और नगर निकायों तक महिलाओं की है मजबूत भागीदारी Panchayat चुनावों में 50 फीसदी आरक्षण मिल रहा निकाय चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अब विधानसभा और लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण अगर राजस्थान विधानसभा के इतिहास पर नजर डालें... तो महिलाओं की भागीदारी का सफर बेहद धीमा रहा है। विधानसभा में शून्य से शिखर तक महिला विधायकों की भागीदारी रही है। वर्ष 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में एक भी महिला विधायक सदन तक नहीं पहुंच सकी थी। बाद में उपचुनाव के जरिए दो महिलाओं ने विधानसभा में प्रवेश किया... और यहीं से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की शुरुआत हुई। 2008 के चुनाव में पहली बार महिला विधायकों की संख्या 29 तक पहुंची... जो अब तक का रिकॉर्ड है। लेकिन मौजूदा विधानसभा में सिर्फ 21 महिला विधायक हैं। इनमें बीजेपी की 10... कांग्रेस की 9... और 2 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। इधर 33 प्रतिशत आरक्षण के बाद विधानसभा में 66 महिलाओं का पहुंचना तो तय है, लेकिन इनकी संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परिसीमन के बाद राजस्थान में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर करीब 266 हो सकती है... जबकि लोकसभा सीटें 38 तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में महिलाओं का प्रतिनिधित्व और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। इससे न सिर्फ राजनीतिक संतुलन मजबूत होगा... बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं के नजरिए को भी जगह मिलेगी। इधर इस कानून को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और बीजेपी की महिला नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही हैं। बीजेपी इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है... जबकि कांग्रेस इसकी प्रिक्रिया और समय पर सवाल उठा रही है। बीजेपी महिला मोर्चा का कहना है कि लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित रही... ऐसे में यह कानून उन्हें बराबरी का अवसर देगा। जब जब महिलाओं को मौका मिला तो उन्होंने अच्छा काम किया है। राजनीतिक क्षेत्र के साथ ही राजनीतिक, प्राइवेट और सामाजिक सहित हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व बढ़ेगा। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह का कहना है कि देश की आधी आबादी को मूर्ख बनाने का प्रयास है। इनका कहना है कि जब तक जनगणना से सही आंकड़े सामने नहीं आते... तब तक प्रतिनिधित्व का संतुलन तय करना मुश्किल है। सत्ता में वापसी के लिए यह सारा मायाजाल फैलाया गया है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का नहीं बल्कि 2029 में सरकार में लौटने का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
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झारखंड बिजली बिल बढ़ोतरी के खिलाफ बीजेपी का बड़ा प्रदर्शन

Dumka, Jharkhand:दुमका सरकार द्वारा बिजली बिल बढ़ाये जाने के मुद्दे पर बीजेपी ने महुआडंगाल स्थित बिजली कार्यालय के सामने विरोध किया। बीजेपी द्वारा आयोजित विरोध कार्यक्रम में बीजेपी विधायक देवेंद्र कुंवर, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद सहित बीजेपी के जिला नेता और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये। झारखंड सरकार द्वारा हाल ही में बिजली बिल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता के बिजली ट्रेरीफ में वृद्धि की है, जिसे लेकर बीजेपी सड़क से सदन तक इसका विरोध कर रही है। पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार बिजली बिल की दर में वृद्धि कर रही है। एक