Mau - अकेले में बुलाकर अभद्र व्यवहार करते हैं सीएचसी के डॉक्टर, आशा कार्यकत्रियों का बड़ा आरोप
Mau, Uttar Pradesh:मऊ जिले के मुहम्मदाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा कार्यकत्रियों ने आज डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर रामबदन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हम लोग पूरे माह जी तोड़ मेहनत करते हैं। हर साल मार्च में ही हमारा मानदेय मिल जाता था, परंतु इस साल 15 अप्रैल होने पर भी अभी तक हमारा मानदेय नहीं मिला है। सिर्फ 2000 रुपए हमे अभी तक मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने जब हम लोग मानदेय की मांग करते हैं तो सीएचसी अधीक्षक हम लोगों को अकेले बुला कर हमारे साथ अभद्रता करते हैं। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत पुलिस ने की गई थी, इसके बाद सीएचसी अधीक्षक ने माफी मांग ली थी,परंतु उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
वाराणसी: नवरात्रि पर नई सुबह संस्था का संकल्प - हर घर में दुर्गा सुरक्षित हो
Varanasi, Uttar Pradesh:शारदीय नवरात्रि पर नई सुबह एक उम्मीद सामाजिक संस्था का संकल्प - मंदिर में ही नहीं, हर घर में दुर्गा सुरक्षित हो वाराणसी।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर नई सुबह - एक उम्मीद सामाजिक संस्था द्वारा बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पूरे 9 दिन शहर के कई वार्डों में चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बेटियों और महिलाओं ने भाग लिया। संस्था की अध्यक्ष ममता जी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सिर्फ पूजना नहीं, बल्कि उन्हें शक्तिशाली बनाना है। ममता जी ने उपस्थित बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में हर बेटी का आत्मनिर्भर और जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्हें अपनी आत्मरक्षा के तरीके आने चाहिए, गलत बात पर आवाज उठाने और ना कहने की हिम्मत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बेटी को कानून और अपने अधिकारों की जानकारी, डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तौर-तरीके, अपनी सेहत और मानसिक मजबूती का ध्यान रखना और गुड टच-बैड टच जैसे संवेदनशील विषय को समझना भी जरूरी है, ताकि वह किसी भी परिस्थिति में खुद की सुरक्षा कर सके। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
संस्था ने बताया कि नवरात्रि में हम देवी के शक्ति स्वरूप की पूजा करते हैं, इस अभियान के माध्यम से हम समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि हमारे घर की बेटी भी उसी दुर्गा का रूप है और उसकी सुरक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी।
