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AKAmit Kumar BhargavaFollow20 Jan 2025, 05:04 pm
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पश्चिमी राजस्थान में 17 अप्रैल से नहरबंदी, बीकानेर में ओड़-ईवन से पानी वितरण

Bikaner, Rajasthan:पश्चिमी राजस्थान में 17 अप्रैल से नहरबंदी, 11 मई तक इंदिरा गांधी नहर परियोजना रहेगी बंद. बीकानेर में ओड़-ईवन सिस्टम से होगी जल सप्लाई, एक दिन छोड़कर एक दिन मिलेगा पानी, 48 घंटे के अंतराल से होगी सप्लाई. जलदाय विभाग ने जारी किया पूरा प्लान, जोनवार सम-विषम तारीखों में वितरण. प्रशासन अलर्ट, नागरिकों से पानी बचाने की अपील. Intro - बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में 17 अप्रैल से 11 मई तक नहरबंदी लागू होने जा रही है जिससे जल सप्लाई व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 17 अप्रैल से 11 मई तक पूर्ण नहरबंदी लागू रहेगी। इस दौरान बीकानेर शहर में जल सप्लाई को लेकर नया प्लान बनाया गया है। जलदाय विभाग के अनुसार शहर में ओड़-ईवन सिस्टम लागू किया जाएगा जिसके तहत एक दिन छोड़कर एक दिन यानी 48 घंटे के अंतराल से पानी की सप्लाई दी जाएगी। जल वितरण जोनवार सम और विषम तारीखों के आधार पर किया जाएगा ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का संतुलित उपयोग किया जा सके। जलाशयों में उपलब्ध पानी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था तैयार की गई है। नहरबंदी के दौरान जल प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और नागरिकों से पानी का सदुपयोग करने और बचत करने की अपील की गई है, ताकि सभी क्षेत्रों में समान रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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IPL 2026 के आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियाँ तेज

Jaipur, Rajasthan:आईपीएल 2026 के आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित कर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना की जाएगी। इसके तहत दर्शकों की सुरक्षा, सुविधाओं और आयोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है। कलक्टर ने वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। दिव्यांगों के लिए स्टेडियम में अलग रैम्प और शौचालय, वहीं पश्चिम ब्लॉक क्षेत्र में भी उनकी सुगम पहुंच के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। दिन में होने वाले मैचों के दौरान दर्शकों को निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टिकटों की उपलब्धता उचित दर पर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा को लेकर जिला रसद अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को स्टेडियम में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता जाँचने और अस्थायी रसोइयों में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से स्टेडियम में एंबुलेंस के साथ प्रशिक्षित मेडिकल टीम तैनात रहेगी और विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कियोस्क बनाए जाएंगे। अग्निशमन के लिए पर्याप्त वाहन और उपकरण उपलब्ध रहेंगे, वहीं दर्शकों की सघन तलाशी भी की जाएगी। भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए डीक्यूआरटी टीम, महिला स्वयंसेवक, सुरक्षा गार्ड और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा आयोजन के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, चिकित्सा, विद्युत, पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बीसीसीआई व राजस्थान रॉयल्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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कर्णप्रयाग महोत्सव के दौरान साइबर सुरक्षा जागरूकता से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा

Karnaprayag, Uttarakhand:कर्णप्रयाग में नगर पालिका द्वारा आयोजित बिखौती कर्ण महोत्सव के तीसरे दिन चमोली पुलिस और एसओजी ने सँयुक्त रूप से साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस टीम ने सुरक्षा का संदेश देते हुए महिलाओं, छात्राओं एवं आमजन को साइबर अपराधों से बचाव और आत्मरक्षा के गुर सिखाए। बीओ 1 / फायर सर्विस की सुदाक्षी एवं रश्मि ने मंच संभालते हुए महिलाओं एवं छात्राओं को आत्मरक्षा के ऐसे प्रभावी दांव-पेच सिखाए, जिनसे वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में खुद की सुरक्षा कर सकें। उनके लाइव डेमो ने उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया। वहीं साइबर सेल के जवानों ने लोगों को साइबर ठगों के नए-नए तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-सी लापरवाही से बैंक खाते खाली हो सकते हैं और कैसे सतर्क रहकर इन अपराधों से बचा जा सकता है। लोगों को साफ संदेश दिया गया—“OTP, पासवर्ड और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें, नहीं तो ठगी तय है!” इस दौरान पुलिस टीम ने मेले में आए लोगों को साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी और बताया कि किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराकर नुकसान को रोका जा सकता है। साथ ही जागरूकता पंपलेट वितरित कर आमजन को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।
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मुरादाबाद में संपत्ति विवाद ने दिया जानलेवा हमला, 7 नामजद गिरफ्तार

