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Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow30 Dec 2024, 06:02 am
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बारिश में बैतूल की मां ने बेटे को साड़ी से ढककर देशभक्ति की मिसाल बनाई

Betul, Madhya Pradesh:स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां देशभर में आजादी का जश्न मनाया गया, वहीं दो अलग-अलग तस्वीरें चर्चा का विषय बन गई हैं। पहली तस्वीर दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से सामने आई, जहां ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी के इशारे वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। हालांकि कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पूरा वंदे मातरम गाया गया और किसी ने भी इसे बीच में नहीं रुकवाया। लेकिन इसी बीच मध्यप्रदेश के बैतूल से सामने आई एक तस्वीर लोगों के दिलों को छू रही है। जिला पुलिस ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान तेज बारिश हो रही थी। तभी वंदे मातरम गान शुरू हुआ। बारिश से बचाने के लिए एक मां ने अपने बेटे को अपनी साड़ी के पल्लू से ढक लिया, लेकिन खुद बारिश में भीगती रही। राष्ट्रगीत समाप्त होने तक वह अपने स्थान पर पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ खड़ी रही। यह मार्मिक दृश्य कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे राष्ट्रगीत और देशभक्ति के प्रति सम्मान की मिसाल बता रहे हैं। एक तरफ वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, तो दूसरी तरफ बैतूल की यह मां अपने मौन आचरण से बता रही है कि देशभक्ति शब्दों से नहीं, संस्कारों और सम्मान से दिखाई देती है।
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तीन गावों के संयुक्त डाकघर में पानी और शौच सुविधा नदारद, कर्मचारी परेशान

Fatehgarh Sahib, Punjab:ਤਿੰਨ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਡਾਕਘਰ ਦੀ ਮਾੜੀ ਹਾਲਤ, ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਤੇ ਬਾਥਰੂਮ ਦੀ ਵੀ ਸਹੂਲਤ ਨਹੀਂ  ਅਮਲੋਹ ਦੇ ਪਿੰਡ ਘੁਟੀਂਡ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਪਿੰਡਾਂ ਲਈ ਚੱਲ ਰਹੇ ਸਾਂਝੇ ਡਾਕਘਰ ਦੀ ਹਾਲਤ ਬੇਹੱਦ ਮਾੜੀ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰੀ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਡਾਕਘਰ ਵਿੱਚ ਨਾ ਤਾਂ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਕੋਈ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ  ਬਾਥਰੂਮ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਉਪਲਬਧ ਹੈ。 ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਮਹਿਲਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੂੰ ਝੱਲਣੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ, ਜੋ ਡਿਊਟੀ ਦੌਰਾਨ ਬਾਥਰੂਮ ਜਾਣ ਲਈ ਨੇੜਲੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੈ। ਤਿੰਨ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸੇਵਾ ਕੇਂਦਰ ਵਜੋਂ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਇਸ ਡਾਕਘਰ ਵਿੱਚ ਮੁੱਢਲੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਸਰਕਾਰੀ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ’ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਡਾਕਘਰ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਦੀ ਹਾਲਤ ਸੁਧਾਰੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇੱਥੇ ਤੁਰੰਤ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਬਾਥਰੂਮ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਤੋਂ ਕੰਮ ਲੈਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣਾ ਵੀ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ।
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पश्चिम मेदिनीपुर के चांदड़ा रेंज के झरियाशोल इलाके में हाथी शावक की मौत, वन विभाग जांच

Mollar Chak, West Bengal:এক হস্তি শাবকের মৃত্যুকে ঘিরে চাঞ্চল্য ছড়ালো পশ্চিম মেদিনীপুর জেলার চাঁদড়া রেঞ্জের ঝরিয়াশোল শিরষী এলাকায়। সকালেlocalsরা অসুস্থ অবস্থায় ধানজমিতে এই হস্তি শাবকটিকে পড়ে থাকতে দেখতে পায়। সেই সময় আরো দুটি হাতি ওই শাবককে ঘিরে ছিল। পরবর্তীকালে দেখা যায় ওই হস্তি শাবকের মৃত্যু হয়েছে। খবর পেয়ে বন দফতরের আধিকারিকেরা গিয়ে হস্তি শাবকটিকে উদ্ধার করে নিয়ে যায়। তবে কি কারণে মৃত্যু, তা খতিয়ে দেখছে বন-দফতর। হস্তি শাবকটির ময়না তদন্ত করা হবে বলে জানা গেছে। বর্তমানে ওই এলাকায় একটি হাতির দল রয়েছে, বনদপ্তরের পক্ষ থেকে এলাকা বাসীদেরকে সতর্ক থাকতে বলা হয়েছে।
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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के समर्थन में बीपीएससी छात्रों का उपवास, बिहार बंद की चेतावनी

Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग पीएचडी होल्डर, रिसर्च स्कॉलर, 70 वीं बीपीएससी छात्रों के प्रोटेस्ट में पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव। गर्दनीबाग में एक दिवसीय उपवास पर बैठे सांसद। गर्दनीबाग में भारी संख्या में फोर्स तैनात किये गये है। 13 सूत्री मांग को लेकर कर रहे हैं धरना। वही पप्पू यादव ने कहा बिहार सरकार लगातार हमारे बच्चे चाहें वो बीपीएससी के हो, रिसर्च स्कॉलर हो उनके साथ अन्याय कर रही है। रिसर्च स्कॉलर के बच्चों के साथ लगातार ऑनलाइन सफाई हो रही है उनके उमर को लेकर के यूजीसी के नियमों को लेकर के। लगातार गिरीश चौधरी की ओर से जो विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष हैं। वह बच्चों की बातों को नहीं सुन रहे हैं लगातार उनकी बातों की अनदेखी कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से बच्चे गर्दनीबाग में मर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी सुन नहीं रहे है। हम बिहार सरकार के एजुकेशन व्यवस्था के खिलाफ, आज उपवास पर बैठे हुए हैं। प्रधानमंत्री जी बच्चों को बौद्धिक नक्सली कह रहे हैं। Gen z और जेन अल्फा को कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री की नींद अब खुली है। कह रहे हैं कि फ्री में कोचिंग देंगे कोचिंग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। आप बौद्धिक नक्सली किसको कह रहे हैं विवेकानंद, महात्मा बुद्ध को, कबीर को, गुरुगोविंद को, आंबेडकर को। पप्पू यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा.. बच्चों की लड़ाई में आज हम सपोर्ट करने के लिए यहां बैठे हैं। अगर बिहार सरकार आज इस उपवास के बाद भी हमारी बात को नहीं सुनती है। तो हम बिहार बंद करेंगे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। बाइट — पप्पू यादव, सांसद, निर्दलीय, पूर्णिया
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अरबी लिबास में हिन्दू युवक अजमेर दरगाह पहुँचा, भाईचारे का संदेश दे रहा है

Ajmer, Rajasthan:मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी है हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा, शायर जोश मालियाबादी का यह कलाम हालात मुल्क के लिए बेहद जरूरी है, यही वजह है कि मुल्क हिंदुस्तान में फैली नफरती सियासत के ख़ात्मे की मुराद लिए सैकड़ो किलोमीटर का सफर कर एक हिन्दू नौजवान अरबी लिबाज़ में अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचा है। जहा उसका ये अनूठा अंदाज़ लोगो को खूब पसंद आया। अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे ज़ायरीन भी उसके साथ सेल्फी लेते नज़र आये। सलाम टीवी से खुसूसी बातचीत में अंकित सोनी ने बताया कि हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैही की बारगाह से उन्हें बेहद अक़ीदत है और उनकी ज़िंदगी की कामयाबी अजमेर से हासिल हुई है। यही वजह है मज़हबी नफरत के खात्मे की दुआ लेकर वो अजमेर आये है और वो खुद एक हिन्दू होकर अरबी लिबाज़ पहन कर इंसानियत भाई चारा का पैग़ाम भी दे रहे है। ऐसे में उनकी खिदमते खल्क और वतन परस्ती से हम वतनों को कौमी यकजहती का बड़ा पैग़ाम भी दिया जा रहा है। देखते है अजमेर से हमारे नुमाईंदा मोहम्मद रईस खान की एक खास रिपोर्ट।
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सेवक कॉर्नेशन ब्रिज से तिस्ता नदी में कूदने की कोशिश लोगों ने रोक दी

