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FKFirasat KhanFollow7 Jan 2025, 12:26 pm

Pilibhit - लापता युवक की हत्या का सीसीटीवी फुटेज वायरल, पुलिस जांच में जुटी

Puranpur, Uttar Pradesh:

पूरनपुर,27 दिसंबर को लापता चल रहा सागर सिंह का शव रविवार को नगर के बराबर नाले में मिला था . मंगलवार को परिजनों को सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया और सड़क पर बैठ गए. सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई. सड़क पर बैठे मृतक के परिजनों और पुलिस में बहस होने लगी पुलिस ने जाम खुलवाया। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद सागर की मौत में नया खुलासा हुआ. उसमें देखा जा सकता है कि सागर को एक व्यक्ति ईट से कुचलकर मार रहा है. सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस आरोपी की पहचान में जुटी।

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बांसवाड़ा के बावड़ी में जमीन विवाद से खूनख़ार, आठ घायल; पुलिस कार्रवाई सवाल

AOAjay OjhaJust now
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा घायलों में सोहन पुत्र कपूरा, दिनेश पुत्र सोहन, मुकेश पुत्र सोहन, सानुर पुत्र सोहन, रीना पुत्री सोहन, कंकु पत्नी सोहन और रेखा पत्नी मुकेश सहित अन्य शामिल हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना से एक दिन पहले ही पुलिस को शिकायत दी गई थी। घटना के समय मौके पर पुलिस का एक जवान भी मौजूद था, लेकिन आरोप है कि करीब 11 हमलावर तलवारों से हमला करते रहे और जवान कार्रवाई करने के बजाय वीडियो बनाता रहा। हमले का आरोप महेश, मांगीलाल, गोविंद, पप्पूलाल, शंकरलाल सहित अन्य लोगों पर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों के साथ कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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गिरिजन नदी संरक्षण के लिए दीपावास में संकल्प सभा, अरावली के आसपास जागरूकता बढ़ी

Sikar, Rajasthan:गिरिजन नदी संरक्षण को लेकर दीपावास में संकल्प सभा आयोजित। पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प। गिरिजन नदी संरक्षण के लिए दीपावास में दीपावास ग्राम दीपावास दीपावास में गिरिजन नदी के तट पर गिरिजन नदी संघर्ष संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गिरिजन नदी, अरावली पर्वतमाला और क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के लिए जनजागरण एवं जनसहभागिता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में जयपुर, कोटपूतली, तिजारा, शाहपुरा, उदयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि गिरिजन नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा है। यह दीपावास, हीरावाला, भगानपुरा, झेगमेड, अविनाशी, सवायपुरा, जुडला सहित आसपास के अनेक गांवों को लाभ पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि अरावली क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण, खनन और पर्यावरणीय नुकसान को रोकना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में जलपुरुष राजेंद्र सिंह, गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार विजेता पुष्पल सामंतरा तथा पर्यावरणविद् डॉ. एम. जोशी ने अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. जोशी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का सही सीमांकन और संरक्षण पर्यावरण बचाने की दिशा में पहला कदम है। वहीं पुष्पल सामंतरा ने ओडिशा में पर्यावरण संरक्षण के अपने अनुभव साझा करते हुए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। सभा के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने की घोषणा की गई। संघर्ष के अग्रणी कैलाश मीणा को 25 हजार रुपये के सम्मान की घोषणा की गई। इसके अलावा जोड़ीपुर संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन को सफल बनाने के लिए 15 हजार रुपये की सहयोग राशि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभा का संचालन हुसैन ने किया। पूर्व सरपंच समश्री मीणा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कैलाश मीणा और हंसराज ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने गिरिजन नदी और अरावली क्षेत्र के संरक्षण के लिए मिलकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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बहेड़ी से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग तेज, व्यापार मंडल ने डीआरएम को सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी के व्यापारियों ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल समस्याओं के समाधान के लिए आवाज बुलंद करते हुए बरेली स्थित इज्जतनगर मंडल रेल कार्यालय में डीआरएम से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (बहेड़ी) के प्रदेश मंत्री एवं तहसील अध्यक्ष अतुल गर्ग के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम वीणा सिन्हा और एडीआरएम मनोज कुमार को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर बहेड़ी से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की प्रमुख मांग उठाई। व्यापारियों ने बताया कि दिल्ली के लिए प्रत्यक्ष रेल सेवा न होने से व्यापारियों, छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बहेड़ी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज तथा मुंडिया गली रेलवे फाटक पर अंडरपास का निर्माण कराने की भी मांग की गई। डीआरएम वीणा सिन्हा और एडीआरएम मनोज कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित रेलवे इंजीनियर को प्रस्तावित कार्यों का शीघ्र सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में नगर अध्यक्ष सलीम रहवर, महामंत्री आसिफ रिजवी, उपाध्यक्ष अनूप गुप्ता, संयुक्त मंत्री अलीम पप्पू, युवा अध्यक्ष नदीम फैंसी, युवा महामंत्री तय्यब कासमी, मीडिया प्रभारी वसीम आइडिया, उमर रशीद, असलम खान, गयासुद्दीन पहलवान, नरेश साहब, मोहम्मद अलफ़ान, मोहम्मद अमान, सत्यवीर राठौर, ऋषभ सक्सेना सहित अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।
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कैबिनेट ने केन-बेतवा और परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज मंजूर किया