Moradabad, Uttar Pradesh:एंकर मुरादाबाद मे दो भाइयो के बीच पैतृक संपत्ति का विवाद इस हद तक बढ़ गया की एक भाई ने अपने बेटों और साथियो के साथ मिलकर अपने छोटे भाई उसकी पत्नी और उसकी सास पर जानलेवा हमला बोल दिया और अपने ही सगे भाई कों पीटते पीटते मौत के मुहू तक पहुंचा दिया, लेकिन घायल छोटे भाई की अस्पताल मे ईलाज के दौरान मौत हो गयी लेकिन जबकि उसकी पत्नी और सास की गंभीर हालत के चलते अस्पताल मे ईलाज जारी है, देर रात जैसे ही पुलिस कों मृतक पक्ष कों तरफ से तहरीर प्राप्त हुई पुलिस ने तुरंत मृतक के भाई और भतीजो सहित 7 नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और बिना देरी के मृतक के सगे बड़े भाई विजय और उसके 3 बेटों कों गिरफ्तार कर लिया जिनको की आज जेल भेज दिया गया है। वहीँ पुलिस ने बाकी के आरोपियों के खिलाफ गिरफ़्तारी कों टीम लगा दी है और जल्द गिरफ़ारी की बात कही है। मामले मे एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह का कहना है ki कल शाम के समय सिविल लाइंस थाना क्षेत्र मे पारिवारिक विवाद मे 2 भाइयो मे लड़ाई हुई जिसमे एक सुरेश नाम का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको उपचार के लिए हॉस्पिटल लाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी, मामले मे परिवार की तरफ से मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया जिसमे से 4 नामजद कों गिरफ्तार कर लिया गया है एवं बाकी अन्य जो नामजद और उनके जो साथ गए थे उनकी गिरफ़्तारी के लिए टीमें लगा दी गयी है, घटना मे मुख्य आरोपी विजय जो मृतक का सगा भाई था वो और विजय के लड़के मुख्य आरोपी थे जिनकों की गिरफ्तार कर लिया गया है और उनको जेल भेज दिया गया है और बाकी की गिरफ़ारारी कों टीमें लगी है जल्द उनकी भी गिरफ़ारारी की जायेगी। विवाद की वजह के बारे मे जानकारी देते हुए एसपी सिटी का कहना है ki जिस जमीन कों लेकर इनके बीच मे विवाद चल रहा था वो इन्हके नाना के द्वारा इनके पिता कों दी गयी थी वर उसके बाद मे उसको लेकर इनके बीच मे भी विवाद चल रहा था और अब आकर ये विवाद ज्यादा हो गया था जैसा की इन लोगो ने बताया। बाइट कुमार रणविजय सिंह एसपी सिटी मुरादाबाद
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बरेली: गेंहू की खड़ी फसल में भीषण आग, किसानों पर टूटा संकट

Baheri, Uttar Pradesh:बरेली जनपद के बहेड़ी थाना क्षेत्र के सिंगौती गांव में खड़ी गेहूं की फसल में लगी आग ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे कई बीघा फसल जलकर राख हो गई। इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक परेशानी गहरा गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंचीं एसडीएम एवं जॉइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर ने पीड़ित किसानों और उनके परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से राहत कार्य के तहत पीड़ित परिवारों को राशन वितरित किया गया, ताकि तत्काल जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही, आर्थिक सहायता दिलाने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया गया, जिससे उन्हें जल्द से जल्द सरकारी मदद मिल सके। एसडीएम इशिता किशोर ने आश्वासन दिया कि फसल नुकसान का आकलन कर शीघ्र मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों की हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए। इस हादसे के बाद गांव में मायूसी का माहौल है। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मेहनत कुछ ही पलों में राख हो गई, जिससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और कर्ज चुकाने की चिंता खड़ी हो गई है। प्रशासन द्वारा दी जा रही सहायता से जरूर कुछ राहत मिली है, लेकिन किसान जल्द से जल्द मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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जींद अनाज मंडी: बायोमेट्रिक के विरोध पर किसानों ने पुतला-आग प्रदर्शन किया

