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Mainpuri - दिव्यांग समिति के अध्यक्ष ने ग्राम सभा की जमीन पर हो रहे निर्माण की शिकायत डीएम को दर्ज कराई
Mainpuri, Uttar Pradesh:दिव्यांग समिति के अध्यक्ष ने ग्राम सभा की जमीन पर हो रहे निर्माण की शिकायत डीएम को दर्ज कराई. राम मोहन मिश्रा ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर बताया कि ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर दुकान का निर्माण कार्य हो रहा और जो निर्माण कार्य कर रहा है, वह समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है. जिसके चलते सही - सही कार्रवाई की जाए और निर्माण रुकवाया जाए. सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त भी कराए जाने की मांग की है।
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मीरजापुर तालाब से 31 पासपोर्ट मिले; दो एजेंट गिरफ्तार
Ukhdand, Uttar Pradesh:Breaking News मीरजापुर तालाब में 31 पासपोर्ट मिलने का मामला पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर दो अभियुक्त गिरफ्तार विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर दुबई कतर भेजने का ले रखा था ठेका पासपोर्ट नवीनीकरण कराने के नाम पर मांगे थे 20 20 हजार रुपये विदेश के वीजा के लिए आरोपी एजेंटों ने 31 पासपोर्ट कलेक्ट कर मांगे थे रुपये रुपये न मिलने पर पासपोर्ट तालाब में फेंका ओमकार गुप्ता और खाजा यादव थे विदेश भेजने के एजेंट धारा 1967 पासपोर्ट एक्ट और बीएनएस कि धाराओं में मुकदमा दर्ज आरोपियो को भेजा जेल कछवा थाना क्षेत्र के तुलापुर और पसियाही गांव से हुई गिरफ्तारी ।0
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राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव के पत्र पर महंत दास बोले: सज़ा चाहिए
Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, उत्तर प्रदेश | श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पत्र जारी करने पर, ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा, 'हमने इस मामले पर चर्चा की; मैं इसे उनकी गलती नहीं मानता; हमें अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए; इस्तीफ़े की मांग करना सही नहीं है... जिसकी भी गलती हो, उसे सज़ा मिलनी चाहिए'0
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सीधी समदा फार्म: बकाया मजदूरी और फर्जी मास्टर रोल पर जांच
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले का समदा फार्म एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला आदिवासी मजदूरों की बकाया मजदूरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं का है। पांच दर्जन से अधिक आदिवासी मजदूर जिला पंचायत पहुंचे और अपनी छह माह की बकाया मजदूरी दिलाने की मांग करते हुए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। मजदूरों का कहना है कि वर्ष 2021 का एक माह, 2025 के तीन माह और 2026 के दो माह की मजदूरी अब तक नहीं मिली है। कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। श्रमिकों का आरोप है कि अप्रैल माह में उन्होंने गेहूं की कटाई और मिंजाई का कार्य किया, लेकिन उनकी मेहनत की मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ। इतना ही नहीं, मजदूरों ने आरोप लगाया कि फर्जी मास्टर रोल बनाकर करीब 3.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। उनका दावा है कि कुछ मजदूरों के खातों में राशि भेजकर बाद में वापस ले ली गई। यदि मजदूरों के आरोप सही हैं तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला बन सकता है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि समदा फार्म में कार्यरत कुशल श्रमिकों का वेतन भी मजदूरों के बजट से दिया जा रहा है, जिससे मजदूरी भुगतान प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। वहीं, उप परियोजना संचालक गीता पटेल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि समदा फार्म में नियमित कर्मचारियों के सभी पद रिक्त हैं। सुरक्षा, गौशाला और शासकीय संपत्तियों की देखरेख के लिए अतिरिक्त मजदूर रखने पड़ते हैं। भोपाल से मिलने वाला बजट केवल उत्पादन लागत के लिए होता है, इसलिए कुछ मजदूरी का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बजट की मांग शासन को भेजी जा चुकी है और आवंटन मिलते ही सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे।गीता पटेल ने यह भी दावा किया कि समदा फार्म की करीब 250 से 300 एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण है और इस संबंध में प्रशासन तथा शासन को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। उनके अनुसार कुछ शिकायतकर्ता अतिक्रमण से जुड़े हुए हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अब उठ रहे हैं बड़े सवाल... - यदि वर्ष 2021 से मजदूरी बकाया थी तो जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते समाधान क्यों नहीं किया? - बिना बजट के मजदूरों से काम क्यों कराया गया? - यदि फर्जी मास्टर रोल के आरोप सही हैं तो जिम्मेदार कौन है? - जब विभाग खुद सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण स्वीकार कर रहा है तो वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? - क्या जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा? - सबसे बड़ा सवाल... क्या आदिवासी मजदूरों को उनकी मेहनत की कमाई आखिर कब मिलेगी? बहरहाल अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि जांच के बाद केवल आश्वासन मिलते हैं या फिर आदिवासी मजदूरों को उनका हक और पूरे मामले में जवाबदेही भी तय होती है0