Panna, Madhya Pradesh:1--मुख्यमंत्री की सौगात 5 लाख पाने वालों को अब 7.5 लाख और मिलेगे , कुल 12.5 लाख का पैकेज 2--पन्ना जिले के केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगाएं सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत , 3--मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय ,पूर्व मंत्री और पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस कांफ्रेस कर जानकारी दी मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 08 ग्रामों में विशेष विस्थापन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ दिनांक की वृद्धि को स्वीकृति देते हुए नवीन संभावित 313 परिवारों को विशेष पैकेज की कुल अनुदान राशि रू. 39.125 करोड़ को सम्मिलित करते हुये परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड़ 325 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। पूर्व में डूब प्रभावित ग्रामों के कृषि भूमि अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 की प्रकाशन तिथि 21 जनवरी 2022 को कट-ऑफ मानते हुए कुल 1890 परिवारों की गणना की गई थी। इन्हीं ग्रामों के आबादी भूमि/निजी भूमि पर स्थित मकानों के मुआवजा निर्धारण हेतु धारा-11 अंतर्गत म.प्र. के राजपत्र में प्रकाशन 15 मार्च 2024 को हुआ। प्रभावित परिवारों द्वारा की जा रही मांग तथा परियोजना का निर्माण कार्य सुचारू एवं त्वरित गति से क्रियान्वयन के दृष्टिगत आबादी भूमि एवं मकान के लिए धारा-11 के प्रकाशन 15 मार्च 2024 को आधार मानकर कट-ऑफ दिनांक में वृद्धि की स्वीकृति देते हुए 313 परिवारों को विशेष पुनर्वास पैकेज दिया जाना निर्णीत हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से 730 डूब प्रभावितों को पूर्व में एकमुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रूपये प्रति परिवार के मान से स्वीकृत की गई राशि के स्थान पर, डूब प्रभावित परिवारों द्वारा पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन हेतु स्वीकृत राशि रु.12.50 लाख प्रति परिवार के समान की जा रही मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत पुनर्वास पैकेज के समान राशि दिए जाने की मांग की जाती रही है। डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत रखते हुए, केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान, रूंज मध्यम परियोजना से प्रभावित 730 विस्थापित परिवार के लिए प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल रू. 54 करोड़ 75 लाख की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। यह राशि रूज मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 269 करोड़ 79 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा मझगाँव मध्यम सिंचाई परियोजना से 1450 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रुपये प्रति परिवार के स्थान पर, (पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के मान से) डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) रुपये की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल 108 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह राशि मझगाँय मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भूमि एवं परिसंपत्ति अधिग्रहण के लिए कुल स्वीकृत राशि 364 करोड़ 56 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी। बाइट -- ब्रजेंद्र प्रताप सिंह पूर्व मंत्री एवं विधायक पन्ना
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PM जनमन सड़क धंसकर: ओवरलोड और तकनीकी खामियों से अधिकारी निलंबित

Kawardha, Chhattisgarh:कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के खरिया से अगरी तक लगभग ढाई करोड रुपए की लागत से निर्मित 3 किलोमीटर लंबी पीएम जनमन योजना के तहत बनी सड़क धंसने के मामले में राज्य स्तरीय जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने मौके पर पहुंचकर कोर कटिंग सहित तकनीकी जांच कराई। जांच में सामने आया कि 10-12 टन क्षमता वाली सड़क पर 60-70 टन तक के ओवरलोड वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई। मॉनीटरिंग और गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि कार्यपालन अभियंता संतोष ठाकुर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तथा क्षतिगस्त हिस्से को उखाड़कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ओवरलोड वाहनों पर परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
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सेना के मेडिकल अधिकारी ने CPR से दुर्घटना में घायल युवक की जान बचाई

