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Mainpuri - नदी में डूबने से अग्निवीर सैनिक समेत दो लोगों की मौत
Mainpuri, Uttar Pradesh:बेवर थाना क्षेत्र में काली नदी में भागवत कथा का कुंड विसर्जन करते समय, नदी में डूबने से अग्निवीर सैनिक समेत दो लोगों की मौत हो गई। एलाऊ थाना के मांझ गांव से भागवत कथा का कलश विसर्जन को लोग काली नदी पर गए थे। जितेंद्र कुंड विसर्जन के दौरान गहरे पानी में चला गया सब बचाने के लिए कूदा जनपद एटा से आया अग्निवीर सैनिक अंशुल यादव भी नदी में डूब गया। हादसे के बाद भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय तैराकों ने दो घंटे के बाद दोनों के शव बाहर निकाले। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।0
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चंद्रशेखर आजाद के टोल पर हंगामे के बाद काफिला मेरठ की ओर बढ़ा: पुलिस से बहस की नई लकीर
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:टोल पर हंगामा एंकर - उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया। जब नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने काफिले के साथ सहारनपुर से मेरठ की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद की गाड़ी तो टोल से निकल गई लेकिन उनके काफिले की कुछ गाड़ियों को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया था। जिसके बाद चंद्रशेखर आजाद अपनी गाड़ी से उतरकर टोल पर पुलिसकर्मियों के पास गए जहां पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान एक इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह चंद्रशेखर आजाद के सामने हाथ जोड़े खड़े नजर आए और चंद्रशेखर आजाद उसे ज्ञान का पाठ पढ़ाते दिखाई पड़े। इस दौरान इंस्पेक्टर ये कहता हुआ भी सुनाई पड़ा कि मैं इंस्पेक्टर हूं और इंस्पेक्टर ही रहूंगा गली नहीं दी थी किसी हाथ जोड़ रहा हूं। आपको बत दे की इस हंगामे के बाद चंद्रशेखर आजाद का काफिला मेरठ की ओर बढ़ गया बताया जा रहा है कि मेरठ पहुँचकर चंद्रशेखर आजाद एसएसपी मेरठ द्वारा जो बदसलूकी प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ की गई थी इस क्रम में वह उनसे मुलाकात करेंगे। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वह मेरठ एसएसपी से भी मुलाकात कर उनसे पूछेंगे कि उन्होंने ऐसा क्यों किया है इसके पीछे किसका हाथ है साथ ही चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वह पीड़ित परिवार से भी मुलाकात करेंगे लेकिन यह देखना होगा कि क्या पुलिस उन्हें मेरठ तक पहुंचने देती है या नहीं। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि मैं स्पष्ट कहता हूं कि कोई निर्दोष जेल न जाए और दोषी कोई बचे नही। चंद्रशेखर आजाद की माने तो पूरे देश को पता है। मेरठ में क्या हुआ। और मैं भी चोरी से नहीं जा रहा हूं। सबको बता कर जा रहा हूं। क्योंकि जो हुआ है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक देश में वह अच्छा नहीं, जब इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी इस तरह का व्यवहार करेंगे। तो लोगों के मन में भय चिंता होना लाजमी है। मेरी और मेरे जैसे न्याय प्रसंग हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बैठती है। कि वह उसके खिलाफ आवाज उठाएं। और सरकार से कार्रवाई की मांग करें उन अधिकारियों से भी मैं मिलूंगा पूछूंगा। जिन्होंने यह कृत्य किया। उनसे भी पूछूंगा। अब यह तो पुलिस से पूछो। मेरे से क्यों पूछते हो। आप मेरा पुलिस का कोई वह थोड़ी है। कि मैं उनके कर्मचारी हूं या। अधिकारी हूं। यह तो पुलिस बता सकती है। हां फिर क्यों रोकना चाहती है। इसका जवाब दो पुलिस को देना चाहिए। ऐसा क्या है जिसको पुलिस रोक कर छुपाना चाहती है। देखिए उनका व्यवहार जो है। वह गरिमाएं नहीं है। और अगर कोई यह कहता है। कि हालात ऐसे थे। तो वहां किसी पर भी कोई हथियार नहीं था। डंडे ने बाजी नहीं हो रही थी। नारेबाजी से अगर कोई अधिकारी डर जाए। तो यह क्या भरोसा कि वह कल गोली नहीं चला सकता। इस तरह के कमजोर व्यवहार का अधिकारी मुझे लगता है। व्यवस्था में अच्छा नहीं उनके ऊपर कारवाई भी होनी चाहिए। और लोगों को सबक मिले इस