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इंद्रावती पुल से कूदने की कोशिश: युवती की जान स्थानीय युवाओं और पुलिस ने बचाई

Jagdalpur, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जगदलपुर लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र के इंद्रावती पुल से कूदकर जान देने की कोशिश की युवती ने, स्थानीय युवाओं और पुलिस जवानों ने दिया साहस का परिचय युवती की बचाई जान, युवती की पहचान बिंदु बघेल फरसागुडा कोंडागांव के रूप में हुई, युवती को गंभीर हालत में लोहंडीगुड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, प्राथमिक उपचार के बाद युवती की हालत खतरे से बाहर, पुलिस ने परिजनों से सम्पर्क कर युवती को सौंपा, लोहंडीगुड़ा थाने में पदस्थ जवान ने दिखाई बहादुरी, कंधे में युवती को लादकर पहुंचाया एम्बुलेंस तक।
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SATI में वेतन नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल, छात्रों का भविष्य खंडित

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा स्थित सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट (SATI) में पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 6–7 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जबकि बीते 10–12 वर्षों से भी पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा था। SATI प्रदेश का ऐतिहासिक तकनीकी संस्थान है, जिसकी स्थापना 1956 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा शिलान्यास के साथ हुई थी। यह संस्थान ग्रांट-इन-एड मॉडल पर संचालित होता है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा ब्लॉक ग्रांट सिस्टम लागू किए जाने और वित्तीय वर्ष 2025-26 में समय पर किस्तें जारी न होने से संकट गहराया है। वरिष्ठ व्याख्याता राजेश शर्मा के मुताबिक, “पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। पहले भी पूरा वेतन नहीं मिलता था और अन्य संस्थानों की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम वेतन दिया जा रहा था। आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया है कि कर्मचारियों के परिवार संकट में हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई कर्मचारी कर्ज में डूब चुके हैं।” उन्होंने दावा किया कि तनाव के चलते कुछ कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है। कंप्यूटर साइंस के व्याख्याता प्रमोद गोयल ने कहा कि “स्थिति बेहद भयावह हो गई है। दैनिक खर्च निकलना मुश्किल हो गया है। हड़ताल के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और करीब एक हजार छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है।” वहीं लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी पुरन सिंह पंथी ने बताया कि “डीए, इंक्रीमेंट और सातवां वेतनमान वर्षों से लागू नहीं हुआ। अब पिछले कई महीनों से वेतन पूरी तरह बंद है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।” लेक्चरर डॉ. रश्मि जैन के अनुसार, “स्थिति इतनी खराब है कि इलाज तक के पैसे नहीं हैं। कर्मचारी मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं और कॉलेज के भविष्य को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।” दूसरी ओर, प्राचार्य डॉ. नवीन गुप्त ने माना कि शिक्षण स्टाफ की कई महीनों की सैलरी लंबित है, लेकिन इसके पीछे मुख्य कारण सरकार से ग्रांट का न मिलना है। उन्होंने कहा कि पहले संस्थान को नियमित ब्लॉक ग्रांट मिलती थी, जो इस वर्ष जारी नहीं हुई। प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही ग्रांट प्राप्त होगी, वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारीयों के अनुसार, वे लगातार सरकार से संपर्क में हैं और जल्द समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल जारी है और जब तक वेतन भुगतान व स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहने के संकेत हैं, जिससे संस्थान के सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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शिक्षक संघों का महा-मोर्चा: पात्रता परीक्षा पर सरकार पर दबाव