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NIA का कंबोडिया आधारित मानव तस्करी रैकेट पर शिकंजा; बिहार, यूपी और दिल्ली छापेमारी
Noida, Uttar Pradesh:कंबोडिया में साइबर गुलामी रैकेट पर NIA का शिकंजा, बिहार, यूपी और दिल्ली में 6 ठिकानों पर छापेमारी NIA ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी (Cyber Slavery) रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छह ठिकानों पर छापेमारी की。 एनआईए ने बिहार के गोपालगंज, सिवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिले में एक-एक, जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी एक-एक स्थान पर तलाशी ली। ये छापे गिरफ्तार आरोपियों और फरार आरोपियों के सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर मारे गए। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, कई डिजिटल उपकरण और मामले से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए。 जांच एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई फरार आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह द्वारा संचालित मानव तस्करी और साइबर गुलामी सिंडिकेट की जांच का हिस्सा है। एनआईए ने मई 2026 में आनंद कुमार सिंह और उसके चार साथियों—प्रह्लाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले फरवरी 2026 में अभय, अभिरंजन और रोहित को कंबोडिया से दिल्ली लौटने पर गिरफ्तार किया गया था。 जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत के युवाओं को कंबोडिया में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी का झांसा देकर वहां भेजता था। कंबोडिया पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते थे और उन्हें फर्जी ऑनलाइन ठगी करने वाली कंपनियों के हवाले कर दिया जाता था。 पीड़ितों ने एनआईए को बताया कि उन्हें इन कंपनियों में जबरन काम कराया जाता था। काम करने से इनकार करने पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्हें बिजली के झटके दिए जाते थे, कमरे में बंद रखा जाता था और खाना-पानी तक नहीं दिया जाता था। एनआईए के अनुसार, फरार आरोपियों और इस अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है。0
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MPESB ने SI-Subedar भर्ती का फाइनल रिजल्ट घोषित, 8 साल बाद 500 पद भरे
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपालपुलिस विभाग को मिलेंगे नए अधिकारी सूबेदार और SI भर्ती का फाइनल रिजल्ट घोषित MPESB ने पुलिस SI भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी किया सब-इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती का परिणाम घोषित 8 साल बाद पूरी हुई भर्ती प्रक्रिया कुल 500 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ चयनित अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार खत्म MPESB ने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया परिणाम0
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हाई कोर्ट ने नाइजीरियाई नागरिक मामले में ट्रायल 4 माह में पूरा करने का निर्देश
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच ने नाइजीरियाई नागरिक से जुड़े आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट को सुनवाई पूरी करने के लिए 4 महीने का अतिरिक्त समय दिया है। राजनादगांव के ट्रायल कोर्ट ने इसके लिए 6 महीने का वक्त मांगा था। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 4 महीने के भीतर निपटाने का निर्देश दिया है। यह मामला मूल रूप से नाइजीरिया, स्थायी निवासी लागोस के रहने वाले और वर्तमान में नई दिल्ली में रह रहे जॉनसन सैमुअल उम्र 40 वर्ष से जुड़ा है, जिसके पास घाना गणराज্যের पासपोर्ट है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगए राजनादगांव जिले के डोंगरगांव थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है।इससे पहले हाई कोर्ट ने 19 मार्च 2026 को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, कोर्ट ने तब मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी JMFC राजनादगांव को निर्देशित किया था कि वह आदेश मिलने के बाद 4 सप्ताह के भीतर ट्रायल पूरा करने का हरसंभव प्रयास करे।