तरह का व्यवहार नहीं करना। नहीं आत्महत्या विकल्प नहीं लड़ना चाहिए। संघर्ष करना चाहिए। कोर्ट खुले हुए हैं। इसे बड़े अधिकारी हैं। लेकिन आत्महत्या अच्छा कदम नहीं मैं आत्महत्या का पक्षधर्मी नहीं मैं आत्महत्या का विरोधी हूं। एक बार जीवन मिला है। आपके संघर्ष करना चाहिए। आपके खिलाफ अन्याय हो तो लड़ना चाहिए। आप ही मर जाओगे तो कौन लड़ेगा। जितने भी साथी जिनके साथ अन्याय हुआ। मुझे उनकी पीड़ा है आज उन्हें जेल भेजा गया है क्योंकि मैं उनकी पीड़ा महसूस किया। अधिकारियों की गलती रही है। अगर अधिकारी समय पर सुन लेते। तो यह स्थिति नहीं बनती। और ऐसा नहीं कि पहले सड़कों पर आंदोलन नहीं हुआ, ऐसा कुछ नहीं है। बिल्कुल मिलूंगा। अधिकारियों से भी मिलेगा। मैं एक संवैधानिक पद पर जिम्मेदारी से उनके परिवार से मिलेगा पीड़ा सुनूंगा उनके बड़े अधिकारियों से बात करूंगा। और अगर नहीं रास्ता निकाला तो उसके बाद आगे रैली के बाद जो भी संघर्ष होगा उसको करेंगे। क्यों रोका जाएगा। सवाल यह है। ना हम कोई अपराध करने जा रहे हैं। मैं आपके सामने बात कह रहा हूं। कोई नहीं कह पाएगा। मैं यह चाहता हूं। कोई निर्दोष जेल ना जाए। और कोई दोषी बचे ना। जो निर्दोष है। पुलिस फिर इन्वेस्टिगेशन करें अगर पुलिस की इन्वेस्तिगेशन पर परिवार को भरोसा नहीं हो पा रहा है। या पुलिस इस तरह का व्यवहार तो कैसे मान जाए की इन्वेस्टीगेशन फिर हो रही है। क्योंकि कर्मचारी अधिकारी इस तरह का व्यवहार कर रहा है। अपने भाषा देखी सड़क किसी के बाप की नहीं है, गंदगी कर दी सालो ने इस भाषा से मुझे चिंता हुई की जिले के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति भी जो इस तरह का अभद्र भाषा का व्यवहार कर रहा है। यह बड़ी चिंता का सवाल है बाकी आप लोग तो है ही देखते हैं। हम भी चल रहे है। बड़ी चिंता का सवाल है। यही चीज भय पैदा कर रही है। ऐसा क्यों किया गया। और किसके इशारे पर किया गया। ऐसा हम जाकर उनसे पूछेंगे। मैं एसपी से मिलूंगा और डीएम से भी मिलूंगा और पूछूंगा ऐसा उन्होंने क्यों किया।0
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झारखंड के वित्तीय फेल होने पर श्वेत पत्र की मांग तेज़
Ranchi, Jharkhand:रांची झारखंड के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए बीजेपी प्रदेश महामंत्री और पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा, राज्य में वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह फेल है। वित्तीय व्यवस्था चरमराई हुई है। राज्य सरकार से वित्तीय व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग किया。 राज्य के वित्तीय हालत पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने कहा, राज्य का वित्तीय प्रबंधन 100% फेल है। वित्तीय व्यवस्था को राज्य सरकार को श्वेत पत्र लाना चाहिए और झारखंड में इस सरकार में इस सरकार के आने के बाद और सरकार के आने से पहले 2014 से 19 में राज्य में कितना निवेश आया और कितने लोगों ने काम किय कितनी फैक्ट्रियां बैठी और 2019 से अब तक कितने फैक्टियां आई और कितने वापस जाने का काम किया इसका श्वेत पत्र लाना चाहिए। राज्य में वित्तीय मामले को देखने वाले वित्त मंत्री खुद फूफा जैसा मुंह फुला कर इधर उधर घूम रहे हैंतो समझ सकते हैं राज्य के वित्तीय हालत की क्या स्थिति हो सकती है। ट्रेज़री घोटाला, कई डिपार्टमेंट में पैसों का हिसाब किताब नहीं मिल रहा, आए दिन घोटले की बू आर रही है। सरकार सत्ता में है इसी लिए सभी चीजों पर पर्दा डाल के रखी है । कई विभागों में कर्मचारियों को अपने वेतन के पैसे नहीं मिल रहे हैं। पूरी वित्तीय व्यवस्था चरमराई हुई है ।आप निवेश लाने गए हैं और यहां कानून व्यवस्था के ठिकाना नहीं है। जो आपका बजटीय उपबन्ध है उसको भी खर्च करने ने फिसड्डी साबित होते हैं । राज्य सरकार सही मायने में राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं कर रही है।0
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टोंक पुलिस ने 2.82 करोड़ से अधिक मादक पदार्थ जलाकर नष्ट, 25 NDPS मामले निस्तारित