Bhind, Madhya Pradesh:भिंड एंकर-क्या सेवा के 25 साल बाद किसी कर्मचारी की योग्यता पर सवाल उठाना जायज है? क्या नियम बीच खेल में बदले जा सकते हैं? इन्ही सुलगते सवालों के साथ प्रदेश के तमाम शिक्षक संगठन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इसी क्रम में आज भिंड जिले में भी जिले के सभी ब्लॉक से बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए और को मुख्य मंत्री महोदय के नाम मांग पत्र दिया गया। जिसमें शासन से मांग की गई है कि पात्रता परीक्षा रुकवाने के लिए शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए तथा लोक शिक्षण संचनालय से पात्रता परीक्षा करवाने के आदेश को वापस लिया जाए। शासन द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से थोपी गई पात्रता परीक्षा (TET) के खिलाफ प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों ने हाथ मिला लिया है। एक तरफ शासन का आदेश है, तो दूसरी तरफ अपने सम्मान की रक्षा के लिए शिक्षकों का महा-मोर्चा खोल दिया है। सिर्फ शिक्षकों पर ही गाज क्यों? आक्रोशित शिक्षकों ने पूछा— अगर हमारी परीक्षा हो रही है, तो क्या शासन सभी विभागों के कलेक्टर और एसपी की भी दोबारा परीक्षा लेगा? सिर्फ शिक्षकों को ही प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है? दूसरी तरफ परीक्षा का दबाव और दूसरी तरफ जनगणना कार्य की ड्यूटी। शिक्षकों का आरोप है कि शासन जानबूझकर उन्हें तैयारी का समय नहीं देना चाहता। यह आंदोलन सिर्फ ज्ञापन तक सीमित नहीं रहने वाला है। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पात्रता परीक्षा का आदेश वापस नहीं लिया गया और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में जनगणना कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। 11 अप्रैल: ब्लॉक और तहसील स्तर पर सभी विधायकों को घेरा जाएगा और मांग पत्र दिया जाएगा। 18 अप्रैल: राजधानी भोपाल की सड़कों पर होगा विशाल धरना प्रदर्शन। पूरा प्रदेश शिक्षक एकता की गूँज सुनेगा। अब गेंद शासन के पाले में है। क्या सरकार अपने अनुभवी गुरुजनों की बात सुनेगी या यह टकराव प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को ठप कर देगा? बाइट-1-संतोष लहरिया, provincial अध्यक्ष, शिक्षक संघ बाइट-2-मधुकांता चौहान, विभागीय उपाध्यक्ष
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद हत्या की धमकी: उत्तराधिकारी मुकुंदानंद के बयान सामने

Noida, Uttar Pradesh:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की हत्या किए जाने के संबंध में उनके उत्तराधिकारी स्वामी मुकुंदानंद की बाइट हाल ही में यह मामला सामने आया है कि नकली शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की गंभीर धमकी दी गई है। यह घटना अत्यंत चिंताजनक है और समाज में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करने वाली है। जिस जिला एवं राज्य में यह धमकी दी गई है, वहाँ की संबंधित पुलिस प्रशासन से हमारी स्पष्ट मांग है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए धमकी देने वाले व्यक्ति अथवा संबंधित मोबाइल नंबर के विरुद्ध विधि सम्मत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि भले ही वैचारिक मतभेद या विरोध हो, परंतु किसी भी व्यक्ति को कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लोकतंत्र में कानून और संविधान सर्वोपरि हैं, और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अतः शासन-प्रशासन से अनुरोध है कि इस प्रकरण में त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। जारीकर्ता: आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज
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मधेपुरा में देह व्यापार के आरोप, 11 युवतियाँ और 3 युवक हिरासत में

Madanpur, Bihar:मधेपुरा के जिले के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार के आरोप में 11 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर–बिरैली सड़क, रोड नंबर 18 के पास की गई, जहाँ लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। बताई जा रही है कि पुलिस मुख्यालय पटना द्वारा चलाए जा रहे ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह के निर्देश पर यह छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में एनजीओ बिहार सेवा समिति न्याय केंद्र, मधुबनी का भी सहयोग लिया गया। छापेमारी की रणनीति बेहद गोपनीय रखी गई थी। तीन डीएसपी समेत पुलिस टीम के कई जवान पहले ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे और फिर अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की भनक लगते ही मौके पर मौजूद युवतियाँ खेतों की ओर भागने लगीं, लेकिन महिला और पुरुष पुलिस बल ने घेराबंदी कर सभी को खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। साथ ही एक पल्सर एनएस बाइक (BR 43 AA 3103) को भी जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में एसटीएफ की भी भूमिका बताई जा रही है। छापेमारी में एएसपी प्रविंद्र भारती, मुख्यालय डीएसपी मनोज मोहन समेत कई पुलिस पदाधिकारी और दर्जनों जवान शामिल थे। पुलिस सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध धंधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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सीवान में लूट-गोलीकांड की झूठी कहानी से पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