Mal Bazar, West Bengal:সেভকের করনেশন সেতু থেকে তিস্তা নদীতে ঝাঁপ দেওয়ার চেষ্টা করলেন এক মহিলা। স্থানীয় মানুষের তৎপরতায় বড়সড় বিপদ থেকে রক্ষা পেলেন তিনি। ঘটনার একটি ভিডিও ইতিমধ্যেই সামাজিক মাধ্যমে ভাইরাল হয়েছে। জানা গিয়েছে, গতকাল বিকেলে সেভকের করনেশন সেতুর রেলিংয়ে উঠে ঝাঁপ দেওয়ার চেষ্টা করেন ওই মহিলা। বিষয়টি নজরে আসতেই স্থানীয় মানুষ দ্রুত তাঁকে রেলিং থেকে টেনে নামিয়ে আনেন। ঘটনায় আতঙ্ক ছড়িয়ে পড়ে সেভক ঘুরতে আসা পর্যটকদের মধ্যে। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছয় পুলিশ। পরে ওই মহিলাকে উদ্ধার করে নিয়ে যায় পুলিশ। তবে এখনও পর্যন্ত তাঁর পরিচয় জানা যায়নি। কী কারণে তিনি সেতু থেকে তিস্তা নদীতে ঝাঁপ দেওয়ার চেষ্টা করেছিলেন, সেটিও স্পষ্ট নয়। ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ।
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वाराणसी एयरपोर्ट गोलीकांड: दो कर्मी घायल, आरोपी यात्री गिरफ्तार

JPJai Pal3m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चली गोली, मची अफ़रा-तफ़री। हादसे में एयरपोर्ट पर AAICLAS के दो स्क्रीनर्स एक महिला और एक युवक गोली लगने से घायल। गोली चलाने वाला यात्री आजमगढ़ का निवासी, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-1810) से जा रहा था मुंबई। यात्री अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहा था और उसने अपने हथियार को नियमों के तहत डिक्लेयर किया था। सुबह लगभग 0:30 बजे चेकिंग और हथियार की जांच के दौरान अचानक पिस्टल से चली गोली। पिस्टल से निकली गोली फर्श से टकराकर पास खड़े दो कर्मचारियों को जा लगी। हादसे में घायल महिला कर्मचारी के जांघ में लगी गोली। दूसरे घायल युवक कर्मचारी के हाथ में लगी गोली, दोनों बुरी तरह जख्मी। घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए हरहुआ स्थित 'न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर' ले जाया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने पुष्टि करते हुए कहा हथियार चेकिंग के दौरान यात्री से अनजाने में 1 राउंड फायर हुआ। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को दी गई सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस टीम। पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू की।
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चमोली में भारी बारिश से NH मार्गों पर भू-स्खलन, 26 ग्रामीण सड़कें अभी बंद

Karnaprayag, Uttarakhand:उत्तराखंड के चमोली जिले में आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश की वजह से जिले के अंतर्गत दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्ख्लन हुआ, जिससे घंटों यातायात पूरी तरह ठप रहा। बद्रीनाथ हाईवे चमोली बाजार के पास बाजपुर में, जबकि सिमली-ग्वालदम हाईवे आमसौड़ में भारी मलबा आने के कारण बंद हो गए थे। सड़क बंद होने से सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करते हुए घंटों इंतजार करना पड़ा। अब इन दोनों स्थानों पर यातायात सुचारू हो गया है। भारी बारिश से मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही NHIDCL और BRO की टीमों ने भारी मशीनों के साथ मौके पर मोर्चा संभाला। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों हाईवे से मलबा हटाकर यातायात को दोबारा सुचारू कर दिया गया है।हालांकि, राहत के बीच चिंता की बात यह है कि जिले के अंदरूनी इलाकों में हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। बारिश और भूस्खलन की वजह से जिले की 26 ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद पड़ी हुई हैं। संबंधित विभागों की जेसीबी और पोकलैंड मशीनें इन सड़कों को खोलने के काम में लगातार जुटी हुई हैं।
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ज्ञानपुर की राजनीति हिली: 2022 ने विजय मिश्रा की सत्ता कमजोर की