Tonk, Rajasthan:टोंक पुलिस ने 2.82 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जलाकर नष्ट, 25 एनडीपीएस मामलों का किया निस्तारण टोंक जिले में पुलिस अधीक्षक रोशन मीना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति एवं संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में एनडीपीएस एक्ट के 25 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण किया गया। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। सभी जब्त मादक पदार्थों को निवाई स्थित न्यू रीको एरिया की परफैक्ट इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जलाकर नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों के सुरक्षित एवं विधिसम्मत निस्तारण के साथ-साथ नशे के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।0
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वजीराबाद रामघाट की टूटी गलियां मानसून की चुनौती बन गईं
New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक के साथ ही विकास के दावों की हकीकत भी सामने आने लगी है। तिमारपुर विधानसभा के वजीराबाद रामघाट स्थित अल मोमिन मस्जिद वाली गली वर्षों से बदहाल है। सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई, जिससे बरसात में लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। देखिए ये रिपोर्ट। ये तस्वीरें हैं तिमारपुर विधानसभा के वजीराबाद रामघाट स्थित अल मोमिन मस्जिद वाली गली की... जहां सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और उबड़-खाबڑ रास्तों का जाल दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई साल पहले यहां सीवरेज पाइपलाइन डालने के लिए गलियों की खुदाई की गई थी, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा बनाने की जहमत नहीं उठाई गई। नतीजा यह है कि पूरी गली आज भी बदहाली की मार झेल रही है। मानसून की बारिश ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। टूटी हुई सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं देते और आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी गई, लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिला। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बदहाल सड़कों के रूप में सामने है। इलाके के लोगों ने अब दिल्ली सरकार, संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस गली का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके। सवाल यही है कि आखिर कब तक वजीराबाद रामघाट के लोग टूटी सड़कों और अधूरे विकास का दर्द झेलते रहेंगे, और कब इन गलियों को भी पक्की सड़क का इंतजार खत्म होगा.0
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प्रताप विहार में जलभराव के लिए आवास विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की मांग
Ghaziabad, Uttar Pradesh:आवास विकास पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रताप विहार के निवासियों ने थाना विजयनगर पर शिकायत दी है। निवासियों ने आरोप लगाया कि आवास विकास के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी सोसाइटी और घरों में पानी भर गया है। यह समस्या काफी समय से बनी हुई है और लगातार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने के बाद भी उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं किया है, जिस कारण नालों से निकासी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। निकासी नहीं होने के कारण सोसाइटी के अंदर जल भराव की समस्या बनी रहती है। इस समस्या की शिकायत उन्होंने गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से भी की थी। जिलाधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खुद माना कि आवास विकास के अधिकारियों की कहीं ना कहीं लापरवाही है। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को इस समस्या का निस्तारण करने का आदेश दिए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह चाहते है कि आवास विकास के अधिकारी एके मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो, जिसके लिए उन्होंने थाना विजयनगर पर शिकायत पत्र दे दिया है।0
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कैथल के चाचा नेहरू पार्क बदहाली: कब सुधरेगी प्रशासन?