Siwan, Bihar:सीवान में लूट और गोलीकांड की झूठी कहानी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गोली से घायल हुए युवक पवन ने लूट और गोलीकांड की झूठी कहानी रची थी। जिसका इलाज पटना में चल रहा है। घायल युवक कल अपने दो साथी के साथ अवैध पिस्टल का टेस्टिंग कर रहा था, इसी दौरान युवक को गोली लग गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से एक देशी पिस्टल,2 कारतूस और एक बाइक को बरामद किया है। इसके साथ ही महाराजगंज SDPO अमन ने कांड का खुलासा कर दिया है। पूरा मामला भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के बहियारा चवर की है। SDPO ने बताया कि कल सूचना मिली कि सारण जिले के सरैया रतनाकर निवासी मनोज साह के पुत्र पवन कुमार को गोली लगने से जख्मी अवस्था में उसके साथी सरैया रतनाकर निवासी भोला प्रसाद का पुत्र दीपक कुमार के द्वारा प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर लाया गया है। जिसके बाद घायल युवक को सदर अस्पताल लाया गया जहां पूछताछ के दौरान घायल युवक ने बताया कि वह अपने दोस्त दीपक के साथ बाइक से फर्नीचर खरीदने आया हुआ था,इसी बीच अपराधियों ने गोली मार मोबाइल और ब्रेसलेट की लूट कर ली। जिसके बाद उसके साथी दीपक से भी पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को दीपक के बयान पर शक हो गया। कड़ाई से पूछ-ताछ करने पर दीपक कुमार द्वारा स्वीकार किया गया कि वह और पवन भगवानपुर में रंजन कुमार, को पिस्टल बेचने आये थे। जिसको लेकर तीनो चवंर में जाकर पिस्टल देने से पहले उसका टेस्टिंग करने लगे। तभी दीपक से गोली चल गयी और पवन के पेट में जाकर लग गयी। जिससे वह घायल हो गया। दीपक द्वारा रंजन कुमार को हथियार छुपाने को दिया गया, जिसे लेकर रंजन कुमार वहां से चला गया। दीपक पवन को लेकर लुट-पाट की झूठी एवं भ्रामक कहानी गढ़कर, प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर लाया और गुप्त रूप से इलाज कराने का प्रयास करने लगा। पुलिस द्वारा दीपक कुमार और इसके साथी रंजन कुमार को घटना में प्रयुक्त हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार दीपक कुमार एक सप्ताह पहले ही आर्म्स एक्ट के मामले में जेल से बाहर आया था।
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खुश्कीबाग में दिनदहाड़े स्कॉर्पियो से दो लाख नकद लूट, CCTV से बदमाशों की तलाश

Purnia, Bihar:सदर थाना क्षेत्र के खुश्कीबाग में बुधवार को अपराधियों ने दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए स्कॉर्पियो गाड़ी का शीशा तोड़कर उसमें रखे दो लाख रुपये से भरा बैग उड़ा लिया। घटना से इलाके के व्यवसायियों में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार नगर भोकराहा निवासी मोहम्मद अफाक आलम (पिता स्व. मोहम्मद सफीक आलम) खुश्कीबाग दुकान नंबर 27 में अंगूर की गद्दी संचालित करते हैं। बुधवार की सुबह करीब 11:30 बजे उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो (BR 11Y 3306) खुश्कीबाग में खड़ी की थी। बैंक में जमा करने के लिए दो लाख रुपये नकद रखा गया था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने गाड़ी का शीशा तोड़कर रुपये से भरा बैग निकाल लिया और मौके से फरार हो गए। बताया जात है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। चोरी के बाद बदमाशों ने बैग को गुलाबबाग इलाके में फेंक दिया। बाद में कसबा के एक युवक को बैग मिला, जिसने बैग में मौजूद विजिटिंग कार्ड के आधार पर पीड़ित से संपर्क किया। सूचना मिलने पर बैग को कसबा से वापस लाया गया। घटना को लेकर पीड़ित मोहम्मद अफाक आलम ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामले की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा कई बिंदुओं पर जांच जारी है। जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया गया है।
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खड़ड़ नगर निगम की विकास परियोजनाओं पर सवाल, सड़कों की हालत बदतर

Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:ਬੀਤੇ ਦਿਨ ਪਏ ਬਰਸਾਤ ਨੇ ਖਰੜ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਪੋਲ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ। ਮਾੜੀ ਜਿਹੀ ਬਰਸਾਤ ਆਉਣ ਨਾਲ ਸੜਕਾਂ ਨੇ ਧਾਰਿਆ ਨਦੀਆਂ ਦਾ ਰੂਪ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਖਰੜ ਵੱਲੋਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਖਰੜ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਦੇ ਟੈਂਡਰ ਪਾਸ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਲੇਕਿਨ ਖਰੜ ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਕੁਝ ਸੜਕਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਲੱਗਿਆ 2025 ਸਤੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੋ ਅਜੇ ਤੱਕ ਮੁਕੰਮਲ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਿਆ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸਨੀ ਅਨਕਲੇਵ ਸੈਕਟਰ 125 ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵੀ ਕੁਝ ਚੰਗੀਆਂ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਖਸਤਾ ਹਨ। ਜਿਸ ਦਾ ਖਾਮਿਆਜਾ ਖਰੜ ਨਿਵਾਸੀ ਭੁਗਤ ਰਹੇ ਹਨ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਨਗਰ ਕੌੰਸਲ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਅਤੇ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਨਿਜੀ ਸੁਸਾਇਟੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਟੈਕਸ ਇਕੱਠੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਲੇਕਿਨ ਜਦੋਂ ਸਹੂਲਤ ਦੇਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਆਵੇ ਤਾਂ ਇਹ ਕਹਿ ਕੇ ਪPLLਾ ਝਾੜਦੇ ਹੋਏ ਅਧिकਾਰੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ਕਿ ਇਹ ਇਲਾਕਾ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਖਰੜ ਦੀ ਹਦੂਦ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ। ਜੇਕਰ ਇਹ ਇਲਾਕੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਹਦੂਦ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੇ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਖਰੜ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਕਿਉਂ ਇਕੱਠਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਸਵਾਲੀਆ ਨਿਸ਼ਾਨ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਖਰੜ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਤੇ ਖੜਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ。
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राजस्थान हाईकोर्ट ने थ्री डिजिट वाहन पंजीकरण मामले में याचिकाकर्ता को राहत दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने थ्री डिजिट वाहन पंजीकरण से जुड़े विवाद में याचिकाकर्ता को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया। कोर्ट ने पूर्व में पारित आदेशों को आधार मानते हुए संबंधित प्राधिकरणों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। मामले में याचिकाकर्ता राजस्थान एजुकेशन ट्रस्ट ने परिवहन विभाग द्वारा जारी नोटिसों को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि इसी प्रकार का विवाद पहले भी न्यायालय के समक्ष आ चुका है, जिस पर 8 दिसंबर 2025 को राहुल गहलोत बनाम राज्य सरकार प्रकरण में विस्तृत आदेश दिया जा चुका है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हर्षित भुरानी ने तर्क दिया कि वर्तमान मामला उसी आदेश से पूरी तरह आच्छादित है, जिसका राज्य पक्ष प्रभावी खंडन नहीं कर सका। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता चार सप्ताह के भीतर संबंधित पंजीयन प्राधिकारी के समक्ष विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। इसके बाद अधिकारी रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर उचित निर्णय लेंगे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने अंतिम निर्णय तक याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए पूर्व में जारी पंजीकरण निरस्तीकरण या निलंबन आदेशों को निरस्त माना है। हालांकि, वाहन के हस्तांतरण पर रोक लगाई गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यह आदेश किसी आपराधिक जांच में बाधक नहीं होगा।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के वरिष्ठ जज को निलंबित कर दिया; अनुशासनिक कार्रवाई शुरू

