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Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow11 Mar 2025, 09:13 am
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अमरोहा में 24 लाख के आभूषण चोर सुरेश गिरफ्तार, साथी फरार

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र की पुलिस ने लक्षन सिंह यादव के निर्देशन में 24 लाख रुपये के गहनों के साथ अंतरराजयीय चोर सुरेश पुत्र भीकू को गिरफ्तार किया और उसे न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया गया है. गजरौला पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने ज्वेलरी गजरौला फैक्ट्री के फैamily क्वार्टर में चोरी का खुलासा करते हुए मध्यप्रदेश निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से लगभग 75 प्रतिशत सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए जिनकी अनुमानित कीमत 24 लाख बताई गई है. 조사 में पता चला कि आरोपी अपने साथियों पूनम और अनु उर्फ अवतार के साथ मिलकर राज्यों में बंद क्वार्टरों की रेकी कर चोरी करते थे. चोरी 25-26 अप्रैल की रात गजरौला स्थित ज्वेलरी फैक्ट्री के क्वार्टर में हुई. गिरोह केवल सोने-चांदी के गहने चुराता था और वारदात के बाद बस या ट्रेन से फरार हो जाता था. बरामदगी में सोने की चूडिय़ां, कंगन, सेट, चेन, डायमंड रिंग, मंगलसूत्र, कुंडल, अंगूठियां तथा चांदी के पायिल, सिक्के व अन्य सामान शामिल हैं. फरार आरोपियों की तलाश जारी है. पुरस्कार ₹25,000 पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया.
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भीषण गर्मी में बिजली कटौती से महराजपुर के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं

Sagar, Madhya Pradesh:भीषण गर्मी में बिजली कटौती से नाराज लोगों का प्रदर्शन। सागर जिले के महाराजपुर में कई इलाकों में दिन भर बिजली आपूर्ति ठप पड़ रही है और लोग परेशान हैं। कई शिकायतों के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला तो अब इलाके के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। महाराजपुर के कई क्षेत्रों के लोगों ने बिजली दफ्तर का घेराव किया और अपनी मांगों का पत्र बिजली विभाग के अधिकारी को सौंपा है। लोगों का आरोप है कि घटिया किस्म की केबल यहां डाली गई है जिससे आए दिन केबिल जल जाती है और फिर उसे बदलने वाला कोई नहीं होता। इसके अलावा ट्रांसफार्मर की कमी के साथ रखरखाव का अभाव इस समस्या की वजह है। लोगों की बातों को जानने के बाद अब बिजली विभाग के अधिकारी जल्दी ही समस्या खत्म करने की दलील दे रहे हैं।
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700-800 गाड़ियों के काफिले से भोपाल में ट्रैफिक जाम; अपील पर विपक्ष सवाल

Ujjain, Madhya Pradesh:सोमवार को एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचाने और वैकल्पिक साधनों को अपनाने की अपील करते नजर आए, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता और मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से कहा कि वे लोगों को प्रधानमंत्री की अपील का पालन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, घर से काम, आभासी बैठकों और विद्युत वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसी दौरान सौभाग्य सिंह उज्जैन से भोपाल पदभार ग्रहण करने के लिए लगभग सात सौ से आठ सौ वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुए। बड़े काफिले के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बनी रही। कुछ जगहों पर काफिले में शामिल गाड़ियों की अन्य वाहनों से टक्कर होने की जानकारी भी सामने आई。 भोपाल में अरेरा हिल्स से पुरानी जेल घाटी तक लंबे समय तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा。 मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सरकार को आड़े हाथों लिया है। वहीं, मीडिया के सवालों से घिरे सौभाग्य सिंह फोन बंद कर बचते नजर आए। यह दिखावा अब सत्ता की साख पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है。
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प्रधानमंत्री जी के 7 कदम: क्या यह आर्थिक संकट के सच पर बहस जगाएंगे?