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड: 8 जुलाई को बनबसा-चंपावत रोड पर सुखिधांग के पास सड़क दुर्घटना के शिकार एक व्यक्ति की जान भारतीय सेना के एक मेडिकल ऑफिसर की तुरंत और सही समय पर की गई मदद से बच गई। सुबह लगभग 11:05 बजे, भारतीय सेना के मेजर जनरल वी.के. पात्रा बरेली से पिथौरागढ़ जा रहे थे। तभी सुखिधांग के पास चलथी मोड़ से लगभग 2 किमी पहले उन्होंने देखा कि सड़क पर बेसुध पड़े एक मोटरसाइकिल सवार के चारों ओर लोगों की भीड़ जमा है। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि घायल व्यक्ति की मौत हो चुकी है। अपनी मेडिकल जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने तुरंत घायल व्यक्ति की जांच की और पाया कि वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था, उसकी नब्ज नहीं चल रही थी और वह खुद से सांस भी नहीं ले रहा था। स्थिति को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) समझकर, उन्होंने तुरंत तय प्रोटोकॉल के अनुसार बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) शुरू किया। उन्होंने अपने साथ गाड़ी चला रहे सेना के जवान को रेस्क्यू ब्रीद (सांस देने) में मदद करने का निर्देश दिया, जबकि वे खुद अच्छी तरह से चेस्ट कम्प्रेशन (छाती को दबाना) करते रहे। लगभग दो मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) करने के बाद, घायल व्यक्ति में रक्त संचार और सांस लेने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई। सिर में चोट की आशंका को देखते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने मरीज को सावधानीपूर्वक 'रिकवरी पोजीशन' में रखा ताकि सांस की नली खुली रहे और उल्टी होने पर कुछ भी सांस کی नली में जाने (एस्पिरेशन) का खतरा कम हो सके। चोटों की गंभीरता को समझते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने साथ ही बनबसा छावनी से सेना की एम्बुलेंस बुलाने का इंतजाम भी किया। सेना का मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और घायल व्यक्ति की हालत स्थिर करके उसे आगे के इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। इस बीच, चलथी पुलिस चौकी से डायल-112 के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उसके परिवार से संपर्क किया। घायल व्यक्ति की पहचान लक्ष्मण सिंह (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई, जो बिशन सिंह के बेटे थे और खटीमा के चकरपुर इलाके में बुधाबाग के रहने वाले थे। वे दुर्घटना के समय अपने रिश्तेदारों के साथ पूजा के लिए लोहाघाट जा रहे थे। यह घटना मौके पर मौजूद लोगों की तुरंत मदद और कार्डियक अरेस्ट के बाद के अहम मिनटों में बेसिक लाइफ सपोर्ट और CPR से जान बचाने के महत्व को उजागर करती है। यह भारतीय सेना और उसके मेडिकल समुदाय की जीवन बचाने की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है—न केवल युद्ध के मैदान में बल्कि नागरिक आपात स्थितियों में भी—यह दिखाते हुए कि हर प्रशिक्षित सैनिक और सैन्य चिकित्सा पेशेवर जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकता है。
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कुरुक्षेत्र में पुजारी पर लाठीचार्ज, गला घोंटकर मारने की कोशिश; गिरफ्तारी की मांग

