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जयंतीपुर में नूरानी महफिल का आयोजन, देश की उन्नति के लिए दुआएं
Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद जनपद के जयंतीपुर ढाका में एक नूरानी महफिल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। महफिल में देश की उन्नति और समृद्धि के लिए दुआएं की गईं। इस कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों के बीच एकता और धार्मिक समर्पण का संदेश फैलाया।
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मलकपुर ग्राम प्रधान की डिलीवरी मौत पर अमरोहा सीएचसी में हड़कंप, सीएमओ ने जांच शुरू
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलकपुर की मौजूदा ग्राम प्रधान की डिलीवरी के दौरान मौत के बाद सीएचसी रहरा में हड़कंप, सीएमओ के औचक निरीक्षण में खुलीं खामियां अमरौहा जनपद के रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलकपुर की मौजूदा ग्राम प्रधान नीलम देवी की डिलीवरी के दौरान हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं मिले, जबकि घटना के समय तैनात स्टाफ नर्स और चिकित्सा अधीक्षक के भी अस्पताल से अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। इस पर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की गई है। सीएमओ ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाइट डॉ. रमाकांत सागर सीएमओ अमरोहा0
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फिरोजाबाद में मोहर्रम के लिए जिला प्रशासन सतर्क, जुलूस और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश
Firozabad, Uttar Pradesh:मोहर्रम के त्यौहार को लेकर प्रशासन अलर्ट फिरोजाबाद में आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर जिलाधिकारी और एसएसपी ने कर्बला स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, सुरक्षा व्यवस्था तथा और जरूरी इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मोहर्रम पर निकलने वाले जुलूसों, भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी कार्यक्रम पूर्व से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित नियमों के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।0
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धौलपुर: साधु भेष में जंगल से आजीवन कारावास के फरार अपराधी गिरफ्तार
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर जिले की राजाखेड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आजीवन कारावास की सजा काटने से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी को दबोच लिया है। पुलिस ने इस बार अलग अंदाज अपनाया। जंगल में छिपे आरोपी तक पहुंचने के लिए टीम ने साधु का भेष धारण किया और छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक अवैध 315 बोर का कट्टा भी मिला है। * *जंगल में छिपा था फरार दोषी* गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान प्रमोद सिंह के रूप में हुई है। वह अंगद सिंह का पुत्र है और जरगा, थाना राजाखेड़ा का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्रमोद सिंह पूर्व में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाश रामदत्त का करीबी सहयोगी है। कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद से वह लगातार फरार था और जंगल में ठिकाना बनाकर रह रहा था。 * *मुखबिर की सूचना पर रची गई योजना* राजाखेड़ा थानाधिकारी गंभीर सिंह कसाना ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रमोद सिंह जंगल में अपने ठिकाने पर मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की। पूरी टीम साधु के वेश में जंगल की तरफ रवाना हुई। साधु बने पुलिसकर्मी सीधे आरोपी के ठिकाने पर पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान प्रमोद के पास से एक अवैध 315 बोर का कट्टा भी बरामद किया गया। * *2014 के जानलेवा हमले में मिली थी उम्रकैद* पुलिस के अनुसार यह मामला 31 अक्टूबर 2014 का है। तब थाना राजाखेड़ा में परिवादी रेखव जैन ने रिपोर्ट दी थी। आरोप था कि आरोपियों ने अवैध हथियारों से फायरिंग कर जान से मारने का प्रयास किया। साथ ही मारपीट कर पैसों की मांग भी की गई थी। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश, डकैती प्रभावित क्षेत्र की अदालत में चली। 23 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला आते ही प्रमोद सिंह वहां से भाग निकला और जंगल में छिप गया था। * *गिरोह के सभी प्रमुख सदस्य अब सलाखों के पीछे* पुलिस ने बताया कि इसी प्रकरण में प्रमोद के अन्य साथी देवेंद्र उर्फ देवा, ध्रुव उर्फ घटोली और अजीत उर्फ जीतू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रमोद की गिरफ्तारी के साथ अब इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। * *आर्म्स एक्ट में अलग से केस दर्ज* पकड़ने के समय बरामद हुए अवैध कट्टे को लेकर प्रमोद सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी नया मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उसे न्यायालय में पेश करेगी। * *वांछितों के खिलाफ अभियान जारी* पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस पूरी कार्रवाई में थानाधिकारी गंभीर सिंह कसाना के साथ हेड कांस्टेबल सुरेश चंद, श्याम बाबू और कांस्टेबल जोरमल व भूपेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही0
