icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
281403
Rahul SaxenaRahul SaxenaFollow24 Dec 2024, 06:08 pm

मथुराः कोसीकला में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम में ब्रह्म रक्षक कीर्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी आहुति

Kosi Kalan, Kosikalan Rural, Uttar Pradesh:यज्ञ से सनातन धर्म की पहचान है और यज्ञ से वातावरण शुद्ध व सात्विक होता है यह सनातन धर्म की पुरातन विधि है इसी से ही सनातन धर्म बचा हुआ है । उक्त शब्द भाजपा की पूर्व जिला अध्यक्ष मधु शर्मा ने पंच यज्ञ प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित दशम महायज्ञ कार्यक्रम के दौरान कहे। कोसीकला में चल रहे इस यज्ञ कार्यक्रम में चौथे दिन ब्रह्म रक्षक कीर्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी यज्ञ में आहुति दी। इस कार्यक्रम में कन्हैयालाल गोयल योगेश धनोतिया विवेक उपाध्याय कन्हैया अग्रवाल भूदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं की दौड़ व साइकिल रेस, फ्लैग मार्च आयोजित

Baheri, Uttar Pradesh:बरेली बहेड़ी में “नारी शक्ति, समाज की शक्ति” थीम के अंतर्गत मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) में सर्किल बहेड़ी के थानों (बहेड़ी, शीशगढ़, शेरगढ़, देवरनियां) की टीम ने संयुक्त रूप से बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु सराहनीय पहल की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के बीच 100 मीटर रेस (Run For Empowerment) और 2 किमी साइकिल रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान से थाना बहेड़ी तक फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसमें करीब 75 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को शील्ड और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, साथ ही सभी प्रतिभागियों का भी उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी बहेड़ी अरुण कुमार सिंह ने बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—1090, 1098, 112, 1076, 1930, 181 आदि—की जानकारी देते हुए सुरक्षा व सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया। वहीं थाना प्रभारियों ने महिलाओं को उनके अधिकारों, आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं, शिक्षकों व गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकीय सहायता के लिए सीएचसी बहेड़ी की टीम भी मौजूद रही। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा जागरूकता और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
0
0
Report

चिरमिरी में चरण दास महंत ने पिता की जयंती पर प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी

Bissau, Bissau:मनेंद्रगढ़ ब्रेक: नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत चिरमिरी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर वे जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। महंत ने भावुक होकर कहा कि बचपन से ही उनके पिता ने उन्हें सच बोलना और सच्चाई के मार्ग पर चलना सिखाया। उन्होंने आगे कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चाई की राह पर चलना चाहता है, वह आज भी चल सकता है। महंत ने उदाहरण देते हुए राहुल गांधी का नाम लिया और कहा कि राहुल गांधी आज देश में सच के साथ खड़े होकर लोगों को जागरूक करने और देश को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement

3700 कनाल प्रवासी पंडित ज़मीन वापस, FIR और ज़मीन लौटाने की ठोस कार्रवाई की घोषणा

Chaka, यह विश्वास जगाने वाला एक कदम है कि कश्मीरी पंडितों की 3700 कनाल ज़मीन वापस ले ली गई है और ज़मीन पर कब्ज़ा करने वालों को सज़ा दी जा रही है। कश्मीरी प्रवासी पंडितों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उमर को वापस ली गई ज़मीन का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। कश्मीरी प्रवासी पंडितों की 3,729 कनाल और 4 मरला (लगभग 188.75 हेक्टेयर) कब्ज़ आई ज़मीन को वापस लेना एक ठोस कदम माना जा रहा है, जिससे विस्थापित समुदाय में कुछ हद तक विश्वास फिर से जगाने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा विधायक के एक लिखित सवाल के जवाब में यह घोषणा की। यह ज़मीन कश्मीर घाटी के 10 ज़िलों में जम्मू-कश्मीर प्रवासी अचल संपत्ति (संरक्षण, सुरक्षा और संकटग्रस्त बिक्री पर रोक) अधिनियम, 1997 के तहत असली हकदारों को वापस सौंपी गई है। इस कुल ज़मीन में से, नवंबर 2024 से अब तक 844 कनाल और 4 मरला ज़मीन कब्ज़े से मुक्त कराई जा चुकी है। ज़िलावार ब्योरे देते हुए उमर ने बताया कि शोपियां में 283 कनाल, बारामूला में 225 कनाल, गांदरबल में 146 कनाल, कुलगाम में 73 कनाल, पुलवामा में 63 कनाल, बांदीपोरा में 19 कनाल, अनंतनाग में 15 कनाल, बडगाम में 8 कनाल, कुपवाड़ा में 7 कनाल और श्रीनगर में 3 कनाल ज़मीन वापस ली गई है। इस प्रक्रिया में प्रवासी संपत्तियों के संरक्षक के तौर पर उपायुक्तों की भूमिका रही; एक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर 10,173 आवेदन मिले, जिनमें से ज़्यादातर का निपटारा कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2026 में एक संचालन समिति का गठन किया गया था, साथ ही जियो-टैगिंग की योजनाएँ बनाई गईं और नए कब्ज़ों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। शिकायतों के निवारण के लिए जम्मू में 1 अप्रैल से 28 अप्रैल, 2026 तक विशेष शिविर भी आयोजित किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि गाँव/तहसील का सटीक स्थान, खसरा/सर्वे नंबर, और बाहर रह रहे प्रवासी पंडित परिवारों की वापस ली गई ज़मीन के असली मालिकों के नाम या विशिष्ट भूखंडों का ब्योरा ही उन्हें असल में रिकॉर्ड की जाँच करने, ज़मीन पर कब्ज़ा लेने, राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने और सुरक्षित महसूस करने में मदद करेगा। 1990 में कश्मीरी पंडितों के बड़े पैमाने पर पलायन के कारण उनकी संपत्तियां लावारिस रह गईं और कई जगहों पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया गया। न केवल निजी संपत्तियां, बल्कि मंदिरों की विशाल संपत्तियां भी मंदिर ट्रस्ट के लोगों, राजस्व अधिकारियों और खरीदारों के गठजोड़ द्वारा अवैध रूप से हस्तांतरित कर दी गईं। इतनी ज़मीन भी वापस हासिल करना यह दिखाता है कि प्रशासन शिकायतों पर कार्रवाई कर रहा है और 1997 के कानून को सख्ती से लागू कर रहा है। और अब, बिना किसी स्थानीय विरोध के ज़मीनों का सुचारू हस्तांतरण, वापस मिली संपत्तियों की सुरक्षा, और साथ ही रोज़गार, सुरक्षा और ट्रांज़िट हाउस पर समानांतर प्रगति—ये सभी संकेत देते हैं कि पलायन कर चुके पंडितों की वापसी और पुनर्वास संभव है। ज़्यादातर पंडितों ने UT सरकार की इस पहल का स्वागत किया है, जिसे LG और CM प्रशासन ने मिलकर अंजाम दिया है। कश्मीरी पंडित कार्यकर्ता संदीप मावा ने कहा, यह सराहनीय है कि LG और CM प्रशासन ने कश्मीरी पंडितों की 3700 कनाल ज़मीन वापस हासिल कर ली है। मैं इसके लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ, जिसने FIR दर्ज करना भी शुरू कर दिया है। इस तरह का काम कश्मीरी पंडितों का मनोबल बढ़ाएगा और उनमें आत्मविश्वास पैदा करेगा। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में पंडित कश्मीर वापस लौटेंगे—पर्यटक के तौर पर नहीं, बल्कि यहाँ बसने के लिए। अभी भी कश्मीरी पंडितों का एक ऐसा वर्ग है जो यह सोचता है कि क्या यह पूरी प्रक्रिया वास्तव में पारदर्शी है। यह वर्ग मानता है कि ज़मीन की वापसी घाटी में उनकी जड़ों से जुड़ने का सबसे ठोस ज़रिया है; इसलिए सरकार जो भी कदम उठाए, उसका पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, क्योंकि पिछले 36 वर्षों से इस मुद्दे पर CRAZY राजनीति होती रही है। इंद्र नगर के सुरक्षित इलाके में रहने वाले एक कश्मीरी पंडित, अशोक करिहालू ने कहा कि मंदिर का उद्घाटन अच्छा संकेत है, पर सवाल यह है कि मंदिर की घंटी कौन बजाएगा? मंदिर की ज़मीन पर कब्ज़ा करके वहाँ बड़ी इमारतें, मॉल और अस्पताल बन गए हैं; यह ज़मीन उन्हें किसने दी? ट्रस्ट के इंचार्ज लोगन ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट की मदद से इसे बेच दिया है। उमर साहब ने 3700 कनाल ज़मीन वापस ली थी; उन्हें यह दिखाना चाहिए कि उन्होंने वह ज़मीन किसे दी। सबसे पहले पंडितों को वापस कश्मीर लाने की है; क्या हम 5 मरला ज़मीन भी नहीं दे सकते? बॉल्डोज़र जैसी कार्रवाई की जरूरत है ताकि इंसाफ़ मिले। BJP ने भी स्पष्टता चाही है और ज़मीन पर कब्ज़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। پارس हॉस्पिटल का नाम भी बहस में है। кнопку
0
0
Report

