Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Mau275101

डुमराव में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लगाया स्वास्थ्य केंद्र के मार्ग में बाधा डालने का आरोप

Sept 23, 2024 09:25:39
Mau, Uttar Pradesh

डुमराव गांव के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाले खड़ंजे को उखाड़कर ईंटें खुद के लिए उपयोग करने का आरोप ग्राम प्रधान दिनेश यादव पर लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान ने मुख्य मार्ग पर अवैध कब्जा किया है, जिससे सैकड़ों लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इसके कारण एंबुलेंस और स्कूल वैन नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे मरीजों और बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पर कार्रवाई की मांग करने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
PKPREMENDRA KUMAR
Mar 19, 2026 13:19:40
0
comment0
Report
RKRishikesh Kumar
Mar 19, 2026 13:19:06
CHANDI, Harnaut, Bihar:विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार नालंदा पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक कर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यकुशलता पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया। नालंदा के एक निजी सभागार में आयोजित बैठक में जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा की। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी रणनीति तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की कार्यकुशलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे मानसिक और शारीरिक रूप से मुख्यमंत्री पद के दायित्वों के निर्वहन के लिए सक्षम नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, नीतीश कुमार लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने नहीं रहेंगे। प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव में मिला बहुमत नीतीश कुमार की व्यक्तिगत लोकप्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें धनबल और व्यवस्थागत कारकों की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने इशारों में चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन ताकतों के सहारे जीत मिली, सत्ता की चाबी भी अब उन्हीं के हाथों में जाती दिख रही है। मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार की संभावित राजनीतिक एंट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने वंशवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में सीमित परिवारों का दबदबा है और लगभग 30 वर्षों से करीब 1200 परिवारों के लोग ही विधायक और सांसद बनते रहे हैं।
0
comment0
Report
KKKamal Kumar
Mar 19, 2026 13:18:07
Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है…जहां सरकार की 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा पूरी तरह फेल होती नजर आई…और एक गर्भवती महिला को मजबूरी में पिकअप वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।मामला पखांजूर क्षेत्र के ग्राम छोटे कापसी का है…जहां गर्भवती महिला ज्योतिका मंडल को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई…परिजनों और मितानिन उर्मिला मंडल ने तुरंत 102 महतारी एक्सप्रेस को कॉल किया…लेकिन आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची।समय बीतता गया… महिला की हालत बिगड़ती गई…और जब कोई सरकारी मदद नहीं मिली… तो ग्रामीणों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा…आनन-फानन में एक मालवाहक पिकअप वाहन का इंतजाम किया गया और उसी में महिला को पखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया… सोचिए… अगर रास्ते में कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता? क्या यही है सरकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा।राहत की बात ये रही कि अस्पताल पहुंचने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं…लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—कि करोड़ों खर्च करने के बावजूद आपातकालीन एंबुलेंस सेवा आखिर क्यों फेल हो रही है? ग्रामीणों में भारी आक्रोश है…लोगों का कहना है कि अगर समय पर पिकअप नहीं मिलता,तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।सरकार भले ही योजनाओं के बड़े-बड़े दावे करे…लेकिन पखांजूर की ये तस्वीर बताती है कि जमीनी हकीकत कुछ और ही है…
0
comment0
Report
DSDanvir Sahu