Kaithal, Haryana:कैथल का चाचा नेहरू चिल्ड्रन पार्क बदहाली का शिकार, लोग बोले— "सुनो सरकार, कब सुधरेंगी व्यवस्थाएं?" ज़ी मीडिया अपने विशेष कार्यक्रम सुनो सरकार के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को जिम्मेदार अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में हमारी टीम पहुंची कैथल के चाचा नेहरू चिल्ड्रन पार्क, जहां कभी बच्चों की हंसी गूंजती थी, लेकिन आज यह पार्क बदहाल व्यवस्थाओं और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार बना हुआ है। नगर परिषद की लापरवाही के चलते पार्क में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, म्यूजिकल फव्वारा 1 साल से भी ज्यादा हो गया बंद पड़ा जो पार्क की रौनक थे शाम को लोग म्यूजिक लाइट और फव्वारे का आनंद लेते थे वह बंद है, शौचालय बदहाल हैं, सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पार्क में आने वाले परिवारों और बच्चों को यहां असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पार्क की सबसे बड़ी पहचान इसकी खूबसूरत झील हुआ करती थी, जहां नौका विहार का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। लेकिन करीब एक वर्ष पहले झील को यह कहकर खाली कर दिया गया कि यहां एक आइलैंड बनाया जाएगा, ताकि हर साल कैथल आने वाले लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आवास और पर्याप्त भोजन मिल सके। सफाई के नाम पर झील की मिट्टी निकालकर करीब एक एकड़ क्षेत्र में आइलैंड का टीला तो बना दिया गया, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद न तो झील में पानी भरा गया और न ही आइलैंड का निर्माण पूरा हो सका। परिणामस्वरूप प्रवासी पक्षी भी यहां से दूर हो गए और किसी दूसरे जलाशय का रुख कर लिया। गर्मी की छुट्टियों में जहां बच्चों के लिए नौका विहार आकर्षण का केंद्र होता था, इस बार वह भी बंद रहा। दूर-दराज से अपने नाना-नानी और मामा के घर आए बच्चों को भी मायूस होकर लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क के रखरखाव के लिए हर साल बजट आता है, लेकिन वह खर्च कहां होता है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लोगों का आरोप है कि पार्क में मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव है और लगातार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। वर्ष 2010 में पूर्व सरकार द्वारा शहरवासियों को सौंपा गया यह पार्क कभी परिवारों की पहली पसंद हुआ करता था, लेकिन पिछले चार वर्षों में इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। आज हालात ऐसे हैं कि तस्वीरें खुद इसकी बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। अब शहरवासियों की सरकार और प्रशासन से एक ही मांग है—चाचा नेहरू चिल्ड्रन पार्क को फिर से उसकी पुरानी पहचान दिलाई जाए, ताकि बच्चे, परिवार और प्रवासी पक्षी एक बार फिर इस पार्क की रौनक बन सकें। सवाल यही है... आखिर कब जागेगा प्रशासन? सुनो सरकार!0
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बिहार के विश्वविद्यालयों में पहली बार पार्ट-टाइम पीएचडी, कामकाजी लोग नौकरी छोड़े बिना कर पाएंगे
Patna, Bihar:अब कामकाजी लोगों को पीएचडी करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। वे जॉब के साथ-साथ पार्ट-टाइम पीएचडी कर सकते हैं। राजभवन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत बिहार के विश्वविद्यालयों में पहली बार पार्ट-टाइम पीएचडी का प्रावधान किया गया है। पहले यह व्यवस्था केवल IIT या NIT जैसे संस्थानों में ही उपलब्ध थी...यह व्यवस्था निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के कामकाजी लोगों के लिए लागू है। प्रवेश प्रक्रिया सामान्य छात्रों की तरह ही होगी, जिसमें निम्नलिखित में से किसी एक योग्यता का होना आवश्यक है: नेट क्वालिफाइड (केवल पीएचडी के लिए), नेट क्वालिफाइड (असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए), नेट+जेआरएफ (NET+JRF)... विश्वविद्यालयों द्वारा लिये जाने वाले प्री-पीएचडी टेस्ट को अब बंद कर दिया गया है...कामकाजी उम्मीदवारों को अपने मूल विभाग/संस्थान से एक अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा करना होगा...एक विभाग में किसी एक कोर्स के लिए अधिकतम 4 लोग ही पार्ट-टाइम पीएचडी कर सकते हैं। उम्मीदवारों को 6 महीने के कोर्स वर्क के लिए संस्थान से 6 महीने की लगातार छुट्टी लेनी होगी, क्योंकि यह कोर्स वर्क फुल-टाइम मोड में कॉलेज में करना अनिवार्य है।इसके अलावा, पूरे कोर्स की अवधि के दौरान कुल 90 दिनों की छुट्टी और लेनी होगी जो उन्हें कॉलेज में बितानी होगी।पहले इसके लिए 3 साल की छुट्टी लेनी पड़ती थी, जिसे अब काफी सरल कर दिया गया है।0