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा में सीनियर सिविल जज-सह-अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) रहे न्यायिक अधिकारी श्रवण कुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मीणा के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही विचाराधीन है। आदेश में बताया गया कि मीणा सीनियर सिविल जज कैडर के अधिकारी हैं और वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर में पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में थे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने नियम 13 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की। निलंबन अवधि के दौरान मीणा का मुख्यालय जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने रातानाडा अतिक्रमण मामले में प्रशासन से जवाब तलब, 18 मई 2026

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने रातानाडा क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में पूर्व आदेश की अनुपालना नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगली सुनवाई तक निर्देशों की पालना नहीं की गई तो जिला कलेक्टर, जोधपुर और जेडीए आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना होगा। वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी व जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ में याचिकाकर्ता भारत सांखला की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में बताया गया कि रातानाडा स्थित खसरा नंबर 480 और 780/425 की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की थी, जो राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन भाकर और गैर मुमकिन नाड़ी के रूप में दर्ज है। कोर्ट ने इससे पहले 14 जुलाई 2025 को जिला प्रशासन को संयुक्त टीम बनाकर ड्रोन सहित आधुनिक तकनीक से सर्वे कराने और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पट्टों और सरकारी निर्माण का पूरा विवरण भी मांगा गया था। करीब नौ महीने बीत जाने के बावजूद आदेश की पालना नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। राज्य सरकार की ओर से समय मांगने पर अदालत ने अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई से पहले पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 मई 2026 को होगी।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 75 पारिवारिक अपीलों को रिट याचिकाओं में बदला; निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पारिवारिक मामलों से जुड़ी लंबित अपीलों को लेकर एक अहम निर्णय देते हुए न्याय में हो रही देरी को दूर करने का प्रयास किया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने करीब चार साल से लंबित वृहद पीठ (लार्जर बेंच) के गठन में देरी को देखते हुए 75 डिवीजन बेंच अपीलों को सिंगल बेंच की रिट याचिकाओं में परिवर्तित करने का निर्देश दिया। मामला हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 के तहत पारिवारिक न्यायालयों द्वारा दिए गए अंतरिम भरण-पोषण आदेशों के खिलाफ अपीलों की पोषणीयता से जुड़ा है। इस मुद्दे पर वर्षों से कानूनी असमंजस बना हुआ है। वर्ष 2010 में अजय मलिक बनाम शशि मामले में हाईकोर्ट ने ऐसे आदेशों को अंतरवर्ती मानते हुए अपील अयोग्य ठहराया था, लेकिन 2018 में कविता व्यास बनाम दीपक दवे प्रकरण में पूर्ण पीठ ने इस दृष्टिकोण को पलट दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में अपीलें दाखिल हुईं, लेकिन 2022 में एक अन्य खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कैप्टन रमेश चंदर कौशल बनाम वीणा कौशल फैसले के मद्देनजर 2018 के निर्णय पर सवाल उठाते हुए मामले को वृहद पीठ को भेज दिया। यह रेफरेंस अब तक लंबित है। खंडपीठ ने कहा कि जब एक समान प्रश्न पहले ही वृहद पीठ को भेजा जा चुका है, तो अन्य खंडपीठ उस पर निर्णय नहीं दे सकती। यह न्यायिक अनुशासन के खिलाफ होगा। वहीं, चार वर्षों की देरी को देखते हुए कोर्ट ने माना कि लंबित अपीलों को और रोकना पक्षकारों के साथ अन्याय होगा। इसी स्थिति में न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों کا استعمال کرتے हुए सभी 75 अपीलों को रिट याचिकाओं में परिवर्तित करने का आदेश दिया। रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि इन मामलों को एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही लंबित रेफरेंस की जानकारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि शीघ्र वृहद पीठ का गठन हो सके और कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सके।
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कटनी पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के छह बुकी पकड़े; करोड़ों की बुकिंग का नेटवर्क ध्वस्त