Mar 19, 2026 13:17:52
Raipur, Chhattisgarh:बालोद जिल्ले गुरूर जनपद के ग्राम बोडरा के पंचायत सचिव ने हाथ में लकड़ी का खूंटा उठा लिया और एक बेगुनाह बुजुर्ग के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। वजह सिर्फ इतनी कि बुजुर्ग उसके खेत की मेड़ से गुजर रहे थे! ये गुरूर के दबंग सचिव पुलस्तनंदन साहू हैं जिन्होंने मंगलवार की सुबह, जब 62 साल के बुजुर्ग पुरुषोत्तम साहू अपनी पत्नी के साथ चुपचाप खेत जा रहे थे, ताबड़तोड़ गालिया दीं और बेर के डंडे से बुजुर्ग के सिर पर वार किया। SP योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनील तिर्की की टीम ने इस भगोड़े सचिव को 12 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। अब इनके करियर की फाइल जनपद के हाथों है; विभागीय एक्शन क्या लिया जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।
0
comment0
Report
RKRupesh Kumar
Mar 19, 2026 13:17:38
Betul, Madhya Pradesh:एंकर- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। आ.धे घंटे तक हुई तेज बारिश और भारी ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बैतूल के मुलताई क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चले इस मौसम के कहर ने खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस समय किसान फसल कटाई में जुटे हुए थे, ऐसे में बारिश और ओलों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में तैयार खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिन तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
0
comment0
Report
DNDinesh Nagar
Mar 19, 2026 13:17:29
Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर में 1000 एकड़ जंगल 'गायब', कागजों में पेड़... जमीन पर फसल! मट्ठा गांव में रक्षक ही बने भक्षक। जलते ठूंठ और मिटते निशान—जंगल को खेत बनाने की 'खौफनाक' साजिश। हम आपको दिखाएंगे पर्यावरण की हत्या की वो तस्वीरें, जिन्हें देखकर आप दहल जाएंगे। सीहोर जिले से एक ऐसा महा-घोटाला सामने आया है, जहाँ वन विकास निगम की 1000 एकड़ जमीन से पूरा का पूरा जंगल साफ कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जहाँ पिछले साल लाखों के सरकारी खर्च पर हजारों पौधे रोपे गए थे, आज वहाँ हल चल रहे हैं और अवैध खेती हो रही है। हमारे रिपोर्टर जब मौके पर पहुँचे, तो वहां जो मंजर दिखा वो व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। यहां वन भूमि पर कब्जा किया गया पेड़ों को काटा गया और खेत बनाए जा रहे हैं, पहले यहां पेड़ हुआ करते थे परंतु अब यहां की भूमि में गेहूं की फसल खड़ी है। ये निशान सिर्फ लकड़ी जलने का नहीं है, ये निशान है उस भ्रष्टाचार का जिसने सीहोर के मट्ठा गांव के फेफड़ों को छलनी कर दिया है। रेहटी तहसील का ये वही इलाका है, जहाँ कभी परिंदों का बसेरा और घना जंगल हुआ करता था। लेकिन आज यहाँ पेड़ों की जगह सन्नाटा है। तस्वीरें गवाह हैं कि यहाँ पेड़ों को सिर्फ काटा नहीं गया, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने के लिए उनके ठूंठों को आग के हवाले किया जा रहा है ताकि ज़मीन को समतल कर उसे 'खेत' की शक्ल दी जा सके और सरकारी फाइलों से जंगल का नामोनिशान मिट जाए। तरीका बड़ा शातिर है। पहले अधिकारियों की मिलीभगत से पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जाती है, फिर धीरे-धीरे ज़मीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी जाती है। मट्ठा गांव के ग्रामीण बताते हैं कि पिछले साल ही वन विकास निगम ने यहाँ हज़ारों पौधे लगाए थे। आंकड़े चौंकाने वाले हैं—निगम के कर्मचारियों के मुताबिक, पिछले साल पूरे सीहोर जिले में करीब 22 लाख पौधे लगाए गए थे। मट्ठा गांव में भी लाखों की लागत से पौधरोपण हुआ था। लेकिन महज एक साल के भीतर वो पौधे और वो सरकारी पैसा, दोनों ही रसूखदारों और भ्रष्ट अफसरों की जेब में समा गए। ग्रामिणों के मुताबिक यहाँ इतना घना जंगल تھا कि दिन में भी डर लगता था। पिछले साल इन्होंने फोटो खिंचवाने के लिए हज़ारों पौधे लगवाए, लाखों रुपए खर्च किए। आज एक भी पौधा नहीं है। अफसर खुद माफियाओं से मिले हुए हैं, शिकायत करो तो धमकी मिलती है। जब हमारे रिपोर्टर ने इस महा-लूट पर वन विकास निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। अधिकारियों का यह पल्ला झाड़ना और चुप्पी साधना खुद-ब-खुद बहुत कुछ बयां कर रहा है। सवाल उठता है कि क्या बिना विभागीय संरक्षण के 1000 एकड़ की सरकारी ज़मीन पर कोई हल चला सकता है? क्या सरकार के करोड़ों रुपए