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GI टैग से जोधपुरी मोजरी की पहचान वैश्विक, निर्यात बढ़ेगा
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर की करीब 200 वर्ष पुरानी पारंपरिक जोधपुरी मोजरी (जूती) को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। इससे अब जोधपुरी मोजरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी. साथ ही नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और स्थानीय कारीगरों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकेगा. जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (JHEA) और ग्राम विकास सेवा संस्थान को GI रजिस्ट्री की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया गया है। वर्ष 2021 में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय और विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के सहयोग से इसके लिए आवेदन किया गया था. वर्तमान में जोधपुरी मोजरी का घरेलू बाजार करीब 100 करोड़ रुपये का है, जबकि इसका निर्यात लगभग 10 करोड़ रुपये का है। विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने के बाद अगले दो वर्षों में इसका कारोबार दोगुना हो सकता है। इस उद्योग से जोधपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों कारीगर और परिवार जुड़े हुए हैं. GI टैग मिलने की खुशी में मोजरी कलाकारों और समाज के प्रतिनिधियों ने पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर मानवेंद्र सिंह जसोल ने कहा कि यह जोधपुर के लिए गौरव का विषय है। जोधपुरी मोजरी पहले से ही विश्व प्रसिद्ध है और अब GI टैग मिलने से इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी। इससे निर्यात बढ़ेगा, कारीगरों को लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. वहीं समाजसेवी नेमीचंद जीनगर ने बताया कि GI टैग मिलने के बाद ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी, निर्यात संवर्धन और विपणन सहायता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे. साथ ही नकली और फैक्ट्रियों में बनने वाली मोजरी पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी. गौरत है कि इससे पहले जोधपुरी बंधेज को GI टैग मिल चुका है। अब जोधपुरी साफा, बुडन पंड ओएसिस क्राफ्ट, मारवाड़ का जीरा, जोधपुरी पत्थर की कलाकृतियां और तलवों को भी GI टैग दिलाने की प्रक्रिया जारी है.0
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राजस्थान की पंचायतों में 80 हजार वन मित्र, हर ग्राम में दो महिलाएं अनिवार्य
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान की पंचायतों में 80 हजार वन मित्र लगेंगे, हर ग्राम पंचायत में 7, दो महिलाओं का चयन जरूरी. आशीष चौहान, जयपुर-पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. जनभागीदारी को जोड़ने के लिए अब हर पंचायत में 7 वन मित्र बनाए जाएंगे. जिसमें से दो महिलाएं जरूरी होंगे. आखिरकार वन मित्रों को पर्यावरण की दिशा में क्या रोल होगा..देखिए इस रिपोर्ट में! 11 हजार से ज्यादा पंचायतों में लगेंगे वन मित्र- राजय सरकार ने वन पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. वन विभाग ने राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम सात 'वन मित्र' पंजीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं. इनमें न्यूनतम दो महिलाओं का चयन अनिवार्य होगा. इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने सभी मुख्य वन संरक्षकों को आदेश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राजस्थान में 11,341 ग्राम पंचायत है. हर पंचायत में करीब 7 ग्राम पंचायतें है. यानी करीब 80 हजार वन मित्र लगाए जाएंगे, जिसमें से करीब 22 हजार महिला वन मित्र होगी. ये काम होगा वन मित्रों का- आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा में 'वन मित्र' योजना लागू करने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री द्वारा प्रगति समीक्षा बैठक में योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद अब सभी ग्राम पंचायतों में वन मित्रों के चयन और पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वन मित्र अपने-अपने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने, जनसहभागिता बढ़ाने और विभागीय गतिविधियों में सहयोग की भूमिका निभाएंगे. इनका चयन एक वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा. आवेदन के लिए ये प्रारूप- वन विभाग ने वन मित्र बनने के इच्छुक लोगों के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप भी जारी किया है. आवेदन में अभ्यर्थी को अपना नाम, पता, शैक्षणिक योग्यता, जन्म तिथि, ग्राम पंचायत का विवरण, पर्यावरण वन संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी देनी होगी. आवेदनकर्ता को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वन मित्र के रूप में चयन होने पर वह वन विभाग या राज्य सरकार पर किसी प्रकार का वित्तीय दावा नहीं करेगा. साथ ही यह भी घोषित करके कि वह वन, वन्यजीव से जुड़े किसी अपराध या अन्य आपराधिक मामले में लिप्त नहीं रहा है. नोट: इस खबर की फीड OFC से स्लग से भेजी गई है0