Jhanj Kalan, Haryana:जींद की अनाज मंडी में किसानों का आंदोलन अब उग्र रूप ले रहा है। बायोमेट्रिक सिस्टम के विरोध में किसानों ने हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने मंत्री का पुतला बनाकर पहले उसे पेड़ से उल्टा लटकाया और फिर सड़क पर लाकर आग के हवाले कर दिया। किसान पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं। जींद अनाज मंडी में 9 अप्रैल से किसान धरना दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू किया गया बायोमेट्रिक सिस्टम उन्हें परेशान कर रहा है और उनकी फसल बेचने की प्रक्रिया को जटिल बना रहा है। विरोध के दौरान किसानों ने कृषि मंत्री का पुतला बनाकर अनोखे तरीके से विरोध जताया। उमेद सिंह रेढू प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन: "आज हमने कृषि मंत्री का पुतला बनाकर पेड़ से उल्टा लटकाया है, ताकि सरकार को ये संदेश दिया जा सके कि किसानों के साथ जो हो रहा है, वो बिल्कुल गलत है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।" प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पुतले को सड़क पर लाकर आग के हवाले कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक बायोमेट्रिक सिस्टम वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शक किसान: "सरकार हमें बायोमेटरिक के नाम पर परेशान कर रही है। हम अपनी फसल बेचने आए हैं, लेकिन हमें नई-नई शर्तों में उलझाया जा रहा है। ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा." किसानों ने 19 अप्रैल को जींद में राज्य स्तरीय बैठक बुलाने का ऐलान भी किया है। इस बैठक में हरियाणा भर के बड़े किसान नेता शामिल होंगे और आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। उमेद सिंह रेढू प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन: "19 अप्रैल को जींद में सर्व हरियाणा की बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़े स्तर पर फैसला लिया जाएगा। अगर सरकार नहीं मानी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन और तेज किया जाएगा।" फिलहाल किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उमेद सिंह रेढू प्रदेश उपाध्यक्ष, बाइट जींद से गुलशन चावला की रिपोर्ट
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महाराष्ट्र मंत्री नीतेश राणे बोले कॉर्पोरेट जिहाद रोकने के लिए टोल नंबर और नौकरियां

Mumbai, Maharashtra:महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतेश राणे ने ज़ी न्यूज़ से खास बातचीत में दो अहम बातें बताई हैं। आजकल जिस तरह से कॉर्पोरेट जिहाद सामने आ रहा है उसको देखते हुए महाराष्ट्र सरकार अब एक टोल नंबर जारी करने पर काम कर रही है जिसे किसी भी तरह के जिहाद में फंसी पीड़िता कॉल करके अपना मामला बता सकती है, इससे इनकी पहचान को गुप्त बनाये रखा जाएगा। दूसरा अब वक्त आ गया है कि इन लोगों को कॉर्पोरेट जगत में भी काम ना करने दिया जाए, ताकि ये लोग कॉर्पोरेट जिहाद ना फैला सके। अब ऐसी नौबत आ गयी है कि नौकरियां भी अब हिंदुओ को ही दी जानी चाहिए।
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झामुमो ने कहा महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन राजनीतिक साजिश है

Ranchi, Jharkhand:झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महिला आरक्षण बिल के लिए बुलाए जा रहे विशेष सत्र को राजनीतिक साजिश बताया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के आड़ में केंद्र की सरकार सीमांकन करना चाहती है. केंद्र की सरकार ने कहा था कि 2025 में जातीय जनगणना कराया जाएगा और 2029 में यह बिल लागू कराए जाएंगे. लेकिन 2025 बीत गया 2026 का एक तिहाई बीत गया लेकिन अब तक जातीय जनगणना नहीं कराया गया है। तो आखिर यह महिला आरक्षण लागू कैसे करेंगे। यह सिर्फ परिसीमन करने की साजिश कर रहे हैं। और इस परिसीमन के बीच महिला आरक्षण को गौण कर दिया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह महासचिव सुप्रिया भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि जब आयोग के पास जनसंख्या ही नहीं होगा तो महिलाओं को आरक्षण कैसे देंगे। जातीय जनगणना नहीं होगा तो आखिर महिला आरक्षण लागू कैसे किए जाएंगे। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर सीमांकन की तैयारी कर रहे हैं। यह छोटी राज्यों को तोड़कर अपना वर्चस्व बनाना चाहते हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आरोप लगाया है कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की तैयारी की जा रही है। बिना जनसंख्या के सटीक आंकड़ों के सीटों का बंटवारा कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि इससे छोटे और दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ेगा, जहां जनसंख्या नियंत्रण पर काम हुआ है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इस प्रक्रिया से आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को नुकसान हो सकता है। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि अगर वे अपने राज्यों के हित में हैं, तो उन्हें बीजेपी से समर्थन वापस लेना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि पहले देश में जनगणना और जातीय गणना कराई जाए, उसके बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।
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बरेली: नाबालिग लड़की के अपहरण का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