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अंबाला की पुरानी सब्जी मंडी में लेंटर गिरा, 3 मजदूर मलबे में फंसे
Ambala, Haryana:अंबाला शहर की पुरानी सब्जी मंडी में एक बेहद जर्जर इमारत की दुकान के बाहर का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे के वक्त वहां काम कर रहे 3 लोग मलबे की चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह तस्वीरें अंबाला शहर की पुरानी सब्जी मंडी की हैं, जहाँ अचानक एक दुकान का लेंटर गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त मलबे के नीचे 3 लोग फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में दबे तीन लोगों में से दो सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि राकेश कुमार नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मुस्तैदी से घायल राकेश को तुरंत मलबे से निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके सिर पर चोटें आई हैं लेकिन उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने बताया यह बिल्डिंग बिल्कुल जर्जर थी और यह तीनों लोग यूपी के रहने वाले थे जो यहाँ सब्जी की रेहड़ी लगाते थे। नगर निगम से इस बिल्डिंग के मालिक का पता लगाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसा हादसा न हो, इसके लिए सभी जर्जर बिल्डिंगों को खाली कराया जाएगा। स्थानीय लोगों के बयान — सुनीता ढाका - SHO, कोतवाली थाना। मौके पर हादसे की सूचना के बाद भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। जिससे पुलिस को रेस्क्यू ऑपरेशन में खासी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। मौके पर पूर्व मंत्री असीम गोयल के निजी सचिव व इलाका पार्षदा भी पहुंचे और हादसे पर खेद जाहिर करते हुए प्रशासन को जर्जर इमारतों का ब्यौरा इकट्ठा कर खाली करवाने की गुहार लगाई। बाइट :-- सौरभ गुप्ता - निजी सचिव - पूर्व मंत्री असीम गोयल। बाइट :-- अमन सूद - पार्षद - वार्ड 90
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पश्चिमी जिला में ब्लाइंड मर्डर: भाई-भाभी ने अमित कुमार की हत्या की, गिरफ्तार
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली पुलिस की पश्चिमी जिला पुलिस के मोती नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए मृतक के सगे भाई और भाभी को गिरफ्तार कर लिया है। करीब करीब ढाई महीने पहले रामा रोड स्थित एक फैक्ट्री के बाहर प्लास्टिक के बोरे में बंद एक सड़ी-गली लाश मिली थी, जिसकी पहचान तक नहीं हो पा रही थी। पुलिस की लंबी जांच और तकनीकी पड़ताल के बाद मृतक की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक 4 अप्रैल को रामा रोड स्थित एक फैक्ट्री के बाहर सफेद रंग का एक बड़ा प्लास्टिक का बोरा मिला था, जिससे बदबू आ रही थी। जब पुलिस ने बोरा खोला तो उसमें दो और कंबलों में लिपटा एक शव मिला। शव काफी सड़ चुका था और मृतक के दोनों पैर मोबाइल चार्जर की तार से बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अमित कुमार की हत्या गला दबाकर की गई थी। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान मिले। जांच के दौरान पुलिस ने 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 200 से अधिक ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किए। इसी दौरान एक E-Cart की पहचान हुई, जिसके जरिए शव को ठिकाने लगाया गया था। E-Cart चालक और मजदूरों से पूछताछ में पुलिस लोनी, गाजियाबाद स्थित उस किराए के मकान तक पहुंची जहां हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। मकान से खून के धब्बों वाले कई सबूत भी बरामद हुए। जांच में पता चला कि मृतक अमित कुमार का छोटा भाई गोपाल और उसकी पत्नी सोमा उर्फ सीमा उसी मकान में रहते थे। वारदात के बाद दोनों मकान खाली कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में लगातार दबिश दी। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आखिरकार 15 जून को दोनों आरोपियों को रामा रोड स्थित शिव बस्ती इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर सामने आया है कि अमित कुमार शराब पीने का आदी था और वह अपने छोटे भाई की पत्नी सोमा उर्फ सीमा के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करता था। आरोप है कि वह उस पर अपनी पत्नी जैसा अधिकार जताता था, उससे अनुचित मांगें करता था और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करता था। इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद के चलते गुस्से में आकर गोपाल और उसकी पत्नी ने अमित की हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस हत्या के पूरे घटनाक्रम, इस्तेमाल किए गए सामान की बरामदगी और अन्य सबूत जुटाने में लगी हुई है। आरोपी गोपाल पुलिस रिमांड पर है, जबकि उसकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।0