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उदयपुर के खेरवाड़ा में डैम कैचमेंट में तालाब डूबने से 14-वर्षीय गोविंद मीणा की मौत
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के खेरवाड़ा से बड़ी खबर, गोदावरी डैम के कैचमेंट एरिया में डूबने से बच्चे की मौत, मवेशियों को पानी पिलाने गया था 14 वर्षिय गोविंद मीणा, सुंदरा गांव के तालाब में डूबने से हुई मौत, घटना के बाद संख्या में लोग मौके पर हुए जमा, सुचना पर खेरवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बहार निकाला, शव को खेरवाड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया, परिजनों की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने शव का करवाया पोस्टमार्टम, शव परिजनों को किया सुपुर्द,0
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कर्नाटक के जिम में हिंदू महिलाओं को टार्गेट, इस्माइल गिरफ्तार, अश्लील फोटो आरोप
Noida, Uttar Pradesh:KARNATAKA Gym jihad accused of targeting Hindu women who come to gym Protest in front of Power Fitness Club in Davangere Gym flex board torn up and outrage Gym trainer Ismail arrested and deported, demands to be arrested Hindu women targeted, blackmailed by sending them obscene photos A married woman consumed poison and attempted suicide due to this Accused of introducing herself to many women by giving them Hindu names Accused of atrocities on innocent women by saying his name is Akash Ismail has already been taken into custody by the police Ismail should be deported, demands to be deported0
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नीरजा मोदी स्कूल: हाईकोर्ट ने CBSE को निरीक्षण रिपोर्ट सात दिनों में देने के निर्देश दिए
Noida, Uttar Pradesh:नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण अब केवल एक छात्रा की मृत्यु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्कूल की शिक्षक नियुक्तियों, शिक्षकों की योग्यता, स्टाफिंग पारदर्शिता तथा नियामकीय अनुपालन पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। उपलब्ध सीबीएसई निरीक्षण अभिलेखों एवं न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2024-25 और 2025-26 के बीच विद्यालय में शिक्षकों की संख्या में बिना किसी संतोषजनक स्पष्टीकरण के बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे विद्यालय की प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।0
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स्कूल पाठ्यपुस्तकों में आतंकियों के महिमामंडन पर डैनिश भट ने राज्यhood नैतिकता पर सवाल उठाए
Srinagar, Uttarakhand:Government That Glorifies Terrorists in School Books Has No Moral Right to Demand Statehood: Danish Bhat Srinagar, July 10: BJP Jammu & Kashmir State Spokesperson Danish Bhat on Thursday launched a scathing attack on the National Conference over its protest at Jantar Mantar, accusing the party of using the statehood issue to divert public attention from corruption allegations, governance failures, and the controversy surrounding the glorification of terrorists in school textbooks. Bhat said a government that permits the glorification of terrorists in educational material has no moral or political right to demand the restoration of statehood. “Before seeking greater constitutional powers, the government must explain how terrorists found glorification in school textbooks. A government that cannot safeguard the minds of its children has no moral authority to lecture the nation on statehood,” he said. He alleged that the National Conference government has failed on every major front and is now resorting to political theatrics to shift attention from its record. “More than 25,000 jobs have effectively been sold in the name of outsourcing, while serious allegations of corruption have surfaced across multiple departments. Instead of answering these charges and addressing administrative failures, the government is attempting to divert public