दरोगा प्रदीप चौहान की रिटायरमेंट पर देहात थाना खुर्जा में दूल्हा-दुल्हन जैसा स्वागत

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर के थाना खुर्जा देहात में दरोगा प्रदीप चौहान को अनोखे तरीके से रिटायरमेंट पर विदाई दी गई। उन्हें और उनकी पत्नी हमलेश को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाकर बग्गी में बैठाया गया। पुलिस कर्मियों और क्षेत्र के लोगों ने बैंड बाजे के साथ नाचते-गाते उनका स्वागत किया। डीजे पर फिल्मी गानों पर दूल्हा की तरह सजे दरोगा जी ने पुलिसकर्मियों और लोगों ने जमकर ठुमके लगाए, दरोगा प्रदीप चौहान 2 साल 6 माह बाद थाना खुर्जा देहात से रिटायर हुए हैं। पुलिस में 60 साल की नौकरी उन्होंने पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से की जिसकी सराहना पुलिस अधिकारियों ने रिटायरमेंट के अवसर पर की। फिर बारात की तरह बैंड बाजों के साथ उन्हें थाना परिसर से विदा किया गया। थाने से विदाई के बाद दरोगा प्रदीप चौहान अपने परिवार के साथ जिला बिजनौर के गांव परवानपुर चले गए। लंबी नौकरी के बाद जब कोई रिटायर होता है तो उसकी खुशी एक अलग ही लेवल की होती है. कई बार लोग ऐसी रिटायरमेंट पार्टी देते हैं जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है...
0
0
Report

ईरान-इजरायल तनाव के बीच गाजीपुर में स्मार्ट मीटर पर हाई अलर्ट, बिजली सप्लाई सुनिश्चित

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर ईरान-इजराइल तनाव के बीच गाजीपुर में बिजली विभाग हाई अलर्ट पर, स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों पर अधीक्षण अभियंता का बड़ा बयान गाजीपुर में बिजली विभाग हाई अलर्ट पर, सभी उपकेंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश गर्मी और बढ़ती खपत को देखते हुए फॉल्ट तुरंत ठीक करने का आदेश ट्रांसफार्मरों को सक्रिय रखने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश अधीक्षक अभियंता विवेक खन्ना ने दी जानकारी कहा- जिले में करीब डेढ़ लाख घरों में लगाए जा चुके हैं स्मार्ट मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड सिस्टम में बदले गए सभी स्मार्ट मीटर माइनस बैलेंस होने पर ऑटोमैटिक कट रही बिजली सप्लाई ऊर्जावान और यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप से उपभोक्ता देख सकते हैं खपत और कर सकते हैं भुगतान ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पेट्रोल-डीजल के साथ गैस सिलेंडर की संभावित किल्लत के बीच गाजीपुर में बिजली व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। बढ़ती गर्मी और बिजली की खपत को देखते हुए विद्युत विभाग ने सभी उपकेंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों और लाइनमैनों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फॉल्ट को तत्काल ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे। विद्युत वितरण मंडल गाजीपुर के अधीक्षक अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि जिले के सभी ट्रांसफार्मरों को सक्रिय स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए हैं और बिजली आपूर्ति को हर हाल में सुचारु बनाए रखने की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैली भ्रांतियों को भी दूर किया। उन्होंने बताया कि गाजीपुर जिले में लगभग डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी मीटरों को पोस्टपेड से प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है। अधीक्षक अभियंता के अनुसार कई उपभोक्ताओं के मीटर का बैलेंस माइनस में चले जाने के कारण बिजली सप्लाई ऑटोमैटिक कट जा रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपने एंड्रॉयड मोबाइल में “ऊर्जावान ऐप” या “यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप” डाउनलोड कर रोजाना अपनी बिजली खपत देख सकते हैं और समय पर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस माइनस में है तो उसे एडवांस रिचार्ज कराकर प्लस बैलेंस में लाना जरूरी है, अन्यथा स्मार्ट मीटर से बिजली सप्लाई कट सकती है। हालांकि बकाया जमा करते ही कुछ ही मिनटों में बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाती है। साथ ही स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिले के नजदीकी खंडीय कार्यालयों में मेसर्स जीएमआर कंपनी के कर्मियों को तैनात किया गया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। बाइट- विवेक खन्ना- अधीक्षक अभियंता, गाजीपुर
0
0
Report
Advertisement

जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को भरखमा के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला

Jaipur, Rajasthan:Anchor--फाइलों और फैसलों के बीच कहानियां लिखने वाले जयपुर कलेक्टर ने अब देश के साहित्य जगत में भी बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है…हनुमानगढ़ के धन्नासर गांव से निकलकर जयपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने राष्ट्रीय पहचान बनाई है। जयपुर जिला कलेक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी को उनकी राजस्थानी कहानी संग्रह “भरखमा” के लिए राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया...साहित्य अकादेमी द्वारा 24 भाषाओं में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जाता है। नई दिल्ली के रवींद्र भवन में आयोजित भव्य समारोह में साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने डॉ. सोनी को एक लाख रुपये, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया…मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार विश्वनाथ प्रसाद तिवारी रहे। भरखमा सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं…भरखमा में ग्रामीण राजस्थान,रिश्तों, लोकसंस्कृति का जीवंत चित्रण है। इस कृति पर राजस्थानी फिल्म भी बन चुकी है…डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी सिर्फ एक प्रशासक नहीं…बल्कि संवेदनशील लेखक भी हैं…15 से ज्यादा किताबें… राजस्थानी और हिन्दी दोनों में मजबूत पकड़…2016 में रणखार के लिए युवा साहित्य अकादेमी पुरस्कार भी मिल चुका हैं… सम्मान मिलने के बाद डॉक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि ये सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, राजस्थानी भाषा और मेरे गांव-समाज का है… प्रशासन के बीच भी साहित्य मेरे लिए आत्मिक ऊर्जा है…डॉ. सोनी का मानना है। अच्छा प्रशासक बनने के लिए संवेदनशील होना जरूरी है… और साहित्य इंसान को बेहतर बनाता है…डॉ. सोनी की यह उपलब्धि राजस्थानी भाषा को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है…
0
0
Report

मॉरिशियस प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर भारतीय संस्कारों के संचार पर चर्चा की

Jaipur, Rajasthan:उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से मॉरिशियस प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात. मॉरिशियस के गहलोत राजपूत महासभा प्रतिनिधिमंडल ने भी मुलाकात की. सचिवालय स्थित कार्यालय में शिष्टाचार भेंट हुई. उपमुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए विदेश की धरती पर भारतीय संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों और तीज-त्योहारों को संजोकर रखना प्रशंसनीय कार्य है कहा. अपनी जड़ों से जुड़े रहकर नई पीढ़ी तक भारतीय संस्कारों का संचार करना गौरव की बात है. प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक स्वागत किया और सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा की. प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान से अपने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई और ऐसे संवादों को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की.
0
0
Report
Advertisement

मुंगेर में बाइक में आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

Munger, Bihar:चलती बाइक में लगी आग, कूदकर चालक ने बचाई जान मुंगेर: असरगंज थाना क्षेत्र के पंनसाय गांव स्थित बड़ी पोखर के समीप मंगलवार की देर संध्या एक मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक धू-धू कर जलने लगी और पूरी तरह राख हो गई। हालांकि मोटरसाइकिल सवार कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही असरगंज थाना से फायर ब्रिगेड की टीम आर्यन कुमार एवं गश्ती पार्टी के पीटीसी जसवंत कुमार सदलबल के साथ मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक मोटरसाइकिल पूरी तरह जल चुकी थी। पीड़ित की पहचान पंनसाय गांव निवासी धीरज कुमार, पिता भवानी शंकर चौधरी, के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह ग्लैमर मोटरसाइकिल (संख्या BR10 AF 4861) से डीजल लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बड़ी पोखर के पास अचानक बाइक में आग लग गई। हालांकि डीजल से भरा डिब्बा सुरक्षित रहा। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
0
0
Report

सकर्रा में नई पुलिस चौकी की स्थापना की स्वीकृति मिली; उद्घाटन हुआ

Sakti, सकर्रा ग्राम सक्ती जिले के थाना मालखरौदा क्षेत्र के नागरिक एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार कई वर्षों से ग्राम सकर्रा में पुलिस चौकी की स्थापना किये जाने की मांग लगातार की जा रही थी। जनभावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की संवेदनशील सरकार द्वारा जनहित में सकर्रा में नवीन पुलिस चौकी की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसके पश्चात सक्ती पहल करते हुए स्थल का चयन कर सकर्रा में नवीन पुलिस चौकी की व्यवस्था की तथा पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर रामगोपाल गर्ग द्वारा विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में सक्ती के जिलाधीश विकास कुमार टोपनो तथा जांजगीर के पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रवासियों को इसके लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की तथा अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
0
0
Report
Advertisement

“कूड़े में फेंकी गईं लाखों की दवाएं! सिस्टम की लापरवाही या साक्ष्य मिटाने का खेल?”

Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ लापरवाही नहीं… बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल हैं। कूड़े के ढेर में पड़ी लाखों रुपये की होम्योपैथी दवाएं—ये वही दवाएं हैं जिन पर सरकारी खजाने से पैसा खर्च होता है… लेकिन जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचने के बजाय ये कचरे में सड़ती नजर आ रही हैं। सवाल ये है कि आखिर जिम्मेदार कौन है? ये तस्वीरें उन्नाव के जिला होम्योपैथी अस्पताल की बताई जा रही हैं… जहां खुले में फेंकी गई दवाएं सिस्टम की पोल खोल रही हैं। दावा है कि ये दवाएं सालों तक स्टॉक में पड़ी रहीं… समय पर वितरण नहीं हुआ… और जब एक्सपायर हो गईं तो इन्हें कूड़े में डाल दिया गया। और चौंकाने वाली बात ये कि जिस सप्लाई को लेकर मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है… उसी से जुड़ी दवाएं इस तरह खुले में पड़ी मिलीं। क्या जानबूझकर दवाओं का वितरण नहीं किया गया? क्या सरकारी पैसे की बर्बादी पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या साक्ष्य मिटाने का खेल खेला जा रहा है? जिला होम्योपैथी अधिकारी डॉ. रश्मि सिंह का कहना है कि दवाएं छंटनी के लिए बाहर रखी गई थीं… लेकिन तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। धूप और धूल में पड़ी ये दवाएं अब पूरी तरह खराब होने की कगार पर हैं… ऐसे में अगर ये केस कोर्ट में है, तो क्या ये सीधी-सीधी नियमों की अनदेखी नहीं? फिलहाल मामला गंभीर है… सिस्टम कटघरे में है… और जवाबदेही तय होना बाकी है।
0
0
Report

शेखपुरा के अस्पतालों में आग रोकथाम के लिए फायर सेफ्टी वर्कशॉप आयोजित

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा सिविल सर्जन सभागार में फायर सेफ्टी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ एसएमओ डॉ अशोक कुमार, फायर सेफ्टी विशेषज्ञ के एन प्रताप ने संयुक्त रूप से किया। आयोजित कार्यशाला में सदर अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आग लगने की घटना को रोकने और आग लगने के बाद सबसे पहले किस स्तर पर राहत बचाव और सेफ्टी का ख्याल रखा जाए? फायर सेफ्टी विशेषज्ञ ने चिकित्सक कर्मियों और गार्ड को विस्तृत जानकारी दिया। इसके बारे में उन्होंने बताया कि आग के कई प्रकार होते हैं। जबकि आग के उठते धुएं से आग के प्रसार को कम करने और आग पर काबू पाने के लिए संकेत देता है। सुरक्षा कर्मी और अगर आम लोग आग के उठते धुएं को जान जाएँ और कोई गलती नहीं करे तो आग पर आसानी से काबू पाया जा सकता है और जान माल के भी नुकसान को कम या रोक जा सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल आग के प्रति सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक हैं। यहाँ आग से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आग बुझाने वाले उपकरणों के साथ-साथ उनके संचालन के लिए कर्मियों का प्रशिक्षित होना भी आवश्यक बताया है। आसीएमओ डॉ अशोक कुमार ने बताया कि फायर सेफ्टी कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण जानकारी सेफ्टी विशेषज्ञ द्वारा चिकित्सक और गार्ड को दिया गया जिससे बहुत लोग अनजान थे। एसीएमओ ने अस्पताल में फायर सेफ्टी को लेकर 14 से 20 अप्रैल तक डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा गार्ड को फायर सेफ्टी पर विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही ताकि आगलगी की घटना के बाद तुरंत क्या किया जाए कि आग के प्रसार को रोकने के साथ आगलगी की घटना पर रोक लगाया जा सकें।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top