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जमुई के सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को रेफर, परिजनों में आक्रोश
Jamui, Bihar:जमुई सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे इलाजरत दो गर्भवती महिलाओं को रेफर करने के बाद अस्पताल परिसर के बाहर कर दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों गर्भवती काफी देर तक स्ट्रेचर पर ही तड़पती रहीं, जबकि परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से इलाज जारी रखने की गुहार लगाई। घटना को लेकर परिजनों ने जमकर आक्रोश जताया और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। जानकारी के अनुसार, खैरा प्रखंड के रायपुरा निवासी ललन मांझी की सात माह की गर्भवती पत्नी पूनम देवी को गंभीर एनीमिया (खून की कमी) के कारण सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं मुंगेर जिले के उरेन गांव निवासी धर्मपाल मांझी की आठ माह की गर्भवती पत्नी अंजनी देवी, जो अपने नैहर बरहट के सुदामपुर में रह रही थीं, उन्हें चमकी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि देर रात दोनों महिलाओं का इलाज चल रहा था, लेकिन अचानक उन्हें पटना रेफर कर दिया गया और अस्पताल से बाहर कर दिया गया। पूनम देवी के परिजनों ने बताया कि उन्हें एक यूनिट ब्लड चढ़ाया जा रहा था, लेकिन ब्लड पूरी तरह चढ़ने से पहले ही जीएनएम द्वारा उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया गया। दूसरी ओर अंजनी देवी के परिजनों ने बताया कि उनकी स्थिति में सुधार हो रहा था, फिर भी उन्हें पटना जाने को कहा गया। परिजनों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और तत्काल पटना ले जाने में असमर्थ थे। इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने सदर अस्पताल में इलाज जारी रखने से इनकार कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद सात माह की गर्भवती पूनम देवी को दोबारा अस्पताल के अंदर ले जाकर भर्ती किया गया और उनका इलाज फिर से शुरू किया गया। उन्हें रक्त भी चढ़ाया गया। हालांकि परिजनों का आरोप है कि मंगलवार सुबह फिर दबाव बनाकर उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद वे गर्भवती को घर लेकर चले गए। वहीं दूसरी गर्भवती अंजनी देवी को परिजन निजी क्लिनिक ले गए। मामले पर प्रसव कक्ष में ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. निधि ने बताया कि पूनम देवी का हीमोग्लोबिन मात्र 2 ग्राम था, जो अत्यंत गंभीर स्थिति है। ऐसी परिस्थिति में मरीज को सदर अस्पताल में रखना जोखिम भरा हो सकता था। मरीज की जान बचाने और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पटना रेफर किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि मरीज को यहां रखा जाता तो कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती थी। वहीं सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. थनिश कुमार ने कहा कि अब तक इस संबंध में मरीज या उनके परिजनों द्वारा कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गई है। बावजूद इसके मामले की जानकारी मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज, रेफरल प्रक्रिया और मानवीय व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेफर किए गए मरीजों को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए。0
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अमरोहा के नौगांव सादात में मोहर्रम जुलूस के लिए पुलिस अलर्ट, मार्ग सुरक्षा कड़ी
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के नौगावां सादात कस्बे में मोहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन अलर्ट, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदोरिया के नेतृत्व में अधिकारियों ने किया जुलूस मार्ग का निरीक्षण अमरोहा जनपद के नौगावां सादात कस्बे में आगामी मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए नौगांवा सादात कस्बे और बीलना गांव में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, क्षेत्राधिकारी अवधमान सिंह भदौरिया और उपजिलाधिकारी सुनीता सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ मोहर्रम जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदोरिया ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। वहीं, एसडीएम सुनीता सिंह ने साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना हुआ है。0
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रामगढ़ में अबुआ संथाल समाज के स्थापना दिवस पर देशभर से आदिवासी एक जुट