तरफ सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात करती है और बिजली की कटौती करती है, इससे सरकार की मानसिकता उजागर हो रही है। बिजली विभाग के अधिकारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों के बकाए पर बिजली आम लोगों का काटने का काम करते हैं, लेकिन सरकारी विभागों का बिल पेंडिंग है, तो क्यों नहीं बिजली विभाग उन सरकारी कार्यालयों का बिजली काट रहा है। यह जनता के साथ दोहरी नीति है। आज सरकार अपनी मईया योजना को बचाने के लिए झारखंड से गिट्टी, बालू, कोयला बेच रहा है और अपने बिजली बिल बढ़ाने का काम कर रहा है। झारखंड में पहली बार सुनने को मिल रहा है कि यहां बड़ी सरकार होती है और छोटी सरकार होती है; छोटी सरकार से क्या चाहिए, यह समझना संभव है: यहां बिजली की समस्या है, पानी की समस्या है; अगर यहां छोटे सरकार हैं तो अपनी सरकार की ताकत दिखाइए। यह लोग का परिवार झारखंड को लूटने का काम करते आ रहे हैं, यह बात स्पष्ट है। जरमुंडी के विधायक भाजपा नेता देवेंद्र कुंवर ने कहा कि झारखंड सरकार की नीति साफ नहीं है: एक तरफ 200 यूनिट बिजली फ्री में दे रहे हैं और दूसरी तरफ बिजली की दर बढ़ाने का काम कर रहे हैं। बिल्डिंग स्थिति खराब है और कई बार सदन में आवाज उठाई जाती है, लेकिन सरकार सुनती नहीं है; सरकार पूरी तरह से बहरी हो चुकी है। सरकार की नीति और नियत साफ नहीं है; अगर सरकार यहां की जनता को बिजली और पानी अच्छी तरह से नहीं दे सकती है तो इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाती है。
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रांची यूनिवर्सिटी इंटर कॉलेज लिटरेरी फेस्ट डोरंडा कॉलेज में आकर्षक कार्यक्रम

Ranchi, Jharkhand:रांची यूनिवर्सिटी इंटर कॉलेज लिटरेरी फेस्ट का आयोजन डोरंडा कॉलेज में किया गया जिसमें राज्य के कई जाने माने साहित्यकार , छात्र और शिक्षकगण उपस्थित हुए। इसका उद्देश्य साहित्य के प्रति युवा पीढी को आकर्षित करना है। इसको लेकर लिटरेरी फेस्ट में कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्य के क्षेत्र में बच्चों के रुचि को जगाना है। हाल के दिनों में युवा पीढी की रुचि साहित्य के प्रति कम हो रही है । इसी उद्देश्य के तहत विश्वविद्यालय स्तर पर पहल की गई है । आयोजकों का मानना है इस तरह के आयोजन से छात्रों को विश्व विद्यालय स्तर पर एक प्लेटफार्म भी उपलब्ध होगा । छात्र को जीवन में तनाव रहित रहने के लिए इस तरह के आयोजन में भाग लेते लेना आवश्यक बताया। बाइट ... डॉ राज कुमार शर्मा, शिक्षाविद् बाइट... डॉ रणेंद्र, साहित्यकार बाइट ..सुदेश कुमार साहू, रांची विश्वविद्यालय
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बिहारी शराबबंदी की समीक्षा पर राजनीतिक बहस तेज

Patna, Bihar:RLM के विधायक माधव आनंद ने शराब बंदी की समीक्षा को लेकर कहा कि आपको याद होगा जब विधानसभा सत्र के दरमियान मैंने माननीय मुख्यमंत्री जी, उस समय नीतीश कुमार जी थे, उनके समक्ष ही विधानसभा में मैंने यह मांग की थी कि अब वह वक्त आ गया है कि शराबबंदी की विस्तृत समीक्षा होनी चाहिए। उस समय कई लोगों ने क्रिटिसाइज़ किया। बहुत सारे जो मेरे सदन के साथी थे, दबी जुबान में ही सही, एप्रिशिएट भी किया और उन्होंने कहा कि आप ऐसे इकलौते विधायक हैं जो माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष यह साहस रखते हैं कि आप शराबबंदी की समीक्षा की बात करें। मैंने जब सदन से बाहर निकला तो आप लोगों के माध्यम से भी कहा कि मैं उतना ही गंभीर सदन में था और उतना ही गंभीर सदन से बाहर आप लोगों के समक्ष भी हूँ, और उतनी ही गंभीरता से कहा कि इसकी विस्तृत समीक्षा होनी चाहिए। उस समय भी कहा था कि मैं अपनी ही सरकार से मांग कर रहा हूं और मुझे पूरा भरोसा है