Delhi, Delhi:प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 7 कदम अपनाने की अपील की है — वर्क फ्रॉम होम करें, सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीज़ल बचाएं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, कम खाद का उपयोग करें, विदेशी सामान कम खरीदें, कम कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करें और विदेश यात्राओं से बचें। 1950 के बाद देश ने कई कठिन दौर देखे हैं, आर्थिक संकट भी आए हैं, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने इस तरह की अपील नहीं की। लाल बहादुर शास्त्री जी और इंदिरा गांधी जी ने भी देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन इतनी व्यापक मांगें कभी नहीं रहीं। मैं प्रधानमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूँ कि यदि आपने देशवासियों से ऐसे कदम उठाने को कहा है, तो इसका मतलब है कि देश किसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है। देशहित में जनता हर त्याग करने को तैयार है, लेकिन कम से कम लोगों को सच पता होना चाहिए। लोगों को बताया जाना चाहिए कि देश कहाँ खड़ा है, वरना अफवाहों पर भरोसा बढ़ता है। हम सब जानते हैं कि इराक और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी परिस्थितियाँ वैश्विक असर डालती हैं, लेकिन उसका प्रभाव केवल भारत पर नहीं, पूरी दुनिया पर पड़ता है। फिर ऐसा क्या कारण है कि दूसरे देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों से ऐसी अपील नहीं की, लेकिन भारत में की जा रही है? इससे लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं सिर्फ युद्ध ही नहीं, कुछ और भी कारण तो नहीं हैं। और सबसे बड़ा सवाल — हर बोझ सिर्फ middle class पर ही क्यों डाला जा रहा है? देश पर संकट आता है तो सबसे पहले middle class ही आगे बढ़कर हर जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन इस समय सबसे पहले सरकार को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। मंत्री, अधिकारी, और देश के सबसे अमीर लोग भी त्याग करें। मोदी जी के करीबी उद्योगपति भी आगे आएं। लेकिन अपील सिर्फ मध्यम वर्ग से ही क्यों? On neet exam उन लाखों बच्चों और पेरेंट्स को मैं अपनी संवेदना देना चाहता हूँ जो उससे प्रभावित हुए मैंने भी एग्जाम दिए हैं 24 घंटे बैठा मैं तैयारी करता था उन दिनों में पेपर लीक नहीं हुआ करते थे गरीब परिवार होते हैं और कोचिंग इतनी महंगी है कई माता-पिता अपनी जमीन बेच देते हैं सोना गिरवी रखते हैं और उसके बाद अगर पेपर लीक हो जाए तो उससे बड़ी बात कोई नहीं 4 बार पेपर लीक हो चुका है पेपर ऐसे तो लीक होते नहीं इसके मतलब बहुत बड़े स्तर पर कुछ मिली भगत है जिन्होंने 2017, 2021, 2024 का पेपर लीक किया था क्या उन्हें सजा मिली? सब लोग बाहर है उन्हें बेल मिल गई सरकार चलाना कोई आसान काम नहीं बहुत मुश्किल काम है जिन लोगों से एक पेपर ठीक से नहीं होते वह सरकार क्या चलाएंगे सड़कों पर उतरना पड़ेगा यह सरकार केवल जनांदोलन की भाषा समझती है और केजरवाल आपके साथ है
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रेणुकूट में चार किशोर अचानक लापता, परिवार और पुलिस में हड़कंप

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के पिपरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रेणुकूट में चार किशोरों के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं लग सका है। जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामला पिपरी थाना क्षेत्र की चाचा कॉलोनी का है। जहां एक साथ चार किशोर घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत संभावित स्थानों पर जांच की जा रही है। आखिर कौन हैं ये चारों किशोर। रेणुकूट नगर पंचायत स्थित चाचा कॉलोनी से चार किशोरों के लापता होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजन लगातार बच्चों की तलाश में जुटे हैं। लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक चाचा कॉलोनी निवासी आलोक कुमार पाल उम्र 13 वर्ष। रोहित कुमार उम्र 12 वर्ष। अनिकेत कुमार उम्र 16 वर्ष और विवेक कुमार उम्र 15 वर्ष। बीती 9 मई की शाम घर से निकले थे। लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर से रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की। लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो स्थानीय पुलिस चौकी में सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने चारों किशोरों की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पिपरी एसओ राजेश चौबे के मुताबिक रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। साथ ही आसपास के जिलों को भी सूचना भेजी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से भी बच्चों की लोकेशन तलाशने में जुटी हुई है। इधर बच्चों के अचानक गायब होने से परिवारों में मातम जैसा माहौल है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन किशोरों के संबंध में कोई जानकारी मिले। तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। ताकि बच्चों को सकुशल उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके.
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सोनीपत में नगर निगम कर्मचारियों का गुस्सा सड़क पर, पुतले जलाकर प्रदर्शन तेज