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :- जिला कुरुक्षेत्र के अढ़ोनी गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी के साथ हुई बेरहमी ने पूरे गांव को झकझोर दिया। मंदिर में अकेले रहकर सेवा और साफ-सफाई करने वाले पुजारी पर दो लोगों ने लाठी से हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उन्हें बुरी तरह पीटा गया, उनकी टांग तोड़ दी गई और अधमरा करने के बाद गले में कपड़ा डालकर सड़क तक घसीटा गया। पूरी वारदात मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। गांव के सरपंच परमजीत सिंह के अनुसार, घटना देर शाम करीब 4 बजे के बीच की है। उस समय बुजुर्ग पुजारी रोज की तरह मंदिर में साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी पंकज अपनी गाड़ी से वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि वह सामने स्थित पीर की मजार पर बैठता है। पत्नी से मंगवाई लाठी, फिर शुरू कर दी पिटाई सरपंच के मुताबिक, आरोपी ने वहां पहुंचने के बाद अपनी पत्नी से लाठी मंगवाई। इसके बाद उसने बुजुर्ग पुजारी पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। लाठी के जोरदार प्रहार से पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि उनकी टांग भी तोड़ दी गई और उन्हें अधमरी हालत में छोड़ दिया गया। दूसरा आरोपी भी पहुंचा, गले में कपड़ा डालकर सड़क तक घसीटा ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दौरान आरोपी के साथ एक और व्यक्ति भी था, जिसकी पहचान इंद्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह डेरा रायावाला से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर घायल पुजारी के गले में कपड़ा (परना) डाला और उन्हें सड़क तक उसी तरह घसीटकर ले गए, जैसे किसी शव को खींचा जाता है। इसके बाद उन्हें गांव के चौराहे पर छोड़ दिया। सुबह खून देखकर लोगों को हुआ शक अगली सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने मंदिर के आसपास खून पड़ा देखा। पुजारी भी वहां नहीं मिले। इसके बाद गांव के लोग सरपंच के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। सरपंच बोले- वजह क्या थी, यह आरोपी ही बता सकता है सरपंच ने बताया कि गांव वालों को अब तक यह नहीं पता कि आरोपी ने पुजारी पर हमला क्यों किया। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वे शांत स्वभाव के थे और पूरे मंदिर की सेवा और साफ-सफाई करते थे। हालांकि कुछ रंजिश की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि हमला किस वजह से किया गया, इसका जवाब केवल आरोपी ही दे सकता है। गांव वालों के कहने पर दोबारा आए थे पुजारी ग्रामीणों के मुताबिक, बुजुर्ग पुजारी पहले भी कई साल तक इसी मंदिर में रह चुके थे। कुछ समय बाद वे यहां से चले गए थे। बाद में गांव वालों के आग्रह पर दोबारा मंदिर में रहने और सेवा करने आए थे। गांव के लोग उन्हें बेहद सम्मान देते थे और उनके व्यवहार को लेकर कभी कोई शिकायत सामने नहीं आई। आरोपी पर पहले भी विवाद करने के आरोप सरपंच ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी पंकज पहले भी लोगों से विवाद करता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें रही हैं। इसलिए इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना न हो। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है。
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लापता संजय कुमार परिजनों ने देवबंद में पुलिस से तलाश की गुहार

Saharanpur, Uttar Pradesh:30 तारीख से लापता युवक की पुलिस नहीं कर पाई तलाश परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचे लापता युवक की तलाश के लिए लगाई गुहार, औरैया जिले का रहने वाला संजय कुमार कुछ लोगों के साथ सहारनपुर के थाना देवबंद क्षेत्र में काम करने के लिए पहुंचा था, पिछले 5 महीने से संजय कुमार देवबंद क्षेत्र में रहकर मेहनत मजदूरी का कार्य कर रहा था लेकिन काफी दिनों से उसकी घर पर बात नहीं हुई जिसके बाद औरैया जिले के रहने वाले संजय कुमार के चाचा और भाई सहारनपुर पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की परिजनों ने आरोप लगाया है कि 30 तारीख से संजय लापता है और जिनके साथ काम पर आया था उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं , परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंच युवक की बरामदगी के लिए गुहार लगाई है , लापता युवक के चाचा जयकरण सिंह ने बताया कि उनका भतीजा लापता हो गया है किसी कंपनी में यहां पर कार्य करने के लिए आया था और जब कंपनी ने कम पर बुलाया था तो उनसे 23 हजार रुपए भी कंपनी के द्वारा जमा कराए गए थे इसके बाद उनको बताया गया कि दो लोगो को और बुलाओ लापता युवक ने अपने मां और मामा के गांव के एक लड़के को बुलाया था चाचा ने आरोप लगाया कि यह कंपनी ठगी का काम करती हैं और उनका जो भतीजा है पिछले चार-पांच महीने से यहां पर कार्य कर रहा था परिजनों का आरोप है कि जो लोग उसको कम पर लाए थे सीनियर लोग हैं उन्होंने ही संजय कुमार को गायब कराया है और देवबंद में ही उनका ऑफिस है और वह वहीं पर रहते हैं।
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ग्राम चौकीदारों ने मानदेय बढ़ाने के लिए मोर्चा खोला, 18–20 हजार की मांग

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर। उत्तर प्रदेश ग्राम चौकीदार संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी सहारनपुर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। चौकीदारों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹2500 प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। संगठन के प्रतिनिधि ठाकुर चरण सिंह ने बताया कि ग्राम चौकीदार वर्षों से गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पुलिस को सूचनाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न सरकारी कार्यों में सहयोग करते आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही राज्य कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। उन्होंने कहा कि चौकीदारों की ड्यूटी का कोई निर्धारित समय नहीं है। सप्ताह में दो दिन थाने और बाकी दिन गांव में लगातार काम करना पड़ता है। आरोप लगाया कि कई थानों में चौकीदारों से सफाई और अन्य निजी कार्य भी कराए जाते हैं, जबकि यह उनकी जिम्मेदारी में शामिल नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, आधुनिक वर्दी और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा महंगाई को देखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। साथ ही 30 दिन की नियमित ड्यूटी का उचित भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई संगठन ने सुझाव दिया कि बिहार और हरियाणा की तर्ज पर चौकीदारों का शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्गीकरण किया जाए, ताकि योग्य चौकीदारों को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियां दी जा सकें। ठाकुर चरण सिंह ने कहा कि सरकार से कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने मांग की कि ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम ₹18 हजार से ₹20 हजार प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकें और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला सकें।
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भगवान जगन्नाथ की अस्वस्थता के बाद उज्जैन में रथयात्रा की तैयारी तेज