इसी तरह माफियाओं की भेंट चढ़ते रहेंगे? मामला राजस्व मंत्री के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने कहा कि मैं अधिकारियों से बात कर मामले की जांच कराऊंगा, वहीं पूरे मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में वन विकास निगम द्वारा जंगलों को बचाया नहीं बल्कि खुद संरक्षण देकर कटवाया जा रहा है, और खेत बनाए जा रहे हैं साथ ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है, अब मट्ठा गांव के लोग इंसाफ और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। मामला अब सिर्फ पेड़ों की कटाई का नहीं, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़े डाके का है।
0
comment0
Report
KSKartar Singh Rajput
Mar 19, 2026 13:17:07
Morena, Madhya Pradesh:जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाली और रूह कंपा देने वाली लापरवाही सामने आई है… जहाँ एक 20 वर्षीय युवक को जिंदा होने के बावजूद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया… और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। लेकिन कहानी में चौंकाने वाला मोड़ तब आया… जब युवक को अचानक होश आया… और वह पोस्टमार्टम कक्ष से नग्न अवस्था में ही बाहर भाग निकला। मामला हड्डीमील क्षेत्र का बताया जा रहा है… जहां के निवासी जॉन पारदी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जॉन के मुताबिक मानसिक तनाव के चलते उसने 11 मार्च को सल्फास का सेवन कर लिया था… जिसके बाद स्थानीय लोग उसे अचेत हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए ही उसे मृत मान लिया… और सीधे पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। जॉन का दावा है कि जब उसे होश आया… तो उसने खुद को पोस्टमार्टम रूम के अंदर नग्न अवस्था में पाया… जिसे देखकर वह सन्न रह गया। खुद को जिंदा समझते ही जॉन तुरंत वहां से बाहर की ओर भागा… इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में उसके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है… कि आखिर बिना गहन परीक्षण के किसी जीवित व्यक्ति को मुर्दाघर तक कैसे भेजा जा सकता है। पीड़ित युवक का कहना है कि अगर उसे समय पर होश नहीं आता… तो उसकी जान भी जा सकती थी। वहीं, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भ्रामक खबर बताया है… और कहा है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। अब सवाल ये है… कि सच क्या है… और अगर ये आरोप सही हैं… तो आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?
0
comment0
Report
SKSUSHIL KUMAR BAXLA
Mar 19, 2026 13:16:36
Goreya Pipar, Chhattisgarh:एंकर -घी बेचकर हुई पहचान ने नकली सोना देकर ठगी करने वाले चार आरोपियों को सरगुजा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि पिछले 7-8 सालों से घर में मंजू नाम कि महिला घी देने घर आया करती थी। जो अपना पता राजस्थान किशनगढ़ का होना बताई थी। बीते होली से पहले आरोपिया मंजू सोने का बिस्किट दिखाकर बोली कि मेरे घर में शादी हैं। इस सोने के बिस्किट से गहना बनवाने कि बात कहीं थी। होली त्यौहार खत्म होने के बाद मंजू और अपने दो महिला साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और कहाँ कि आपके घर में शादी तो लेट हैं, और मेरे घर में शादी तत्काल हैं। यह कहकर आरोपिया ने कहाँ जो आप अपने लड़की के शादी के लिए जो भी गहना बनवाएं हैं, उसे और साथ में 15 लाख रूपये भी देने की बात कहीं गई। इधर पीड़िता और पीड़िता का परिवार सोने की बिस्किट का वजन देख कर लालच में आ गए और कहे अनुसार गहने के साथ 15 लाख रूपये भी दे दिए। लेकिन बाद में जब सोने के बिस्किट की जाँच सोनार से कराया गया तो नकली सोना निकला। जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। जिसमें पुलिस ने 151/26 धारा 318(4), 61(2), 3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। पुलिस ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे और कॉल डिटेल के आधार पर दो आरोपियों को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया गया, तो वही दो आरोपीयों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 20 लाख 31 हजार रूपये नगद 100 ग्राम सोने का कड़ा सहित 4 मोबाईल बरामद किया गया हैं। कुल मशरुका 37 लाख रूपये का बरामद किया गया हैं। चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है, साथ ही सोने की खरीदी करने वाले की भी तलाश की जा रही है。
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top