हाई कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा बीतने के बाद संबंधित मजिस्ट्रेट ने 11 जून 2026 को हाई कोर्ट को एक पत्र भेजकर सुनवाई पूरी करने के लिए 6 महीने की मोहलत मांगी थी। निचली अदालत के पत्र से यह स्पष्ट हुआ कि मामला वर्तमान में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है और कोर्ट प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर रही है। देरी जानबूझकर या हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना के कारण नहीं हुई है, बल्कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं, आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करने और पक्षों द्वारा मांगे गए स्थगन के कारण हुई है। इसके अलावा, हाई कोर्ट का पुराना आदेश पीठासीन अधिकारी के संज्ञान में विलंब से आया था।याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने निचली अदालत के प्रयासों को देखते हुए समय बढ़ाने की मांग तो स्वीकार कर ली, लेकिन समय-सीमा को कम कर दिया। कोर्ट ने छह महीने के बजाय चार महीने के भीतर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाने का आदेश दिया है.0
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बिल्हा विधानसभा के कड़ार सेवार में गड्ढों के पानी से कांग्रेस का मछली पालन विरोध
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कड़ार सेवार में वर्षों से जर्जर मुख्य सड़क को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में जमा पानी को तालाब का रूप बताते हुए कांग्रेसियों ने प्रतीकात्मक रूप से मछली पालन किया और जाल फेंककर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है, कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन लंबे समय से इसकी हालत बेहद खराब बनी हुई है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी खतरा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, बावजूद के साथ सड़क की मरम्मत या निर्माण की दिशा में न तो विभाग ध्यान दिया और न ही क्षेत्र के विधायक ने कोई ठोस पहल की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्रामीण कई साल से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने के साथ कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी उपेक्षा के विरोध में यह सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।0
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मुख्यमंत्री साय की राजस्व विभाग समीक्षा: पारदर्शिता और त्वरित समाधान पर जोर
Raipur, Chhattisgarh:ब्रेक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजस्व विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता, तकनीक आधारित समाधान एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा - राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव0
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श्रीगंगानगर के शिविर में भूमि पट्टे मिलने से किसानों में खुशी
Sri Ganganagar, Rajasthan:जिला कलेक्टर ने श्रीगंगानगर के श्रीविजयनगर क्षेत्र के 17GB में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सभी विभागों के तैनात कर्मियों से सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सार्वजनिक सुविधाओं, दस्तावेजीकरण और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। शिविर में कई ग्रामीणों को भूमि पट्टे भी प्रदान किए गए, जिससे किसानों व ग्रामीणों में खुशी की लहर बनी। ADM भवानी सिंह, SDM अजीत गोदारा, तहसीलदार राजवीर सिंह, BDO शर्मिला छलनी , पटवारी चंद्रभान तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक व्यवस्था की प्रशंसा की गई。0
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देहरादून-ऋषिकेश हाईवे के पेड़ कटान पर पर्यावरणियों का जबरदस्त विरोध
Dehradun, Uttarakhand:एंकर देहरादून ऋषिकेश एलिवेटेड प्रोजेक्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। दरअसल पिछले कुछ दिनों में देहरादून से ऋषिकेश के बीच में भानियावाला के पास पेड़ों का कटान किया जा रहा है नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऋषिकेश देहरादून हाईवे को फोर लेन बनाने जा रहा है जिसके चलते पेड़ों का कटान किया जा रहा है। ऐसे में कई पर्यावरण विदों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पेड़ों के कटान पर रोक लगाई थी लेकिन बरसात के महीने में अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी पेड़ कटवा रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि सड़क चाहिए लेकिन पर्यावरण को खत्म करके सड़क बनाना कहीं भी भविष्य के लिए बेहतर नहीं है।0
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक पेड़ को मां के नाम समर्पित किया
Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक पेड़ को मां के नाम समर्पित किया0