Ramgarh Cantonment, Jharkhand:एंकर वीओ - रामगढ़ में अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम के दूसरे स्थापना दिवस पर सैकड़ो की संख्या में पहुंचे विभिन्न राज्यों के आदिवासी, कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित करना था। वीओ - रामगढ़ जिले के कोयलांचल क्षेत्र उरीमारी के महात्मा गांधी स्टेडियम में आज अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम के दूसरे स्थापना दिवस पर करीब एक दर्जन राज्यों के आदिवासी ने शिरकत किया। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासियों के विभिन्न राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों के लगे तस्वीरों पर माल्यार्पण के साथ आदिवासी नृत्य एवं संगीत के साथ शुरू हुआ। इस क्रम में बाबा तिलका मांझी, सिद्धू कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो, शिबू सोरेन आदि के चित्र पर मुख्य अतिथियों ने माल्यार्पण किया गया। मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष विनोद किस्कु तथा सचिव दसई किस्कू का स्वागत किया। वक्ताओं ने आदिवासी समाज के उत्थान और अधिकारों की लड़ाई देशभर में लड़ने की बात की। समाज की संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए पूरे देश के आदिवासी यहाँ जुटे हैं और समाज को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं। बाईट - विनोद किस्कु (केंद्रीय अध्यक्ष, अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम) मौके पर सचिव दसई किस्कू ने बताया कि हमारा कोलांचल क्षेत्र आदिवासी बहुल है और स्थापना दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा ताकि समाज का उत्थान हो और भाषा संस्कृति बची रहे. बाईट - दसई किस्कू (सचिव, अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम) इस कार्यक्रम में बिहार राज्य आदिवासी समाज के अध्यक्ष ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे समाज के पिछड़े आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक के साथ शैक्षणिक मुद्दों से लोगों को जोड़ना है। बाईट - मनोज मुर्मू (अध्यक्ष बिहार प्रदेश, अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम) मौके पर असम प्रदेश के अध्यक्ष ने कहा कि हमारे संथाल समाज के लोग देश के हर जगह विभिन्न तरीकों से रह रहे हैं; मंच सभी को एक जगह लाने का प्रयास है। बाईट - नारायण मुर्मू (अध्यक्ष असम, अबुआ संथाल समाज भारत दिशोम) फुटेज - 1, बाईट - 4, टोटल फ़ाइल - 50
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कुशीनगर में युवक की पिटाई का वीडियो वायरल, पुलिस जांच शुरू
Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking कुशीनगर - युवक की पिटाई का वीडियो वायरल - एक युवक को कई युवकों द्वारा की गई पिटाई - पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल - पुलिस ने वायरल वीडियो का लिया तत्काल संज्ञान - पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच में जुटी - पुलिस अभी युवकों को हिरासत में लेकर जांच में जुटी - बरवापट्टी थाना दशहवा हनुमान चौक की घटना।0
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DM निर्देश पर 16 एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त, निचलौल तहसील ने बड़ी कार्रवाई
Maharajganj, Uttar Pradesh:यूपी के महाराजगंज जनपद में आज डीएम के निर्देश पर निचलौल तहसील प्रशासन ने भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए 16 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जाधारियों से कब्जा मुक्त कराया गया है। लगभग तीन दशक से विवादों में रही इस जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल को ट्रैक्टरों से प्रशासन ने जुतवा कर हटवाया है। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान पूनम चौधरी ने जिलाधिकारी से शिकायत कर गांव की सीलिंग घोषित भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जे को हटाने की मांग की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई और भूमि को सरकारी अभिलेखों में सीलिंग की जमीन पाया गया इसके बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर निचलौल तहसील के राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की। एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि आराजी संख्या 106 और 107 की कुल करीब 16 एकड़ भूमि पर कुछ लोगों ने वर्षों से खेती कर रखी थी कई बार नोटिस और चेतावनी देने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया जिसके चलते प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। ऐसे में डीएम के निर्देश पर आज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने ट्रैक्टर के जरिए खेत में खड़ी फसल को नष्ट करते हुए फिलहाल अवैध कब्जाधारियों से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन को राजस्व विभाग की निगरानी में रखा गया है साथ ही भविष्य में दोबारा कब्जा करने वालों को खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।0
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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर के थप्पड़ विवाद पर 5 युवकों को जमानत