Ujjain, Madhya Pradesh:सहस्त्र जलधाराओं के स्नान के बाद अस्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ को काढ़ा और खिचड़ी का सेवन कराया जा रहा है। महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस्कॉन मंदिर में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की तबीयत सहस्त्र जलधाराओं से स्नान के बाद बिगड़ गई है। परंपरा के अनुसार, स्नान के बाद भगवान के अस्वस्थ होने का काल शुरू हो गया है, जिसके चलते मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान भगवान को सांसारिक कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए मंदिर के सेवक पूरी निष्ठा के साथ सेवा में जुटे हुए हैं। परंपरा का पालन करते हुए भगवान ने अन्न और जल का त्याग कर दिया है और अब उन्हें पूरी तरह से प्राकृतिक उपचार दिया जा रहा है। मंदिर के सेवक अनंत गोपाल दास के अनुसार, भगवान को दिन में तीन बार विशेष औषधीय काढ़ा पिलाया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। वहीं, राजभोग के समय उन्हें बहुत ही सात्विक और हल्की खिचड़ी का भोग लगाया जा रहा है। पुजारियों और भक्तों का पूरा ध्यान भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने पर केंद्रित है, जिसके लिए मंदिर परिसर में लगातार विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मान्यताओं के मुताबिक, भगवान आषाढ़ अमावस्था तक इसी तरह एकांतवास में रहकर स्वास्थ्य लाभ करेंगे। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा को उन्हें विशेष स्नान कराकर नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे, जिसके साथ ही मंदिर के पट पुनः भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान के स्वस्थ होने के अगले दिन यानी 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रभु नगर भ्रमण पर निकलेंगे। फिलहाल, भक्त अपने आराध्य के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं और रथयात्रा के दिन के दर्शन के लिए बेहद उत्साहित हैं।
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होटल में महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के आरोप, CCTV से संदेह, पुलिस जांच शुरू

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में महिला कर्मचारी से कथित छेड़छाड़ के आरोप के बाद विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. होटल शिवसागर एनएक्स में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मियों पर छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि विरोध करने पर विवाद बढ़ गया, जिसमें वह घायल हो गई. महिला ने आरोप लगाया है कि उसके सिर पर काँच की बोतल से वार किया गया. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. फुटेज में होटल के भीतर विवाद और झूमाझटकी होती दिखाई दे रही है. हालांकि, फुटेज में छेड़छाड़ या कथित हमले के तरीके की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती. पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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विदिशा अस्पताल प्रसूति वार्ड डिलीवरी के बाद तीन नर्सों के विरोध में ज्ञापन सौंपा

Vidisha, Madhya Pradesh:एंकर : विदिशा जिला अस्पताल में 2 जुलाई को प्रसूति वार्ड के बाहर हुई डिलीवरी के मामले में तीन नर्सों के निलंबन के विरोध में गुरुवार को नर्सिंग स्टाफ ने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने पहुंचीं नर्सों में वे तीनों नर्सें भी शामिल थीं, जिन्हें विभाग ने निलंबित किया है। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि बिना उनका पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई की गई है। वहीं सीएमएचओ का कहना है कि पूरी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। वीओ-1 : 2 जुलाई की रात सिरोंज क्षेत्र की रहने वाली सुखवती ने जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के बाहर बच्चे को जन्म दिया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कर तीन नर्सों को निलंबित कर दिया। इसी कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ सीएमएचओ कार्यालय पहुंचा और निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बाइट : मनीषा, नर्स वीओ-2 : नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि घटना के संबंध में उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई और बिना उनका पक्ष जाने कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन और हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। बाइट : नर्स वीओ-3 : उधर, सीएमएचओ डॉ. रामहित कुमार ने विभागीय कार्रवाई को उचित बताते हुए कहा कि जांच के बाद ही निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर आउटसोर्स एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया है, वहीं कुछ सुरक्षा गार्डों को भी सेवा से हटाया गया है। बाइट : डॉ. रामहित कुमार, सीएमएचओ
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