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बारिश, से हाईवे बना तालाब रेंग रेंग कर निकले वाहन एनएचएआई की खुली पोल
Chak Payanti Urf Gauspur, Uttar Pradesh:Chaudharpur: मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश से नेशनल हाईवे जल मग्न हो गया जिसमें लोगों को निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा | वैसे तो हाईवे पर वाहन चालकों से रोड और टोल टैक्स तो पूरा बसूला जा रहा है लेकिन सुविधा देने में एनएचएआई फेल हो गया| इसका नजारा मंगलवार को हुई बारिश में दिल्ली मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर दिखाई दिया चौधरपुर ओवर ब्रिज के पास हाईवे पर डेढ़ से दो फीट पानी भर गया हाईवे की स्थिति ऐसी नजर आई जैसे तालाब बन गया हो ओर गांव के मोहल्लो में नजर आती है जल भराव से हादसे होने की संभावना बनी रहती पिछले वर्ष भी सर्विस रोड पर कई हादसे हो चुके हे लेकिन आज तक एनएचएआई ने कोई सुध नहीं ली जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है पूरे दिन हाइवे पर वाहनों को रेंगते हुए गुजरना पड़ता है |कई वर्षों से चौधरपुर में हाईवे पर पानी निकासी की समस्या बनी हुई है लेकिन एनएचएआई सड़क से पानी निकासी की कोई मुक़म्मल व्यवस्था नहीं कर पाई है जिससे हाईवे पर भारी जल भर जाता है| पानी निकासी का हल नहीं निकला एनएचएआई के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहे है।0
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भदोही पुलिस ने विजय मिश्रा गैंग की लल्ली एग्रो दाल मिल को कुर्क कर किया बड़ी कार्रवाई—14(1) के तहत
Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:एंकर–भदोही पुलिस ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित करीब 100 करोड़ 25 लाख रुपये मूल्य की लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क कर दिया है। पुलिसका दावा है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित अवैध धन से बनाई गई थी। वीओ1–पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 से 2025 के बीच विजय मिश्रा गैंग की अपराध से अर्जित करीब 2.41 अरब रुपये से अधिक की संपत्तियां पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं वही जिलाधिकारी भदोही के निर्देश पर इस कार्रवाई में महाराष्ट्र स्थित दाल मिल को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि विजय मिश्रा गैंग आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए संगठित अपराध में लिप्त रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में प्रभावी पैरवी के चलते विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र को 10-10 वर्ष तथा पुत्रवधू को 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। साथ ही कुल 5 लाख 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। बाइट–अभिनव त्यागी, एसपी भदोही0
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रायपुर के 3D इनोवेशन प्लांट में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से तीन की मौत
Raipur, Chhattisgarh:रायपुर रायपुर के उरला स्थित 3 डी इनोवेशन कंपनी के ब्लास्ट फर्नेस में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया, मौके पर 3 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है लेकिन एसीपी मयंक गुर्जर ने कहा कि जब तक फोरेंसिक टीम यहां नहीं पहुंचती तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता, कैजुअल्टी हुई है लेकिन कितनी हुई है इसे पुलिस अभी नहीं बता पा रही है, बॉडी पार्ट्स बिखरे पड़े हुए हैं फोरेंसिक टीम का इंतजार है, ब्लास्ट होने के बाद से यहां पर बॉडी पार्ट्स बिखरे हुए हैं, और मेटल गर्म है जिसके ठंडा होने का इंतजार पुलिस कर रही है, ताकि अंदर जाया जा सके, मौके पर प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद हैं बताया जा रहा है कि मृतक मजदूर मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं।पुलिस द्वारा लोगों को प्लांट से दूर रहने की सलाह दी जा रही है और भीड़ को हटाने प्रयास किया जा रहा है। परिजन यहां अपनों को देखने के लिए मौजूद है लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें दूर रखा जा रहा है, परिजनों ने आरोप लगाया कि यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। वहीं स्थानीय पार्षद ने कहा यहां 80 से अधिक यहां प्लांट्स हैं जो कि संचालित है लेकिन इस तरह की जब घटनाएं होती है तभी इन्हें होश आता है इससे पहले सुरक्षा परमाणु पर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जाता हम चाहते हैं कि जितने भी अधिकारी हैं उनके द्वारा यहां पर पहले सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किए जाएं और पहली प्राथमिकता है कि मजदूरों को उचित मुआवजा मिल सके। बाइट - मयंक गुर्जर, एसीपी रायपुर बाइट - इकराम अहमद, MIC मेंबर बीरगांव बाइट - अंकित पांडे, परमिजन0
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