Sonipat, Haryana:सोनीपत में नगर निगम कर्मचारियों का गुस्सा आज सड़कों पर फूट पड़ा। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के पुतले की आरती उतारी, जूते-चप्पलों से पिटाई की और फिर सुभाष चौक पर अंतिम संस्कार कर पुतला फूंक दिया। आंदोलन को इनेलो नेताओं का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पहले विपुल गोयल के पुतले की पूरे विधि-विधान के साथ आरती उतारी। इसके बाद जूते-चप्पलों से पुतले की पिटाई की गई और फिर सुभाष चौक पर पुतले का अंतिम संस्कार कर उसे आग के हवाले कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल वेतन या सुविधाओं की नहीं बल्कि उनके सम्मान और भविष्य की भी है। वहीं इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलता नजर आया। इनेलो के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इनेलो पार्टी कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। कुणाल गहलावत ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष उनकी लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक उठाने का काम करेगा। इसी दौरान इंडियन नेशनल लोकदल के मेयर प्रत्याशी आनंद खत्री ने भी कर्मचारियों के समर्थन में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार आती है तो सबसे पहले ठेका प्रथा को खत्म किया जाएगा और सभी कर्मचारियों को उचित वेतन और सुविधाएं दी जाएंगी। आनंद खत्री ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए, क्योंकि कर्मचारी ही किसी भी व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। फिलहाल सोनीपत में कर्मचारियों का यह आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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हरियाणा गुरुրման कमेटी मीरी पीरी कॉलेज-हॉस्पिटल का प्रबंधन संभालेगी

Kurukshetra, Haryana:कुरूक्षेत्र-शाहाबाद मीरी पीरी कॉलेज को लेकर आया फैसला, हरियाणा कमेटी में पक्ष में आया फैसला अब हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संभालेगी मीरी फ्री कॉलेज और हॉस्पिटल का प्रबंधन। हरियाणा कमेटी के प्रधान जगदीश झिंडा जिंदा पहुंचे मीरी पीरी कॉलेज कॉलेज मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल को लेकर कोर्ट ने आज मीरी पीरी ट्रस्ट द्वारा डाली गई याचिका को कोर्ट में रद्द कर दिया है ऐसे में अब जल कॉलेज का प्रबंध हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संभालेगी। फैसले आते ही HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा मीरी पीरी कॉलेज पहुंचे जहां उन्होंने मैनेजमेंट से मीटिंग की। इस मीटिंग के बाद जगदीश सिंह झिंडा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुरानी कमेटी की कमी की वजह से यह प्रबंधन 4 साल देरी से हरियाणा कमेटी के पास आया है उन्होंने कहा कि उन्हें कानून पर विश्वास था और कानूनी तरीके से अब वह हॉस्पिटल का प्रबंधन लेंगे पिछले दिनों मैनेजमेंट के बीच हुई कहा कि कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करना चाहते थे लेकिन हरियाणा की संगत में उनके साथ नहीं दिया उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हमें यह प्रबंधन लेना चाहिए था उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट या स्टाफ में किसी प्रकार का कोई बदलाव करने की योजना नहीं है लेकिन जल्द स्टाफ के साथ मीटिंग कर अगर कोई बदलाव करने की जरूरत होती है तो बदलाव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा हॉस्पिटल पर 100 करोड़ का लोन है जिसे अब हरियाणा कमेटी की तरफ से भुगतान किया जाएगा, उन्होंने कहा जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कॉलेज जल्द शुरू करने पर बात होगी।
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मोदी की अपील के असर: जस्टिस बंसल ने साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचकर संदेश दिया