Deorania, Uttar Pradesh:बरेली जनपद के थाना देवरनियां पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है। पीड़ित पिता की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले किशोरी को सकुशल बरामद किया और फिर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अवनीश कुमार के रूप में हुई है, जो लखीमपुर खीरी जिले का निवासी है। पुलिस ने उसे बरेली-नैनीताल हाईवे के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ और मेडिकल प्रक्रिया के बाद मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई में थाना देवरनियां की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
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नारी वंदन अधिनियम से संसद में 33% महिलाओं को आरक्षण, 2029 से लागू

Noida, Uttar Pradesh:भारत की संसद में अब अहिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी नारी वंदन अधिनियम का कानून बन गया है जो 2029 से लागू हो जाएगा जिससे संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में आज पूर्वी दिल्ली प्रीत विहार से मालकशमी नगर तक भाजपा की सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने धन्यवाद मार्च निकाला जहां पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ओर पूर्वी दिल्ली सांसद व केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा मार्च में पहुंचे और मार्च में हिस्सा लिया साथ ही मोदी जी का धन्यवाद भी किया
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राजस्थान में कराकल संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट कराकल का शुभारंभ रणथम्भौर में

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- राजस्थान वन विभाग द्वारा सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में “राजस्थान में कराकल संरक्षण” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कर प्रोजेक्ट कराकल का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में राज्यभर से वन्यजीव विशेषज्ञ, वरिष्ठ वन अधिकारी, शोधकर्ता एवं संरक्षण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. जी. एस. भारद्वाज, के. सी. ए. अरुण प्रसाद सहित राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य, विभिन्न टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, डिवीजनल फॉरेस्ट अधिकारी तथा प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. शोमिता मुखर्जी, डॉ. अयान साधु, डॉ. धर्मेंद्र खंडाल एवं श्री बलेंदु सिंह उपस्थित रहे। कार्यशाला में एशियाई कराकल, जो एक दुर्लभ कम दिखाई देने वाली जंगली बिल्ली है, के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आवास के क्षरण, विखंडन तथा शिकार प्रजातियों में कमी के कारण इसकी संख्या में गिरावट आई है, जिससे इसके संरक्षण हेतु समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। कार्यशाला के दौरान कराकल की वर्तमान स्थिति, वितरण, आवास, पारिस्थितिकी एवं जनसंख्या प्रवृत्तियों के साथ-साथ इसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रोजेक्ट कराकल के अंतर्गत प्रजाति के वितरण का वैज्ञानिक आकलन, महत्वपूर्ण आवासों की पहचान एवं संरक्षण, निगरानी एवं अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करना तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में रणथम्भौर, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में कराकल की स्थिति का आकलन, संरक्षण रणनीतियाँ का निर्धारण एवं निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाना शामिल रहा। उक्त परियोजना का नेतृत्व डॉ. शोमिता मुखर्जी द्वारा प्रधान अन्वेषक के रूप में किया जा रहा है, जबकि डॉ. अयान साधु एवं डॉ. धर्मेंद्र खंडाल सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। राजस्थान वन विभाग द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान, SACON एवं टाइगर वॉच के सहयोग से प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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राजस्थान में 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े से बच्चों के स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकास पर फोकस; 20 लाख से अधिक गतिविधियाँ