कि इसकी विस्तृत समीक्षा होगी अब आदरणीय सम्राट जी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है, नई ऊर्जा के साथ हम लोग काम करेंगे। इसकी भी विस्तृत समीक्षा निश्चित रूप से सरकार गंभीरता से लेगी। RJD के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा सबसे पहले तो जिन्होंने मांग किया है, उन्होंने शपथ पहले लिया था 2016 में कि ना पिएंगे ना पीने देंगे और सहभागी बनेंगे शराबबंदीampaign में। लेकिन आखिर क्या कारण हुआ कि वो अपने ही संकल्पों से भागना शुरू कर दिए और जैसे ही निजाम बदला, भारतीय जनता पार्टी की सरकार बदली, तभी इस तरह की भाषा इस तरह की बातें क्यों शुरू हुई है? कारण तो है और इसके पीछे कौन लोग हैं, यह स्पष्ट रूप से पता चल रहा है। क्योंकि माफियाओं को सत्ता के माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है, खासतौर से शराब माफियाओं को, तभी तो बिहार भर में होम डिलीवरी होता है। हर घर शराब पहुँच रहे हैं। शराब पहुँचाने वाले कौन लोग हैं वो अब तक चिन्हित हो चुके हैं लेकिन चूंकि उनको इतना वरदहस्त प्राप्त है कि उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। JDU के प्रवक्ता अंजुम आर ने कहा कि देखिए शराबबंदी महिलाओं की आवाज उनकी मांग पर सर्वदलीय और सर्वसम्मति से लिया गया फैसला है, यह किसी को नहीं भूलना चाहिए। हां अगर किसी पार्टी का है तो उनको अपना दृष्टिकोण रखने का अधिकार है। शराबबंदी कोई साधारण नीति नहीं है, यह हमारे आदरणीय नेता बिहार के यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी का समाज सुधार के प्रति दृढ़ संकल्प है। हां जहां तक समीक्षा की बात है ना, तो सरकार ऐसे विषयों पर जो संवेदनशील होते हैं, हमेशा जनहित से जुड़े हुए जो मसले होते हैं उस पर सजग रहती है और संवेदनशील भी रहती है। आदरणीय नीतीश कुमार जी का यह नीति समाज के व्यापक हित में है और इस नीति इस फैसले पे राजनीतिक सहमति भी सभी की बनी हुई है। क्योंकि यह फैसला जो महिलाओं के हित में है। महिलाएं हमारे डोमेस्टिक वायलेंस की शिकार हुआ करती थी, ईव टीजिंग के मामले होते थे, रोड एक्सीडेंट होते थे, जो हमारे वीकर सेक्शन के लोग हैं उनके स्वास्थ्य पे इसका प्रतिकूल असर पड़ता था। तो समाज में एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। तो मुझे नहीं लगता है कि शराबबंदी जो लागू है उसको कहीं से भी छेड़छाड़ करने की आवश्यकता है क्योंकि इससे समाज में बहुत सकारात्मक इसका
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प्रतापनगर विधायक ने क्षेत्र की उपेक्षा पर सरकार पर आरोप, दबाव तेज

New Tehri, Uttarakhand:प्रतापनगर विधायक ने प्रदेश सरकार पर प्रतापनगर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। टिहरी में डैम प्रभावित प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर हुई विशाल जन गर्जना आक्रोश रैली में कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल हुए। प्रतापनगर कांग्रेस विधायक विक्रम नेगी ने कहा डोबरा से मोटना जाने वाली सड़क बदहाल है जो प्रताप नगर, उत्तरकाशी की लाइफ लाइन है लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फेगवाल ओर गंगाड़ी समुदाय को केंद्रीय बीजेपी मंत्री की घोषणा के बाद भी केंद्रीय सूची में आजतक शामिल नहीं किया गया। प्रताप नगर में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की आज तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई। ऐसे ही कई मांगे है जो घोषणा के बावजूद आज तक पूरी नहीं हुई। पर्यटन का फोकस सिर्फ टिहरी झील तक सीमित है प्रताप नगर को इससे जोड़ नहीं जा रहा जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश है।
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