attention through political protests,” Bhat said. He further said that the people of Jammu and Kashmir elected the government to provide transparent governance, employment opportunities, and development—not to stage demonstrations in New Delhi. “The government must first answer for corruption allegations, unemployment, and its failure to fulfil the promises made to the people before demanding statehood,” he added. Bhat asserted that India’s foremost priority is the complete eradication of terrorism and the protection of its citizens. “National security is non-negotiable. The fight against terrorism must always take precedence over political posturing and diversionary tactics,” he said. Reaffirming the BJP’s stand, Bhat said the party remains committed to ensuring lasting peace, accelerating development, and eliminating terrorism from Jammu and Kashmir. “The interests of the nation and the security of its citizens will always come before political expediency,” he added.0
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पटना। शिक्षा मंत्री ने टीआरई-4 के लिए अधियाचना 25 जुलाई तक भेजने का निर्देश दिया
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना टीआरई-4 के लिए 25 तक बीपीएससी को भेजी जाए अधियाचना : शिक्षा मंत्री विभागीय कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, तय समय सीमा में पूरा हो हर काम जनता के आवेदनों का 30 कार्यदिवस के भीतर हो निष्पादन विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री ने दिए कई निर्देश पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता से प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा विभाग में टीम वर्क की संस्कृति को और मजबूत बनाया जाए। बैठक में प्रमुख रूप से टीआरई-4, मॉडल स्कूल और स्थानांतरण नीति चर्चा के केंद्र में रहे। टीआरई-4 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजने का निर्देश दिया। प्रदेश के सभी प्रखंडों में खोले जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। मंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और इस विषय पर अगले सोमवार को विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार में शिक्षा सुधार और नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह राज्य का दौरा करेगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा। बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने, मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने तथा विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि सभी बीईओ और डीईओ प्रत्येक माह एक दिन गांव में रहकर अभिभावकों से संवाद करेंगे और विद्यालयों से संबंधित फीडबैक प्राप्त करेंगे। उन्होंने कोटा, सीकर और अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था का अध्ययन कर बिहार के लिए भी समग्र कोचिंग नीति तैयार करने का निर्देश दिया। अपार आईडी निर्माण के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें दी जाने वाली राशि रोकने का निर्देश दिया गया। साथ ही ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था को दुरुस्त करने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने और केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। इसके लिए सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।0
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बिहार NDA बैठक: सब मिलकर विकास की लकीर खींचने की चर्चा
Patna, Bihar:पटना लोक सेवक आवास एक अणे मार्ग में एनडीए की बैठक शुरू बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने कहा कि एनडीए की बैठक महत्वपूर्ण सत्ता दल के उप मुख्य सचेतक मनजीत सिंह का बयान बैठक महत्वपूर्ण है,जो मुद्दा रखा जाएगा उसपर चर्चा होगी,सब मिलकर काम करेंगे अरुण शंकर प्रसाद मंत्री बिहार सरकार का बयान पाँचों दल के नेता मंत्री,विधायक,जिलाध्यक्ष मिल रहे हैं सब मिलकर बेहतर काम करेंगे, महत्वपूर्ण बैठक आयोजित है जिसमें सब भाग ले रहे हैं बिहार सरकार के मंत्री केदार गुप्ता का बयान बैठक में सभी की बात सुनी जाएगी बिहार में विकास के लिया समन्वय से काम करना है,महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गई है आपसी एकजुटता को लेकर बैठक,समन्वय को लेकर होगी बात फीड बैक भी लिए जाएंगे,नई सरकार को लेकर चर्चा होगी ऑर्नुसे निकली बात पूरा किया जाएगा बिहार में विकास की लंबी लकीर कैसे खींची जाए इसको लेकर बैठक एनडीए में सब साथ मिलकर चल रहे हैं0
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