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MUKESH KUMARMUKESH KUMARFollow6 Jan 2025, 09:00 am
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Noida, Uttar Pradesh:
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जालौन में उरई के एंजिल्स विंग्स स्कूल में प्रथम व दूसरे स्थान पाने वाले बच्चों को किया गया पुरस्कृत

AdityaAdityaFollow2m ago
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन यूपी उरई के एंजिल्स विंग्स स्कूल में प्रथम व दूसरे स्थान पाने वाले बच्चों को किया गया पुरस्कृत आपको बताते चले कि आज वारसिक रिजल्ट निकालने के बाद उरई के एंजेल्स विंग्स स्कूल में प्रथम से लेकर पांचवी क्लास के बच्चों को प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया बच्चों का हौसला बढ़ाया गया और कड़ी मेहनत के बाद आगामी क्लास में इससे और अच्छी सफलता पाने के लिए प्रेरित किया गया बच्चों में काफी हर्षोल्लास दिखाई दिया।
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बेतिया राज घराने की दुर्लभ ध्रुपद पांडुलिपियाँ ज्ञान भारतम् पर डिजिटल

Bettiah, Bihar:बेतिया से अच्छी खबर है बेतिया राज घराने की दुर्लभ और अनमोल ध्रुपद पांडुलिपियां ज्ञान भारतम ऐप पर अपलोड कर दिया गया है जिससे देश विदेश के संगीत प्रेमी आसानी से इस अनमोल धरोहर को देख सकते है जानकारी ले सकते है शोध कर सकते है यह पांडुलिपि वह दस्तावेज है जिसमें अलग अलग रागों में रचित ध्रुपद गीत शामिल है ध्रुपद जो भारतीय शास्त्रीय संगीत सबसे प्राचीन विधाओं में से एक है इस तरह की मूल पांडुलिपियों का मिलना और डिजिटल रूप में सुरक्षित करना जिला प्रशासन का बड़ा कदम है आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का मौका मिलेगा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना और उसे जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन का संचालन किया जा रहा है। इस मिशन में विभिन्न विषयों से संबंधित पांडुलिपियों को संरक्षित करने की योजना है। इस क्रम में 70 वर्ष से पुरानी पांडुलिपियां सर्वे में शामिल की जा रही हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे ज्ञान भारतम ऐप डाउनलोड कर इन पांडुलिपियों का अवलोकन करें और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ें। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उनकी जानकारी में भी यदि ऐसी कोई पांडुलिपि है तो उसे ज्ञान भारतम् पोर्टल पर अपलोड करें या इसकी सूचना प्रशासन को दें। बता दे की बेतिया राज घराने से जुड़ी इस अमूल्य धरोहर को नई पहचान मिली है सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक पंडित इंद्र किशोर मिश्रा के निजी संरक्षण सुरक्षित रखी गई थी बेतिया महराज द्वारा रचित विभिन्न रागों की दुर्लभ पांडुलिपियाँ अब डिजिटल रूप में आम लोगों के लिए उपलब्ध हो गई है
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