Lucknow, Uttar Pradesh:पीटीसी 1 -उस दौर में जिस 23 साल के नए नवेले बाहुबली के सिर पर इस कत्ल का इल्जाम लगा...उसने आगे चलकर यूपी की सियासत में ऐसा दबदबा बनाया कि भदोही की ज्ञानपुर सीट उसकी जागीर बन गई..वो चार बार विधायक रहा...सरकारें बदलीं...निजाम बदले....लेकिन ज्ञानपुर में हुकूमत उसी की चली)) पीटीसी-2 कोर्ट का फैसला सुनते ही कभी पूरे पूर्वांचल में अपनी तूती बोलने वाले विजय मिश्रा का चेहरा फक पड़ गया था...मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत पर बाहर चल रहे बाकी तीन आरोपियों को भी फैसले के बाद तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया )) पीटीसी -3 कहा जाता है कि कानून की चक्की धीरे पीसती है, लेकिन बहुत बारीक पीसती है... साल 1980 से लेकर अब तक विजय मिश्रा ने अपराध की सीढ़ियां चढ़ते हुए सत्ता के गलियारों तक अपनी मजबूत धाक जमाई..चार बार विधायक बने और भदोही पर राज किया...लेकिन अब एक तारीख ने संदेश साफ दे दिया कि जुर्म का कितना भी बड़ा किला क्यों न खड़ा कर लिया जाए...कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन है...23 साल की उम्र में जिस जुर्म की नींव रखी गई थी...69 साल की उम्र में मिली उम्रकैद की सजा ने बाहुबल के उस साम्राज्य को हमेशा हमेशा के लिए मलबे में तब्दील कर दिया है)) पीटीसी 4 -साल 2002 में जब पहली बार विजय मिश्रा ने ज्ञानपुर से ताल ठोंकी.. तो उन्होंने इस सीट के पुराने सारे राजनीतिक गणित बिगाड़ दिए...2002, 2007, 2012 और फिर 2017... लगातार चार बार चुनाव जीतकर उन्होंने ज्ञानपुर पर अपनी ऐसी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई कि विरोधी भी मान बैठे कि इस किले को ढहाना नामुमकिन है...लेकिन राजनीति में कोई भी गढ़ स्थायी नहीं होता..2022 में ज्ञानपुर ने वो बदलाव देखा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी पीटीसी- 5 ज्ञानपुर की हवा में आज भी राजनीति की वैसी ही गरमाहट महसूस की जा सकती है...जैसी हर चुनाव में होती है...लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि दो दशक पहले तक यहां का चुनाव व्यक्ति केंद्रित हुआ करता था... 2002 से लेकर 2017 तक यहां की राजनीति का एक ही केंद्र बिंदु था...विजय मिश्रा...लेकिन 2022 के नतीजों ने ज्ञानपुर की इस पुरानी कहावत को बदल दिया कि ज्ञानपुर मतलब विजय मिश्रा नहीं होता...आज यहां मुद्दों की बात हो रही है...जातिगत गठजोड़ की बात हो रही है...और इस बात की चर्चा हो रही कि आने वाले दिनों में ये सीट किस करवट बैठेगी)) पीटीटी -6 ज्ञानपुर में 2022 का चुनाव केवल हार जीत का फैसला नहीं था...बल्कि ये इस बात का सबूत था कि जब सामाजिक समीकरणों और दलीय संगठन का मेल होता है...तो बड़े बड़े बाहुबल की दीवार ढह जाती है..मौजूदा विधायक विपुल दुबे ने जिस सामाजिक गठजोड़ के दम पर यहां सत्ता परिवर्तन किया है..वो आज ज्ञानपुर की राजनीति का नया मॉडल बन चुका है...लेकिन सवाल ये है कि क्या ये बदलाव स्थायी है? या फिर आने वाले दिनों में ज्ञानपुर फिर किसी नए सियासी ध्रुवीकरण का गवाह बनेगा?))
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थराली में वेस्ट टू वेंडर कार्यक्रम: बच्चों ने बेकार वस्तुओं से उपयोगी वस्तुएं बनाईं

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के थराली में नगर पंचायत की ओर से “वेस्ट टू वेंडर” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बेकार पड़ी वस्तुओं और वेस्ट मटेरियल से उपयोगी वस्तुएं तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के जरिए बच्चों ने जहां स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं कूड़े के बेहतर निस्तारण और उसके पुनः उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक किया। थराली में आयोजित “वेस्ट टू वेंडर” कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। बच्चों ने बेकार पड़ी वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से उपयोगी वस्तुओं में बदलकर अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण और वेस्ट मटेरियल के पुनः उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया। नगर पंचायत की इस पहल के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सही सोच और रचनात्मकता के साथ बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का भी उपयोग किया जा सकता है। आयोजकों के मुताबिक, स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम विकासखंड स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों के साथ-साथ आम लोगों में भी स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण को लेकर जागरूकता बढ़े।
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