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Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow6 Jan 2025, 11:03 am
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जयपुर में 500 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, बदबूदार तेल से हुआ खुलासा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में 500 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट। बदबूदार तेल की गंध आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा ने जयपुर में निरिक्षण कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलो संदिग्ध पनीर मौके पर ही नष्ट करा दिया।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन और अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के सुपरविजन में जयपुर मुख्यालय की सेंट्रल टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने आगरा रोड स्थित प्रताप नगर क्षेत्र में अभिषेक सिंह नामक पनीर विक्रेता के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान टीम को विभिन्न स्थानों पर सप्लाई के लिए रखा गया करीब 500 किलो पनीर संदिग्ध मिला। अधिकारियों ने जब पनीर को सूंघकर और चखकर जांच की तो उसमें बदबूदार तेल (रैंसिड ऑयल) जैसी गंध महसूस हुई। खाद्य सुरक्षा मानक एवं सुरक्षा अधिनियम (FSS Act) के तहत पनीर का एक सैंपल जांच के लिए लिया गया, जबकि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मौके पर मौजूद 500 किलो पनीर को नष्ट करा दिया गया। विभाग के अनुसार, लिए गए नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर यदि पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक पार करते युवक की मौत, CCTV से सच जानने की कोशिश

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक पार करते समय 24 वर्षीय युवक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए और तुरंत रेलवे पुलिस व स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि युवक रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। युवक की पहचान हालांकि, रोहित कुमार के नाम से है हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार न करें, बल्कि निर्धारित फुटओवर ब्रिज या अंडरपास का ही उपयोग करें। बाइट पुलिस जांच अधिकारी जीआरपी
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ED ने दिल्ली के 600 करोड़ हेल्थ स्कैम के दस्तावेज मांगे, जाँच तेज

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में करीब 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम की जांच अब तेज हो गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल सामान और उपकरणों की 구매 से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं. ED ने टेंडर प्रक्रिया, कंपनियों के चयन, सामान की सप्लाई, गुणवत्ता जांच और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड तलब किए हैं. जांच के दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म मशीन, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ORS, बेडशीट, सर्जिकल सामान, ग्लव्स और दवाइयों की खरीद शामिल है. इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है. ED यह पता लगा रही है कि खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग हुई है या नहीं. इससे पहले तत्कालीन DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और उप नियंत्रक लेखा नीरज चोपड़ा के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है. वहीं, CPA के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अब सभी की भूमिका की गहन जांच जारी है. जांच एजेंसी ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने के नियम, सामान की सप्लाई, जांच, मंजूरी और पेमेंट रिलीज से जुड़े तमाम रिकॉर्ड्स मांगे हैं. इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, ओईएम (OEM) और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पूरी डिटेल भी मांगा है, जिनसे ये तमाम मेडिकल सामान खरीदे गए थे. दिल्ली सरकार के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर और आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने इस मामले से जुड़ी फाइल गायब होने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है.
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बुराड़ी की खोदी सड़क बनी मुसीबत, जलभराव से लोग परेशान

New Delhi, Delhi:दिल्ली में विकास के नाम पर खोदी गई सड़कें अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। बुराड़ी के इब्राहिमपुर से कुशک, कादीपुर होते हुए नंगली जाने वाली मुख्य सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई। नतीजा—टूटी सड़क, जलभराव, उड़ती धूल और स्कूल के बाहर खुला नाला… यानी हर दिन हादसे का खतरा। तस्वीरें राजधानी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र की हैं जहाँ विकास के दावों की सच्चाई सड़क पर बिखरी नजर आ रही है। इब्राहिमपुर से कुशक, कादीपुर होते हुए नंगली जाने वाली मुख्य सड़क महीनों से बदहाल पड़ी है। दिल्ली जल बोर्ड ने यहां सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा दुरुस्त करना जरूरी नहीं समझा गया। नतीजा यह है कि राहगीर, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक हर दिन जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। मानसून में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सड़क पर जलभराव इतना बढ़ जाता है कि गड्ढे दिखाई नहीं देते। वहीं गर्मियों में उड़ती धूल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर कादीपुर एमसीडी स्कूल के बाहर की है। स्कूल के ठीक सामने सड़क टूटी हुई है और उसके किनारे नाले के कई होलपास खुले पड़े हैं। छोटे-छोटे मासूम बच्चे इन्हीं खुले होलपास के ऊपर से संतुलन बनाकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर खुले होलपास दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार बच्चे नाले में गिर चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। लोग कई बार शिकायतें और पत्राचार किए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं। सवाल यह है कि जब विकास के नाम पर सड़कें खोदी जाती हैं, तो उनकी मरम्मत समय पर क्यों नहीं होती? स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर खुले नाले और टूटी सड़क की जिम्मेदारी आखिर किसकी है؟ विकास के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि बुराड़ी की यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी और बच्चों के लिए खतरे का रास्ता बन चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और इस सड़क के साथ-साथ खुले होलपास की समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है। रिपोर्ट / नसीम अहमद
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