Jaipur, Rajasthan:जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने के विवाद और हंगामा मामले में गिरफ़्तार हुए पांच युवकों को मंगलवार को जमानत मिल गई। जयपुर पुलिस ने पांचों को सोमवार को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा था। सभी को 20-20 हजार के बॉन्ड पर जमानत देते हुए 6-6 महीने के लिए पाबंद भी किया है। विधायपुरी थाने से जमानत पर छूटने के बाद बाहर निकले आरोपियों का उनके साथियों ने माला पहनाकर स्वागत किया। सभी आरोपी युवक और उनके साथी नारेबाजी करते हुए थाने से बाहर निकले। शांतिभंग में अरेस्ट हुए रोहित शर्मा, राकेश गुर्जर, अजय शर्मा और कुलदीप सिंह शेखावत दोस्त हैं। सभी काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को देखने गए थे। मौके पर विचारधारा नहीं मिलने के कारण झगड़ा हो गया। जोधपुर से प्रदर्शन में शामिल होने आया निकेत खुद काकरोच जनता पार्टी का कार्यकर्ता है। झगड़े के दौरान निकेत ने मारपीट की थी।0
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एम्स ने PBM में प्रसूताओं के उपचार के लिए मार्गदर्शन दिया; स्थिति नियंत्रण में
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर PBM हॉस्पिटल प्रसूताओं से जुड़ा मामला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लगातार मामले को लेकर गंभीर, मंत्री की पहल पर एम्स और पीबीएम के चिकित्सकों की हुई टेली-कंसल्टेशन बैठक पीबीएम में भर्ती गंभीर प्रसूताओं के उपचार को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चा एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने पीबीएम चिकित्सकों को दिया आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी वर्चुअल बैठक से जुड़े एम्स निदेशक के निर्देश पर गठित हुई उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा एम्स विशेषज्ञों ने मरीजों के उपचार और चिकित्सा प्रबंधन पर दिए सुझाव डॉ. नीना मल्होत्रा ने पीबीएम में चल रहे उपचार और देखरेख पर जताया संतोष बताया, अधिकांश प्रसूताएं हाई रिस्क स्थिति में पीबीएम रेफर हुई थीं पीबीएम प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा बोले-दो प्रसूताओं की हालत में तेजी से सुधार, जल्द मिल सकती है छुट्टी वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी में जुटी केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा-मरीजों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता, एम्स की टीम आगे भी देती रहेगी मार्गदर्शन पीबीएम अस्पताल की क्षमता बढ़ाने और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए किए जाएंगे निरंतर प्रयास0
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SMS अस्पताल में एआई रोबोटिक एक्सरसाइज सेंटर से स्ट्रोक मरीजों की रिकवरी तेज
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल के 50 साल पुराने रिहैबिलिटेशन रिसर्च सेंटर (RRC) में प्रदेश का पहला एआई आधारित रोबोटिक्स एक्सरसाइज सेंटर शुरू किया गया है। इस अत्याधुनिक सुविधा से स्ट्रोक, पैरालिसिस और स्पाइनल इंजरी से जूझ रहे मरीजों को रोबोटिक असिस्टेड थेरेपी का लाभ मिल सकेगा। यह तकनीक मरीजों को सटीक एंगल और अधिक रिपीटेशन के साथ एक्सरसाइज कराने में सक्षम है, जिससे नसों को तेजी से सक्रिय कर रिकवरी की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकेगा। रोबोट के साथ एक्सरसाइज का अनुभव मरीजों के लिए न केवल रुचिकर होगा, बल्कि समय, ऊर्जा और लागत की बचत के लिहाज से भी लाभदायक साबित होगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एआई आधारित रोबोटिक्स एक्सरसाइज से मांसपेशियों में जकड़न की समस्या से पीड़ित मरीज तेजी से चलना-फिरना शुरू कर सकेंगे और उनकी जीवन गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह सेंटर राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत तैयार किया गया है, जहां मरीजों के लिए करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक रोबोटिक मशीनें स्थापित की गई हैं। गंभीर रीढ़ की हड्डी की चोट और पैरालिसिस के मरीजों को सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए लंबे समय तक गहन फिजियोथेरेपी की आवश्यकता होती है। मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित मैनपावर के कारण लगातार इंटेंस थेरेपी देना चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में नया रोबोटिक सिस्टम फिजियोथेरेपिस्ट के मूवमेंट और थेरेपी पैटर्न को सीखकर उसी तरीके से मरीजों को ट्रेनिंग देगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यह तकनीक समय के साथ स्वयं को लगातार बेहतर बनाती जाएगी। अस्पताल के फिजियोथेपिस्ट को इसके संचालन का ट्रेनिंग भी दिया जा चुकी है और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य मरीजों की क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार लाना और उनकी शारीरिक कार्यक्षमता को अधिकतम स्तर तक बहाल करना है। उनका कहना है कि एआई आधारित यह सिस्टम एक निरंतर सीखने वाला प्लेटफॉर्म है, इसलिए इसके उपयोग के साथ इसकी कार्यक्षमता और परिणाम भी बेहतर होते जाएंगे।0