Jaipur, Rajasthan:8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े में राजस्थान में नौनिहालों के स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकास पर फोकस। बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी लाने के लिए माता-पिता को जागरूक कर रही सरकार। प्रदेशभर में 20 लाख से अधिक विभिन्न गतिविधियां संचालित हुईं। नौ अप्रैल से शुरू हुए पखवाड़े ने स्वस्थ राजस्थान की मजबूत नींव तैयार की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर फोकस किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में 8वां राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा एक व्यापक जन-आन्दोलन का रूप ले रहा है। 9 अप्रैल से शुरू हुए इस पखवारे में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के सर्वोत्तम विकास को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी लाने, प्रारंभिक वर्षों में खेल आधारित शिक्षा और मातृ एवं शिशु पोषण को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है। 23 अप्रैल तक चलने वाले इस पखवाड़े में अब तक 20 लाख से अधिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित हो चुकी हैं। पखवाड़े के माध्यम से परिवारों और समुदायों के बीच उन पोषण की प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा रही है, जो स्वस्थ जीवन एवं मस्तिष्क के विकास में मददगार हों। यह जमीनी स्तर पर ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभरा है, जिससे आंगनवाड़ी नेटवर्क और सामुदायिक संस्थाओं की सहायता से पोषण सेवाएं अंतिम छोर तक सशक्त हों। इस पखवाड़े में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पोषण आधारित स्वस्थ बाल्यकाल की रूपरेखा बनाई जा रही है। मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें सबसे तीव्र विकास पहले 1 हजार दिनों के दौरान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस पखवाड़े के अन्तर्गत ‘मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन’ गतिविधि संचालित की जा रही है। राजस्थान में अब तक 4 लाख 89 हजार से अधिक गतिविधियां हो चुकी हैं। स्क्रीन टाइम कम करने के लिए 2 लाख 42 हजार से अधिक गतिविधियाँ संचालित। पखवाड़े के तहत मातृ एवं शिशु पोषण श्रेणी में 6 लाख 82 हजार से अधिक, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा श्रेणी में 3 लाख 83 हजार से अधिक और स्क्रीन टाइम को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका से संबंधित श्रेणी में 2 लाख 42 हजार से अधिक गतिविधियां संचालित की गईं। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त करने के लिए 1 लाख 76 हजार से अधिक गतिविधियां आयोजित कर सामुदायिक समर्थन प्राप्त किया गया है। 27 हजार 671 से अधिक गतिविधियाँ अन्य श्रेणी में आयोजित की गई हैं। पोषण अभियान का आगाज प्रधानमंत्री द्वारा 8 मार्च, 2018 को राजस्थान के झुंझुनू से किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषण स्तर पर जोर देना है। यह कार्यक्रम प्रौद्योगिकी, समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से कुपोषण, एनीमिया जैसे लक्षणों को कम करने का प्रयास करता है। साथ ही, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कुपोषण की समस्या का समग्र रूप से समाधान करने में सहायक है। राजस्थान ने पोषण अभियान के अन्तर्गत उल्लेखनीय प्रदर्शन भी किया है। गत सितम्बर में आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह में राजस्थान ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। वहीं, सप्तम पोषण पखवाड़ा में राजस्थान को पहला स्थान मिला। 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े के अन्तर्गत ये गतिविधियां की जा रहीं संचालित हैं: मातृ एवं शिशु पोषण, गर्भावस्था के दौरान सर्वोत्तम पोषण को बढ़ावा देना, केवल स्तनपान कराना और आयु के अनुसार पूरक आहार प्रदान करना; मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारम्भिक प्रेरणा (0-3 वर्ष): देखभाल और प्रारम्भिक शिक्षण के लिए संवाद को प्रोत्साहित करना; प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा (3-6 वर्ष): समग्र विकास और विद्यालय जाने की तैयारी में सहयोग करना; स्क्रीन टाइम को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका: स्वस्थ आदतों और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना; आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करना: जन भागीदारी और CSR के माध्यम से आंगनवाड़ियों के बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण को मजबूत बनाना। भजनलाल सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक से बढकर एक कार्यक्रम संचालित कर रही है। इस दिशा में राजस्थान देश में अव्वल राज्यों में शुमार है। सरकार की प्रभावी मॉनिटरिंग से लक्ष्यों से कहीं बेहतर नतीजे हासिल हुए हैं। जाहिर है आज के स्वस्थ बच्चे ही कल के स्वस्थ नागरिक बनेंगे, इसलिए सीएम भजनलाल सरकार इस दिशा में भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य पर फोकस कर स्वस्थ राजस्थान विकासित राजस्थान की भावना से काम कर रही है। बाबूलाल धायल जी मीडिया जयपुर.
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