Katni, Madhya Pradesh:आईपीएल के मैचों में सट्टा की बुकिंग लेने वाले बुकी को पुलिस ने किया गिरफ्तार. इन दिनों आईपीएल का बड़ा टूर्नामेंट चल रहा है और क्रिकेट का ऑनलाइन सट्टा बुकिंग ले रहे हैं पर पुलिस की टीम ने 6 सटोरियों को पकड़ा है जिनके पास करोड़ों रु की बुकिंग मिली है. पुलिस को डायरी और लैपटॉप जप्त किए गए हैं. कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने क्रिकेट में सट्टा लगाने वाले 9 लोगों को पकड़ा था, उनसे पूछताछ में मिला नेतृत्व किसका है. पुलिस ने बुकिंग लेने वाले 6 बुकी को पकड़ा है. पकड़े गए सभी आरोपी माधवंगनगर इलाके के रहने वाले हैं और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है.
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Instagram reel से खुला राज: दंतेवाड़ा में 9 विशाल गिलहरियों के शिकारी गिरफ्तार

Dantewada, Chhattisgarh:लोकेशन - दंतेवाड़ा इंस्टाग्राम रील बनी सबूत: दंतेवाड़ा में 9 विशाल गिलहरियों का शिकारी गिरफ्तार, वीडियो से खुला राज सोशल मीडिया का शौक अब अपराधियों के लिए जाल साबित हो रहा है। दंतेवाड़ा में एक शिकारी को Instagram पर बनाई गई रील भारी पड़ गई। वन विभाग ने गीदम वनपरिक्षेत्र के कटुलनार इलाके से 9 दुर्लभ विशाल गिलहरियों का शिकार करने वाले आरोपी बंशीराम कोवासी को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला तब सामने आया जब एक युवक ने 32 सेकेंड का वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जिसमें वह नक्सली हिड़मा के गाने “ओ रे बंदूक वाले हमारे हक की जंग है हिड़मा” पर शिकार की तस्वीरें दिखा रहा था। यह रील जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वन विभाग की टीम सतर्क हो गई। छत्तीसगढ़ की एंटी-पोचिंग यूनिट, राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वायड और दंतेवाड़ा वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वीडियो के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। दुर्लभ प्रजाति का शिकार, गंभीर अपराध जिस जीव का शिकार किया गया, वह Indian Giant Squirrel यानी भारतीय विशाल गिलहरी है, जो एक दुर्लभ प्रजाति मानी जाती है और महाराष्ट्र का राज्य पशु भी है। इस प्रजाति का शिकार करना कानूनन गंभीर अपराध है。 Wildlife Protection Act के तहत ऐसे मामलों में आरोपी को कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है। वन विभाग को आरोपी के पास से एक भालू की खाल और शिकार में इस्तेमाल किए गए वायर भी बरामद हुए हैं。 11 लोगों का गिरोह, जंगल में दो बार किया शिकार पूछताछ में आरोपी बंशीराम ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि पारंपरिक पर्व के दौरान अबूझमाड़ के तोड़मा गांव में 11 लोगो के साथ मिलकर शिकार करने गए थे। पहली बार उन्होंने 2 विशाल गिलहरियों को मारा, जबकि दूसरी बार 9 गिलहरियों का शिकार किया गया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि सभी ने मिलकर इनका मांस खा लिया। वन विभाग की कार्रवाई तेज गीदम की वनपरिक्षेत्र अधिकारी ज्योत्स्ना पांडे ने बताया कि आरोपी को मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। मामले में कुल 11 आरोपी शामिल हैं, जिनकी तलाश के लिए टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद गंभीर है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया बना सबूत यह मामला इस बात का उदाहरण है कि अपराध के बाद सोशल मीडिया पर दिखावा करना किस तरह खुद के खिलाफ सबूत बन सकता है। इंस्टाग्राम पर बनाई गई एक छोटी सी रील ने पूरे शिकार कांड का पर्दाफाश कर दिया। वन विभाग अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटा है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
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