Jabalpur, Madhya Pradesh:देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचाने की अपील का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जस्टिस डीडी बंसल लग्जरी कर छोड़कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे उनका वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। बताया जाता है कि जस्टिस डीडी बंसल करीब 3 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर सिविल लाइन से हाई कोर्ट पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर लोगों की नजर उन पर रही। हाई कोर्ट पर पहुंचने पर भी कर्मचारी और लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा। जस्टिस बंसल ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से प्रेरित होकर भी साइकिल चला रहे हैं। इस दौरान हाई कोर्ट के कई कर्मचारियों ने भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल से आने-जाने की पहल की। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की थी ताकि ऊर्जा की बचत हो सके और विदेशी मुद्रा पर पढ़ने वाला दबाव कम किया जा सके। जस्टिस डी डी बंसल ने कहा कि हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं जा सकते ऐसा सोचना गलत है; जहां तक संभव हो सबको साइकिल चलाकर तेल की बचत करनी चाहिए.
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आजमगढ़ में जमीन घोटाले समेत फरार अभियुक्ता के घर पर उद्घोषणा, नोटिस चस्पा

Azamgarh, Uttar Pradesh:Azamgarh. फरार अभियुक्ता के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर उद्घोषणा, घर पर डुगडुगी बजाकर चस्पा किया नोटिस, जमीन के नाम पर 33.30 लाख की धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रही अभियुक्ता पर पुलिस की कार्रवाई। जनपद आजमगढ़ की शहर कोतवाली पुलिस ने जमीन के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रही अभियुक्ता के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की है। पंजीकृत मुकदमा सं. 92/26 से संबंधित वांछित अभियुक्ता निलम, निवासिनी कोडर अजमतपुर शहर कोतवाली की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किये गये। जहां अभियुक्ता के घर एवं संभावित ठिकानों पर बार-बार दबिश के बावजूद गिरफ्तार नहीं हो पायी। अभियुक्ता निलम ने कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं किया है। इस मामले में जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अभियुक्ता के विरुद्ध धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत उद्घोषणा की कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार अभियुक्ता निलम पत्नी विनोद कुमार निवासी कोडर अजमतपुर, शहर कोतवाली पर मुकदमें में सहअभियुक्त कृष्णचन्द राय निवासी मुहम्मदपुर फेटी थाना बरदह आजमगढ़ जिनका हाल पता मोहल्ला बदरका थाना शहर कोतवाली व अन्य द्वारा मिलकर पीड़ित रूद्रान्श राय निवासी ग्राम मधुबन, पोस्ट कन्धरापुर, आजमगढ़ को जमीन बेचने हेतु फर्जी दस्तावेज दिखाकर धोखाधड़ी करके 33,30,000 रूपये लिये गये। जिसके सम्बन्ध में 8 मार्च 26 को मुकदमा सं. 92/26 धारा धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 352, 351(3), 111(7) बीएनएस पंजीकृत है। जहां आपराधिक कृत्यों में संलिप्त व फरार अभियुक्ता के घर मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर डुगडुगी बजवाई गई तथा गवाहों के हस्ताक्षर कराये। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मधुबन कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक-नगर, आजमगढ़
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शहाईवे के किनारे सड़क में हुए बड़े गड्ढे में भरे पानी दुर्घटना की आशंका

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Shahabad, Uttar Pradesh:गिलजई मोहल्ले में हाईवे पर सड़क के किनारे पाइप लीकेज होने की वजह से कर्मचारियों ने एक बड़ा गड्ढा खोदकर डाल दिया जिसमें पानी भर गया है। इस स्थान से लोगों का बड़ी संख्या में आना-जाना है। हाईवे के ठीक किनारे यह गड्ढा कर्मचारियों द्वारा बनाया गया और बनाकर छोड़ दिया गया। पिछले दो दिनों से यह गड्ढा ऐसे ही पड़ा है। मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे स्कूटी विक्रेता राजू खां ने बताया दो दिन से गड्ढे में पानी भरा हुआ है । बड़ा गड्ढे होने की वजह से लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो सकते हैं लेकिन जल निगम या नगर पालिका द्वारा इस गड्ढे को भरवाने की जहमत नहीं उठाई गई और न ही लीकेज पाइप को दुरुस्त कराया जा रहा है।
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NEET 2026 रद्द: पेपर लीक और भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य खतरे में