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राजस्थान हाईकोर्ट: गौशालाओं में पेयजल की स्थिति के लिए विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट का आदेश
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान में गर्मी के दौरान गौशालाओं में पेयजल उपलब्धता को लेकर दायर अवमानना याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट को पर्याप्त नहीं मानते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। कोर्ट ने सरकार को अंतिम अवसर देते हुए विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य की किसी भी गौशाला में पानी की कमी न रहे। अवकाशकालीन खंडपीठ में जस्टिस डॉ नूपुर भाटी व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने गौशालाओं में पेयजल संकट को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व आदेशों की पालना में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और राज्य के चिन्हित क्षेत्रों में गौशालाओं को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा कि अधिकांश गौशालाओं के पास स्वयं के जल स्रोत उपलब्ध हैं तथा वर्तमान में सरकार के पास अतिरिक्त जल आपूर्ति की कोई मांग लंबित नहीं है। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अजमेर, नागौर, चूरू, बाड़मेर, सिरोही और बांसवाड़ा जिलों की गौशालाओं में पानी की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि याचिकाकर्ता संस्था ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि रिपोर्ट वास्तविक हालात को नहीं दर्शाती और केवल औपचारिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत की गई है। संस्था ने कोर्ट को बताया कि कई गौशालाओं में अब भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे पशुधन प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि पूर्व आदेशों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने भी माना कि प्रस्तुत रिपोर्ट स्पष्ट और संतोषजनक नहीं है तथा प्रथम दृष्टया अवमानना कार्यवाही शुरू करने की स्थिति बनती है। हालाँकि कोर्ट ने न्यायहित में राज्य सरकार को एक अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में प्रत्येक चिन्हित गौशाला की जल उपलब्धता, सरकार द्वारा की गई आपूर्ति और यह प्रमाणित करना होगा कि किसी भी गौशाला को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कोर्ट ने पशुपालन विभाग के सचिव और गोपालन विभाग के निदेशक को अगली तारीख पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 को होगी।0
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किसानों की शिकायत पर खाद वितरण गोदाम की होगी जांच, सचिव पर अनियमितता के आरोप
Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। बंजरिया चौकी क्षेत्र के गांव सियाठेरी स्थित खाद वितरण गोदाम पर खाद वितरण में अनियमितता के आरोप लगने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। किसानों ने गोदाम के सचिव विनेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण तरीके से खाद वितरण करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि गोदाम पर खाद वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और अधिकांश किसानों को बिना खाद के वापस लौटना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सचिव द्वारा यह कहकर खाद देने से मना किया जा रहा है कि "हमारे यहां सिर्फ चार लोगों के ऊपर ही गोदाम चल रहा है।" किसानों के अनुसार क्षेत्र में सीमित लोगों को ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में किसान कई दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। किसान रामपाल और रामदयाल निवासी नरसुआ भैरपुर, मुनव्वर अली निवासी लालू नगला, नसीर अहमद निवासी करीमगंज, बघेल सिंह निवासी पसरामपुर, तसव्वर अली निवासी लेसोई तथा सानिम निवासी लालू नगला सहित कई किसानों ने सचिव के खिलाफ बयान देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टीकैत) के ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर विमल सिंह ने जिलाधिकारी बरेली से शिकायत की। विमल सिंह के अनुसार जिलाधिकारी ने उन्हें एआरओ बृजेश सिंह का संपर्क नंबर उपलब्ध कराते हुए पूरे प्रकरण की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके बाद एआरओ बृजेश सिंह को मामले से अवगत कराया गया, जिन्होंने किसानों से लिखित शिकायत अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजने को कहा और शिकायत प्राप्त होने पर जांच कराने का आश्वासन दिया। एआरओ बृजेश सिंह ने कहा कि यदि जांच में खाद वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि पात्र किसानों को समय पर खाद मिल सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।0
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