Noida, Uttar Pradesh:NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
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NEET 2026 रद्द: लाखों छात्रों के सपने बदले, सरकार पर पेपर लीक का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार。 यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है۔
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जामताड़ा में बिजली-Paani की मांग पर बीजेपी घेराव, तत्काल समाधान नहीं तो आंदोलन तेज

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा में बिजली और पानी की गंभीर समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान धनबाद के भाजपा विधायक Raj Sinha विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और समाहरणालय गेट पर खाली घड़े फोड़कर राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने "हेमंत सोरेन हाय-हाय" के नारे लगाते हुए सरकार पर जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। मौके पर विधायक Raj Sinha ने कहा कि Hemant Soren सरकार लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में आंदोलन को और तेज करेगी। बाइट – Raj Sinha, भाजपा विधायक, धनबाद “जामताड़ा सहित पूरे राज्य में बिजली और पानी की स्थिति बदहाल है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हेमंत सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में विफल रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी。”
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धनबाद में 13 हजार जन्म प्रमाणपत्र गायब: डेटा चोरी से जनता परेशान

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के क्षेत्रीय कार्यालय से सरकारी डेटा की चोरी हुई है जिससे हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। जानकारी के अनुसार साल 2019 से पहले जारी किए गए लगभग 13 हजार जन्म प्रमाणपत्रों का पूरा डेटा सरकारी रिकॉर्ड से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। प्रशासन की इस भारी चूक का सीधा असर अब आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। आलम यह है कि स्कूल में दाखिला दिलाना हो, राशन कार्ड बनवाना हो या किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ लेना हो, लोग जन्म प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम मुख्यालय से लेकर झरिया अंचल कार्यालय के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। इस पूरे मामले की जड़ें साल 2019 तक जाती हैं। बताया जा रहा है कि 2 अप्रैल 2019 को पहली बार इस बात का खुलासा हुआ था कि झरिया अंचल के राज ग्राउंड स्थित पुराने कार्यालय से जन्म और मृत्यु से संबंधित अति महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं। उस समय के तत्कालीन प्रोग्राम ऑफिसर ने इस बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए झरिया थाने में बाकायदा प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। इस रिपोर्ट में विभाग के ही दो कर्मियों की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। ताज्जुब की बात यह है कि पुलिस केस होने और इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक उन फाइलों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। हैरानी इस बात पर भी होती है कि प्रशासन ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस विभागीय जांच या कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि जब कोई पीड़ित व्यक्ति अपनी समस्या लेकर दफ्तर पहुंचता है, तो वहां तैनात कर्मचारी सीधे तौर पर पल्ला झाड़ लेते हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि पुराना कोई भी रिकॉर्ड अब उनके पास मौजूद नहीं है, इसलिए पुराने प्रमाणपत्र में सुधार करना या उसे डिजिटल पोर्टल पर चढ़ाना मुमकिन नहीं है। अधिकारियों द्वारा लोगों को यह अजीबोगरीब सलाह दी जा रही है कि वे अपने पुराने रिकॉर्ड्स को भूल जाएं और घर में जन्म दिखाकर नए सिरे से आवेदन करें। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि एक नया प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्हें दो से तीन महीनों तक दफ्तरों की धूल फांकनी पड़ती है और इस बीच सुविधा शुल्क के नाम पर पैसों की मांग भी की जाती है। धनबाद नगर निगम के नगर आयुक्त ने बताया कि 2019 का मामला है 13 हजार दस्तावेज गायब हुआ है, सबसे पहले डेटा को खोजने का प्रयास किया जाएगा इसके लिए समिति का गठन किया जा रहा है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
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